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सीएम मोहन ने बनाया ऐसा माहौल कि उद्योगपतियों को हर चीज की गारंटी, MP में निवेश को लेकर उत्साह

भोपाल दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।     गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है।  8 हजार करोड़ का निवेश समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं।  तेजी से विकास कर रहा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति  सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

MP में हेली सेवाओं की बड़ी सुविधा: इंदौर–ओंकारेश्वर 25 मिनट, भोपाल–पचमढ़ी का समय घटा; किराया जारी

भोपाल   मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग 8 बड़े शहर और 3 नेशनल पार्क के लिए हेलिकॉप्टर सेवा कल 20 नवंबर से शुरू कर रहा है। इंदौर से ओंकारेश्वर जाने में सिर्फ 25 और भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने में 40 मिनट लगेंगे। यह खबर पर्यटकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहींl इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी हो या कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) और दोनों ज्योतिर्लिंग। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की नियमित उड़ानें यहां के लिए रहेंगी। इंदौर-ओंकारेश्वर का किराया 2500 और भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार रुपए तय किया गया है। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। अंतरराज्यीय वायु सेवा वाला पहला स्टेट बनेगा हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रोसेस लंबी होगी पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। थोड़ा समय बचेगा, पर खर्च ज्यादा होगा भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। दूसरी ओर, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच उड़ान इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुमंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा शामिल हैं। यानी, मालवा-निमाड़ का बेल्ट शामिल रहेगा। पहले फेज में इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच हेलिकॉप्टर की सप्ताह में 5 दिन नियमित उड़ान रहेगी। सबसे कम किराया 5 हजार तो सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार रुपए है। इन पांच दिन सेवा होगी     सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और मंगलवार।     2 दिन- बुधवार और गुरुवार को कोई उड़ान नहीं रहेंगी। सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी-मढ़ई के बीच सेवा इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो, ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, टीकमगढ़ शामिल हैं। फस्र्ट फेज में भोपाल, पचमढ़ी और मढ़ई के बीच उड़ान रहेगी। भोपाल से पचमढ़ी की दूरी 1.10 घंटे में और पचमढ़ी से मढ़ई की दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय होगी। यहां दो तरह की उड़ानें रहेंगी। पहली डायरेक्ट और दूसरी कनेक्टिंग। कलेक्टिंग भोपाल से पचमढ़ी के बीच ही होगी। न्यूनतम 3 हजार और अधिकतम 5 हजार रुपए किराया रहेगा। सेक्टर-3: दो नेशनल पार्क…मैहर, अमरकंटक-चित्रकूट भी शामिल इसमें जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी शामिल हैं। फस्ट फेज में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक शामिल हैं।     यानी, दो नेशनल पार्क– कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंच सकेंगे तो अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी उड़कर आ-जा सकेंगे।     सबसे कम किराया मैहर से चित्रकूट का है। वहीं, सबसे ज्यादा 6250 रुपए किराया जबलपुर से कान्हा पार्क तक लगेगा। आसमान से दिखेंगी सतपुड़ा की वादियां भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से 200 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। जिसमें 4.5 से 5 घंटे तक लगते हैं। यहां सीधी रेल सेवा नहीं है। पिपरिया तक रेल और फिर सड़क मार्ग से ही पचमढ़ी जाया जा सकता है। ऐसे में अब टूरिस्ट आसमान के रास्ते भी पचमढ़ी-मढ़ई जा सकेंगे। सुबह 11.15 से दोपहर 12 बजे तक 45 मिनट तक पचमढ़ी के ऊपर जॉय राइड भी होगी। यानी, हेलिकॉप्टर में बैठकर टूरिस्ट सतपुड़ा की वादियां भी देख सकेंगे। दो दिन बंद रहेगी, पांच दिन उड़ेंगे हेलिकॉप्टर बुधवार और गुरुवार को सेवा बंद रहेगी। PPP मॉडल के तहत यह सेवा संचालित होगी। सेक्टरों के लिए तीन साल का अनुबंध किया गया है। सेक्टर-1: ट्रांस … Read more

