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AAP का राज्यपाल से बड़ा सामना: केंद्र को कड़ी चेतावनी, कहा- लोकतंत्र नहीं दबेगा

चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी के मुद्दे को लेकर आज आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने के फैसले पर चर्चा की। जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर किया है, जिससे लाखों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं और पंजाब के करीब 200 कॉलेजों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब से दिल से नफरत करती है। हरपाल चीमा ने आगे कहा कि पहले केंद्र सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) पर कब्जा करने की कोशिश की थी, और अब उनकी नजर पंजाब की यूनिवर्सिटियों पर है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार मिलकर इस लड़ाई को लड़ेगी। इस मौके पर AAP सांसद मीट हेयर ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी से पंजाब के लोग भावनात्मक रूप से गहराई से जुड़े हुए हैं, लेकिन फिर भी असंवैधानिक तरीके से इसे अपने कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर बार पंजाब के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने केंद्र को चेतावनी देते कहा कि बार-बार पंजाब को परखना बंद कर दें।  

हवस की भेंट चढ़ी मासूम: चॉकलेट खिलाने के बहाने वारदात, पुलिस ने दादी-पोते को दबोचा

  सूरजपुर  प्रतापपुर थानाक्षेत्र में 5 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने नानी-पोते को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, घटना प्रतापपुर थानाक्षेत्र की है. मंगलवार को आरोपी पड़ोसी (उम्र 25 वर्ष लगभग) मासूब बच्ची को चॉकलेट खिलाने के बहाने अपने घर ले गया. अपने घर पर ही उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद, आरोपी की नानी ने अपने पोते की गलती को छुपाने और साक्ष्य नष्ट करने में पूरी मदद की. मासूम की हालत गंभीर वारदात के बाद बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस ने पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी और उसकी नानी दोनों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों हैवानों को जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चालान पेश कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेंगे.

ब्रेन हेमरेज से गई जान, पर रिश्वत की मांग नहीं रुकी! मध्यप्रदेश में दिल दहला देने वाली घटना

भोपाल मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्यरत रहे संविदा उपयंत्री नवीन खरे की मौत ने फिर प्रशासनिक संवेदनहीनता की गहराई को उजागर कर दिया है। वर्ष 2006 में जनपद पंचायत शिवपुरी में संविदा उपयंत्री के रूप में नियुक्त नवीन खरे को वर्ष 2012 में सेवा से पृथक कर दिया गया। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायालय ने जुलाई 2024 में उनके पक्ष में निर्णय देते हुए पुनः पदस्थापना के निर्देश दिए, लेकिन जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी। मनरेगा अभियंता संघ के प्रांत अध्यक्ष सतीश कुमार समेले ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिवपुरी जिले के अधिकारियों द्वारा ज्वाइनिंग दिलाने के नाम पर एक लाख की रिश्वत की मांग की गई थी। इस कथित मांग और लगातार प्रशासनिक उपेक्षा से नवीन खरे मानसिक रूप से टूट गए थे। तनाव और निराशा की इसी स्थिति में उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और इलाज के दौरान भोपाल एम्स में उनकी मृत्यु हो गई। 55 वर्षीय खरे अपने पीछे माता-पिता, सासू मां और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।   कोर्ट के आदेश का पालन ही नहीं हुआ परिवार का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश का पालन किया गया होता, तो आज नवीन जीवित होते। मृतक के परिजनों और साथियों ने विदिशा के दुर्गा चौक पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया तथा शिवपुरी कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और मनरेगा आयुक्त पर कार्रवाई की मांग की। उधर, राज्यभर में 1335 संविदा उपयंत्री अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 85 दिनों से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दौरान अब तक चार संविदा उपयंत्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि वर्ष 2010 से अब तक 49 अभियंता असमय मौत का शिकार बने हैं।

बड़ी साज़िश का शक? कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं को मिली मौत की धमकी, हड़कंप

तरनतारन  वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजबीर सिंह भुल्लर और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को परिवार समेत जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। गैंगस्टर रिंदा द्वारा दी गई इस धमकी के बाद, तरनतारन सिटी थाने की पुलिस ने रिंदा समेत 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उप-चुनाव को लेकर जहां राजनीति गरमाई हुई है, वहीं गैंगस्टर और शरारती तत्व मतदाताओं को धमकाने के लिए फोन कर रहे हैं और राजनेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तरनतारन निवासी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजबीर सिंह भुल्लर द्वारा जिले के एस.एस.पी. को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी कि 31 अक्तूबर को उनके मोबाइल फोन पर एक विदेशी नंबर से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम गैंगस्टर रिंदा बताया था। उसी दिन, आने वाली कॉल में फिर से एक वॉयस मैसेज भेजा गया, जिसमें कहा गया कि हमें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व मौजूदा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और उनके परिवार को तो मारना ही है तथा इस के साथ हमने तुम्हें और तुम्हारे परिवार को भी मारना है। राजबीर सिंह भुल्लर, जो तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के संभावित उम्मीदवार भी थे, को इस धमकी भरे फोन कॉल के माध्यम से 11 नवम्बर तक चुनाव प्रचार में भाग न लेने की चेतावनी भी दी गई थी। राजबीर सिंह भुल्लर ने शिकायत में यह भी कहा कि पहले भी उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। इस बीच, राजबीर सिंह भुल्लर ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की भी मांग की है। इस धमकी भरे कॉल के बाद, थाना सिटी तरनतारन की पुलिस ने राजबीर सिंह भुल्लर के बयानों पर गैंगस्टर रिंदा और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। 

SC ने नहीं दी राहत! अब्दुल्ला आज़म पर फर्जी दस्तावेज़ केस में होगी आगे जांच

रामपुर  समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज फर्जी दस्तावेज मामले में एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। FIR रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं: SC जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि अब्दुल्ला आजम की याचिका में एफआईआर रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और इस स्तर पर अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। फर्जी दस्तावेज मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त बता दें कि अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जन्मतिथि और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उनके पास दो पैन कार्ड होने के आरोप भी हैं। इसी मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता और इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें कुछ में जांच जारी है।  

वंदे मातरम् की गूंज से गूंजेगा छत्तीसगढ़ – वर्षभर चलेगा राष्ट्रीय एकता और गौरव का महोत्सव

रायपुर, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश के लिए गर्व और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय अवसर है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस ऐतिहासिक पर्व को वर्षभर चलने वाले महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी यह आयोजन जनभागीदारी के साथ चार चरणों में ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भव्य रूप में संपन्न किया जाएगा। पहला चरण 7 नवम्बर से होगा प्रारंभ वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रातः 10 से 11 बजे तक दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के पश्चात पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। गीत के बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं। चार चरणों में होगा वर्षभर आयोजन कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा- प्रथम चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ), और चतुर्थ चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलों में मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रत्येक जिले में स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके। विद्यालयों में विशेष गतिविधियाँ और रचनात्मक आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” विषय पर विशेष सभाएँ, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगेगा। ‘वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ’ एक अभिनव पहल राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और आंदोलन को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाएगी। “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ केवल एक स्मरणीय अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय चेतना की भावना को और गहराई देगा। वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसकी गूंज हर नागरिक के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व का संचार करेगी। – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रेत खदान की ई-नीलामी: 7 नवंबर को होगा बिड ओपनिंग

बालोद, खनिज रेत खदान की ई-नीलामी हेतु छत्तीसगढ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के तहत् इलेक्ट्रॉनिक नीलामी (रिवर्स ऑक्सन) के माध्यम से जिले के 05 रेत खदान नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव एवं पोंड के उत्खननपट्टा आबंटन हेतु निविदा आमंत्रण सूचना जारी किया गया है।   जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि प्राप्त आवेदन की बिड ओपनिंग 07 नवंबर 2025 को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सुबह 10 बजे से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोलीकर्ता द्वारा नीलामी हेतु ऑनलाईन प्रस्तुत आवेदन पश्चात् ईमेल आईडी में प्राप्त पावती एवं आधार कार्ड की प्रति के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान में उपस्थित होना अनिवार्य है। उक्त दस्तावेजों के अभाव में बोलीकर्ता को बिड ओपनिंग हेतु सभाकक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

