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MMC स्पेशल जोनल कमेटी ने CMs को लिखा पत्र, नक्सलियों ने जताई हथियार डालने की तैयारी

रायपुर        देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (MMC जोन) के नक्सलियों ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साईं को एक लेटर भेजा है, जिसमें उन्होंने सामूहिक सरेंडर करने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने अपने दो वरिष्ठ साथियों महाराष्ट्र में सरेंडर करने वाले भूपति और छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने वाले सतीश के नक्शेकदम पर चलते हुए सरेंडर करने की इच्छा जताई है.  MMC जोन के सभी नक्सली एक साथ सरेंडर करेंगे. हालांकि, इस लेटर में, MMC जोन के नक्सलियों ने एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए 15 फरवरी 2026 की डेडलाइन मांगी है.  उन्होंने अनुरोध किया है कि इस डेडलाइन तक सुरक्षा बलों को कोई ऑपरेशन नहीं करना चाहिए. माओवादियों ने मुख्यमंत्रियों से कुछ दिनों के लिए न्यूज नेटवर्क बंद करने का भी अनुरोध किया है. PLGA सप्ताह नहीं मनाने का भरोसा पत्र में नक्सलियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही आने वाला अपना सालाना PLGA हफ्ता (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी वीक) इस साल नहीं मनाएंगे. उन्होंने सुरक्षा बलों से अनुरोध किया है कि इस अवधि के दौरान नक्सलियों के खिलाफ सालाना ऑपरेशन भी न चलाएं. नक्सलियों ने पत्र में कहा है कि वे जल्द ही एक और पत्र भेजकर मास सरेंडर की तारीख की घोषणा करेंगे. केंद्र सरकार की डेडलाइन के भीतर भले ही 15 फरवरी, 2026 की डेडलाइन लंबी लगती हो, लेकिन यह केंद्र सरकार की ओर से नक्सली-मुक्त भारत के लिए निर्धारित 31 मार्च, 2026 की अंतिम समय सीमा के भीतर है. अगर तीनों राज्यों की सरकारें MMC जोन के नक्सलियों को यह समय देती हैं और यह सामूहिक सरेंडर सफल होता है, तो यह देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की एक ऐतिहासिक सफलता होगी.

हिस्ट्रीशीटर कपिल यादव एनकाउंटर में ढेर नहीं, घायल; पुलिस ने दूसरा आरोपी हथियार–कैश सहित पकड़ा

 ग्वालियर ग्वालियर जिले में सोमवार सुबह पुलिस के साथ एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद हिस्ट्री-शीटर कपलि यादव ​​को पकड़ लिया गया. आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम था.  ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि कपिल यादव 10 हजार रुपए का इनामी वॉन्टेड क्रिमिनल था. जिला हेडक्वार्टर से करीब 25 KM दूर मोहनपुर इलाके में सुबह करीब 5 बजे हुई गोलीबारी में उसके पैर में गोली लग गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपिल 21 नवंबर को मुरार इलाके में जमीन के झगड़े को लेकर कुछ लोगों पर हमला करने के बाद से फरार था. पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.  पुलिस ने बताया , सुबह करीब 6.10 बजे कपिल यादव बाइक से बंधोली के जंगली रास्ते से निकला पुलिस ने यहां घेरा डाल रखा था। पुलिस को रास्ते में देखकर कपिल ने गोली चलाकर भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने उस पर फायर किया। गोली कपिल के पैर में लगी तो वह जख्मी होकर गिर पड़ा। इन वारदातों से चुनौती मुरार के कपड़ा कारोबारी की बड़ागांव में जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडे कपिल यादव और उसके साथियों ने कपड़ा कारोबारी और उसके बेटे पर गोलियां चलाईं थीं। इसके अलावा चार दिन पहले बडागांव में रामजानकी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के लिए पूरन सिंह भदौरिया और उनके भाई पर कातिलाना हमला किया था। धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर से भागने की योजना बना रहा है और टिप-ऑफ के आधार पर उन्होंने मेला ग्राउंड में एक वैन की तलाशी ली और उसके साथी अमन यादव को एक गैर-कानूनी बंदूक के साथ पकड़ लिया, जबकि कपिल भागने में कामयाब रहा. एसएसपी ने बताया कि आरोपी को सुबह-सुबह मोहनपुर में एक ईंट भट्टे पर पकड़ा गया, जहां उसने कथित तौर पर सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. उन्होंने बताया कि उसके पैर में चोट लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कपिल पर करीब 12 क्रिमिनल केस दर्ज हैं और उस पर पहले भी सख्त नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया जा चुका है. बदमाश को एनकाउंटर में दबोचा ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि, बदमाश से सुबह बंधोली के रास्ते में एनकाउंटर में हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है । फिलहाल उसे इलाज के लिए भर्ती कराया है। उससे अपराधों के बारे में पूछताछ की जाएगी।  

