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बाहरी इलाज के बहाने मरीज को बहाने वाला दलाल सिम्स में धराया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती मरीज और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर अन्य निजी अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाने वाले दलाल सक्रिय है. इस कड़ी में सिम्स के सुरक्षा कर्मियों ने मरीज और उसके परिजनों से बात करते हुए एक संदिग्ध शख्स को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया है. दरअसल, पिछले कुछ समय से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ निजी अस्पतालों से जुड़े दलाल संस्थान परिसर में आकर मरीजों को बहला-फुसलाकर अन्य निजी अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे दलाल मरीजों को यह कहकर भ्रमित करते हैं कि “यहाँ डॉक्टर नहीं हैं” या “यहाँ इलाज का खर्चा अधिक है, जबकि बाहर सस्ता इलाज मिल जाएगा.” इसी क्रम में 22 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 6 बजे सिम्स के टाइज वार्ड में अभिषेक निर्मलकर नाम के शख्स को संदिग्ध रूप से मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पाया गया. सुरक्षा कर्मियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद सूचना सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा को दी गई. सुरक्षा टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर उक्त व्यक्ति से पूछताछ की गई और उसकी गतिविधियों की पुष्टि होने पर उसे आगे की कार्रवाई के लिए सिम्स चौकी के माध्यम से सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया. सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने घटनाक्रम को लेकर स्पष्ट किया कि संस्थान में मरीजों के हित सर्वाेपरि हैं. किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मरीजों को गुमराह करने या उपचार में बाधा डालने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमारी सुरक्षा टीम की तत्परता सराहनीय है, और भविष्य में भी ऐसे तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी. चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं. ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मरीजों को भ्रमित करने की कोशिश गंभीर अपराध है. प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और भविष्य में इस तरह की हरकत करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा ने बताया कि सभी वार्डों में नियमित गश्त की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दी जा रही है. सिम्स प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत सुरक्षा विभाग या अस्पताल प्रशासन को दें, ताकि मरीजों की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके.

