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Delhi में बसों का नया नियम: अब केवल DTC बसें चलेंगी, ‘नो PUC, नो फ्यूल’ रहेगा सख्त

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इन फैसलों का सीधा असर राजधानी की हवा, ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण पर पड़ने वाला है। सरकार का कहना है कि ये कदम न सिर्फ मौजूदा हालात सुधारेंगे, बल्कि लंबे समय में दिल्ली को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने में मदद करेंगे। बस संचालन पूरी तरह DTC के तहत कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया कि अब दिल्ली में बसों का परिचालन पूरी तरह दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के तहत किया जाएगा। इसके तहत क्लस्टर बसों या DIMTS जैसी निजी व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि 100 प्रतिशत DTC संचालन से बस सेवा में एकरूपता आएगी, निगरानी बेहतर होगी और सार्वजनिक परिवहन ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। इससे लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जो अंततः प्रदूषण घटाने में सहायक होगा। ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम रहेगा जारी प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक और सख्त निर्णय लिया गया है। GRAP-4 प्रतिबंध हटने के बाद भी ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को स्थायी रूप से लागू रखने का फैसला किया गया है। इसके तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नियम से सड़कों पर चलने वाले अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रभावी रोक लगेगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह कदम केवल अस्थायी उपाय नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन फैसलों का सकारात्मक असर दिल्ली के वायु प्रदूषण के स्तर पर साफ दिखाई देगा। जलाशयों और जल स्रोतों का होगा पुनर्जीवन कैबिनेट बैठक में दिल्ली के जलाशयों और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। इसके तहत झीलों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण व पुनरुद्धार पर काम किया जाएगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और शहर को स्वच्छ जल स्रोत उपलब्ध होंगे। सरकार का मानना है कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इस दिशा में ठोस कदम उठाना जरूरी है। होलंबी कलां में बनेगा e-Waste Eco Park इलेक्ट्रॉनिक कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने होलंबी कलां में ‘e-Waste Eco Park’ स्थापित करने का फैसला किया है। यह पार्क ई-कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान के लिए समर्पित होगा। इसके जरिए न सिर्फ पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जाएगा, बल्कि रीसाइक्लिंग और संसाधनों के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदूषण के खिलाफ समग्र रणनीति दिल्ली सरकार के ये फैसले यह संकेत देते हैं कि राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए अब टुकड़ों में नहीं, बल्कि समग्र रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती, जल स्रोतों का संरक्षण और ई-कचरे का सुरक्षित निपटान ये सभी कदम मिलकर दिल्ली को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकते हैं।

कांग्रेस की ताकत हैं राहुल और प्रियंका, रिश्ता दूध-चीनी जैसा— पप्पू यादव का बयान

पटना  पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का रिश्ता 'दूध और चीनी' जैसा है और लोगों को उनसे भरोसे और रिश्तों से सीखना चाहिए। पप्पू यादव का यह बयान उस वक्त आया है, जब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को पीएम बनाने की वकालत पर बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने भी सहमति जताई। मीडिया से बातचीत में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा परिवार का हिस्सा हैं और कांग्रेस में फैसले सीडब्ल्यूसी और सीईसी जैसी कांग्रेस की लीडरशिप बॉडी लेती हैं। राहुल गांधी कांग्रेस में सर्वसम्मति से माने जाने वाले नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। प्रियंका गांधी और यहां तक कि मल्लिकार्जुन खड़गे भी प्रधानमंत्री बनने के काबिल हैं। बिहार में आपराधिक घटनाओं पर पप्पू यादव ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि हर दिन इतनी हत्याएं क्यों हो रही हैं। अगर कोई आंखें होते हुए भी अंधा और कान होते हुए भी बहरा बनना चाहता है, तो इसमें मेरी क्या गलती है। पूरी दुनिया देख सकती है कि हालात कैसे हैं। आम लोग और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। जिस समुदाय ने उन्हें वोट दिया, उसे माफिया नहीं माना जाता, जबकि जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया, उन सभी को माफिया करार दिया जाता है। भाजपा नेता नवनीत राणा के बयान, जिसमें उन्होंने हिंदुओं से अपील की है कि कम से कम चार बच्चे जरूर करें, इस पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा नेताओं के परिवारों में भी कई बच्चे हैं। आज भाजपा नेताओं की शादियां सभी समुदायों में हो रही हैं, हिंदू और मुस्लिम दोनों में। हम चाहते हैं कि भाजपा नेता पासवान और ऋषिदेव जैसे दलित समुदायों में भी शादी करें और सच में जाति की दीवारों को तोड़ें। उन्होंने कहा, भाजपा नेताओं को 19 बच्चे या 21 बच्चे पैदा करने से कौन रोक रहा है? वे 21 बच्चे भी पैदा कर सकते हैं। यह उनकी मर्जी है।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले सियासी हलचल: संभल में फर्जी वोटिंग केस, 48 लोगों पर मामला दर्ज

