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एक और झटका! कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता नभा की मौत, चोटों के निशान ने बढ़ाई चिंता

श्योपुर  मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से दुखद खबर सामने आ रही है. नामीबिया से लाई गई मादा चीता नभा की मौत हो गई है. जिसकी जानकारी कूनो के द्वारा दी गई है. कूनो प्रबंधन ने बताया कि नामीबिया की 8 वर्षीय मादा चीता नभा की आज शनिवार को मौत हो गई. वह एक हफ्ते पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा के अंदर घायल अवस्था में पायी गई थी. क्या शिकार के दौरान घायल हुई चीता नभा संभवतः वह शिकार के प्रयास के दौरान घायल हुई थी. अन्य चोटों के साथ उसके दोनों बाएं आगे एवं पिछले पैरों (Ulna and Fibula) में फ्रैक्चर पाया गया है. एक हफ्ते से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी उसकी मृत्यु हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चीते की मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. 31 से 30 रह गई चीतों की संख्या कूनो नेशनल पार्क में अब 28 चीते मौजूद हैं. जिनमें 9 व्यस्क (6 मादा और 3 नर) और 17 भारतीय जन्में शावक हैं, सभी स्वस्थ हैं और अच्छे से विचरण कर रहे हैं. इसके अलावा, गांधीसागर अभ्यारण में दो नर चीते शिफ्ट हुए हैं. कूनो राष्ट्रीय उ‌द्यान में 26 चीतों में से 16 चीते खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं. भारत में कुल चीतों की संख्या 30 रह गई है. वे कूनो नेशनल पार्क के वातावरण से पूर्णतः अनुकूलित हो गए हैं. साथ ही उन्होंने सह-शिकारियों के साथ रहना सीख लिया है और नियमित रूप से शिकार कर रहे हैं. हाल ही में सभी चीतों की एंटी एक्टो-परजीवी दवा सफलतापूर्वक लगायी गई है. दो माताएं, वीरा और नीरवा अपने नन्हे शावकों के साथ स्वस्थ हैं. 2022 में 70 साल बाद भारत आए थे चीते बता दें कि भारत से कई सालों पहले विलुप्त हो गए थे. करीब 70 साल के बाद चीतों की पुनरुत्थान योजना के तहत 17 सितंबर 2022 को 8 चीते नामीबिया से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे. 18 फरवरी 2023 को 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया. इन 20 चीतों के साथ धीरे-धीरे इन चीतों का कुनबा तो बढ़ा लेकिन कई चीतों की मौत भी हुई. 11 मार्च 2023 को चीता प्रोजेक्ट के तहत एक नर और एक मादा चीता को खुले जंगल में छोड़ा गया. इस बीच कूनो में खुशियों की किलकारी गूंजी, मादा चीता ज्वाला ने 4 शावकों को जन्म दिया. ये देश में चीतों की विलुप्ति के बाद भारत की धरती पर जन्मे पहले चीता शावक थे.

7वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने दूसरे छात्र पर ब्लेड से गले और चेहरे पर किया हमला

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सरकारी स्कूल के छात्रों के बीच खूनीसंघर्ष का मामला सामने आया है. 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने दूसरे छात्र पर धारदार ब्लेड से गले और चेहरे पर हमला किया. हमले में छात्र बुरी तरह से घायल हो गया. वहीं हमला करने वाला छात्र वारदात को अंजाम देकर जंगल की ओर भाग गया. हैरानी की बात है कि स्कूल प्रबंधन घटना से अनजान रहा. जानकारी के मुताबिक, स्कूल में छुट्टी के दौरान बच्चे स्कूल से बाहर बांसबाड़ी नर्सरी में गए हुए थे. जहां पीड़ित छात्र भी अपने दोस्तों के साथ पहुंचा था. इस बीच हमला करने वाला छात्र मौजूद था. इस दौरान दोनों छात्र में किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गई, यह विवाद इतना बढ़ा कि एक छात्र ने दूसरे पर ब्लेड से चेहरे और गले पर हमला कर दिया. घटना के बाद अन्य छात्रों ने स्कूल में आकर शिक्षकों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद टीचर घायल छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे. वहीं इस पूरे मामले की जानकारी  मानिकपुर पुलिस चौकी को दी गई. फिलहाल घायल छात्र का इलाज अस्पताल में जारी है. इस पूरे मामले को लेकर शिक्षक सुशिल कुमार ने बताया कि खेल की छुट्टी में बच्चे स्कूल से बाहर बांसबाड़ी नर्सरी में गए हुए थे. जहां पीड़ित छात्र भी अपने दोस्तों के साथ पहुंचा था. इस बीच हमला एक छात्र जो स्कूल नहीं आया था. वह भी अपने दोस्तों के साथ वहां मौजूद था. दोनों के बीच मारपीट की घटना हुई है.