देर रात जारी गाइडलाइन: मध्य प्रदेश में अब कार्बाइड गन पूरी तरह से बैन

भोपाल  बच्चों की रोशनी छीनने वाली कार्बाइड गन को अब तक मध्यप्रदेश में खिलौने के तौर पर लिया जाता था। अब इसे घातक हथियार माना गया है। खरीदी, बिक्री गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगी। प्रदेश में जो भी अवैध कारोबार करता पाएगा जाएगा, उसके खिलाफ गैर जमानती गंभीर धाराओं में एफआइआर होगी। अपराध साबित होने पर तीन साल से सात साल तक की सजा हो सकती है। बच्चों के लगातार जख्मी होने के मामले सामने आने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव, सीएस अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना के बीच शुक्रवार को चर्चा हुई। इससे पहले सीएस जैन ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक ली। देर रात गाइडलाइन भी जारी कर दी। जानिए धाराएं पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी परिपत्र में कार्बाइड गन के वैज्ञानिक स्वरूप, कानूनी स्थिति, दंडात्मक प्रावधानों व कार्रवाई की प्रक्रिया तय की गई। यह विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 4 (घ), 5, 6(क) (III), शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 2 (ख) (III), 2 (ग), 9 (ख) के तहत दंडनीय अपराध है। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश पारित कर कार्बाइड गन के निर्माण, विक्रय, स्वामित्व और उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। कार्बाइड गन चलाने से कांग्रेस नेता की आंखें घायल अशोकनगर क्षेत्र में पटाखों से झुलसने के अब तक 16 मामले हो चुके हैं। वहीं कार्बाइड गन चलाने से शहर में कांग्रेस नेता पवन पाल की आंखों में नुकसान हो गया। बढ़ते मामलों को देख अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अब जिले में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, विक्रय व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अशोकनगर क्षेत्र में पटाखों से झुलसने के अब तक 16 मामले हो चुके हैं। वहीं कार्बाइड गन चलाने से शहर में कांग्रेस नेता पवन पाल की आंखों में नुकसान हो गया। बढ़ते मामलों को देख अब प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने अब जिले में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, विक्रय व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है।  कलेक्टर ने जारी किया आदेश अपर कलेक्टर देवकी नंदन सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जिले में यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में कार्बाइड गन के उपयोग से लोग घायल हो रहे है। साथ ही गंभीर बीमारी हो रही है। प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) तैयार कर विक्रय किए जा रहे है। जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अपर कलेक्टर ने आदेश में चेतावनी भी दी है कि यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करते पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।  मंगवाने, बनाने और बेचने वालों पर भी एक्शन मध्यप्रदेशमें कार्बाइड गन व उसके अवशेष, उपयोग होने वाले केमिकल को मंगवाने, असेंबल करने और बेचने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने संभाग के कमिश्नर, कलेक्टरों और एसपी को निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है, थाना क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई करें। किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं। उच्च स्तरीय बैठक में संभागों के कमिश्नर, पुलिस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के पीएस, गृह विभाग के अधिकारी प्रत्यक्ष व वीसी के जरिए शामिल हुए। मुख्य सचिव ने पूछा कि पहले से कार्रवाई क्यों नहीं की। एक अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। सीएस ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब सब नियमों के विपरित है तो सीधे कार्रवाई करनी थी। अभी भी समय है, ठीक से कार्रवाई करें। जंगली जानवरों को भगाने गांवों में ज्यादा इस्तेमाल सिर्फ दीपावली पर ही नहीं, जिले में बड़े स्तर पर इन संसोधित पटाखों का इस्तेमाल होता है। हिरण, सुअर और नीलगायों से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीण इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए प्लास्टिक व लोहे एवं स्टील के पाइपों से बनाकर जिलेभर में बड़े स्तर पर यह बिक रही हैं। जंगली जानवरों को भगाने तेज धमाका करने के लिए इनका इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि प्रशासन के इस प्रतिबंध से इसके इस्तेमाल पर अब रोक लग चुकी है। प्रतिबंध के लिए जारी यह आदेश     कोई भी व्यक्ति, संस्थाएं या व्यापारी प्रतिबंधात्मक पटाखा आतिशबाजी, लोहा स्टील या पीवीसी पाइपों में विस्फोटक भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) का निर्माण, भंडारण व क्रय-विक्रय नहीं करेगा।     किसी प्रकार के अवैध प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक भरकर अत्यधिक उत्पन्न करने वाले अवैध संसोधित पटाखे (कार्बाइड गन) की बिक्री, वितरण या प्रदर्शन भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।     अपर कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि जिले में सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी एवं संबंधित विभाग इस आदेश का सख्ती से पालन कराएंगे। इतने केस दर्ज भोपाल– 6, विदिशा- 8, ग्वालियर- 1 देव उठनी ग्यारस से पहले करें तहस-नहस — यह अवैध कारोबार तहसनहस करें। एक भी नया मामला नहीं आना चाहिए। — कार्बाइड गन व केमिकल को प्रदेश से हटाने अभियान चलाएं। प्रत्येक चेन तक जाएं। — स्टॉक सीज करें। कार्रवाई ग्यारस के पहले पूरी करें। — कर्मचारियों के भरोसे कार्रवाई न छोड़ें, खुद मैदान में जाएं। — जिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदी-बिक्री हो रही है, उनके खिलाफ साइबर अपराध दर्ज किया जाए। — जो भी इस कारोबार में शामिल हैं, उन्हें सूचीबद्ध करें। — जिन बच्चों को नुकसान पहुंचा, उनकी सतत निगरानी करें। जरूरत पूरी करें। — उन बच्चों को भी खोजें, जो अब तक प्रशासन के संज्ञान में नहीं है। — लोगों में इसका उपयोग रोकने जन जागरुकता लाई जाए। हमीदिया पहुंचे सीएम, बच्चों और अभिभावकों का जाना हाल सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार रात हमीदिया अस्पताल पहुंचे। बच्चों और अभिभावकों का हाल जाना। अफसरों से कहा, इलाज में कसर नहीं रहनी चाहिए। बच्चों को शिफ्ट करने की जरूरत हो तो भेजें। इलाज पर खर्च की भरपाई मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से की जाएगी। पीएस संदीप यादव को निर्देशित किया कि प्रदेश में ऐसे जितने भी बच्चे व प्रभावित हैं, उनका ठीक से इलाज हो।

नगर निगम मुख्यालय में बैठक, चौपाटी में परंपरागत व्यंजनों की दुकानों की अनुमति तय, सैंडविच और चाइनिज स्टॉल को सूची में शामिल करने पर चर्चा

इंदौर  सराफा चाट-चौपाटी की व्यवस्था सुधारने को लेकर बनाई गई कमेटी की शुक्रवार दोपहर निगम मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें चौपाटी में लगाई जाने वाली परंपरागत दुकानों को लेकर चर्चा होना थी, लेकिन बैठक अधूरी रही। वहीं चाट-चौपाटी एसोसिएशन अध्यक्ष राम गुप्ता ने बैठक में 70 दुकानों की सूची सामने रखी। पूर्व में बनाए गए दिशा-निर्देश के हिसाब से परंपरागत दुकानों को सूची में शामिल करना था लेकिन इसमें परंपरागत व्यंजनों के दुकानदार शामिल नहीं थे। सूची में सैंडविच की एक दुकान भी शामिल थी। इस पर राजस्व प्रभारी ने सवाल उठाया कि सैंडविच कब से परंपरागत व्यंजन हो गया। बैठक में सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी, नगर निगम राजस्व प्रभारी निरंजनसिंह चौहान और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया इसमें शामिल हुए। अपर आयुक्त सिसोनिया ने सूची में तीन दर्जन से ज्यादा ऐसी दुकानें चिह्नित कीं। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि पूर्व में ही यह तय हुआ था कि परंपरागत व्यंजनों को ही अनुमति दी जाएगी, इसके बावजूद सैंडविच और चाइनिज व्यंजनों की दुकानों को सूची में शामिल किया। अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सराफा चाट-चौपाटी में आग जलाने की अनुमति नहीं रहेगी। चौपाटी में बेचे जाने वाले व्यंजनों की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने चौपाटी अध्यक्ष से कहा कि वे दोबारा सूची तैयार करें। दो दिन में वे खुद सराफा चौपाटी आकर वास्तविकता जांचेंगे।

धोखाधड़ी का बड़ा मामला: पंजाब में इमिग्रेशन सेंटर ने युवाओं की उड़ाई नींद!

अमृतसर  महानगर में विदेश भेजने के नाम पर ट्रैवल एजैंट की तरफ से दर्जनों युवाओं के साथ ठगी करने का एक और नया मामला सामने आया है। इसमें खास बात यह है कि जिस ट्रैवल एजैंट ने युवाओं के साथ ठगी की है, वह गैर-लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटर नहीं, बल्कि जिला प्रशासन अमृतसर की तरफ से जारी लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटर चल रहा था। जानकारी के अनुसार अमृतसर जिले के अलग-अलग गांवो व कुछ अन्य जिलों से भी दर्जनों की संख्या में आए युवाओं ने ए.डी.सी. जनरल रोहित गुप्ता को लिखित रूप से शिकायत करके ट्रैवल एजैंट प्रभशरण सिंह रंधावा पर ठगी करने के आरोप लगाए हैं और अपने पैसे वापस लेने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद ए.डी.सी. की तरफ से एस.पी. हैड क्वार्टर और संबंधित पुलिस थाना को इस मामले की जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं और तुरंत प्रभाव से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। शिकायत में बताया गया है कि उक्त इमीग्रेशन सैंटर का मालिक रणजीत एवेन्यू में अपना सैंटर चला रहा था और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ रहा था। दूसरी तरफ प्रभशरण सिंह रंधावा के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन बंद आया। अमृतसर के पॉश क्षेत्र रणजीत एवेन्यू की बात करें तो यहां पर दर्जनों की संख्या में इमीग्रेशन सेंटर चल रहे हैं, लेकिन एक किसी लाइसेंस धारी केंद्र की तरफ से कभी युवाओं के साथ भी देश भेजने के नाम पर ठगी नहीं हुई है। आम तौर पर फर्जी ट्रैवल एजैंट युवाओं को विदेश भेजने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और लाखों रुपए ठगते हैं। प्रशासन के पास 500 से ज्यादा लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटरों की लिस्ट युवाओं को पढ़ाई करने के लिए या विदेश में काम करने के लिए विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजैंटों की बात करें तो अमृतसर जिला प्रशासन के पास ऐसे 500 से ज्यादा लाइसैंसी ट्रैवल एजैंटों की लिस्ट है, जिनको ए.डी.सी. जनरल दफ्तर की तरफ से एक लंबी चौड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाइसैंस जारी किया जाता है। इन लाइसैंसी इमीग्रेशन सैंटरों और ट्रैवल एजैंटों के नाम बकायदा जिला प्रशासन की ट्रैवल एजैंसी वाली वेबसाइट में भी दर्शाए गए हैं। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति यह जान सकता है कि वह जिस ट्रैवल एजैंट के पास गया है, उसके पास सरकार की तरफ से जारी लाइसैंस है या नहीं है। क्या है इमीग्रेशन सैंटर का लाइसैंस लेने की कानूनी प्रक्रिया इमीग्रेशन सैंटर या ट्रैवल एजैंसी का लाइसैंस लेने के लिए डी.सी. दफ्तर में ए.डी.सी. जनरल दफ्तर को लाइसैंसिंग अथॉरिटी बनाया गया है। इसमें सबसे पहले लाइसैंस का आवेदन देने वाले व्यक्ति को अपने सैंटर वाले स्थान की रजिस्ट्री, यदि वह किराए पर रहता है तो किराएनामा जो बाकायदा रजिस्टर्ड होना चाहिए। इसके अलावा पैन कार्ड, आधार कार्ड व अन्य जरूरी दस्तावेज आवेदन फार्म के साथ लगाकर ही अप्लाई किया जा सकता है। इसके तहत पुलिस को भी शामिल किया गया है। पुलिस की तरफ से एन.ओ.सी. मिलने के बाद ही ए.डी.सी. दफ्तर की तरफ से लाइसैंस शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसमें एस.डी.एम., तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी से भी रिपोर्ट मंगवाई जाती है। पुलिस और सिविल प्रशासन की तरफ से दोहरी रिपोर्ट मिलने के बाद ही लाइसैंसिंग अथॉरिटी ए.डी.सी. की तरफ से लाइसैंस जारी किया जाता है, इसमें कम से कम 90 दिन की प्रक्रिया होती है।