संभल  उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से ठीक पहले संभल के गांव विलालपत से सामने आया फर्जी वोटर बनाने का मामला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। फर्जी दस्तावेज और गलत आधार संशोधन के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के आरोप में 48 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई लेखपाल गुन्नू बाबू कीअसमोली थाने में दर्ज शिकायत पर की गई।  मामला तब उजागर हुआ, जब जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह हाल ही में गांव विलालपत पहुंचे। वे वहां एसआईआर के कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान गांव से जुड़ी गंभीर शिकायतें उनके संज्ञान में आईं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच समिति गठित की। समिति ने 19 दिसंबर को अपनी जांच आख्या सौंपी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि कई लोगों ने बीएलओ को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिनके आधार पर उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए। यह सीधा-सीधा चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ का मामला बताया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर 20 दिसंबर को जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए। इसके बाद 22 दिसंबर को तहसीलदार ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। लेखपाल गुन्नू बाबू ने बताया कि डीएम संभल के आदेश पर असमोली थाने में मामला दर्ज किया गया एफआईआर में ग्राम विलालपत के 48 नामजद आरोपी शामिल हैं, जिनमें पुरुष और महिला दोनों हैं। सभी पर फर्जी दस्तावेज के जरिए वोट बनवाने का आरोप है। जांच आख्या में यह भी कहा गया है कि ग्राम विलालपत में आधार कार्ड में गलत तरीके से संशोधन कराकर वोट बनवाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं। यह मामला सिर्फ फर्जी वोट बनवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत चुनाव से पहले लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इतना बड़ा फर्जीवाड़ा बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के संभव था? क्या कार्रवाई सिर्फ 48 नामों तक सीमित रहेगी या फर्जी वोटर नेटवर्क की पूरी परतें उखड़ेंगी?

सरकारी नौकरी का मौका: असिस्टेंट डायरेक्टर व सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पदों पर निकली भर्ती

जयपुर  राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने असिस्टेंट डायरेक्टर और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 दिसंबर से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 27 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इस भर्ती के तहत कुल 28 पदों को भरा जाएगा। कौन कर सकता है आवेदन? इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ज़ूलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी सहित संबंधित विषयों में एमएससी (M.Sc.) की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आयोग द्वारा निर्धारित अन्य पात्रताएं भी पूरी करनी होंगी।  उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। एससी और एसटी वर्ग को 5 वर्ष, ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष तथा दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट का प्रावधान है। आवेदन शुल्क इन पदों पर आवेदन करने के लिए सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए एप्लीकेशन फीस 600 रुपये तय की गई है, जबकि एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 400 रुपये रखा गया है। कैसा रहेगा परीक्षा पैटर्न? लिखित परीक्षा में संबंधित विषय से कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका कुल अंक भार 150 होगा। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित की गई है। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इतना मिलेगा वेतन असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर चयनित उम्मीदवारों को पे-मैट्रिक्स लेवल L-16 के तहत वेतन दिया जाएगा, जबकि सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पद के लिए पे-मैट्रिक्स लेवल L-15 लागू होगा। हालांकि, राज्य सरकार के नियमों के अनुसार नियुक्ति के बाद परिवीक्षाकाल के दौरान उम्मीदवारों को नियत मासिक वेतन यानी फिक्स पे ही देय होगा। कैसे कर सकेंगे आवेदन?     सबसे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।     यदि आप नए उम्मीदवार हैं, तो पहले OTR (One Time Registration) पूरा करें। पहले से रजिस्टर्ड उम्मीदवार सीधे लॉगिन कर सकते हैं।     रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन करें।     असिस्टेंट डायरेक्टर/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर भर्ती लिंक पर क्लिक करें।     मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य विवरण सही-सही भरें।     फोटो, सिग्नेचर और आवश्यक प्रमाण पत्र निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।     अपनी श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें।     सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।  

