samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश पुलिस की प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी कार्रवाई, लगभग डेढ़ करोड़ रूपएकी जब्ती

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अवैध मादक पदार्थों के तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिये निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सघन निगरानी, खुफिया सूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण तथा त्वरित फील्ड कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने हाल ही में विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान करोड़ों रुपए मूल्य के डोडाचूरा, कोकीन, स्मैक, एमडी तथा ब्राउन शुगर जब्त की गई है। नीमच-522 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त जिले की सिंगोली पुलिस ने हाल ही में मादक पदार्थ तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो पिकअप वाहन से 522 किलोग्राम डोडाचूराजप्त किया है। नाकाबंदी देखकर वाहन चालक द्वारा वाहन को मोड़कर भागने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पकड़ा।जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 78 लाख 30 हजार रुपये आँकी गई है। पुलिस द्वारा तस्करी नेटवर्क के स्रोत, परिवहन और संबंधित आरोपियों की जांच की जा रही है। इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई इंदौर नारकोटिक्स विंग ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने रेसिडेंसी क्षेत्र में कार्रवाई कर कोटेडीआइवर (पश्चिम अफ्रीका) की एक महिला तस्कर को पकड़ा, जिसके पास से 31.85 ग्राम कोकीन बरामद हुई। बरामद कोकीन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 15 लाख 50 हजार रुपये है। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि उक्त महिला मुंबई के नालासोपारा क्षेत्र में रहकर ड्रग सप्लाई गतिविधियों में संलिप्त थी और इंदौर शहर में भी ग्राहकों की तलाश में आई थी। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से ड्रग सप्लाई के इस अंतरराष्ट्रीय स्रोत को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। विगत दिनों में शिवपुरी, भोपाल और खरगोन जिलों द्वाराकी गई कार्रवाइयाँ— प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाइयाँ की गईं। शिवपुरी जिले में पुलिस टीम ने 56 लाख रूपए की 280 ग्राम स्मैकजप्त की। इसी तरह भोपाल पुलिस ने एक महिला से 9 ग्राम MD ड्रग तथा एक एप्पल मोबाइल जप्त किया, जिसकी कीमत 1लाख 52हजार रूपए है। वहीं खरगोन जिले के बड़वाह थाना क्षेत्र में पुलिस ने 55 हजार रूपए की 5.47 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद कीहै। इन कार्रवाइयों में लगभग 57.57 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जप्त किए गए। यह उपलब्धि पुलिस की सतत रणनीति, जिलों के मध्य समन्वित प्रयासों और फील्ड स्तर पर सक्रिय निगरानी का परिणाम है। मध्यप्रदेश पुलिस राज्य को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ प्रतिबद्धता और कठोरता से कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर सतत निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई तथा जनजागरूकता के प्रयास जारी हैं।मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील भी आमजन से की गई है, जिससे समाज को इस घातक अवैध कारोबार से मुक्त किया जा सके। 

प्रमुख सचिव श्री यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक

भोपाल प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य शिक्षा श्री संदीप यादव की अध्यक्षता में गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड पी.सी.पी.एन.डी.टी. की बैठक में अनेक निर्णय लिये गये। बैठक में विधानसभा सदस्य श्रीमती प्रियंका मीणा, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, अतिरिक्त सचिव विधि एवं विधायी कार्य श्री निशित खरे सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागिता की गयी। राज्य सुपरवाइजरी बोर्ड की बैठक में लिये गये मुख्य निर्णयों में मध्यप्रदेश में भ्रूण लिंग चयन संबंधी सूचना तंत्र को सुदृढ़ करने एवं सामाजिक भागीदारिता को बढ़ावा देने के लिये "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना'' संचालित है, जिसका प्रदेश में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा "पुनरीक्षित मुखबिर पुरस्कार योजना'' अंतर्गत 2 लाख रुपये के पुरस्कार का प्रावधान है, जिसमें मुखबिर के सूचना पर पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम अंतर्गत प्रकरण सफल स्टिंग ऑपरेशन होने अथवा प्रकरण पंजीबद्ध होने पर मुखबिर या सूचनादाता को 50 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है। साथ ही न्यायालय द्वारा पंजीबद्ध प्रकरण में दंडित किये जाने पर मुखबिर या सूचनादाता को पुन: 30 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है। पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम की धारा-22 अंतर्गत किसी भी व्यक्ति, संगठन, केन्द्र द्वारा लिंग चयन सुविधाओं के संबंध में किसी भी प्रकार का विज्ञापन भौतिक या इंटरनेट के माध्यम से प्रकाशन, वितरण एवं संसूचित करने पर प्रतिबंध है। लिंग चयन के संबंध में साइबर एडवर्टाइजमेंट, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर बेची जा रही सामग्री, इंटरनेट पर उपलब्ध आपत्तिजनक ब्लॉग्स/वीडियोज आदि को साइबर निगरानी द्वारा नियंत्रित किये जाने की आवश्यकता है। इसके लिये विभाग द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, इंटेलिजेंस के समन्वय से सुदृढ़ कार्यवाही पी.सी.पी.एन.डी.टी. अधिनियम, 1994 एवं आई.टी. अधिनियम, 2000 के स्थापित प्रावधान अनुरूप कार्यवाही की जायेगी। समाज में लिंग चयन आधारित गर्भपात से संभावित सामाजिक असंतुलन एवं लैंगिक हिंसा के नियंत्रण के लिये जन-प्रतिनिधियों के सोशल मीडिया पेज तथा जिलों के आधिकारिक वेबसाइट तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं जन-भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।  