चुनाव की गर्मी चरम पर: पहले चरण में 60% से अधिक मतदान, बेगूसराय नंबर-1

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान सम्पन्न हो चुका है। प्रदेश के 121 विधानसभा सीटों को पर खड़े प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम बॉक्स में बंद हो गया है। जनता ने तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, अनंत सिंह, मैथिली ठाकुर, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा जैसे बड़े नेताओं की किस्मत का फैसला कर दिया है। एनडीए कम से कम 75% सीटों पर आगे- मनोज तिवारी बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर हुए हमले पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा, महागठबंधन के अराजक तत्वों ने कई जगहों पर लगातार ऐसी हरकतें की हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर मामले सामने आए हैं, लेकिन कई जगहों पर नहीं। उनकी निराशा अब दिख रही है क्योंकि आज हुए मतदान में एनडीए कम से कम 75% सीटों पर आगे है। पहले चरण का मतदान थमा, साल 2000 के बाद रिकॉर्ड वोटिंग बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो चुका है। बिहार के 18 जिलों के 121 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान हुआ। एक-दो स्थानों को छोड़ दें, तो लगभग सभी जगहों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ। शाम 5 बजे तक 60.13 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो साल 2000 के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। पहले चरण में शाम 5 बजे तक 60.13 प्रतिशत मतदान बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने जमकर वोट डाले हैं। शाम 5 बजे तक 18 जिलों में 60.13 प्रतिशत मतदान हो चुका है। चुनाव प्रतिशत के मामले में बेगुसराय और समस्तीपुर सबसे आगे हैं। इन जिलों में 67.32 प्रतिशत और 66.65 प्रतिशत वोट पड़े हैं। जबकि पटना भोजपुर और शेखपुरा में सबसे कम मतदान हुआ है। शखेपुरा में मात्र 52.36 प्रतिशत,  भोजपुर में 53.24 प्रतिशत और पटना में 55.02 प्रतिशत वोट डाले गए हैं। 

स्टेशन के पास इंटरसिटी ट्रेन में तकनीकी खराबी, धुएं से घबराए यात्री

बाराबंकी गोंडा से लखनऊ की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ बुढ़वल रेलवे स्टेशन के समीप रामनगर-फतेहपुर मार्ग के ओवरब्रिज के पास ट्रेन के एक बोगी से अचानक धुआं निकलने लगा जिससे पूरी ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के समय जब ट्रेन ओवरब्रिज के करीब पहुंची तो एक बोगी के पहिये के आसपास से धुआं उठता देख यात्रियों में दहशत फैल गई। सतर्क यात्रियों ने फौरन लोको पायलट को इसकी जानकारी दी। लोको पायलट ने समझदारी दिखाते हुए आनन-फानन में ट्रेन को रोक लिया। ट्रेन के रुकते ही डर से सहमे यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोगियों से उतरकर पटरी के किनारे इकट्ठा हो गए। मामले की सूचना पाते ही रेलवे के तकनीकी स्टाफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। जांच-पड़ताल में सामने आया कि पहिये में ब्रेक शू फंस जाने की वजह से धुआं निकल रहा था। तकनीकी टीम ने तुरंत ब्रेक शू की मरम्मत की और खराबी दूर करने के बाद ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। जीआरपी चौकी के प्रभारी जयंत दुबे ने बताया कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चेन पुलिंग की गई थी। उन्होंने राहत की बात बताते हुए कहा कि इस घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।  

खाकी वर्दी में छिपा ‘शातिर चोर’! सेना के घरों में ही करता था चोरी, चौंकाने वाली वजह आई सामने

अंबाला  अंबाला में पिछले कुछ दिनों में सेना अधिकारियों के घर में एक-एक कर 4 चोरियां हो गई। जिसको लेकर पुलिस ने चोर को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की तो पुलिस ने यूपी मेरठ से राजेश नाम के युवक को गिरफ्तार किया जो राजोरी जम्मू का रहने वाला है और सेना से बर्खास्त है।  पकड़ा गया चोर राजेश सिर्फ सेना अधिकारियों के घर ही चोरी करता था वो भी इसलिए कि उसे सेना से बर्खास्त किया गया था। उसे लगता था कि अधिकारियों की वजह से ही उसे सेना से हटाया गया है। पुलिस की माने तो राजेश का डिसिप्लिन सेना में ठीक नही था इसलिए उसे सेना से हवलदार के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। उसके बाद उसने मन में बदले की भावना रख ली और टारगेट कर सेना के अधिकारियों के घर चोरियां शुरू कर दी। राजेश ने कुछ दिनों में अंबाला कैंट के तोपखाना इलाके में सेना अधिकारियों के घर से एक एक कर 4 चोरियां कर डाली। पुलिस ने राजेश के पास से 5 लाख 31 हजार रुपय चोरी का बरामद किया है। पुलिस का कहना है राजेश अभी तक 20 चोरियां कबूल कर चुका है जो इसने अंबाला, जबलपुर, पोंटा साहिब व मेरठ में की है।