samacharsecretary.com

राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों सचिव मती शहला निगार ने ग्रहण किया पुरस्कार

रायपुर : 25 वर्षों की विकास यात्रा थीम पर बनी कृषि विभाग के प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति  सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों सचिव मती शहला निगार ने ग्रहण किया पुरस्कार  कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा नवा रायपुर, अटल नगर तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर, मेला स्थल में 1 से 5 नवम्बर तक राज्योत्सव का आयोजन किया गया। इस मेला में कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा 25 वर्षों की विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल प्रदर्शनी लगाई गई। आम जनता द्वारा इस प्रदर्शनी को काफी प्रशंसा एवं सराहना मिली। 05 दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम में जुरी कमेटी द्वारा कृषि विभाग के प्रदर्शनी को द्वितीय स्थान के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह के मौके पर उप राष्ट्रपति  सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों विभाग की सचिव मती शहला निगार ने पुरस्कार ग्रहण किया। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने विभाग की इस सफलता के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पुरस्कार मिलने से अधिकारी-कर्मचारी भी उत्साहित हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि राज्योत्सव में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी तथा संवर्गीय विभाग -उद्यानिकी, पशु पालन, मछली पालन, कृषि अभियांत्रिकी, राष्ट्रीय जलग्रहण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर एवं कामधेनु विश्वविद्यालय तथा सम्बंधित संस्थाओं द्वारा इन 25 वर्षों के विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल का प्रदर्शन किया गया।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक 25 वर्षो में केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं के द्वारा हुए विकास का जीवंत प्रदर्शन करते हुए स्टॉल लगाया गया, जिसमें कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती, किसान सम्मान निधि, ड्रोन द्वारा उर्वरक छिड़काव, बीज वितरण व विपणन की नवीन व्यवस्था, भूमि संरक्षण द्वारा वर्षा जल संरक्षण आदि को प्रदर्शित किया गया।  उद्यानिकी विभाग द्वारा पुष्पों की प्रदर्शनी एवं सब्जियों तथा फलों की उन्नत किस्म का प्रदर्शन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के उन्नत नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन तथा मछली पालन विभाग द्वारा बायोफ्लॉक एवं केजकल्चर द्वारा मछलीपालन की नवीन तकनीक के साथ सजावटी मछलियों का प्रदर्शन किया गया। कृषि अभियांत्रिकी द्वारा कृषि में प्रयोग की जाने वाली उन्नत कृषि तकनीक से लैस कृषि यंत्रों को जनता के लिए प्रदर्शित किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के अनुकूल तथा अधिक उत्पादन देने वाली विभिन्न फसल किस्मों के साथ स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित जैविक उत्पाद का प्रदर्शन किया गया था। 

ATC में तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

 नई दिल्ली        दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई. खामी आने की वजह से उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस तकनीकी खराबी का असर IGI दिल्ली एयरपोर्ट पर आने और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा है. एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट के ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में टेक्निकल दिक्कत की वजह से कम से कम 100 फ्लाइट्स लेट हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, ATC में एक सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या के कारण IGI में उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है. स्पाइसजेट समेत कई एयरलाइनों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली एयरपोर्ट ने इन बाधाओं पर एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि ATC प्रणाली में एक तकनीकी समस्या की वजह से IGIA में उड़ान संचालन में देरी हो रही है. एयरपोर्ट की टीम इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के लिए DIAL सहित सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है. यात्रियों को सलाह… एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए गहरा खेद जताया है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि नवीनतम उड़ान अपडेट के लिए वे अपनी संबंधित एयरलाइनों के संपर्क में रहें. एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बयान जारी करते हुए कहा, "दिल्ली एयरपोर्ट पर ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में टेक्निकल दिक्कत की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन में देरी हो रही है. यह सिस्टम एयर ट्रैफिक कंट्रोल डेटा को सपोर्ट करता है. कंट्रोलर फ्लाइट प्लान को मैन्युअल रूप से प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे कुछ देरी हो रही है. टेक्निकल टीमें जल्द से जल्द सिस्टम को ठीक करने पर काम कर रही हैं. हम सभी यात्रियों और स्टेकहोल्डर्स की समझ और सहयोग की सराहना करते हैं." स्पाइसजेट ने दी चेतावनी स्पाइसजेट एयरलाइन ने भी इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) की भीड़ की वजह से सभी आगमन, प्रस्थान और उनके परिणामस्वरूप होने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. स्पाइसजेट ने भी यात्रियों से गुजारिश की है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहें. 

