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नोएडा से बड़ी चोरी का खुलासा: नेपाल ले जाने से पहले पुलिस ने 821 मोबाइल फोन बरामद किए

नोएडा दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. थाना फेज-2 पुलिस ने इस गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ते हुए उनके कब्जे से 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह झारखंड से दो-तीन महीने के लिए दिल्ली-एनसीआर आता था. यहां किराये पर कमरे लेकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहता और मौके का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करता था. पकड़े जाने से बचने के लिए गिरोह के सदस्य चोरी के तुरंत बाद मोबाइल एक-दूसरे को पास कर देते थे. जब चोरी किए गए मोबाइलों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती थी, तो उन्हें बैग और बोरियों में भरकर ट्रेन और बस के जरिए झारखंड और बिहार ले जाया जाता था. नेपाल में भी करते थे सप्लाई इसके बाद इन मोबाइलों को नेपाल बॉर्डर के इलाकों में बेहद सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था. सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ा गया है, जिनमें छह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 821 मोबाइल फोन की बरामदगी नोएडा पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है. फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन के मालिकों की पहचान करने और गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.

भोपाल में 10 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, इंदौर-ग्वालियर में स्कूल बंद, शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण सर्दी की चपेट में है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कई जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल में भी जनवरी की सर्दी ने बीते 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तेज ठंड और कम विजिबिलिटी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्कूल देर से खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। घना कोहरा बना मुसीबत, कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। दतिया में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में सड़कों पर धुंध की मोटी परत छाई रही।  मध्यप्रदेश में तेज ठंड और कोहरे का असर है। प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। उमरिया में सबसे कम 3.9 डिग्री रहा। राजगढ़-खजुराहो में 4.5 डिग्री, शिवपुरी में 5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री रहा। बुधवार सुबह आधे से ज्यादा हिस्से में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। सतना, दतिया, गुना, रीवा, ग्वालियर, राजगढ़, खजुराहो, नौगांव और सीधी में कोहरे का सबसे ज्यादा असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आने वाली एक दर्जन ट्रेनें लेट हैं। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर, मऊगंज, धार और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी है। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले भी शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में शीतलहर का प्रभाव रहा। वहीं, भोपाल-राजगढ़ में तीव्र शीतलहर चली। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर व नरसिंहपुर में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम में आज भी स्कूलों की छुट्‌टी पिछले 3 दिन से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस वजह से इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, रायसेन, आगर-मालवा, भिंड, टीकमगढ़, हरदा, नीमच, रतलाम, राजगढ़, मंडला, जबलपुर, दमोह, डिंडौरी, नर्मदापुरम, झाबुआ, छतरपुर, सीधी, बैतूल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी गई थी। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी रहेगी। वहीं, भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुले रहेंगे। हालांकि, तेज ठंड का असर बरकरार है। ऐसे में बच्चों को स्कूलों में पहुंचने में दिक्कतें होंगी। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।  इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, उमरिया और शहडोल समेत कई जिलों में भी कोहरे ने रफ्तार थाम दी। शीतलहर और कोल्ड डे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में भी शीतलहर का असर देखा जा चुका है। भोपाल और राजगढ़ में तो तीव्र शीतलहर दर्ज की गई। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर में दिनभर ठंडा दिन (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बनी रही, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई। स्कूलों पर ठंड का असर, कई जिलों में छुट्टियां बढ़ीं लगातार तीसरे दिन प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम में बुधवार को भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं। तेज ठंड और घने कोहरे के कारण बच्चों के स्कूल पहुंचने में दिक्कतें बनी हुई हैं। दिन का तापमान भी गिरा, दतिया सबसे ठंडा सिर्फ रात ही नहीं, बल्कि दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को दतिया में अधिकतम तापमान महज 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। श्योपुर में 18.2, नौगांव में 18.5, ग्वालियर में 18.9 और खजुराहो में 20.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।भोपाल और दमोह में दिन का पारा 21.8 डिग्री तक पहुंचा, जबकि रतलाम और गुना में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में एक रात में 5.6 डिग्री की गिरावट राजधानी भोपाल में ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया। एक ही रात में तापमान 5.6 डिग्री गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। इससे पहले 2015 के बाद ऐसा न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था।प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 2.8, शाजापुर में 3.7, मंदसौर में 3.8, सीहोर में 3.9 और रीवा में 4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें भी देरी का शिकार हुईं। मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक लेट पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।  पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने … Read more