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी 20 नवंबर को, जनजातीय गौरव दिवस में शिरकत

रायपुर  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रही है। इस दौरान वे अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। बता दें कि राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियां पूरी हो गई है। राष्ट्रपति के अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। दो दिन तक चलेगा कार्यक्रम जानकारी अनुसार, 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हेलीकॉप्टर के आगमन से लेकर राष्ट्रपति के स्थल तक जाने का पूरा मार्ग सील किया जाएगा और हर दिशा से निगरानी की जाएगी। वहीं कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 1700 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी।कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भी निगरानी रख रही है। मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश में मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश में परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों को हर साल 5000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए एक तीन स्तरों वाला चयन प्रक्रिया तैयार किया है, जिसके तहत योग्य वैद्यों का चयन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधाओं को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना को मिलेगी हरी झंडी इसके अलावा राष्ट्रपति मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना का भी उद्घाटन करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश के देवस्थलों का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक देवस्थान पर 5 से 20 लाख रुपए तक की राशि खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है बल्कि इन स्थानों को पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

नीतीश कुमार आज 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी होगा; बीजेपी के नाम तय

पटना  पटना में सियासी हलचल तेज है. बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. कल दोपहर बाद एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगेगी. शाम में राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने को आमंत्रित करेंगे. 20 नवंबर को 20 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. नीतीश कुमार की नयर कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के साथ-साथ एनडीए के तमाम सहयोगी दलों के विधायकों को जगह मिलने की संभावना है. सहयोगी दलों को भी मिलेगी जगह अब तक की जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार अपने साथ करीब 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायेंगे. इनमें जदयू से आठ, भाजपा से आठ, लोजपा से दो, हम से एक और रालोमो से एक विधायक शामिल हैं. जदयू में अधिकतर पुराने चेहरों को जगह दिये जाने की सूचना है. भाजपा अपने कई चेहरों को बदल रही है. भाजपा एक ओर जहां अनुभव को जगह दे रही है तो दूसरी ओर उसका युवा और महिला पर भी फोकस है. भाजपा कोटे से जिन नामों पर चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा शामिल हैं. वहीं जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव और श्रवण कुमार जैसे दिग्गजों को मंत्री पद मिल सकता है. यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल सत्ता समीकरण को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी एनडीए को गति देने वाला माना जा रहा है. भाजपा की संभावित सूची सम्राट चौधरी विजय कुमार सिन्हा प्रेम कुमार कृष्ण कुमार ऋषि राम कृपाल यादव संगीता कुमारी अरूण शंकर प्रसाद मिथिलेश तिवारी नीतिन नवीन वीरेंद्र कुमार रमा निषाद मनोज शर्मा कृष्ण कुमार मंटू शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 20 नवंबर को नीतीश कुमार एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे. जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजन लाल शर्मा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं को शामिल होने के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को भी निमंत्रण भेजा गया है. बीजेपी कोटे के संभावित मंत्री नीतीश कुमार की नयी कैबिनेट में भाजपा की ओर से नये पुराने नामों को जगह देने की बात चल रही है. भाजपा की ओर से दो डिप्टी सीएम बनाये जायेंगे. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपने की बात कही जा रही है. इसके अलावा नीतिश मिश्रा और नीतिन नवीन का मंत्री बनना भी लगभग तय हो चुका है. भाजपा कोटे से 8 मंत्रियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं. इनमें प्रेम कुमार, रामकृपाल और रमा निषाद के नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा मिथिलेश तिवारी और कृष्ण कुमार ऋषि के नाम की भी चर्चा चल रही है. जदयू कोटे के संभावित मंत्री जदयू की ओर से अधिकतर पुराने चेहरे ही कैबिनेअ में नजर आयेंगे. जदयू से विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और विजेंद्र यादव के नाम तय माने जा रहे हैं. इसके अलावा शीला मंडल और लेशी सिंह का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार इस बार अपनी कैबिनेट में श्याम रजक को जगह दे सकते हैं. इसके अलावा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम की भी चर्चा चल रही है. अल्पसंख्यक से जमा खान के मंत्री बनने की बात कही जा रही है. नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में जदयू का फोकस मुख्य रूप से अनुभव और युवा के समन्वय पर रहेगा. नयी कैबिनेट में सभी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को भी देखे जाने की बात कही जा रही है. शपथ के लिए गांधी मैदान में दो विशाल मंच तैयार, लग्जरी होटलों में 250 से अधिक कमरे बुक, राजभवन में स्पेशल दावत बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. गुरुवार को नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में इस ऐतिहासिक पल को भव्य तरीके से आयोजित किया जा रहा है. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. यह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि NDA का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. तीन लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने की तैयारी गांधी मैदान में 3 लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जदयू, भाजपा, रालोमो, लोजपा (R) और हम के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी गई है. हर विधायक को अपने इलाके से कम से कम 5 हजार लोगों को पटना लाने का टारगेट मिला है. पूरा मैदान बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिहाज से कई सेक्टरों में बांटा गया है. SPG ने संभाली सुरक्षा, 2500 जवान तैनात प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए गांधी मैदान की सुरक्षा SPG के हवाले की गई है. 250 से अधिक मजिस्ट्रेट, 250 पुलिस अधिकारी और 2500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. मैदान के चारों ओर ऊंची इमारतों पर स्नाइपरों की तैनाती और हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं.  128 CCTV कैमरों में खराब पड़े आधे कैमरों को दुरुस्त कर दिया गया है. 61 स्थिर, 22 PTZ और 45 एनालिटिकल कैमरों की मदद से मैदान की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा 24 घंटे ड्रोन कैमरों से निगरानी हो रही है. दो मंच तैयार- एक पर नेताओं की मौजूदगी, दूसरे पर अतिथियों की व्यवस्था शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में दो मंच बनाए जा रहे हैं. मुख्य मंच तैयार हो चुका है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे. इसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा व NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे. मुख्य मंच के बगल में विशेष अतिथियों के लिए दूसरा मंच बनाया जा रहा है. दोनों मंचों पर लगभग 150-150 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. योगी आदित्यनाथ सहित कई … Read more