आसियान देशों के प्रतिनिधियों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का किया भ्रमण

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आसियान देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच सांस्कृतिक व पर्यटन सहयोग को और मजबूत बनाना था। आसियान समिति प्रतिनिधि मंडल भारत में वियतनाम के राजदूत श्री गुयेन थान्ह हाई, भारत में फिलीपींस के राजदूत श्री जोसेफ एफ. इग्नासियों, भारत और श्रीलंका में कंबोडिया की राजदूत सुश्री रथ मनी, भारत में तिमोर लेस्ते के राजदूत श्री कार्लितो नुनेस, भारत में थाईलैंड की राजदूत सुश्री छवनार्ट थांगसुमफंट, भारत और भूटान में इंडोनेशिया की राजदूत सुश्री इना एच कृष्णमूर्ति और मिशन प्रमुख द्वितीय सचिव ब्रुनेई दारुस्सलाम गणराज्य श्री पेंगिरन मोहम्मद शफी अलवाली बिन पेंगिरन अबू बकर शामिल थे। प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक एवं बौद्ध विरासत को समझने और भारत–आसियान संबंधों को गहराई देने के उद्देश्य से यह भ्रमण किया। प्रतिनिधियों ने सांची के महान स्तूप, अशोक स्तंभ, तोरण द्वारों और पुरातात्विक संग्रहालय का अवलोकन करते हुए इसकी कलात्मकता और संरक्षण कार्यों की सराहना की। पुरातत्व विशेषज्ञों ने उन्हें सांची के 2300 वर्ष पुराने इतिहास, मौर्य कालीन धरोहर, बौद्ध धर्म के प्रसार में इसकी भूमिका और दक्षिण–पूर्व एशिया से इसके ऐतिहासिक संबंधों के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सांची जैसे धरोहर स्थल भारत–आसियान सांस्कृतिक साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और भविष्य में पर्यटन, निवेश तथा सांस्कृतिक आदान–प्रदान के नए अवसर खोलते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे संरक्षण और पर्यटन विकास प्रयासों की भी सराहना की।  

