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मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने अमित शाह से की मुलाकात, राज्य की विकास योजनाओं पर चर्चा

भोपाल  प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मुख्यमंत्री पद पर दो साल का कार्यकाल पूरा होने के एक दिन बाद, रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से आधिकारिक मुलाकात की। दोनों नेताओं की बैठक को अहम माना जा रहा है।  बताया जा रहा है कि सीएम यादव ने बैठक में अमित शाह को प्रदेश की विकास योजनाओं, कानून‑व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रगति के बारे में जानकारी दी। इस मुलाकात का समय विशेष महत्व रखता है क्योंकि मुख्यमंत्री यादव ने हाल ही में अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए नक्सलवाद को राज्य से पूरी तरह समाप्त करने जैसी बड़ी सफलता को अपनी अवधि की प्रमुख उपलब्धि बताया।  मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार मुख्यमंत्री ने हाल ही में सभी मंत्रियों की समीक्षा की है। मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा गया लेकिन सरकारी सूत्र कहते हैं कि, श्री अमित शाह के निर्देश पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी मंत्रियों की फाइल बनाई है। इसमें सबके पॉजिटिव और नेगेटिव है। विजय शाह जैसे मंत्रियों के बारे में भी फैसला लेना है। और फिर सबको एडजस्ट भी करना है। वर्तमान में मुख्यमंत्री के पास 15 विभाग है। गृह मंत्रालय को फुल टाइमर मंत्री की जरूरत है। इसके अलावा निगम मंडल की जो लिस्ट तैयार हो गई है, इसकी घोषणा भी करनी है। दोनों के बीच बातचीत का यह सबसे प्रमुख मुद्दा रहा होगा।  शिवराज सिंह चौहान पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अपने आप में एक बड़ा मुद्दा बन गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री होने के बावजूद वह नियमित रूप से मध्य प्रदेश में एक्टिव है और अपने नेटवर्क के संपर्क में है। पिछले दिनों उन्होंने अपने समाज के सम्मेलन में "यह सरकार मैंने बनाई, मुख्यमंत्री मुझे बनना चाहिए था" जैसा कुछ बोल गए थे। हाल ही में उन्होंने, केंद्रीय नेतृत्व से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की शिकायत की है। कहा तो यह भी जा रहा है कि उन्होंने बिल्कुल लास्ट मिनट पर भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि बनूँगा तो मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनूँगा, नहीं तो कृषि मंत्री ही ठीक हूं। यही कारण है कि, चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई और नितिन नवीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनना पड़ा।  राज्य के विकास और केंद्र से सहयोग पर चर्चा पिछली कई मुलाकातों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, सहकारिता, नक्सल मुक्ति जैसी उपलब्धियों की समीक्षा और केंद्र से फंडिंग/प्रोजेक्ट्स पर बात हुई है। हाल ही में मध्य प्रदेश को नक्सल-मुक्त घोषित किया गया है, जिसे सीएम ने अमित शाह और पीएम मोदी की नीतियों का श्रेय दिया है। अब इसका फायदा भी उठाना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया दूसरे केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पिछले कुछ दिनों में काफी तेजी से एक्टिव हुए हैं। पिछले दिनों उन्होंने अपनी पॉलिटिकल टेरिटरी का ऐलान कर दिया था। इसमें लगभग 30% मध्य प्रदेश आता है। ग्वालियर में प्रभारी मंत्री के नाम पर बैठक बुलाई जाती है और फिर स्वयं बीच की कुर्सी पर बैठकर एक महाराज की तरह अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हैं। इस समस्या का समाधान भी चाहिए।  बढ़ता हुआ विरोध और उसका समाधान पिछले दिनों स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा था, वह मार्गदर्शन के लिए अक्सर दिल्ली जाते हैं। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में मोहन सरकार का विरोध बढ़ रहा है। इस आग को भड़काने वालों में श्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के अलावा श्री शिवराज सिंह चौहान, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ प्रचारक और भारतीय जनता पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में खुले तौर पर कहा जा रहा है कि 2028 का विधानसभा चुनाव डॉ मोहन यादव की लीडरशिप में नहीं लड़ा जाएगा।

खजुराहो: गौतम रिसॉर्ट में सब्जी से 4 की मौत, कलेक्टर के निर्देश पर होटल का खाद्य लाइसेंस निलंबित

