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नक्सली लीडरों की माताओं ने अपने बच्चों से की अपील अब हथियार छोड़ लौटें समाज में और समाज के बीच रहकर करें विकास

रायपुर : नक्सल लीडरों के परिजनों से मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री ने की पुनर्वास की अपील नक्सली लीडरों की माताओं ने अपने बच्चों से की अपील अब हथियार छोड़ लौटें समाज में और समाज के बीच रहकर करें विकास उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अचानक पहुंचे सुकमा के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती हिड़मा और बारसे देवा के परिजनों से मिलकर पुनर्वास का किया जा रहा प्रयास रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आज अचानक सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती पहुंचे। जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में समस्त ग्रामवासी और पूर्वर्ती से संबंध रखने वाले नक्सल लीडर माड़वी हिड़मा एवं बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए। जिसमें माड़वी हिड़मा की माता मती माड़वी पुंजी तथा बारसे देवा की माता मती बारसे सिंगे भी शामिल थीं। उनके साथ बारसे देवा के परिवार से चाचा बारसे ढुंगा, भाई बारसे भीमा, बारसे सन्ना, बारसे आमता, बारसे सीमडा, भतीजा बारसे मड़का, बारसे हिड़मा, बहु बारसे जोगी एवं माड़‌वी हिड़मा के परिजनों में चाचा माड़वी देवा, माड़वी सोमा, चाची माड़वी सुक्‌की, भाई माड़वी हड़मा, माड़वी मासे, बहु माड़‌वी मंगली भी उपस्थित रहे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात की और गांव में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। जहां ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां ना तो सड़क थी ना ही कोई आधारभूत व्यवस्था और बारिश के दिनों में तो गांव एक टापू बन जाता था ना तो कोई आ सकता था ना जा सकता था। नियद नेल्ला नार योजना से अब गांव में रोड आ गयी है राशन, दवाइयां, खाद अब ग्राम में ही मिल जाता है। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ मुलाकात कर उनके साथ उनके साथ खाना खाया और उन्हें उपहार भी दिए और उनके द्वारा की गई मांगों को पूरा करने हेतु अधिकारियों को निर्देश भी दिए। नक्सल लीडरों के परिजनों से भी उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आत्मीय मुलाकात कर उनके माता पिता से आशीर्वाद लिया। जहां उनकी माताओं मती माड़वी पुंजी तथा मती बारसे सिंगे ने बताया कि वे बड़े गैर जिम्मेदाराना तरीके से सब कुछ छोड़ कर जंगल में हथियार लेकर भटक रहे हैं। उन्होंने अपने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि परिवार, गाँव, समाज को छोड़कर जंगल में हथियार लेकर भटकने से किसी का भला नहीं हो रहा है। अपने हथियार छोड़कर पुनर्वास का रास्ता चुनो और समाज, परिवार, परिजनों के बीच रहकर विकास एवं सबके हित के लिए कार्य करें। उनकी माताओं ने भी वीडियो जारी कर अपने बेटों को पुनर्वास करने की अपील की है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने परिजनों से कहा कि उनका प्रयास है कि सभी भटके युवा हथियार छोड़ पुनर्वास कर लेते हैं तो शासन उनका ख्याल रखेगी और समाज के बीच रहकर अहिंसक तरीके से मुख्यधारा में शामिल होकर वे क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर सकते हैं। क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए सभी के साथ की आवश्यकता है। ये युवा शक्ति क्षेत्र के विकास की नींव बन सकते हैं। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री शर्मा एवं पूरे शासन-प्रशासन द्वारा क्षेत्र की शांति के लिए हिड़मा और बारसे देवा के साथ दक्षिण बस्तर के भटके युवाओं के पुनर्वास के लिए भी सतत प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पूर्वर्ती में स्थापित 150 वीं बटालियन के कैंप में जाकर नक्सल मोर्चे पर कार्य करने वाले केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों एवं पुलिस के जवानों से मुलाकात की और उनका प्रोत्साहन किया एवं नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल के प्रत्येक जवान का पराक्रम, त्याग और समर्पण राज्य तथा देश की अमूल्य धरोहर है। उनकी वीरता ने इस क्षेत्र की शांति और विकास की नई दिशा दी है। उन्होंने कैंप परिसर का निरीक्षण कर जवानों से सुरक्षा व्यवस्था, क्षेत्र की परिस्थिति एवं चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जवानों को सुरक्षा के साथ लोगों के कल्याण और सुरक्षा के लिए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर सुकमा देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चौहान तथा पूर्वर्ती के ग्रामीण उपस्थित थे।

रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियो आकांक्षा सत्यवंशी ने मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से की सौजन्य भेंट

