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एमपी में घना कोहरा और शीतलहर, भोपाल-इंदौर ट्रेनें लेट, ग्वालियर में पारा 5 डिग्री तक लुढ़का

भोपाल  मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में सर्दी ने इस सीजन का सबसे सख्त रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के 17 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे के साथ-साथ ठंड ने भी रफ्तार पकड़ ली है। दतिया, रीवा समेत 7 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर (कोल्ड वेव) का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह दिन और रात के तापमान में फर्क लगभग खत्म हो गया है। ग्वालियर-दतिया में दिन भी रात जितना ठंडा गुरुवार को ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 12 डिग्री से नीचे चला गया। यह इस सीजन में पहली बार हुआ, जब अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच मामूली अंतर दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा एक ही दिन में 7.8 डिग्री लुढ़ककर 10.4 डिग्री तक पहुंच गया, जो न्यूनतम तापमान से महज 4.3 डिग्री ज्यादा रहा।  गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में पारा 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन जिलों में शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज और शहडोल में कोल्ड वेव का प्रभाव बना रहेगा। शहडोल में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति भी दर्ज की गई है, यानी दिनभर ठंड का असर बरकरार रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को भी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहेगा। इसके बाद मौसम साफ होने के संकेत हैं और अधिकतम-न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले गुरुवार को यहां दिन का तापमान 10.4 डिग्री रहा था। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम कोहरा छाए रहने और तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने की संभावना है, जिससे रेल और सड़क यातायात पर असर बना रह सकता है। मुरैना में आठवीं तक के बच्चों की आज और कल छुट्‌टी वहीं मुरैना में रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे जिले में घना कोहरा छाया हुआ है और कंपकंपाने वाली सर्दी लोगों को परेशान कर रही है। हालात को देखते हुए कलेक्टर ने 9 और 10 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। खजुराहो सबसे ठंडा, कई शहर 10 डिग्री से नीचे प्रदेश में गुरुवार को छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रीवा में 4.1 डिग्री, दतिया में 4.2 डिग्री, नौगांव और शिवपुरी में 5 डिग्री, उमरिया में 5.4 डिग्री और पचमढ़ी में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतर शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही बना रहा।  रिकॉर्ड तोड़ सर्दी की राह पर जनवरी इस बार मध्यप्रदेश में सर्दी लगातार रिकॉर्ड बना रही है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का ठंड का रिकॉर्ड टूटा। जनवरी की शुरुआत भी उसी ट्रेंड पर चल रही है। भोपाल में ठंड ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार जनवरी में ‘माइनस जैसी’ ठंड महसूस की जा रही है, जिसमें घना कोहरा और शीतलहर दोनों साथ चल रहे हैं। जनवरी क्यों होती है सबसे सर्द? मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, वैसे ही सर्दी के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने हैं। इन दिनों उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के चलते जनवरी में मावठा पड़ने की संभावना भी रहती है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी, जबकि इस साल जनवरी के पहले दिन ही बादलों ने दस्तक दे दी थी।  इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

मध्य प्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताने वाले एसडीएम को हटाया, पंडितों से विवाद के कारण कार्रवाई

 नलखेड़ा मध्यप्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताकर आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों से भिड़ना सुसनेर के एसडीएम को महंगा पड़ गया है। पंडितों के विरोध और आंदोलन के बाद कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए सुसनेर एसडीएम को प्रभार से हटा दिया है। पंडितों ने आरोप लगाया था कि एसडीएम खुद को सीएम का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। इतना ही नहीं एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडितों ने मंदिर में अनुष्ठान और हवन बंद कर दिए थे। पंडितों ने एसडीएम के खिलाफ खोला मोर्चा मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया था। मंदिर पहुंचे एसडीएम का घेराव करते हुए पंडितों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और मंदिर में होने वाले अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विरोध प्रदर्शन करने वाले पंडितों ने आरोप लगाया था कि मंदिर समिति से बिना कोई बातचीत किए एसडीएम सर्वेश यादव रोजाना नए-नए नियम बना देते हैं। इतना ही नहीं लंबे समय से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले पंडितों को हटाने की धमकी भी देते हैं। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का लगाया था आरोप पंडित एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। पंडितों का कहना है कि मंदिर समिति को विश्वास में लिए बिना रोज नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। अभा ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। पंडितों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु किया और हवन-अनुष्ठान बंद किए तो बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने मां बगलामुखी मंदिर के प्रभार से एसडीएम सर्वेश यादव को हटा दिया। एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार लेते हुए डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया है। वहीं एसडीएम सर्वेश यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

