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मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष श्री प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक श्री संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक श्री सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर श्री लखनमुनि महाराज, श्री अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली पवन विश्वकर्मा की तक़दीर, ग्राम नगपुरा में खुशहाली की नई कहानी

दुर्ग राज्य में गरीबों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एक प्रभावी माध्यम साबित हो रही है। जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत नगपुरा निवासी श्री पवन कुमार विश्वकर्मा को वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई। उन्हें यह राशि तीन किस्तों में (प्रथम किस्त 40,000 रूपए, द्वितीय किस्त 60,000 रूपए, और तृतीय किस्त 20,000 रूपए समय पर प्रदान की गई।  इस योजना का लाभ मिलने से पहले, पवन विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ एक कच्चे और जर्जर मकान में रहते थे, जहाँ उन्हें बरसात, गर्मी और सर्दी के मौसम में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समय पर प्राप्त किस्तों की सहायता से उन्होंने सफलतापूर्वक अपने पक्के आवास का निर्माण कार्य पूरा किया, जिससे उनके परिवार को अब सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर आवासीय वातावरण प्राप्त हुआ है। साथ ही बच्चों के लिए पढ़ाई का शांत माहौल भी मिला है।  आवास के साथ-साथ, उन्हें अभिसरण के माध्यम से अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला है, जिनमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय, उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन, दीनदयाल ज्योति योजना के तहत विद्युत कनेक्शन, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी राशि, एन.आर.एल.एम. समूह से लाभ, जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन, और सोक्ता गढ्ढा निर्माण शामिल हैं। इससे उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।  श्री पवन कुमार विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है, जिसने उनके सपनों के घर को वास्तविक रूप प्रदान किया है। जिला पंचायत दुर्ग द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयास जारी हैं।

धान खरीदी के एवज में किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए का भुगतान

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़  में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर राज्य के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य  अनवरत रूप से जारी है। कृषि  विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी  सुगमता पूर्वक की जा रही है । धान की खरीदी के लिए 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है ।  राज्य के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है , वहीं  अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।  7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत अधिक रकबा का पंजीयन  राज्य में किसानों से धान खरीदी हेतु समुचित व्यवस्था की गई है । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है । वर्तमान में धान की खरीदी हेतु 27.40 लाख किसानों के धान का रकबा 34.39 लाख हेक्टेयर का पंजीयन किया गया है । जबकि गत वर्ष 25.49 लाख किसानों द्वारा रकबा 28.76 लाख हेक्टेयर से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था । इस प्रकार गत वर्ष विक्रय गये किसानों की  तुलना में इस वर्ष लगभग 7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत रकबा का पंजीयन अधिक हुआ है । एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान, ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट प्रदान की गई है । किसान पंजीयन का कार्य वर्तमान में जारी है । 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा  "टोकन व्यवस्था का हुआ सरलीकरण मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने अब 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा "तुहर टोकन" एप्प में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदान कर दी है । वर्तमान में 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान खरीदी हेतु जारी किया जा चुका है । किसानों द्वारा आगामी 20 दिवस के टोकन प्राप्त किये जा सकते हैं । किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का त्वरित भुगतान अधिकारियों  ने बताया कि 11 दिसंबर 2025 की स्थिति में किसानों  को धान खरीदी के एवज में 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान  समर्थन मूल्य  के तहत का किया जा चुका है । अवैध धान विक्रय/परिवहन पर नियंत्रण जिलों में विशेष चेकिंग दल का गठन राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन, मंडी आदि विभागों के अधिकारियों का गठन कर किया गया है । राज्य स्तर पर मार्कफेड अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है । अब तक प्रदेश में अवैध धान परिवहन/भण्डारण के 2000 से अधिक प्रकरण बनाये गये हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।

जल संकट की असल तस्वीर उजागर: संत सीचेवाल ने पेश की पंजाब के पानी पर हैरान करने वाली रिपोर्ट

सुल्तानपुर लोधी संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा पंजाब के तेजी से गिरते भूजल स्तर को लेकर राज्यसभा में पूछे गए लिखित प्रश्नों के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पंजाब देश का सबसे अधिक भूजल-संकटग्रस्त राज्य बन चुका है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2024–25 की राष्ट्रीय आकलन रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में भूजल दोहन दर 156 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। यह दर देश के औसत 60.63 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में वार्षिक कुल भूजल पुनर्भरण 18.60 बिलियन क्यूबिक मीटर आंका गया है, जबकि सुरक्षित रूप से उपयोग योग्य पानी केवल 16.80 बिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके विपरीत, पंजाब इस समय सिंचाई, घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए लगभग 26.27 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी सालाना निकाल रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अभी भी गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो पंजाब में पानी की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। 