खजुराहो  खजुराहो के गौतम होटल्स एंड रिसॉर्ट्स में भोजन कर बीमार पड़े नौ कर्मचारियों में से चार की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया है। होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे को नोटिस दिया है। पूछा है कि वीवीआइपी कार्यक्रम होने के बाद भी होटल में फूड सैंपलिंग में लापरवाही क्यों बरती गई? कलेक्टर ने 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। कलेक्टर के निर्देश पर बड़ा फैसला मामले में सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि होटल में चार लोगों की मौत के बाद कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में यह फैसला लिया गया। एक टीम होटल की जांच के लिए भेजी गई है। रिपोर्ट के बाद तय होगा कि खाने में जहरीला पदार्थ था या नहीं। फिलहाल फूड पॉइजनिंग के आधार पर होटल का लाइसेंस निलंबित किया गया है। खजुराहो में थी सरकार खजुराहो में कैबिनेट मीटिंग के चलते सीएम, मंत्री और प्रदेश के शीर्ष अधिकारी भी थे। रिपोर्ट आने के बाद हकीकत सामने आ सकेगी घटना के बाद मृतकों के विसरा और केमिकल सैंपल लिए गए थे, जिनको जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही लोगों की मौत की हकीकत सामने आ सकेगी। लंबे समय से होटल के पिछले हिस्से में रहते थे यह कर्मचारी लंबे समय से होटल के पिछले हिस्से में रहते थे और होटल में हाउस कीपिंग व गार्डनिंग का काम करते थे। इलाज के दौरान ग्वालियर में 20 साल के हार्दिक ने शनिवार को दम तोड़ दिया था। इससे पहले रामस्वरूप कुशवाह, प्रागीलाल कुशवाह, गिरिजा रजक की पहले ही मौत हो गई थी।  अपर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे को जिले में लगातार वीवीआइपी मूवमेंट होने के बावजूद खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की कार्रवाई के संबंध में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही अपर कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी से 15 दिसंबर 2025 को शाम चार बजे तक स्पष्टीकरण भी मांगा है। 

जबलपुर में संदिग्ध जमाती पकड़े गए, पठानी मोहल्ला की ओर जा रहे थे, पुलिस ने थाने लाकर की कार्रवाई

जबलपुर  पनागर में रविवार को सात जमाती मिले। उनके पास बड़े-बड़े कई बैग थे, जिनके अंदर मुस्लिम धर्म से संबंधित साहित्य रखे थे। हिंदू संगठनों ने जमातियों को छिपते हुए पनागर पहुंचते देखा। गतिविधि संदिग्ध प्रतीत होने पर बातचीत का प्रयास किया। उनका व्यवहार और भाषा अजीब लगने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बुलाया। पुलिस जमातियों को पकड़कर थाने ले गई। उनके बैग के सामान, पहचान पत्र की जांच की गई है। पूछताछ में जमातियों ने दिल्ली से जबलपुर आने और फिर पन्ना जाने की जानकारी दी। उनके प्रवास के दौरान गतिविधियों के बारे में और वे जबलपुर और पनागर में किनसे मिले हैं, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। एक साइकिल और 20 से ज्यादा बड़े बैग बजरंग दल के कार्यकर्ता रविवार को दोपहर में पनागर के शिशु मंदिर के पास एक गोशाला में थे। तभी उन्होंने देखा कि पठानी मोहल्ला की ओर से सात लोग जा रहे हैं। इनके पास एक पुरानी साइकिल और 20 बड़े थैले थे। अपरिचित चेहरे और बड़े-बड़े थैले देखकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने रोका। आरोप है कि पनागर में उनका कोई कार्यक्रम नहीं था। फिर भी पठानी मोहल्ले पहुंचे थे। जमातियों की भाषा भी अजीब है। गोहलपुर की मस्जिद में ठहरे, पन्ना जा रहे थे पुलिस पूछताछ में जमातियों ने बताया कि वे दिल्ली से बस से झांसी पहुंचे थे। उसके बाद सागर और फिर शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे थे। जबलपुर में जमाती गोहलपुर की एक मस्जिद में रुके थे। जिन जमातियों से पूछताछ की गई है उनमें मोहम्मद इमरान, शाहिद अली, मोहम्मद उमर, सुहैल अरशी, मोहम्मद अरशद, शाहबुद्दीन और महमूद खान शामिल हैं। इनमें से कुछ ने स्वयं को पूर्वी दिल्ली और कुछ ने झांसी का निवासी होना बताया है।

पंजाब में खेलों का नया दौर, मान सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, खेल विकास को मिलेगी बढ़त