इंदौर में अजय बनकर सलमान ने की इंस्टाग्राम दोस्ती, शादी का झांसा देकर रेप और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव

इंदौर   इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है. यूपी के बरेली निवासी एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने धोखे से पहचान छिपाकर उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. तिलक नगर थाने से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता इंदौर में रहकर एक प्राइवेट जॉब करती है. उसकी इंस्टाग्राम पर आकाश नाम के युवक से पहचान हुई थी. बातचीत बढ़ने के बाद मुलाकातें होने लगीं और पीड़िता का आरोप है कि युवक ने दबाव बनाकर कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए. बाद में पता चला कि युवक का असली नाम सलमान है, जिससे वह खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगी. सख्त कार्रवाई की मांग इसके बाद पीड़िता ने बजरंगदल के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. संगठन के जिला संयोजक लक्की रघुवंशी ने बताया कि युवती की शिकायत पर कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया. उनका कहना है कि युवती के साथ छल किया गया, उसकी भावनाओं और विश्वास का दुरुपयोग हुआ है, इसलिए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. सोनीपत में खुला राज धोखे का खुलासा तब हुआ जब आरोपी पीड़िता को हरियाणा के सोनीपत ले गया। वहां आरोपी के भाई के जरिए महिला को पता चला कि जिसे वह अजय समझ रही है, वह सलमान खान है और तीन बच्चों का पिता है। आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। जब महिला ने बात करना बंद किया तो आरोपी फर्जी आइडी बनाकर फोटो वायरल करने की धमकी देने लगा। होटल में किया गलत काम पीड़िता को उसने 1 सितंबर 2025 को स्कीम-140 स्थित एक होटल में बुलाया और दुष्कर्म किया। पीड़िता ने हिंदू संगठन के पदाधिकारियों आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला थाने पहुंचा। टीआइ मनीष लोधा के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। युवती को दी धमकी  बाइट में लक्की रघुवंशी ने बताया कि युवती ने रात में संपर्क कर शिकायत की थी कि एक युवक उसे परेशान कर रहा है. प्रारंभिक बातचीत में पता चला कि युवती एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती है और पिछले दो साल से आरोपी उसे परेशान कर रहा था. आरोप है कि आरोपी ने शारीरिक शोषण किया, पैसे लिए और फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी. जांच में आरोपी के मोबाइल से कई फर्जी आईडी भी सामने आई हैं. युवती का शोषण किया बताया गया कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर अजय यादव नाम से फर्जी आईडी बनाकर युवती से दोस्ती की थी. बाद में जब युवती उसके प्रभाव में आ गई, तब उसने अपना असली नाम सलमान बताया और खुद को बरेली का निवासी बताया. इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू हुई इस दोस्ती के बाद कथित तौर पर युवती का शोषण किया गया. जांच में जुटी पुलिस वहीं तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर आरोपी सलमान के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है. युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज कर लिए गए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