राजेंद्रग्राम के सरकारी विद्यालय तक की पदयात्रा: सांसद हिमाद्री सिंह ने बनाया मिसाल, बेटी का किया दाखिला

 शहडोल प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह की तारीफ में जमकर कसीदे गढ़े हैं. BJP सांसद हिमाद्री अपनी बेटी का सरकारी स्कूल में एडमिशन करवाकर चर्चा में आई हैं. इस वजह से सड़क से संसद तक उनकी सराहना हो रही है.   पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेत्री उमा भारती का कहना है, ''शहडोल की सांसद का अपनी बच्ची को सरकारी स्कूल में पढ़ाना एक आदर्श उदाहरण है. हिमाद्री सिंह का इस आदर्श पहल के लिए अभिनंदन करती हूं और शासन-प्रशासन में उच्च स्थानों में बैठे हुए सभी नवदंपतियों से कहूंगी कि वह भी अपने बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा से ही इस तरह की पहल करें.'' IAS अफसर की पहल का भी जिक्र उमा भारती ने उत्तराखंड के एक आईएएस अफसर का भी जिक्र किया. कहा, ''अपने अच्छे कार्यों के लिए प्रशंसा प्राप्त कर चुके एक जिला कलेक्टर ने अपने बेटे को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना शुरू किया था और उनकी उच्च शिक्षा प्राप्त पत्नी ने भी एक सरकारी स्कूल में एक शिक्षक के अभाव होने पर स्वयं पढ़ाना प्रारंभ किया था. उस आदर्श दंपती की मैंने अनुमति नहीं ली है इसलिए मैं उनके नाम का उल्लेख नहीं कर रही हूं. ऐसे प्रयासों से सरकारी शिक्षण संस्थानों में अपने आप सुधार शुरू हो जाएगा.''  गांव के स्कूल में पढ़ेगी सांसद की बेटी बता दें कि मध्यप्रदेश के शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी बेटी का दाखिला अपने गृह गांव के एक सरकारी स्कूल में कराया है. सांसद हिमाद्री सिंह की बेटी गिरिजा कुमारी राजेंद्रग्राम की शासकीय प्राथमिक कन्या शाला में शिक्षा ग्रहण करेंगी. हिमाद्री के पिता थे केंद्रीय मंत्री सांसद हिमाद्री सिंह के पिता दिवंगत दलबीर सिंह केंद्र की राजीव गांधी सरकार में वित्त राज्य मंत्री थे. दलबीर सिंह कई साल तक शहडोल का संसद में प्रतिनिधित्व करते रहे. हिमाद्री का परिवार कांग्रेसी था. उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस से सांसद रहते हुए केंद्र की सरकार सरकार में दो बार मंत्री रहे. हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी भी कांग्रेस से सांसद रही हैं. दिल्ली में जन्मीं थीं हिमाद्री वहीं, खुद हिमाद्री सिंह का जन्म राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ और उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली स्कूल और यूपी के कॉलेजों में हुई है. सांसद बनने से पहले वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं. 