रायपुर : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने की मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब से सौजन्य भेंट गुरु खुशवंत साहेब ने शाल, फल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब जी  से आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ सु आकांक्षा सत्यवंशी ने उनके नवीन आवास नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान आकांक्षा सत्यवंशी ने गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना कर गुरु खुशवंत साहेब को फल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गुरु खुशवंत साहेब ने भी परंपरानुसार शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आकांक्षा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्वकप जीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने परिश्रम, लगन और निष्ठा से यह सिद्ध किया है कि यदि प्रतिभा को अवसर मिले तो वह विश्व मंच पर भी छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन कर सकती है। वे न केवल छत्तीसगढ़ की बेटी हैं, बल्कि सतनामी समाज की भी गौरव हैं। उन्होंने आगे कहा कि  आकांक्षा जैसी बेटियाँ छत्तीसगढ़ की नई दिशा और समाज की प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि समर्पण और शिक्षा के बल पर हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। सतनामी समाज और छत्तीसगढ़ की हर बेटी में असीम ऊर्जा और प्रतिभा है, हमें उन्हें अवसर, सम्मान और मंच देना होगा ताकि वे विश्व स्तर पर समाज और प्रदेश का गौरव बढ़ा सकें। गुरु खुशवंत साहेब ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल एवं युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेल अकादमियों, खेल विज्ञान केंद्रों और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इस अवसर पर मंत्री एवं गुरु खुशवंत साहेब ने आकांक्षा सत्यवंशी से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों से प्रदेश के खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दें, जिससे राज्य और समाज दोनों का नाम गौरवान्वित हो। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी ने आकांक्षा सत्यवंशी जी को छत्तीसगढ़ सरकार, सतनामी समाज और प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मंत्री रामविचार नेताम बोले: जनजातीय गौरव के लिए हमें सबके साथ मिलकर काम करना होगा

रायपुर : जनजातीय गौरव के लिए हम सबक को मिलकर काम करना होगा: मंत्री  रामविचार नेताम 'जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न रायपुर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम  नवा रायपुर अटल नगर स्थित आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए।  आदिम जाति विकास मंत्री  नेताम ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत काफी समृद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। इस वर्ष बिरसा मुण्डा जी के 150वीं वर्ष पूर्ण होने पर 15 से 20 नवंबर तक जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा चल रहा है। 15 नवंबर को सभी जिलों सहित आश्रम-छात्रावासों में वृहद रूप से जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर जनजातीय नृत्य, गीत-संगीत, लोक कला, वाद-विवाद, भाषण, पेंटिंग सहित विविध आयामों पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ की धरती अंबिकापुर में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से विजेताओं, कलाकारों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।  आदिम जाति कल्याण मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती अंबिकापुर में जनजातीय समाज के ही सर्वोच्च पद पर स्थापित राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आ रही है। यह हम सब के लिए गौरव की बात है। हमें कार्यक्रम में संवेदनशीलता के साथ सहभागी बनते हुए कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि विरासत से प्रेरणा लेने से विकास के लिए नयी दिशा भी बनती है। उन्होंने कहा कि विरासत के स्वतंत्रता आंदोलन, अध्यात्म और संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक विकास में योगदान को स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली नयी पीढ़ियों को पुरखों के योगदान से अवगत कराएं ताकि उनसे प्रेरणा ले ओर सही दिशा में भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य गांवों का कायाकल्प किया जा रहा है। कार्यशाला को अध्यक्ष स्थानीय स्वास्थ्य एवं औषधीय पादप बोर्ड  विकास मरकाम, अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग  रूपसिंह मण्डावी तथा मुख्य वक्ता  रामाधार कश्यप ने भी संबोधित किया।