samacharsecretary.com

जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान

विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा, जेएन कंसोटिया,सी एस धुर्वे का हुआ सम्मान जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान  अजाक्स की साधारण सभा में प्रांतीय कार्यकारिणी की गठित भोपाल मप्र अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) की प्रांतीय साधारण सभा में आईएएस संतोष वर्मा आम सहमति से नए प्रान्तध्यक्ष चुने लिए गए हैं। रविवार को राजधानी के तुलसी नगर सेकण्ड स्टॉप डॉ. आम्बेडकर जयंती मैदान में आम सभा सम्पन्न हुई। इसी सभा में 21 साल से अजाक्स की अपने हाथ में कमान रखने वाले जेएन कंसोटिया ने निजी कारणों का हवाला देते हुए प्रान्ताध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्हें संरक्षक और सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। उनके अलावा अन्य नियुक्तियां भी की गई। बता दें उनका कार्यकाल सितम्बर 2026 तक है, लेकिन इस्तीफा दें दिया। इस्तीफे की जानकारी जैसे ही महासचिव इंजी एसएल सूर्यवंशी ने सभा में रखी तो सभी ने एक स्वर में अस्वीकार कर दिया। प्रान्ताध्यक्ष कंसोटिया ने स्वयं मंच से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया। जिसके बाद नए अध्यक्ष पर विचार मंथन हुआ। संघ के महासचिव राजवीर अग्निहोत्री ने नए प्रान्ताध्यक्ष के नाम पर  कार्यवाहक अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसको सभी ने ध्वनि मत से अपना समर्थन दिया।  कार्यक्रम का प्रारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब और धरती आबा बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुआ और नए प्रान्ताध्यक्ष के स्वागत व नारेबाजी के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। आयोजन में राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। साधारण सभा का संचालन घनश्याम भकोरिया एवं प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण ने किया। जबकि आभार भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी ने व्यक्त किया। कंसोटिया ने समाज के साथ हो रहे भेदभाव पर जताई चिंता  जेएन कांसोटिया ने अजाक्स संगठन की ताकत का उल्लेख किया गया। समाज के शासन और सामाजिक स्तर पर हो रहे भेदभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला और नए नेतृत्व को इन मुद्दों को प्रमुखता से उचित मंच पर रखने का आव्हान किया। उन्होंने सिविल जजों की भर्ती में अजा-जजा का चयन ना होना, बैकलॉग की पूर्ती न होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अजाक्स को और अधिक प्रभावी रुप से कदम उठाने पर बल दिया।   कंसोटिया ने कहा कि समाज ही अजाक्स है और अजाक्स ही समाज है। यही संघठन की ताकत है, तभी प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी डिमोशन से बच गए। यह बहुत बड़ा चेलेंज है कि हमको सरकारी सिस्टम से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने सिविल जज भर्ती पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आज उद्योग धंधे में जीरो, सेवाक्षेत्र में जीरो, निर्णय प्रक्रिया, मीडिया में हमारी भागीदारी जीरो है। ग्वालियर में बाबा साहब के बारे में लोग गलत टिप्पणी कर रहे हैं, यह गलत है इसका विरोध करना है। ग्वालियर ओर दिल्ली में सीजेआई की घटना पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि घर -घर अम्बेडकर, हर दिन अम्बेडकर अभियान पर अजाक्स तेजी से काम कर रहा है। सामाजिक भेदभाव बढ़ता जा रहा है। यह भी हमारे लिए बड़ा चैलेज है। सफाई कर्मियों के साथ भी बड़ा भेदभाव हो रहा है। जाति छुपाना बड़ी मानसिकता है, इसे दूर करना होगा। उन्होंने क्रिमिलेयर पर भी सवाल उठाया। साथ ही 20 आईएएस अफसरों के बेटे क्या बने, यह रिपोर्ट बताई। अंत में उन्होंने 21 साल से मिले सम्मान का भी जिक्र किया और आगे भी अजाक्स के लिए काम करने का वचन दिया। हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता: संतोष वर्मा नए प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि संघ के लिए  हमको समय देना होगा। अगर साल में एक दिन भी नहीं दिया तो हमारा अस्तित्व नहीं बचेगा। आईएएस कंसोटिया मेरे गुरु रहे हैं और आज हमें फिर उनके मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। अभी संघठन की स्तिथि ठीक नहीं है। 2016 में हमने ताकत दिखाई ओर हम माँ के लाल बन गए। क्या हमने हजारों सालो से पीड़ा नहीं झेली है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी नहीं बचेगी। उन्होंने सिविल जज परीक्षा पर भी सवाल उठाया। ज़ब हमारे बच्चे आईएएस, आईपीएस डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी बन सकते हैं तो जज क्यों नहीं बन सकते है। हमारे भविष्य का बीज नष्ट किया जा रहा है। मैंने मंत्रालय में 8 महीने की सर्विस में देखा है कि किस तरह से हमारे वर्ग के सेवकों की सीआर बिगाड़ी जाती है। एक अफसर को एक छोटी सी गलती के लिए 12 साल तक परेशान किया गया। हमारी लड़ाई किसी धर्म से नहीं, बल्कि दोषी व्यवस्था से है। व्यक्ति को अपने के साथ समाज के लिए जीना चाहिए। प्रशासन में हमारे समाज की ज्यादा संख्या बढ़ाना होगी, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता है। प्रांतीय महासचिव इंजी सूर्यवंशी ने संघ के एजेंडे पर की चर्चा  साधारण सभा का प्रारंभ प्रांतीय महासचिव इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने संघ के एजेण्डा बिन्दुओं को बताते हुए अजाक्स की 30 वर्षीय संघर्षमयी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आरक्षण अधिनियम 199, पदोन्नति नियम 2002 छात्रवृत्ति मंहगाई सूचकांक जोडने, निजी  इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज फीस का शासन से वहन कर सुप्रीम कोर्ट से बैक वर्ड नेस के डाटा की अनिवार्यता समाप्त करने, शासकीय खरीदी में 30% खरीदी आरक्षित वर्ग से करने, सिविल जज परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मेरिट होल्डर को अनारक्षित कोटे में शामिल करने का निर्णय उच्च न्यायालय से हटाने सहित अजाक्स भवन, विभिन्न जिलों जैसे सिंगरौली, रीवा, सतना, ग्वालियर अनुपपुर इत्यादि में निःशुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुआत तथा उच्च शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले आरक्षित वर्ग की सीट में बढ़ोतरी करने जैसी उल्लेखनीय सफलताओं का जिक्र किया। इसके अलावा सूर्यवंशी ने आउट सोर्स, मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और निजी क्षेत्र आदि में आरक्षण देने जैसे विषयों पर न्यायालय मे अजाक्स द्वारा दायर याचिकाओं के बारे मे बताया। उन्होंने एकजुटता बनाये रखने की भी बात कही। सूर्यवंशी ने बैकलॉग पूर्ति करने वरीष्ठता के आधार पर उच्च पदों का प्रभार देने छात्रवृत्ति समय पर देने छात्रावासों में छात्रा-छात्राओं के लिए जिला स्तर पर 5000 सीट तथा संभाग स्तर … Read more