‘लव जिहाद’ फंडिंग मामले में पुलिस ने बनाई स्पेशल टीमें, NSA के तहत फरार पार्षद अनवर कादरी की तलाश तेज

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बार फिर ‘लव जिहाद’ को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। इस बार मामला सीधे एक राजनीतिक प्रतिनिधि से जुड़ गया है। कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर आरोप है कि उसने ‘लव जिहाद’ के लिए आर्थिक सहायता (फंडिंग) की है। पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे फरार घोषित कर दिया है। वहीं, उसकी गिरफ्तारी के लिए डीसीपी जोन-3 के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। अनवर कादरी की गिरफ्तारी पर इंदौर पुलिस ने 10 हज़ार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी नहीं होती है तो इनाम की राशि और बढ़ाई जा सकती है। कई गंभीर मामलों में पहले से है आरोपी अनवर कादरी का आपराधिक रिकॉर्ड भी बेहद चिंताजनक है। उसके खिलाफ डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें कई मामले सांप्रदायिक तनाव, भड़काऊ बयान, और मारपीट से जुड़े हैं। यह वही अनवर कादरी है जिसे पुलवामा हमले के बाद ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने के आरोप में जेल भेजा गया था। उस वक्त भी कादरी की गिरफ्तारी ने शहर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ी बहस छेड़ दी थी। पुलिस कर रही सघन तलाश पुलिस अब शहर के कई इलाकों में दबिश दे रही है और कादरी की संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए है। डीसीपी जोन 3 के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की संयुक्त टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। फिलहाल पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को अनवर कादरी के ठिकाने की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस पूरे मामले में कांग्रेसी पार्षद की भूमिका ने राजनीति को भी गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगा है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच जारी है, पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर हैं।

सीएम योगी ने कहा- बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई, धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया है। छांगुर बाबा पर अलग-अलग वर्गों और जातियों के लोगों का अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर में सुनियोजित ढंग से धर्मांतरण की साजिश रची गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की है। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा– सीएम योगी सीएम योगी ने कहा, “बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई। आरोपी ने धर्मांतरण के लिए अलग-अलग रेट तय किए थे। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन लोगों का मकसद देश के सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बिगाड़ना है। सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि छांगुर बाबा ने हिंदू, ब्राह्मण, क्षत्रिय, सिख, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों के धर्मांतरण के लिए अलग-अलग दरें तय कर रखी थीं। इस काम के लिए विदेशों से बड़ी मात्रा में फंडिंग भी की जा रही थी। 100 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन और 40 बैंक अकाउंट  सीएम योगी ने आगे कहा कि “आप सोचिए, अब तक उसके 40 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है। वह लगातार इस धर्मांतरण अभियान को बढ़ावा दे रहा था। ये देश के स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश है।” सीएम योगी ने यह भी कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन ऐसे लोगों का उद्देश्य वही है – भारत की सामाजिक एकता और संस्कृति को नुकसान पहुंचाना। हालांकि, अब सरकार पूरी तरह सतर्क है और ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। सरकार की सख्त चेतावनी उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अवैध धर्मांतरण कराने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।  

भोपाल से हज जाने वाले यात्रियों को अब पहले इंदौर पहुंचकर हज फ्लाइट पकड़नी होगी

भोपाल  हज यात्रा की सुविधा में प्रदेश एक पायदान पीछे हो गया। इम्बारकेशन प्वॉइंट की सूची से इस बार भोपाल का नाम हटा दिया गया है। सूची में देश के 17 शहरों में प्रदेश से अब सिर्फ इंदौर ही शामिल है। यहीं से मक्का-मदीना जाने के लिए सीधी उड़ान मिलेगी। यानी, भोपाल के यात्रियों को हज पर जाने के लिए इंदौर से उड़ान लेनी होगी। सेंट्रल हज कमेटी ने हजयात्रा की गाइडलाइन जारी कर दी है। 30 जुलाई तक इसके आवेदन की प्रक्रिया चलेगी। नई गाइडलाइन में इंदौर समेत देश के 17 शहरों से ही इंटरनेशनल फ्लाइट मिलेगी। यात्रियों को आवेदन फॉर्म में इन प्वॉइंट को शामिल करना होता है। बता दें, पिछले साल प्रदेश से हज यात्रा पर 8500 लोग रवाना हुए थे। हज यात्रा के ये प्वॉइंट — श्रीनगर –गया — गुवाहाटी — इंदौर — जयपुर –नागपुर — दिल्ली — मुंबई — कोलकाता — बेंगलूरु, — हैदराबाद — कोचीन — अहमदाबाद — चेन्नई — लखनऊ — कालीकट (कोझीकोड)। संगठनों का विरोध, बोेले-भोपाल के साथ नाइंसाफी इम्बारकेशन प्वॉइंट से भोपाल का नाम कटने के बाद संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है, राजधानी होने के बाद भी नाम हटाना, भोपाल के साथ बड़ी नाइंसाफी है। ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी के मोहम्मद तौफीक ने बताया कि हज कमेटी समेत पीएमओ को पत्र भेजेंगे। नाम शामिल कराने की बात कही गई है।