स्ट्रीट फूड बना खतरा: गुपचुप खाने से 34 की तबीयत बिगड़ी

अकलतरा छत्तीसगढ़ के अकलतरा क्षेत्र के बरगवां में साप्ताहिक बाजार में गुपचुप खाने से 34 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए. बीमार में ज्यादार बच्चे शामिल हैं. इसमें 2 से 3 बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया. सूचना पर सीएमएचओ निरीक्षण करने पहुंचे. जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए. जानकारी के अनुसार अकलतरा ब्लॉक के गांव बरगवां में शनिवार को साप्ताहिक बाजार था. शाम को गांव के लोगों ने गुपचुप खाए, देर शाम व रात में कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते-देखते ही उल्टी व दस्त शुरू हो गई. 23 नवंबर को पता चला कि गांव में दो दर्जन से अधिक लोगों को उल्टी व दस्त हो रही है. फिर पता चला कि सभी एक ही गुपचुप वाले के पास से गुपचुप खाएं हैं. फूड पॉइजनिंग के कई मरीज सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया.  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर-चांपा डॉ. उमेश मरकाम ने बरगवां पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और मरीजों से मुलाकात कर उनकी हालत जानी. 34 मरीज फूड पॉइजनिंग से प्रभावित पाए गए हैं. इनमें से 2 मरीजों की तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा में भर्ती कराया गया है. जबकि बाकी मरीजों का उपचार गांव में ही किया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान डॉ. मरकाम ने मरीजों की जांच प्रक्रिया, उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता एवं स्टाफ की तैनाती के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने उपस्थित चिकित्सकीय स्टाफ को मरीजों की लगातार निगरानी रखने, समय पर दवा उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के सत निर्देश दिए. साथ ही फूड पॉइजनिंग की वजहों की जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए.

बच्चों की प्रतिभा देखकर करता है मन, फिर से बच्चा बन जाऊँ: राज्यपाल

भारत स्काउट एंड गाइड की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का लखनऊ में भव्य शुभारंभ लखनऊ भारत स्काउट एंड गाइड की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का भव्य उद्घाटन सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। राज्यपाल ने डिफेंस एक्सपो ग्राउंड वृंदावन योजना में आयोजित उद्घाटन समारोह में देश-विदेश से आये स्काउट-गाइड्स के उत्साह, अनुशासन और प्रस्तुतियों की सराहना की।   राज्यपाल ने की बच्चों की हौसलाअफजाई, बोलीं- आपकी ऊर्जा गर्व का अनुभव कराती है बच्चों की प्रस्तुतियों को देख प्रफुल्लित हुईं राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को देखकर बहुत खुशी होती है। मन में इच्छा होती है कि ईश्वर हमें फिर से छोटा बच्चा बना दे। आप देश के भविष्य हैं। आपकी ऊर्जा गर्व का अनुभव कराती है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संस्थाएं बच्चों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी/हीरक जयंती जंबूरी, संगठन के 75 गौरवशाली वर्षों की पूर्णता का उत्सव है। आयोजन में देश-विदेश के 33,000 से अधिक स्काउट-गाइड प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान ऊर्जा, अनुशासन और सांस्कृतिक उत्साह से भरा वातावरण  'भारत माता की जय' और “वंदे मातरम्” के नारों से गुंजायमान रहा। ऐसे कार्यक्रम बढ़ाते हैं बच्चों का आत्मविश्वास राज्यपाल ने विभिन्न प्रदेशों और विदेशों से आए स्काउट-गाइड प्रतिभागियों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि जंबूरी बच्चों के लिए सीखने, अनुभव साझा करने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच है। उन्होंने आयोजन को भारत की एकता और विविधता का सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, उनके व्यक्तित्व का विकास करते हैं और समाज के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करते हैं। यह जंबूरी न केवल महोत्सव है, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए सक्षम व सशक्त मंच बन चुका है उत्तर प्रदेश देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और विशाल स्तर पर हुई तैयारियों की सराहना की। इस जंबूरी ने यह प्रमाणित किया कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के लिए सक्षम व सशक्त मंच बन चुका है। अधिकारियों ने कहा कि हजारों बच्चों का एक साथ अनुशासन, कौशल, देशभक्ति और सेवा का संदेश देना ऐतिहासिक क्षण है। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, भारत स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जैन, चीफ नेशनल कमिश्नर डॉ. के.के. खंडेलवाल, उत्तर प्रदेश संगठन के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह, जंबूरी महासचिव एवं प्रादेशिक मुख्य आयुक्त प्रशांत कुमार, उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल प्रणव कुमार आदि उपस्थित रहे।