हाईकोर्ट ने यासीन मछली को नहीं दी जमानत, विधानसभा में फर्जी पास लगाने का मामला

भोपाल /जबलपुर  भोपाल के गैंगस्टर यासीन अहमद मछली को फर्जी विधानसभा एंट्री पास मामले में हाईकोर्ट से झटका लगा है. उच्च न्यायालय ने अपराध की गंभीरता तथा अपीलकर्ता के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ये फैसला सुनाया. भोपाल के गैंगस्टर यासीम अहमद मछली की तरफ से निजी वाहन में फर्जी विधानसभा एंट्री पास का उपयोग किये जाने के मामले में अरेरा थाने में धारा 318(4), 319(2), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमें में जमानत के लिए आवेदन किया था. अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि क्राइम ब्रांच ने उसे 23 जुलाई 2025 को एक अन्य अपराध में हिरासत में लिया था. इस अपराध में वह 1 अगस्त 2025 से अभिरक्षा में है. दरअसल भोपाल पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आरोपी मछली विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास निजी वाहन में इस्तेमाल करता था, जिस पर भोपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला सीधे विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 131/2025 से संबंधित है। अभियोजन के मुताबिक, 25 जुलाई 2025 को प्राप्त शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2024 के विधानसभा सत्र के लिए पत्रकार गौरव शर्मा के नाम से जारी पार्किंग पास क्रमांक 433 को आरोपी यासीन अहमद उर्फ मछली ने कथित रूप से छेड़छाड़ कर अपनी निजी कार (एमपी 04 जेड एल 0999) में लगा लिया। जबकि यह पास किसी अन्य वाहन के लिए वैध रूप से जारी किया गया था। अपीलकर्ता ने कहा, विधानसभा में एंट्री के लिए नहीं किया इस पास का इस्तेमाल शिकायतकर्ता के अनुसार अगस्त 2024 तक उसने अपनी गाड़ी पर इस पास का इस्तेमाल किया था. अपीलकर्ता ने विधानसभा में एंट्री के लिए इस पास का इस्तेमाल नहीं किया है. अपीलकर्ता का अपराधिक रिकॉर्ड है परंतु वह अधिकांश मामलों में दोषमुक्त हो गया है. शासन की तरफ से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया गया कि विधानसभा ऑफिस ने ब्रेकिंग न्यूज के एडिटर गौरव शर्मा के वाहन नंबर एमपी-04-टीबी-3950 लिए “जर्नलिस्ट” विधानसभा पार्किंग पास नंबर 433 जारी किया था. अपीलकर्ता फर्जी पास का उपयोग अपने वाहन क्रमांक एमपी 04-डेजएल 0999 में कर रहा था. आवेदक एक क्रिमिनल हिस्ट्रीशीटर है और वह पास वाली गाड़ी का इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों के लिए कर रहा था. कोर्ट ने कहा, जुर्म की गंभीरता और आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए नहीं दी जा सकती जमानत आवेदक ने जाली पास बनाकर अपनी गाड़ी पर लगाया है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ विधानसभा में एंट्री के लिए किया जाता था. यह विधानसभा के विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा था. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्म की गंभीरता और आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है. शासन की तरफ से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पैरवी की.

सीएम डॉ. मोहन यादव सीधी में 213 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन, 714 परियोजनाओं का शिलान्यास

सीधी  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत हैं। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 133 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत वाले 30 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) के अंतर्गत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम" योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम से शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इन 714 कार्यों में से 6801.40 लाख रुपए की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 13362.67 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत 505 लाभार्थियों को 1158.11 लाख रुपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया जाएगा। 179 परियोजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा लोकार्पित किए जाने वाले 179 कार्यों में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिलान्यास किए जाने वाले 30 विकास कार्य पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत आते हैं। लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना है।

इंदौर में कार-ट्रक हादसा, तीन की मौत – बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल का बेटा प्रखर भी शामिल

