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पंजाब की इन जगहों पर फिर जाएंगे मतदाता, Election Commission ने घोषित किया री-पोल

चंडीगढ़  आयोग के तय प्रोग्राम के मुताबिक, राज्य भर में 22 ज़िला परिषदों के 347 ज़ोन और 153 पंचायत समितियों के 2838 ज़ोन के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव तसल्लीबख्श और शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हो गए हैं। कुछ घटनाओं को छोड़कर, चुनाव के दौरान किसी जानी नुकसान या टकराव की कोई खबर नहीं है। आयोग ने इन जगहों पर फिर से चुनाव कराने के दिए आदेश 1. ब्लॉक समिति अटारी, ज़ोन नंबर 08 (खासा) (बूथ नंबर 52, 53, 54, 55) और ज़ोन नंबर 17 (वरपाल कलां) (बूथ नंबर 90, 91, 93, 94, 95)-अमृतसर ज़िला। 2. ब्लॉक समिति चन्नणवाल (ज़ोन नंबर 04), गांव रायसर पटियाला (बूथ नंबर 20)- ज़िला बरनाला। 3. ब्लॉक कोट भाई, गिद्दड़बाहा जिला श्री मुक्तसर साहिब में गांव बबानिया (बूथ नंबर 63 और 64) और गांव मधीर (बूथ नंबर 21 और 22)  4. गांव चन्नियां (पोलिंग स्टेशन 124)- जिला गुरदासपुर 5. पोलिंग बूथ 72, पंचायत समिति भोगपुर (ज़ोन चीन 4)– जिला जालंधर वहीं जानकारी के लिए बता दें कि दोबारा चुनाव 16.12.2025 को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होंगे और इन वोटों की गिनती 17.12.2025 को आम गिनती के साथ की जाएगी। 

जांच में सनसनीखेज तथ्य: दिल्ली ब्लास्ट के पीछे हवाई हमले की प्लानिंग, कश्मीरी स्टूडेंट की भूमिका उजागर

फरीदाबाद  नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) वीरवार को दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल कश्मीरी छात्र जसीर बिलाल वानी को निशानदेही के लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां उसको विस्फोटक रखने वाली जगहों पर लेकर जाया गया।  जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जसीर वानी ने आटा-चक्की से यूरिया को पीसकर, उसमें से अमोनियम नाइट्रेट अलग करने में आतंकी मुजम्मिल की मदद की थी। जसीर वानी के साथ एजेंसी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल को भी लेकर आई थी, लेकिन केवल जसीर वानी को गाड़ी से उतारकर निशानदेही कराई गई। जसीर वानी डॉ. मुजम्मिल के साथ उसके फ्लैट पर भी रुका था। बम निरोधक दस्ता साथ लाया गया नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) अपने साथ बम निरोधक दस्ते को भी साथ लेकर आई थी। इस दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के साथ लगते लगभग दो एकड़ के खेत में बने कमरे की जांच बम निरोधक दस्ता के द्वारा कराई गई, ये वो ही कमरा था, जिसमें 12 दिन तक विस्फोटक सामग्री को रखा गया था। बाद में उसको फतेहपुर तगा के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। यहां कमरे के अंदर व पास में मिट्टी खोदकर भी देखा गया। लगभग एक घंटे बाद बम निरोधक दस्ता की टीम यहां से चली गई। इसके बाद डॉ. मुजम्मिल और शाहीन को यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक ले जाया गया। जहां पर करीब एक आध घंटे तक उनको रखा गया। पूछताछ में कई डॉक्टर फैकल्टी स्टाफ सहित छात्रों को भी शामिल किया गया था। दरअसल मुजम्मिल और शाहीन रिमांड के दौरान जो जानकारी दे रहे हैं, एनआईए उस जानकारी को पुख्ता कर रही है कि वह सच बोल रहे हैं या झूठ, इसलिए टीम आतंकियों को बार-बार यूनिवर्सिटी लाकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करती है। गांव धौज में रखी गई थी आटा चक्की इस दौरान NIA की टीम जसीर वानी को डॉ. मुजम्मिल के यूनिवर्सिटी वाले फ्लैट, गांव धौज में जहां पर आटा-चक्की रखी गई थी, गांव खोरी जमालपुर में पूर्व सरपंच का मकान जहां पर मुजम्मिल ने 3 कमरों को फ्लैट किराए पर लिया था, इन सभी जगहों पर लेकर गई और उसकी निशानदेही करवाई गई। पॉलिटिकल साइंस का छात्र  NIA के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जसीर वानी (20) पुलवामा का रहने वाला है। जसीर अनंतनाग के एक कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस का सेकेंड ईयर का छात्र है। दिल्ली ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाले आतंकी उमर का सबसे ज्यादा करीबी था। डॉ शाहीन और मुजम्मिल से जसीर वानी की मुलाकात आतंकी उमर ने कराई थी। हवाई हमले की थी प्लानिंग जसीर वानी से एजेंसी की पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि पहले हवाई हमले की प्लानिंग की गई थी। जिसमें विस्फोटक को भरकर दूर से ही हमले को अंजाम दिया जा सके, लेकिन ऐसा नही हो पाया। जिसके बाद उमर ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में कई जगहों पर एक साथ हमले की योजना बनाई थी। श्रीनगर में प्लान तैयार, कुछ प्रयोग भी किए इसके लिए कश्मीर के श्रीनगर पूरा प्लान तैयार किया गया था। जहां पर कुछ प्रयोग भी किए गए थे, लेकिन बजट ज्यादा होने के चलते ऐसा संभव नही हो पाया। जांच में पता चला है कि जसीर वानी पुलवामा स्थित एक गांव का रहने वाला है और उसके गांव से कुछ ही दूरी पर आतंकी मुजम्मिल का भी गांव है, इसलिए वह जब भी फरीदाबाद आता, तो वह मुजम्मिल के फ्लैट पर ही रुकता था।

