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सरकारी काम होंगे आसान! सेवा केंद्रों पर शुरू हुई ये नई सुविधाएं

जालंधर  पंजाब सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ट्रांसपोर्ट विभाग की सभी सेवाओं को सेवा केंद्रों के माध्यम से फेसलेस बनाने की योजना लागू कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज लुधियाना में इन फेसलेस सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसके बाद अब 30 अक्टूबर से राज्य के सभी जिलों के सेवा केंद्रों में ये सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इसी कड़ी में आज जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी (आर.टी.ओ.) अमनपाल सिंह ने सेवा केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके साथ एडीशनल आर.टी.ओ. विशाल गोयल भी मौजूद रहे। आर.टी.ओ. ने बताया कि फिलहाल जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स स्थित सेवा केंद्र में 2 काऊंटर ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की गई नई प्रणाली के तहत अब प्रत्येक सेवा केंद्र में ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 तरह की सेवाएं उपलब्ध होंगी, जबकि पहले केवल 28 सेवाएं ही मिलती थीं। हालांकि इन सेवाओं के लिए आवेदक को बेहद किफायती अतिरिक्त शुल्क देना होगा, लेकिन अब उसे ट्रांसपोर्ट दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा आरटीओ अमनपाल सिंह ने आज दोपहर बाद जिले के 35 सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग सैशन दिया। यह ट्रेनिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीसी कार्यालय में आयोजित की गई, ताकि 30 अक्तूबर से सभी केंद्रों पर फेसलेस सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

हरियाणा की सीमाओं पर धान का ‘सैलाब’! यूपी-बिहार से ट्रकों की बढ़ी आमद

यमुनानगर जबसे हरियाणा में धान की खरीद शुरू हुई है उसके बाद से ही अन्य राज्यों से हरियाणा में धान की तस्करी हो रही है। 'दैनिक ट्रिब्यून' ने 20 अक्तूबर के अपने अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जब किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा-यूपी सीमा पर उत्तर प्रदेश, बिहार से आने वाले डेढ़ सौ से अधिक ट्रकों को रोक लिया था। उसी के बाद मुख्यमंत्री ने इस पर सख्ती बरतने के आदेश दिए और अब हरियाणा-यूपी सीमा पर 24 घंटे पहरा लगाया गया है, ताकि अन्य राज्यों का धान हरियाणा में न आ पाए। हरियाणा में एमएसपी पर 24 फसलें खरीदी जा रही हैं, उनमें धान भी एक प्रमुख फसल है। आजकल धान का सीजन जोरों पर है, ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक, ट्रालियां चावल और धान लेकर आ रहे हैं, ताकि उन्हें हरियाणा में एमएसपी पर बेचकर लाभ कमाया जाए। व्यापारी मोटे मुनाफे के चक्कर में यहां फसल भेज रहे हैं, क्योंकि वहां धान और चावल के रेट काफी कम हैं। इसीलिए हरियाणा सरकार ने अन्य राज्यों से हरियाणा में धान और चावल लाने पर प्रतिबंध लगाया है। यमुनानगर में कलानौर चौकी पर इंटर स्टेट नाका लगाया गया है, जिसमें पुलिस, फूड सप्लाई विभाग, मार्केट कमेटी, ग्राम पंचायत के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 24 घंटे इस नाके पर सभी विभागों के कर्मचारी तैनात रहते हैं। लेकिन दूसरी तरफ भारी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार से वाहनों का लगातार आना भी जारी है। वह बात अलग है कि उन्हें नाके पर रोक कर वापस किया जा रहा है । फसल लाने वाले वाहन चालक परेशान वहीं बिहार, यूपी से धान और चावल लाने वाले वाहन चालक परेशान है। उनका कहना है कि वह पिछले कई दिनों से हरियाणा-यूपी सीमा पर ही बैठे है, न तो हरियाणा में उन्हें आने दिया जा रहा है, और न ही उन्हें भेजने वाले मालिक उनका फोन उठा रहे हैं, यहां खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं, जिससे वे परेशान है।

