samacharsecretary.com

अंबाला में पूर्व पार्षद गिरफ्तार, आपराधिक रिकॉर्ड ने फिर दिलाई जेल की राह

अंबाला  अंबाला कैंट पुलिस ने ऑपरेशन ट्रैक डाउन के अंतर्गत एक पूर्व पार्षद को गिरफ्तार किया है। पूर्व पार्षद राजेश पर 14 मामले दर्ज है और पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के एक मामले में पूर्व पार्षद की गिरफ्तारी की है। सदर थाना प्रभारी ने बताया पूर्व पार्षद हिस्ट्रीशीटर है और उसने चोरों से चोरी का सामान खरीदा था बदले में उन्हें पैसा व नशा दिया था।  डीजीपी हरियाणा द्वारा हरियाणा पुलिस को ऑपरेशन ट्रैक डाउन चलाने के निर्देश दिए हैं। जिसके अंतर्गत मामलों में लंबित चल रहे अपराधियो को ट्रैक डाउन कर गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं। इसी ऑपरेशन के तहत अंबाला कैंट सदर थाना पुलिस ने एक पूर्व पार्षद को गिरफ्तार किया है। पूर्व पार्षद राजेश पर 14 मामले दर्ज है और पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के एक मामले में पूर्व पार्षद की गिरफ्तारी की है। सदर थाना प्रभारी ने बताया पूर्व पार्षद हिस्ट्रीशीटर है और उसने चोरों से चोरी का सामान खरीदा था बदले में उन्हें पैसा व नशा दिया था। 

कांग्रेस में मचा घमासान: राजा वड़िंग पर पार्टी की सख्ती से मचा हड़कंप

पंजाब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें लगातार बढ़ती नज़र आ रही हैं। पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने वड़िंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 8 दिनों के भीतर गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने यह आदेश पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के खिलाफ की गई कथित नस्लभेदी टिप्पणी को लेकर जारी किए हैं। इस मामले में बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू ने शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद कपूरथला पुलिस ने वड़िंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। गढ़ी ने इस मामले में डीएसपी हरगुरदेव सिंह को चंडीगढ़ तलब कर पूछा कि अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में 8 दिनों के भीतर राजा वड़िंग को गिरफ्तार किया जाए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वड़िंग के बयान से जुड़ा वीडियो फिलहाल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। आयोग अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि, “राजा वड़िंग कोई रॉबिनहुड नहीं हैं कि उन्हें खोजा न जा सके। वे पंजाब में खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही, यह अस्वीकार्य है।” बता दें कि 4 नवंबर को तरनतारन के एक गांव में आयोजित सभा के दौरान राजा वड़िंग ने पूर्व मंत्री बूटा सिंह को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद से वड़िंग विपक्ष और सामाजिक संगठनों के निशाने पर हैं। 

नवंबर में ही बढ़ी सर्दी की सिहरन, राजस्थान के कई इलाके कांपे

जयपुर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में भी दिखने लगा है। इस बार ठंड ने सामान्य से पहले दस्तक दे दी है। कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम केंद्र जयपुर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह की सर्दी बनी रहेगी। विभाग ने सीकर में चार दिन और टोंक में एक दिन के लिए शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा ठंड फतेहपुर (सीकर) में रही, जहां न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, सीकर में 7.5 और नागौर में 8.3 डिग्री तापमान रहा। मंगलवार सुबह और शाम के समय इन इलाकों में हल्की शीतलहर का असर महसूस किया गया। राजस्थान के सीकर, फतेहपुर और नागौर जैसे शहरों में तापमान हिमाचल के शिमला (8.4°C), मंडी (8.8°C), उत्तराखंड के मसूरी (8°C) और देहरादून (11.8°C) के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के जम्मू (11.4°C) और कटरा (10.4°C) से भी कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर राजस्थान में ऐसी ठंड 20 नवंबर के बाद महसूस होती है, लेकिन इस बार यह पहले ही शुरू हो गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, पिलानी, सीकर और टोंक समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है। दिन में सुहानी धूप ने दी राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दोपहर में धूप लोगों को राहत दे रही है। मंगलवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। आने वाले दिनों का मौसम मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट संभव है। 12 नवंबर को टोंक और सीकर जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीकर में भी अगले 5 दिनों तक शीतलहर की चेतावनी दी गई है।  

मंत्री कुशवाह ने कहा- दिव्यांगजन की मोट्रेट साइकल रिपेयरिंग व्यवस्था जिलास्तर पर करें