चंड़ीगढ़ पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए मान सरकार बड़े कदम उठा रही है। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब सरकार पंजाब में ऐसा माहौल खड़ा कर रही है जिससे युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहे है। पंजाब की मान सरकार ने युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय किया हैं। सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है।  जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार अपने बजट में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। मान सरकार की अब राज्य के क़रीब 13,000 गाँवों में आधुनिक खेल के मैदान बनाने की योजना है। इसके तहत ग्रामीण स्टेडियमों का पूर्ण नवीनीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 3,083 गाँवों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। यह खेल स्टेडियम अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई और भी बड़ी पहल की हैं, जैसे नई खेल नीति, 'खेडां वतन पंजाब दियां' टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स नर्सरियों की स्थापना।  नई खेल नीति 2023 का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन और उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना है, इस नीति के तहत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाता है 'खेडां वतन पंजाब दियां' एक वार्षिक खेल टूर्नामेंट है जिसकी शुरुआत मान सरकार ने की थी, इसके तीसरे संस्करण (2024) में 37 खेलों में लगभग 5 लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही मान सरकार 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं दी जाएंगी। हेरीटेज खेलों पर से प्रतिबंध हटाकर सरकार ने बैलगाड़ी दौड़, कुत्ते दौड़ और घुड़दौड़ जैसे पारंपरिक हेरीटेज खेलों की शुरुआत भी की है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा अब पूरा हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही पंजाब के हर गाँव में अत्याधुनिक स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएँगे। पंजाब सरकार शहरों और गांवों में हर उम्र के लिए खेल और जिम की सुविधा उपलब्ध कराएगी जिससे पंजाब सेहतमंद भी बनेगा। ये सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि नशे से जूझते युवाओं के लिए जीवन की नई शुरुआत है। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई देगा। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर राज्य का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। पंजाब की धरती ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। हॉकी के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। अब मान सरकार रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से एथलेटिक्स में राज्य के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। मान सरकार का यह कदम आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगा, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।

भोपाल AIIMS: डॉ. रश्मि के आत्महत्या प्रयास में ब्रेन डैमेज, डॉ. यूनुस को HOD पद से हटाया गया

भोपाल  राजधानी भोपाल में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में संस्थान में हड़कंप मचाकर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई लेवल कमेटी गठित की गई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। साथ ही, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया है। आपको बता दें कि, ये हैरान कर देने वाली घटना 11 दिसंबर की रात की है। यहां डॉ. रश्मि वर्मा ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के बाद एनेस्थीसिया की हाई डोज खुद को इंजेक्ट कर लिया था। इससे उनका दिल करीब 7 मिनट तक बंद रहा, जिससे उनके दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा है। एमआरआई रिपोर्ट में ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन डैमेज की पुष्टि हुई है। मौजूदा समय में डॉ. रश्मि वर्मा वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। इलाज में जुटे चिकित्सकों की मानें तो उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। HOD पद से हटाए गए डॉ. यूनुस एम्स प्रबंधन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच आपात बैठक हुई, जिसमें मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान चर्चा हुई कि, डॉ. यूनुस पर पहले भी डॉक्टरों को प्रताड़ित करने के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते उन्हें पद से हटाया गया है। संस्थान के सूत्रों के अनुसार, कार्यस्थल पर तनाव और प्रताड़ना के आरोपों की जांच की जा रही है। एम्स प्रबंधन ने मामले पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

राशन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: हरियाणा में बनेंगे 4,000 नए डिपो, वितरण होगा आसान

चंडीगढ़  प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार प्रदेशभर में करीब 4 हजार नए राशन डिपो खोलने की योजना पर काम कर रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के अनुसार हर जिले और गांव में 500 राशन कार्ड पर एक नया राशन डिपो स्थापित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही राशन उपलब्ध हो सकेगा। इस प्रस्ताव के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कुल नए डिपो में से लगभग 33 प्रतिशत, यानी करीब 1320 डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रखने की योजना है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। हालांकि, योजना को लागू करने से पहले कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। इनमें पात्रता के नियम, आवेदन की शर्तें, जांच प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियां शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन प्रक्रियाओं के दौरान आवश्यकतानुसार कुछ बदलाव भी संभव हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जनवरी माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं। खाद्य आपूर्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट अश्वनी कुमार ने बताया कि नए डिपो खोलने के प्रारंभिक प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी के अंत तक नए राशन डिपो के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।   वर्तमान स्थिति की बात करें तो हरियाणा में इस समय 9247 राशन डिपो संचालित हैं। इन डिपो के माध्यम से 40 लाख 69 हजार से अधिक परिवारों को राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिनमें कुल 1 करोड़ 59 लाख से ज्यादा सदस्य पंजीकृत हैं। राज्य में पीला (BPL), गुलाबी (AAY) और खाकी श्रेणी के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। पीले कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं, 2 लीटर तेल और 1 किलो चीनी मिलती है, जबकि गुलाबी कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो गेहूं, 2 लीटर सरसों का तेल और 1 किलो चीनी दी जाती है। नए डिपो खुलने से राशन वितरण व्यवस्था और अधिक सुगम व पारदर्शी होने की उम्मीद है।