इंदौर  इंदौर में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार कार एक खड़े ट्रक में जा घुसी, जिसमें कार सवार चार लोगों में से तीन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े नाम सामने आने के बाद घटना और भी संवेदनशील हो गई है। मृतकों के बारे में सामने आई जानकारी इंदौर में यह हादसा तेजाजी नगर बाईपास पर रालामंडल के पास देर रात हुआ। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार नेक्सन कार पीछे से एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें तीन युवतियां और एक युवक शामिल था। हादसे में पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार चौथी युवती अनुष्का गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी दोस्त प्रखर कासलीवाल का जन्मदिन मनाकर पार्टी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और संभवतः चालक का नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस को सूचना मिलते ही तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया गया। गृह मंत्री बाला बच्चन अस्पताल पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन एमवाय अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल सहित परिजन भी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में शोक का माहौल नजर आया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और परिचित भी एमवाय अस्पताल पहुंचे। सभी मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, वहीं ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  कांग्रेस नेता बोले- बच्चे घूमने गए थे कांग्रेस नेता धर्मेंद्र गेंदर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चे घूमने के लिए कहीं निकल थे। तेजाजी नगर के पहले हादसे का शिकार हो गए। शव एमवाय अस्पताल में रखे गए हैं। पूर्व मंत्री बाला बच्चन अस्पताल में मौजूद हैं। ट्रक चालक फरार, पुलिस ने नाकाबंदी कराई रालामंडल थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, कार सवार युवक-युवतियां संभवतः छात्र थे और पार्टी मनाकर लौट रहे थे। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के मार्गों पर नाकेबंदी की जा रही है। नेताओं ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा – इंदौर में एक सड़क हादसे में मेरे साथी और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की सुपुत्री प्रेरणा के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है। मेरी सहानुभूति श्री बाला बच्चन के परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा – मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृह मंत्री, बाला बच्चन जी की सुपुत्री प्रेरणा का भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन अत्यंत हृदयविदारक है। घर की बेटी का यूं अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

सचिन पायलट को राजस्थान भेजने की योजना, 2028 के CM फेस को लेकर क्यों शुरू हुई चर्चा?

जयपुर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाने वाली है। इस दौरान चर्चा यह भी है कि कांग्रेस साल 2028 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए पायलट को सीएम फेस भी बनाने वाली है। इसकी चर्चा तब शुरू हुई, जब बीते दिनों सचिन पायलट और राहुल गांधी की दिल्ली में मुलाकात हुई। मुलाकात में राहुल गांधी और सचिन पायलट ने क्या बात की? आइए समझते हैं इस मुलाकात के मायने। राहुल गांधी से क्या बोले सचिन पायलट बीते दिनों दिल्ली में राहुल गांधी और सचिन पायलट की गुप्ती मीटिंग हुई। इस दौरान सचिन पायलट ने राजस्थान वापस जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी। सूत्रों के अनुसार, पायलट ने राहुल गांधी से कहा कि उन्हें अब दिल्ली की राजनीति से छुट्टी दी जाए और उनके गृह प्रदेश राजस्थान की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। हालांकि, राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से इस मामले पर अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। पायलट के लिए अब दोहरी चुनौती राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति के दो बड़े चेहरे हैं। कांग्रेस की धुरी पहले सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच ही घूमती थी, लेकिन अब इसमें एक और बड़ा नाम पिछले कुछ सालों में उभरकर सामने आया है। तीसरी धुरी का नाम है गोविंद सिंह डोटासरा, जो वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के मुखिया हैं। सचिन पायलट और गहलोत ग्रुप पहले से ही राजस्थान में अपनी धाक जमाए हुए है, अध्यक्ष बनने के बाद डोटासरा ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा दी है। ऐसे में सचिन पायलट की राजस्थान वापसी आसान नहीं है। क्योंकि अशोक गहलोत ही सचिन पायलट के लिए चुनौती हैं, और अब तीसरा मोर्चा भी उनके सामने खड़ा हो गया है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच तकरार खुलकर सामने आई थी। इन चुनावों में सचिन पायलट चाहते थे कि उन्हें सीएम फेस बनाया जाए, और अशोक गहलोत खुद को सीएम फेस मानकर चल रहे थे। दोनों के बीच की तकरार का कांग्रेस को नुकसान भी हुआ। नतीजा यह रहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई और भाजपा ने जीतकर अपनी मुख्यमंत्री बना लिया।

इंदौर कलेक्टर का RSS कार्यालय दौरा, जीतू पटवारी का आरोप – ‘शिवम वर्मा BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे

इंदौर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर के कलेक्टर की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय कार्यालय जाने के लिए आलोचना की. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कलेक्टर शिवम वर्मा बीजेपी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. पटवारी ने दावा किया कि शिवम वर्मा, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बुधवार रात शहर की पंत वैद्य कॉलोनी में 'सुदर्शन' कार्यालय गए थे और RSS मालवा प्रांत प्रचारक राज मोहन सिंह के साथ भागीरथपुरा में खराब पानी की घटना सहित कई मुद्दों पर चर्चा की थी. इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि सांवेर में अपने साथियों को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा, "भार्गव, वर्मा को RSS ऑफिस ले गए. कलेक्टर ने दिखा दिया है कि वह प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं. वह बीजेपी सदस्य की तरह काम कर रहे हैं. अगर आप ड्यूटी पर रहते हुए राजनीतिक पार्टियों के ऑफिस जाएंगे, तो याद रखें, कांग्रेस कार्यकर्ता आपके काम करने के तरीके को सुधारेंगे." पटवारी ने आरोप लगाया, "कलेक्टर को अपने ऑफिस में काम करना चाहिए, चीफ सेक्रेटरी से मिलना चाहिए और मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मामलों पर चर्चा करनी चाहिए. इंदौर में लोग मर रहे हैं, हर जगह खराब पानी है, और भ्रष्टाचार का स्तर अद्भुत और अकल्पनीय है. लेकिन कलेक्टर काम नहीं कर रहे हैं. वह बीजेपी के लिए अपनी हाजिरी लगाने RSS ऑफिस जा रहे हैं." बार-बार कोशिश करने के बावजूद कलेक्टर शिवम वर्मा से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका. बता दें कि सूबे की आर्थिक राजधानी इंदौर पिछले लगभग एक दशक से देश का सबसे साफ शहर है. लेकिन फिलहाल अपने भागीरथपुरा इलाके में पानी खराब होने से मौतों के कारण खबरों में है. स्थानीय निवासियों के दावों के बीच कि पानी खराब होने से 17 लोगों की मौत हुई है, मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 18 प्रभावित परिवारों को मुआवजा बांटा. उधर, कांग्रेस नेता पटवारी ने खुद एक X पोस्ट में मरने वालों की संख्या 20 बताई थी.