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख संिचव  सोनमणि बोरा ने कार्यशाला में कहा कि विभाग जनजातीय गौरव एवं अस्मिता के संरक्षण हेतु दस्तावेजीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ ही नयी पहल करते हुए समय-सीमा निर्धारित कर छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वही सुदूर अंचल में निवासरत जनजाति परिवारों एवं उस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास की दिशा में तत्परता से काम कर रही है। यह भी गौरव का विषय है कि हाल ही में 01 नवम्बर को राज्योत्सव के मौके पर देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के करकमलों द्वारा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह संग्रहालय का उद्घाटन हुआ है। स्वागत भाषण टीआरटीआई की संचालक मती हीना अनिमेश नेताम ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर ने किया। कार्यशाला में सभी जिलों के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास, वनवासी कल्याण समिति, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर: डिजिटल सुरक्षा को बनाएं आम जनता की प्राथमिकता, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ें — मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर : डिजिटल सुरक्षा को जनआंदोलन बनाएं, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ें- मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब  रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन संस्था के ऑडिटोरियम में किया गया। संगोष्ठी का विषय था- “साइबर और डिजिटल सुरक्षा, डिजिटल युग में चुनौतियाँ और अवसर।”  डिजिटल युग में सजगता और कौशल ही सुरक्षा की कुंजी -मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब प्रदेश के मंत्री, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि डिजिटल युग में हमारा व्यवहार भी डिजिटल हो गया है, इसलिए डिजिटल सुरक्षा अब हमारी जिम्मेदारी बन गई है। हमें तकनीक का उपयोग समझदारी, संवेदनशीलता और सुरक्षा के साथ करना होगा।  उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य का अपना ‘नवा अंजोर 2047 विज़न डॉक्यूमेंट’ जारी किया गया है, जो राज्य को नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप है।  हमारे युवा नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञान, विज्ञान, कौशल और तकनीक के बल पर राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं। अब समय है कि हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। मंत्री ने छात्राओं को आह्वान किया कि वे साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों की बारीकियों को समझें। उन्होंने कहा भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के युवा इस क्रांति के हिस्सेदार बनें।  भारत का बैंकिंग सिस्टम विश्व में सबसे मजबूत उन्होंने डिजिटल ट्रांजैक्शन के संदर्भ में सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम आज विश्व का सबसे मजबूत सिस्टम है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी हमारी है। हर व्यक्ति को डिजिटल साक्षर और साइबर जागरूक बनना चाहिए। कार्यक्रम की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जागरूक, कुशल और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। यह पहल ‘सुरक्षित डिजिटल छत्तीसगढ़’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी शिक्षा के नए आयामों पर चर्चा- डॉ. एम. एल. अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. एम. एल. अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय छ.ग., ने अपने वक्तव्य में तकनीकी शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार सीजीआईटी संस्थानों की शुरुआत की गई है और तीन नए संस्थान प्रस्तावित हैं, जो युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों के व्याख्यान से समृद्ध हुए तकनीकी सत्र संगोष्ठी के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. डॉ. नरेश नागवानी (एनआईटी रायपुर) ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर जानकारी दी और डिजिटल सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध टूल्स की जानकारी साझा की। द्वितीय सत्र में प्रो. डॉ. संजय कुमार (पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) ने डिजिटल युग में उभरती चुनौतियों एवं उनके समाधान पर व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम में 150 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता, राष्ट्रीय स्तर के 18 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संस्था की प्राचार्य डॉ. वर्षा चौरसिया ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं आयोजन टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को ईएफ फॉर्म सौंपते हुए बीएलओ ने किया सम्मान