योगी सरकार की सख्ती: एटीएस ने आठ जिलों से सभी मदरसों की रिपोर्ट मांगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने मदरसों को लेकर सख्त कदम उठाया है। लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में हर मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों, पढ़ाने वाले मौलवियों और प्रबंधकों की पूरी डिटेल मांगी गई है। हर व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पूरा पता और मोबाइल नंबर सहित सारी जानकारी जल्द से जल्द भेजने को कहा गया है।  खासकर प्रयागराज जिले के सभी मदरसों की पूरी लिस्ट और विस्तृत जानकारी एटीएस की प्रयागराज यूनिट को सबसे पहले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी सात जिलों की रिपोर्ट भी जल्द मुख्यालय भेजनी होगी। एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ खुफिया इनपुट मिले थे, जिनमें कुछ मदरसों में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि ज्यादातर मदरसे अच्छा काम कर रहे हैं और यह सिर्फ सत्यापन का काम है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं तो कुछ इसे अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव मान रहे हैं। प्रयागराज के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि उनके विभाग ने सभी मदरसों को नोटिस भेज दिया है और अगले कुछ दिनों में पूरी सूची एटीएस को सौंप दी जाएगी। इसी तरह बाकी जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है। एटीएस ने स्पष्ट किया है कि अभी सिर्फ जानकारी इकट्ठा की जा रही है। इसके बाद जरूरत पड़ी तो मौके पर जाकर सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल, किसी मदरसे पर कोई छापा या सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है।

ASI पत्नी नियुक्ति मामला: अगले महीने मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार पूरा करेगी मांग

रोहतक जींद के जुलाना निवासी एएसआई संदीप लाठर की पत्नी संतोष को लेक्चरर पद पर अगले माह तक नौकरी दी जाएगी। अगले सप्ताह बैठक कराकर परिवार की यह मांग पूरी कराई जाएगी । मुख्यमंत्री से दोबारा बात कराने की जरूरत पड़ी तो यह प्रयास भी किया जाएगा। यह आश्वासन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने एएसआई के परिवार को सोमवार रात एमडीयू में मुलाकात के दौरान दिया।  एएसआई संदीप लाठर के ममेरे भाई लाढ़ौत निवासी संजय ने बताया कि मंत्री से मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। एएसआई मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसमें जल्दी ही परिवार को भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।  