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन

एक भारत, श्रेष्ठ भारत की अवधारणा पर मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की झांकियां बनीं आकर्षण 21 नवंबर को मध्यप्रदेश दिवस समारोह भोपाल  अभ्युदय मध्यप्रदेश के दर्शन प्रगति मैदान दिल्ली में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में किए जा सकते हैं। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' थीम पर 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले मेला में मध्यप्रदेश की विरासत से विकास की अद्भुत झांकी, एक जिला-एक उत्पाद और परम्परागत कलाकृतियों ने आगंतुकों को आकृषित किया है। मंडप में आगामी 21 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश दिवस भी मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश मण्डप 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में मध्यप्रदेश मण्डप ग्वालियर किला के रूप में तैयार किया गया है तथा मण्डप के केन्द्र में 64 योगिनी मन्दिर मुरैना के दर्शन होते है। मण्डप को मेले की थीम एक भारत, श्रेष्ठ भारत के अनुरूप सजाया गया है। गौरतलब है कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होने भारत वर्ष की नामी गिरामी इमारतों के डिजायन बुलवाये थे जिसमें से उन्होने मुरैना जिले के 64 योगिनी मन्दिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही उन्होने भारतीय संसद के भवन का निर्माण कराया था। इस स्थान पर सभी देशी विदेशी पर्यटक भ्रमण करने के लिए आते हैं। जिससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत होती है। मण्डप में मध्यप्रदेश की विश्व धरोहार खजुराहों, सांची स्तूप एवं भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक माहोत्सव, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई. ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों को भी सजाया गया है। इन उत्पादों को होलोग्राफिक इमेज से भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री भी हो रही है। राज्य शासन की विभिन्न नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। मण्डप में औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन की भी पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी है। मण्डप में सिंहस्थ 2028 की तैयारी को भी स्थान दिया गया है। इन्दौर के जी.आई. उत्पाद, चमड़े के खिलौने एवं टेराकोटा का संजीव प्रदर्शन हो रहा है। स्टार्ट-अप भी अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ विकय भी कर रहे हैं। मध्यप्रदेश मण्डप, निर्मित विरासत, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विरासत एवं वन्य जीवन को आकर्षक रूप से प्रदर्शित करता है। मण्डप जहां एक ओर प्रदेश की गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित कर रहा है वही दूसरी ओर सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संदेश भी दे रहा है। यही कारण है कि मेले में इस बार फिर मध्यप्रदेश मण्डप लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यहां अभ्युदय मध्यप्रदेश की झलक साफ देखी जा सकती है। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां कि एतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल, लोक परम्पराओं की समृद्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प "एक भारत श्रेष्ठ भारत" को न केवल पूरी कर रही है अपितु विश्व पर्यटन मानचित्र पर इसे अग्रणी स्थान दिला रही है। एक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने विगत वर्ष मध्यप्रदेश को दुनिया के टॉप 10 टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल किया जो गौरव का विषय है। इस सन्दर्भ का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 25 दिसम्बर को खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती कार्यक्रम में किया गया था। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा विगत 43 वर्षों से इस मेले में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य किया जा रहा है। इस मेले में विगत दो वर्षों से निरन्तर मध्यप्रदेश राज्य को विषयांतर्गत प्रस्तुति के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है। मेला में राज्य दिवस समारोह 21 नवम्बर को मनाया जाएगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं विशेष अतिथि के रूप में मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम श्री चेतन्य कुमार काश्यप के शामिल होना प्रस्तावित है। इस समारोह के अंत में मध्यप्रदेश राज्य के सांस्कृतिक कार्यकम बघेली लोक गायन, मटकी एवं पनिहारी लोक नृत्य होगा। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला प्रत्येक वर्ष प्रगति मैदान, नई दिल्ली में दिनांक 14-27 नवम्बर के मध्य भारत व्यापार संवर्धन सगंठन (ITPO) के द्वारा आयोजित किया जाता है। इस वर्ष मेले का यह 44 वों संस्करण है। इस मेले में विभिन्न राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अलावा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा भाग लिया जाता है। आम नागरिकों के लाभ के लिए राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा व्यापार, उद्योग एवं सेवाओं को बढावा देने का यह मेला एक मंच है। इससे "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की थीम के अनुरूप भारत के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में रहने वाले विविध संस्कृति के लोगों के बीच सक्रिय रूप से सम्पर्क, आपसी समझ और जुड़ाव को बढावा मिलेगा तथा भारत की एकता एवं अखण्डता मजबूत होगी। इससे स्वदेशीय वस्तुओं के निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन, निवेश को बढावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होगी तथा उसे वैश्विक रूप प्राप्त होगा।  

नक्सली मुठभेड़ में शहादत: नरसिंहपुर के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा ने दिया सर्वोच्च बलिदान

नरसिंहपुर/बोहानी छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र में हुई एक भीषण नक्सली मुठभेड़ में, नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के बोहानी गांव के निवासी और मध्यप्रदेश हॉक फ़ोर्स के जाँबाज इंस्पेक्टर आशीष शर्मा वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को शोक संतप्त कर दिया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र पुलिस की एक संयुक्त सर्चिंग टीम बुधवार सुबह सीमावर्ती इलाक़े में नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी, जहां तीनों राज्यों के बॉर्डर पर स्थित बोरतलाव क्षेत्र में करीब 25 से 30 नक्सलियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी।   जैसे ही संयुक्त सर्चिंग टीम घटनास्थल पर पहुंची, नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया है कि इंस्पेक्टर आशीष शर्मा उस समय तीनों टीमों का नेतृत्व कर रहे थे, और इसी फायरिंग की जद में आने से उन्हें गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल आशीष शर्मा को तत्काल डोंगरगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वर्ष 2016 में उनका चयन सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था, हालांकि इससे पहले वह इंटेलिजेंस में आरक्षक के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। नक्सल विरोधी अभियानों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था, और उनकी बहादुरी के लिए उन्हें पिछले दो सालों में भारत सरकार की ओर से दो वीरता पदक से भी सम्मानित किया जा चुका था। परिजनों और पारिवारिक मित्रों ने बताया कि उनकी शादी आगामी जनवरी 2026 में होने वाली थी, लेकिन देशसेवा में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान ने खुशियों को मातम में बदल दिया। शहादत की सूचना मिलते ही, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) एवं स्थानीय विधायक ने तत्काल शहीद के निवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को संवेदनाएं प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर इंस्पेक्टर आशीष को श्रद्धांजलि अर्पित की, और लिखा कि उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्रीय नक्सल उन्मूलन अभियान में सदैव अविस्मरणीय रहेगा तथा उन्होंने नरसिंहपुर जिले के गौरवशाली इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है।