SUDA का कड़ा कदम: छत्तीसगढ़ में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, नगर निकायों को भेजा परिपत्र

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर अपनी कार्रवाई और तेज़ कर दी है. राज्य शहरी विकास प्राधिकरण (SUDA) ने राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल, बिक्री और स्टोरेज पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जाएगा.  छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने राज्य के सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी किया है। सुडा ने इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी निकायों को इस संबंध में की गई कार्यवाहियों की जानकारी हर महीने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के मिशन संचालक को उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया गया है। सुडा ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भेजे परिपत्र में स्वच्छता दीदियों के द्वारा डोर-टू-डोर सिंगल यूज प्लास्टिक के वैकल्पिक उपायों के बारे में नागरिकों को जागरूक करने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक क्षेत्रों, साप्ताहिक बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान सुनिश्चित करने को कहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों (NGOs), रहवासी कल्याण संघों (RWAs) एवं स्वसहायता समूहों की सहभागिता से घर-घर जागरूकता अभियान संचालित करने के लिए भी सभी निकायों को निर्देशित किया गया है। नगरीय निकायों को SUDA के कड़े निर्देश जारी दरअसल,  राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है. इस कदम का मुख्य मकसद गंभीर पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक (SUPs) के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है. इस मुद्दे पर शहरों में जागरूकता अभियान चलाने के भी आदेश जारी किए गए हैं. नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई निर्देशों के अनुसार राज्य के किसी भी हिस्से में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल, स्टोरेज या बिक्री नहीं की जा सकती. अधिकारियों को बाज़ार इलाकों, दुकानों और गोदामों का अचानक इंस्पेक्शन करने का आदेश दिया गया है. अगर कोई व्यापारी या नागरिक बैन प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में उसके बिज़नेस लाइसेंस को रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है. सुडा ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कर्मचारियों व विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता अभियान के साथ ही  शहर के तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, मुख्य चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, निस्तारी एवं गैर-निस्तारी तालाबों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की सहभागिता से जन-प्रतिनिधियों, धार्मिक गुरूओं, गणमान्य नागरिकों, स्वच्छताग्राहियों, ब्रांड अम्बैसडर्स, एन.जी.ओ. एवं स्वसहायता समूहों को शामिल कर विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं।  परिपत्र के माध्यम से नगरीय निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए आयोजित सभी कार्यक्रमों को लोकल/क्षेत्रीय मीडिया/नगरीय निकाय के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से प्रसारित व पोस्ट करने के लिए निर्देशित किया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने निकायों को चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक एवं वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिताओं का भी आयोजन विद्यालय स्तर पर करने को कहा गया है। शहरों में जागरूकता अभियान चलाने के आदेश सिर्फ कार्रवाई ही नहीं बल्कि सरकार जन-भागीदारी पर भी ध्यान दे रही है. स्थानीय निकायों को वार्ड लेवल पर जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण के अनुकूल चीज़ों (जैसे कपड़े या जूट के थैले) का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बड़े बाज़ारों जैसी सार्वजनिक जगहों पर खास मॉनिटरिंग टीमें तैनात की जाएंगी. उम्मीद है कि प्रशासन के इस एक्टिव तरीके से राज्य में कचरा प्रबंधन बेहतर होगा और पर्यावरण की रक्षा होगी.   

