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नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया- मुख्यमंत्री

प्रदेश के 50 प्रतिशत ग्रामों को जोड़ेंगे दुग्ध नेटवर्क से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध  नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया- मुख्यमंत्री  भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 50 प्रतिशत गांवों को दुग्ध नेटवर्क में लाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के वरष्ठि अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के लिए डेयरी विकास योजना को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक संशोधन कर अधिक लाभकारी बनाने के निर्देश दिए थे। अब राज्य में दुग्ध उत्पादन की 72 प्रतिशत संभावित क्षमता को कवर करने और बाजार पहुंच को 15प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दुग्ध संग्रहण बढ़ाने, दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से देशी नस्ल के पशुओं के लिए मॉडल फार्म विकसित करने, सांची ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ाने, भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत हीफर रियरिंग सेंटर की स्थापना, दुग्ध उत्पादक किसानों को खरीदे गए दूध की कीमत का समय पर भुगतान, डिजीटाइजेशन वर्क की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दुग्ध संघों ने बढ़ाई है ढाई से छह रुपए प्रति लीटर राशि इस अवसर पर बताया गया कि प्रदेश के दुग्ध संघों में न सिर्फ दुग्ध संग्रहण बढ़ रहा है, बल्कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों का हित भी सुनिश्चित हो रहा है। दुग्ध संघों में दुग्ध मूल्यों में ढाई रुपए से लेकर छह रुपए तक प्रति लीटर वृद्धि का कार्य किया है। प्रदेश में दो दुग्ध संघों जबलपुर और ग्वालियर में दुग्ध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघ को दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए दो-दो करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी भी उपलब्ध करवाई गई है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के हर कोने को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और संकल्पों को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर सुशासन की स्थापना की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत ढाँचे और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं को तेज़ी से क्रियान्वित किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री साय आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के महतारी अलंकरण सम्मान समारोह में वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडरिया क्षेत्र को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने की पहल प्रारंभ हो चुकी है। इस दिशा में अनेक योजनाओं और विकास कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन किया जा रहा है।     मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने रणवीरपुर में नवीन उप तहसील की स्थापना, आगामी शिक्षा सत्र से बिरेंद्र नगर में महाविद्यालय प्रारंभ करने, पंडरिया में 250 सीटर नवीन नालंदा परिसर, कुण्डा में महाविद्यालय के लिए नवीन भवन और पंडरिया में नवीन नगर पालिका भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-130 ए के 2.1 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण कर इसे 4 लेन में उन्नत किया जाएगा।     कार्यक्रम में 72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री के करकमलों से सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र अब तक 1,460 ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा चुके हैं और आगामी एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों तक पहुँचाई जाएगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाया गया है ताकि आम नागरिकों को किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।     मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छात्राओं के लिए 5 निःशुल्क बस सेवाओं की शुरुआत केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे अब छात्राओं को महाविद्यालय आने-जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडरिया के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, जब 72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा बेटियों के लिए 5 निःशुल्क बसों की शुरुआत हो रही है। यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की अनूठी पहल है।     उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विकास अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गाँव और क्षेत्र में समान रूप से पहुँच रहा है। आने वाला समय छत्तीसगढ़ की प्रगति का नया अध्याय होगा।     लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह पहल बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्त्वपूर्ण साबित होगी। निःशुल्क बस सुविधा से छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने में और अधिक संबल मिलेगा।     क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने बताया कि पहले 3 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा था, जिन्हें अब बढ़ाकर 8 कर दिया गया है। यह सेवा पंडरिया, पांडातराई, पिपरिया, सहसपुर लोहारा एवं कवर्धा के महाविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए संबल बनेगी। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पिछले डेढ़ वर्षों में लगभग 600 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हरिनाला पुल, बाईपास और अनेक बहुप्रतीक्षित कार्य अब गति पकड़ चुके हैं।     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और गृह मंत्री विजय शर्मा वर्चुअल रूप से जुड़े। पंडरिया के पीएम स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक श्रीमती भावना बोहरा तथा अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर में सीनियर रेजिडेंट की भर्ती शुरू, 137 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