भोपाल  दिव्यांगजन हितग्राहियों को, दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत प्रदान की गई, मोट्रेट साइकल के रिपेयरिंग के लिये जिलास्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस आशय के निर्देश सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने विभागीय अधिकारियों को दिए है। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में केन्द्र सरकार की संस्था एलिम्को के माध्यम से 11 हजार 200 से अधिक दिव्यांगजन को 5 करोड़ 60 लाख रूपये के उपकरण प्रदान किए गये है। इनमें जिन हितग्राहियों को मोट्रेट साइकल प्रदान की गई है, उनकी रिपेयरिंग की व्यवस्था जिलास्तर पर दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्रों पर की जाना चाहिए। इसके लिए केन्द्र सरकार की संस्था एलिम्को से सम्पर्क किया जाये। वर्तमान में एलिम्को द्वारा ग्वालियर और जबलपुर में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह व्यवस्था समय-सीमा में बहाल करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता होने पर सामाजिक न्याय विभाग राज्य शासन के बजट से आवश्यक पार्टस उपलब्ध करायेगा।  

आखिर मिला हक: अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी, भावनाओं से भर उठे परिजन

इंदौर नगर निगम के सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे आवेदकों को राहत देते हुए अनुकंपा नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने इन आवेदकों को अनुकम्पा नियुक्ति आदेश वितरित किए। इस मौके पर नंदकिशोर पहाडिया ने कहा कि निगम प्रशासन कर्मचारियों और उनके स्वजनों के हितों के प्रति सदैव संवेदनशील है। कर्मचारी के असामयिक निधन की स्थिति में उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करना निगम का मानवीय कर्तव्य है ताकि परिवार की आजीविका निरंतर बनी रहे।   नव नियुक्त कर्मचारियों को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निगम की सेवा करें तथा अपने दिवंगत स्वजन के कार्यों और मूल्यों को आगे बढ़ाएं। गौरतलब है कि वर्तमान निगम परिषद में अब तक तीन दर्जन से ज्यादा दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। सामान्य प्रशासन प्रभारी ने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का भी जल्दी ही निराकरण किया जाकर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।

रेगिस्तान में रणभेरी: मरु ज्वाला सैन्य अभ्यास में गूंजे धमाके, दिखा युद्ध कौशल

बाड़मेर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में मंगलवार का दिन युद्ध जैसी स्थितियों से भरा रहा। जैसलमेर, जालौर और बाड़मेर जिलों में थल सेना और वायुसेना के जांबाजों ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दौरान जबरदस्त युद्ध कौशल और समन्वय का प्रदर्शन किया। आसमान में धमाकों की गूंज और जमीन से उठते धुएं व रेत के गुब्बारों ने मानो वास्तविक युद्ध का अहसास करा दिया। जैसलमेर में सेना ने दुश्मन पर किया जवाबी हमला जैसलमेर जिले के सियालो का तला क्षेत्र में सेना के जवानों ने युद्ध जैसे दृश्य का निर्माण किया। इस दौरान अभ्यास में दिखाया गया कि दुश्मन सैनिकों ने भारत की अग्रिम चौकियों पर कब्जा कर लिया था।   रेत के बीच टैंकों और पैराट्रूपर्स ने दिखाया दम मरु ज्वाला अभ्यास के दूसरे चरण में टैंकों से दागे गए गोलों ने दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह कर दिया। करीब 12,500 फीट की ऊंचाई से पैराट्रूपिंग कर उतरे सैनिकों ने गोलों और बमों की बरसात कर दुश्मनों को निष्क्रिय किया। सेना की सेवन पैरा टीम के जवानों ने यह साबित किया कि भारतीय सेना के लिए जल, थल और नभ तीनों ही मार्गों में कोई भी बाधा दुर्गम नहीं है। वायुसेना के सी-295 परिवहन विमान से पैराकमांडो ने ऊंचाई से पैराशूट के सहारे छलांग लगाकर वॉर जोन में उतरने का अद्भुत प्रदर्शन किया। जालौर और बाड़मेर में वायुसेना का ‘महागजराज’ अभ्यास इसी दिन सीमांत जालौर जिले के चितलवाना और बाड़मेर के बाखासर क्षेत्र में भारतीय वायुसेना ने ‘महागजराज’ नाम से विशेष युद्धाभ्यास किया। इस दौरान फाइटर जेट जगुआर और सुखोई-30 ने भारत माला एक्सप्रेस वे-925A की 3 किलोमीटर लंबी आपातकालीन एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी सामरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। ट्रायल की शुरुआत सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के टच-एंड-गो अभ्यास से हुई, जिसके बाद जगुआर और सुखोई जेट्स ने अपनी ताकत का परिचय दिया। अभ्यास के दौरान हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद रहा, जबकि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीमें मुस्तैदी से तैनात रहीं। देशभक्ति के जोश से गूंजे इलाके विंग कमांडर देवेंद्र पांडे ने बताया कि यह अभ्यास साउथ-वेस्टर्न कमांड के तहत आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन एयर लैंडिंग फील्ड की वैधता और उपयोगिता को परखना था। फाइटर विमानों की गर्जना से आसमान गूंज उठा और आसपास मौजूद लोगों के चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह झलकने लगा।

धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा कड़ी, 1200 पुलिसकर्मी और 5 कंपनियां कर रहीं पहरा

