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कलेक्टर ने की रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन की समीक्षा

कलेक्टर ने की रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन की समीक्षा    रेलवे तथा राजस्व अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें – कलेक्टर सीधी   कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि रेलवे तथा राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। रेलवे विभाग के अधिकारी कार्यों के प्राथमिकता क्रम को निर्धारित करते हुए राजस्व अधिकारियों के सतत संपर्क में रह कर कार्य मे प्रगति लाएं।   सीधी सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को भू-अर्जन के काम को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने लंबित रकबों के भू-अर्जन के धारा 11, 19, 21 की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जो भुगतान लंबित है उनकी कमियों को दूर करते हुए अगले एक सप्ताह में भुगतान की कार्यवाही पूर्ण करायें। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर काम करने के लिए निर्देशित किया, ताकि कार्य समय सीमा में पूर्ण हो।   बैठक में उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, चुरहट शैलेष द्विवेदी, सिहावल प्रिया पाठक, उप मुख्य अभियंता निर्माण रीवा घमंडी लाल मीणा, उप मुख्य अभियंता सीधी अवलीश मीणा, सहायक कार्यकारी अभियंता निर्माण सीधी अविनाश कुमार, वरिष्ठ खंड अभियंता निर्माण सीधी गिरधर मीणा, कुलदीप शर्मा उपस्थित रहे।

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सोपा ज्ञापन‌‌

 डिंडौरी   जिला अध्यक्ष इमरान मलिक अतिथि शिक्षक संघ डिंडोरी के द्वारा सैकड़ो अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन कलेक्टेट प्रांगण में तहसीलदार को सोपा गया जिसमें अध्यक्ष ने बताया कि विगत 17 सालों से अल्प मान देय पर अतिथि शिक्षक पूरी निष्ठा ईमानदारी एवं कर्तव्य परायणता से शिक्षा का दान कर देश प्रदेश के भविष्य को संवारने का काम करता आ रहा है लेकिन उसकी सेवा के अनुरूप ना तो उसको मानदेय मिलता है ना अन्य सुविधाओं का लाभ जिस प्रकार की रेगुलर शिक्षकों को मिलता है जब अतिथि शिक्षको नियुक्ति होती है तो अध्यापन कार्य के अलावा सारे अन्य विविध शैक्षणिक कार्य पर  अग्रणी भूमिका निभाते आ रहा है शासन हर वर्ष जुलाई अगस्त में विज्ञापन निकलते हैं और अप्रैल तक सत्र समाप्त होने पर उनकी सेवा समाप्त  मान ली जाती है अगले सत्र के लिए उन्हें फिर से आवेदन करना पड़ता है जिस संस्था में गत वर्ष अपनी सेवा लगातार देते आ रहे है शासन की इस विसंगतियां की ओर इंगित करते हुए जिला अध्यक्ष इमरान मलिक ने  बताया कि 2  सितंबर 2023 महापंचायत सम्मेलन को बुलाकर तात्कालिक मुख्यमंत्री के द्वारा की गई घोषणाओं को फिर से याद दिलाते हुए कहा की अपना वादा याद कीजिए जो आपने अपने चुनावी मौसमों के दौरान किया था जब से यह    परंपरा2007-08से चालू हुई है तब से अभी तक अतिथियों का शोषण लगातार होता आ रहा है इस महंगाई के दौर पर इतने अल्प मानदेय पर अतिथि शिक्षक अपनी पूरी निष्ठा समर्पण से अपने कार्य के प्रति सजग अध्यापन कराते आ रहे है और उसका परिणाम आज तक सरकार ने उसके अनुरूप नहीं दिया जिसका वह सही हकदार है जिला अध्यक्ष इमरान मलिक ने बताया गत वर्ष जनजाति कार्य विभाग का आदेश 5 जुलाई को आया था तो संस्था प्रमुख का कहना था की डी पी आई का आदेश जारी हो जाए और इस सत्र डीपी आई का आदेश पहले आया है तो कहा जा रहा है की जनजाति कार्य विभाग का आदेश आ जाने दो फिर आपकी नियुक्ति की जाएगी इस पशोपेस में आदिवासी जिलों में आदिवासी बच्चों का पाठ्यक्रम लगातार पिछड़ते जा रहा है इसका खामियाजा कौन भोगेगा जो इनको सब कुछ कहता है वह उनके बारे में कुछ नहीं सोचते हैं जब बच्चे या पीढ़ी शिक्षित नहीं होंगे तो सवाल कौन पैदा करेगा उनकी मंशा तो ऐसे ही लगती है। कि इनको साक्षर करो शिक्षित नहीं इसी के खिलाफ सैकड़ो अतिथि शिक्षकों अपनी आवाज को  बुलंद कर ज्ञापन सोपा जिसमें जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए अन्यथा समय पर नियुक्ति न होने पर आगामी आंदोलन धरना भी दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी जिला मीडिया प्रभारी वीरेंद्र कुमार गर्ग आनंद कटारिया अमरपुर ब्लॉक अध्यक्ष चंद्र किशोर हरदा निगोरी संकुलअध्यक्ष प्रकाश यादव जिला सचिव हरीश खान प्रियंका गायकवाड निरुपमा नामदेव अदिति सिंगरहा अनुपमा नामदेव अवध मरावी वीरेंद्र मिथलेश अजय गवले शाहपुरा ब्लॉक अध्यक्ष ग्रैंड कुमार दुबे वीरेंद्र कुमार दुबे सहित  सैकड़ो अतिथि शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपा  कर जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर देशभर से 19 आईपीएस अधिकारियों को एलिजिबल, इसमें से 2 अधिकारी एमपी से भी