कोरबा में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब, मरीज को तिरपाल से ढक, खाट पर लिटा 7 किमी पैदल चले परिजन

कोरबा कोरबा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब है। मरीजों को न तो समय पर एंबुलेंस मिल रही है और न ही उपचार की सुविधा। कई स्थानों पर परिजनों के फोन करने के बाद भी ग्राम तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है। पाली विकासखंड के ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 37 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत बारीउमराव के गांव जलहल में मरीज को खाट पर लिटाकर परिजनों को सात किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, गांव जलहल में रहने वाली करसीला एक्का (37) पति रामधन एक्का मौसमी बीमारी की चपेट में आ गई। शरीर बुखार से तप रहा था। उसकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए रामधन एक्का ने एंबुलेंस को कॉल किया। लेकिन एबुंलेंस नहीं पहुंची। इस बीच झमाझम बारिश हो रही थी। परिजन आनन-फानन में बरसते बादल के बीच मरीज को खाट के सहारे ग्राम लीमगांव ले आए। इस दौरान बारिश से मरीज को बचाने के लिए खाट को तिरपाल से ढका और मरीज को छाता भी ओढ़ाया। मरीज को लेकर सड़क विहीन ग्राम से लीमगांव मुख्य मार्ग तक लगभग सात किलोमीटर पैदल चले। लीमगांव मुख्य मार्ग से निजी वाहन की मदद से पाली मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब महिला की तबीयत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस दौरान परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि पाली विकासखंड के ग्राम जलजल से लीमगांव तक सड़क की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। गांव से मुख्य मार्ग की दूरी लगभग सात किलोमीटर है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इसकी वजह से काफी असुविधा हो रही है। इसकी शिकायत ब्लॉक मुख्यालय से लेकर जिला प्रशासन से कई बार की जा चुकी है।

भाई गोविंद ने सोनम के गहने राजा के परिवार को लौटाए

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग जेल में बंद सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे सभी हैरान हैं। गोविंद ने राजा के परिवार को करीब 16 लाख रुपये के गहने वापस लौटा दिए हैं जो उन्होंने शादी के दौरान सोनम को दिए थे। राजा के परिवार की ओर से सोनम को दिया गया मंगलसूत्र और एक अंगूठी अभी शिलांग पुलिस के पास ही है। उधर अंगूठी, चूडियां और सोने का हार राजा के परिवार को वापस कर दिया गया है, जो उन्होंने शादी के दौरान अलग-अलग रस्मों में सोनम को दिया था। राजा को गिफ्ट और कैश दिया था वो वापस नहीं लेंगे गोविंद रघुवंशी ने राजेंद्र नगर पुलिस थाने के जरिए यह सारे गहने राजा के परिवार को वापस सौंद दिए हैं। उसका कहना है कि इस पर उनका कोई हक नहीं है, ये राजा के परिवार द्वारा ही दिए गए थे, तो उन्हें ही वापस लौटा दिए। उधर सोनम के परिवार की ओर से राजा को जो गिफ्ट और कैश दिया गया था उसे उन्होंने वापस लेने से इन्कार कर दिया है। सोनम के पिता के अनुसार हमने कन्यादान किया है, इसलिए दी हुई चीजें वापस नहीं लेंगे। जानकारी के मुताबिक सोनम रघुवंशी शिलांग जाने से पहले सारे गहने मायके में ही रख गई थी। वह केवल मंगलसूत्र और अंगूठी को अपने साथ में ले गई थी। गोंविद घर में रखे सोनम के गहने लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचा और उसने पुलिस के जरिए इसे राजा के परिवार को वापस लौटाने की बात कही। शिलांग पुलिस को सोनम के पास मिले थे दो मंगलसूत्र राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच के दौरान शिलांग पुलिस को सोनम रघुवंशी के पास से दो मंगलसूत्र मिले थे। इनमें से एक राजा के परिवार द्वारा दिया गया है। वहीं दूसरा मंगलसूत्र किसने दिया यह खुलासा नहीं हो पाया है। उधर इस मामले में राजा के परिवार को आशंका है कि सोनम ने हत्याकांड के बाद इंदौर में आकर राज कुशवाह के साथ शादी कर ली थी। राज ने ही सोनम को दूसरा मंगलसूत्र पहनाया होगा। सोनम से मिलने जाएगा भाई गोविंद गोविंद रघुवंशी का कहना है कि वह एक बार अपनी बहन से मिलना चाहता है। राजा हत्याकांड में जब जांच पूरी हो जाएगी तब वह शिलांग जाकर सोनम से जेल में मिलेगा। अगर उसे लगता है कि सोनम निर्दोष है तो वह अपनी बहन को बचाने के लिए वकील हायर करेगा। गोविंद का कहना है कि अगर सोनम दोषी है तो उसे सजा होनी चाहिए।

