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रायपुर में चिरायु योजना से नित्या राजवाड़े को नया जीवन मिला, मिली जान की राहत

रायपुर कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पतरापाली निवासी नित्या राजवाड़े (उम्र 4 वर्ष 7 माह),  जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। नित्या का नाम आंगनबाड़ी केंद्र पतरापानी-1 में दर्ज है। जन्म से ही नित्या को कमजोरी, जल्दी थकान, सांस लेने में तकलीफ तथा बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या रहती थी। चिरायु टीम द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सक द्वारा जांच कर जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच उपरांत जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद उच्च संस्थान एम.एम.आई. नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के लिए रेफर किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या को नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती कराया गया। आवश्यक जांचों के पश्चात सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद नित्या को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या का संपूर्ण उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया गया। वर्तमान में नित्या राजवाड़े पूरी तरह स्वस्थ है। नित्या के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने चिरायु टीम, पटना सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया है।

गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित मैनपुर विकासखण्ड के स्कूल भवनों की गुणवत्ता व प्रगति की होगी जांच गरियाबंद  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री बीएस उइके ने दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित शीर्षक स्कूलों की सामने की दीवार चमाचक अंदर फिनिशिंग का काम अधुरा छोड़ा खबर प्रकाशित का संज्ञान लेते हुए तथा उक्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पूर्णता के संबंध में विभिन्न सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त होने पर मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत स्कूल जतन योजना के तहत निर्मित समस्त स्कूलों, भवनों की शिकायतों की जांच हेतु जांच समिति का ओदश जारी किया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मैनपुर, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामिण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी शामिल है। उनके द्वारा स्कुल जतन योजना के तहत स्वीकृत समस्त कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच मय फोटोग्राफ के 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

ठंड–कोहरे का असर: पंजाब में बदलेगा स्कूलों का टाइमिंग, शिक्षा विभाग अलर्ट

फाजिल्का पंजाब के स्कूलों का समय बदलने को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी के नेता दुपिंदर ढिल्लो, कुलदीप सिंह सभ्रवाल, बलविंदर सिंह, जगनंदन सिंह, परमजीत सिंह सोरेवाला, इंकलाब सिंह गिल, सुरिंदर कंबोज, गुरमीत सिंह ढाबा, हरजिंदर सिंह धालीवाल ने घने कोहरे व मौसम में अचानक हुए बदलाव को देखते हुए पंजाब सरकार व डिप्टी कमिश्नर फाजिल्का से स्कूलों के समय में बदलाव की मांग की है।  उन्होंने कहा कि फाजिल्का जिले के अध्यापक पूरे पंजाब के अलग-अलग जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और फाजिल्का के भी बहुत से अध्यापक ऐसे हैं जो आस-पास के दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और रोजाना अप-डाउन भी करते हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों में हुए बहुत ही भयानक हादसों के कारण हमारे अध्यापक साथियों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। मौसम में अचानक आए बदलाव और घने कोहरे की वजह से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के इंतज़ाम और आने-जाने के इंतजाम को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदला जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।  उन्होंने कहा कि घने कोहरे और ठंड की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की सेहत का ध्यान रखना हमारी पहली ज़िम्मेदारी है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी फाजिल्का के नेताओं ने कहा कि इस हालात को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने का समय बदलकर सुबह 10 बजे किया जाना चाहिए। इस मौके पर अमनदीप सिंह, धरमिंदर गुप्ता, सुखविंदर सिंह सिद्धू, अशोक सरारी, सुनील गांधी, अमन बराड़, सतिंदर सचदेवा, दलीप सिंह सैनी, निशांत अग्रवाल, सुखविंदर गांधी और दूसरे नेता मौजूद थे। 

भोपाल के पांच प्रमुख रूटों पर दौड़ेंगी ई-बसें, यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV निगरानी, विशेष वर्ग को मिलेगी राहत