भोपाल. एमपी पुलिस डिपार्टमेंट में बड़ा बदलाव होने वाला है. भोपाल को जल्द ही नया पुलिस कमिश्नर मिलने वाला है. क्योंकि भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर मिलेगा. बता दें कि पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र सेंट्रल डेपुटेशन के लिए एलिजिबल हो गए हैं. दरअसल, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए देशभर से संयुक्त सचिव स्तर के लिए 6 सीनियर आईपीएस का चयन किया गया है. जिसमें एमपी कैडर से हरिनारायण चारी मिश्र का नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि केंद्र में IPS हरिनारायण चारी मिश्र संयुक्त सचिव या इसके समकक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भोपाल में नए पुलिस कमिश्वर की नियुक्ति होगी. केंद्र सरकार ने देशभर से चुने गए कुल 19 आईपीएस अधिकारियों को संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए संभावित नियुक्तियों की सूची में शामिल किया है। एमपी कैडर के भी 2 अफसरों का नाम इस सूची में शामिल है, जिन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली भेजा जा सकता है। वो नाम हैं भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र और IPS अनुराग। दोनों अधिकारी 2003 बैच के हैं। IPS हरिनारायण चारी मिश्र कौन हैं? भोपाल के मौजूदा पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कई बड़े और साहसिक फैसले लिए हैं। वे मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के रघुनाथपुर गांव से ताल्लुक रखते हैं। हरिनारायण चारी मिश्र के पास कुल 92 लाख रुपए की संपत्ति है, जिसमें एक मकान और एक फ्लैट शामिल हैं। उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक इंदौर में भू-माफिया के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना था।  कौन हैं IPS अनुराग आईपीएस अनुराग मध्यप्रदेश कैडर के 2003 बैच के अधिकारी हैं। अनुराग अभी इंदौर ग्रामीण के पुलिस महानिरीक्षक (IG) हैं, उनके पास करीब 4.65 करोड़ रुपए की संपत्ति है। संपत्ति में चार खेती योग्य जमीनें, तीन प्लॉट और दो फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां इंदौर, भोपाल, पटना, सीहोर और दिल्ली जैसे शहरों में फैली हुई हैं। अनुराग का नाम भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की सूची में प्रमुखता से सामने आया है। भोपाल को मिलेगा नया पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर मिलेगा। माना जा रहा है कि उन्हें संयुक्त सचिव या समकक्ष पद पर केंद्र में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वे इससे पहले इंदौर के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं। साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट और खंडवा में एसपी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इंदौर में वे एसपी मऊ, एसडीओपी, और राज्यपाल के एडीसी भी रहे हैं।

महतारी वंदन योजना की 17वीं किस्त जारी, पात्र महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी राशि चेक कर सकती