भीषण शीतलहर का कहर, उत्तर भारत में जारी ठंड और दिल्ली में शीत दिवस

लखनऊ  उत्तर भारत में इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई मैदानी राज्यों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तरी भारत के कई हिस्सों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली समेत अनेक शहरों में साल का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। विभाग के मुताबिक, जब किसी क्षेत्र का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज होता है, तब उसे ‘शीत दिवस’ की श्रेणी में रखा जाता है। फिलहाल कई इलाकों में यही स्थिति बनी हुई है। कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी से ठंड और बढ़ गई है। बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मोहन सरकार ने किए बड़े तबादले, 64 डीएसपी और एसडीओपी अधिकारियों की जगह बदली

भोपाल   मध्य प्रदेश में देर रात डीएसपी-एसडीओपी रैंक के 64 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं. गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक संवर्ग के अधिकारियों का ट्रांसफर तत्काल प्रभाव से कर दिया है. गृह विभाग द्वारा देर रात ये ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए, जिसमें प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर आदि में पदस्थ अधिकारी भी शामिल हैं. इन अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर देर रात जारी ट्रांसफर ऑर्डर के मुताबिक, पन्ना गुनौर में पदस्थ मानसिंह टेकाम को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भोपाल, पीटीआरआई में पदस्थ डीएसपी दयाराम मामले को डीएसपी उमनि. उज्जैन, जावरा रतलाम में पदस्थ सहायक सेनानी 24वीं वाहिनी रामबाबू पाठक को सहाक सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपला, इंदरौ जोन2 में पदस्थ एसपी यातायात मनोज खत्री को डीएसपी मुख्यालय भोपाल, मुख्यालय भोपाल में पदस्थ डीएसपी रेडियो सुभाष सिंह को डीएसपी साइबर मुख्यालय भोपाल, ग्वालियर विसबल 14वीं वाहिनी में पदस्थ सहायक सेनानी दिलीप चंद्र छारी को सहायक सेनानी 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल, भोपाल 25वीं वाहिनी सहायक सेनानी इंद्रजीत सिंह चावड़ा को डीएसपी एटीएस भोपाल, न्यायालय सुरक्षा ग्वालियर में पदस्थ स.सेनानी संजय पोतदार को 17वीं वाहिनी विसबल भिंड, डीएसपी उमनि. जबलपुर उमाकांती आर्मो को डीएसपी साइबर मुख्यालय भोपाल, दमोह के तेंदूखेंड़ा में पदस्थ एसडीओपी देवी सिंह ठाकुर को एसडीओपी, सिरमोर रीवा, एसडीओपी बड़ौदा श्योपुर प्रवीण अष्ठाना को एसडीओपी खुरई (सागर) और डीएसपी एलआर इंदौर राजेश सुलिया को एसडीओपी थांदला झाबुआ ट्रांसफर किया गया है. कई एसडीओपी किए यहां से वहां इसी प्रकार डीएसपी पुलिस मुख्यालय सोनाली गुप्ता को एसडीओपी बेगमगंज रायसेन, एसडीओपी थांदला झाबुआ नीरज नामदेव को डीएसपी पुलिस अकादमी भोपाल, एसडीओपी चंदेरी अशोक नदर शैलेंद्र शर्मा को एसडीओपी घाटगांव ग्वालियर, एसडीओपी बैढन सिंगरौली पुन्नू सिंह परस्ते को डीएसपी पु. मुख्यालय भोपाल, एसडीओपी चुरहट सीधी आशुतोष द्विवेदी को डीएसपी पु. मुख्यालय भोपाल, एसीपी अपराध इंदौर देवेंद्र सिंह धुर्वे को एसडीओपी सांवेर इंदौर भेजा गया है. वहीं, डीएसपी पीटीसी इंदौर पूर्ति तिवारी को एसीपी न्यायालीन-1 इंदौर, एसडीओपी आष्टा सीहोर आकाश अमलकर को डीएसपी पु, मुख्यालय भोपाल, डीएसपी पु, मुख्यालय भोपाल अंतिमा समाधिया को डीएसपी ग्रामीण भोपाल, एसडीओपी घाटीगांव ग्वालियर शेखर दुबे को पुलिस मुख्यालय बोपाल, एसीपी सूचना इंदौर पराग सैनी को एसीपी विजय नगर, एसडीओपी सिरमौर रीवा उमेश प्रजापति को एसडीओपी चुरहट, डीएसपी अजाक मंडला अर्चना अहीर को एसडीओपी तेंदूखेड़ा दमोह, एसीपी चूनाभट्टी भोपाल अंजली रघुवंशी को एसीपी महिला अपराध भोपाल भेजा गया है.