ग्वालियर ग्वालियर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने सीनियर रेजिडेंट (Senior Resident Vacancy) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। जो उम्मीदवार इस पद के लिए इच्छुक हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भर्ती के तहत कुल 137 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।   वॉक इन इंटरव्यू की तारीखें इन पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू 15 और 16 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सुबह नौ बजे से 11 बजे तक रिपोर्ट करना होगा। आयु सीमा उम्मीदवार की अधिकतम आयु 45 साल होनी चाहिए। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से (MBBS Vacancy in MP) एमबीबीएस, पीजी डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ ही अन्य निर्धारित योग्यताओं का भी पालन अनिवार्य है। आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन के लिए 300 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाना होगा। एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 75 रुपये निर्धारित किया गया है। जरूरी दस्तावेज आयु प्रमाण पत्र, एमबीबीएस की डिग्री, पीजी डिग्री या डिप्लोमा प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो

श्रीमहाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को होगी सावन की सांस्कृतिक संध्या: सीएम

श्रावण महोत्सव में विभिन्न कलाकारों द्वारा दी जाएंगी आकर्षक प्रस्तुतियां पहली सवारी की थीम होगी वैदिक उद्घोष भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप इस बार भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी और अधिक भव्य रूप में निकाली जाएगी। आगामी श्रावण-भादो-मास में भगवान श्री महाकालेश्वर की निकलने वाली सवारियों की अलग-अलग थीम होगी और पहली सवारी वैदिक उद्घोष की थीम पर होगी। सावन माह में प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियाँ भी होगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी 14 जुलाई, द्वितीय सवारी 21 जुलाई, तृतीय सवारी 28 जुलाई, चतुर्थ सवारी 4 अगस्त, पंचम सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। प्रथम सवारी में पालकी में श्री मनमहेश, द्वितीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर और हाथी पर श्री मनमहेश, तृतीय सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश और गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव, चतुर्थ सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव और नंदी रथ पर श्री उमा महेश, पांचवी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश और रथ पर श्री होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर ,हाथी पर श्री मन महेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश, रथ पर श्री होलकर स्टेट और रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश अनुसार इस बार सवारियों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। प्रत्येक सवारी की थीम अलग-अलग होगी। प्रथम सवारी वैदिक उद्घोष थीम पर निकाली जाएगी। इस दौरान रामघाट और दत्त अखाड़ा पर बटुकों द्वारा भव्य वैदिक उद्घोष किया जाएगा और बटुकों द्वारा सवारी मार्ग में वैदिक उद्घोष किया जायेगा। इसी के साथ विभिन्न जनजातियों के समूहों द्वारा भगवान श्री महाकाल की सवारी में मनमोहक प्रस्तुती दी जायेगी। द्वितीय सवारी में लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें लोक नृत्य मटकी नृत्य मध्यप्रदेश, गणगौर नृत्य राजस्थान, बिहू नृत्य आसाम, भवाई नृत्य गुजरात, पुलियाट्म या टाइगर नृत्य कर्नाटक की प्रस्तुति रामघाट पर दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की तीसरी सवारी में पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। भगवान महाकालेश्वर की चतुर्थ सवारी में पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी। भगवान श्री महाकालेश्वर की पंचम सवारी में धार्मिक थीम रहेगी जिसमें श्री कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी। साथ ही सवारियों में विभिन्न जिलों के पृथक-पृथक जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। राजसी सवारी में 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण महोत्सव हर शनिवार को शाम 7:00 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा। श्री महाकाल महालोक में सावन माह में प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। श्रावण महोत्सव में इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त 13 जुलाई से लेकर 16 अगस्त तक 23 दिवसों में (श्रावण महोत्सव के दिन, सवारी के दिन, नाग पंचमी और 15 अगस्त को छोड़कर) श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनकी प्रस्तुती श्री महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के समीप शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जाएगी, जिसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति देंगे।श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा सवारी मार्ग में हर 200-200 मीटर पर पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पीए सिस्टम और कैमरे भी मंदिर समिति के द्वारा लगाये जाएंगे।  

डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के विचार को किया है क्रियान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सच्चे राष्ट्रभक्त और लोकतंत्र सेनानी थे डॉ. मुखर्जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी ने धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक देश एक विधान कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के योगदान का किया स्मरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प " एक निशान, एक विधान और एक प्रधान" को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में "एक देश एक विधान" विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. मुखर्जी के विचार को प्रधानमंत्री मोदी ने किया क्रियान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान के अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए संसद में भाषण दिया था। वे कश्मीर को विशेष दर्जा देने के प्रबल विरोधी थे। उनका मानना था कि कश्मीर हमारे लिए केवल एक भू-भाग नहीं अपितु भारत की आत्मा है। डॉ. अम्बेडकर का भी यही विचार था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि भारत की एकता से कोई समझौता नहीं बल्कि संकल्प है। कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय जनसंघ ने सत्याग्रह भी किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर पहुंचे वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया। यह उनका बलिदान था। डॉ. मुखर्जी ने बताया राष्ट्र के लिए कैसी हो हमारी दृष्टि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रवासियों को यह बताया कि राष्ट्र के लिए हमारी दृष्टि कैसी होनी चाहिए। आज भारत दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। स्वतंत्रता के समय हुई त्रुटियों को याद रखने की आवश्यकता है। डॉ. मुखर्जी जैसे महापुरूषों के योगदान का इसलिए निरंतर स्मरण करना जरूरी है। आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र के शत्रुओं को उनके घर में घुसकर मारने का हौसला रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के लिए आयोजक और प्रतिभागियों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को बधाई दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि धरती पर बमुश्किल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसा महापुरूष पैदा होता है। डॉ. मुखर्जी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। नेहरू जी से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति आदि उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।  

CM साय और डिप्टी सीएम ट्रेन से अंबिकापुर के लिए रवाना हुए ,आज BJP के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मैनपाट में आज से सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत होने वाली है. इसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णु देव साय इस बार ट्रेन से रवाना हुए. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर के लिए रविवार की रात को ट्रेन में सवार हुए. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा,  सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी भी थे.  उत्साहित दिखे CM रायपुर से अंबिकापुर तक की ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बेहद उत्साहित दिखे. सीएम ने कहा कि कहा ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है. इस बार ट्रेन से अंबिकापुर तक जाने का फैसला भी इसीलिए ही लिया है.  ये है कार्यक्रम  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मैनपाट में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. सीएम ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई विषयों पर व्याख्यान होंगे.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह को संबोधित करेंगे.साय ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी व्याख्यान देंगे. उन्होंने कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहायक होगा. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर तक करेंगे रेल का सफर, ट्रेन यात्रा को लेकर उत्साहित दिखे मुख्यमंत्री, कहा – ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है .सफर में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी भी मौजूद

प्रदेश में अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 255.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 427.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 84.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 228.4 मि.मी., सूरजपुर में 272.4 मि.मी., जशपुर में 393.9 मि.मी., कोरिया में 336.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 242.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 418.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 202.0 मि.मी., गरियाबंद में 211.5 मि.मी., महासमुंद में 199.5 मि.मी. और धमतरी में 193.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 188.4 मि.मी., मुंगेली में 222.8 मि.मी., रायगढ़ में 417.1 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 297.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 323.0 मि.मी., सक्ती में 298.8 मि.मी. कोरबा में 325.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 238.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 121.2 मि.मी., कबीरधाम में 143.9 मि.मी., राजनांदगांव में 109.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 295.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 132.8 मि.मी., बालोद में 171.5 मि.मी. और बस्तर जिले में 394.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 229.3 मि.मी., कांकेर में 266.4 मि.मी., नारायणपुर में 267.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 368.2 मि.मी. और सुकमा में 179.1 मि.मी. और बीजपुर जिले में 398.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