भोपाल शहर में मार्च-अप्रैल-26 में संचालित होने वाली ई-बसें पांच रूटों पर चलेंगी। इन रूटों पर चलने वाली 100 बसों में 80 हजार से ज्यादा यात्रियों को लाभ मिलेगा। 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च इन बसों के संचालन एवं चार्जिंग के लिए कस्तूरबा नगर व संत हिरदाराम नगर में अत्याधुनिक डिपो के निर्माण, विद्युत सहित अन्य कामों पर करीब 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च किए जा रहे हैं। यह जानकारी शनिवार को फंदा में विक्रमादित्य स्वागत द्वार और ई-बस सेवा के लिए डिपो के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर मालती राय ने दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों में केन्द्र शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर सहित चढ़ने के लिए आटोमेटिक लिफ्ट प्रावधानित है। होंगी ये सुविधाएं इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा एवं विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में आधुनिकतम आईटीएमएस व्यवस्था अंतर्गत बसों की रीयल टाइम ट्रेकिंग, सीसीटीवी कैमरा का लाइव फील्ड, जीपीएस डिवाइस, पेनिक बटन, पैसेंजर काउंटर एवं पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम संस्थापित किए जाएंगे। लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल करेंगे और जनसंख्या घनत्व के मान से पांच रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।  

गौरेला पेंड्रा मरवाही : राजमेरगढ़ में स्टार गेज़िंग एडवेंचर का आयोजन : प्रतिभागियों ने खगोलीय पिंडों का किया अवलोकन

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला प्रशासन और बनमनई ईकोकेअर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में शनिवार को स्टार गेज़िंग एडवेंचर का आयोजन किया गया। ’जेमिनिड्स मीटियोर शॉवर (उल्का वृष्टि) स्टार गेज़िंग एडवेंचर’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन खगोल विज्ञान और प्रकृति अन्वेषण का एक अद्भुत संगम रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने जेमिनिड्स मीटियोर शॉवर के शानदार नजारे का दीदार किया। मुख्य आकर्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन विशेषज्ञ एवं एमेच्योर एस्ट्रोफोटोग्राफर देवल सिंह बघेल द्वारा प्रतिभागियों को रात में इस आकशीय घटना की वैज्ञानिक व्याख्या दी गई। उन्होंने बताया कि जैमिनीड्स उस विशेष उल्का समूह का नाम है जो जेमिनी (मिथुन) नक्षत्र की दिशा से आता हुआ दिखाई देता है। ये उल्कवृष्टि पूरे वर्ष भर में होने वाले अनेक उल्का वृष्टि में सर्वाधिक सघन और आकर्षक माना जाता है। जैमिनी कांस्टेलेशन की सीध में सौरमंडल में विद्यमान एस्टेरॉयड बेल्ट में स्थित रॉक कॉमेट “3200 पायथन“ के टुकड़े इस दौरान पृथ्वी की सीध में आने के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं और घर्षण के कारण जल उठते हैं, जिससे टूटते हुए तारे की अविस्मरणीय अनुभूति प्राप्त होती है।                   सभी प्रतिभागियों ने कड़कड़ाती ठंड में अलाव की आंच का लुत्फ लेते हुए रात भर में लगभग 100 से अधिक उल्कापिंड देखे, जो कि बहुत ही आकर्षक रहा। इसके साथ ही अत्याधुनिक टेलीस्कोप के माध्यम से बृहस्पति और उसके चंद्रमा, शनि के छल्ले, ओरियन, प्लेयडीज सहित प्रमुख नक्षत्र जैसे नेबुला, तारा समूह, एंड्रोमेडा गैलेक्सी और अन्य खगोलीय पिंडों का अवलोकन भी किया गया। देवल सिंह बघेल ने अत्यंत रोचक और सरल भाषा में नक्षत्रों की पहचान, तारों की संरचना, तापमान और आयु, ग्रहों की कक्षाएं और गति, ध्रुवतारा से दिशा निर्धारण, आकाशगंगा की संरचना के बारे में विस्तार से बताया। पर्यावरणविद् संजय पयासी द्वारा मैकल पर्वतमाला की जैव विविधताओं और संरक्षण पर जानकारी दी गई, जिससे प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान को एक साथ जानने का अवसर मिला।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के परिसरों पर बड़ी कार्रवाई, 12 ठिकानों पर छापेमारी, परिजनों से पूछताछ