मध्यप्रदेश: SIR सर्वे करने गई टीम पर हिंसक हमला, पत्थरबाज़ी में नायब तहसीलदार घायल, दो गिरफ्तार

रतलाम सैलाना विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) कार्य का निरीक्षण करने पहुंची प्रशासनिक टीम पर अज्ञात बदमाशों ने पत्थरों से हमला कर दिया। घटना रावटी थाना क्षेत्र के जुलवानिया पंचायत के अधरशिला गांव हुई। हमले में नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत और बीएलओ विक्रम सिंह राठौड़ घायल हुए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सूचना के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों की पहचान कर दो आरोपितों ग्राम उमर निवासी 28 वर्षीय सायसिंह पुत्र रायसिंह गामड और ढोल फंटा ग्राम उमर निवासी 55 वर्षीय बापू ताड़ पुत्र बज्या ताड़ को गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपित 31 वर्षीय शोकसिंह पुत्र रायसिंह गामड़ की तलाश पुलिस के रही है।   नायब तहसीलदार रामकलेश साकेत के साथ गए पटवारी बाबूलाल मुनिया ने बताया कि वे अधरशिला गांव की नहर पुलिया के पास बीएलओ विक्रमसिंह और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से एसआईआर कार्य की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन लोग, जो नशे की हालत में थे, मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने टीम से पूछा कि रोड पर क्यों खड़े हो और पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण, आरोपितों की जारी है तलाश सूचना मिलते ही रावटी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को पहले रावटी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें मेडिकल कालेज भेजा गया। सैलाना एसडीएम तरुण कुमार जैन ने बताया कि नायब तहसीलदार और बीएलओ निर्वाचन संबंधी एसआईआर कार्य के निरीक्षण पर गए थे। वहीं तीन शरारती तत्वों ने बिना किसी कारण हमला कर दिया। दोनों अधिकारियों को चोटें आई हैं। पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया होटल द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस का शुभारंभ