बेटे की मौत का मामला फिर गरमाया, पूर्व DGP मुस्तफा पर बढ़ा दबाव

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की रहस्यमय मौत की जांच में एसआईटी लगातार जुटी हुई है। ये मामला उलझता ही जा रही है। इसी बीच बुधवार देर रात तक पुलिस ने मुस्तफा के घर पर काम करने वाले 4 नौकरों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नौकरों ने बताया कि पूर्व डीजीपी और उनके बेटे के बीच कुछ समय से मनमुटाव चल रहा था। पुलिस ने इन बयानों की बारीकी से समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं, वीरवार को 3 अन्य नौकरों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच टीम अकील की पत्नी के अलग रहने की वजह जानने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते दोनों अलग रह रहे थे। पुलिस अब इस पहलू की भी पुष्टि करने में जुटी है, ताकि अकील की मौत से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके। जानकारी के मुताबिक, एसआईटी अभी तक अकील के राइटिंग सैंपल (हस्तलेख नमूने) नहीं ले पाई है। सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार पुलिस आज उसके कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाकर ये सैंपल एकत्र करेगी। आम तौर पर पुलिस हस्ताक्षर (सिग्नेचर) के आधार पर ही मिलान करती है और इसके लिए बैंक से रिकॉर्ड जुटाया जाता है। लेकिन इस मामले की हाईप्रोफाइल केस और बरामद नोटों की संख्या अधिक होने के कारण जांच एजेंसी को अब बड़े पैमाने पर राइटिंग सैंपल की जरूरत महसूस हो रही है। 

जगदीश देवड़ा बोले—मध्यप्रदेश अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है

भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं। प्रदेश के नागरिकों के लिए यह शुभ अवसर है। उत्साह और उल्लास के साथ यह अवसर प्रदेश की उपलब्धियों पर गर्व करने का है। आज उन सभी महान विभूतियों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दिया। आज हम इस बात को दृढ़ आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब पूरी तरह से बदल चुका है। अब और अधिक ऊंचाइयां तय करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश के सामने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य है। भारत के अमृतकाल में मध्यप्रदेश ने भी अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण करना सर्वोच्च लक्ष्य है। इसे हासिल करते हुए मध्यप्रदेश स्वयं भी पूर्ण रूप से विकसित राज्य बन जाएगा। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश आज महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिये तैयार है। मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति के साथ आर्थिक विकास को तेज गति से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। मध्यप्रदेश की धरा पर हर जरूरी संसाधन है जो विकास के लिए आधार स्तंभ हैं। कृषि क्षेत्र में खाद्यान्न, दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य में है। आधुनिक सिंचाई की आदर्श संरचनाएं स्थापित है। बिजली की भरपूर उपलब्धता है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्याप्त औद्योगिक निवेश है। उद्योगों के लिए 1.2 लाख एकड़ से ज्यादा लैंड-बैंक है। वर्तमान में 112 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं । साथ ही 14 ग्रीन फील्ड औद्योगिक स्थलों की भी पहचान की गई है। उद्योगों के लिए सबसे जरूरी आकर्षक नीतियां मध्यप्रदेश ने बनाई है, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना बहुत आसान हो गया है। प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि के लिए मध्यप्रदेश विख्यात है। यहां की जमीन उपजाऊ है, जल संसाधनों की कमी नहीं है। भारत की सबसे बड़ी वन संपदा प्रदेश में उपलब्ध है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है। वर्ष 2029 तक राज्य की जीएसडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति भी समृद्ध हो। संपूर्ण विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य को आर्थिक विकास, भौतिक अधोसंरचना, सामाजिक अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास करने होंगे। इसके लिए इसी वर्ष चार प्रमुख मिशनों को लांच किया गया है। इसका उद्देश्य गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति को सशक्त बनाना है। यह चार मिशन मध्यप्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। मध्यप्रदेश उद्योग और सेवाओं पर आधारित अर्थव्यवस्था की संरचना और रणनीति में बदलाव की योजना बना रहा है। अगले 10 वर्षों में राज्य में उद्योग और सेवाओं में वृद्धि होगी क्योंकि निवेश और उत्पादन मध्यप्रदेश देश के निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक स्तर पर उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय ग्रामीण उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की ओर हम अग्रसर हैं। स्वदेशी की अवधारणा को मध्यप्रदेश में पल्लवित होने का एक अनुकूल वातावरण मिला है। स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में हम सभी स्वदेशी अर्थव्यवस्था को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबसे जरूरी कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विकास करना, इसके लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों को मदद की जाएगी। एग्रो प्रोसेसिंग हब, कोल्ड चैन, बाजार संपर्क, उत्पादों के मूल संवर्धन को अधिकतम करते हुए एक विस्तृत रोड मैप तैयार किया जाएगा। भौतिक अधोसरंचना में सिंचाई एक बड़ा क्षेत्र है। मध्यप्रदेश की तैयारी है कि 2029 तक शुद्ध बोए गए क्षेत्र में सिंचाई का क्षेत्र 85% तक पहुंच जाए। इसी प्रकार वर्ष 2030 तक ऊर्जा क्षेत्र में 50% नवकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। ऊर्जा की वर्तमान स्थापित क्षमता 27109 मेगावाट है जिसे 2029 तक बढ़कर 60,000 मेगावाट करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जिस प्रकार से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश आ रहा है उससे यह लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाएगा। सामाजिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा में सकल नामांकन दर को 2029 तक 90% और उच्च शिक्षा में 35% तक ले जाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना को भी निरंतर मजबूत बनाने के प्रयास हैं। स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 8000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं। मध्यप्रदेश खुद को एक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है जिसमें उज्जैन मेडिसिटी जैसी पहल शामिल है। इसी प्रकार शहरों की अधोसंरचना सुधारने के लिए स्थानीय निकायों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत को निरंतर सक्षम बनाने का काम चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास। इसे आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार है। नागरिकों के सहयोग से विकास के नए लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन नहीं है। भारत देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और साथ ही मध्यप्रदेश भी तेजी से बदल रहा है। एक बार पुनः मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। जगदीश देवड़ा    