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल को बीएलओ ने सौंपा ईएफ फॉर्म रायपुर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत आज रतनपुर क्षेत्र के भाग संख्या 134 के बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ चौथ कुमार पटेल द्वारा  स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल को Enumeration form  (गणना पत्रक ) प्रदान किया गया।  इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतंत्र में उसकी सशक्त भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ें, सुधार कराएं या आवश्यक परिवर्तन करवाएं ताकि आगामी चुनावों में वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। बीएलओ द्वारा ईएफ फॉर्म प्रदान किए जाने का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि इस अभियान के प्रति जन जागरूकता बढ़े और कोई भी योग्य नागरिक का नाम छूटे नहीं तथा कोई भी अयोग्य व्यक्ति का नाम जुड़े नहीं । इस दौरान बीएलओ ने मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधा और नए पंजीकरण के लिए उपलब्ध पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं ताकि शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने इस पहल को “सशक्त लोकतंत्र का आधार” बताते हुए कहा कि एक मत भी देश की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों को प्रेरित किया कि वे अपने आस-पास के लोगों को भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रेरित करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बीएलओ ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पात्र मतदाताओं को उनके घरों तक फॉर्म पहुँचाए जा रहे हैं तथा बूथ स्तर पर सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। वहीं ई-मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को भी अधिक सरल बनाया गया है ताकि युवा मतदाता और नए पंजीकरणकर्ता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकें। रतनपुर क्षेत्र में चल रहे इस अभियान के तहत जनजागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नुक्कड़ संवाद, पोस्टर प्रदर्शन और विद्यालय स्तर पर “मतदाता बने युवा” थीम पर कार्यक्रम शामिल हैं।  Enumeration form (गणना पत्रक ) वितरण का यह चरण जिले के लिए एक उदाहरण बन गया है जहाँ जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।

रायपुर: बस्तर में 11 करोड़ 82 लाख रुपए की विकास योजनाओं की नींव रखी मंत्री केदार कश्यप ने

रायपुर बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बस्तर विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों—खण्डसरा, पखनाकोंगेरा, कोटगढ़ और तुरपुरा-1 में कुल 11 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में सिंचाई, जलसंसाधन, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं, जो आने वाले समय में ग्रामीण जीवन को नई दिशा प्रदान करेंगी। जलसंसाधन, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं का हो रहा है विकास मंत्री  कश्यप ने खण्डसरा ग्राम पंचायत में कोटगढ़ नाला पर एनिकट निर्माण और ग्रामीण जलापूर्ति सुधार योजना का भूमिपूजन किया, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 298.50 लाख रुपए है। इसी प्रकार पखनाकोंगेरा में मावली माता मंदिर के पास एनिकट निर्माण तथा जल संरक्षण संबंधी कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिनकी लागत लगभग 298.71 लाख रुपए निर्धारित की गई है। कोटगढ़ ग्राम पंचायत में राजेपारा मार्ग एवं नाली निर्माण कार्यों के साथ-साथ जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण की योजनाओं का शुभारंभ हुआ, जबकि तुरपुरा-1 में हाई स्कूल के सामने पुलिया निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जिनकी कुल लागत लगभग 5.30 लाख रुपए है। प्रगति की नई पहचान बना बस्तर वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि ये योजनाएँ न केवल ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करेंगी, बल्कि कृषि, रोजगार और जल संरक्षण को भी नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रगति की नई पहचान बन चुका है। सरकार का उद्देश्य हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुँचाना है ताकि कोई भी क्षेत्र पिछड़ा न रह जाए। जनता स्वयं इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी उठाएं  कश्यप ने ग्रामीणों से इन विकास कार्यों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि जब जनता स्वयं इन योजनाओं की जिम्मेदारी उठाएगी, तभी विकास का सच्चा उद्देश्य पूरा होगा। इस अवसर पर जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले — बस्तर में सरकार की प्राथमिकता है सुरक्षा, शांति और विकास