ओरछा रोशन: श्रीरामराजा सरकार के लिए आज होगा हल्दी उत्सव, दीपों की छटा देखिए

ओरछा  बुंदेलखंड की अयोध्या श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव की धूम मची है। दूर-दराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। चार दिवसीय विवाह महोत्सव में आज मंडप सजेगा, हल्दी की रस्म होगी और तेल चढ़ेगा। इसके साथ ही 25 नवंबर को भव्य बरात निकलेगी। बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से विख्यात राजा राम की नगरी ओरछा में सदियों से मनाए जाने वाले राम-जानकी विवाह महोत्सव को लेकर नगर सहित बुंदेलखंड के लोगों में भारी उत्साह है। रविवार की शाम गणेश पूजन के साथ विवाह महोत्सव की शुरूआत हुई। बेतवा नदी के कंचना घाट पर एक लाख दीपों को प्रज्वलित किया गया तो दीपावली जैसा माहौल निर्मित हो गया। इस दौरान मां बेतवा की आरती की गई। इस दौरान कलेक्टर जमुना भिड़े व एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। 26 नवंबर तक मनाए जा रहे इस महोत्सव में सोमवार को मंदिर में विवाह का मंडप सजाया जाएगा, जहां देशभर से आए श्रद्धालु श्रीरामराजा सरकार को हल्दी लगाएंगे। एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की दिखाई दी झलक संपूर्ण ओरछा नगर श्रीराममय हो गया है, जहां एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की झलक दिखाई दे रही है। श्रीराम विवाह में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालु भक्तों में एक ही उमंग है कि हम रामराजा सरकार को कब दूल्हा बना देखें। इस पारंपरिक विवाह महोत्सव में लोगों को धर्म संस्कृति और परंपराओं का प्राचीन एवं अनोखा संगम देखने को मिलेगा। कलेक्टर रहेंगी मुख्य यजमान श्रीराम विवाह महोत्सव में 24 नवंबर को यजमान के रूप में जिला कलेक्टर जमुना भिडे मंडप का पूजन करेंगीं। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज एवं मंदिर पुरोहित पं. वीरेंद्र बिदुआ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत मंडपाच्छादन पूजन किया जाएगा। इसके बाद श्रीरामराजा मंदिर धर्मशाला में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरित किया जाएगा।

फेक करेंसी का खेल फटा: डॉक्टर ने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर छापे 20 लाख के नकली नोट, बुरहानपुर RMO का रहा पद