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में हादसा, तीसरी मंजिल से गिरे छात्र की हालत नाजुक

भोपाल  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एक गंभीर हादसा हो गया है। विश्वविद्यालय की तीसरी मंजिल से एक छात्र दिव्यांश चौकसे नीचे गिर गया, शरीर पर कई जगह चोट लगने से से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। छात्र की हालात गंभीर बताया जा रहा है कि दिव्यांस चौकसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग छात्र है। छात्र विश्वविद्यालय की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया।दिव्यांस चौकसे मॉस कॉम का पीजी का छात्र है। छात्र की हालत गंभीर है और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्र के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई है। दिव्यांश का इंस्टाग्राम पर एनसीईआरटी ज्ञान नाम से अकाउंट भी है, जिसमें 5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं।  

धर्मांतरण पर अब सख्त कार्रवाई, 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा: विधायक रामेश्वर शर्मा

भोपाल   भोपाल में धर्मांतरण कराने वाले पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जो भी लोग हिंदूओं को मुस्लिम और ईसाई धर्म में परिवर्तित कर रहे  हैं उन पर सख्त कार्रवाई होगी। शर्मा ने कहा कि  देशभर के कानूनों को अध्ययन करके सख्त कानून बनाया जाएगा जाएगा ताकि इस तरह का काम करने वालों को सख्त सजा मिले। धर्मांतरण करने वालों को 10 साल या उससे अधिक की सजा दी जाएगी।  साथ ही धर्मांतरण कराने वालों के हाथ पैर तोड़े जाएंगे। आने वाले दिनों में सख्त कानून सरकार बनाने जा रही है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अपराधियों को समझ आ जाएगा कि बाबा साहब का संविधान कितना मजबूत है।

उद्योगों के लिए राहत: 5 नई सेवाएं ‘राइट टू सर्विस’ में शामिल, जल-सीवरेज कनेक्शन मिलेगा सिर्फ 15 दिन में