रायपुर : बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास सरकार की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने माओवादियों से हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटने की अपील रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज बीजापुर जिला कार्यालय के इन्द्रावती सभागार में बीजापुर और सुकमा जिले के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों तथा समाज प्रमुखों, मांझी, चालकी, गायता, पुजारी और पटेलों से संवाद किया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि बस्तर को अमन, चैन, शांति और सुरक्षा के साथ विकास के पथ पर अग्रसर करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार हर हाल में बस्तर को हिंसा मुक्त करने के लिए संकल्पित है। बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से बस्तर संभाग के आदिवासी अंचल विकास से वंचित रहे हैं, पर अब समय आ गया है कि सभी मिलकर बस्तर को शांति और प्रगति के मार्ग पर ले जाएँ।  शर्मा ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय गृहमंत्री ने सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए समयसीमा तय की है। इसी दिशा में शासन की ‘पुनर्वास नीति 2025’ के अंतर्गत बड़ी संख्या में माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रमुखों से आग्रह किया कि वे भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पहल करें।  शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते पुनर्वास नहीं किया तो सुरक्षा बल अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे। जो लौट आएंगे, उनका लाल कालीन बिछा कर स्वागत किया जाएगा और उनके सुनहरे भविष्य के लिए सरकार संकल्पित है। गृहमंत्री ने बताया कि जगदलपुर में  210 माओवादी एक साथ हथियारों छोड़कर पुनर्वास कर चुके हैं, जिनमें 92 युवा बीजापुर जिले के हैं। ये सभी पुनर्वास केंद्र में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित परिवारों से अपील की कि वे अपने पुनर्वासित परिजनों से मिलने जरूर जाएँ ताकि उन्हें भी प्रोत्साहन मिले एवं अन्य भटके हुए युवाओं को भी लौटने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि वे स्वयं पूर्वर्ती गांव की नक्सल लीडर हिड़मा की वृद्ध माता से मिलकर उनके पुत्र को हिंसा छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी, कलेक्टर  संबित मिश्रा, डीएफओ  रंगानाथन रामाकृष्णन वाय, सीईओ जिला पंचायत मती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व  संदीप बलगा, सहित जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच, समाज प्रमुख एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौहपुरुष की विरासत को और सशक्त बनाया – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भारत पर्व हमारी विविधता में एकता का उत्सव – मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल के कलाकारों से की मुलाकात और दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय  गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। यहां भारत के हर राज्य की संस्कृति, परंपरा और गौरव एक साथ देखने को मिलते हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के उप राज्यपाल  वी के सक्सेना और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  अरुण साव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि भारत पर्व उनकी 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित हो रहा है, जिसका समापन धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती — राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस — पर होगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत के सांस्कृतिक और भावनात्मक एकीकरण का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रतिमा भारत की एकता की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा के निर्माण का निर्णय लिया, तब देश के हर गांव से लोहा मंगवाया गया था — यह सच्चे अर्थों में एक भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाया, उसी तरह प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने उनके सपनों के भारत को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लेकर सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत में सनातन संस्कृति के वैभव को पुनः स्थापित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने सरदार पटेल के परिजनों के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया, और जब पूरे देश ने यह दृश्य देखा तो सभी भावविभोर हो उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज देश की विरासत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व के हाथों में है, जो सरदार पटेल की सोच और आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने एकता परेड में हिस्सा लिया और पूरे