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मात्रा 2005 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: 98 किमी फोरलेन के लिए 56 गांवों की भूमि पर प्रभाव

छतरपुर  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लखनऊ तक बनाए जा रहे इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। छतरपुर जिले में इस कॉरिडोर के लिए नेशनल हाईवे-34 को फोरलेन में बदला जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) जिले की बड़ामलहरा तहसील की सांठिया घाटी से लेकर महाराजपुर तहसील के चौका गांव तक पहले चरण में और दूसरे चरण में चौका गांव से कैमाहा बैरियर तक फोरलेन रोड का निर्माण कर रहा है। छतरपुर जिले में इन दोनों चरणों में मिलाकर कुल मिलाकर 98 किमी. के नेशनल हाईवे 34 के हिस्से को फोरलेन किया जा रहा है जिसमें 2005 करोड़ रूपये लागत आ रही है। इन 56 गांवों की भूमि का अधिग्रहण इस परियोजना में छतरपुर जिले की बड़ामलहरा, छतरपुर, बिजावर और नौगांव तहसीलों के अंतर्गत आने वाले कुल 56 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इनमें बड़ामलहरा तहसील के भिलवार, गोरा, बमनौराखुर्द, घिनौची, रजपुरा, टौरिया, मौली, मेलवार, किवलाई, अरोल, मवई, रानीखेरा जैसे गांव शामिल हैं। वहीं बिजावर तहसील में निवार, मड़देवरा, दरगुवां, गुलगंज, अनगौर जैसे गांवों से जमीन अधिग्रहण हुआ है। छतरपुर तहसील में पलटा, खैरो, मातगुवां, अतरार, रामगढ़ सहित कई गांव इस सूची में हैं जबकि नौगांव विकासखंड के महाराजपुर तहसील में कुर्राहा, ऊजरा, बेदर और गढ़ीमलहरा जैसे गांवों की भूमि ली जा रही है।   भोपाल-लखनऊ के बीच बन रहा इकोनॉमिक कॉरिडोर भोपाल-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर की लंबाई 526 किमी. है और इसका निर्माण 11300 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है। अलग अलग चरणों में ये इकॉनोमिक कॉरिडोर बन रहा है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के कानपुर से करबई तक 112 किलोमीटर, दूसरे चरण में करबई से सागर तक 223 किलोमीटर और तीसरे चरण में मध्यप्रदेश के सागर से राजधानी भोपाल तक 150 किलोमीटर का रोड बन रहा है। भोपाल से लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के एमपी के हिस्से में नया प्रयोग भी किया जा सकता है। यहां एरियल डिस्टेंस के आधार पर रोड बनाई जा सकती है जिससे मोड़ यानि घुमावदार रास्ते कम हो जाएंगे और सफर आसान हो जाएगा।

परीक्षा की तारीखों में बड़ा बदलाव: अब 15 दिन बाद होंगे हाफ इयरली एग्जाम

नर्मदापुरम  एसआईआर कार्य (SIR Survey) के कारण अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। शासकीय और निजी स्कूलों में 24 नवंबर से होने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा अब 15 दिन बाद 8 दिसंबर से शुरु होंगी। तब तक एसआइआर का पहला चरण भी खत्म हो जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा शासकीय प्राथमिक माध्यमिक वि‌द्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 24 से 29 नवंबर के बीच होना थी, अब इसे बदल दिया है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 8 दिसंबर से शुरु करने का आदेश जारी कर दिया है।  दो सत्रों में होगी परीक्षा दो सत्रों में होंगी परीक्षा अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं दो सत्रों में होंगी। पहला सत्र सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक रहेगा। जिसमें कक्षा 6 वीं से 8 वीं तक की परीक्षाएं होंगी। ये 13 दिसंबर को खत्म होंगी। दोपहर 1.30 से शाम चार बजे तक कक्षा 3 से 5 तक की परीक्षाएं होंगी। ये 12 दिसंबर को खत्म होंगी। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधान अनुसार नि:शक्त विद्यार्थियों को निर्देशानुसार अतिरिक्त समय, लेखक की सुविधा दी जाएगी। एसआईआर के कारण बदली गेट- एपीसी एसआईआर के काम के कारण अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के टाइम टेबल में बदलाव किया गया है। 24 नवंबर से शुरु होने वाली परीक्षाएं 8 दिसंबर से शुरू होंगी। नया टाइम टेबल भी राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी कर दिया है। – प्रदीप चौहान, एपीसी कक्षा 3 से 5वीं तक     8 दिसंबर- प्रथम भाषा     9 दिसंबर- गणित     10 दिसंबर- ‌द्वितीय भाषा     11 दिसंबर- विज्ञान     12 दिसंबर- तृतीय भाषा संस्कृत, हिन्दी, उर्दू     13 दिसंबर- सामाजिक विज्ञान