जलभराव पर लगाम लगाने की तैयारी: हरियाणा सरकार ने 528 करोड़ का विशेष एक्शन प्लान किया लागू

चंडीगढ़  हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को 528 करोड़ रुपये की लागत वाली 328 बाढ़ नियंत्रण प्राथमिक योजनाओं की तत्काल समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर पहले आबादी क्षेत्र (आबादी देह) की सुरक्षा और उसके बाद कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा तीन दिनों के भीतर मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपी जाए। ये निर्देश उन्होंने 55वीं "हरियाणा स्टेट टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन फ्लड्स" (HSTAC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य आगामी मानसून से पहले पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को फील्ड स्तर पर कार्यों की सख्त निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और समय-सीमा के पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वित्त आयुक्त ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सभी डी-वॉटरिंग पंपों की सूची तैयार करें और यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह कार्यशील हों, ताकि उन्हें केंद्रीकृत और रणनीतिक तरीके से तैनात किया जा सके। इससे प्रत्येक जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पंपिंग क्षमता उपलब्ध रहेगी और भारी वर्षा तथा जलभराव की स्थिति में समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि डी-वॉटरिंग मशीनरी की पूरी सूची पहले से तैयार रखी जाए। बैठक में मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 642 करोड़ रुपये की लागत वाली 378 बाढ़ सुरक्षा योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। वर्तमान में 231 योजनाएं क्रियान्वयन की अवस्था में हैं, जबकि 48 योजनाओं का कार्य अभी शुरू होना बाकी है।   बैठक में शहरी बाढ़ नियंत्रण उपायों की भी समीक्षा की गई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बताया कि 525.95 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 30 स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजनाएं फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जबकि पिछले वर्ष 23 परियोजनाएं पूरी की गई थीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का समाधान करना है। डॉ. मिश्रा ने पिछले वर्ष चिन्हित संवेदनशील बिंदुओं की गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ से संबंधित कार्यों के लिए, पूरक प्रावधानों सहित 460 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। चालू वर्ष में अब तक लगभग 395 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका है। उपायुक्तों को विशेष रूप से नदी संरक्षण और तटबंध संबंधी कार्यों का नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान वित्त आयुक्त ने हरियाणा इंटीग्रेटेड फ्लड मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (IFMIS) के विकास की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि अगली बोर्ड बैठक से पहले इस प्रणाली को पूरी तरह क्रियाशील किया जाए।  

अमित शाह का पंचकुला दौरा: सहकारी सम्मेलन में हरियाणा को मिलीं नई सौगातें, नायब सैनी की जमकर तारीफ