देश को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री  साय ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में हुए आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का वंदे मातरम् और सरदार पटेल की एकता की भावना — यही हमारी राष्ट्रीय पहचान है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरदार पटेल ने सिविल सेवा ढांचे का भारतीयकरण किया, और आज भी हमारे प्रशासनिक तंत्र में उनकी दूरदृष्टि और सोच झलकती है। भारत पर्व के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल के कलाकारों से भी मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया में मध्यप्रदेश दिवस का आयोजन — मुख्यमंत्री डॉ. यादव रहेंगे शामिल

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया में मनाया जाएगा मध्यप्रदेश दिवस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल भारत पर्व 2025 में मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और स्वाद का होगा अद्भुत संगम भोपाल  भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया गुजरात में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक "भारत पर्व" का उत्साहपूर्वक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशिष्ट आतिथ्य में भारत पर्व 2025 के अंतर्गत मंगलवार, 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में मध्यप्रदेश दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के ध्येय को दृष्टिगत रखते हुए देश की विविधता में एकता को प्रदर्शित करना है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि भारत पर्व के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगभग 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक आकर्षक थीम पेवेलियन तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की पर्यटन, संस्कृति और हस्तशिल्प विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। पेवेलियन में सांची, खजुराहो, भीमबेटका, मांडू, ओरछा, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बांधवगढ़, कान्हा और पेंच जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों की झलक प्रस्तुत की जा रही है। साथ ही, राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प और हस्तकला जैसे चंदेरी और महेश्वरी वस्त्र, बाघ प्रिंट, डोकरा कला, मिट्टी के बर्तन और गोंड पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का सुंदर उत्सव है। मध्यप्रदेश ‘भारत का हृदय’ है, और यहां की हर परंपरा, हर स्वाद, हर कला रूप हमारे देश की आत्मा को दर्शाता है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के पर्यटन, हस्तशिल्प, व्यंजनों और संस्कृति की प्रस्तुति के माध्यम से हम देशभर के आगंतुकों को अतुलनीय मध्यप्रदेश की आत्मा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि आगंतुक न केवल मध्यप्रदेश के स्वाद और संगीत का आनंद लें, बल्कि उसकी आत्मिक ऊर्जा और जीवंतता का भी अनुभव करें। स्टूडियो किचन में मध्यप्रदेश का स्वाद मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) द्वारा 11 नवंबर को स्टूडियो किचन की विशेष प्रस्तुति दी जा रही है, जिसमें प्रदेश के पारंपरिक और प्रादेशिक व्यंजन लाइव तैयार कर परोसे जाएंगे। यह प्रस्तुति फ्लेवर्स फ्रॉम द हार्ट ऑफ इंडिया की थीम पर आधारित है। बुंदेलखंड क्षेत्र का खट्टा–तीखा छाछ पर आधारित पेय सन्नाटा, डिंडोरी क्षेत्र का पारंपरिक सूप कंगनी दाल का शोरबा, मालवा का प्रसिद्ध स्नैक भुट्टे की कीस, चना बेसन से बना स्वादिष्ट नमकीन व्यंजन चंबल का थोपा, सीधी क्षेत्र का पारंपरिक नाश्ता बेड़ई धुमना आलू, बघेलखंड क्षेत्र का लोकप्रिय व्यंजन मटर का निमोना और सादी पूरी, शहडोल क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई कुटकी की खीर आगंतुकों को परोसे जाएंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से प्रदेश के विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सांस्कृतिक प्रस्तुति – “अमृतस्य मध्यप्रदेश” संस्कृति विभाग की ओर से प्रसिद्ध नृत्य संयोजिका मैत्रीय पहाड़ी एवं समूह द्वारा “अमृतस्य मध्य प्रदेश” शीर्षक से एक भव्य नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति दर्शकों को मध्यप्रदेश की प्राचीन सभ्यता, भक्ति, प्रेम और प्रकृति की लय से जोड़ती है। इस नृत्यगाथा की शुरुआत भीमबेटका की गुफाओं से होती है, जहां मानव सभ्यता की प्रथम झलक दिखाई देती है। आगे खजुराहो के मंदिरों की मूर्तिकला, सांची के स्तूपों की शांति, और चित्रकूट की पवित्र भूमि के भावनात्मक दृश्यों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता, ग्वालियर किले की ऐतिहासिकता, मांडू की प्रेम गाथा और ओरछा के मंदिरों की भव्यता मंच पर जीवंत होती है। प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के वनों तथा जबलपुर की संगमरमर चट्टानों के दृश्यों से दर्शाया गया है। पारंपरिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट वस्त्रों में सजे कलाकार मंच पर राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करते हैं। नर्मदा आरती के दृश्य के साथ यह यात्रा अपने आध्यात्मिक उत्कर्ष पर पहुंचती है। 