कोहरे की चादर में ढकी ट्राईसिटी, अगले दो दिनों तक येलो अलर्ट लागू

चंडीगढ़  दिसंबर का आधा महीना लगभग खत्म हो चुका है और अब ट्राईसिटी में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से सुबह-शाम शहर में कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। इससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। दिन में हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन बाद में तेज धूप खिली, जिससे लोगों को राहत मिली और छुट्टी के दिन लोग सड़कों और छतों पर धूप का मजा लेते दिखे। दिन का पारा अभी भी 26 डिग्री, रात में कड़ाके की ठंड रविवार को दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रात होते-होते पारा तेजी से गिरकर 7.4 डिग्री पर आ गया। तापमान में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को खुद भी ठंड का एहसास हुआ। इस वजह से दिन में अभी भी लोग राहत महसूस कर रहे हैं।  कोहरे से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी कोहरे की वजह से सुबह और रात में सड़कों पर गाड़ियों की स्पीड अपने आप धीमी हो जाती है। आगे की सड़क ठीक से न दिख पाने की वजह से ड्राइवर फॉग लाइट का सहारा ले रहे हैं और ज़्यादा सावधानी बरत रहे हैं। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीरे गाड़ी चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस दौरान ट्राइसिटी के कई इलाकों में घना कोहरा गिरने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है। इसकी वजह से गाड़ी चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। आने वाले चार दिनों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और तापमान 22 डिग्री तक आ सकता है। हालांकि, अभी रात में पारा गिरने की कोई संभावना नहीं है।

प्रदेश की आर्थिक समृद्ध‍ि में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ी भूमिका

वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। आत्मनिर्भरता को मिला आधार राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 1,13,696 तक पहुँच गई है। नीतिगत सुधारों का सीधा असर उद्योगों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही ‘जनविश्वास (संशोधन) विधेयक 2024’ के माध्यम से उद्योगों पर लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया गया है। इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट सिस्टम और सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाएँ पारदर्शी और समयबद्ध हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। एमएसएमई सेक्टर से एक करोड़ से अधिक को रोज़गार प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। वर्तमान में 20.43 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और एक करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करा रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि छोटे व्यापार, सेवाओं और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय संतुलन मजबूत हुआ है। लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला रास्ता औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी दृष्टि से राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों और निर्यात केंद्रों से जोड़ने में सहायता की है। इससे माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आई है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है। स्टार्टअप से भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास को समान रूप से महत्व दिया गया है। राज्य में 6000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स नवाचार को सहयोग दे रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया है। स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत सीड फंडिंग, कैपिटल फंड और एन्ट्रेप्रेन्योर इन रेजिडेंस प्रोग्राम जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाने से स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।  