लग्जरी गाड़ी में सवार होकर एसबीआई का एटीएम उखाड़कर ले गए बदमाश

सीकर शहर के जयपुर रोड पर हुई एक सनसनीखेज वारदात में बदमाशों ने पूनिया वाइंस के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम को उखाड़कर करीब 32 लाख रुपये से अधिक लूट को अंजाम दिया। वारदात करने वाले बदमाश चार से पांच की संख्या में थे और एक लग्जरी गाड़ी में सवार होकर आए थे। घटना की सूचना मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस सहित पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वारदात रात करीब 3 बजे हुई और पूरी घटना एटीएम के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालांकि अब तक बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। ये भी पढ़ें: Kota News: आपसी कहासुनी में युवक ने महिला को गोली मारने के बाद की आत्महत्या, महिला अस्पताल में भर्ती सूचना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही एटीएम इंचार्ज और बैंक के अन्य अधिकारी भी सुबह मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी है और बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि यह कोई संगठित गिरोह है, जिसने पहले से ही योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि जिस तरीके से एटीएम को उखाड़ा गया और उसे वाहन में लादकर ले जाया गया, उससे साफ है कि बदमाश इस तरह की घटनाओं के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सीकर जिले के अजीतगढ़ और खाटूश्यामजी इलाके में भी ऐसी ही एटीएम लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को भी उसी गैंग से जोड़कर देख रही है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं और जिले के बाहर भी सुराग जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हृदय विदारक वारदात: धार में लुटेरों ने लाठी-डंडों से हमला कर महिला से छीने गहने, काटे कान

धार   धार जिले के राऊ-खलघाट फोरलेन के गुजरी बायपास पर देर रात करीब 11 बजे अज्ञात पांच बदमाशों द्वारा कार से खरगोन से इंदौर जा रहे परिवार वल्लभ सुरेशचंद्र महाजन, सचिन सुरेशचंद्र महाजन, शारदा महाजन, रेखा सचिन महाजन और भांजी निशि महाजन के साथ लाठियों से मारपीट कर सभी के सोने के आभूषण लूट लिए गए। घटना के बाद कार सवार सभी लोग खरगोन जिले की काकड़दा पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद काकड़दा पुलिस एवं धामनोद पुलिस चारों ओर तलाश में जुट गई। वहीं परिजनों को इलाज के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। गाली-गलौज और लूटपाट बताया जा रहा है कि गाड़ी का टायर अचानक पंचर हो गया था। कुछ दूरी चलने के बाद गाड़ी रोकनी पड़ी। इसी दौरान जब टायर बदला जा रहा था, तभी पांच अज्ञात लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने सभी के सोने के आभूषण छीन लिए। इस दौरान सचिन महाजन, वल्लभ महाजन और उनकी माता को चोटें आईं। सचिन की माता के कान से सोने का आभूषण खींचने में उनका कान कट गया। सभी घायलों को धामनोद के शासकीय अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल स्कूल के संचालक, भंडारी परिवार और अग्रवाल समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। रात करीब 1:30 बजे घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद धामनोद थाने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले में धामनोद पुलिस आसपास के क्षेत्र में जांच कर रही है।