किसानों को पानी की कमी न हो, रबी सीजन में सुनिश्चित की जाए सिंचाई : मंत्री सिलावट

किसानों को रबी फसलों के लिये मिले पर्याप्त पानी : जल संसाधन मंत्री  सिलावट प्रदेश के जलाशयों में जल-भराव की स्थिति बहुत अच्छी बाँध सुरक्षा संबंधी हुई बैठक भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि किसानों को रबी की फसलों की सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिले, यह सुनिश्चित किया जाये। प्रदेश में रबी फसलों के लिये आगामी 15 नवम्बर से पानी छोड़ा जायेगा। इसके पूर्व जल-स्रोतों, नहरों आदि की मरम्मत का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाये, जिससे डाउन स्ट्रीम के हर किसान के खेत तक पानी पहुँच सके। इस बार प्रदेश के जलाशयों में जल-भराव की स्थिति बहुत अच्छी है। प्रदेश के प्रमुख 286 जलाशयों में औसत जल-भराव 97 प्रतिशत है। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने सोमवार को मंत्रालय में बाँध सुरक्षा संबंधी बैठक में ये निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा, मुख्य अभियंता बोधी परियोजना  आर.डी. अहिरवार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को 3 बड़ी परियोजनाएँ केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और मेगा ताप्ती दी गईं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि जो अंतर्राज्यीय योजनाएँ लंबित हैं, उनके समाधान के विषय में प्रयास करें। आरआरआर (रिपेयर, रिनोवेशन और रेस्टोरेशन) एवं ईआरएम (एक्सटेंशन, रिनोवेशन एण्ड मोडर्नाइजेशन)योजनाओं संबंधी प्रस्ताव केन्द्र सरकार को तैयार कर भिजवाये जायें। बाँधों की सुरक्षा के लिये आईआईटी दिल्ली एवं रुढ़की के साथ होगा एमओयू मंत्री  सिलावट ने कहा कि सरकार के लिये बाँधों की सुरक्षा उच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में मध्यप्रदेश सरकार शीघ्र ही आईआईटी रुढ़की और आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू करेगी। प्रदेश में गाँधी सागर बाँध की सुरक्षा के दृष्टिगत 29 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से बाँध सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिये निविदा की जा चुकी है और कार्य प्रगतिरत है। बाँध सुरक्षा अधिनियम-2021 के अंतर्गत समस्त निर्दिष्ट बाँधों का फ्लड रिव्यू, बाँधों पर इंस्ट्रूमेंटेशन और अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाये जाने का कार्य किया जायेगा। इसके लिये प्रदेश के 1365 बाँधों को चिन्हित किया गया है। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिये कि जल-संरचनाओं में वर्षा उपरांत किये जाने वाले कार्य बाँधों के स्लूस गेटों एवं सेंट्रल स्पिलवे के गेटों का संचालन, नहरों पर आवागमन के लिये बनाये गये रास्तों का सुधार, नहरों पर बनाये गये ऐस्केप को बंद करना आदि सुनिश्चित करें। क्षतिग्रस्त जल-स्रोतों की मरम्मत, गाद की सफाई और नहरों पर बने स्ट्रक्चर – पुलिया, फॉल, साइफन, एक्वाडक्ट आदि की सफाई और मरम्मत कराई जाये। मंत्री  सिलावट ने कहा कि रबी फसल के लिये पानी छोड़े जाने के संबंध में जिला जल उपभोक्ता समितियों की बैठकें आयोजित की जायें और इस संबंध में जनता एवं जन-प्रतिनिधियों से संवाद किया जाये। किसानों को राज्य सरकार की सिंचाई कर पर ब्याज दर में छूट योजना का पूरा लाभ दिया जाये। सिंहस्थ संबंधी कार्यों को युद्ध स्तर पर करें पूरा मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिये कि सिंहस्थ-2028 के कार्यों को युद्ध स्तर पर किया जाये और इन्हें वर्ष 2027 तक पूरा किया जाये। राज्य सरकार का संकल्प है कि सिंहस्थ में शिप्रा नदी के शुद्ध जल में श्रद्धालु स्नान-आचमन करें। वर्तमान में उज्जैन में विभाग के 3 कार्य – सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, खान डायवर्जन और घाटों के निर्माण का कार्य प्रगतिरत है। इन सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये। प्रदेश के बेसिन में जल-भराव की स्थिति प्रदेश में इस बार अच्छी बारिश के चलते सभी 10 बेसिन में जल-भराव की स्थिति बहुत अच्छी है। नर्मदा बेसिन में सर्वाधिक 99.83 प्रतिशत, माही बेसिन में 98.67 प्रतिशत, बेतवा बेसिन में 97.99 प्रतिशत, सिंध बेसिन में 97.63 प्रतिशत, गंगा बेसिन में 97.19 प्रतिशत, चंबल बेसिन में 95.97 प्रतिशत, वेनगंगा बेसिन में 95.48 प्रतिशत, यमुना बेसिन में 95 प्रतिशत, ताप्ती बेसिन में 89.23 प्रतिशत और धसान बेसिन में 86.60 प्रतिशत जल-भराव हुआ है।