खंडवा  नकली नोटों के बड़े रैकेट का राजफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने भोपाल से एक डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के गिरोह ने ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी नोटों की छपाई कर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को ग्राम पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। आरोपियों को खंडवा न्यायालय में रविवार शाम को पेश कर 3 दिनों की रिमांड ली गई है। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में छापते थे नकली नोट खंडवा एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने  को प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे एवं उसके साथी गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गोरे भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे। मकान में हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री से नोट तैयार किए जाते थे। जावर पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी नोट, उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनमें 32 एटीएम कार्ड और 15 चेकबुक भी शामिल हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नेटवर्क बनाकर नोट खपाने का काम किया जा रहा था। महाराष्ट्र में साथी के गिरफ्त में आने से हिल गया नेटवर्क गिरोह के मोस्ट ट्रस्टेड साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी के महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस के हाथ लगने के बाद नेटवर्क टूटने लगा। इसी सुराग के आधार पर जावर पुलिस अलर्ट हुई और पैठिया के मदरसे पर दबिश देकर 20 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. नवलखे है। 22 नवंबर को सूचना मिली कि वह भोपाल में छुपा है, जिसके आधार पर 23 नवंबर को टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को धर दबोचा। जब्ती में मिले मोबाइल, लैपटॉप, ATM, चेकबुक और फर्जी नोट एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने मीडिया से चर्चा में कहा की आरोपियों से बरामद सामग्री में भारी वित्तीय घोटाले की आशंका है। डॉ. प्रतीक नवलखे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 चेकबुक, 12 ATM व डेबिट कार्ड जब्त हुए हैं। गोपाल उर्फ राहुल से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 6 नकली नोट, ड्रायर मशीन, 2 मोबाइल, 20 ATM व डेबिट कार्ड। वहीं दिनेश गोरे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 17 नकली नोट, बरामद हुए हैं। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लग सके। भोपाल में किराए के मकान में छिपे थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मदरसे के इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. प्रतीक नवलखे निवासी बुरहानपुर हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी डॉक्टर भोपाल मे गोपाल उर्फ राहुल के किराये के मकान मे छुपा हुआ हैं। 23 नवंबर को जावर टीम मौके पर पहुंची। यहां से प्रतीक नवलखे पिता सुरेश नवलखे (43) निवासी बुरहानपुर, गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार (35) निवासी हरदा, दिनेश गोरे पिता दीपक गोरे (43) निवासी धारणी, जिला अमरावती महाराष्ट्र काे गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 15 चेकबुक और 32 एटीएम मिले एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि, भोपाल में गोकुल धाम सोसाइटी स्थित आरोपी गोपाल उर्फ राहुल के किराए के मकान से नकली नोट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले है। मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रतीक नवलखे के कब्जे से 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 चेक बुक, 12 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार के कब्जे से 500 के 6 नकली नोट, एक ड्रायर मशीन, दो मोबाइल, 20 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी दिनेश पिता दीपक गौर (43) निवासी धारणी के कब्जे से 500 के 17 नकली नोट जब्त किए। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती, वहीं बनाया प्लान 2019-20 के दौरान डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में आरएमओ के पद पर था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़ाई कर रखी थी, लेकिन जिला अस्पताल में रहने के दौरान उसने कई घोटालों को अंजाम दिया। इसी तरह एक घोटाले में उस पर एफआईआर के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जुबेर अंसारी से हुई। दोनों बुरहानपुर के थे, इसलिए प्लान बनाया कि जेल से बाहर निकलकर क्या करेंगे। फिर उन्होंने नकली नोट के कारोबार का जाल बिछाया। एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। बाकी जैसी डील हो जाए। ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराये पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी कुल ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे। भनक लगी तो चारधाम यात्रा पर निकल गया था डॉक्टर डॉक्टर प्रतीक नवलखे को जानकारी लग गई कि उसका साथ इमाम जुबेर अंसारी मालेगांव पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं। कहीं पूछताछ के दौरान जुबेर उसका नाम लेता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नवलखे उस समय मुंबई में था। फिर ये लोग पुणे आए। यहां से वह सीधे इंदौर होकर भोपाल पहुंचा। वहां जाकर ठिकाना बदला, नोट छापने की मशीन को नाले में फेंका और अपनी गर्लफ्रेंड को अलग किया। गोपाल के किराये के मकान में सामान शिफ्ट किया। फिर चारधाम यात्रा पर निकल गया। इस दौरान उसने देहरादून, बद्रीनाथ, देवप्रयाग होते हुए वापस भोपाल आया, यहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। भोपाल सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में था व्यापार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का नकली नोट का कारोबार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र के धुले, मालेगांव, जलगांव और चंद्रपुर, अकोला जिले का मूर्तिजापुर, अमरावती जिले का धारणी और नागपुर में था। इन लोगों ने अभी … Read more

गांव से शिखर तक: जानिए कैसे CJI सूर्यकांत बने देश के 53वें चीफ जस्टिस

हिसार   जस्टिस सूर्यकांत आज, सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली । राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार किसी सीजेआई के शपथ ग्रहण में 7 देशों के मुख्य न्यायाधीशों की मौजूदगी दर्ज रही । इस कार्यक्रम में ब्राजील, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, भूटान, श्रीलंका और नेपाल के सीजेआई अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ हिस्सा लिया  । सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज भी मौजूद रहें। मौजूदा सीजेआई बीआर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को ही समाप्त हो चुका है। इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत सर्वोच्च न्यायालय का दायित्व संभालेंगे। उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा। कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत? जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा में हिसार के पेटवाड़ गांव में हुआ। उनका शुरुआती जीवन एक सामान्य ग्रामीण परिवेश में बीता। हिसार से ग्रेजुएशन (1981) के बाद उन्होंने 1984 में रोहतक से LLB और 2011 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से LLM किया। उनका कानूनी करियर 1984 में हिसार की जिला अदालत से शुरू हुआ। 1985 में वे चंडीगढ़ चले गए और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। जस्टिस सूर्यकांत का करियर 2000: हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल नियुक्त 2001: सीनियर एडवोकेट 2004: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज 2018: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस 2019: सुप्रीम कोर्ट के जज 2024: सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन 2025: भारत के 53वें CJI जस्टिस सूर्यकांत के अहम फैसले अपने करियर में जस्टिस सूर्यकांत कई संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में अहम बेंचों का हिस्सा रहे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में वे 1000 से अधिक फैसलों में शामिल रहे। इसमें आर्टिकल 370 पर ऐतिहासिक फैसला (2023) भी शामिल है। वे उस संविधान पीठ में शामिल थे, जिसने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाने के फैसले को बरकरार रखा। डेरा हिंसा मामला (2017) में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच में शामिल रहते हुए, उन्होंने गुरमीत राम रहीम को सजा मिलने के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर डेरा सच्चा सौदा को पूरी तरह साफ करने का आदेश दिया। उन्होंने उस फैसले में हिस्सा लिया जिसमें देशद्रोह कानून (IPC 124A) के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई और समीक्षा तक नई FIR दर्ज न करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए 1/3 आरक्षण, AMU अल्पसंख्यक दर्जा मामला, पेगासस स्पाइवेयर जांच और बिहार SIR मामले में भी उनकी अहम भूमिका रही।