पंजाब  पंजाब की राजनीति से जुड़े एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, आज सुबह कांग्रेस के सीनियर नेता के घर-आफिस सहित 12 ठिकानों पर रेड हुई है। मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता और उद्यमी रमिंदर आंवाला के घर पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड की और इस दौरान उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, गुरुहरसहाय में टीमें तड़के करीब 6 बजे विधायक रमिंदर आंवला के घर पर पहुंच गई थीं। इस दौरान उनके घर सहित 12 ठिकानों पर ED की 7 टीमों ने पहुंच कर जांच की। बताया जा रहा है कि, विधायक से उनके बिजनैस और इनकम का ब्यौरा मांगा जा रहा है। गौरतलब है कि, रमिंदर सिंह आंवला 2019 में जलालाबाद से उपचुनाव के दौरान विधायक बने थे। बता दें कि सुखबीर बादल के सांसद चुने जाने के बाद ये सीट खाली हो गई थी जिसके बाद यहां पर उप चुनाव हुआ था। लेकिन 2022 में चुनाव के दौरान रमिंदर सिंह चुनाव आर गए।  

रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और पशुधन संवर्धन की मिसाल- ग्राम सेमरा बी के कीर्तन निषाद की प्रेरक पहल

रायपुर पर्यावरण संरक्षण और पशुधन हित (पशु कल्याण) आपस में जुड़े हैं, जहाँ पशुधन से ग्रीनहाउस गैस (मीथेन), भूमि क्षरण और जल प्रदूषण होता है, वहीं सतत पशुधन प्रबंधन (जैसे बेहतर चारा, एंटीबायोटिक का विवेकपूर्ण उपयोग) इन प्रभावों को कम कर सकता है, साथ ही जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की रक्षा भी कर सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संतुलन में मदद मिलती है। वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में आई कमी           पर्यावरण संरक्षण, पशुधन हित और सतत कृषि की दिशा में धमतरी जिले के विकासखण्ड कुरूद के ग्राम सेमरा बी के प्रगतिशील पशुपालक एवं कृषक कीर्तन निषाद द्वारा किया गया कार्य एक उल्लेखनीय शासकीय सफलता की कहानी के रूप में उभरकर सामने आया है। उनकी दूरदर्शी सोच और जागरूक प्रयासों से लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में फैले पैरा (फसल अवशेष) को सुरक्षित रूप से उनके भाठा में एकत्रित किया गया, जिससे पराली जलाने की हानिकारक परंपरा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकी।  पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण, भूमि की उर्वरता में कमी तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं कीर्तन निषाद की इस पहल ने इन सभी समस्याओं का व्यवहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत किया है। उनके प्रयासों से वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में कमी आई, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ वायु का लाभ मिला। यह पहल शासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के उद्देश्यों के पूर्णतः अनुरूप है। पशुओं के पोषण स्तर में सुधार                इस नवाचारी प्रयास का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष पशुधन संवर्धन से जुड़ा है। एकत्रित पैरा से क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त सूखे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हुई, जिससे पशुपालकों को चारे की कमी की समस्या से राहत मिली। इससे न केवल पशुओं के पोषण स्तर में सुधार हुआ, बल्कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। यह पहल आत्मनिर्भर पशुपालन और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल           कीर्तन निषाद की यह उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शासन की नीतियों, जनजागरूकता और व्यक्तिगत पहल के समन्वय से बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। उनकी सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और किसानों-पशुपालकों के हित में की गई यह पहल अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। निःसंदेह, ग्राम सेमरा बी की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, पशुधन विकास और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल है, जिसे अपनाकर अन्य ग्राम भी स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

रामविलास वेदांती का निधन, राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार ने छोड़ी दुनिया, शोक की लहर