25 नवंबर को बंद रहेंगे दफ्तर– गुरु तेग बहादुर जी के शहादत दिवस पर हरियाणा व चंडीगढ़ में छुट्टी

चंडीगढ़  गुरु तेग बहादुर जी के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार ने 25 नवंबर 2025 (मंगलवार) को अवकाश घोषित कर दिया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2025 की छुट्टियों की अधिसूचना में संशोधन करते हुए इस दिन को पूर्ण सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जबकि हरियाणा सरकार ने इसे वैकल्पिक अवकाश के रूप में मानने का फैसला किया है। चंडीगढ़ प्रशासन की नई अधिसूचना के अनुसार प्रशासन के अधीन सभी सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम, संस्थान और औद्योगिक प्रतिष्ठान 25 नवंबर को बंद रहेंगे। पहले यह दिन प्रतिबंधित अवकाश की श्रेणी में शामिल था, लेकिन अब इसे सिख इतिहास और धार्मिक महत्व को देखते हुए पूर्ण अवकाश घोषित किया गया है।   उधर, हरियाणा सरकार ने भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर 25 नवंबर को राज्य में वैकल्पिक अवकाश घोषित किया है। राज्य सरकार के कर्मचारियों को अपनी सुविधा अनुसार इस अवकाश का लाभ लेने की अनुमति दी गई है। गौरतलब है कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान देश और समाज के लिए धार्मिक स्वतंत्रता, साहस और मानवाधिकारों की रक्षा का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। उनके शहादत दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाएं, नगर कीर्तन और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

माघ मेला 2026: 44 दिनों तक चलेगा आयोजन, श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में शुरू हुई शटल बस सेवा

प्रयागराज  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले के सभी प्रमुख काम 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सीएम के प्रयागराज आगमन पर अफसरों ने उन्हें अब तक की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। इस बार माघ मेला तीन जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। यानी मेले की कुल अवधि 44 दिनों की होगी।   मेला क्षेत्र में इस बार 4900 संस्थाओं के आने का अनुमान है। बेहतर भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2.8 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जाएंगे। समतलीकरण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। मुख्य मार्गों का चिह्नांकन कर दिया गया है। शौचालयों व टेंटों के लिए काम प्रगति पर है। भूमि आवंटन व बसावट का काम 15 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। माघ मेला में भी शटल बस सेवा की सुविधा महाकुम्भ की तर्ज पर माघ मेला 2026 में भी श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालु चारों दिशाओं धूमनगंज, नैनी, झूंसी और फाफामऊ से सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए अस्थायी बस अड्डों सहित सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से शटल बसों का संचालन किया जाएगा। माघ मेला में 75 इलेक्ट्रिक बसों को इस सेवा में लगाया जाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सिविल लाइंस बस स्टेशन के निर्माणकार्य के चलते यहां से नियमित बस संचालन बंद करने की तैयारी है। ऐसे में शहर से मेला क्षेत्र के बीच आवागमन सुचारु रखने के लिए नए रूट तैयार किए जा रहे हैं। उधर, रेलवे ने भी अपनी कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रयागराज जंक्शन की जगह सूबेदारगंज, फाफामऊ और छिवकी स्टेशनों से शुरू कर दिया है। 75 हजार कैमरों में देंगे कनेक्शन इस बार बिजली विभाग 75 हजार शिविरों में कनेक्शन देगा। जबकि 25 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट लागई जाएगी। जिसमें 755 लाइट लगाई जा चुकी है। 500 हाईब्रिड सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। जिसमे 25 का काम प्रगति पर है। पार्किंग के पास होगी भंडारे की व्यवस्था पार्किंग के पास भंडारों का संचालन कराया जाएगा। जिससे थके हारे श्रद्धालु परेशान न हों। दिशा सूचकों की संख्या और आकार को और अधिक बढ़ाया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। वो आसानी से देख सकें। 17 नलकूप और 10 वाटर एटीएम लगाए जाएंगे मेला क्षेत्र में जल निगम नगरीय की ओर से कुल 17 नलकूप लगाए जाएंगे। जिसमें से दो नलकूल स्थापित हो चुके हैं। अफसरों ने बताया कि 10 वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव है, जिसमें से तीन लगाए जा चुके हैं। एक एसटीपी रहेगी। जिसका काम प्रगति पर है। इस बार माघ मेले में 2.8 किलोमीटर का घाट बनाया जाएगा। 4900 संस्थाएं आएंगी। संगम क्षेत्र में समतलीकरण का कार्य 60 फीसदी पुरा हो चुका है। बिजली के खंभों पर होगा क्यूआर कोड महाकुम्भ की तरह इस बार माघ मेला 2026 में भी बिजली विभाग पूरे क्षेत्र के बिजली खंभों और आरएमयू पर क्यूआर कोड लगा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उसकी सटीक लोकेशन मोबाइल पर दिखाई दे जाएगी। इससे यदि कोई व्यक्ति मेला क्षेत्र में रास्ता भटक जाता है, तो वह कोड स्कैन कर अपनी स्थिति तुरंत जान सकेगा। दूसरा बड़ा लाभ यह होगा कि बिजली से संबंधित किसी खराबी या समस्या की शिकायत भी उसी क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे दर्ज की जा सकेगी। शिकायत मिलते ही विभाग को उस स्थान की लोकेशन मिल जाएगी और टीम तत्काल मौके पर भेजी जा सकेगी। मुख्य अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि इस बार माघ मेला क्षेत्र में कुल 21,917 बिजली खंभे लगाए जा रहे हैं।

