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ग्राहकों से वसूली की रकम खुद पर उड़ाई, फाइनेंस कंपनी के छह कर्मचारी भेजे गए जेल

दुर्ग ग्राहकों से वसूली गई 85 लाख रुपए की बड़ी रकम का गबन करने वाले ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक की दुर्ग शाखा के छह कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मामले में 10 संग्रह कर्मचारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है. जानकारी के अनुसार, ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक की दुर्ग शाखा के संग्रह कर्मचारियों ने ग्राहकों को लोन में दी गई रकम की वसूली करने के बाद खुद के उपयोग के लिए खर्च कर लिया. मामले में ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख पुलगांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसमें बताया गया कि ग्राम चन्द्रखुरी निवासी हिरन बाई साहू अन्य 239 ग्राहकों से ईसाफ बैंक के लोन के रूप में सम्पूर्ण धनराशि लगभग 85 लाख रुपए ली गई थी. लेकिन वो रकम ईसाफ बैंक में जमा नहीं की गई. ऋण लेने वाले ग्राहकों से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि वे रकम जमा कर चुके हैं. बैंक के रकम को संग्रह कर्मचारियों ने स्वयं के निजी उपयोग में कर लिया है. आरोपियों ने 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के मध्य कुल 84,98,940 रुपए खर्च कर गबन किया. प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलगांव थाना में अप.क्र. 546/2025, थारा 420, 409, 120-बी भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया. जांच के दौरान पाया गया कि बैंक में काम करने वाले संग्रह कर्मचारी 240 ग्राहकों को दी गई लोन की राशि लगभग 85 लाख रुपए ग्राहकों से एकत्रित कर बैंक में जमा नहीं कर धोखाधड़ी किया है. प्रकरण के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें लोरमी, जिला मुंगेली निवासी टीकाराम पाटले (35 वर्ष), बसना जिला महासमुंद निवासी आकाश नायक (30 वर्ष), उरला, जिला दुर्ग निवासी ओम प्रकाश कोसरे (21 वर्ष), दल्लीराजहरा जिला बालोद निवासी आर्या गोस्वामी (25 वर्ष), आदित्य नगर, जिला दुर्ग निवासी रेशमा वर्मा (25 वर्ष) और कोसा नगर, सुपेला निवासी अंकिता पासवान (22 वर्ष) शामिल हैं. अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी शीघ्र की जाएगी.

सरदार पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सीएम योगी ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न से विभूषित एवं लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रदेशभर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एकता यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जहां सरदार पटेल के राष्ट्र के प्रति योगदान को श्रद्धा भाव से याद किया तो वहीं वंदे मातरम में संशोधन और विरोध को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राष्ट्र गीत, वंदे मातरम ने आजादी के आंदोलन में भारत की सोयी हुई चेतना को जागृत किया, उसमें पहले कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया और आज फिर कुछ लोग वंदे मातरम का विरोध कर रहे हैं।           मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, मत या मजहब राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। व्यक्तिगत आस्था यदि राष्ट्र के आड़े आए तो उसे एक छोर पर रख देना चाहिए। पर, कुछ लोगों के लिए आज भी उनका व्यक्तिगत मत और मजहब बड़ा है। सपा के एक सासंद द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जिन्ना को सम्मान देने के लिए होने वाले कार्यक्रम में तो शामिल होते हैं लेकिन लौह सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होते। वंदे मातरम भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत नगर निगम परिसर के रानी लक्ष्मीबाई पार्क से निकली एकता यात्रा के पूर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद अवसर है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम तो प्रारंभ हुए ही हैं, साथ ही राष्ट्रगीत वंदे मातरम के भी 150वें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान वंदे मातरम भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत था। 1876 के बाद हर क्रांतिकारी, बच्चे, विद्यार्थी, युवा, अधेड़, बुजुर्ग, महिला, पुरुष ने इसका उद्घोष किया और आजादी आंदोलन में कूद पड़ा था। तब हर उम्र के व्यक्ति के लिए वंदे मातरम उसके जीवन का मंत्र बन गया था। देखते ही देखते वंदे मातरम का यही उद्घोष विदेशी दासता से भारत को मुक्त करने का मंत्र बन गया। कांग्रेस ने किया संशोधन का प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का जो मंत्र भारत की आजादी का कारण बना हो, उस मंत्र को भी सांप्रदायिक बताकर कांग्रेस ने उसमें संशोधन करने का प्रयास किया। कांग्रेस ने कहा यह पांच और छह छंद का क्यों पढ़ना है, दो छंद में ही हो इसे पूरा किया जाए। जिस वंदे मातरम को कांग्रेस के 1896-97 के अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने स्वर में गाया था, उसका 1923 के अधिवेशन में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद अली जौहर ने विरोध किया। वंदे मातरम का गान शुरू होते ही जौहर अध्यक्ष के पद से उठकर के चले गए। उन्होंने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। वंदे मातरम का इस प्रकार का विरोध भारत के विभाजन का दुर्भाग्यपूर्ण कारण बना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अगर उस समय मोहम्मद अली जौहर को अध्यक्ष पद से बेदखल करके वंदे मातरम के माध्यम से भारत की राष्ट्रीयता का सम्मान किया होता तो भारत का विभाजन नहीं हुआ होता। धरती माता की उपासना का गीत है वंदे मातरम मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में कांग्रेस ने वंदे मातरम में संशोधन के लिए एक कमेटी बनाई। 1937 में उसकी रिपोर्ट आईम कांग्रेस ने कहा कि इसमें कुछ ऐसे शब्द हैं जो भारत माता को मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इनका संशोधन कर दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि यह गीत धरती माता की उपासना का गीत है। भारत का ऋषि तो हमेशा सबका आह्वान करता रहा है कि धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र हैं। पुत्र होने के नाते अगर मां के सम्मान में कहीं कोई चुनौती आती है हमारा दायित्व बनता है कि हम उसके खिलाफ खड़े हों। राष्ट्रीय एकता में बाधक आस्था को रख दें एक ओर सीएम योगी ने कहा कि मेरा यह मानना है कोई व्यक्ति हो, कोई जाति, मत या मजहब हो, वह किसी राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकता है। हम सब भारतवासियों को इस बारे में ध्यान रखना होगा कि हमारी आस्था अपनी जगह है। अगर हमारी आस्था, हमारी राष्ट्रीय एकता और एक अखंडता में बाधक बन रही है तो हमें उस आस्था को एक ओर करना होगा। सबसे पहले अपनी राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्राणपण से जूझने के लिए तैयार होना होगा। भारत के एक नागरिक के रूप में यह हमारा दायित्व है। कुछ लोगों के लिए मत और मजहब भारत की एकता व अखंडता से बढ़कर सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए आज भी भारत की एकता और अखंडता से बढ़कर उनका मत और मजहब बड़ा हो जाता है। उनकी व्यक्तिगत निष्ठा महत्वपूर्ण हो जाती है। वास्तव में ऐसे ही इस तरह के लोग संदेह के दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के विरोध का कोई औचित्य नहीं है। जिन्ना के सम्मान के कार्यक्रम में शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं वंदे मातरम का विरोध करने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 1947 में देश के विभाजन का कारण बनी। और, आज भी हम सब यह मानते थे कि जो लोग भारत के अंदर हैं, सभी भारत के प्रति निष्ठावान होकर के भारत की एकता और अखंडता के लिए कार्य करेंगे। पर, जब अखिल भारतीय स्तर पर वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजन प्रारंभ हुए तो फिर वही विरोध के स्वर फूटना प्रारंभ हो गए। समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने फिर से विरोध करना प्रारंभ कर दिया। सीएम ने कहा कि यह वही लोग हैं जो भारत की अखंडता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती के कार्यक्रम में शामिल में नहीं होते लेकिन जिन्ना को सम्मान देने के किसी कार्यक्रम में शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं। हम सबको याद रखना होगा अगर राष्ट्र के महापुरुषों को सम्मान न मिला तो हमारा … Read more

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

लोगों से बोले सीएम, हर समस्या का कराएंगे पारदर्शिता के साथ निस्तारण गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के उपचार में आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं और पारदर्शिता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। जनता दर्शन में एक वृद्ध महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। एक महिला ने बिटिया की शादी के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई तो सीएम ने तुरंत मौके पर मौजूद अधिकारियों को विवाह अनुदान योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया। एक अन्य महिला ने बिजली कनेक्शन में आ रही अड़चन की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए निर्देशित किया। जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें चॉकलेट भी दिया।

कॉमर्शियल बिजली बिल पर 1.21 रुपए का सरचार्ज, हरियाणा में उपभोक्ताओं को महंगा पड़ेगा ओपन एक्सेस

रोहतक  हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। अब बिजली उपभोक्ताओं के एक वर्ग को अधिक भुगतान करना होगा, क्योंकि बिजली विभाग ने बिजली वितरण कंपनियों के अलावा बिजली उत्पादकों या व्यापारियों से सीधे बिजली आपूर्ति प्राप्त करने वाले थोक उपभोक्ताओं पर एडिशनल सरचार्ज लगा दिया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के नियमों के अनुसार ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत बिजली का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं से 1.21 रुपए प्रति किलोवाट घंटा (KWH) का एडिशनल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अधिभार सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा और यह केवल उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो डिस्कॉम के अलावा अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि ये थोक उपभोक्ता अपने खुदरा बिजली उपभोक्ताओं पर अधिभार का बोझ डाल सकते हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निगम ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के नियमों के अनुसार ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत बिजली का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं से 1.21 रुपए प्रति किलोवाट घंटा (KWH) का एडिशनल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। 6 अगस्त से लागू होगा ये फैसला दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संशोधित अधिभार 6 अगस्त, 2025 से लागू होगा, जिस दिन एचईआरसी ने आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि नया अधिभार तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य सरकार द्वारा इसे संशोधित नहीं किया जाता। हालांकि सरकार की ओर से इसको लेकर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अधिभार सभी बिजली उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा, और यह केवल उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू होगा जो डिस्कॉम के अलावा अन्य स्रोतों से बिजली खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि ये थोक उपभोक्ता अपने खुदरा बिजली उपभोक्ताओं पर अधिभार का बोझ डाल सकते हैं। ओपन एक्सेस सिस्टम का लेते हैं लाभ ओपन एक्सेस सिस्टम पात्र उपभोक्ताओं को, आम तौर पर 1 मेगावाट (MW) या उससे अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को, अपनी स्थानीय वितरण कंपनी तक सीमित रहने के बजाय सीधे जनरेटर या व्यापारियों से बिजली खरीदने की अनुमति देती है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने में सक्षम बनाकर प्रतिस्पर्धा और लचीलेपन को बढ़ावा देती है, जिससे लागत कम करने या नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। ओपन एक्सेस सिस्टम क्या है? ओपन एक्सेस सिस्टम, पात्र उपभोक्ताओं, विशेष रूप से मिनिमम 1 मेगावाट (MW) भार वाले उपभोक्ताओं को, अपनी स्थानीय वितरण कंपनी तक सीमित रहने के बजाय सीधे बिजली उत्पादकों या व्यापारियों से बिजली खरीदने की अनुमति देती है। यह प्रणाली उपभोक्ताओं को अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने में सक्षम बनाकर प्रतिस्पर्धा और लचीलेपन को बढ़ावा देती है, जिससे लागत कम करने या नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इस सिस्टम में विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से तीसरे पक्ष से खरीदी गई बिजली को ट्रांसमिटेड करने के लिए मौजूदा ट्रांसमिशन और सप्लाई नेटवर्क का उपयोग करना शामिल है, जिसमें उपभोक्ता पावर ग्रिड का उपयोग करने के लिए लागू शुल्क का भुगतान करते हैं।

तेज प्रताप यादव बोले: 10-15 सीटें पक्की, सरकार बने तो भी हमारा रुख साफ

पटना बिहार में सियासी बोल जब गलियों में गूंज रहे हैं, उसी बीच तेज प्रताप यादव ने एक ऐसा दावा कर दिया जिसने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि जनशक्ति जनता दल इस बार 10-15 सीटें जीतकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला देगी। बिहार चुनाव 2025 में हर पार्टी अपनी जीत के दावे कर रही है, लेकिन इस बार सुर्खियों में हैं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और महुआ सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव। उन्होंने खुलकर ऐलान किया है कि उनकी नवगठित पार्टी राज्य की सियासत में चौंकाने वाली एंट्री करने जा रही है। मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा, “हम 10-15 सीटें जीतेंगे… जनता का रुझान हमारे पक्ष में है। हवा बदल चुकी है।” राहुल गांधी के बयान पर बोले इससे पहले जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और एसआईआर को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह इस चुनावी माहौल को कितना प्रभावित करेंगे, तो तेज प्रताप ने पलटवार में कहा, “इन बयानों का कोई फायदा नहीं… जनता सब जानती है। इस तरह की बातें हवा नहीं बदलने वाली।” उनका मानना है कि इस चुनाव में जनता मुद्दों से ज्यादा भरोसे और बदलाव वाली राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। और इसी भरोसे की वजह से वह अपनी पार्टी के लिए डबल डिजिट सीटों की उम्मीद कर रहे हैं। तेज प्रताप के सुरक्षा का मुद्दा भी छाया सीटों के दावे के साथ-साथ तेज प्रताप एक और वजह से सुर्खियों में रहे हैं वह है उनकी सुरक्षा। उन्होंने दावा किया कि वह खतरे में हैं और बोले, “मेरे दुश्मन मुझे मरवा भी सकते हैं… अब तो हर कोई दुश्मन जैसा लगने लगा है।” भले उन्होंने यह नहीं बताया कि दुश्मन कौन हैं, लेकिन इस बयान ने उनके सीट-दावे को और ज्यादा अखबारों और चैनलों की लाइमलाइट में ला दिया।

परीक्षा के 101 दिन बाद एचटेट परिणाम जारी, सफलता दर मात्र 14%

चंडीगढ़  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट का परिणाम जारी कर दिया है। एचटेट परीक्षा में 14 फीसदी परीक्षार्थी ही सफल रहे हैं। एचटेट परीक्षा में तीन लाख 31 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की एचटेट परीक्षा में करीब 47 हजार परीक्षार्थी पास हुए हैं। लेवल- प्रथम का परीक्षा परिणाम 16.2, लेवल- द्वितीय का परीक्षा परिणाम 16.4 व लेवल- तृतीय का परीक्षा परिणाम 9.6 प्रतिशत रहा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 3.31 लाख परीक्षार्थियों ने 30 व 31 जुलाई को  एचटेट परीक्षा दी थी। शिक्षा बोर्ड ने एक महीने में परिणाम जारी करने की बात कही थी, लेकिन तीन महीने से ऊपर का समय बीत जाने के बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ था। अब परीक्षा के 101 दिन बाद परिणाम घोषित किया है।  पीजीटी लेवल-3 के लिए एक लाख 20 हजार 943 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था और परीक्षा कुल एक लाख 559 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। वहीं, टीजीटी लेवल-2 के लिए 2 लाख एक हजार 517 उम्मीदवारों ने आवेदन किया और परीक्षा एक लाख 67 हजार परीक्षार्थियों ने दी थी। पीआरटी लेवल-1 के लिए 82 हजार 917 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया और परीक्षा में 66 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी।  

त्रिकोणीय जंग के लिए घाटशिला मैदान में, प्रतिष्ठा बचाने उतरे दिग्गज

घाटशिला झारखंड के घाटशिला अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित विधानसभा उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने यहां बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कल सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान होगा और इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 14 नवंबर को होगी मतगणना चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बीते रविवार शाम पांच बजे प्रचार थमने के बाद से ही क्षेत्र में बाहरी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अब उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर ही संपर्क साध सकते हैं। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके बाद घाटशिला के नए विधायक का नाम स्पष्ट हो जाएगा। मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 10 कंपनियों की भी तैनाती की गई है। कुल 300 मतदान केंद्रों पर 1,200 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि 120 कर्मी रिजर्व के रूप में रखे गए है। बिष्टुपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज से कर्मियों को भेजा जा रहा है। मतदान स्थल पर सुबह 5:30 बजे राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल होगा, ताकि वोटिंग प्रक्रिया का परीक्षण किया जा सके। क्षेत्र के 186 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जिन पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए 30 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात होंगे। बीते रविवार शाम 5 बजे से चुनाव प्रचार पूरी तरह थम चुका है। अब मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू है। इस दौरान किसी भी प्रकार की जनसभा, रोड शो या लाउडस्पीकर से प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। त्रिकोणीय मुकाबले के लिए घाटशिला तैयार बता दें कि झामुमो ने अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा के बाबूलाल सोरेन संगठन की मजबूती और केंद्र सरकार की योजनाओं के भरोसे चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा जेएलकेएम के रामदास मुर्मू भी उपचुनाव में भाग ले रहे हैं जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। इसके अलावा पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, और रामकृष्ण कांती महली उपचुनाव में भाग ले रहे हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र न होने की स्थिति में मतदाता एपिक के अलावा पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए भी मतदान कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन के कारण इस क्षेत्र में उपचुनाव कराया जा रहा है। इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और मतदान कल यानी मंगलवार सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक 300 मतदान केंद्रों पर होगा, जहां 2,56,352 मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। इस क्षेत्र में पुरुष 1,25,114 और महिलाएं 1,31,235 मतदाता है, साथ ही 372 सर्विस मतदाता भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 16,601 नए युवा मतदाता भी पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 2,738 है, जबकि 1 एनआरआई मतदाता का नाम भी सूची में है।  