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश को दी वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की सौगात भारत में चिन्हित की गई 17 आइकोनिक सिटीज में खजुराहो भी शामिल राजगढ़ पैलेस होटल के जरिए स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। खजुराहो में एयरपोर्ट तो पहले से है ही, अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से खजुराहो नई वंदे भारत ट्रेन की सौगात दे दी है, जिससे बुंदेलखंड की शान मतंगेश्वर महादेव सीधे काशी विश्वनाथ से जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटकों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए नई पीएमश्री हेली टूरिस्ट सर्विस शुरू की है। इसके अलावा प्रदेशवासियों को इंटर स्टेट हवाई सेवा और एयर एंबुलेंस की सुविधा भी मिल रही है। पर्यटक इन सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में 526 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। बीते साल 13 करोड़ 41 लाख से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश की धरती पर आए। हमारी पर्यटन प्रोत्साहन योजनाओं के कारण भविष्य में यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को खजुराहो में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने खजुराहो में 'होटल द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस' का दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर ओबेरॉय ग्रुप के स्वामी श्री अर्जुन ओबेरॉय ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो का ईश्वर का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। ओबेरॉय ग्रुप के राजगढ़ पैलेस होटल के माध्यम से आज खजुराहो समृद्धि के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार बुंदेलखंड के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। खजुराहो की प्राचीनतम स्थापत्य कला को देखने के लिए पूरी दुनिया खिंची चली आती है। खजुराहो महाराजा छत्रसाल की राजधानी रही है। बुंदेलखंड में आल्हा-ऊदल की वीरता की कहानियां जोश से भर देती हैं। यहां 70 एकड़ में यह भव्य होटल बनकर तैयार हुआ है, जिससे पर्यटकों को तो लग्जरियस फेसिलिटी मिलेगी ही, स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। क्षेत्रीय सांसद श्री वीडी शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। खजुराहो एक विश्व धरोहर है, यहां रोजाना दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत में 17 आइकोनिक सिटी चिह्नित की हैं, इनमें खजुराहो भी शामिल है। यहां नजदीक ही पन्ना टाइगर रिजर्व को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने खजुराहो को हवाई सेवा के साथ सुपरफॉस्ट ट्रेन वंदे भारत की रेगुलर कनेक्टिविटी भी दे दी है। पन्ना में हीरे तो मिलते ही हैं, भविष्य में राजगढ़ पैलेस 'होटल इंडस्ट्री का डायमंड' बनकर उभरेगा। राजगढ़ पैलेस की भव्यता की जानकारी देते हुए श्री अर्जुन ओबेरॉय ने बताया कि मध्यप्रदेश अतुलनीय पर्यटन संभावनाओं और संस्कृति का केंद्र है। राजगढ़ पैलेस के डिजाइन और रूप आगंतुकों को मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने का मौका देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजगढ़ पैलेस पर्यटकों के लिए मध्यप्रदेश का गेट-वे बनेगा। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, विधायक श्री अरविंद पटेरिया, विधायक श्रीमती ललिता यादव, विधायक श्री राजेश शुक्ला, विधायक श्री कामाख्या प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विद्या अग्निहोत्री, अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला, डी आईजी विजय खत्री, कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ओबेरॉय ग्रुप के स्टॉफ मेंबर्स उपस्थित रहे।  

पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के सम्मान व कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही डबल इंजन सरकारः सीएम योगी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कोयम्बटूर से जारी की किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आई 18000 करोड़ से अधिक की राशि, उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान भी हुए लाभान्वित  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का उपहार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जताया आभार  बोले सीएम- पीएम मोदी ने सशक्त कृषि व आत्मनिर्भऱ किसान के संकल्प को किया दृढ़  उप्र के कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ऊर्जाः मुख्यमंत्री  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का उपहार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कोयम्बटूर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। इससे देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18000 करोड़ रुपये आए। वहीं इससे उत्तर प्रदेश के भी 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए।  सशक्त कृषि-आत्मनिर्भर किसान के संकल्प को किया और दृढ़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों के सम्मान एवं कल्याण हेतु निरंतर समर्पित भाव से कार्यरत है। आज इसी शृंखला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित 'दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन-2025' में देश भर के 9 करोड़ से अधिक किसान बंधुओं को 18,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त हस्तांतरित कर सशक्त कृषि और आत्मनिर्भर किसान के संकल्प को और दृढ़ किया है। उप्र के कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ऊर्जा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों को भी इस किस्त का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य के कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस उपहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

राज्यपाल ने आसियान समिति से कहा मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं

मध्यप्रदेश में स्थिर, सुरक्षित और उद्योग अनुकूल वातावरण: राज्यपाल मंगुभाई पटेल आसियान समिति का प्रतिनिधि मंडल राजभवन में मिला भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आसियान समिति से कहा है कि मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं हैं। भारत और आसियान देश साझी सभ्यता वाले क्षेत्र हैं। मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता, व्यापारिक समानता और सहयोग की संभावनाएँ अत्यंत मजबूत हैं। दोनों क्षेत्रों के पास युवा जनसंख्या की ऊर्जा, नवाचार की क्षमता, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति तथा विकास के प्रति समान संवेदनशील दृष्टिकोण मौजूद है। प्रदेश के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में असाधारण और दीर्घकालिक साझेदारियाँ करने की अनंत संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थिर, सुरक्षित और उद्योग अनुकूल वातावरण इस यात्रा को और अधिक अर्थपूर्ण बनाएगा। राज्यपाल श्री पटेल राजभवन में आमंत्रित आसियान समिति के प्रतिनिधि मंडल के साथ बुधवार को चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। यह नीति भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, सांस्कृतिक जड़ों और भविष्य की समृद्ध साझेदारी को मजबूत करने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ व्यापारिक, निवेश, तकनीकी, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों में निरंतर वृद्धि से पारस्परिक रिश्ते मजबूत होंगे। नए अवसर उत्पन्न होंगे। हमारी सहभागिता आने वाले वर्षों में एक नए अधिक विकसित युग का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पारदर्शी नीतियों के साथ निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करती है। इसी वर्ष प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा 18 नवीन इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियाँ लॉन्च की गईं। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में मध्यप्रदेश देश के उत्कृष्ट सुधारक राज्यों में शामिल है। मध्यप्रदेश की जनता सरलता, परिश्रम, सहिष्णुता और सौहार्द की मिसाल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को भारत का हृदय कहा जाता है, क्योंकि इस राज्य की धड़कनें भारत की संस्कृति, परंपराएँ, प्रकृति, अध्यात्म, सामाजिक विविधता, आर्थिक क्षमता और आधुनिक विकास को समेटे हुए हैं। उन्होंने प्रदेश के नगरों, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के विकास और पर्यावरणीय संतुलन को रेखांकित किया। बताया कि राज्य में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन होने के कारण इसे देश की “फूड बास्केट” कहते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने आसियान समिति नई दिल्ली के प्रतिनिधियों को सांची की प्रतिकृति, स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की। आसियान नई दिल्ली समिति के अध्यक्ष भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त श्री दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा ने मध्यप्रदेश में प्रतिनिधि मंडल के गरिमामय स्वागत सत्कार के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आसियान समूह के सभी देश शांति, समृद्धि के लिए मैत्री भाव के साथ सहकार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि, आधारभूत अवसंरचना, उत्पादन, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। फार्मास्यूटिकल, शिक्षा और कौशल उन्नयन के क्षेत्र में पारस्परिक सहकार के द्वारा मध्यप्रदेश और आसियान राष्ट्रों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाया जा सकता है। स्वागत उद्बोधन प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दिया। मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आसियान समिति नई दिल्ली के सदस्यों का परिचय कराया। उन्होंने बताया कि आसियान समिति पहली बार मध्यप्रदेश भ्रमण पर आई है। समिति ने गत दिवस मुख्यमंत्री से भेंट की है। आभार अतिरिक्त सचिव विदेश मंत्रालय भारत सरकार श्री प्रशांत अग्रवाल ने व्यक्त किया। आसियान समिति प्रतिनिधि मंडल भारत में वियतनाम के राजदूत श्री गुयेन थान्ह हाई, भारत में फिलीपींस के राजदूत श्री जोसेफ एफ. इग्नासियों, भारत और श्रीलंका में कंबोडिया की राजदूत सुश्री रथ मनी, भारत में तिमोर लेस्ते के राजदूत श्री कार्लितो नुनेस, भारत में थाईलैंड की राजदूत सुश्री छवनार्ट थांगसुमफंट, भारत और भूटान में इंडोनेशिया की राजदूत सुश्री इना एच कृष्णमूर्ति और मिशन प्रमुख द्वितीय सचिव ब्रुनेई दारुस्सलाम गणराज्य श्री पेंगिरन मोहम्मद शफी अलवाली बिन पेंगिरन अबू बकर शामिल है। आसियान समिति प्रतिनिधि मंडल के राजभवन आगमन पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव ने चंदेरी वस्त्र से बना अंगवस्त्र एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया।  

पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल – ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार ने राज्य को 774 सड़क कार्यों (2,426.875 किमी) की दी स्वीकृति प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को देगी नई गति – मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान कायम की है। योजना के विभिन्न चरणों में छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 9,722 सड़कें (48,594 किमी) और 669 पुल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8,753 सड़कें (43,380 किमी) और 470 पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जानकारी दी कि  ग्रामीण सड़क संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए PMGSY-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 774 नई सड़कें (कुल लंबाई 2,426.875 किमी) स्वीकृत की गई हैं। यह पहली बार है जब इस चरण में पात्र संपर्क-विहीन बसावटों को ‘बारहमासी सड़क संपर्कता’ प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्वीकृति से छत्तीसगढ़ की दूरस्थ और वंचित बसावटों तक सर्व मौसम सड़क सुविधा पहुँचाने का मार्ग खुल गया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि बारहमासी सड़क संपर्कता से इन बसावटों को बाज़ार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पोषण, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवागमन में व्यापक सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और जन-कल्याणकारी सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने लगातार अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों, पीएमजीएसवाई टीम, इंजीनियरों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रयास निरन्तर जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की गति में तेजी आएगी। “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को नई गति देगी। यह निर्णय दूरस्थ और संपर्क-विहीन बसावटों को बारहमासी सड़क सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ग्राम तक सुरक्षित, सुदृढ़ और सर्व मौसम सड़क संपर्क सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन-कल्याण को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाए।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय