samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: भगवान बिरसा मुंडा जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में भव्यता से मनाएँ

भगवान बिरसा मुंडा जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में भव्यता से मनाएँ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक से 15 नवम्बर तक हों विभिन्न विकासात्मक गतिविधियाँ  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के समापन कार्यक्रमों के संबंध में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वें जयंती वर्ष के समापन अवसर पर आगामी 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस भव्यता से मनाया जाए। साथ ही एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक ग्राम पंचायतों से राजधानी स्तर तक विभिन्न गतिविधियों का संचालन हो। स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थाओं में गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में सक्रिय रहे जनजातीय नायकों पर केन्द्रित प्रदर्शनियां लगाई जाएं। स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समुदाय के योगदान पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, निबंध, भाषण, क्विज और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय गौरव दिवस के संबंध में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सोमवार को आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन, हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोक कलाओं पर केन्द्रित गतिविधियों का भी आयोजन किया जाए। जनजाति बहुल क्षेत्रों में इस अवधि में लगने वाले मेलों में स्वतंत्रता सेनानियों से संबंधित विषय-वस्तु का प्रदर्शन किया जाए। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के समापन अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में शासकीय कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास गतिविधियों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए भी गतिविधियां हों।     बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की गतिविधियों के लिए युवा चिंतन शिविर का मध्यप्रदेश में होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गायत्री परिवार, समाज-संस्कृति-संस्कारों को पुष्पित-पल्लवित कर ऊर्जा का संचार कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की गतिविधियों के लिए युवा चिंतन शिविर का मध्यप्रदेश में होना गर्व का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के शिविर के शुभारंभ-सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। जिस प्रकार हृदय, शरीर के रक्त को शुद्ध कर हमारी आयु बढ़ाता है, उसी प्रकार गायत्री परिवार समाज-संस्कृति-संस्कारों को पुष्पित-पल्लवित कर नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। प्रांतीय युवा चिंतन शिविर के माध्यम से आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की यह गतिविधियां देश के दिल में बसे मध्यप्रदेश से संचालित हो रही हैं। हम सबको इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी तो वर्ष 1947 में मिल गई थी लेकिन वैचारिक रूप से युवाओं को दृष्टि प्रदान करने के लिए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ का यह शताब्दी वर्ष है। पंडित मदन मोहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों ने भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए दृष्टि प्रदान कर योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शारदा विहार विद्यालय में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के तीन दिवसीय प्रांतीय युवा चिंतन शिविर के शुभारंभ-सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य सरकार ने भगवान राम और कृष्ण के जीवन प्रसंगों को पाठ्यक्रमों में किया शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में भारतीय संस्कृति के सामने चुनौतियां हैं। परंतु भारत और विश्व में गायत्री परिवार की अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित है। गायत्री परिवार, सर्वे भवंतु सुखिन: की सनातन भावना का पालन करते हुए मानवता की सेवा को ही अपना धर्म मानकर कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, नारी उत्थान, पर्यावरण, ग्राम विकास और नशा मुक्ति के क्षेत्र में गतिविधियों के माध्यम से धर्म सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। इसमें सनातन को समृद्ध करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले अध्याय जोड़े गए हैं। राज्य सरकार ने भगवान कृष्ण और राम के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया है। हर्ष का विषय है कि गायत्री परिवार ने भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक विषमता को दूर करने की दिशा में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गायत्री परिवार ने संस्कारों की पद्धति को सरल और ग्राह्य बनाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गायत्री परिवार ने विवाह सहित सभी संस्कारों की पद्धति को सरल और ग्राह्य भाषा में कराने की प्रक्रिया आरंभ की, जिससे जनसामान्य को संस्कारों का महत्व और उनमें निहित भावना समझने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा वैदिक पद्धति से काल गणना के लिए वैदिक घड़ी तैयार की गई है। इसी क्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्य जारी है। हम बदलेंगे-युग बदलेंगे की भावना गायत्री परिवार का आधार गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार कोई संस्था नहीं बल्कि एक जीवन दर्शन है। यह एक विचार धारा है। पंडित राम शर्मा आचार्य ने गायत्री मंत्र को केवल जप नहीं बल्कि जीवन की दिशा बनाया। उन्होंने सिखाया कि युग परिवर्तन का आरंभ व्यक्ति के भीतर से होता है। उन्होंने 'हम बदलेंगे युग बदलेगा' की सीख देते हुए बतायाकि जब मनुष्य स्वयं सुधरता है तो परिवार सुधरता है। परिवार सुधरता है तो समाज बदलता है और समाज बदलता है तो राष्ट्र बदलता है। यही गायत्री परिवार के विचार का आधार है। माताजी भगवती देवी शर्मा ने इस विचार को मातृत्व का स्वर दिया और सेवा को साधना बना दिया। डॉ. पंड्या ने बताया आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों पर आधारित विकसित भारत-2050 का खाका तैयार करना इस शिविर का उद्देश्य हैं। स्वस्थ युवा-सशक्त राष्ट्र, शालीन युवा-श्रेष्ठ राष्ट्र, स्वावलम्बी युवा-संपन्न राष्ट्र और सेवाभावी युवा-सुखी राष्ट्र इस आयोजन के लक्ष्य हैं। प्रांतीय चिंतन शिविर में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमारिया सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य और युवा उपस्थित थे।  

CM योगी का बड़ा फैसला: लखीमपुर के मुस्तफाबाद का नाम बदलेगा

मुस्तफाबाद  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार जिले के मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर 'कबीरधाम' करने का प्रस्ताव लाएगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव से संत कबीर से जुड़ी इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान फिर से बहाल होगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नाम बदलना उनकी सरकार के पिछले फैसलों के मुताबिक है, जिसमें पुराने शासकों द्वारा बदले गए जगहों के नाम "फिर से बहाल" किए गए थे.  "स्मृति महोत्सव मेला 2025" के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार अब "कब्रिस्तान की चारदीवारी बनाने" के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली जगहों को फिर से बनाने पर खर्च कर रही है.  मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि गांव का नाम मुस्तफाबाद रखा गया, जबकि वहां कोई मुस्लिम आबादी नहीं है. उन्होंने जनसभा में आए लोगों से कहा, "जब मैंने इस गांव के बारे में पूछा, तो मुझे बताया गया कि इसका नाम मुस्तफाबाद है. मैंने पूछा कि यहां कितने मुसलमान रहते हैं, और मुझे बताया गया कि कोई नहीं है. फिर मैंने कहा कि नाम बदल देना चाहिए. इसे कबीरधाम कहा जाना चाहिए." जल्द प्रपोजल लाए सरकार मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि उनकी सरकार नाम बदलने के लिए एक फॉर्मल प्रपोजल मांगेगी और ज़रूरी एडमिनिस्ट्रेटिव कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, "हम प्रपोजल लाएंगे और इसे आगे बढ़ाएंगे. यह संत कबीर की विरासत से जुड़ी जगह का सम्मान वापस दिलाने के बारे में है." योगी आदित्यनाथ ने इसकी तुलना हाल के सालों में अपनी सरकार द्वारा किए गए नाम बदलने के कामों से की. उन्होंने कहा, "पहले राज करने वालों ने अयोध्या का नाम बदलकर फैजाबाद, प्रयागराज का नाम बदलकर इलाहाबाद और कबीरधाम का नाम बदलकर मुस्तफाबाद कर दिया था. हमारी सरकार इसे उलट रही है- अयोध्या को फिर से बसा रही है, प्रयागराज को फिर से बसा रही है, और अब कबीरधाम को उसके सही नाम पर फिर से बसा रही है." मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी की "डबल-इंजन सरकार" राज्य भर में सभी धार्मिक जगहों को डेवलप करने और सुंदर बनाने के लिए कमिटेड है.  सीएम बोले- हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए उन्होंने कहा, "हमने कहा है कि हर तीर्थस्थल को सुंदर बनाया जाना चाहिए. भक्तों के लिए रेस्ट हाउस और शेल्टर जैसी सुविधाएं बनाई जानी चाहिए, और टूरिज्म और कल्चर डिपार्टमेंट के ज़रिए, हम आस्था की हर बड़ी जगह को फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. चाहे वह काशी हो, अयोध्या हो, कुशीनगर हो, नैमिषारण्य हो, मथुरा-वृंदावन हो, बरसाना हो, गोकुल हो या गोवर्धन हो." मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले के मुकाबले अब सरकारी पैसे कल्चरल और धार्मिक सुधार प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "पहले, यह पैसा 'कब्रिस्तान' की चारदीवारी बनाने में जाता था. अब इसका इस्तेमाल हमारी आस्था और विरासत के सेंटर्स को डेवलप करने में किया जा रहा है." योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी कोशिशें कल्चरल गर्व और निरंतरता की भावना दिखाती हैं.  उन्होंने आगे कहा, "यह अपनेपन की भावना है, हमारी सभ्यता की पहचान को फिर से ज़िंदा करना है. सरकार उन जगहों की शान को वापस लाने के लिए काम करती रहेगी जो भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को दिखाती हैं."

पुरस्कार विजेता भैंसे ‘युवराज’ का निधन, देहाती मेले का था सितारा

कुरुक्षेत्र हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के कर्मवीर सिंह के फेमस भैंसे ‘युवराज’ का आज निधन हो गया। ये भैंसा मुर्रा नस्ल का था। इस भैंसे ने अपने जीवनकाल में पशु मेलों में असंख्य पुरस्कार जीते थे। यही नहीं, जहां भी युवराज जाता, उसे देखने के लिए लोगों का तांता लग जाता था। भैंसे ‘युवराज’ का राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र के परिसर में आदमकद स्टैच्यू भी मौजूद है। बता दें भैंसा युवराज लगभग 1500 किलो वजन, 9 फीट लंबा और 6 फीट ऊंचा था। अपने सीमन से उसने करीब 2 लाख कटड़े और कटड़ी पैदा किए। वहीं, इस भैंसे की सालाना कमाई लगभग 80 लाख रुपए बताई जाती थी। कई बार इसे खरीदने के प्रस्ताव आए, लेकिन मालिक कर्मवीर सिंह ने हमेशा इनकार किया।  कर्मवीर सिंह के अनुसार, मुर्रा नस्ल के इस झोटा पर हर महीने करीब 1 लाख रुपये का खर्च आता था। युवराज को रोजाना 20 लीटर दूध, 10 किलो फल, 10 किलो दाना, 6 किलो मटर और हरा चारा खिलाया जाता था। शाम को इसे 6 किलोमीटर की सैर कराई जाती थी और रोजाना तेल से मालिश की जाती थी, ताकि उसका शरीर चमकदार और मजबूत बना रहे।

पंचायत समिति चेयरमैन पर कुर्सी चोरी का गंभीर आरोप, CCTV फुटेज में ठेकेदार संग करते दिखे उपाध्यक्ष ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई

महेंद्रगढ़  नारनौल में पंचायत समिति के चेयरमैन पर उसके कार्यालय से उपाध्यक्ष की कुर्सी चोरी करने के आरोप लगाने का मामला सामने आया है। उधर चेयरमैन ने आरोपों को गलत बताया है, उनका कहना है कि वे कुर्सी को रिपेयर के लिए ले गए थे। अब यह मामला पुलिस तक पहुंच गया है, जिसकी पंचायत समिति की उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस शिकायत में पूनम ने बताया कि बीते 24 अक्तूबर को उनके पति प्रवीण कुमार खंड कार्यालय नारनौल में अपने किसी कार्य के लिए गए थे। उनके पति ने उसे बताया कि एक बड़ी कुर्सी जो उपाध्यक्ष की है, वह गायब है।  उसने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। इस दौरान उनके पति ने सीसीटीवी कैमरा देखा तो पता चला कि उक्त कुर्सी चेयरमैन पंकज यादव व जोनी ठेकेदार अपनी गाड़ी में लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में दी गई शिकायत में लिखा है कि चेयरमैन पंकज यादव व अशोक कुमार उर्फ जोनी ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। इस बारे में चेयरमैन पंकज यादव ने बताया कि उन्होंने कुर्सी चोरी नहीं की है और कुर्सी टूट गई थी। इसकी गद्दी खराब होने के कारण इसको वे रिपेयर के लिए लेकर गए हैं। रिपेयर का काम हो जाने के बाद इस कुर्सी को वे वापस कार्यालय में ले आएंगे। कर्मचारियों को नहीं जानकारी जिसके बाद उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब मेरे पति ने सीसीटीवी देखा तो पता चला कि उक्त कुर्सी चेयरमैन पंकज यादव और जोनी ठेकेदार अपनी गाड़ी में उठाकर ले गए। पंचायत की संपत्ति पंचायत समिति के कार्यालय की कोई भी वस्तु किसी व्यक्ति विशष की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। इस प्रकार का कार्य पंचायत समिति और सरकार की संपत्ति का नुकसान है। इस प्रकार का कार्य चोरी की श्रेणी में आता है। मामला दर्ज करने की मांग पंचायत समिति की उपाध्यक्ष पूनम ने पुलिस में दी गई शिकायत में लिखा है कि आप चेयरमैन पंकज यादव और अशोक कुमार उर्फ जोनी ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। चेयरमैन बोले- रिपेयर के लिए लेकर गए कुर्सी इस बारे में चेयरमैन पंकज यादव ने बताया कि उन्होंने कुर्सी नहीं चुराई है। यह कार्यालय की कुर्सी थी, जो टूट गई थी। इसकी गद्दी खराब होने के कारण इसको वे रिपेयर के लिए लेकर गए हैं। रिपेयर का काम हो जाने के बाद इस कुर्सी को वे वापस कार्यालय में ले आएंगे।

मनोहर लाल खट्टर का आगाह: हर देश के नियमों का पालन करें, अवैध रास्ते से विदेश न जाएं

रोहतक  केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अमेरिका से डिपोर्ट में हुए हरियाणा के 50 लोगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा विधानसभा चुनाव के दौरान मैंने युवाओं से अपील की थी कि डंकी रूट से विदेश ना जाएं। हमारी सरकार युवाओं को विदेश में भेजने के लिए प्लेस्टमेंट करवाती है। विधिवत तरीके से विदेश में जाएं। हर देश अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा भारत ने भी अवैध रूप से  यहां रह रहे बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया था।  बता दें कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 50 हरियाणवियों को भारत निर्वासित किया गया है। इनमें सबसे अधिक करनाल के 16 व कैथल के 14 युवक हैं। इनके अलावा कुरुक्षेत्र व अंबाला के पांच-पांच, यमुनानगर के चार, जींद के तीन, रोहतक व पानीपत का एक-एक युवक शामिल है।  अमेरिका के एक विशेष विमान में ये सभी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उतरे। सूचना पाकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची हरियाणा की स्थानीय पुलिस को उनके-उनके जिले के निवासी लोगों को सौंपा गया। पहले भी 604 लोग हो चुके हैं डिपोर्ट इसी साल जनवरी से लेकर जुलाई तक हरियाणा के 604 युवाओं को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार तीन नवंबर को एक और जत्थे के आने की संभावना है। उसमें आने वाले हरियाणा के लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन पुलिस कर रही है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध प्रवासियों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। वीजा के नियमों को भी सख्त किया गया है। 

चौधरी बीरेंद्र सिंह की तीसरी पीढ़ी की राजनीति में एंट्री, पोती कुदरत ने हिसार में पिता की सद्भावना यात्रा में लिया हिस्सा

हिसार हरियाणा के कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह की तीसरी पीढ़ी को राजनीति में लॉन्च करने की तैयारी है। बीरेंद्र सिंह की 24 वर्षीय पोती कुदरत पिता पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा में हिसार के उकलाना में शामिल हुईं।  कुदरत ने कहा-" मैं अपने पिता को सपोर्ट करने के लिए सद्भावना यात्रा में शामिल हुई। मेरा और छोटे भाई समरवीर (19) का फोकस अभी सिर्फ पढ़ाई पर है।" राजनीति में आने के सवाल पर हंसते हुए कुदरत ने कहा- मैं समय-समय पर अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए उचाना और हिसार में आती रही हूं। विधानसभा चुनाव में उचाना में पापा के लिए प्रचार किया। इससे पहले हिसार लोकसभा चुनाव में प्रचार करने आई। कुदरत के दादा बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और करीब 5 दशक से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। बीरेंद्र के पिता नेकी राम भी संयुक्त पंजाब में नरवाना से विधायक बनकर प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री रहे। उनसे पहले बीरेंद्र के नाना छोटू राम ने तो अंग्रेजों के जमाने में साल 1920 में जमींदारा लीग बनाई थी। पिता बृजेंद्र सिंह हिसार से रह चुके सांसद बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह 2019 में भाजपा के टिकट पर हिसार से सांसद बने थे। हिसार से रिकॉर्ड वोटों से वह जीते, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव आते-आते उनका भाजपा से मोह भंग हो गया। किसान आंदोलन, अग्निवीर और महिला पहलवानों के यौन शोषण जैसे मुद्दों पर उनकी भाजपा से ठन गई। अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदल लिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस से उनको लोकसभा का टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद अक्टूबर 2024 में परिवार की पसंदीदा सीट उचाना कलां से कांग्रेस का टिकट मिला। हालांकि भाजपा के देवेंद्र अत्री से सिर्फ 32 वोट से हार गए। उन्होंने बैलेट वोटों की दोबारा गिनती के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई हुई है। बीरेंद्र सिंह और पत्नी प्रेमलता पहली बार उचाना से ही लड़े उचाना विधानसभा सीट की हरियाणा की राजनीति में अलग ही पहचान है। यहां से चुने विधायकों ने हरियाणा की राजनीति को प्रभावित किया है। बृजेंद्र सिंह अब हरियाणा की राजनीति में बड़ा रोल अदा करना चाहते हैं। चौधरी बीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रेमलता विधानसभा का पहला चुनाव यहीं से लड़े और राजनीति में मुकाम हासिल किया। बीरेंद्र सिंह 5 बार उचाना से जीतकर हरियाणा विधानसभा में विधायक बने (1977-82, 1982-84, 1991-96, 1996-2000 और 2005-09) और 3 बार हरियाणा में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने 3 बार सांसद का चुनाव जीता। बीरेंद्र सिंह ने अपना पहला चुनाव 1972 में लड़ा और 1972 से 1977 तक वे ब्लॉक समिति उचाना के चेयरमैन रहे। उन्होंने 1977 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर उचाना कलां निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा और देश में कांग्रेस विरोधी लहर के बावजूद, एक बड़े अंतर से सीट जीती। वहीं पत्नी प्रेमलता ने बीजेपी से 2014 में चुनाव लड़ा और दुष्यंत चौटाला को हराकर विधायक बनीं। हरियाणा में सद्भावना यात्रा निकाल रहे बृजेंद्र सिंह पूर्व IAS अफसर बृजेंद्र सिंह सद्भावना यात्रा के माध्यम से खुद को हरियाणा की राजनीति में स्थापित करने की कोशिश में जुटे हैं। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पिछले दिनों अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओवरसीज विभाग का सह संयोजक बनाया। बृजेंद्र सिंह हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष पद के दावेदार भी थे। हिसार से सांसद रह चुके बृजेंद्र सिंह खुद को प्रदेशस्तरीय नेता के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ अपने माता-पिता के समर्थकों को भी लामबंद करना चाहते हैं। 6 महीनों में सभी 90 हलकों में जाने का कार्यक्रम है। अब तक 10 हलके कवर किए हैं। आपस में रिश्ते में भाई होने के बावजूद चौधरी बीरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा में हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से बृजेंद्र सिंह की कोशिश अफसर की छवि से बाहर निकलकर जमीनी नेता दिखाने की है।

सीएम मान ने राष्ट्रपति से भेंट, 350वें शहीदी पर्व में शामिल होने का न्योता दिया; पीएम मोदी को भी आमंत्रित करेंगे

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आज दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सीएम ने उन्हें श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व समागम में शामिल होने का न्योता दिया। सीएम ने कहा कि हमने राष्ट्रपति को कहा कि 18 नवंबर से 25 नवंबर तक कोई भी दिन तय हो सकता है।  वैसे तो वह काफी धार्मिक ख्यालों की हैं। उन्हें इस बारे में पता है। इससे पहले जब वह पंजाब में आई थीं, उस समय उन्होंने लगभग दो घंटे दरबार साहिब में बिताए थे, जिसमें लंगर ग्रहण किया था और कीर्तन सुना था। पूरे देश के राज्यों के सीएम और पूरी दुनिया में बसते पंजाबी को खुला न्योता दिया गया है। सभी देशों के एंबेसडर को बुलाया जा रहा है। 23 नवंबर से 25 नवंबर तक मुख्य समागम होंगे। हमें अपना विरसा और पूर्वजों की शहादत को याद रखना चाहिए। कुर्बानियां देकर हमें ये रुतबे मिले हैं। गुरु तेग बहादुर के परिवार ने सबसे बड़ी शहादत दी। पोते तक शहादत है। इसकी हिस्ट्री में कहीं भी मिसाल नहीं मिलती है। उनके साथ चीफ सेक्रेटरी व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। दिल्ली से हुआ कार्यक्रमों का आगाज इन कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब में अरदास के साथ की गई। इसके बाद पंजाब के सभी जिलों में गुरु साहिब के जीवन और उपदेशों को दर्शाने वाले “लाइट एंड साउंड शो”, कीर्तन दरबार और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। गुरु साहिब के चरणों से जुड़े 130 पवित्र स्थलों पर भी कीर्तन दरबार आयोजित किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर से आएगा नगर कीर्तन उन्होंने बताया कि श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर), गुरदासपुर, फरीदकोट और तख्त श्री दमदमा साहिब (पंजाब) से चार नगर कीर्तन प्रारंभ होंगे, जो 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे। टेंट सिटी और विधानसभा सत्र 23 से 25 नवंबर तक होने वाले मुख्य समारोहों में श्री अखंड पाठ साहिब, सर्व धर्म सम्मेलन, पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र और भव्य कीर्तन दरबार शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में “चक्क नानकी” नामक विशाल टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है।

संगरूर की युवती कनाडा में मारी गई, जल्द मिलने वाली थी PR यानी स्थायी नागरिकता

संगरूर बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर कनाडा गई संगरूर शहर की प्रेम बस्ती की 27 वर्षीय अमनप्रीत कौर सैनी की कनाडा के टोरंटो में हत्या कर दी गई। जैसे ही यह दुखद खबर उसके स्वजनों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि कुछ ही दिन में अमनप्रीत को कनाडा की स्थायी नागरिकता (पीआर) मिलने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही यह घटना हो हो गई। अमनप्रीत के पिता इंद्रजीत सिंह सैनी ने बताया कि उनकी बेटी वर्ष 2021 में पढ़ाई के लिए कनाडा गई थी। उसकी बड़ी बेटी पहले से ही वहां रह रही थी। पढ़ाई के साथ-साथ अमनप्रीत नौकरी भी करने लगी थी व इस समय वह किसी अस्पताल में काम कर रही थी। 20 अक्टूबर को अमनप्रीत का घर पर आखिरी फोन आया था। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। अमनप्रीत के कत्ल के बाद उसकी बड़ी बहन को कनाडा पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई है। सरपंच के पिता पर कुल्हाड़ी से हमला, सांसें चलती देख चाकू से किए वार थाना शंभू इलाके के अंतर्गत गांव राजगढ़ के सरपंच के पिता पर गांव के 26 वर्षीय नशे की हालत में युवक ने कुल्हाड़ी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले के बाद सांसें चलती देख आरोपित ने चाकू से वार करने शुरू कर दिए और सात से आठ जगह वार किए। हमला 25 अक्टूबर को शाम करीब सात बजे हुआ था, जिसके बाद आरोपित फरार हो गया। हमले में घायल व्यक्ति की पहचान 50 वर्षीय भूला राम के रूप में हुई है। घटना के समय भूला राम की बहू संजना भी साथ में थी। पुलिस ने अजय कुमार निवासी राजगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।

ब्लास्ट प्लान फेल: पाकिस्तान से चंडीगढ़ भेजा गया 2.5 किलो RDX, दिवाली पर था धमाका तय

चंडीगढ़ बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकवादी मनप्रीत सिंह उर्फ टिड्डी ने ज्वाइंट इंटेरोगेशन में बताया कि पकड़े गए आरडीक्स को चंडीगढ़ पहुंचाना था और दिवाली पर ब्लास्ट को अंजाम देना था। इसके निर्देश यूके और आर्मेनिया में बैठे आतंकियों से मिलने थे। सुरक्षा एजेंसियों ने दिवाली को देखते हुए सतर्कता काफी बढ़ा दी थी जिस वजह से टिड्डी ने आरडीएक्स को छिपाकर रख दिया था। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती की वजह से आतंकी इस विस्फोटक को समय पर निकाल नहीं पाए।  इस साजिश को पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई के माध्यम से विदेशी आतंकियों के जरिये अंजाम दिया जाना था जिसे स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने विफल कर दिया। गौरतलब है कि आरडीएक्स, आईईडी और पिस्तौल को पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से अजनाला के पास फेंका गया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। टिड्डी ने चंडीगढ़ में पहुंचाना था आरडीएक्स पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों आइईडी मनप्रीत सिंह उर्फ टिड्डी ने चंडीगढ़ पहुंचानी थीं। आगे किसे डिलीवरी देनी थी, इसके बारे में अभी पता नहीं चला है। विस्फोटक की डिलीवरी लेने वाले आतंकी का नाम उसे मौके पर ही विदेश में बैठे आतंकियों से पता चलना था। मनप्रीत सिंह के मोबाइल की भी जांच की जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को पता चका है कि आरोपी आतंकी संगठन बीकेआई के हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के साथ सीधे बात करता था। दोनों आइईडी उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर दी गई थीं। डेढ़ साल जेल में रहा टिड्डी  मनप्रीत सिंह ने यह भी खुलासा किया है कि उसके यूएस, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में मौजूद कई गैंगस्टरों से सीधे संपर्क थे जिनमें अगवान, निशान जोड़ियां, राजा हरूवाल, साजन मसीह प्रमुख हैं। टिड्डी के खिलाफ गुरदासपुर में असलहा एक्ट के आरोप में दो केस दर्ज हैं। डेढ़ साल तक वह जेल में रह चुका है और वहीं से उसके संबंध बीकेआई के आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा से बने। रिंदा ने ही उसे उक्त गैंगस्टरों से मोबाइल के जरिए संपर्क करवाया था।