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगपतियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की पांच प्रमुख सेवाएं हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के दायरे में आ गई हैं। इसके तहत जल एवं सीवरेज कनेक्शन की सुविधा 15 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एचएसआईआईडीसी को जल और सीवरेज कनेक्शन की प्रक्रिया 15 कार्यदिवसों के भीतर पूरी करनी होगी। इस कदम से उद्योगपतियों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी। संशोधित जोनिंग प्लान की स्वीकृति प्रक्रिया को भी समयबद्ध करते हुए 45 दिनों की सीमा तय की गई है। एचएसआईआईडीसी को अब सार्वजनिक शौचालयों की दैनिक सफाई सुनिश्चित करनी होगी और मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगा। इन सेवाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी तय किए गए हैं। इंजीनियरिंग डिवीजन के क्षेत्रीय प्रभारी को पदनामित अधिकारी बनाया है। विभागाध्यक्ष (इंजीनियरिंग) अब प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। वहीं एचएसआईआईडीसी के एमडी (प्रबंध निदेशक) द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे। जोनिंग प्लान से जुड़ी सेवाओं के लिए डिस्ट्रिक्ट/सीनियर टाउन प्लानर (मुख्यालय) को पदनामित अधिकारी बनाया है। प्रथम निवारण प्राधिकारी का जिम्मा चीफ टाउन प्लानर को सौंपा है। वहीं एमडी द्वितीय निवारण प्राधिकारी होंगे।

33 साल बाद मिला इंसाफ: ‘बाबा’ टॉकीज की तालाबंदी पर आखिरकार मिला मुआवजा

अंबिकापुर सरगुजा राजपरिवार के स्वामित्व वाले अलखनंदा टॉकीज का लाइसेंस दुर्भावनापूर्ण तरीके से निरस्त करने के 33 साल पुराने बहुचर्चित मामले में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने तत्कालीन कलेक्टर टीएस छतवाल को दोषी माना है. न्यायालय ने आदेश दिया है कि छतवाल राजपरिवार को ब्याज सहित 34,795 की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करें. यह मामला वर्ष 1992 का है, जब टीएस सिंहदेव द्वारा संचालित अलखनंदा टाकीज का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था. सरगुजा राजपरिवार के अरुणेश्वर शरण सिंहदेव के भाई की स्वामित्व वाली अलखनंदा टाकीज को नियमानुसार मार्च को सिनेमा संचालन का लाइसेंस जारी किया गया था. टॉकीज का संचालन उनके बड़े भाई टीएस सिंहदेव कर रहे थे. इसी दौरान आदिवासी परिवार की भूख से मौत की घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी. इस मुद्दे को टीएस सिंहदेव की मां पूर्व मंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव ने उठाते हुए तत्कालीन कलेक्टर के निलंबन की मांग की थी. इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव को अप्रैल 1992 में स्वयं वाड्रफनगर आकर स्थिति का जायजा लेना पड़ा था. उस समय प्रदेश में भाजपा के सुंदरलाल पटवा की सरकार थी. बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच 19 अप्रैल 1992 को तत्कालीन कलेक्टर टीएस छतवाल ने अलखनंदा टॉकीज का लाइसेंस निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया. नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल थी, लेकिन 24 अप्रैल को जबलपुर हाईकोर्ट ने सिंहदेव परिवार के पक्ष में स्थगन आदेश जारी कर दिया. सिंहदेव के अधिवक्ता ने उसी दिन शपथपत्र सहित यह आदेश कलेक्टर को देने की कोशिश की, परंतु कलेक्टर ने मिलने से इन्कार कर 24 अप्रैल की दोपहर अलखनंदा टाकीज का लाइसेंस निरस्त कर टाकीज का संचालन रोक दिया, जिससे 24 एवं 25 अप्रैल के चार शो नहीं चल सके. सिंहदेव ने आठ हजार रुपये की क्षति की जानकारी देते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की. न्यायालय में आबकारी आयुक्त ने बताया कि उनके कार्यालय में अलकनंदा टॉकीज के लाइसेंस निरस्तीकरण से संबंधित कोई फाइल उपलब्ध नहीं है. उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में तत्कालीन कलेक्टर टीएस छतवाल को दोषी पाते हुए ब्याज सहित 34,795 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि राजपरिवार को देने का आदेश दिया. यह राशि न्यायालय में जमा करा दी गई है.