पर्यावरण संरक्षण पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी रही तृतीय स्थान पर

पर्यावरण संरक्षण पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी रही तृतीय स्थान पर रायपुर में आयोजित प्रदर्शनी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मिला तृतीय पुरस्कार, बढ़ा गौरव उप राष्ट्रपति  सी. पी. राधाकृष्णन के हाथों वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव ने ग्रहण किया पुरस्कार रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 5 नवम्बर तक नवा रायपुर अटल नगर, तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर मेला स्थल में राज्योत्सव का आयोजन किया गया। राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा “25 वर्षों की विकास यात्रा” थीम पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे जनता द्वारा काफी सराहना मिली। इस पांच दिवसीय राज्योत्सव के दौरान ज्यूरी समिति द्वारा मूल्यांकन उपरांत, वन विभाग की इस प्रदर्शनी को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति  सी. पी. राधाकृष्णन के हाथों वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। वन मंत्री  केदार कश्यप ने विभाग की इस उपलब्धि पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का परिणाम है। पुरस्कार मिलने से विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उत्साहित हैं। राज्योत्सव में आने वाले आगंतुकों ने इस स्टॉल को रोचक, आकर्षक और ज्ञानवर्धक बताया। यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ की हरित सोच, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सशक्त प्रतीक बनी। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में 25 वर्षों की उपलब्धियों की जीवंत झलक वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, एवं हरित विकास से जुड़े मॉडल और योजनाओं की जानकारी आकर्षक रूप में दिखायी गई। राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक लागू की गई विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभाव को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में अब तक 6.41 करोड़ पौधारोपण का उल्लेख,शहरों में विकसित मियावाकी सूक्ष्म वन,ग्रीन गुफा परियोजना, घोटुल संस्कृति प्रदर्शन,गज संकेत ऐप एवं गजरथ यात्रा द्वारा मानव-हाथी संघर्ष में कमी को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से वन उत्पादों का मूल्यवर्धन,राज्य के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों जैसे हांदावाड़ा जलप्रपात, कांगेर घाटी की कुटुमसर गुफा, बारनवापारा अभयारण्य की जानकारी भी दी गई। प्रदर्शनी में विशेष तौर पर यह प्रदर्शित किया गया कि राज्य में वन्य जीव संरक्षण प्रयासों के फलस्वरूप काला हिरण की संख्या 77 से बढ़कर 190 हुई। इसी तरह बाघों की संख्या वर्ष 2021 में 17 से बढ़कर अप्रैल 2025 में 35 पहुँची।

इस्राइल के आर्थिक प्रतिनिधि यैर ओशेरॉफ ने रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से की सौजन्य भेंट

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा से इस्राइल के आर्थिक प्रतिनिधि  यैर ओशेरॉफ की सौजन्य भेंट रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा में अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में इस्राइल के अर्थ मंत्रालय के दक्षिण भारत हेतु आर्थिक एवं व्यापारिक प्रतिनिधि  यैर ओशेरॉफ ने सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान भारत और इस्राइल के बीच प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार प्रगाढ़ हो रहे मित्रतापूर्ण संबंधों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि नवाचार, सिंचाई तकनीक और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में इस्राइल के अनुभव एवं विशेषज्ञता से राज्य को लाभ मिल सकता है। इस अवसर पर  ओशेरॉफ ने छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद को समाप्त करने हेतु किए जा रहे प्रभावी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित हो रही स्थायी शांति का वातावरण राज्य के विकास को गति देगा। बैठक में उन्नत तकनीक के आदान-प्रदान, औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा नई तकनीक के माध्यम से रोजगार एवं विकास के अवसर सृजित करने पर भी चर्चा की गई। इस मुलाकात से छत्तीसगढ़ के इस्राइल के साथ आर्थिक, वैज्ञानिक और औद्योगिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मत्स्यपालकों को पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत पिकअप वाहन सौंपे

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यपालकों को पिकअप वाहन की सौंपी चाबी रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत महोत्सव के अवसर पर पीजी कॉलेज मैदान, कवर्धा में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों का उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और हितग्राहियों से संवाद भी किया। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा मत्स्य विभाग के स्टॉल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो हितग्राहियों को पिकअप वाहन की सौगात दी। इस योजना के अंतर्गत 10-10 लाख रूपए कोलागत से वाहनों का प्रदाय किया गया है, जिसमें हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान का लाभ प्राप्त होगा। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के  रवि मल्लहा निवासी कवर्धा एवं  कुश विश्वकर्मा निवासी बोड़ला को पिकअप वाहन की चाबियाँ सौंपकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि मत्स्यपालकों की आय में भी वृद्धि होगी। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मत्स्य पालन जैसे आजीविका आधारित कार्यों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण विकास की गति और तेज होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाई जाए ताकि पात्र हितग्राही इनका लाभ ले सकें। राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास यात्रा और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सभी विभागों की अभिनव पहल और योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की विकास गाथा में आमजन की सहभागिता ही वास्तविक शक्ति है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: नई यात्राओं का हुआ ऐलान