रीवा   राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार और अयोध्या से पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन हो गया है. उन्होंने मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही अयोध्या सहित पूरे संत समाज और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. जानकारी के अनुसार डॉ. रामविलास दास वेदांती मध्य प्रदेश के रीवा जनपद में प्रवास पर थे. इसी दौरान बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. चिकित्सकों द्वारा लगातार उपचार के प्रयास किए गए, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. डॉ. वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी चेहरों में गिने जाते थे और उन्होंने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. अयोध्या से सांसद रहते हुए उन्होंने संसद से लेकर सड़कों तक राम मंदिर निर्माण की आवाज को मजबूती से उठाया. उनके निधन को संत समाज और राम भक्तों के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश से उनका पार्थिव शरीर लेकर उनके उत्तराधिकारी और सहयोगी थोड़ी देर में अयोध्या ले जाया जाएगा. अयोध्या पहुंचने के बाद उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी. उनके निधन पर कई संतों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. रामविलास वेदांती महाराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि डॉ. रामविलास वेदांती का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना एक युग का अवसान है. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि धर्म, समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित संत वेदांती का त्यागमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्राप्त हो और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को इस अथाह दुःख को सहन करने की शक्ति मिले.

राजस्थान सियासत में स्टिंग का तूफान, सत्ता और विपक्ष दोनों की हालत हुई खराब

जयपुर  राजस्थान की सियासत में  ऐसा भूचाल आया कि सत्ता और विपक्ष दोनों की ज़मीन हिल गई। विधायक निधि से काम स्वीकृत करने के बदले कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सामने आते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पलभर की देरी किए बिना सख्त और निर्णायक कार्रवाई कर दी। तीन विधायकों के विधायक निधि खातों को तत्काल फ्रीज कर दिया गया और पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी। यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि राजनीति में एक साफ संदेश है भ्रष्टाचार में कोई रंग, कोई दल, कोई ओहदा नहीं देखा जाएगा।” विधायक निधि घोटाले में खींवसर से भाजपा विधायक रेवतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विधायक निधि से काम स्वीकृत कराने के बदले कमीशन की मांग की। जैसे ही मामला सार्वजनिक हुआ, सरकार हरकत में आई और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के फंड पर ताला लगा दिया गया। बता दे की विधायक निधि में भ्रष्टाचार को लेकर अब तक का सबसे बड़ा स्टिंगनुमा खुलासा हुआ है, जिसमें विकास कार्यों की अनुशंसा के नाम पर माननीयों द्वारा खुलेआम 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का दावा किया गया है। इस स्टिंग में एक डमी फर्म के प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क कर खुद को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से संबद्ध बताते हुए विधायक निधि से स्कूलों में दरी/कारपेट सप्लाई का प्रस्ताव रखा। न तो काम की वास्तविक जरूरत पर चर्चा हुई और न ही लागत पर विधायकों का फोकस केवल एक सवाल पर रहा कि “हमें कितना प्रतिशत मिलेगा?” स्टोरी के मुताबिक खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने 40 प्रतिशत कमीशन के बदले 50 लाख रुपए का काम देने की बात कही, वहीं हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 50 हजार रुपए एडवांस लेकर 80 लाख रुपए के काम का अनुशंसा पत्र जारी कर दिया। उधर, बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख रुपए की डील फाइनल करने का दावा किया। डांगा और अनीता की ओर से जिला परिषद के सीईओ के नाम अनुशंसा पत्र भी दिए गए। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में प्रत्येक विधायक को ‘विधानसभा सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना’ के तहत सालाना 5 करोड़ रुपए मिलते हैं, जिसका उद्देश्य जनकल्याण है, न कि कमीशनखोरी। पड़ताल में विधायक निधि में कमीशनखोरी की तस्वीर और भी बेनकाब होती दिखी। खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने रिपोर्टर से बातचीत में न सिर्फ सौदे की खुली बातचीत की, बल्कि अधिकारियों को “थोड़ा-थोड़ा देने” की बात भी कही। डांगा ने 10 लाख रुपए एडवांस लेने और 50 लाख रुपए का अनुशंसा पत्र देने की पेशकश करते हुए कहा कि कई कामों में तो 40 प्रतिशत कमीशन चलता है। जब रिपोर्टर ने 25 से 30 प्रतिशत की बात की, तो डांगा ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वे पूरा सिस्टम समझते हैं और अधिकारियों को राजी करना पड़ेगा, वरना वे अड़ंगा लगा देंगे। दूसरी ओर, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने अधिकारियों द्वारा पहले काम अटकाने की शिकायत करते हुए सीधे डील पर हामी भरी। जयपुर स्थित आवास पर बातचीत के दौरान उनके करीबी पवन शर्मा ने सौदे की कमान संभाली। 