पंजाब के नागरिकों के लिए बड़ी राहत! सरकार ने खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये

चंडीगढ़/जालंधर पंजाब की मंडियों में धान की आमद 100 लाख मीट्रिक टन (LMT) के आंकड़े को पार कर गई है, जिसमें से 97 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल की खरीद हो चुकी है। धान की खरीद के बदले किसानों के खातों में अब तक 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। फसल की तेज़ खरीद को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का सबूत बताते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी हितधारक—चाहे वह किसान, कमीशन एजेंट (आढ़ती) या मज़दूर हो—को किसी तरह की परेशानी न हो। जहां तक फसल की लिफ्टिंग का सवाल है, खरीदी गई फसल में से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक की  लिफ्टिंग  पूरी की जा चुकी है। किसानों के भुगतान के संबंध में 21,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित कर दी गई है।  

इंदौर के कारोबारी की हत्या मामला: पुलिस ने पेश की 790 पेज की चार्जशीट, 5 पर आरोप तय

इंदौर  ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय ईस्ट खासी हिल्स जिले की कोर्ट ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाली सोनम रघुवंशी उसके प्रेमी राज कुशवाहा सहित 5 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा भी सुनाएगा. वहीं आरोपियों ने तकरीबन 4 से अधिक बार जमानत याचिका पेश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. हनीमून के दौरान शिलांग में की राजा की हत्या इंदौर के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ 21 मई को हनीमून मनाने के लिए शिलांग गए हुए थे. लेकिन वहां पर उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी. उसके बाद उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया था. वारदात को अंजाम देने के बाद सोनम रघुवंशी आरोपियों के साथ घटनास्थल से फरार हो गई थी. 2 जून को सोहरा हिल्स के समीप एक खाई में राजा रघुवंशी का शव मिला था. पुलिस ने कोर्ट में पेश की थी 790 पेज की चार्ज शीट इस पूरे मामले में शिलांग पुलिस ने जांच पड़ताल की गई और हत्या के आरोप में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, प्रेमी राज कुशवाह, प्रेमी के दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी को गिरफ्तार किया था. शिलांग पुलिस ने कई तरह के सबूत इकट्ठा किए थे. जिसमें घटनास्थल पर मिले चाकू सहित सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के रूप में सोनम रघुवंशी की आरोपियों से लगातार बातचीत की कॉल डिटेल व अन्य एविडेंस शामिल थे. शिलांग पुलिस ने इंदौर आकर भी तहकीकात की थी. तकरीबन 790 पेज की चार्टशीट पिछले दिनों शिलांग पुलिस ने सोहरा सब डिवीजन के जुडिशल मजिस्ट्रेट प्लस क्लास की कोर्ट में पेश की थी. कोर्ट ने 4 बार की जमानत याचिका खारिज चार्ट शीट पेश होते ही आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य आरोपियों ने जमानत के प्रयास भी किए. कोर्ट में 4 से अधिक बार जमानत याचिका लगाई गई. लेकिन कोर्ट ने चारों बार उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया. इस पूरे मामले में एक के बाद एक सुनवाई कर इस पूरे मामले में पांचों आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा सुना सकती है. राजा का भाई बोला-सख्त सजा दिलवाएंगे कोर्ट ने चार्ट शीट के आधार पर यह माना कि सोनम रघुवंशी ने ही अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की और उसके बाद वहां से फरार हुई. कोर्ट के द्वारा आरोप तय होने के बाद मृतक ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि, ''हम आरोपियों को सख्त सजा दिला कर ही रहेंगे. इसके लिए हमारे वकील अलग-अलग तरह से प्रयास कर रहे हैं.''     जल्द मिलेगा आरोपियों को सजा मामले में राजा रघुवंशी के एडवोकेट सुजीत देव ने विभिन्न तरह की जानकारी भी कोर्ट को दी. एडवोकेट सुजीत देव ने कोर्ट को बताया कि, ''योजनाबंध तरीके से सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को मेघालय के शिलांग लेकर आई थी और उसके बाद उसने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या की घटना को अंजाम दिया.'' एडवोकेट सुजीत देव का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर कोर्ट ने आरोपियों पर लगे हुए आरोप को तय कर दिया है. अब इसकी एक के बाद एक सुनवाई होगी और जल्द ही वह आरोपियों को सजा भी दिलवा देंगे.''