तिरुपति, रामेश्वरम, कामाख्या, द्वारका, वैष्णोदेवी, जगन्नाथपुरी और अयोध्या में होंगे तीर्थ दर्शन भोपाल संस्कृति, पर्यटन तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विशेष प्रयास किए जा रहे है। साथ ही प्रदेश में तीर्थाटन की परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करते हुए एवं प्रदेश के बुजुर्गों को तीर्थयात्रा का लाभ दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का संचालन किया जा रहा है। ‘‘मध्यप्रदेश तीर्थ-दर्शन योजना’’ केवल धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज में बुजुर्गों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इसका अगला चरण 13 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 29 मार्च 2026 तक चलेगा। पहली यात्रा श्री तिरुपति तीर्थ के लिए 13 नवंबर को जबलपुर से रवाना होगी। पांच महीनों में प्रदेश के बुजुर्गों को तिरुपति, रामेश्वरम, कामाख्या, द्वारका, वैष्णोदेवी, जगन्नाथपुरी और अयोध्या में तीर्थ दर्शन कराए जाएंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से वरिष्ठ नागरिकों के समूह देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए भेजे जाएंगे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा संबंधित जिलों के कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है तथा वे आयकर-दाता नहीं हैं। महिलाओं को आयु सीमा में 2 वर्ष की छूट दी गई है। इच्छुक आवेदक अपने आवेदन तहसील, स्थानीय निकाय, जनपद कार्यालय अथवा कलेक्टर द्वारा निर्धारित स्थानों पर जमा कर सकते हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि यात्रियों का अंतिम चयन संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। किसी जिले में निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो यात्रियों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। यात्रियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेन में डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जायेंगे। उन जिलों में जहाँ ट्रेन का स्टॉपेज या स्टेशन नहीं है वहाँ के यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन तक लाने को व्यवस्था संबंधित जिलों के कलेक्टर्स करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने सभी यात्रियों से आग्रह किया है कि मौसम के अनुरूप वस्त्र, ऊनी वस्त्र, कंबल, चादर, तौलिया, साबुन और आवश्यक दवाइयां जैसी व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री अपने साथ रखें। IRCTC करेगा यात्रा का प्रबंधन योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के उपक्रम IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के द्वारा किया जा रहा है। यात्रा के दौरान IRCTC द्वारा पेयजल, भोजन, नाश्ता और चाय उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों के रुकने की व्यवस्था, उन्हें तीर्थ स्थल तक बसों द्वारा ले जाने और वापस ट्रेन तक लाने की जिम्मेदारी भी IRCTC की होगी। सभी तीर्थ यात्रियों के लिए अपने साथ ओरिजिनल आधार कार्ड या वोटर कार्ड रखना अनिवार्य है। राज्यमंत्री श्री लोधी ने बताया कि ‘‘मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना’’ उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए संबल है, जो तीर्थयात्रा की इच्छा तो रखते हैं परंतु आर्थिक या स्वास्थ्यगत कठिनाइयों के कारण यात्रा करने में असमर्थ होते हैं।  यह योजना धार्मिक आस्था को सम्मान देती है और बुजुर्गों को आध्यात्मिक आनंद के साथ सामाजिक सुरक्षा का विश्वास भी प्रदान करती है। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए निरंतर अधोसंरचना उन्नयन, तीर्थस्थलों के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार और यात्रा मार्गों के विकास पर कार्य कर रही है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुगमता मिल रही है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के ये प्रयास आने वाले समय में मध्यप्रदेश को ‘‘आध्यात्मिक पर्यटन के अग्रणी राज्य’’ के रूप में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाएँगे।

सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों पर सवाल: 33 हजार में से 29 हजार सीटें खाली!