किसानों की समृद्धि प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई सरकार की संवेदनशीलता

कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवम्बर को श्योपुर में किसानों को देंगे राहत राशि श्योपुर के किसानों ने की मुख्यमंत्री डॉ.यादव से भेंट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी। श्योपुर की विशेषताओं पर बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। 

काली कमाई का पर्दाफाश: बिहार के अधिकारी की करोड़ों की संपत्ति और महंगे गहनों की जांच में खुलासा

पटना  राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद के पटना, जहानाबाद और औरंगाबाद स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह पूरी कार्रवाई करीब सात घंटे तक चली. जिसमें टीम ने नोट गिनने की मशीन मंगवाई, दस्तावेज खंगाले और परिजनों से लंबी पूछताछ की. SVU की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनिल आजाद ने कथित रूप से 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. जबकि शिकायत आय से 1.58 करोड़ अधिक संपत्ति की थी. अब आगे की प्रक्रिया जब्त कागजातों और डिजिटल डेटा के मूल्यांकन के बाद तय होगी. छापेमारी में मिले करोड़ों के संपत्ति दस्तावेज SVU के अनुसार, तलाशी के दौरान अनिल आजाद और उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर कुल 10 प्लॉट, 28 लाख रुपये की एफडी, 1.54 करोड़ रुपये का बैंक व बीमा निवेश, 48 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और करीब 35 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए. इसके अलावा परिवार के तीन बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें अगली कार्रवाई में खोला जाएगा. SVU की टीम सुबह ही पटना के शिवपुरी स्थित आवास, जहानाबाद के पैतृक घर और औरंगाबाद के सरकारी कार्यालय व किराए के मकान पर पहुंची. कोर्ट से जारी तलाशी वारंट के आधार पर सभी जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई. टीम को बड़ी संख्या में जमीन के कागज, पासबुक, बीमा दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले, जिन्हें जब्त कर जांच में जोड़ा गया है. दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं आजाद अनिल आजाद मूल रूप से जहानाबाद जिले के सुमेरा गांव के निवासी हैं. 1991 में उत्पाद विभाग में दरोगा के रूप में नियुक्त हुए थे. 1999 से 2002 तक पटना में उनकी पोस्टिंग रही और इसी दौरान उन्होंने पटना के बड़े स्प्रिट कारोबारी असलम खान की पत्नी मुन्नी खातून की गिरफ्तारी की थी, जिससे वे काफी चर्चा में आए थे. बाद में इंस्पेक्टर और फिर अधीक्षक बने. पिछले 20 महीनों से वे औरंगाबाद के अधीक्षक पद पर तैनात थे. खास बात यह है कि आजाद मात्र दो महीने बाद रिटायर होने वाले हैं, ऐसे समय में हुई छापेमारी प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े कर रही है. पत्नी और परिवार के नाम जमीन-जायदाद SVU की रिपोर्ट के अनुसार, पटना शास्त्रीनगर में उनकी पत्नी के नाम 6 प्लॉट हैं, जबकि जहानाबाद में परिवार के नाम 4 प्लॉट मिले हैं. इनकी कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 करोड़ बताई गई है. साथ ही पटना स्थित आवास से ₹28 लाख की एफडी भी मिली है. अलग-अलग इंसयोरेंस और बैंकिंग स्कीम में की गई 1.54 करोड़ की निवेश राशि भी जांच के घेरे में है. साथ ही 48 लाख रुपये के बैंक बैलेंस और 26 लाख रुपये के सोने व 8.6 लाख रुपये की चांदी के आभूषणों की रसीदें मिली हैं. अनिल आजाद का आरोप- स्प्रिट माफियाओं ने फंसाया छापेमारी के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अनिल आजाद ने खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि यह कार्रवाई स्प्रिट माफियाओं की साजिश है. उनका कहना है कि उन्होंने औरंगाबाद में 25 अवैध स्प्रिट फैक्ट्रियां बंद कराईं, जिससे माफिया उनसे नाराज थे. उन्होंने कहा- नेताओं और स्प्रिट कारोबारियों की मिलीभगत के कारण मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई की गई है. मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं और सच सामने आएगा. भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज SVU ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b), 13(2) और IPC की धारा 61(2)(a) के तहत केस दर्ज किया है. केस में कहा गया है कि 2000 से अब तक Income Sources से अधिक संपत्ति जमा की गई है. 

अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर कार्यक्रम के लिए जताई भक्ति, कहा—‘नंगे पैर ही शामिल होऊंगा’

अयोध्या  रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य और दिव्य स्वरूप में सजने को पूरी तरह तैयार है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आएंगे और राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह का शुभारंभ करेंगे। इस बीच राम मंदिर ध्वजारोहण को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। दो दिन पहले जहां सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य महाराज ने अयोध्या के सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं देने का आरोप लगाया था वहीं अब सांसद ने कहा है कि उन्हें अभी तक राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह का न्योता नहीं मिला है। यदि मुझे न्योता मिला तो सारा काम धाम छोड़कर मैं नंगे पैर ही वहां जाऊंगा। एक निजी चैनल से बातचीत में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि तुलसीदास जी ने लिखा भी है-दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा। यह मान्यता थी लेकिन भाजपा की सरकार ने जो प्रभु श्रीराम के राज की मान्यताएं थीं उन मान्यताओं को बिगाड़ दिया है। उधर, इटावा से सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने भी तंज कसते हुए कहा कि राम मंदिर के ध्वजारोहण जैसे धार्मिक कार्यक्रम में पीएम के जाने का क्या मतलब है। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम थोड़े है। वहीं भाजपा प्रवक्ता एसएन सिंह ने कहा कि सपा नेताओं को अयोध्या की भव्यता चुभती है। वे अनर्गल प्रलाप करते हैं। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि स्थानीय सांसद और अयोध्या का नागरिक होने के नाते वह कार्यक्रम की तैयारियों पर भी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह तैयारियां देखने गए भी थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के चलते तैयारियां सरकारी लोगों के ऊपर है। प्रदेश और देश के तमाम सुरक्षा कर्मी आए हैं। कहा कि स्थानीय सांसद होने के नाते, अयोध्या में पैदा होने नाते मेरी भी नैतिक जिम्मेदारी और सोच है। इसीलिए कल भी गया था। आज भी जाऊंगा। सपा सांसद ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मेरे ऊपर प्रभु श्रीराम, हनुमान जी, मां सीता और सरयू माई की कृपा है। जब मैं बीए पार्ट वन का छात्र था तो सीता रसोई देखने जाता था।