पंचकुला केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पंचकुला आगमन पर हरियाणा को एक साथ कई सौगातें दी हैं। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उपस्थित थे। शाह सहकारी सम्मेलन में पहुंचे थे। इस अवसर पर सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि अमित शाह ने जिला भिवानी में दूध शीतकरण केंद्र सलेमपुर प्लांट , जिला रेवाड़ी के हैफेड आटा मिल जाटूसाना तथा सहकारिता मंत्रालय द्वारा तैयार आईवाईसी के पोर्टल का पंचकुला से रिमोट द्वारा ई -लोकार्पण किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने इसी अवसर पर हरियाणा राज्य सहकारी बैंकों के 5 लाभार्थियों को रुपे -प्लैटिनम डेबिट कार्ड तथा हरियाणा में कृभको द्वारा बनाए गए 2 एम-पैक्स के अध्यक्षों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र का वितरण किया। उन्होंने कृभको द्वारा तैयार आईवाईसी के समारोहों पर आधारित वर्ष पुस्तिका का विमोचन भी किया। इससे पूर्व कृभको कॉर्पोरेट फिल्म का प्रदर्शन किया गया इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण , सहकारिता मंत्री अरविन्द शर्मा , कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, खेल मंत्री गौरव गौतम, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अलावा कृभको के अध्यक्ष श्री वी सुधाकर चौधरी , प्रबंध निदेशक एस एस यादव भी उपस्थित थे।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में आयोजित 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा आज देश में किसान कल्याण, पारदर्शी शासन और तेज़ निर्णय क्षमता का आदर्श बन चुका है। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वह कर दिखाया है, जिसकी हिम्मत बहुत कम सरकारें कर पाती हैं। चुनावी घोषणा पत्र के दौरान जब 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का प्रस्ताव सामने आया, तो उन्होंने रात को फोन करके इस घोषणा को पुनः कन्फर्म किया तो मुख्यमंत्री सैनी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आप घोषणा करिए, खरीद की ज़िम्मेदारी मेरी है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहाँ 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल खरीद ही नहीं, बल्कि 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में फसलों का भुगतान करके हरियाणा सरकार ने एक नई प्रशासनिक क्रांति भी की है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को देश में सबसे अधिक मूल्य देने का काम भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किया है, जिससे पूरे देश की सरकारों पर सकारात्मक दबाव बना है। अमित शाह ने हरियाणा सरकार की जल प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं की भी विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि “पर ड्रॉप – मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत 85 प्रतिशत सब्सिडी, दशकों से वंचित क्षेत्रों तक सिंचाई का पानी पहुँचाना और 2088 अमृत सरोवरों का निर्माण, ये सभी कदम दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का छोटा राज्य होते हुए भी कृषि, दुग्ध उत्पादन, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान देता रहा है। आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह परंपरा और भी सशक्त हुई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हरियाणा का उद्योग, जीएसटी और आयकर में बड़ा योगदान है, लेकिन किसी भी सरकार की असली पहचान यह होती है कि उसका किसान खुश है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के किसान को मुस्कुराने का कारण दिया है और यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।” अमित शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के मंत्र पर चलते हुए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में और मजबूत स्थान दिलाएंगे।

अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति से बढ़कर संस्कार और विचार का प्रतीक: सीएम भजनलाल शर्मा

जयपुर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर बिरला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने स्व. वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को जोड़ा, जिससे गांवों में खुशहाली आई तथा गांव तक पहुंच आसान हुई। उन्होंने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती है। वाजपेयी और चौधरी चरण सिंह ने किसानों और मजदूरों के लिए काम किया। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, एक युग, एक विचार और एक संस्कार थे। वे तार्किक दृष्टिकोण के धनी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी वाजपेयी के सानिध्य में रहकर करीब से जानने का मौका मिला। मां भारती को लेकर उनकी भावनाओं में राष्ट्रप्रेम और विचारक की दृष्टि समाहित थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राष्ट्र और हमारे विचारों को मजबूत करने में श्री वाजपेयी ने बड़ा काम किया है। आज भारतीय जनता पार्टी देश ही नहीं, दुनिया का सबसे बड़ा राजनैतिक दल बन चुका है। यह उन्हीं की देन है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और डॉ प्रेमचंद बैरवा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद घनश्याम तिवाड़ी, मंजू शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और श्रोतागण उपस्थित रहे।  

तेजी से विकसित हो रहा है भोपाल के नजदीक बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र

औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग से एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा बड़ियाखेड़ी भोपाल  राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले का बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज प्रदेश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। कभी शांत ग्रामीण क्षेत्र रहा बड़ियाखेड़ी अब रोजगार, निवेश और उद्यमिता का नया प्रतीक बन चुका है। प्रदेश सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और ’’जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग’’ ने इस क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। उद्योग संचालकों का कहना है कि भूमि आवंटन, अनुमति प्रक्रिया और प्रशासनिक मार्गदर्शन समयबद्ध व पारदर्शी रहा जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज बड़ियाखेड़ी में छोटे और मध्यम उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े उद्योग यहां स्थापित हो रहे हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिला है। आसपास के गांवों के अनेक युवा अब अपने ही जिले में काम पा रहे हैं जिससे पलायन में कमी आई है। खास बात यह है कि बड़ियाखेड़ी युवा उद्यमियों के लिए अवसरों का केंद्र बनकर उभरा है। कई युवा न केवल स्वयं रोजगार पा रहे हैं, बल्कि छोटे-छोटे उद्योग लगाकर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। प्रशिक्षण, बैंकिंग सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर नई पीढ़ी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। बड़ियाखेड़ी औद्यागिक क्षेत्र लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है जिसमें 141 उद्योगों के लिए प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं। इनमें से 32 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और निरंतर संचालित हैं। सीहोर के पास ही मंडी औद्योगिक क्षेत्र में 11, पचामा औद्योगिक क्षेत्र में 20, आद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं। इसके अलावा 10 से अधिक उद्योग निजी भूमि में स्थापित हैं। आईटीसी इंडस्ट्री के श्री अमित शर्मा, जगदम्बा पाइप इंडस्ट्री के श्री अंकित शर्मा तथा हम्बल काउ के संचालक श्री राम अवतार राय ने कहा कि उद्योग संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ियाखेड़ी में विकास की अपार संभावनाएं हैं। राजधानी के नजदीक होना, बढ़ता औद्योगिक इकोसिस्टम और सरकारी सहयोग इसे एक आदर्श औद्योगिक हब बना रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र आज इस बात का उदाहरण है कि सरकार, प्रशासन और उद्यमियों के साझा प्रयास से किस तरह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती हासिल की जा सकती है।

फिल्ममेकर्स की बल्ले-बल्ले! राजस्थान में शूटिंग पर सरकार का 3 करोड़ तक का ऑफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मांकन का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रस्तावित राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी की है। नीति में सब्सिडी / प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के व्यापक प्रावधान शामिल किए गए हैं जिससे यह नीति अन्य राज्यों की तुलना में फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षक होगी। राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, मरुस्थलीय भू-भाग, ऐतिहासिक किले, महल और विविध प्राकृतिक लोकेशन्स विश्वस्तरीय हैं। नई फिल्म पर्यटन नीति राज्य को फिल्मिंग हब के रूप में स्थापित करेगी और युवाओं के लिए रोजगार तथा कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया की फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए न केवल सब्सिडी दी जाएगी, अपितु प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर नीति का सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा। फिल्म व्यय पर 30% तक सब्सिडीः- राजस्थान में फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर किए व्यय का अधिकतम 30% तक सब्सिडी देने का प्रावधान है। अधिकतम सब्सिडी सीमा फीचर फिल्म ₹३ करोड़, वेब सीरीज ₹2 करोड़, टीवी सीरियल ₹1.5 करोड़ और डॉक्यूमेंट्री ₹2 करोड़ निर्धारित की गई है। न्यूनतम व्यय सीमाः- सब्सिडी प्राप्त करने के लिए राज्य में न्यूनतम व्यय फीचर फिल्म हेतु ₹2 करोड़, जबकि वेब सीरीज, टीवी सीरियल और राजस्थानी भाषा की फिल्मों हेतु ₹1 करोड़ अनिवार्य होगा। सब्सिडी प्राप्त करने हेतु निम्न प्रावधान हैं: लोकेशन स्क्रीन-टाइम आधारित प्रोत्साहन राजस्थान की लोकेशन्स को 5-15%, 16-30% और 30% से अधिक स्क्रीन-टाइम देने पर क्रमशः 10%, 20% और 30% सब्सिडी मिलेगी। 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने पर फीचर फिल्म के 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने और न्यूनतम व्यय सीमा पूरी करने पर अधिकतम 30% तक सब्सिडी उपलब्ध होगी। 100% शूटिंग राजस्थान में करने पर यदि पूरी फिल्म राजस्थान में शूट की जाती है तो अधिकतम सब्सिडी सीमा के अन्दर 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। राजकीय लोकेशन्स पर शुल्क की 100% प्रतिपूर्तिः राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले शूटिंग स्थानों की अनुमति शुल्क / फीस (अधिकतम पाँच दिन) की 100% प्रतिपूर्ति दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को विशेष प्रोत्साहनः राजस्थान में फिल्माई गई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फीचर फिल्मों को अधिकतम ₹1 करोड़ तथा भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को अधिकतम ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि मिलेगी। छात्रवृत्ति योजना-राजस्थान के छात्र होंगे लाभान्वित फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली (एनएसडी) में अध्ययन / प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राजस्थान निवासी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रत्येक वर्ष 10 छात्रों को चयनित कर अधिकतम ₹50,000 की 100% ट्यूशन फीस सहायता एवं ₹5,000 प्रतिमाह तक 100% स्टाईपेंड प्रदान किया जाएगा। राजस्थान फिल्म डायरेक्टरी व नया ऑनलाइन पोर्टलः पर्यटन विभाग राज्य की सभी शूटिंग लोकेशन्स की विस्तृत डायरेक्टरी तैयार करेगा। साथ ही एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माता निर्देशक से लेकर कलाकार, तकनीशियन, संगीतकार, कोरियोग्राफर और लाइन प्रोड्यूसर तक सभी की सूची उपलब्ध रहेगी। यह पोर्टल फिल्म निर्माताओं के लिए वन-स्टॉप समाधान बनेगा। थियेटर में रिलीज की अनिवार्यताः थिएटर में रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों को न्यूनतम 200 स्क्रीन, राजस्थानी फिल्मों को 25 स्क्रीन और अन्य भाषाओं की फिल्मों को 100 स्क्रीन पर रिलीज करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार व पर्यटन विभाग को अनिवार्य श्रेयः सभी सब्सिडी प्राप्त फिल्मों हेतु राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को श्रेय देना अनिवार्य होगा।  