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया: पंजाब में सिर्फ 4 महीनों में 10,000+ महिलाओं को मिली मुफ्त अल्ट्रासाउंड सुविधा

पंजाबः मात्र 4 महीनों में 10,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं ने करवाए मुफ्त अल्ट्रासाउंड- डॉ. बलबीर सिंह चंडीगढ़  आने वाली पीढ़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रसूति स्वास्थ्य देखभाल को सफलतापूर्वक विकेंद्रित किया है और आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) गर्भवती महिलाओं के लिए नई जीवन रेखा के रूप में उभर रहे हैं। एक विशेष प्रोटोकॉल-आधारित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू करने के मात्र चार महीनों के अंदर सेवाएं हासिल करने वालों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और हर महीने लगभग 20,000 गर्भवती महिलाएं इन क्लीनिकों में पहुंच रही हैं। इस पहल की सफलता को साझा करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पहले ही एक यूनिक रैफरल सिस्टम के माध्यम से 10,000 से अधिक महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 500 निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों को सूचीबद्ध करके राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं को विभिन्न स्कैन: जिनकी कीमत आम तौर पर 800 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होती है – की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है। इस सुविधा से मात्र 120 दिनों के छोटे समय में पंजाबी परिवारों को अनुमानित 1 करोड़ रुपये की बचत हुई है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में 70 प्रतिशत से कम गर्भवती महिलाओं ने अपना पहला एंटे-नेटल चेक-अप करवाया है और लगभग 60 प्रतिशत से कम ने सिफारिश अनुसार पूरे चार चेक-अप करवा लिए हैं, जबकि राज्य में माताओं की मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 90 रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इन आंकड़ों ने राज्य भर में एक व्यापक, पहुंचयोग्य गर्भावस्था देखभाल मॉडल की तुरंत आवश्यकता को उजागर किया। पंजाब में हर साल लगभग 4.3 लाख प्रसव होते हैं, जिससे माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए जल्दी पता लगाना, नियमित निगरानी और समय पर रैफरल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। पिछले तीन सालों में, मान सरकार ने 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जो पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभरे हैं, जिसमें 4.6 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट और रोजाना लगभग 70,000 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस बुनियादी ढांचे का लाभ उठाते हुए, सरकार ने लगभग चार महीने पहले ए.ए.सीज़. के माध्यम से एक विस्तृत, प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल शुरू किया। इस सुधार के तहत, सभी जरूरी एंटे-नेटल चेक-अप अब आम आदमी क्लीनिकों में उपलब्ध हैं। इनमें एच.आई.वी. और साइफिलिस स्क्रीनिंग, खून के सभी टेस्ट, शुगर, थायरॉइड, हेपेटाइटिस, भ्रूण की दिल की धड़कन, कोलेस्ट्रॉल और हीमोग्लोबिन मूल्यांकन जैसे रूटीन और महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं। यदि अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है तो ए.ए.सी. डॉक्टर द्वारा रैफरल स्लिप जारी की जाती है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाएं मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्राप्त कर सकती हैं। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि, लगभग 5,000 महिलाओं को हर महीने उच्च-जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में पहचाना जा रहा है ताकि निरंतर ट्रैकिंग, केंद्रित सहायता और विशेषज्ञ देखभाल के लिए उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए समय पर रैफरल किया जा सके। इस सुधार से मरीज के अनुभव में भी काफी सुधार हुआ है। महिलाएं अब गर्भावस्था से संबंधित ज्यादातर टेस्ट अपने घरों के नजदीक ही करवा सकती हैं, जिससे बड़े अस्पतालों में जाना और लंबी कतारों की परेशानी से बचते हुए मिनटों में चिकित्सकीय सलाह ले सकती हैं और बिना किसी वित्तीय बोझ के अल्ट्रासाउंड सेवाओं तक पहुंच कर सकती हैं। जन्म से पहले की पहली जांच से लेकर जन्म के बाद के फॉलो-अप तक, यह पहल तकनीकी, मानक क्लीनिकल प्रोटोकॉल, रैफरल प्रणालियों और कम्युनिटी-स्तरीय सहायता को एकीकृत करके पूरी गर्भावस्था देखभाल को मजबूत बनाती है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कहा कि यह पहल जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई के तहत, पंजाब एक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का निर्माण कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हर मां को घर के नजदीक मानक देखभाल मिले। सालाना 4.3 लाख गर्भावस्थाओं के साथ, आम आदमी क्लीनिकों में गर्भावस्था देखभाल सेवाओं का विस्तार एक परिवर्तनकारी कदम है और भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।” सरकार का मानना है कि यह पहल पिछले कुछ सालों में माताओं और बच्चे के स्वास्थ्य में पंजाब के सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला भौगोलिक स्थिति, आय या जागरूकता की कमी के कारण इस लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही राज्य भर में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए स्वास्थ्य परिणामों में लगातार सुधार किया जा रहा है।