रायपुर में शुरू हुई 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाएँ, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की लागत वाली आवासीय परियोजनाओं का किया शुभारंभ राज्य के 26 जिलों में हाउसिंग बोर्ड की 55 परियोजनाओं से बनेंगे 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास  शंकर नगर बीटीआई ग्राउण्ड में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला शुरू रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउण्ड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह 55 परियोजना राज्य के 26 जिलों में शुरू होंगी, जिनके माध्यम से 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के एआई चैट बॉट और पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी सहजता से मिल सकेगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक  पुरंदर मिश्रा, विधायक  अनुज शर्मा, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल  अनुराग सिंहदेव, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जतीन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम बहुत बेहतर है। राज्य के लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण मकान उपलब्ध कराने के लिए नवाचार के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाउसिंग बोर्ड के 790 करोड़ रूपए के कर्ज को अदा कर बोर्ड को कर्ज मुक्त कर दिया है ताकि बोर्ड बेहतर रणनीति के साथ काम करें। उन्होंने जरूरतमंदों एवं आवासहीनों को पक्का मकान दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के तहत 26 लाख लोगों को आवासों की मंजूरी दी गई। सबका आवास बन रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार तथा बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास की मंजूरी दी गई है।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय आवास मेले में आवास बुकिंग का प्रमाण पत्र, हाउसिंग बोर्ड के उपभोक्ताओं को आवास की चाबी तथा फ्री होल्ड मकान का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की और कहा कि बोर्ड की वर्तमान टीम, हाउसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास मेले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से मेला शुरू हुआ है रोड पर जाम लग गया है और टैªफिक व्यवस्था संभल नहीं रही है। उन्होंने राज्य में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसके लिए उन्होंने बजट में 14 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की सभी परियोजनाओं को जिलों में अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।  आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड के काम-काज को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड 790 करोड़ रूपए के कर्ज से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर हाउसिंग बोर्ड ने 672 करोड़ का बिजनेस किया है। लैंड डायवर्सन एवं फ्री होल्ड की रियायत सरकार ने देकर हाउसिंग बोर्ड और उपभोक्ताओं को राहत दी है।  चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड उपभोक्ताओं की डिमांड के आधार पर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण का काम शुरू करेगा।  कार्यक्रम को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड राज्य के सभी जिलों में मकान का निर्माण करेगा। हम अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेंगे।  गौरतलब है कि बीटीआई ग्राउंड में यह राज्य स्तरीय आवास मेला 25 नवम्बर तक चलेगा। मेले के पहले दिन सुबह से ही मेला ग्राउंड में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और आवास बुक कराने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा था। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट से खम्हारडीह जाने वाली रोड पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी। 

दिल्ली–एनसीआर में NCB का बड़ा एक्शन: 262 करोड़ की ड्रग सप्लाई चेन में विदेशी–भारतीय लिंक बेनकाब