प्रतियोगिता के पहले दिन हुए रोमांचक मुकाबले

दुर्ग केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र द्वारा आयोजित पॉवर कंपनीज अंतरक्षेत्रीय लॉन टेनिस प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ लॉन टेनिस कॉम्प्लेक्स, सिविक सेंटर, भिलाई में आज दिनांक 15 दिसंबर 2025 को किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कपनीज के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रीजन की पॉंच टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ क्षेत्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के सचिव श्री एच.के.मेश्राम के मुख्य आतिथ्य एवं कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोटिया एवं श्री एम.एस.चौहान, चेयरमेन इसीजीआरएफ दुर्ग रीजन श्री पी.वी.सजीव, ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्ड प्राप्त उपमहाप्रबंधक क्रीड़ा भिलाई स्टील प्लांट श्री राजेन्द्र प्रसाद, अधीक्षण अभियंता श्री एस.मनोज, श्री आर.के.मिश्रा, श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद, श्री एस.के.भूआर्य एवं श्रीमती पद्मशा तिवारी तथा डीजीएम एफ एंड ए श्री वाय कोसरिया के विशिष्ट आतिथ्य में दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि की आसंदी को सुशोभित करते हुए श्री एच.के.मेश्राम ने कहा कि कंपनी द्वारा ऐसे आयोजन का उद्देश्य है कि कर्मचारियों का तनाव दूर करना। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विभिन्न क्षेत्रों से पधारे हमारे अधिकारी एवं कर्मचारीगणों का आपसी समझ एवं भाईचारे में वृद्धि होती है साथ ही अपनी बेहतर कार्यशैली का उल्लेख कर दूसरे कर्मचारियों को भी प्रेरित करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान में उतरने वाले सभी खिलाड़ी विशेष होते हैं, कोई दिल जीतता है, कोई ट्रॉफी और कोई आत्मविश्वास इसलिए मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी विजेता है। उपमहाप्रबंधक क्रीड़ा भिलाई स्टील प्लांट श्री राजेन्द्र प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आप इस खेल प्रतियोगिता में सकारात्मक प्रेरणा लेकर टीम भावना के साथ, नई ऊर्जा और नये उत्साह के साथ खेलें। कार्यक्रम में दुर्ग रीजन के समस्त कार्यपालन अभियंता, भिलाई स्टील प्लांट के स्पोर्ट ऑफिसर श्री अभिजीत भौमिक एवं सीनियर मैनेजर टीएसजी श्री विवेक गुप्ता सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित हुए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तरीय इस विद्युत प्रतिस्पर्धा में पॉच टीमों यथा मेजबान टीम दुर्ग क्षेत्र, कोरबा पश्चिम, रायपुर केन्द्रीय, रायपुर क्षेत्र एवं बिलासपुर क्षेत्र के खिलाड़ियों एवं मैनेजरों ने खेल भावना से खेल प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। दुर्ग क्षेत्र में इस प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 15 से 17 दिसम्बर 2025 तक किया जा रहा है। समारोह का समापन दिनांक 17 दिसंबर को षाम 04 बजे लॉन टेनिस कॉम्प्लेक्स सिविक सेंटर, भिलाई में किया जाएगा।   आज के मैच के परिणाम प्रतियोगिता के पहले दिन हुए मुकाबले के टीम इवेंट में ग्रुप बी में पहला मैच बिलासपुर रीजन और रायपुर सेंट्रल रीजन के बीच हुआ जिसमें रायपुर सेंट्रल ने बिलासपुर को 2-0 से पराजित किया। रायपुर सेंट्रल के श्री अनुराग षर्मा ने श्री समीर तिवारी को 6-3 से हराया। महेंन्द्र सिंह चौहान रायपुर सेंट्रल ने बिलासपुर के ओमप्रकाष को 6-0 से हराया। टीम इवेंट ग्रुप ए में पहला सेमीफाइनल रायपुर रीजन एवं कोरबा वेस्ट के बीच खेला गया जिसमें कोरबा वेस्ट ने 2-0 से विजय हासिल की। पहला मैच श्री सुनील सिंह एवं तरुण ठाकुर के बीच खेला गया जिसमें श्री सुनील सिंह ने 6-1 से जीत हासिल की। दूसरा मैच श्री विकल्प तिवारी एवं श्री षेखर वर्मा के बीच खेला गया जिसमें श्री विकल्प तिवारी ने 6-0 से विजय प्राप्त किया। टीम इवेंट ग्रुप बी का दूसरा सेमीफाइनल मैच दुर्ग रीजन एवं रायपुर सेंट्रल के बीच खेला गया जिसमें दुर्ग रीजन ने रायपुर सेंट्रल को 2-0 से पराजित किया। पहले मैच में श्री अरुण साहू ने श्री महेंन्द्र सिंह चौहान को 6-2 से पराजित किया। दूसरे मैच में श्री पी.एल.माहेष्वरी ने श्री अनुराग षर्मा को 6-1 से पराजित किया। टीम इवेंट का फाइनल मैच आज दुर्ग श्रेत्र एवं कोरबा वेस्ट के बीच खेला जाएगा।