केंद्र के साथ विवाद पर CM मान का सख्त रुख, कहा— पंजाब की भावनाएँ आहत न हों

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर निर्णय लेने से परहेज किया है, जिनमें नदी जल बंटवारा, पंजाब विश्वविद्यालय का पुनर्गठन और पड़ोसी राज्यों के विवादित दावे जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं. मान का कहना है कि इन्हीं मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद लेकर उन्होंने हाल ही में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में पंजाब की चिंताओं को मजबूती से उठाया था. मंगलवार यानी कल फरीदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक में पंजाब की चिंताओं को उठाने के एक दिन बाद किया. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि केंद्र ने पंजाब से जुड़े जिन 11 मुद्दों को टाल दिया है और बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र से स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब के हितों की अनदेखी न की जाए और राज्य की भावनाओं से भी खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. इतना ही नहीं मान ने यह भी दावा किया कि बैठक में पड़ोसी राज्यों द्वारा पेश किए गए कई प्रस्ताव पंजाब के अधिकारों को सीमित करने वाले थे, जिनका उन्होंने कड़ा विरोध किया. नदी जल विवाद पर मुख्यमंत्री मान ने सुझाव दिया कि बदलते हालात को देखते हुए सिंधु नदी जल संधि की समीक्षा की जानी चाहिए. उनका प्रस्ताव था कि चिनाब नदी से 24 मिलियन एकड़ फीट पानी पंजाब की ओर मोड़ा जाए, ताकि उत्तर भारत के राज्यों में सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा सके. दिल्ली प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि पराली जलाने को लेकर पंजाब को बेवजह दोषी ठहराया जाता है, जबकि धान की कटाई में देरी के कारण पराली जलाने की घटनाएं भी देर से होती हैं. मुख्यमंत्री मान ने सुझाव दिया कि नदी जल समझौतों की हर 25 साल में समीक्षा होनी चाहिए, ताकि बदलते हालात अनुसार राज्यों के अधिकार निर्धारित किए जा सकें.