 नई दिल्ली  दिल्ली–एनसीआर के बीचों-बीच चल रहे एक हाई-प्रोफाइल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क की परतें उस वक्त खुलनी शुरू हुईं, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दिल्ली के एक फार्महाउस पर रेड मारी. किसी भी रूटीन छापे की तरह शुरू हुए इस ऑपरेशन में ऐसे क्लू मिले जिससे आगे चलकर 200 करोड़ से ज्यादा की ड्रग पकड़ी गई.  अधिकारियों  के मुताबिक यह केस सिर्फ ड्रग पकड़ने का नहीं है बल्कि एक ऐसे अदृश्य नेटवर्क को उजागर करने का है, जिसे विदेशी ऑपरेटर अपने भारतीय ग्राउंड स्टाफ के जरिए रिमोट से कंट्रोल कर रहे थे. और इस नेटवर्क के बीचोबीच खड़ा था एक 25 साल का युवक शेन वारिस जो खुद को कंपनी का सेल्स मैनेजर बताता रहा, लेकिन अंदर से इस पूरे रैकेट का भरोसेमंद रनर मिला. डियो/फोटो बॉस को भेजना अनिवार्य था. पूरी बातचीत ऐसे चलती थी मानो कोई वीडियो गेम का रिमोट कंट्रोलर विदेश से भारत में मौजूद चरित्र को चला रहा हो. अचानक उभरा एक नाम एस्थर किनिमी पूछताछ के दौरान शेन ने एक और नाम खखेला. एस्थर किनिमी, नागालैंड की रहने वाली, दिल्ली में किराए के एक फ्लैट में रहने वाली महिला का. यही एस्थर, शेन के मुताबिक, पहले भी एक कंसाइनमेंट उसे हैंडओवर कर चुकी थी, जिसे बाद में एक पोर्टर राइडर के जरिए आगे भेजा गया था. शेन ने न सिर्फ उसका पता दिया, बल्कि फोन नंबर और उसके नेटवर्क से जुड़े कुछ और संदिग्धों का ज़िक्र भी किया. यह इनपुट NCB के लिए ब्रेकथ्रू मोमेंट था. 20 नवंबर की रात लगभग 11 बजे, NCB की टीम चुपचाप छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 पहुँची. चार मंज़िला जैन हाउस की चौथी मंज़िल का एक फ्लैट यही था एस्थर का ठिकाना. दरवाज़ा खुलते ही टीम को कमरे में फैली एक अजीब-सी गंध महसूस हुई. कुछ ही मिनटों में अलमारी, बेडबॉक्स और स्टोर रूम की सर्च शुरू हुई. उसके बाद जो सामने आया उसने टीम को भी कुछ क्षणों के लिए रोक दिया . 328.54 किलो मेथाम्फेटामाइन. इंटरनेशनल मार्केट वैल्यू करीब 262 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैगों में भरी दर्जनों पैकेट्स, हर पैकेट पर विदेशी पैकिंग की सील और कमरे में मौजूद पाउडर के कण. यह बरामदगी दिल्ली–एनसीआर की सबसे बड़ी सिंथेटिक ड्रग पकड़ों में शामिल हो गई. एस्थर को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में पता चला कि  ड्रग बनाने वाले लैब्स देश से बाहर थे लॉजिस्टिक्स को देश के अलग-अलग शहरों से कंट्रोल किया जाता था. हर रनर को सिर्फ उसका हिस्सा पता होता था. बताया जा रहा है कि उनकी पेमेंट पूरी तरह डिजिटल और मल्टी-लेयर चैन के जरिये होती थी. शेन और एस्थर जैसे लोग नेटवर्क की फॉरवर्ड यूनिट थे जो सिर्फ हैंडलिंग और मूवमेंट देखते थे. असली ऑपरेटर विदेश में बैठा था. न ही उसका नाम सामने आया और न ही लोकेशन अभी तक स्पष्ट है. लेकिन शेन के फोन से मिले डेटा, कॉल लॉग और क्लाउड बैकअप ने साफ कर दिया कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है.  तीन दिनों तक चला ऑपरेशन, कई राज्यों में भेजे गए अलर्ट NCB ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान तीन दिन में कई लोकेशनों पर रेड कीं. राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, अमरोहा और पंजाब के कुछ पॉइंट्स तक इनपुट भेजे गए. टीम ने स्पष्ट किया है कि  नेटवर्क के कम से कम 7 और लोग सक्रिय भूमिका में हैं.  कुछ लोग कूरियर/राइडर के रूप में इस्तेमाल हुए. कुछ लोग किराए के फ्लैट के इंतजाम करते थे. फंडिंग चैनल अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. विदेशी बॉस कौन है इस पर इन्वेस्टिगेशन जारी है. ड्रग के पैकेट्स की सील से अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह माल कई चरणों में भारत पहुंचा था. और एस्थर का फ्लैट एक स्टोरेज–क्यूम–ट्रांजिट हब के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था. NCB की नजर अभी और बड़ी मछलियों पर NCB के अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ सप्लाई–डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल से कहीं ज्यादा संगठित है. जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अब तक के सुराग बताते हैं कि  भारत के कई शहरों में स्लीपर यूनिट्स मौजूद हैं.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 को 7 करोड़ की विकास योजनाओं की मिली स्वीकृति

रायपुर जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य  कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री  शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।