दिल्ली में ऑफिस कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी, आधे स्टाफ को घर से काम करने की सलाह

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। लगातार नौवें दिन भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रही जिसके बाद सरकार को कड़े एहतियाती कदम उठाने पड़े हैं। इसी के चलते दिल्ली सरकार ने निजी कंपनियों को कहा है कि उनके 50% कर्मचारी घर से ही काम करें । सरकार ने जारी की वर्क फ्रॉम होम की सलाह इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने निजी कार्यालयों के लिए तत्काल प्रभाव से एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। निजी कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके 50% कर्मचारी घर से काम करें (Work From Home)। यह कदम सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को कम करने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। GRAP-3 और CAQM का कड़ा रुख यह एहतियाती उपाय केंद्र के ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 3 (Stage 3) के तहत आता है। सरकार का यह निर्देश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के एक औपचारिक निर्देश के बाद आया है। CAQM ने प्रदूषण प्रतिक्रिया ढांचे को और कड़ा करते हुए यह निर्णय लिया है। यह सख्ती सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के उन निर्देशों पर आधारित है जिनमें प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया था। GRAP-3 के तहत सामान्य तौर पर लगाए जाने वाले कुछ अन्य प्रतिबंध: गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध। ईंट भट्टों, हॉट मिक्स प्लांट्स और स्टोन क्रशर के संचालन पर प्रतिबंध। गैर-ज़रूरी ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक। लगातार खराब होती हवा ने दिल्ली में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है जिसके चलते सरकार और पर्यावरण एजेंसियां सख्त कदम उठाने को मजबूर हैं।  

भोपाल में 10 दिन तक रूट डायवर्जन लागू, यात्रियों के लिए जारी हुई खास ट्रैफिक गाइडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आगामी 10 दिनों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। ये ट्रैपिक डायवर्जन शहर के चुनिंदा मार्गों पर कल से प्रभावी कर दिया जाएगा। दरअसल, शहर में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। इसी के चलते सोमवार 24 नवंबर से गुरुवार 4 दिसंबर 2025 तक रात में शहर के रूट डायवर्ट किए जाएंगे। करोंद से लाम्बाखेड़ा रोड (CIAE कैंपस) तक मेट्रो के लिए गार्डर लॉन्चिंग का काम किया जाएगा। ये कार्य 24 नंवबर से शुरु होकर 4 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, क्षेत्र में वाहनों के भारी दबाव को मद्देनजर रखते हुए गार्डर लॉन्चिंग का काम रात से सुबह तक किया जाएगा। ऐसे में रात 11:00 बजे से सुबह 6 बजे के बीच यहां ट्रैफिक डायवर्जन प्रभावी रहेगा। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए व्यवस्था हल्के वाहनों के लिए नया रूट- दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ छोटे वाहन BHMRC अस्पताल के सामने से मित्तल कॉलेज रोड होते हुए राजवंश कॉलोनी से गोकुल मार्केट, मित्तल मार्केट, सेंट जॉर्ज स्कूल होते हुए मित्तल कॉलेज तिराहा होकर आ और जा सकते हैं।   भारी वाहन- बस और ट्रकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भारी वाहन, जिनमें बसें और ट्रक शामिल हैं। करोंद से लाम्बाखेड़ा जाने वाले भारी वाहन चीपड़ा कला से भानपुर या आचारपुरा मीना चौराहा होते हुए आशाराम बापू तिराहा होकर डायवर्ट मार्ग का उपयोग करेंगे। रात में आवागमन प्रभावित, संबंधित मार्गों पर निर्माण कार्य के कारण मुख्य रोड अस्थायी रूप से बंद रहेगा।   ट्रैफिक डिपार्टमेंट की अपील वहीं, शहर की ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि, असुविधा से बचने के लिए सभी वाहन चालक निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें।