रायपुर विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर दिव्यांगजनों को रोजगार देने के उद्देश्य से यंग इंडिया के तत्वाधान में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन करने जा रहा है. यह कैंप 7 जुलाई को शासकीय आईटीआई सड्डू रायपुर में लगेगा. विशेष रोजगार अधिकारी डॉ. शारदा वर्मा ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा. प्लेसमेंट कैंप में 20 विभिन्न निजी क्षेत्र की राइस मिल, पेट्रोल पम्प, स्पंज आयरन, वेयर हाऊस आदि प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा दिव्यांगजनों की भर्ती की जाएगी. इनका कार्यक्षेत्र उरला, सिलतरा और रायपुर शहर होगा. विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक का मासिक वेतनमान दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रोजगार संबंधी परामर्श, पंजीयन और मार्गदर्शन की भी व्यवस्था की गई है. इस अवसर का लाभ उठाने के लिए रायपुर जिले सहित आसपास के 18 से 40 वर्ष तक के योग्य दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं. अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिव्यांगजन कार्यालय के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं.

डीजीपी नियुक्ति के बाद प्रशासनिक हलचल तेज, पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी

जयपुर राजस्थान में डीजीपी पद पर आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार शर्मा की नियुक्ति के बाद अब पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं और तबादलों की सूची को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नव नियुक्त डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के बीच संभावित बैठक के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक सहित कई शीर्ष पद खाली हैं। एसीबी प्रमुख का पद लंबे समय से रिक्त है। इसके अलावा आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अन्य पदों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जबकि 12 नवआरक्षित आईपीएस अधिकारी हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और पांच अधिकारी अवकाश पर हैं। ऐसे में विभाग में कार्यभार संतुलन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार तैयार कर रही तबादला सूची राज्य सरकार रिक्त पदों को भरने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि सूची में अधिकारियों की विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा। इस फेरबदल के जरिए प्रशासनिक स्थायित्व और दक्षता को मजबूती देने की योजना बनाई गई है। नए डीजीपी से नई उम्मीदें डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस महकमे में बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनके कार्यशैली को लेकर पुलिस विभाग सहित राजनीतिक गलियारों में भी उत्सुकता है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विभाग को नई दिशा देगा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगा। विभाग के भीतर पारदर्शी और योग्यता आधारित तबादले की मांग भी उठ रही है। ऐसे में सरकार से तेज़ और सटीक निर्णय की अपेक्षा की जा रही है। संभावित तबादला सूची पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं, जो राजस्थान पुलिस के भविष्य की दिशा और दशा तय कर सकती है।  

राजस्थान में बारिश का कहर जारी, सवाई माधोपुर में बाढ़ जैसे हालात

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार जारी है। सोमवार को भी प्रदेश के 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, नागौर, जयपुर, अजमेर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर में प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में दर्ज की गई, जहां 214 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सवाई माधोपुर शहर में 124 मिमी, बौंली में 130 मिमी, मित्रपुरा में 50 मिमी, खंडार और मलारना डूंगर क्षेत्र में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई। चौथ का बरवाड़ा में जलभराव के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। यहां तक कि कलेक्ट्रेट ऑफिस में भी पानी भर गया। राजधानी जयपुर सहित अन्य जिलों में भी तेज बारिश जयपुर, सीकर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों में 1 से 2 इंच तक वर्षा हुई। बीसलपुर बांध, जो जयपुर को पानी सप्लाई करता है, उसका जलस्तर बढ़कर 313.74 मीटर हो गया है और त्रिवेणी नदी से लगातार पानी की आवक हो रही है। राज्य में अब तक सामान्य से 137 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 1 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 70.5 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 167.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।