भोपाल के पास मंडीदीप में हाई टेंशन लाइन को लेकर विरोध, नहार स्पिनिंग मिल्स के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन

भोपाल के पास मंडीदीप में हाई टेंशन लाइन को लेकर विरोध, नहार स्पिनिंग मिल्स के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन मंडीदीप,रायसेन  नहार स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपनी दूसरी यूनिट खोलने की तैयारी के तहत नेशनल हाईवे नंबर 46 को क्रॉस करते हुए हाई टेंशन पावर लाइन ले जाए जाने का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। इस प्रस्तावित हाई टेंशन लाइन को लेकर क्षेत्र के मजदूरों और रहवासियों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए आपत्ति जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे के ऊपर से और रिहायशी इलाके के नजदीक से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइन से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहेगी। इसी चिंता को लेकर आज मंडीदीप इलाके में नहार कंपनी के खिलाफ मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने अपने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर वंदे मातरम के नारे लगाए और देशभक्ति गीत गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंपनी इस हाई टेंशन लाइन को वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग से ले जाए या फिर स्थानीय लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस योजना पर पुनर्विचार करे।  इस पूरे मसले पर नहार कंपनी से बात करनी चाही तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से बचते हुए मिलने से ही इनकार कर दिया. सवाल ये है कि क्या किसी भी फैक्ट्री के ऊपर से हाइ पावर एक्सटेंशन लाइन ले जाई जा सकती है..? अगर भविष्य में इससे कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार कौन होगा..? क्या इसके लिए नेशनल हाइवे ऑटोरिटी और पावर डिपार्टमेंट से परमिशंस ली गई हैं..? क्या जिस प्राइवेट लैंड पर विशालकाय गड्ढे किए जा रहे हैं उन लैंड ओवर्स की परमिशन ली गई हैं..?  और सबसे बड़ा सवाल अलग फैक्ट्री डालने के लिए कंपनी अलग पावर स्टेशन क्यों नहीं बना रही है.?? इस तरह के कई सवाल हवा में तैर रहे हैं और जल्द ही इन सवालों की जवाबदेही तय नहीं हुई तो भविष्य में इस हाइटेंशन लाइन की वजह से संभावित हादसों की आशंका बढ़ती हुई नजर आ रही है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले इस मामले का समाधान निकाला जा सके। फिलहाल विरोध शांतिपूर्ण रहा और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी…!

भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देश के प्रति सरदार पटेल की सेवाएं व योगदान बना चिरस्मरणीय अध्यायः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहाः सीएम योगी  वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देशः सीएम   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देश  सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा।  सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप भारत का हिस्सा बनीं जूनागढ़ व हैदराबाद रियासत  सीएम योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रिसायतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा। पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहा सीएम योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। पं. नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने किए अनेक उल्लेखनीय कार्य  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, पवन सिंह चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, उमेश द्विवेदी, विधायक ओपी श्रीवास्तव, आशीष सिंह ‘आशु’, भाजपा के महानगर अध्यक्ष  आनंद द्विवेदी, सरदार पटेल स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी देवी पटेल, महासचिव शशांक वर्मा आदि मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश में सीजन का पहला कोहरा, मुरैना-रायसेन में 50 मीटर की विजिबिलिटी, 14 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा भी अपना असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुरैना ज़िले में कँपकँपाती सर्द हवाओं के बीच घने कोहरे ने डेरा डाल दिया, जहाँ दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। यहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसी तरह, रायसेन ज़िले में भी कोहरे की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। राजधानी भोपाल समेत टीकमगढ़ में भी तेज ठंड के माहौल में कोहरे का आगमन दर्ज किया गया। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 ज़िलों में घने कोहरे का अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे एक दिन पहले, रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, पचमढ़ी, 5.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना रहा। मुरैना जिले में सुबह से ही सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रायसेन में भी इस मौसम का पहला घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी ठंड के साथ कोहरे की दस्तक हुई, जबकि टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया। दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसके अलावा बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इससे ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर की रात से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखाई देगा, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे, भोपाल में 7 डिग्री पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा और यहां तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़-कल्याणपुर में 5.6 डिग्री, शाजापुर में 6.1 डिग्री, मंदसौर में 6.7 डिग्री, रीवा-उमरिया में 7.2 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.3 डिग्री, रायसेन-दतिया में 8.4 डिग्री, मंडला में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, नरसिंहपुर, टीकमगढ़-दमोह में 9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री और सतना में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन : प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्यः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’ प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं। सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  अन्नदाता किसान की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही सरकार ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री जी ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं।  प्रदेशवासियों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।