जीवाजी यूनिवर्सिटी ने जारी किया नया शेड्यूल, लेट फीस के साथ अब दो दिन में करें आवेदन

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 में प्रवेशित छात्रों के लिए नामांकन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की संशोधित अधिसूचना जारी की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अध्ययनशालाओं को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने छात्रों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करवाएं। अधिसूचना के अनुसार, सभी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से नामांकन/ रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है और किसी भी परिस्थिति में तिथियों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इस संशोधित अधिसूचना के अनुसार सामान्य छात्रों के लिए नामांकन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि मध्यप्रदेश के बाहर के छात्रों को 200 रुपये शुल्क जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि नामांकन/ रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित अध्ययनशालाओं में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 नवंबर तय की गई है। इसमें उन्हें विलंब शुल्क 200 रुपये भी देना होगी।   इसके बाद सभी दस्तावेजों की जांच करके उन्हें विश्वविद्यालय में जमा करने की समय-सीमा 25 नवंबर निर्धारित की गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि यह आदेश कौशल एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेशित छात्रों पर लागू नहीं होगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। दस्तावेज साथ रखें एमपी आनलाइन के पोर्टल पर फार्म भरते समय छात्रों को जन्मतिथि प्रमाणपत्र, 10वीं की अंकसूची, प्रोवेशन प्रमाणपत्र, पात्रता प्रमाणपत्र, गैप सर्टिफिकेट (यदि हो) और माइग्रेशन (यदि लागू हो) जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखने होंगे। अगर इनमें कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता है तो ऐसे में छात्र का परीक्षा फार्म नहीं भरा जा सकेगा। ऑनलाइन नामांकन भी अनिवार्य विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेशित छात्रों को नामांकन का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। जिन छात्रों के पास पहले से नामांकन नंबर मौजूद है, उन्हें भी यह प्रक्रिया दोबारा पूरी करनी होगी। विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि जो छात्र नामांकन फार्म नहीं भरेंगे, वे आगामी परीक्षा फार्म भरने से वंचित हो जाएंगे और ऐसे मामलों में संपूर्ण जिम्मेदारी छात्र तथा विभागाध्यक्ष की होगी।

BLO के लिए खुशखबरी! एसआइआर में अब मूवी टिकट + ₹500 गिफ्ट वाउचर का तोहफ़ा

जबलपुर  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआइआर) में लापरवाही बरतने पर बीएलओ को नोटिस और निलबन से लेकर वेतन में कटौती की जा रही है। इससे भी काम में तेजी नहीं आ रही है। इसके उलट, प्रदेशभर में एसआइआर के काम के दबाव के बीच बीएलओ की मौत की खबरें आ रही हैं। ऐसे में जिला निर्वाचन कार्यालय ने बीएलओ को सम्मानित करना शुरू कर दिया है। नई पहल के तहत अब हर दिन अपने बूथ के शत-प्रतिशत गणना फार्म का डिजिटाइजेशन करने वाले बीएलओ और उनके सहयोगी को आकर्षक पुरस्कार दिए जा रहे हैं। मूवी के दो-दो टिकट कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले के आठों विधानसभा क्षेत्रों में शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म का डिजिटाइजेशन करने वाले एक-एक बीएलओ एवं उनके सहयोगी को मूवी के दो-दो टिकट और 500-500 रुपए का गिफ्ट वाउचर देने का निर्णय लिया है। शनिवार शाम तक मतदाताओं से प्राप्त भरे हुए गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य में पाटन विधानसभा क्षेत्र जिले की आठों विधानसभाओं में पहले स्थान पर है। यहां 48.93 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। सिहोरा 48.20 फीसदी के साथ दूसरे तथा बरगी 47.68 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है।   जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत ने बरगी विधानसभा क्षेत्र के बूथ 249 से 260 तक के पर्यवेक्षण के लिए नियुक्त बीएलओ सुपरवाइजर जनपद पंचायत जबलपुर के सहायक विकास विस्तार अधिकारी अनिल झारिया का नवबर का दो दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। नोटिस भी जारी किया गया है। शनिवार को बूथ के शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने वाले बीएलओ का कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर समान किया। सम्मानित होने वालों में विधानसभा क्षेत्र जबलपुर के मतदान केंद्र 116 की बीएलओ सोमलता,मतदान केंद्र 118 के बीएलओ अश्विनी तिवारी शामिल हैं। पनागर के मतदान केंद्र 61 कुशनेर की बीएलओ विमला चौधरी, पाटन के मतदान केंद्र 44 के बीएलओ हरिशंकर बर्मन, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पश्चिम के मतदान केंद्र 5 के बीएलओ मुकेश कोष्टा ने भी डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया है।