पन्ना डायमंड अब बन गया है एक ब्रांड, इससे बनेंगे निवेश के नए अवसर

जीआई टैग मिलने से पन्ना डायमंड को मिली है वैश्विक पहचान रैपुरा में बनेगा नवीन महाविद्यालय ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाया जाएगा शाहनगर ब्लॉक में खुलेंगे दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना की रत्नगर्भा भूमि किसी पहचान की मोहताज नहीं है। पन्ना ने खुद के साथ मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जहां देखो, उधर अपना पन्ना ही चमक रहा है। पन्ना की पुण्यधरा से निकलने वाले पारस (हीरा) से मध्यप्रदेश पूरे विश्व में मशहूर हो रहा है। मध्यप्रदेश को 'डायमंड स्टेट' और 'टाइगर स्टेट' का दर्जा दिलाने का श्रेय भी पन्ना को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना डायमंड को जीआई टैग मिलने पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जीआई टैग ने पन्ना की पहचान पर अब वैश्विक मुहर लगा दी है। अब पूरी दुनिया यहां के हीरों को 'पन्ना डायमंड' के नाम से ही जानेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पन्ना डायमंड' अब एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है। इससे न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में पहचान बढ़ेगी, बल्कि वैल्यू-चेन, माइनिंग, प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट और जेम-आधारित उद्योग, सबमें निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना जिले को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। आज पन्ना और छतरपुर के बीच भव्य राजगढ़ पैलेस होटल का शुभारंभ भी हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहनगर में हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां करीब 83 करोड़ रूपए की लागत वाले 14 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 9 करोड़ रूपए की लागत से बनी बिसानी-श्यामगिरी-कल्दा-सलेहा वाया मैन्हा मार्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण एवं 74 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री ने 4.25 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले पवई में तिघरा बैराज का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर हितग्राही सम्मेलन की शुरूआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मारतम् गायन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर रैपुरा में नवीन महाविद्यालय खोलने, वर्तमान ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाने तथा शाहनगर ब्लॉक में दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीब 135 करोड़ की लागत से टिकरिया-रीठी वाया खमरिया मार्ग का निर्माण करने, शाहनगर-बोरी-चमरईया सड़क मार्ग के चौड़ीकरण सहित पुराने बांधों की नहरों का सर्वे कराकर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का काम कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवई और शाहनगर महाविद्यालय में विधि और विज्ञान संकाय भी शुरु किया जाएगा तथा शाहनगर के बंद उद्योग फिर से शुरू कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के विकास को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार पन्ना में 15 करोड़ की लागत से डायमंड बिजनेस पार्क तैयार कर रही है। यह पार्क पन्ना की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय लिखेगा। इसके साथ बड़ागांव में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक पार्क का विकास लगभग पूर्ण है। वर्षों से बंद पड़ी एनएमडीसी परियोजना को हमने पुनः प्रारंभ कराया गया है, जिससे बड़े स्तर पर हीरो का खनन एक बार फिर प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना जिले के विकास को नया रूप देगी। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से जिले में 1 लाख 35 हज़ार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 600 से अधिक गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। हमारे पवई को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व, विश्व प्रसिद्ध हीरे, समृद्ध वन संपदा, केन नदी का अ‌द्भुत कछार और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियां सब मिलकर आने वाले वर्षों में जिले की अर्थव्यवस्था को एक नए स्वरूप में ढालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या, पार्क की वैश्विक प्रतिष्ठा और पर्यटकों का रुझान, स्थानीय युवाओं के लिए गाईडिंग, होटल रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर बना रहा है। सरकार द्वारा होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म और कनेक्टिविटी सुधारने के प्रयासों से क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है। हम पन्ना जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में पन्ना पूरे प्रदेश में अग्रणी है। यहां 10 हज़ार 301 स्व-सहायता समूहों की 1 लाख से अधिक बहनों को 180 करोड़ रुपए से ज़्यादा का बैंक लिंकेज मिला है, जिसमें से लगभग 18 हज़ार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लाड़ली बहनों को प्रति माह 1500 रुपए राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए करीब 25 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और संबंधित निवेशक के साथ एमओयू भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पवई बांध ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना द्वारा 158 ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।  

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बीएलओ से संवाद कर प्रतिदिन कार्य की करें समीक्षा

भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना और सचिव श्री बिनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक, एसआईआर कार्य के प्रगति की समीक्षा की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र, सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी व अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी नगर पालिक निगमों के कमिश्नर हुए शामिल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 बीएलओ को किया सम्मानित भोपाल भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना एवं सचिव श्री बिनोद कुमार ने बुधवार को वर्चुअल बैठक की। इस दौरान प्रदेश में चल रहे एसआईआर के कार्य की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा सहित सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी नगर पालिक निगमों के कमिश्नर शामिल हुए। भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि एसआईआर के कार्य को सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंभीरता से लें। चुनावी मोड पर कार्य करें। लापरवाही ना करें। बैठक के दौरान निदेशक श्रीमती सक्सेना ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को बांटे जा रहे गणना पत्रक, मैपिंग और डिजिटलाइजेशन के कार्य की समीक्षा की और बेहतर कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी कमिश्नर नगर पालिक निगम को जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी जिले कार्ययोजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। प्रत्येक दिन बीएलओ के कार्य की समीक्षा कर बीएलओ से संवाद करें एवं कार्य में आ रही कठिनाइयों का त्वरित निराकरण करें। सहयोग के लिए वालेंटियर्स को लगाएं। कलेक्टर मैदानी स्तर पर जाकर एसआईआर कार्य की प्रगति देखें। आयोग द्वारा प्रतिदिन आपके कार्य की निगरानी और समीक्षा की जा रही है। आप भी अपने अपने जिलों में प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें। इस दौरान प्रदेश में सबसे अच्छा कार्य करने वाले जिले अशोक नगर, सीहोर, पांढुर्णा, बालाघाट और नर्मदापुरम् के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से उनकी कार्यप्रणाली जानी गई जिससे अन्य कलेक्टर्स भी आवश्यक सुधार कर सकें। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने सभी कलेक्टर्स को प्रतिदिन समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 10% से अधिक गणना पत्रक के डिजिटलाइजेशन के कार्य का लक्ष्य तय करें। एक सप्ताह के अंदर सभी कार्य पूरा करें। जो डाटा मैपिंग हो चुका है उसका डिजीटलाइजेशन सुनिश्चित करें। प्रदेश के 6 बीएलओ हुए सम्मानित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मध्यप्रदेश निर्वाचन सदन भोपाल में 6 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारियों) को उत्कृष्ट कार्य करने पर शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि प्रदेश के अन्य बीएलओ को इनसे प्रेरणा लेकर त्वरित लक्ष्य पूर्ति के लिये प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा में सर्वप्रथम शत् प्रतिशत कार्य पूरा करने वाले बीएलओ को भोपाल में सम्मानित किया जाएगा। बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने राजगढ़ जिले के बीएलओ श्री देवकरण शर्मा, देवास जिले के श्री महेन्द्र सिंह परमार, सीहोर जिले के श्री भूरुलाल गहरवाल, श्री गजराज सिंह, बैतूल जिले के श्री दीपक वर्मा और भोपाल जिले के बीएलओ श्री सुरेश वर्मा को सम्मानित किया है। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रामप्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी व श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