अटल बिहारी वाजपेयी का सुशासन मॉडल देश के लिए मार्गदर्शक : मंत्री सारंग

अटल स्मृति पर्व पर नरेला में विधानसभा सम्मेलन भोपाल  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर बुधवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग नरेला विधानसभा अंतर्गत हरि मैरिज गार्डन में आयोजित विधानसभा सम्मेलन में सम्मिलित हुए। मंत्री श्री सारंग ने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी सुशासन मॉडल, कवि हृदय तथा अजातशत्रु के रूप में उनकी विशिष्ट पहचान पर विषय पर विचार व्यक्त किए। सुशासन का दूरदर्शी मॉडल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री वाजपेयी का सुशासन मॉडल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की अवधारणा पर आधारित था। सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर शासन को आधुनिक बनाने, सूचना का अधिकार और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता लाने, सड़कों और दूरसंचार के विस्तार से अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच सुनिश्चित करने तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। अंत्योदय जैसी योजनाओं से गरीब और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। आधारभूत संरचना को नई गति मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्वर्ण चतुर्भुज योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दिल्ली मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को नई गति दी। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना तथा शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना ने समावेशी विकास को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि नई दूरसंचार नीति से देश में मोबाइल क्रांति की नींव पड़ी, जबकि एफआरबीएम अधिनियम और विनिवेश की पारदर्शी नीति ने अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया। कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड और ग्रामीण विकास की पहलों से किसानों को सशक्त बनाया गया। अजातशत्रु राजनेता अटल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि स्व. श्री अटल ने रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में पोखरण-2 परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक संवेदनशील कवि हृदय और अजातशत्रु राजनेता थे, जिनका सम्मान पक्ष और विपक्ष दोनों करते थे। सर्व शिक्षा अभियान, अंत्योदय अन्न योजना और शहरी क्षेत्रों के लिए अमृत योजना जैसी पहलों से शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए तथा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचा। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और सशक्त किया।