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: विस्फोटक सामग्री संग 7 नक्सली धराए

बीजापुर  माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नैमेड़ थाना, कोबरा 210 और भोपालपटनम् पुलिस की संयुक्त और अलग-अलग कार्रवाई में कुल 7 माओवादी आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। सभी के पास से टिफिन बम, डेटोनेटर और कार्डेक्स वायर सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। नैमेड़ थाना-कोबरा 210 की संयुक्त कार्रवाई माओवादी विरोधी अभियान के दौरान नैमेड़ पुलिस और कोबरा 210 की टीम कांडका-जपेली जंगल में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान टीम ने 5 माओवादियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए माओवादियों के कब्जे से टिफिन बम, कार्डेक्स वायर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद किया गया है। भोपालपटनम् थाना की कार्रवाई इधर भोपालपटनम् थाना पुलिस ने मट्टीमरका मार्ग पर एमसीपी (मोबाइल चेकिंग पॉइंट) के दौरान वाहनों की जांच की। इस दौरान 2 माओवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। पकडे़ गए माओवादी सहयोगी के कब्जे से 01 नग टिफिन बम, डेटोनेटर, इलेक्ट्रीक वायर, कोर्डेक्स वायर बरामद किया गया है। प्रकरण में गिरफ्तार माओवादी के विरूद्ध नैमेड़ और भोपालपटनम् थाना में वैधानिक कार्रवाई की गई। उसके बाद न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

राशन संकट गहराया: मोहलत पूरी, हजारों कार्डधारकों पर बंद होने का खतरा

रतलाम  रतलाम जिले में अब भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत राशन प्राप्त करने वाले 40 हजार ऐसे हितग्राही है जिन्होंने अब तक ई केवाईसी नहीं कराई है। सरकार जून से इन्हें राहत देते हुए आ रही हैं, लेकिन छह माह बाद भी करीब हजारों उपभोक्ताओं ने ई केवाईसी (e-KYC) नहीं करवाई, इनका भी आगामी माह में राशन बंद हो सकता हैं। इसके पूर्व 1 जनवरी से 31 मई तक विभागीय स्तर पर ई केवाईसी नहीं कराने वाले 60 हजार उपभोक्ताओं के नाम कटे थे।  40 हजार हितग्राहियों ने नहीं कराया ई-केवाईसी जिले के करीब 9 लाख 75 हजार हितग्राही है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत राशन में गेहूं, चावल, शक्कर, नमक उचित मूल्य की दुकान से प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 40 हजार हितग्राही अब भी ऐसे बचे हुए है जिन्होंने आज तक ई-केवाईसी नहीं करवाया हैं। सरकार छह माह से इन्हे ई केवाईसी कराने के लिए अवसर दे रही हैं, लेकिन जिन्होंने अब भी ईकेवाईसी नहीं करवाया, उनका आगामी माह में सरकार राशन बंद कर सकती हैं। साल की शुरुआत में जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अन्तर्गत कार्डधारी 10 लाख 20 हजार से अधिक उपभोक्ता थे, जिनकी ई केवाईसी नहीं थी। जिन्होंने ई केवाईसी करवा ली, अब उन हितग्राहियों को राशन का लाभ मिल रहा हैं। अब तक जिन्होंने ई केवायसी नहीं करवाई, उनसे छह माह से हितग्राहियों से ई केवाईसी के लिए विभागीय अधिकारी के साथ ही दुकान संचालक आग्रह कर रहे हैं। इसके अलावा जो अब भी नहीं करवा रहे हैं उनका राशन बंद हो सकता हैं।   जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले ने बताया – जून से ई केवाईसी के लिए राशन प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को आग्रह किया है जा रहा हैं, वे यह कार्य करवा लें, नहीं आएंगे तो आगामी माह में राशन बंद हो सकता हैं। जिले में अब भी 40 हजार उपभोक्ता है, जिनकी ई केवाईसी शेष हैं। नए पात्रता पर्ची वाले ई केवाइसी करवा भी रहे हैं और नई पर्चियां भी बन रही हैं। नोटिस वालों के भी जवाब अधिकांश आ गए हैं, जिन्होंने नहीं दिए उनका राशन बंद हो जाएगा।