जांच रिपोर्ट ने खोली पोल: हरियाणा के 44 जूनियर कोच अयोग्य, सेवा समाप्ति की आशंका

चंडीगढ़  हरियाणा खेल विभाग में कार्यरत 44 जूनियर कोचों की नौकरी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विभागीय जांच में ये सभी खिलाड़ी हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (ग्रुप-A, B और C) सेवा नियम-2021 की शर्तों को पूरा नहीं करते पाए गए हैं। अब राज्य सरकार को इनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लेना है। जानकारी के अनुसार, इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने के आधार पर जूनियर कोच (OSP) के पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि 2021 में लागू सेवा भर्ती नियमों के तहत यह अनिवार्य है कि संबंधित खिलाड़ी ने ओलंपिक में शामिल खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। जांच में सामने आया कि 44 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया है, जिससे वे नियमों के तहत अयोग्य हो गए। कोर्ट पहुंचा था मामला खेल विभाग ने पिछले साल इन खिलाड़ियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां प्रिया सांगवान केस के आधार पर खिलाड़ियों को अस्थायी राहत मिल गई थी। लेकिन खेल विभाग ने इस आदेश के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिस पर स्टे हटा लिया गया। अब विभाग को कानूनी रूप से निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।   नौकरी पर मंडराया खतरा सूत्रों के मुताबिक, मामले में कानूनी सलाह लेने के लिए फाइल एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजी गई है। यदि वहां से कोई राहत नहीं मिलती है तो इन 44 खिलाड़ियों को नौकरी से हटाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट का फैसला विभाग के पक्ष में आ चुका है, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले विधिक राय लेना आवश्यक है। आवेदन रद्द होने खुला भेद इस मामले से जुड़ा एक और पहलू भी सामने आया है। खेल विभाग ने 2018 की नीति और 2021 के नियमों के तहत कुल 77 खिलाड़ियों को नियुक्त किया था। इनमें से करीब 50 अन्य खिलाड़ियों के आवेदन पहले ही खारिज कर दिए गए थे, जिसके बाद उन्होंने भी कोर्ट का रुख किया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 44 जूनियर कोचों को अनजाने में नियुक्ति दे दी गई थी। 

गरियाबंद : आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की जांच हेतु समिति गठित

गरियाबंद : आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की जांच हेतु समिति गठित वर्ष 2022-23 से 2024-25 की निविदा एवं भौतिक तथा वित्तीय स्थिति की होगी समीक्षा गरियाबंद  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बीएस उइके ने आदिम जाति कल्याण विभाग जिला गरियाबंद में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में विभिन्न निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया एवं भौतिक तथा वित्तीय स्थिति की जांच करने के लिए समिति गठन किया गया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी होंगे। उक्त जांच समिति निर्माण कार्यों की स्वीकृत विभिन्न कार्य के निविदा प्रक्रिया तथा वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

रायपुर: नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, मुख्यमंत्री ने दी छात्रों को सपनों को उड़ान

रायपुर : मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना : सपनों को मिली नई उड़ान आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ रायपुर  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माणी श्रमिक श्रीमती चंदा बाई साहू, पति श्री हरिशंकर साहू, निवासी ग्राम सिंधौरीकला, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना आशा की किरण बनकर आई है। श्रीमती चंदा बाई साहू एक निर्माणी श्रमिक (रेजा) के रूप में कार्य करती हैं तथा उनके पति भी दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण उच्च शिक्षा का सपना अधूरा प्रतीत हो रहा था। इसी बीच श्रम विभाग से संपर्क के दौरान उन्हें निर्माणी श्रमिकों के बच्चों हेतु संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली।   योजना के अंतर्गत उनके पुत्र श्री भूषण साहू, जो कि CIPET कॉलेज, रायपुर में डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी (द्वितीय वर्ष) में अध्ययनरत हैं, के लिए आवेदन किया गया। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाईन आवेदन करने के कुछ ही दिवसों में राशि रूपये 82,496/ सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही के खाते में प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ।     हितग्राही श्रीमती चंदा बाई साहू ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को पढ़ाने का सपना अधूरा लग रहा था, परंतु योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार को संबल दिया। वहीं, पिता श्री हरिशंकर साहू ने कहा कि वे चाहते थे कि उनका बेटा मजदूरी के बजाय शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़े और आत्मनिर्भर बने। योजना से मिली सहायता से उनका यह सपना साकार हो रहा है।    श्रम पदाधिकारी श्री नंदकिशोर साहू ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों-सामान्य एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरतकृको पात्रता अनुसार सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 467 तथा 2025-26 में 505 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है। आगामी वर्षों में सभी पात्र बच्चों को लाभांवित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इच्छुक हितग्राही “श्रमेव जयते” ऐप अथवा जिला एवं जनपद पंचायतों में स्थापित श्रम संसाधन केंद्रों से निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं। श्री हरिशंकर साहू ने  मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, श्रम मंत्री, जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य प्रदान कर रही है। यह कहानी प्रमाण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब ज़मीन तक पहुंचती हैं, तो श्रमिक परिवारों के सपनों को नई दिशा और उड़ान मिलती है।