कुरुक्षेत्र में PM मोदी करेंगे सिक्का लॉन्च, सिर्फ CM सैनी की होगी स्पीच

कुरुक्षेत्र  धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में नौवें सिख गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को लेकर भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूरी नगरी सज-धजकर समागम का स्वागत करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे कुरुक्षेत्र पहुंचेगे। उनका आगमन देशभर के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है। प्रधानमंत्री हेलिपेड पर उतरने के तुरंत बाद 206 करोड़ रुपये से बने महाभारत अनुभव केंद्र का निरीक्षण करेंगे और केंद्र परिसर में दो करोड़ की लागत से तैयार पंचजन्य स्मारक का उद्घाटन करेंगे। समागम स्थल पर वे गुरु ग्रंथ साहिब के सामने नतमस्तक होंगे और गुरु तेग बहादुर जी व उनके परिवार के जीवन व संघर्ष पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पटियाला के 350 बच्चों द्वारा प्रस्तुत कीर्तन का श्रवण करेंगे और मंच पर जाकर संबोधन देंगे। गुरु तेग बहादुर पर एग्जीबिशन देखेंगे पीएम पीएम चार बजे पांचजन्य चौक का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरियाणा सीएम नायब सैनी के साथ ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र जाएंगे। वहां से पीएम साढ़े चार बजे ज्योतिसर में आयोजित 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। यहां वह सबसे पहले गुरु तेग बहादुर पर लगाई गई एग्जीबिशन देखेंगे। इसके बाद प्रार्थना और कीर्तन में शामिल होंगे। सेंड आर्ट म्यूजिकल शो भी होगा। सिर्फ सीएम सैनी की स्पीच होगी पीएम के इस शेड्यूल में सिर्फ हरियाणा सीएम नायब सैनी की स्पीच होगी। वह अपने संबोधन में पीएम का स्वागत करेंगे। सिरोपा भेंट किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री कॉफी टेबल बुक का अनावरण करेंगे। इस दौरान पीएम 350वें शहीदी दिवस पर पीएम डाक टिकट और एक सिक्का रिलीज करेंगे। पांच बजे के करीब पीएम ब्रह्मसरोवर पहुंचेंगे, जहां वह ग्रुप फोटोग्राफ में शामिल होंगे। मंदिर में दर्शन और पूजा के बाद पीएम साढ़े बजे अंबाला से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्य मंच पर नीचे बैठेंगे PM मोदी मुख्य मंच को 25 एकड़ में बनाया गया है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान होंगे। मंच के एक तरफ 350 बच्चियां कीर्तन करेंगी, जबकि दूसरी तरफ PM मोदी और अन्य नेता बैठेंगे। इस मुख्य पंडाल कहीं पर भी बैठने के लिए कुर्सी नहीं होगी। सब नीचे जमीन पर ही बैठेंगे और गुरु ग्रंथ साहिब मंच से करीब ढाई फुट ऊपर विराजमान रहेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री डाक टिकट और गुरु जी के नाम पर स्मारक सिक्का भी जारी करेंगे। वे समागम स्थल पर लंगर का प्रसाद ग्रहण भी कर सकते हैं। पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। तीन हेलिपेड की जांच सेना द्वारा की गई, जबकि एसपीजी की टीम कार्यक्रम स्थल पर निगरानी बनाए हुए है। इतिहास के अनुसार गुरु तेग बहादुर जी दो बार कुरुक्षेत्र आए थे। पहली बार 1665 में धर्म प्रचार के लिए और दूसरी बार 1672 में दिल्ली जाते समय। इस पावन धरती पर उनके आगमन और उपदेश आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सोमवार को ही अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तैयारियों का लिया जायजा ध्वजारोहण वाले झंडे में दिखेगा चमकता सूरज, कोविदारा का पेड़ और लिखा होगा 'ॐ', भगवान श्री राम की वीरता और रामराज्य के आदर्शों को करेगा प्रदर्शित श्री राम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त के साथ होगा ध्वजारोहण  लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे और मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। आयोजन के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए। उन्होंने वहां मंदिर परिसर में होने वाले आयोजन की तैयारियों को परखा और मंदिर प्रशासन व जनपद प्रशासन द्वारा की गईं तैयारियों का भी जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्यावासियों का अभिनंदन करते हुए वे श्री रामजन्मभूमि मंदिर जाएंगे। इसके पहले सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री सप्तमंदिर जाएंगे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में भी शीश झुकाएंगे। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर भी जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर भी जाएंगे। इसके बाद राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराएंगे। यह आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी पर श्रीराम और माँ सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त के साथ होगा। 10 फीट ऊँचा और 20 फीट लंबा समकोण वाले तिकोने झंडे का आरोहण किया जाएगा। जिस पर भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूरज की तस्वीर है। इस पर कोविदारा पेड़ की तस्वीर के साथ 'ॐ' लिखा है। पवित्र भगवा झंडा रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा। झंडा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिज़ाइन किया गया घेरा) मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए प्रसंग हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग रखे गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए और यहां हुई तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही जनपदीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