टाटा समूह यूपी में ईवी, सोलर ऊर्जा और थर्मल पावर के क्षेत्र में करेगा निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच वार्ता में टाटा समूह के प्रदेश में चल रहे और भविष्य के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान एन. चंद्रशेखरन ने टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और नये मॉडलों के निर्माण के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास से जुड़े टाटा समूह के अन्य प्रोजेक्टस के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि इस क्रम में टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1900 मेगावाट की नई थर्मल इकाई लगा रहा है। इसके साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर पावर के विकास की परियोजनाओं पर भी तेज गति से कार्य कर रहा है। वहीं नोएडा में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से टाटा समूह नई बिल्डिंगों का निर्माण कर रहा है।   मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान टाटा चेयर पर्सन ने प्रदेश में ईवी के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बाताया कि टाटा समूह इस क्रम में इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों की मैन्यूफैक्चरिंग को तेजी से विस्तार दे रहा है, साथ ही ईवी के नये मॉडलों का भी विकास किया जाएगा। जो एक ओर तो टाटा समूह की ईवी के क्षेत्र में शेयर को बढ़ाएगा तो वहीं प्रदेश में रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश में आईटी-इंफ्रा के विकास को गति देने के उद्देश्य से नोएडा में नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। जिनके पहले फेज़ का निर्माण, दिसंबर 2026 में तक चरणबद्ध रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  बैठक के दौरान टाटा पावर ने प्रदेश में अपनी संचालित एवं आगामी परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें उन्होंने प्रयागराज के बारा प्लांट में टाटा समूह की ओर से लगाई जा रही 1900 मेगावाट की नई इकाई के बारे में विस्तार से बताया। इस पावर प्लांट में 360 मेगावाट क्षमता की तीन पावर जनरेशन यूनिट्स लगाई जाएगी। जो एक ओर प्रदेश की ऊर्जा क्षमात में विस्तार करेगी, दूसरी ओर स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इसके साथ ही टाटा पावर सोलर इनर्जी के क्षेत्र में भी प्रदेश में विस्तार ला रहा है। जिसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट की दो सोलर परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर रूफ टॉप से स्वच्छ ऊर्जा के निर्माण को भी बढ़ावा दे रहा है। जो मुख्यमंत्री के सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाएगा।

टाटा समूह के निवेश प्रस्ताव, यूपी में खुलेंगे टेक्नालॉजी विकास और रोजगार के नए द्वार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच हाल ही में सम्पन्न हुई बैठक में प्रदेश में टाटा समूह की ओर से चलाए जा रहे प्रोजक्टस की प्रगति के अपडेट्स और विस्तार के पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही टाटा समूह के चेयर पर्सन ने यूपी लखनऊ में एआई सिटी और गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही टाटा समूह अपनी कंस्लटेंसी सर्विस, टीसीएस की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी यूनिट के वर्क फोर्स में वृद्धि करने और विशेष रूप से पूर्वाचंल के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, ड्रोन और स्पेसे टेक्नालॉजी जैसी अत्याधुनिक टेक्नालॉजी में प्रशिक्षित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। यह बैठक राज्य की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर में वृद्धि के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। टाटा समूह ने लखनऊ में एआई सिटी बनाने का रखा प्रस्ताव  टाटा समूह के चेयर पर्सन ने चर्चा के दौरान प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में टाटा समूह ने 'एआई सिटी' विकसित करने की कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ये परियोजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में यूपी को वैश्विक हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एआई सिटी के निर्माण के साथ प्रदेश में भविष्य की तकनीकि के क्षेत्र में हजारों की संख्या में नौकरियों, स्टार्टअप के विकास का इकोसिस्टम तैयार होगा। इसी क्रम में उन्होंने, गोरखपुर में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह ने आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू किया है। जिसके तहत टाटा समूह 48 करोड़ रुपये का निवेश कर विशेष तौर पर पूर्वी यूपी के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3 डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नालॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। टाटा समूह के सहयोग से चलाई जाने वाली इस परियोजना से प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी। साथ ही एन. चंद्रशेखरन ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में वर्क फोर्स को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किया जाएगा। यह कदम यूपी के डिजिटल टैलेंट पूल को मजबूत करेगा, साथ ही राज्य के युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि प्रदान करेगा।  इलेक्ट्रानिक्स और डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने दिया निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी ने इलेक्ट्रॉनिकस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की है। जिसके चलते यूपी का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है,वार्ता के दौरान टाटा समूह के चेयर पर्सन ने इसमें जुड़ने की इच्छा जताई। राज्य सरकार की स्वीकृति से मोबाइल उपकरण और अन्य कंपोनेंट्स के उत्पादन में निवेश करने का प्रस्ताव रखा। साथ उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रानिक प्रोडक्टस की प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टाटा समूह ने इंटेल के साथ एमओयू के बारे में भी बताया। वहीं प्रदेश में इलेक्ट्रानिक बसों, अन्य वाहनों और उनके नये माडल की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के बारे में भी बताया। वार्ता के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने निवेश को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बबीना सहित यूपी के रक्षा औद्योगिक नोड्स में टाटा समूह के योगदान के बारे में भी बताया, जहां ड्रोन, मिसाइल और डिफेंस के वाहनों के उत्पादन पर फोकस है। साथ ही उन्होंने, टाटा समूह ने बीडा के तहत झांसी में 25,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण और प्रोजेक्ट विस्तार के बारे में भी बताया। उन्होंने बैठक के दौरान सीएम के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप टाटा समूह की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।  अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल आर्किटेक्चर का निर्माण होगा जनवरी 2027 में पूरा टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल का निर्माण कार्य को जनवरी 2027 तक पूरी करने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ओर से म्युज़ियम में न्यू टेक्नालॉजी आधारित डिस्प्ले बना रहा है, जो अयोध्या में आने वाले विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करेगा। साथ ही टाटा समूह मथुरा-वृदांवन के क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरीकुंड, गरुड़ गोविंद कुंड और कृष्ण कुंड समेत 8 कुंडों का जीर्णोद्धार करवाएगा। साथ ही प्रदेश में प्रमुख गंगा घाटों की सफाई का कार्य भी टाटा समूह करेगा। टाटा समूह के चेयर पर्सन और मुख्यमंत्री के बीच हुई ये बैठक, यूपी की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही टाटा समूह की ओर से उत्तर प्रदेश में निवेश और सेवाओं के विस्तार के ये प्रस्ताव साबित करते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी निवेश का फेवरेट डेस्टिनेशन बन चुका है।

परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले को चालानी कार्रवाई के लिये मिली पीओएस मशीनें

प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एण्ड इन्फोर्समेंट प्वाइंट के माध्यम से जाँच भोपाल  परिवहन विभाग ने प्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत राज्य के परिवहन चेकपोस्टों को बंद कर दिया है। इनके स्थान पर 45 रोड सेफ्टी एण्ड इन्फोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट जाँच का कार्य कर रहे हैं। जाँच कार्य के लिये प्रवर्तन बल(इन्फोर्समेंटफोर्स) को बॉडीवॉर्न कैमरे उपलब्ध कराये गये हैं। इन कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा ई-चेकपोस्ट मॉडल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा दी गई है। प्रवर्तन अमले द्वारा बॉडीवॉर्न कैमरे का उपयोग करने से वाहन चेकिंग के दौरान प्रत्येक कार्यवाही की मॉनीटरिंग वास्तविक समय (रियल टाइम) में कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जा रही है। परिवहन विभाग की इस व्यवस्था से न केवल वाहन चालकों में विश्वास बढ़ा है, बल्कि वाहन चेकिंग के दौरान आने वाली अवैध वसूली की शिकायतेंभी काफी कम हो गई हैं। इस व्यवस्था से परिवहन विभाग ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया के सपने को साकार किया है। कैशलेस चालानी कार्रवाई परिवहन विभाग के अमले को पीओएस मशीन उपलब्ध कराने से वाहनों के विरुद्ध की जाने वाली चालानी कार्रवाई को ऑनलाइन तथा कैशलेस रूप में किया जा रहा है। प्रदेश में मोटरयान परिवहन से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन पर स्व-चलित पद्धति ई-डिटेक्शन को नवम्बर-2025 से लागू कर दिया गया। फेसलेस सेवा देने के मामले में मध्यप्रदेश देश में अव्वल परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्रायविंग लायसेंस आदि से संबंधित सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल 'वाहन तथा सारथी' ऐप के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। इस व्यवस्था में आवेदक कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सेवा प्राप्त कर पा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित फेसलेस सेवाओं की सूची में से प्रदेश में समस्त सेवाओं को फेसलेस रूप में प्रदान किये जाने से मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में अव्वल देश बन गया है।

टाटा समूह के चेयरपर्सन ने मुख्यमंत्री के सामने यूपी में समूह की होटल श्रृखंला के विस्तार का प्रस्ताव

लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक और घरेलू पर्यटन के तीव्र विकास को ध्यान में रखते हुए, राज्य के पर्यटन सुविधाओं और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की तस्वीर तेजी से उभर रही है। इसी क्रम में टाटा समूह के चेयर पर्सन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के साथ हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के चल रहे और प्रस्तावित होटल श्रृखंला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह का यह कदम राज्य में बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन की बढ़ोतरी और बेहतर कनेक्टिविटी के व्यापक विकास को ध्यान में रखते लिया जा रहा है। जो उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर की हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का तेजी से विस्तार करेगा। टाटा समूह के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखन ने बैठक में स्पष्ट किया कि टाटा समूह के ताज, सेलेक्शंस और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलस् का निर्माण कार्य प्रदेश में पहले से चल रहा है। उन्होंने इन मुख्यमंत्री के सामने टाटा समूह के इन होटल्स के विकास कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। साथ ही प्रदेश में टूरिज़म और प्रीमियम क्वालिटी हॉस्पटैलिटी के विस्तार के लिए 30 नए होटल के निर्माण के बारे में भी चर्चा की। जिसके चलते प्रदेश में लक्जरी होटल के 2,000 रूमस् की संख्या को बढ़ा कर 5,000 तक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन होटल्स का निर्माण राज्य के प्रमुख और उभरते पर्यटन केंद्रों प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, वृंदावन, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बिजनौर और गोरखपुर में किया जाएगा। जो प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक टूरिज्म के प्रमुख केंद्र हैं। मुख्यमंत्री से बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखन ने बताया कि नोएडा में टाटा समूह के एक सिग्नेचर या लैंडमार्क होटल विकसित कर रहा है, वहीं प्रयागराज में एक लक्ज़री ताज होटल का भी निर्माण किया जा रहा है। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और प्रयासों से बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरा है। प्रदेश में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसी बढ़ती मांग के कारण प्रीमियम और संगठित हॉस्पिटैलिटी अवसंरचना की आवश्यकता बढ़ गई है। टाटा समूह की ये भागीदारी उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

सपा की सियासत पर ओपी राजभर का हमला— यादव और मुस्लिमों तक सिमटी पार्टी

लखनऊ  मुरादाबादयूपी सरकार के मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एसआईआर विरोध के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि साल 2027 के चुनाव में एनडीए रिकार्ड जीत दर्ज करेगा। प्रदेश में अगला चुनाव सपा के लिए निर्णायक हो सकता है। मुझे तो यह लगता है कि सपा विपक्ष में बैठने लायक भी नहीं रहेगी। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा, सपा यादव और मुस्लिमों में ही फंस गई है। पीडीए का नारा मजाक से अधिक कुछ नहीं है। बोले, सदन में बसपा के एक और कांग्रेस के दो विधायक हैं। कहा, प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से होंगे। मतदान पत्र की छपाई हो रही है। मतदाता सूची सुधार पर जोर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को संगठन की ओर से बधाई दी। जबकि, दिल्ली में कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली की खिल्ली उड़ाई। बोले, सरदार बल्लभ भाई पटेल से कम मत पाने के बाद भी पं.जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बन गए। राजनारायण से हारने के बाद भी इंदिरा गांधी ने ऐसा ही किया।   कहा, असल में यही वोट चोरी है। जबकि, राजीव गांधी ने देश में ईवीएम से चुनाव की पहल की। उसके बाद दो बार देश में कांग्रेस की सरकार बनी। अब राहुल गांधी की ओर से ईवीएम पर दोष मढ़ा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अति पिछड़ों को उनका हक मिलने जा रहा है। पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में पिछड़े, अति पिछड़े और सर्वाधिक पिछड़े अपना हक पाएंगे। राज्य सरकार तैयार है। सफाईकर्मियों ने सौंपे ज्ञापन उधर, सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष जबर सिंह की अगुवाई में मांग पत्र सौंपा। तड़के मुरादाबाद पहुंचे मंत्री शाम को रेल मार्ग से लखनऊ प्रस्थान कर गए। वहीं, विभागीय अधिकारियों की बैठक में मंत्री ने सरकार के प्रमुख संकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत भवन सेवा, सफाई और ओएसआर की समीक्षा की। ‘अपने दम पर पंचायत चुनाव लड़ेगी पार्टी’ अमरोहा के कैलसा पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा व बसपा ने मुस्लिमों का वोट लेकर उनको ठगा है। आज तक किसी भी मुस्लिम को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। पंचायत चुनाव पार्टी अपने दम पर लड़ेगी और विधानसभा चुनाव 2027 भाजपा के साथ ही लड़ेगी। रविवार को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कैलसा रोड स्थित एक निजी इंस्टीट्यूट में विशाल जनसभा को संबोधित किया। कहा कि सुभासपा का प्रयास है कि सभी को समान शिक्षा का अधिकार लागू कराया जाए।  

पीएम मोदी विरोधी नारों पर भड़के ऊर्जा मंत्री अनिल विज, कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस की दिल्ली रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश विरोधी नारे लगाने पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने गिरते हुए स्तर का प्रदर्शन किया गया है। निराशा, हताश, फेल, थके हुए, हारे हुए लोग ही इस प्रकार की बातें करते हैं। वहीं,अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुआएं देते हुए कहा कि "जुग-जुग जिए हमारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने आज हिंदुस्तान की तस्वीर और सूरते हाल बदल दिया"। आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, पूरे विश्व में नरेंद्र मोदी की वजह से देश की साख बड़ी है। विश्व में देश के साथ मधुर संबंध बने हैं। इनके (कांग्रेस) के प्रधानमंत्री मीटिंग में जाकर सो जाया करते थे, कभी बोला ही नहीं करते थे।   कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान कि यदि बैलेट पेपर से चुनाव हो तो भाजपा को एक भी वोट न मिले, के बारे में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि जब मत पत्र से चुनाव होते थे हमने देखा हुआ है कि तब ये कैसे वोट छापते थे। उस दौरान चुनाव में एक शब्दावली थी “वोट छापना”, मगर ईवीएम के आने के बाद इनका (कांग्रेस) वह काम बंद हो गया। ये बदमाशों को, माफिया को सेट करके उनसे वोट छपवाया करते थे, छापे जाते थे, तब चुनाव में यह शब्दावली थी। ईवीएम आने से वह खत्म हो गई और इनको ही पीड़ा हो रही है। ये उस दौरान वोट छापने से ही जीतते थे और उनके वोट छापने का धंधा बंद हो गया, इसलिए इस पीड़ा को लेकर कांग्रेस वाले बार-बार रो रहे हैं।   एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 4 करोड़ वोट कट गए हैं जिस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां-जहां पर ठीक तरीके से एसआईआर होगा वहां जाली वोटो का तंत्र, जो कांग्रेस ने इतने सालों से बसा रखा था, वह खत्म होता जा रहा है। जाली वोट कांग्रेस ने बनाई थी, इतने वर्षों तक कांग्रेस ने जो राज किया, पता नहीं कौन कौन से भाग में कितनी वोट, इन्होंने बना रखी थी, आज वह वेरीफाई नहीं हो रही और इसलिए वह वोट कट रही है। वहीं, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के आरोप कि लोग अपनी जान बचाने के लिए मोटी रकम/ फिरौती कहां से दें, पर मंत्री अनिल विज ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और सरकार ने गलत आदमियों को पकड़ने के लिए बहुत बड़ी मुहिम चला रखी है। इस मुहिम के तहत लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।