भोपाल प्रदेश के सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में हुए फर्जीवाड़े का असर अब प्रवेश में देखने को मिल रहा है। कालेजों में डिग्री और डिप्लोमा मिलाकर 33 हजार सीटों में से चार हजार सीटों पर भी प्रवेश नहीं हुए हैं, जबकि अंतिम चरण की काउंसलिंग पूरी हो गई है। सीटें रिक्त रहने के कारण इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आइएनसी) ने प्रवेश की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है। कुछ और नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता इस बीच मिल सकती है, पर पहले से ही लगभग 90 प्रतिशत सीटें रिक्त हैं। नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष से भी कम प्रवेश हुए हैं। एक समय था, जब प्रतिवर्ष 40 से 45 हजार सीटों पर प्रवेश हो रहे थे। प्रदेश में आधे से अधिक नर्सिंग कॉलेज बिना मापदंड चल रहे थे। वर्ष 2022 में ला स्टूडेंट एसोसिएशन ने हाई कोर्ट जबलपुर में ऐसे कॉलेजों की सूची के साथ याचिका लगाई।   कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। इसके बाद 200 से अधिक कॉलेज बंद हो गए। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद दूसरे राज्यों के विद्यार्थी मप्र नहीं आ रहे। उल्टा, यहां के छात्र दूसरे राज्यों में नर्सिंग की पढ़ाई के लिए जा रहे हैं। इस कारण सीटें नहीं भर पा रही हैं। नर्सिंग पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की सर्वाधिक संख्या बीएससी नर्सिंग और जीएनएम (डिप्लोमा) की होती हैं। वर्ष 2024 में सरकारी व निजी मिलाकर कुल 19,212 सीटों में से 3,030 यानी 16 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश हुए थे। वर्ष 2025 में 22,880 में से 2843 यानी 12 प्रतिशत में ही प्रवेश हुए हैं। फिर कैसे मिलेगा अस्पतालों को नर्सिंग स्टाफ प्रवेश कम होने से बड़ी चिंता यह है कि सरकारी और निजी अस्पतालों को कुशल नर्सिंग स्टाफ कैसे मिल पाएगा। अभी स्थिति यह है कि सरकारी कालेजों की ही बीएससी नर्सिंग की लगभग 150 सीटें रिक्त हैं। बड़ी जद्दोजहद के बाद सभी सरकारी कालेजों को मान्यता मिल पाई है। जिस तरह से नए निजी और सरकारी अस्पताल खुल रहे हैं, प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है।

वाराणसी से दौड़ेगी 4 नई Vande Bharat! 8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

वाराणसी  भारत की आधुनिक रेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर को सुबह लगभग 8:15 बजे वाराणसी का दौरा करेंगे और चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को झंडी दिखाएंगे। नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी। प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा के समय को उल्लेखनीय रूप से कम करने के जरिए, ये ट्रेनें क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि करेंगी, पर्यटन को बढ़ाएंगी और देश भर में आर्थिक कार्यकलापों को बढ़ावा देंगी। बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस इस रूट पर सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट की बचत करेगी। बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो को जोड़ेगी। यह संपर्क न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि तीर्थयात्रियों और यात्रियों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक त्वरित, आधुनिक और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करेगा। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 7 घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी करेगी, जिससे यात्रा समय में लगभग 1 घंटे की बचत होगी। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस से लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को बहुत लाभ होगा, साथ ही रुड़की होते हुए हरिद्वार तक उनकी पहुंच भी बेहतर होगी। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुगम तथा त्वरित अंतर-शहर यात्रा सुनिश्चित करने के ज़रिए, यह सेवा कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत इस रूट पर सबसे तेज चलने वाली ट्रेन होगी, जो अपनी यात्रा मात्र 6 घंटे 40 मिनट में पूरी कर लेगी। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के प्रमुख शहरों, जैसे फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला के बीच संपर्क को सुदृढ़ करेगी। इस ट्रेन से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने, सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने और राष्ट्रीय बाजारों के साथ बेहतर एकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दक्षिण भारत में, एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रा समय में 2 घंटे से अधिक की कमी ला देगी, जिससे यह यात्रा 8 घंटे 40 मिनट में पूरी हो जाएगी। एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे प्रोफेशनलों, छात्रों और पर्यटकों को तेज और अधिक आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यह रूट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक कार्यकलापों और पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और सहयोग में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह विश्वस्तरीय रेल सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को सुगम, त्वरित और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