सटीक निशाना, अटूट धैर्य—कुशाग्र ने जीता अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में हासिल किया कांस्य पदक भोपाल  टोक्यो में आयोजित 25वीं समर डेफलंपिक में भारत तथा मध्यप्रदेश के लिए मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के प्रतिभावान शूटर कुशाग्र सिंह राजावत ने गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज कराई है। शूटर कुशाग्र सिंह ने 50 मीटर राइफल प्रोन (पुरुष वर्ग) स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि से अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी मंच पर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। शानदार प्रदर्शन से चमका मध्यप्रदेश का सितारा कुशाग्र सिंह राजावत ने प्रतियोगिता के दौरान अपनी उत्कृष्ट तकनीक, धैर्य और सटीकता का अद्वितीय प्रदर्शन किया। कड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी माहौल में भी उन्होंने संतुलित खेल दिखाते हुए पदक तालिका में स्थान बनाकर देश एवं प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनके इस प्रदर्शन ने युवाओं के लिए प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अकादमी की विशेषज्ञ कोचिंग और सुविधाओं का हासिल हुआ गौरवपूर्ण परिणाम संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशन में संचालित एमपी शूटिंग अकादमी द्वारा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ तथा विशेषज्ञ कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है। अकादमी द्वारा प्रदान किए गए व्यवस्थित प्रशिक्षण, वैज्ञानिक पद्धतियों तथा सतत मूल्यांकन के परिणामस्वरूप खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो रहे हैं। कुशाग्र सिंह राजावत की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में अकादमी के कोचों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा सपोर्ट स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कुशाग्र सिंह राजावत को इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि कुशाग्र ने अनुशासन, एकाग्रता और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के बल पर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का परचम लहराया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि उचित मार्गदर्शन एवं सतत अभ्यास से विश्व पटल पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया जा सकता है। मंत्री श्री सारंग ने आशा व्यक्त की कि कुशाग्र भविष्य में भी देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। मध्यप्रदेश सरकार की खेल प्रतिभा विकास के प्रति प्रतिबद्धता खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम प्रदर्शन हेतु अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा खेल अवसंरचना विस्तार, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल छात्रवृत्ति एवं अंतर्राष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराये जाने जैसी पहलें निरंतर जारी हैं, जिनका स्पष्ट परिणाम अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। मध्यप्रदेश के उभरते हुए निशानेबाज कुशाग्र सिंह राजावत का यह पदक उनकी व्यक्तिगत मेहनत और समर्पण के साथ मध्यप्रदेश की खेल नीतियों व अकादमी प्रणाली की प्रभावशीलता का परिणाम है।