फर्जी नौकरी घोटाला बेनकाब: चिट फंड ठगी में पुलिस ने पकड़े चार आरोपी

मुज्जफरपुर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित कोल्हुआ पैगंबरपुर इलाके में फर्जी चिट फंड कंपनी के नाम पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने कई बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है। ठगी का खुलासा तब हुआ जब नेपाल के मोरतहरी जिला के गोसल्ला थाना क्षेत्र के औरोही निवासी रंजीत कापड़ ने अहियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि सुजन दुनगाना, हेमराज मल्ला, यशराम तमांड और भरत अधिकारी ने नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके बाद उसे कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित राहुल कुमार के मकान पर बुलाया गया और बैरिया में संतोष कुमार के एक मकान में प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) की व्यवस्था की गई। आरोपियों ने नौकरी पक्की कराने के नाम पर पीड़ित से नकद और बैंक खाते के माध्यम से कुल 2 लाख 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। सप्ताहभर तक ट्रेनिंग देने के बाद उनसे यह भी कहा गया कि यदि वे तीन–चार अन्य लोगों को अपने साथ जोड़ेंगे तो उनकी नौकरी स्थायी कर दी जाएगी और उन्हें वेतन भी मिलना शुरू हो जाएगा। अन्य पीड़ितों ने भी लगभग साढ़े चार लाख रुपये ठगे जाने की बात बताई है। अहियापुर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने युवाओं से ठगी की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

यातायात नियम तोड़ने वालों पर कड़ी निगरानी, 30.55 करोड़ का भारी जुर्माना

रायपुर छत्तीसगढ़ में वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल जनवरी से सितंबर के बीच वाहन चालकों से 19 करोड़ 96 लाख रुपए वसूले गए, लेकिन इस साल इसी अवधि में चालानी रकम बढ़कर 30 करोड़ 55 लाख रुपए हो गई है. राज्य पुलिस मुख्यालय ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाईयों का जो आंकड़ा जारी किया है, उससे यह तथ्य सामने आया है. मोटे तौर पर देखने से साफ होता है कि पुलिस वाहन चालकों, खासकर दुपहिया और मध्यम आकार के गैर व्यावसायिक वाहन चलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाईयां तेज कर रही है. एक तरफ पुलिस सड़क पर लोगों की सुरक्षा के नाम पर ये कार्रवाईयां कर रहीं है, दूसरी ओर राज्य में हर साल रोड एक्सीडेंट की संख्या और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. धमतरी, रायगढ़, जशपुर नारायणपुर में कसा शिकंजा छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जनवरी से लेकर सितंबर तक के आंकड़ों से ये साफ होता है कि पुलिस और उससे जुड़े यातायात पुलिस के अमले सड़कों पर यातायात को आसान बनाने लोगों को सुविधा देने की जगह केवल और केवल चालानी कार्रवाईयों पर जो दे रहे हैं. राज्य के 33 जिलों में 2024 की तुलना में कितनी अधिक कार्रवाईयां तेज हुई हैं, उसका प्रमाण पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से होता है. 2024 के मुकाबले 2025 में किस जिले में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है. धमतरी में 175.60 प्रतिशत, रायगढ़ में 138.85 प्रतिशत, जशपुर जिले में 131.85 प्रतिशत, नारायणपुर में 117.36 प्रतिशत जऔर दुर्ग जिले में 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. कुछ जिलों में कमी भी राज्य के कुछ जिलों में चालानी कार्रवाई पिछले साल के मुकाबले कम हुई है. जिन जिलों में यह कमी आई है, उनमें सारंगढ़ बिलाईगढ़ गौरेला-पेड्रा-मरवाही, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम शामिल हैं. कुल मिलाकर पुलिस वो पिछले खल सभी तरह के वाहनों के चालान के 4 लाख 51 हजार 49 प्रकरण बजाए थे, जबकि इस साल 6 लाख 86 हजार 983 प्रकरण बने हैं. चालानी कार्रवाई में यह वृद्धि 52.31 प्रतिशत है.

टोंक में दम घोंटू हवा: AQI 500 के पास, राजस्थान में सीओपीडी मौतों का ग्राफ ऊँचा

जयपुर राजस्थान में हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को राज्य के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर स्तर तक पहुंच गया। टोंक में पीएम 2.5 और पीएम 10 का सर्वाधिक स्तर रिकॉर्ड किया गया। केंद्रीय प्रदूषद नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को टोंक में  एयर क्वालिटी इंडेक्स राजस्थान में सबसे ज्यादा खराब रहा है। यहां पीएम 2.5 का स्तर 496 व पीएम 10 का स्तर 500 तक चला गया। वहीं  भिवाड़ी में AQI 400 से ऊपर दर्ज हुआ, जबकि जयपुर, श्रीगंगानगर और टोंक जैसे शहर भी ‘पुअर’ और ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में रहे। प्रदूषण बढ़ने से लोगों के लिए खुले में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिन मौसम ड्राय रहेगा और हवाएं इसी तरह चलती रहेंगी, जिससे राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात नहीं सुधरे तो दिल्ली-एनसीआर जैसी श्वास व फेफड़ों संबंधी बीमारियों का खतरा राजस्थान में भी तेजी से बढ़ सकता है। इन शहरों में हवा सबसे ज्यादा खराब रही- टोंक- 500 कोटा में AQI 302, भिवाड़ी में 431, बीकानेर 328, डूंगरपुर 300, जयपुर 372, हनुमानगढ़ 277, झालावाड़ 308, भरतपुर 327, सीकर 321, श्रीगंगानगर 416 और टोंक में भी हवा ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में दर्ज हुई। राजस्थान में सीओपीडी से मौतें राष्ट्रीय औसत से अधिक वायु प्रदूषण और धूल के कारण इंसानी फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं, सांस लेने में कठिनाई बढ़ रही है और श्वसन संबंधी बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल में इंडियन चेस्ट सोसाइटी (ICS) के तत्वावधान में जयपुर में श्वसन रोग सम्मेलन भी हुआ था जिसमें यह जानकारी सामने आई कि देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा मौतें वायु प्रदूषण से होती हैं।  डॉ. नितिन जैन ने बताया कि प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों में फेफड़ों का विकास रुकता है और बुजुर्ग समय से पहले बीमारियों की चपेट में आते हैं। प्रदूषण हृदय रोग, स्ट्रोक, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है और व्यक्ति की स्वास्थ्य क्षमता तथा औसत आयु घटाता है। राजस्थान और भारत में सीओपीडी(क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) और टीबी जैसी श्वसन बीमारियाँ आम हैं। WHO के अनुसार, विश्व स्तर पर सीओपीडी दूसरी और टीबी बारहवीं प्रमुख मृत्यु का कारण हैं। राजस्थान में सीओपीडी से होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों, वायु प्रदूषण, धूल और युवाओं में धूम्रपान की प्रवृत्ति इन रोगों के फैलाव में योगदान करती है।

105 वर्षीय राधाकृष्ण सिंह शास्त्री नहीं रहे, पीएम मोदी भी कर चुके हैं सम्मानित

बैतूल  बैतूल में आजाद हिंद फौज के सिपाही राधाकृष्ण (राधा किशन) सिंह शास्त्री का 105 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने सोमवार सुबह अंतिम सांस ली। राधाकृष्ण सिंह का जन्म 1 जनवरी 1920 को बर्मा (म्यांमार) के पेंगु जिले में हुआ था। प्रधानमंत्री ने किया था सम्मानित स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आज़ाद हिंद फ़ौज की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में उन्हें सम्मानित किया था। जीवन के अंतिम दिनों तक वे ‘जय हिंद’ के नारे के साथ लोगों का अभिवादन करते थे और आजाद हिंद फौज की वर्दी जैसा सफेद पैंट-शर्ट पहनना उनकी आदत बन गई थी। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। नेताजी के साथ मोर्चे पर लड़ी लड़ाई 1943 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बुलावे पर राधाकृष्ण सिंह ने आज़ाद हिंद फ़ौज जॉइन की थी। सिंगापुर में भर्ती होकर उन्होंने “चनमारी” नामक सैन्य प्रशिक्षण लिया और नेताजी के नेतृत्व में इम्फाल और कोहिमा मोर्चों पर अंग्रेजी सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इस दौरान वे तीन महीने अंग्रेजों की जेल में भी रहे, जहाँ से क्रांतिकारी भोला भाई देसाई के प्रयासों से रिहा हुए। जापान के आत्मसमर्पण के बाद आज़ाद हिंद फ़ौज को पीछे हटना पड़ा और बर्मा छोड़ने से पहले नेताजी ने अपने सैनिकों से अंतिम मुलाकात की—उसी समूह में राधाकृष्ण भी शामिल थे। भारत लौटकर संघर्षपूर्ण जीवन बिताया आज़ादी के बाद उन्होंने करीब 20 साल बर्मा में संघर्षपूर्ण जीवन बिताया और अंततः लालबहादुर शास्त्री की प्रेरणा से भारत लौटे। भारत में शरणार्थी के रूप में उन्हें बैतूल जिले के पहाड़पुर गांव में 5 एकड़ भूमि दी गई। जीविका चलाने के लिए वे पाथाखेड़ा की कोयला खदान में मजदूर बने और वहीं से रिटायर हुए। उनके निधन के बाद जिले में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।  राधाकृष्ण सिंह ने बताए आजादी की लड़ाई के अनछुए संस्मरण  आजाद हिंद फौज के सिपाही राधा कृष्ण सिंह शास्त्री ने भारत को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई ,जो आज बैतूल जिले के पहाड़पुर गांव में निवास कर रहे हैं। 105 साल की उम्र में आज भी वे सात्विक जीवन बीता रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण थोडा अस्वस्थ रहते हैं लेकिन आज भी अंग्रेजी हुकुमत के साथ हुए युद्ध काल की घटना पर उन्होंने कहा कि भारत देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने की इस लड़ाई में भारत मां के अनगिनत सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। इसके बाद भारत स्वतंत्र हुआ है। क्रांतिकारियों के अदम्य साहस के कारण अंग्रेजो ने भारत को स्वतंत्र करने का निर्णय लिया। रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक उल्ला खां, भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव और सुभाषचंद्र बोस जैसे अनेक देश भक्त हुए है। जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया। उल्लेखनीय है कि शास्त्री जी का जन्म 01जनवरी 1920 को बर्मा ब्रम्हदेश के चौतगा में हुआ था। राधाकृष्ण सिंह शास्त्री के सहयोगी और उनके साथ अनेक कार्यक्रमों के साक्षी रहे अंबादास सूने ने बताया कि शास्त्री जी ने सन 1943 में आजादी के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आव्हान पर आजाद हिंद फौज में भर्ती होकर भारत को स्वतंत्र कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश के अधिकांश भारत वासी दक्षिण पूर्व एशियाई देशो में थे। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका महत्वपूर्ण अविस्मरणीय योगदान रहा है। आजाद हिंद फौज की स्थापना रासबिहारी बोस ने की और नेताजी सुभाषचंद्र बोस को कमान सौंपी। सुभाषचंद्र बोस ने देश की स्वतंत्रता के लिए भारत वासियो का आव्हान किया , फलस्वरूप राधाकृष्ण सिंह और बडे भाई सीताराम, डीपी वर्मा के साथ अनेक भारतीय समुदाय के लोग आजाद हिंद फौज में भर्ती हुए। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने नारा देते हुए कहा कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा। देश के बाहर रहते हुए नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। लेकिन देश स्वतंत्र होने के बाद अनेक क्रांतिकारी और भारत मां के सपूतों को षडयंत्र पूर्वक भुलाने का प्रयास तत्कालीन सरकार ने किया।श्री शास्त्री ने बताया कि पोपा हिल की लड़ाई 11 दिन और 11 रात चली जिसमें सीताराम बड़े भाई मारे गए। आज देश स्वतंत्र है लेकिन जो सम्मान आजादी के बाद देश के महान सपूतों और नेताजी सुभाषचंद्र बोस को मिलना चाहिए था , वह सम्मान तत्कालीन सरकारों ने नहीं दिया। वर्तमान समय में केंद्र और राज्य शासन दोनों की तरफ से उन्हें पेंशन मिल रही है जिससे वह अपना गुजर बसर कर रहे है।