रायपुर   छत्तीसगढ़ की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही महतारी वंदन योजना को लेकर नई अपडेट सामने आई है. बता दें कि सीएम साय सरकार ने महतारी वंदन योजना की 17वीं किस्त जारी कर दी है. बताया जा रहा है कि जुलाई महीने में 69.23 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं. जारी हुई महतारी वंदन योजना की किस्त   छत्तीसगढ़ की महिलाएं जो महतारी वंदन योजना की नई किस्त को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रही थीं, उनके लिए बड़ी अपडेट है. बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 17वीं किस्त जारी कर दी है. इस बार 647.66 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि योजना की पात्र महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है. ऐसे में महिलाएं https://mahtarivandan.cgstate.gov.in/beneficiary-application-status इस लिंक पर क्लिक कर अपनी राशि की जानकारी ले सकती हैं. हर महीने 28 तारीख को अपडेट होता है लिस्ट विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, परियोजना अधिकारी और हितग्राहियों के स्वजन की ओर से मृत्यु होने की जानकारी दी जाती है। हर महीने 28 तारीख तक हुए मृत्यु की जानकारी पोर्टल के माध्यम से संकलित करने के बाद सूची से हटाया जाता है। योजना की शरुआत में कुछ महिलाओं ने ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन किया था। इसके अलावा कुछ के आधार कार्ड 10 साल से अधिक पुराने होने के कारण निष्क्रिय थे, जिसकी वजह से नाम हटाए गए हैं। साथ ही कुछ शासकीय सेवा में होने के बाद भी योजना का लाभ ले रही थीं। शिकायत मिलने पर उनके नाम हटाकर राशि वसूली की जा रही है। संदेहास्पद हितग्राहियों को चिन्हांकित कर होल्ड फार इन्क्वायरी में डालकर भुगतान रोका गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से महतारी वंदन योजना की शुरुआत की थी। 70 लाख 12 हजार 417 महिलाओं के खाते में 1000-1000 रुपये की पहली किस्त जारी हुई थी। 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा व परित्यक्ता को प्रतिमाह एक हजार रुपये दी जाती है। आधार कार्ड अपडेट कराने की अपील महिला व बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं से अपील की है कि वे आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई महिलाओं का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। पंजीयन पोर्टल के दोबारा खुलने का इंतजार प्रदेश में अभी भी लाखों महिलाएं योजना से वंचित हैं, जिन्हें पंजीयन पोर्टल का दोबारा खुलने का इंतजार है। ये महिलाएं पहली बार पंजीयन पोर्टल में आवेदन करने से चूक गई थीं। कुछ ऐसी महिलाओं को भी लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो डेढ़ वर्षों में योजना के लिए पात्र हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला बाल व विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पंजीयन पोर्टल को दोबारा खोलने की घोषणा भी कर चुकी हैं। इन महिलाओं को नहीं मिली होगी राशि   बता दें कि वे महिलाएं जिनका नाम योजना में से हटा दिया गया है, उनके पास योजना से जुड़ी सहायता राशि नहीं पहुंची होगी. ऐसी महिलाएं जिनकी मृत्यु हो गई है, फिर भी उनके नाम से पैसे जारी किए जा रहे थे या फिर वे महिलाएं जिन्होंने योजना में दोनों ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन किया है, जिनका आधार कार्ड दस साल पुराना होने की वजह से एक्टिव नहीं था. ऐसी महिलाएं जो सरकारी पद पर होने के बावजूद महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही थीं, इन सभी बहनों के नाम हटाए गए हैं. महतारी वंदन योजना जरूरी अपडेट   बता दें कि महतारी वंदन योजना के जरिए पात्र महिलाओं के खाते में सहायता राशि के तौर पर 1000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं. ऐसे में महिला और बाल विकास विभाग ने हितग्रहियों से अपील की है कि वे अपना आधार कार्ड अपडेट रखें. अपडेटेड आधार न होने से राशि भुगतान में दिक्कत आ सकती है या फिर भुगतान आधार इनएक्टिव होने की वजह से नाम हटाए भी जा सकते हैं. इसके साथ ही वे महिलाएं जो महतारी वंदन योजना में रजिस्ट्रेशन करने से चूक गई हैं या फिर वे जो इन दो सालों में योजना की पात्र बन गई हैं, उनके लिए महतारी वंदन योजना रजिस्ट्रेशन पोर्टल जल्दी खुलने की आशंका है.     

राजा रघुवंशी मर्डर केस में असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया

इंदौर  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने नया दावा किया है। विपिन का कहना है कि जब मेघालय पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, तब उन्हें बताया गया कि सोनम के पास से दो मंगलसूत्र मिले हैं।  हो सकता है जब सोनम राजा की मौत के बाद इंदौर में रुकी थी, तब उसने और राज कुशवाह ने शादी कर ली हो और ये दूसरा मंगलसूत्र उसी का हो सकता है। सोनम और राजा की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 21 मई को हनीमून के लिए असम के गुवाहाटी से होते हुए मेघालय पहुंचे थे। 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंगरियाट गांव से लापता हो गए थे। राजा का क्षत-विक्षत शव 2 जून को वेइसाडोंग फॉल्स के पास एक घाटी में मिला था। सोनम 9 जून को यूपी के गाजीपुर में मिली थी। पुलिस को सौंपे सोनम को दिए गहनों के फोटो विपिन ने बताया कि पुलिस को सोनम के पास से पांच जोड़ी बिछुड़ी और पायजेब भी मिले हैं। ये गहने उनके परिवार ने नहीं दिए थे, यानी ये सोनम के पास पहले से रहे होंगे या किसी और ने दिए होंगे। उन्होंने कहा कि ये सब चीजें पुलिस की जांच में मदद कर सकती हैं। विपिन रघुवंशी ने बताया कि जब पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, तब उन्होंने सोनम को दिए गए सभी गहनों के फोटो पुलिस को दे दिए थे। उन्होंने बताया कि सोनम को रानी हार, छोटा हार, अंगूठी, टीका, चूड़ियां और चेन जैसी ज्वेलरी दी गई थी। राजा की बहन सृष्टि पर असम में FIR इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस में असम पुलिस ने राजा की मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में एक पुराने वीडियो को आधार बनाया गया है। इसमें सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि के तहत की गई है। मामले में कामाख्या मंदिर के पुजारी सरू डोलोई हिमाद्रि का कहना है कि जब भी कामाख्या मंदिर के आसपास कोई हत्या का मामला होता है तो मंदिर में मानव बलि का मुद्दा उठाया जाता है। इस तरह के आरोपों से यहां के लोगों की भावनाएं भी आहत होती हैं। पुजारी का कहना है कि राजा की नरबलि का दावा धार्मिक भावनाएं भड़काने और क्षेत्रीय तनाव पैदा करने वाला है। पुलिस ने राजा की बहन सृष्टि रघुवंशी पर BNS की धारा 196 (2), 299, 302 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, राजा के भाई विपिन ने कहा कि इस मामले में हमें कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, नरबलि की आशंका राजा की मां उमा और भाई विपिन भी जता चुके हैं। सोनम के भाई पर आरोप लगाया, कहा- वह उसे बचा रहा विपिन ने सोनम के भाई गोविंद पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद अब मीडिया में कह रहा है कि वह राखी से पहले जाकर सोनम से मिलेगा। साथ ही वह पुलिस पर भरोसा नहीं जता रहा है। विपिन ने बताया कि शुरुआत में गोविंद ने परिवार से कहा था कि वह राजा को न्याय दिलाएगा और सोनम को फांसी तक पहुंचाएगा। वह राजा के अंतिम कार्यक्रमों में बिना बुलाए आया था, लेकिन अब वह सोनम के लिए वकील करने की तैयारी में है। इसलिए हमें लगता है कि गोविंद ने हमारे साथ धोखा किया और हमारी भावनाओं से खेला है। असम पुलिस ने सृष्टि रघुवंशी पर दर्ज किया केस इधर, असम पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े एक पुराने वीडियो को लेकर उसकी मौसेरी बहन सृष्टि रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस वीडियो में सृष्टि ने दावा किया था कि राजा की हत्या असम में नरबलि के तहत की गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी धार्मिक भावनाएं भड़काने और क्षेत्रीय तनाव पैदा करने वाली है। सृष्टि ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी राजा के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक सृष्टि सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रही थी और मदद की गुहार लगाती रही। इसी दौरान उसने एक वीडियो में नरबलि जैसा बयान दिया, जो अब विवाद में आ गया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद सृष्टि ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि उसने यह बयान भावुक होकर दिया था। उसका उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। परिवार बोला- असम जाकर भी माफी मांगेंगे सृष्टि के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि सृष्टि पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी है। अगर जरूरत पड़ी, तो वे असम जाकर भी अपनी बात स्पष्ट करेंगे।

गुरदीप कौर सुन-देख-बोल नहीं नहीं सकने वाली महिला को मिली सरकारी नौकरी ! इंदौर की गुरदीप ने रचा इतिहास

इंदौर  ‘इंदौर की हेलन केलर' के रूप में मशहूर 34 वर्षीय गुरदीप कौर वासु बोल, सुन और देख नहीं सकतीं, लेकिन ये शारीरिक बाधाएं उन्हें सरकारी सेवा में आने का सपना देखने से नहीं रोक सकीं. गुरदीप का यह सपना सामाजिक, अकादमिक और सरकारी गलियारों से होकर गुजरे उनके लम्बे संघर्ष के बाद आखिरकार पूरा हो गया है. उन्हें प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग में नियुक्ति मिली है. सामाजिक न्याय कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह देश का पहला मामला है, जब बोल, सुन और देख नहीं सकने वाली कोई महिला सरकारी सेवा में आई है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि कक्षा 12 तक पढ़ी गुरदीप को बहुविकलांगता की श्रेणी में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के तौर पर इंदौर में वाणिज्यिक कर विभाग के एक दफ्तर में पदस्थ किया गया है. योग्यता से बनाया मुकाम विभाग की अतिरिक्त आयुक्त सपना पंकज सोलंकी ने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष भर्ती अभियान के तहत गुरदीप का चयन उनकी योग्यता के आधार पर किया गया है. उन्होंने बताया, ‘‘गुरदीप पूरी लगन से काम सीख रही हैं. वह तय समय पर दफ्तर आती-जाती हैं.'' जाहिर है कि सरकारी सेवा में आने के लिए उनका सफर आसान नहीं था. गुरदीप की मां मनजीत कौर वासु ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर भावुक होते हुए कहा,‘‘गुरदीप मेरे परिवार की पहली सदस्य है जो सरकारी नौकरी में आई है. मुझे कल्पना तक नहीं थी कि वह कभी इस मुकाम तक पहुंचेगी. आजकल लोग मुझे मेरे नाम से कम और गुरदीप की मम्मी के नाम से ज्यादा पहचानते हैं.'' उन्होंने बताया कि गुरदीप प्रसूति की तय तारीख से पहले पैदा हुई थीं और जटिल समस्याओं के चलते उन्हें जन्म के बाद करीब दो महीने तक एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती रखा गया था. ऐसा रहा संघर्ष मनजीत ने बताया कि उनकी बेटी पांच महीने की उम्र तक किसी भी बात पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी जिसके बाद उनके परिवार को पता चला कि वह बोल, सुन और देख नहीं सकती. गुरदीप के सरकारी सेवा में आने के बाद दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों में खुशी का माहौल है. सामाजिक न्याय कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र पुरोहित ने कहा, ‘‘यह देश में पहली बार हुआ है, जब बोल, सुन और देख नहीं सकने वाली कोई महिला सरकारी सेवा में आई है. यह समूचे दिव्यांग समुदाय के लिए ऐतिहासिक और प्रेरक पल है.'' उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में अन्य दिव्यांग उम्मीदवारों की तरह अंध-मूक-बधिर लोगों को भी सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन सरकारी तंत्र को इसके अमल के लिए राजी करना बहुत मुश्किल है. पुरोहित ने कहा, ‘‘अलग-अलग तरह की दिव्यांगताओं को चुनौती दे रहे गुरदीप जैसे लोग सब कुछ कर सकते हैं. उन्हें बस एक मौका दिए जाने की जरूरत है.'' सांकेतिक भाषा की जानकार एवं गुरदीप की शिक्षिका मोनिका पुरोहित ने बताया कि गुरदीप सामने वाले व्यक्ति के हाथों और उंगलियों को दबाकर उससे संकेतों की भाषा में संवाद करती हैं जिसे 'टेक्टाइल साइन लैंग्वेज' कहा जाता है. सरकारी नौकरी पाने की खुशी से दमकती 34 वर्षीय गुरदीप ने अपने दोनों हाथ फैलाते हुए संकेतों की जुबान में कहा, ‘‘मैं बहुत ज्यादा खुश हूं.''

मानसून की पहली बारिश ने आम आदमी की जेब पर भारी बोझ डाल दिया, सब्जियों के बढ़े दाम बिगाड़ रहे रसोई का बजट

जबलपुर  मानसून की पहली बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं दूसरी ओर इसने आम आदमी की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण स्थानीय सब्जियों की पैदावार लगभग ठप पड़ गई है या फिर खराब हो चुकी है, जिससे मंडियों में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से आने वाली सब्जियों पर निर्भरता बढ़ने के कारण कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रसोई का बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। टमाटर, भिंडी और करेला हुए महंगे बाजार में सब्जियों की कीमतों में सबसे बड़ा उछाल टमाटर में देखने को मिला है। जो टमाटर पिछले हफ्ते तक 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब वह 40 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके फुटकर दाम में और तेजी आ सकती है। इसी तरह, भिंडी के दामों में भी जबरदस्त उछाल आया है। दो दिन पहले तक जिसे 20 रुपये किलो में कोई पूछने वाला नहीं था, वही भिंडी अब 30 रुपये से 35 रुपये प्रति किलो बिक रही है। करेला भी 45 रुपये से 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर पहुंच गया है, जिससे यह आम आदमी की थाली से दूर होता जा रहा है। लहसुन, अदरक और धनिया के भी दाम बढ़े सब्जियों के साथ-साथ मसालों ने भी उपभोक्ताओं को रुला दिया है। पिछले दो दिनों में लहसुन के दाम में 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह अब 110 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा है। अदरक 45 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है और धनिया के दामों में भी तेजी बनी हुई है। थोक कारोबारियों का अनुमान है कि अगले हफ्ते तक बाजार में सब्जियों की कीमतें और बढ़ने की संभावना है। बाहरी राज्यों से आवक और बढ़ती कीमतें वर्तमान में जबलपुर में टमाटर की अधिकांश आवक कर्नाटक से हो रही है। थोक बाजार में 24 रुपये से 26 रुपये प्रति किलो खुलने के बावजूद, फुटकर बाजार में पहुंचते-पहुंचते टमाटर 35 रुपये से 45 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा है। यह दर्शाता है कि परिवहन लागत और बिचौलियों का मुनाफा भी कीमतों को बढ़ाने में एक बड़ा कारक है। आलू-प्याज भी हुए महंगे स्थिर समझे जाने वाले आलू और प्याज की कीमतों में भी मानसून के कारण 5 रुपये से 10 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है। ये दोनों सब्जियां अभी 20 रुपये से 25 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई हैं, लेकिन थोक कारोबारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में इनके फुटकर भाव में 5 रुपये तक की और तेजी संभावित है। प्रतिदिन कृषि उपज मंडी में लगभग 20 गाड़ी प्याज मैहर और खंडवा से आ रही है, जबकि आलू जी-4 की आवक प्रयागराज से और मिलिट्री आलू की आवक आगरा से लगभग 20 से 22 गाड़ी हो रही है।

बागेश्वर धाम में दुःखद हादसा, टेंट गिरने से 1 श्रद्धालु की मौत, 10 घायल

छतरपुर   छतरपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध बागेश्वर धाम गढ़ा परिसर में गुरुवार सुबह हुए एक दुखद हादसे में टेंट गिरने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई. जबकि 3 से 4 अन्य घायल हो गए. यह घटना सुबह करीब 7 बजे आरती के बाद हुई, जब श्रद्धालु बारिश से बचने के लिए टेंट के नीचे जमा हुए थे. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के अयोध्या निवासी श्यामलाल कौशल के रूप में हुई है. उनके दामाद राजेश कुमार कौशल ने बताया कि श्यामलाल के सिर में टेंट से निकला एक लोहे का एंगल लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. राजेश कुमार कौशल स्वयं और परिवार के अन्य सदस्य सौम्या, पारुल और उन्नति सहित 3 से 4 लोग इस हादसे में घायल हुए हैं. सभी घायलों को छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 1 श्रद्धालु की सिर पर चोट लगने से मौत इस दौरान टेंट को खड़ा करने के लिए लगाए गए एक लोहे के रोड में एक श्रद्धालु की सिर पर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य घायलों को तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन और धाम प्रबंधन समिति ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर पुलिस और एंबुलेंस की टीमें पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया। धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन के लिए सजा था गढ़ा गांव बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम पर चार जुलाई को हजारों की संख्या में देश विदेश के श्रद्धालु जुटेंगे। क्योंकि चार जुलाई को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का जन्मदिन है और चार जुलाई से गुरुपूर्णिमा तक धाम पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। धाम को खूबसूरती के साथ सजाया जा रहा है। पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 1 जुलाई से 3 जुलाई तक बालाजी का दिव्य दरबार लगाएंगे। 4 जुलाई को बागेश्वर महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा और जन्मोत्सव को लेकर देश विदेश के 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। इस आयोजन को लेकर गढ़ा गांव में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंगलवार को ही श्रद्धालु धाम पर पहुंचना शुरू हो गए थे। श्रद्धालुओं को मिलेगा गुरुमंत्रधाम पर 7 और 8 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरुदीक्षा महोत्सव के अंतर्गत हजारों श्रद्धालुओं और शिष्यों को गुरुमंत्र देकर उन्हें दीक्षित करेंगे। बागेश्वर धाम जन सेवा समिति की ओर से दीक्षा आयोजन के प्रभारी चक्रेश सुल्लेरे ने बताया कि लंबे समय से गुरुदीक्षा महोत्सव की तैयारी की जा रही थी। इधर गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है। क्योंकि गढ़ा गांव में भीड़ बढ़ सकती है। अयोध्या से बागेश्वर धाम आए थे राजेश ने बताया कि वे अपने परिवार के 6 सदस्यों के साथ बुधवार रात को ही अयोध्या से बागेश्वर धाम पहुंचे थे. शुक्रवार को धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का जन्मदिन है और वे गुरुवार सुबह उनके दर्शन करने के लिए पहुंचे थे. जिला अस्पताल के डॉ. नरेश त्रिपाठी ने बताया कि मृतक को बागेश्वर धाम से लाया गया था और परिजनों ने टेंट गिरने से हादसा होने की बात कही है. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है. बारिश का पानी शेड में भरा था हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि हम सब मंच के पास खड़े थे, बारिश हो रही थी. ऐसे में हम पानी से बचने के लिए टेंट में आ गए. पानी भरने से टेंट नीचे आ गिरा. इससे भगदड़ मच गई और टेंट के नीचे करीब 20 लोग दब गए. ये हादसा बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन से पहले हुआ, जिसमें एक श्रद्धालु की मौत हो गई और 4 लोग घायल हो गए.  

मुजफ्फरनगर में ‘पंडित जी ढाबा’ मामले में धार्मिक पहचान जांच को लेकर बढ़ा तनाव, पुलिस जांच में जुटी, केस दर्ज

मुजफ्फरनगर  दिल्ली-देहरादून हाईवे पर स्थित ‘पंडित जी शुद्ध वैष्णो भोजनालय’ (ढाबा) पर धार्मिक पहचान के नाम पर कथित अपमानजनक व्यवहार और मारपीट के मामले ने जिले में साम्प्रदायिक तनाव को हवा दे दी है। एक ओर जहां होटल के मैनेजर ने होटल संचालक व अन्य पर बंधक बनाकर मारपीट का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर एक कर्मचारी की पैंट उतरवाकर धार्मिक पहचान जांचने का मामला भी सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। होटल मैनेजर ने दी तहरीर, पांच पर केस दर्ज नई मंडी कोतवाली पुलिस ने होटल मैनेजर धर्मेन्द्र भारद्वाज की तहरीर पर होटल मालकिन दीक्षा शर्मा निवासी भोला झाल (थाना जानी, मेरठ), संचालक सनव्वर निवासी खतौली, उसके दो बेटे जुबेर व आदिल खान तथा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। धर्मेन्द्र ने आरोप लगाया कि स्वामी यशवीर महाराज द्वारा ढाबे पर चेकिंग के बाद जब उन्होंने होटल संचालक के बारे में बताया, तो उनके साथ मारपीट की गई और बंधक बना लिया गया।   छह लोगों को नोटिस न्यू मंडी थाना प्रभारी दिनेश चंद भागल ने बताया कि स्वामी यशवीर महाराज की टीम से जुड़े छह लोगों को तीन दिन के भीतर पूछताछ के लिए थाने में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है. ये लोग जिला प्रशासन की अनुमति के बिना कांवड़ यात्रा मार्ग पर ढाबों के मालिकों की पहचान से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहे थे. उन्होंने कहा, वीडियो में दिखने वाले अन्य लोगों को भी नोटिस भेजे जा सकते हैं. हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार जिन छह लोगों की पहचान की गई है, उनमें सुमित बहरागी, रोहित, विवेक, सुमित, सनी और राकेश. ये सभी बघरा स्थित स्वामी यशवीर के आश्रम से जुड़े हुए हैं.  पंडित जी वैष्णो ढाबे के एक कर्मचारियों ने तो स्वामी यशवीर जी महाराज की टीम पर पहचान के नाम पर जबरन पेंट उतारने की कोशिश का आरोप भी लगाया था. हालांकि इस आरोप को यशवीर महाराज के द्वारा एक सिरे से नकार दिया गया था धर्मेंद्र के साथ मारपीट का आरोप  इसी बीच पुलिस ने एक अन्य मामले में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें पंडित जी वैष्णो ढाबा के संचालक सनव्वर , उसका बेटा आदिल, जुबैर और दो अन्य लोगों के खिलाफ उनके पूर्व मैनेजर धर्मेंद्र के साथ मारपीट करने का आरोप है. एफआईआर धर्मेंद्र की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने इस बात का खुलासा किया था कि हिंदू नाम वाले इस ढाबे को एक मुस्लिम चला रहा है, इसी वजह से उन पर हमला किया गया. रविवार को हुआ था बवाल  स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वामी यशवीर ने रविवार को कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों के मालिकों की पहचान जांचने का अभियान शुरू किया था. उनका दावा था कि यह तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है. पिछले साल सितंबर में उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया था कि यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों को मालिक, संचालक और प्रबंधक का नाम और पता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा. अब उत्तराखंड सरकार ने भी इस वर्ष कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों को अपने खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का आदेश दिया है, जिस पर एक बार फिर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने हैं. सपा ने उठाया सवाल, भाजपा ने दिया जवाब  मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने बुधवार को उत्तराखंड में कांवड़ मार्ग पर ढाबा मालिकों की कथित धार्मिक जांच की निंदा करते हुए इसे आतंकवाद का एक रूप बताया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में लोगों को उनकी धार्मिक पहचान साबित करने के लिए मजबूर करते हुए देखा गया है. हसन ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य सरकार इन कृत्यों को चुपचाप समर्थन दे रही है. भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में यह व्यवहार शर्मनाक है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए. इसका जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, जहां तक हसन के बयान का सवाल है, मैं पूछना चाहता हूं कि वे ऐसे लोगों के साथ क्यों खड़े होना चाहते हैं जो अपने नाम छिपाते हैं? वे अपना एंटी-मोदी चश्मा उतारें, तभी उन्हें देश की सही तस्वीर नजर आएगी. ओवैसी ने भी उठाए सवाल  AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले पर सवाल उठाया कि मुजफ्फरनगर बाइपास के पास कई होटल सालों से चल रहे हैं. क्या कांवड़ यात्रा अभी शुरू हुई है? ये तो पहले भी शांतिपूर्वक निकलती रही है. अब अचानक यह सब क्यों हो रहा है? अब होटल मालिकों से आधार कार्ड मांगा जा रहा है, दुकानदारों से पैंट उतारने को कहा जा रहा है.ओवैसी ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, पुलिस का काम है उन लोगों को गिरफ्तार करना जो दुकानदारों को परेशान कर रहे हैं. मगर यहां तो खुद प्रशासन ही तमाशा बना रहा है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. कोई कैसे किसी होटल में घुसकर मालिक से उसका धर्म पूछ सकता है? यह सरासर गलत है. सरकार इस पर चुप क्यों है? ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा कई तरह के निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन विपक्ष लगातार इन निर्देशों को लेकर राज्य सरकार पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहा है.

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से रीता बनाफर ने पर्यावरण संरक्षण में दिया योगदान, बिजली बिल में भी मिली राहत

रायपुर : पीएम सूर्य घर योजना से मिल रही बिजली बिल में छुटकारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना घरेलू उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर रायपुर  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह योजना न केवल हरित ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि नागरिकों को आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रही है। योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे न केवल बिजली बिल शून्य हो रहा है, बल्कि अतिरिक्त बिजली के माध्यम से आमदनी भी प्राप्त हो रही है। कोंडागांव के हास्पिटल वार्ड निवासी अशोक स्वर्णकार ने भी अपने घर की छत पर सौर पैनल लगाकर इस योजना का लाभ लिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें स्थानीय बिजली कार्यालय से प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिली और वहीं से योजनांतर्गत पोर्टल पर पंजीयन भी कराया गया। उनके घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया, जिसे अधिकृत वेंडर द्वारा लगाया गया। प्लांट स्थापना के दो माह बाद उन्हें 78 हजार रूपए की सब्सिडी भी प्राप्त हुई। पूर्व में स्वर्णकार का मासिक बिजली बिल दो हजार से ढाई हजार रूपए तक आता था, लेकिन अब यह पूरी तरह शून्य हो गया है, जिससे उनके मासिक खर्च में राहत मिली है। उन्होंने बताया कि सौर पैनल से प्रतिदिन 15 से 20 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उत्पन्न अतिरिक्त बिजली ग्रिड में आपूर्ति होकर आय का स्रोत भी बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य की ऊर्जा के इस सदुपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और यह पर्यावरण संरक्षण में सहायक है। स्वर्णकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए अन्य नागरिकों से भी अपने घरों में सोलर प्लांट लगाने की अपील की। उल्लेखनीय है कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा घर के छतों में सौर पैनल स्थापना के लिए हितग्राहियों को प्लांट की क्षमता के आधार पर सब्सिडी दी जा रही है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार 01 किलोवॉट के लिए लगभग 65 हजार रूपए की लागत पर केंद्र  सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। 02 किलोवाट के लिए 01 लाख 30 हजार रूपए की लागत पर केन्द्र सरकार के द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए की सब्सिडी मिल रही है इसी तरह 03 किलोवाट से अधिक की सोलर संयंत्र के लिए 01 लाख 95 हजार की लागत पर 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार की सब्सिडी दी जाएगी। इसमें हितग्राही का अंशदान 10 प्रतिशत रहेगा और शेष राशि के लिए बैंकों द्वारा 07 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाने के लिए जिले के विद्युत उपभोक्ता वेब पोर्टल चउेनतलंहींतण्हवअण्पद  या पीएम सूर्य घर मोबाइल एप में पंजीयन करा सकते हैं । रायपुर : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 24 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना घर हुए रोशन, बिजली बिल से मिली निजात – हितग्राही श्री परमानंद प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अब बिजली बिल में कमी आ रही है वहीं दूसरी ओर अब लोगों को 24 घंटे निर्बाध रूप बिजली की आपूर्ति हो रही है। महासमुंद जिले के रमनटोला निवासी श्री परमानंद साहू जो कि एक ठेकेदार एवं सप्लायर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर पैनल सिस्टम आज से तीन माह पूर्व स्थापित कराया है। उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम स्थापित किए जाने के बाद बारहों महीने बिजली की आपूर्ति होगी। आंधी-तूफान या अन्य मौसमी आपदा में भी उन्हें बिजली मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि अब उनका बिजली बिल शून्य ही नहीं बल्कि माइनस हो गया है, और उन्हें क्रेडिट यूनिट का भी लाभ मिल रहा है।  उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना“ आम नागरिकों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य देश के आवासीय परिवारों को अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके अंतर्गत 3-5 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर केंद्र सरकार द्वारा 78,000 रुपए तथा राज्य सरकार द्वारा 30,000 रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस पहल से न केवल आम जनता को आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है। महासमुंद जिले के अनेक नागरिक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं और अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। श्री साहू ने कहा कि यह योजना वास्तव में आम जनता के लिए लाभकारी पहल है। इससे न केवल बिजली खर्च से राहत मिली है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है। हर परिवार को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। इस योजना से नागरिकों को फायदा ही फायदा है। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले में 10-12 घरों में सौर ऊर्जा से उनके घर रोशन हो रहे हैं। जिले में 142 हितग्राहियों छत पर सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। जिससे उनके घर रोशन हो रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इस योजना का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं लोगों को योजना का लाभ उठाने प्रेरित कर रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से रीता बनाफर ने पर्यावरण संरक्षण में दिया योगदान, बिजली बिल में भी मिली राहत प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से रीता के बिजली बिल में कमी आई है।दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा में रहने वाली रीता बनाफर हमेशा से पर्यावरण के प्रति जागरूक रही हैं। उन्हें प्रकृति से गहरा लगाव है और वे अपने स्तर पर इसे संरक्षित करने के लिए प्रयासरत रहती हैं।  रीता का कहना है कि हर व्यक्ति को ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों का उपयोग कर पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान देना चाहिए। वह लंबे समय से अपने घर के लिए सौर ऊर्जा समाधान की तलाश में थीं, लेकिन शुरुआती लागत उनके लिए एक चुनौती थी। तभी … Read more