चैंपियन शेफाली वर्मा से मुख्यमंत्री की खास बातचीत, किया राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला विश्व कप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार पारी खेलने वाली सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा से फोन पर बात की। सीएम ने टीम को खिताबी जीत की बधाई देने के साथ सलामी बल्लेबाज को चंडीगढ़ आकर मुलाकात करने का निमंत्रण भी दिया है। मुख्यमंत्री सैनी के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक क्लिप साझा की गई है, जिसमें वह शेफाली वर्मा से फोन पर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि शेफाली वर्मा के शानदार प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश को गर्व है। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर इस बातचीत की एक छोटी सी क्लिप शेयर की गई है, जिसके कैप्शन में लिखा है, “महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन करके भारत को विश्व विजेता बनाने वाली टीम की सदस्य, हरियाणा की लाडली बिटिया शेफाली वर्मा से वार्ता करके पूरी टीम को बधाई दी और चंडीगढ़ आने का निमंत्रण दिया।” शेफाली वर्मा को चोटिल प्रतिका रावल के स्थान पर महिला विश्व कप 2025 में मौका मिला था। शेफाली को सीधे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में मौका दिया गया, जिसमें उन्होंने महज 10 रन बनाए। इसके बावजूद उन पर कप्तान ने अपना भरोसा बनाए रखा। शेफाली वर्मा साउथ अफ्रीका के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बतौर सलामी बल्लेबाज उतरीं। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की। फाइनल मुकाबले में उनके निजी प्रदर्शन को देखें, तो शेफाली ने 78 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 87 रन बनाए। इसके अलावा, एक गेंदबाज के तौर पर 7 ओवर फेंके, जिसमें 36 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। भारत ने खिताबी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 298 रन बनाए। इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 45.3 ओवरों में महज 246 रन पर सिमट गई। ऐतिहासिक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के चलते शेफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।  

सड़क सुरक्षा पर सरकार सख्त, फुटपाथ दुरुस्ती और अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू

जयपुर राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार नगरीय विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को प्रगतिरत एवं आवश्यकतानुसार नवीन कार्यों को विशेष अभियान चलाकर 30 दिसम्बर, 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में सड़क नवीनीकरण, फुटपाथ व डिवाइडर मरम्मत एवं रखरखाव, स्वच्छता और यातायात संकेतक कार्य त्वरित गति से पूर्ण किए जाएं। फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों पर लगाए जाएंगे रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार सभी नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अनाधिकृत रोड़ कट तत्काल बन्द किए जाएंगे एवं सडकों के जंक्शन के आस-पास अनावश्यक झाड़ियों को हटाया जाएगा।  इसी तरह सड़कों के जंक्शन पर आवश्यकतानुसार स्लिप लेन निर्माण, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों एवं घुमाव पर वाहन खड़े नही करने सहित अन्य गतिविधियों के लिए रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे। जेब्रा क्रॉसिंग, थर्मोप्लास्ट पेन्ट एवं सडक डिवाइडर के रंग-रोगन के कार्य नियमित रूप से किये जाएंगे। साथ ही, नगरीय क्षेत्र की सड़कों के नवीनीकरण के समस्त कार्य 31 मार्च, 2026 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नगरीय निकाय द्वारा निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संवेदको की सूचना, कार्य की लागत राशि एव समयावधि की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि आमजन द्वारा किसी भी असुविधा की स्थिति में संबंधित अधिकारी से सम्पर्क किया जा सके। क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं मैनहोल कवर का होगा दुरूस्तीकरण, लगाए जाएंगे सांकेतिक रिफ्लेक्टिव बोर्ड इसी तरह आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाकर डिवाइडर एवं फुटपाथ रिपेयर के कार्य किए जाएंगे। इस दौरान निकाय क्षेत्रों में खुले नाले-नालियों को सुरक्षित रूप से ढकने, क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं सीवर लाइन के मैनहोल कवर का दुरूस्तीकरण भी व्यापक स्तर पर किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहे। इसी तरह, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिवाइडर पर मजबूत रेलिंग की पुख्ता व्यवस्था भी की जाएगी। नगरीय निकाय द्वारा विशेष तौर पर नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर फुटपाथों व सड़कों से अतिक्रमण हटवाए जाएंगे एवं व्यावसायिक वाहनों हेतु पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सडकों के किनारे एवं डिवाइडर पर लगी हैज, पेड पौधों की नियमित कटाई, छंटाई एवं रखरखाव तथा सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथ एवं सड़कों पर बिजली के खुले तारों को तत्काल व्यवस्थित किया जाएगा। सीबीयूडी ऐप पर खुदाई कार्यों की अनिवार्यता, उल्लघंन पर होगी कार्रवाई नगरीय विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को सडकों पर खुदाई कार्यों से पूर्व प्रस्तावित कार्य का ब्यौरा सीबीयूडी ऐप पर आवश्यक रूप से अंकित करने एवं ऐप पर अंकन किए बिना संपादित कार्य पर पैनल्टी लगाने के प्रावधान के सख्त निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीयूडी ऐप पर बिना इन्द्राज किए खुदाई कार्य करने के संबंध में राज्य सरकार के द्वारा कठोर दण्डात्मक कार्रवाइ अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही, कार्यां में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबधित इंजीनियर इन्चार्ज एवं संवेदक के उत्तरदायित्व का भी निर्धारण होगा।