‘लैंड फॉर जॉब घोटाला’ में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

नई दिल्ली पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को 'लैंड फॉर जॉब स्कैम' मामले में लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया है. रेल मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी में नौकरियों के बदले भूमि लेने के घोटाले में राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया. कोर्ट ने संदेह की कसौटी पर पाया कि लालू और परिवार की ओर से व्यापक साजिश रची गई थी. चार्जशीट में लालू यादव के करीबी सहयोगियों को नौकरियों के बदले जमीन अधिग्रहण में सह-साजिशकर्ता के रूप में मदद मिली. कोर्ट ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार की बरी करने की मांग की दलील सही नहीं है. इसके साथ ही, इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य सरकारी पद से अलग होकर आपराधिक उद्यम के रूप में काम कर रहे थे.   कोर्ट ने बहु चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय कर दिए है. अदालत ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, साथ ही आईपीसी के तहत अन्य अपराधों का भी आरोप है. जबकि उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह फैसला सुनाया. इससे पहले 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस मामले की आरोपी राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर केस को कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी.इससे पहले 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. लैंड फॉर जॉब केस में मीसा भारती  बता दें कि 19 दिसंबर 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. सीबीआई ने कहा था कि इस मामले में 103 आरोपी हैं जिसमें से पांच की मौत हो चुकी है. इससे पहले कोर्ट आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर दो बार फैसला टाल चुका है. 4 दिसंबर और 10 नवंबर 2025 को कोर्ट किसी न किसी वजह से फैसला टाल चुका है. कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. तेज प्रताप यादव पर आरोप तय इस मामले की आरोपी राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर जज विशाल गोगने की कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी. प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर को राबड़ी देवी की याचिका खारिज कर दिया था. लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. 7 अक्टूबर 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी 2025 को सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. लैंड फॉर जॉब घोटाला क्या है? बता दें कि लैंड फॉर जॉब घोटाला, कथित भ्रष्टाचार का केस है। यह साल 2004 से 2009 के बीच हुआ, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि लालू यादव ने अपने रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया और इसके जरिए रेलवे के 'ग्रुप-डी' के पदों पर नियुक्तियां की। इन नियुक्तियों के बदले उन्होंने और उनके परिवार ने उम्मीदवारों से रियायती दरों पर या गिफ्ट के तौर पर जमीनें हासिल की थीं। 98 आरोपियों में लालू परिवार का कौन-कौन शामिल? जांच के दौरान, इस केस में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेज प्रताप यादव, बेटे तेजस्वी यादव, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव सहित कुल 98 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अब लालू परिवार को सदस्यों पर आरोप तय हो गए हैं, जबकि 52 लोगों को आरोप मुक्त किया जा चुका है। लालू परिवार को कितनी सजा हो सकती है? लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में आरोप तय होने के बाद लालू परिवार के सदस्यों की संभावित सजा पर बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील संदीप मिश्रा ने INDIA TV से बताया, 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के सेक्शन 8, 9, 11, 12 और 13, ये सभी लगे हुए हैं। इन सभी में 7 साल तक की सजा का प्रावधान का है। वहीं, धारा 467, 468 और 471 भी हैं तो कुल मिलाकर इनको अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है, अगर सारी सजाएं एक साथ चलती हैं। लेकिन सजा अगर एक के बाद एक शुरू करने वाला कोई ऑर्डर अदालत देती है तो इसमें ये सजा बढ़ भी सकती है।' अलग-अलग सजा को लेकर प्रावधान क्या है? उन्होंने आगे कहा, 'अदालत जब आदेश देती है, तो कहती है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, तो उसमें जो अपर साइड सजा होती है, वही सजा दोषी को भुगतनी पड़ती है। यानी अधिकतम जितने साल की सजा कोर्ट की तरफ से सुनाई जाती है, उतने साल ही दोषी को जेल में रहना पड़ता है।'

वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप

रायपुर : सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए मंत्री केदार कश्यप सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मंत्री कश्यप विभागीय कार्यों और उपलब्धियों की दी जानकारी रायपुर परिवहन मंत्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्य के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा। गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सुरक्षा उपायों के पालन न करने के कारण होती हैं। उन्होंने सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वाहन चालकों एवं सहयात्रियों द्वारा सीट बेल्ट तथा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए।               बैठक में परिवहन मंत्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ में संचालित परिवहन से संबंधित योजनाओं, परियोजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री गडकरी को दी। इस अवसर पर सचिव, परिवहन विभाग एस. प्रकाश भी उपस्थित थे। ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का अहम उपाय बताया गया। बैठक में ओवरलोड वाहनों पर नियमित जांच, तकनीकी निगरानी, प्रवर्तन कार्यवाही और कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने पर सहमति बनी।      सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियानों, सड़क सुरक्षा मित्रों की भागीदारी, तथा स्कूलदृकॉलेज स्तर पर यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के कैशलेस उपचार, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा व्यवस्था, वाहन सुरक्षा के नए प्रावधान, तथा मोटर व्हीकल अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आरडीटीसी और डीटीसी भवन समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य                 मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र (RDTC) और जिला परिवहन केंद्र (DTC) भवनों के निर्माण को तय समय में पूरा करने की जानकारी भी दी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों से तकनीकी जांच में सुधार                 परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़) संचालित हैं। मशीनों से होने वाली फिटनेस जांच पारदर्शी और तकनीकी रूप से सटीक है। इन केंद्रों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों का कैशलेस उपचार            मंत्री कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में सड़क दुर्घटना में कमी लाने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा,सड़क सुरक्षा अभियान,सड़क सुरक्षा मित्र,‘शून्य प्राणहानि जिला’ के लिए रायपुर का चयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर          बैठक में मोटर व्हीकल अधिनियम के नए प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही नितिन गडकरी जी ने सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने,सीट बेल्ट लगाने,वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुत योजनाओं और प्रस्तावों से स्पष्ट है कि  सरकार सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।