पलवल  दिल्ली धमाके के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इसी के चलते धीरेंद्र शास्त्री और सनातन पदयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पहले से हरियाणा पुलिस की 3 कंपनियां उनकी सुरक्षा में लगी हुई थीं, अब 2 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती भी की गई है। इसके साथ ही कुल 5 कंपनियां और करीब 1200 पुलिसकर्मी धीरेंद्र शास्त्री और पदयात्रा की सुरक्षा में लगाए गए हैं। जिला प्रशासन ने पदयात्रा के मार्ग पर सुरक्षा चक्र को सख्त कर दिया है। हर कदम पर पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं और ड्रोन से रूट की निगरानी लगातार की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली धमाके की घटना पर धीरेंद्र शास्त्री ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले कट्टरपंथी तत्व अपनी विकृत मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं। जब तक शरीर में प्राण हैं, तब तक भारत और सनातन धर्म की सेवा करते रहेंगे। 

जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य

नई दिल्ली में ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव-2025 में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने बढ़ाया राज्य का गौरव रायपुर ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया, जिसमें देशभर से आए उद्यमियों,नीति-निर्माताओं एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने भी हिस्सा लेकर उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया। ये स्टार्टअप्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान भी दे रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्टार्टअप्स के स्टॉलों का अवलोकन किया, उद्यमियों से संवाद किया तथा उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने छत्तीसगढ़ एग्रोफैब कंपनी के प्रतिनिधि श्री करण चंद्राकर से विशेष चर्चा करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित उत्पादों को जनजातीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यक्रम में निवेश आयुक्त, छत्तीसगढ़ श्रीमती ऋतु सेन ने राज्य में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, परामर्श तथा विपणन सहयोग जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर जनजातीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना। उन्होंने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्यमियों को उनके उत्पादों के विस्तार एवं बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।  छत्तीसगढ़ के अनेक स्टार्टअप्स – सिद्धार्थ एग्रोमार्केटिंग प्रा. लि., अंकुरण सीड्स, कोशल, शांति आनंद वेलनेस, बस्तर से बाज़ार तक, कोईतूर फिश कंपनी, कोया बाज़ार, एग्रोफैब तथा हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप्स ने कृषि विपणन, बीज उत्पादन, जनजातीय हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस उत्पादों तथा वनोपज आधारित व्यापार से जुड़ी अभिनव पहलें प्रस्तुत कीं। यह सम्मेलन जनजातीय उद्यमियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि समावेशी एवं समुदाय-केन्द्रित उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक श्री संजय गजघाटे तथा निवेश आयुक्त कार्यालय की महाप्रबंधक सुश्री अंजली पटेल भी उपस्थित थीं।

बिहार में भारी मतदान के बीच सम्राट चौधरी बोले — जनता ने सुशासन के पक्ष में वोट दिया

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की समाप्ति के बाद कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बिहार में प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रहा है और एक बार फिर प्रदेश में सुशासन की सरकार बनेगी।         सम्राट चौधरी ने मतदान समाप्त होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान बता रहा है कि सभी वर्गों के मतदाताओं खासकर महिलाओं, युवावर्ग, दलितों, शोषितों और वंचितों ने एनडीए के पक्ष में खुल कर मतदान किया है । उन्होंने चुनाव के दौरान सहयोग और मिलजुल कर व्यापक प्रचार के लिए एनडीए के घटक दलों और उनके नेताओं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के नेता उपेंद्र कुशवाहा को धन्यवाद दिया । उन्होंने खास तौर से मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया, जिनके नेतृत्व में एनडीए इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहा था। इस बार 2010 का रिकॉर्ड भी टूटेगा बिहार के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह का रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला है उसे लगता है कि बिहार में विकास का मॉडल जनता को पसंद आया है और लोगों ने लोकतंत्र के इस पर्व में उत्सव की तरह भाग लिया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही 65 प्रतिशत मतदान के साथ अब तक के पिछले सारे कीर्तिमान टूट गए थे और दूसरा चरण मतदान प्रतिशत के मामले में पहले से भी बेहतर रहा है। उन्होंने इस जबरदस्त भागीदारी के लिए सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि मतदान का ट्रेंड बता रहा है कि एनडीए की 2010 में हुई विजय का भी कीर्तिमान इस बार टूटेगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को करीब 180 विधानसभा सीटों में बढ़त हासिल हुई थी और ऐसा लगता है की 2025 के विधानसभा चुनाव उसी की पुनरावृति होने वाली है या उससे भी ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुमान है कि इस चुनाव में इंडिया का वोट शेयर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा होगा और बिहार को एक बार फिर एक ऐसी सरकार मिलेगी जो उसे विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में ले जाएगी।

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में देश के ईस्ट जोन के बेस्ट डिस्ट्रिक्ट के रूप में सम्मानित होने जा रहा राजनांदगांव

रायपुर  जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी। जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहल राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें।      महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया।  मिशन जल रक्षा – सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा पानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया। सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचान राजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।