दिव्यांग परीक्षार्थियों को बड़ी राहत: MP बोर्ड परीक्षा में लेखक की निगरानी को अलग पर्यवेक्षक नियुक्त

भोपाल मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए लेखक की व्यवस्था होगी और उनपर नजर रखने के लिए दो पर्यवेक्षक भी अलग से रखे जाएंगे। इसके अलावा लेखक की शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों से कम होना चाहिए। जिस स्कूल का परीक्षार्थी हो,उस संस्था का लेखक नही होना चाहिए। इसके लिए मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। दिव्यांग विद्यार्थियों को लेखक सहित अन्य सुविधाओं की मांग के लिए 15 जनवरी तक मंडल को स्कूल के प्राचार्य जानकारी भेजेंगे। लेखक की शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों से कम होना चाहिए। जिस स्कूल का परीक्षार्थी हो, उस संस्था का लेखक नही होना चाहिए। इसके बाद लेखक के नाम परिवर्तित नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में ही केंद्राध्यक्ष यदि आवश्यक समझें तो लेखक बदलने की अनुमति देकर इसकी सूचना मंडल मुख्यालय को भेजना होगा।   परीक्षार्थी व लेखक के बैठने के लिए केंद्राध्यक्ष अलग व्यवस्था करें, ताकि अन्य परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो। दो अलग पर्यवेक्षकों की व्यवस्था की जाएगी,जो यह देखेंगे कि लेखक वही लिख रहा है जो परीक्षार्थी बोलता है। साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए जिन स्कूलों में रैंप होगा। उसी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। प्रायोगिक परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होंगी दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर उनका मूल्यांकन करते हुए अंक प्रदान करना है। बाह्य मूल्यांकनकर्ता द्वारा उनके प्रश्न तैयार किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को कंप्यूटर,टाइप राइटर के अलावा अतिरिक्त समय भी मिलेगा। इन्हें प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा। दिव्यांग की श्रेणी में ये होंगे शामिल दिव्यांग की श्रेणी में दृष्टिहीन, कम दृष्टि, मानसिक विकलांग एवं हाथ की हड्डी टूट जाने या हाथ की खराबी के कारण लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को लेखक चयन, विषय चयन, अतिरिक्त समय, कंप्यूटर या टाइप रायटर चयन की सुविधाएं प्रदान किए जाएंगे। साथ ही लेप्रोसी से पीड़ित मरीज,एसिड अटैक पीड़ित,सेरिब्रल पालिसी,श्रवण बाधित, पार्किंसन से पीड़ित व मानसिक रूप से बीमार सहित करीब 22 प्रकार की गंभीर बीमारियों को दिव्यांग की श्रेणी में रखा गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में लेखक का नाम प्रस्तावित करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया गया है। इन विद्यार्थियों के लिए केद्रों पर अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं

छत्तीसगढ़ में स्काउट गाइड के आयोजन में 10 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप

रायपुर. छत्तीसगढ़ में नौ से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी पर विवाद गहरा गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को स्थगित करने की घोषणा कर दी। मंगलवार शाम इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस सूचना के बाद स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त इंदर जीत सिंह खालसा ने इसे भ्रामक प्रचार बताते हुए मोर्चा खोल दिया। पूरे प्रकरण में बड़ी चुनौती के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद की दावेदारी मुख्य है। दोनों अध्यक्ष होने का दावा कर रहे हैं। बृजमोहन का दावा है कि 10 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के कारण आयोजन को रद कर दिया गया है। इस आयोजन को नवा रायपुर में होना था, परंतु गलत तरीके से बालोद में व्यवस्था की गई है। यदि आयोजन होता है तो यह शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी होगी। आरोप है कि मामले में बिना अनुमति स्थान परिवर्तन और नियमों की अनदेखी की गई है। मामले में राज्य जंबूरी के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। नियमत: यह राशि स्काउट गाइड के खाते में जानी थी, लेकिन इसे जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बालोद के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया। इस जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 12 हजार से 15 हजार रोवर-रेंजरों के आगमन की संभावना है। 5,500 लोग पहुंच चुके हैं। कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ गजेंद्र यादव स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भिलाई में कहा कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। स्काउट गाइड का सालभर का कार्यक्रम पहले से तय रहता है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे मिथ्या हैं। सरकार को बदनाम किया जा रहा है। कार्यकारिणी ने तय किया स्थल खालसा स्काउट एवं गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त इंदर जीत सिंह खालसा आयोजन स्थल के विवाद पर अनभिज्ञता जता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नवा रायपुर के पुराने प्रस्ताव की जानकारी ही नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य की कार्यकारिणी ने तय किया था कि आयोजन बालोद में किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने जताई प्रतिबद्धता, शहरों का संतुलित और समावेशी विकास होगा प्राथमिकता

रायपुर : शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित न्यायधानी बिलासपुर के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई व्यापक चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) – रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

इंदौर में जल संकट का भयावह परिणाम: दूषित पानी से 20 लोगों की मौत, 18 को मुआवजा, 16 ICU में

 इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उपजी त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है। नलों से बह रहा गंदा पानी अब सीधे लोगों की जान ले रहा है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन हकीकत स्वीकारने को तैयार नहीं है। दूषित पानी के कारण अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। तीन नई मौतों की जानकारी सामने आने के बाद हालात की भयावहता और स्पष्ट हो गई है। इनके सहित 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रु.देने का दावा किया गया है। ऐसे में दो नए नाम रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु को भी जोड़ा जाए तो मृतकों की संख्या 20 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जहां भी लोगों की मौत की सूचना मिली रही है वहां क्रॉस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है। इतनी मौतों के बाद लोग अब डरे-सहमे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। इस बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब तक 429 लोग भर्ती हुए थे। जिनमें से मंगलवार शाम तक की स्थिति में 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं। यानी अब सिर्फ 99 मरीज ही एडमिट हैं। हालांकि, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन आईसीयू में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अब आईसीयू में 16 मरीज हैं। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। इधर, आज बुधवार को महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक साथ प्रदर्शन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकालेंगे। अब मुआवजा सूची में दो नए नाम जुड़े इधर, प्रशासन की परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई सूची में दो नए नाम हैं, जो पहले सामने नहीं आए थे। इनमें रामकली जगदीश व श्रवण नत्यु शामिल हैं। इनके सहित मुआवजा सूची में 15 नाम हो गए हैं। महाराष्ट्र में हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार दूषित पानी की इस त्रासदी में श्रावण नथ्थु खुपराव की मौत भी जुड़ चुकी है। 29 दिसंबर को इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बेटे श्रीकृष्ण ने बताया कि 25 दिसंबर को उन्हें अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 26 दिसंबर को कुछ सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद अचानक तबीयत फिर बिगड़ी और उनकी जान चली गई। श्रावण खुपराव का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के बुलढ़ाना जिले के सेलापुर गांव में किया गया, जो उनका पैतृक गांव है। उनका पोता नगर निगम की पानी की टंकी पर कार्यरत है और बेटा सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करता है, इसी कारण पूरा परिवार इंदौर में रह रहा था। सवाल यह है कि जिस परिवार का सदस्य खुद पानी की व्यवस्था से जुड़ा है, वही परिवार दूषित पानी का शिकार बन गया। 47 वर्षीय रामकली की भी गई जान इसी तरह रामकली पत्नी जगदीश (47 वर्ष) की मौत ने भी प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनके बेटे ने बताया कि 28 दिसंबर को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिजन उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि रामकली को इससे पहले किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। अचानक हुई तबीयत खराबी और मौत ने दूषित पानी की भूमिका को और मजबूत कर दिया है। भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में हालात ऐसे हैं कि हर घर में बीमार लोग मिल रहे हैं। अस्पतालों में बेड भर चुके हैं, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ लगी है, लेकिन प्रशासन अब भी मौतों को “स्वाभाविक” या “अन्य कारणों” से जोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बचने में लगा है। भागीरथपुरा में बहता दूषित पानी अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा सबूत बन चुका है। कलेक्टर और निगम कमिश्नर रोज कर रहे निरीक्षण कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज सुधार के कामों का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए। स्थानीय रह वासियों से भी वाटर सप्लाई को लेकर जानकारी ली गई। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बताया कि क्षेत्र में घर-घर और गली-गली जाकर रहवासियों को जानकारी दी जा रही है कि आज 12.30 बजे नर्मदा पानी की सप्लाई टेस्टिंग के लिए की जाएगी। अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि पानी के सप्लाई दौरान घर की नर्मदा लाइन की टोटी को बंद ही रखें, पानी का इस्तेमाल ना करें। इलाके में पर्याप्त मात्रा में टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है। टैंकर का पानी उबालकर और छानकर ही पीएं। भागीरथपुरा पानी की टंकी से क्लोरीनेशन वाटर सप्लाई की टेस्टिंग आज फिर की जाएगी। दो दिन में 5013 घरों तक पहुंचीं हेल्थ टीमें सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिनों में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है। वहीं, प्रत्येक घर में दवाइयां और एक क्लिनवेट ड्रॉप भी बांटे हैं। जानिए क्या है कोबो टूल दरअसल, कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है। इससे भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया। किस घर में बीमारी की गंभीरता ज्यादा थी, कितने सदस्य बीमार थे, पानी को साफ रखने को लेकर उनकी जानकारी सहित कई प्रश्न किए गए। भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित मिली हैं। 61 टीमों 5013 घरों का सर्वे किया और करीब 25 हजार लोगों तक पहुंचे। इसमें से 40 से 50% क्षेत्र प्रभावित मिला है। भागीरथपुरा टंकी के पास सामने वाली गली में मरीज नहीं मिले। इन्हीं डेटा के आधार पर हीट-गैप बनाया है। 460 घर प्रभावित … Read more