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: जयपुर संभाग में शीत लहर की चेतावनी जारी

जयपुर उत्तर भारत में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। राज्य में मौसम तेजी से बदल रहा है और सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। रविवार को सीकर और टोंक में शीतलहर चली, जबकि फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में सर्दी स्थिर रहेगी और तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप निकलेगी, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाओं के साथ तेज सर्दी महसूस होगी। पिछले 24 घंटे में पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री बाड़मेर में रहा, जबकि जयपुर में 29 और कोटा में 29.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तरी हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा में एक हल्का चक्रवाती तंत्र बना हुआ है, जिससे ठंडी हवाओं का असर थोड़ा कमजोर हुआ है। इस कारण राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र का कहना है कि आज जयपुर, अजमेर संभाग में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना है। बीते 24 घंटों में राजस्थान का तापमान राजस्थान में 9 नवंबर को सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अजमेर का अधिकतम तापमान 29.7 और न्यूनतम 10.4, वनस्थली (टोंक) 30.1 और 9.9, अलवर 27.4 और 9, जयपुर 29 और 13.8, पिलानी 29.7 और 10.2, सीकर 27.5 और 7.5, कोटा 29.1 और 15, चित्तौड़गढ़ 30.3 और 11.4, उदयपुर 28.8 और 11.3, जैसलमेर 31.7 और 14.7, जोधपुर 31.5 और 12.2, बीकानेर 31.3 और 14.6, चूरू 30.5 और 9.7, गंगानगर 29.4 और 12.1, नागौर 30.8 और 8, बारां 28.1 और 10.3, हनुमानगढ़ 29.3 और 14.5, जालौर 31.8 और 11.2, सिरोही 29.6 और 8.8, फतेहपुर 30.5 और 7, करौली 28.2 और 9.5, दौसा 29.7 और 8.6, जबकि झुंझुनूं का तापमान 28.5 अधिकतम और 10.5 न्यूनतम दर्ज हुआ।

नेहा शर्मा ने दिखाया पिता के समर्थन में दम, चुनावी मैदान में लगा बॉलीवुड का रंग

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की चुनावी सरगर्मी रविवार को अपने चरम पर रही। इस बीच भागलपुर में फिल्म एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने अपने पिता और कांग्रेस के दिग्गज प्रत्याशी अजीत शर्मा के समर्थन में ऐसा रोड शो निकाला कि शहर का माहौल चुनावी रंग और बॉलीवुड ग्लैमर में रंग गया। सुबह भदनाथ मंदिर में पिता-पुत्री ने माथा टेककर जीत की कामना की, और यहीं से शुरू हुआ वो विशाल रोड शो जिसने शहर की फिजा बदल दी। खुले जीप पर सवार नेहा शर्मा और अजीत शर्मा की एक झलक पाने को सड़कों पर उमड़ पड़ी भीड़ हजारों वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़ती रही। हाथों में कांग्रेस के झंडे और गूंजते नारे, “अजीत शर्मा जिंदाबाद”, “कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद” ने माहौल को रोमांचक बना दिया। नेहा शर्मा को देखने उतरी भीड़ नेहा शर्मा हर मोड़ पर ठहरकर लोगों का अभिवादन करती रहीं। भीड़ की तरफ हाथ हिलाते हुए उन्होंने अपील की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “भागलपुर ने हमेशा पापा को प्यार और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने शहर की तरक्की के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। मैं भी इसी शहर की बेटी हूं, आप सब से एक बार फिर जीत का आशीर्वाद मांगती हूं।” लोगों की भीड़ नेहा शर्मा को देखने के लिए उमड़ पड़ी। जगह-जगह फूल, मालाएं और सेल्फी की होड़ ने रोड शो को सेलिब्रिटी-स्तर का आयोजन बना दिया। रैली नयाबाजार, सराय, नरगा चौक, चंपा नगर, मेदनी नगर और ततारपुर होते हुए रेलवे स्टेशन के पास जाकर समाप्त हुई। गौरतलब है कि अजीत शर्मा तीसरी बार मैदान में हैं और इस बार उनका मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार बीजेपी के रोहित पांडेय से है।

छत्तीसगढ़ और गुजरात के मुख्यमंत्रियों की मुलाकात: सहयोग और प्रगति पर हुआ विचार-विमर्श

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की. इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं. मुख्यमंत्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की. इस पर मुख्यमंत्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री साय को शुभकामनाएँ दीं. दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की.