40 प्रतिशत कमीशन पर सहमति बनी, 50 हजार रुपए का टोकन लिया गया और अनीता जाटव ने 80 लाख रुपए के काम का साइन किया हुआ अनुशंसा पत्र थमा दिया। वहीं, बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने बजट का हवाला देते हुए सीधे डील से दूरी बनाई, लेकिन उनके पति ऋषि बंसल ने अलग कमरे में रिपोर्टर से बातचीत कर 40 लाख रुपए की डील फाइनल कर दी। बातचीत में जिला परिषद के सीईओ को “देख लेने” की बात कही गई, हालांकि टोकन के तौर पर दिए गए 50 हजार रुपए यह कहकर लौटा दिए गए कि काम होने पर ही रकम ली जाएगी। यह पूरी बातचीत विधायक निधि को जनकल्याण की योजना से ज्यादा कमीशनखोरी का जरिया बनाने की मानसिकता को उजागर करती है, जिसने राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर साफ शब्दों में कहा कि विधायक निधि में भ्रष्टाचार के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्णत: जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। सीएम ने दो टूक कहा“जनता का पैसा जनकल्याण के लिए होता है, किसी की जेब भरने के लिए नहीं। दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” सीएम के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता मुख्य सतर्कता आयुक्त (ACS गृह) भास्कर सावंत करेंगे। समिति में पंचायतीराज सचिव जोगाराम और वित्त (बजट) सचिव राजन विशाल सदस्य होंगे, जबकि विशिष्ट शासन सचिव गृह मनीष गोयल को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति को स्पष्ट निर्देश हैं कि 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए। जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं होगा। घोटाले की आंच कांग्रेस तक पहुंचते ही पार्टी के भीतर भी हलचल तेज हो गई। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हिंडौन विधायक अनीता जाटव के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर 7 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस तीन सदस्यीय जांच समिति बनाएगी। यदि विधायक दोषी पाई जाती हैं, तो संगठनात्मक स्तर पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधायक जनता के ट्रस्टी होते हैं और विधायक निधि में भ्रष्टाचार लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि दोषी चाहे किसी भी दल का हो, उसे बख्शा न जाए और पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को सदाचार समिति को सौंपते हुए शीघ्र रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारों का दुरुपयोग लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है और दोषियों पर कार्रवाई तय है। वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम के त्वरित एक्शन को सराहनीय बताते हुए निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई। विधायक निधि घोटाला अब सिर्फ एक जांच … Read more

मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को होगी धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का बड़ा आयोजन

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का शानदार आयोजन: मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, विजेताओं को आकर्षक नगद पुरस्कार छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना  रजत जयंती वर्ष पर विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 8 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की भव्य श्रृंखला आयोजित कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों, रिसॉर्ट्स और पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में रचनात्मक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इसी कड़ी में पर्यटन बोर्ड 19 दिसंबर 2025 को सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित करमा रिसॉर्ट में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 7 हजार रुपये नगद, द्वितीय को 5 हजार रुपये तथा तृतीय को 3 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी भेंट किए जाएंगे। प्रचार सामग्री में स्थान और व्यापक पहचान का अवसर प्रतियोगिता के दौरान कैद किए गए छायाचित्रों और वीडियो को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। ये आयोजन न केवल स्थानीय पर्यटन को गति देंगे, बल्कि युवाओं में लोककला के प्रति उत्साह भी जगाएंगे। पर्यटन बोर्ड ने राज्य के युवाओं, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। विस्तृत जानकारी के लिए +91-93991-61360 पर संपर्क किया जा सकता है।