नक्सलियों का खूनी खेल जारी, बीजापुर में दो ग्रामीणों की हत्या

बीजापुर नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने की कोशिश करते हुए खूनी वारदात को अंजाम दिया है। उसूर इलाके में बीती रात दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात जिले के उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम नेलाकांकेर में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी निर्ममपूर्वक हत्या कर दी। मृतकों की पहचान रवि कटटम और तिरूपति सोढी के रूप में हुई है। इधर नक्सलियों के द्वारा धारदार हथियार से मारकर हत्या करने की सूचना उसूर थाना को मिली है। सूचना पर थाना उसूर द्वारा घटना की तस्दीक की जा रही है।

वैशाली में बाढ़ पीड़ितों को दिए कैश के कारण पप्पू यादव को नोटिस

पूर्णिया  बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को इनकम टैक्स का नोटिस मिला है। सांसद ने आरोप लगाया कि आयकर विभाग ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कैश (रुपये) बांटने को अपराध बताया है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने वैशाली जिले के नयागांव पूर्वी पंचायत अंतर्गत मनियारी गांव में बाढ़ पीड़ितों की मदद की थी। बता दें कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद कैश बांटने पर वैशाली जिले में सांसद पर आचार संहिता उल्लंघन का केस भी दर्ज हुआ था। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "मुझे इनकम टैक्स का नोटिस मिला है, बाढ़ पीड़ितों की मदद में रुपये बांटने को अपराध बताया है। यह अपराध है तो मैं हर वंचित पीड़ित की सहायता का अपराध सदैव करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि वैशाली जिले के मनियारी गांव में बाढ़ से लोगों का घर-द्वार सब गंगाजी में विलीन हो गया था। उन्होंने इन लोगों की मदद की थी। पप्पू यादव ने सवाल भी किया कि अगर वह उनकी मदद नहीं करते तो क्या गृह राज्य मंत्री (नित्यानंद राय) और स्थानीय सांसद (चिराग पासवान) की तरह मूकदर्शक बने रहते? बता दें कि दो सप्ताह पहले पप्पू यादव वैशाली जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे थे। उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों को रुपये बांटकर आर्थिक मदद की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सहदेई थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। उन पर विधानसभा चुनाव के बीच आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया।  

चोरी की बाइक बनी सबूत, बीकानेर महिला जज पर लूटकांड का पर्दाफाश

बीकानेर बीकानेर में महिला जज पूजा जनागल के साथ हुई हाई प्रोफाइल लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी कुशाल मेहरा पुत्र मघाराम, उम्र 29 वर्ष, निवासी इंद्रा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका नाबालिग साथी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। गुरुवार को कुछ संदिग्धों की धरपकड़ के बाद कुशाल मेहरा की पहचान पुख्ता हुई। एडिशनल एसपी सौरभ तिवाड़ी ने बताया कि पुलिस ने इंद्रा कॉलोनी, प्रताप बस्ती, बल्लभ गार्डन और रामपुरा बस्ती में संदिग्धों के फोटो एकत्र किए और महिला जज से पहचान कराई। इसके बाद कुशाल मेहरा को गिरफ्तार किया गया। कुशाल और उसके नाबालिग साथी ने पहले पीबीएम के बच्चा अस्पताल से एक मोटरसाइकिल चोरी की। चोरी की बाइक पर सवार होकर वे कलेक्टर आवास के सामने पहुंचे। वहां उन्होंने स्कूटी से गुजर रही महिला जज पूजा जनागल को धक्का मारकर गिरा दिया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूट के दौरान बाइक के कुछ पार्ट टूट गए थे, जिन्हें पुलिस ने मौके से जब्त किया। इन हिस्सों के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से बाइक और आरोपियों की पहचान की। यह सबूत जांच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, कुशाल मेहरा और उसका नाबालिग साथी दोनों नशे के आदी हैं। कुशाल पर पहले से ही चार मुकदमे दर्ज हैं, दो सदर थाना और दो बीछवाल थाना क्षेत्र में। उस पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि महिला जज के पिता, जो पेशे से वकील हैं, उन्हीं पुराने मामलों में कुशाल के खिलाफ पैरवी कर रहे थे। इस हाई प्रोफाइल केस में एडिशनल एसपी सौरभ तिवाड़ी और आईपीएस विशाल जांगिड़ की अहम भूमिका रही। साथ ही सदर थाना प्रभारी दिगपाल सिंह, जेएनवीसी थानाधिकारी सुरेंद्र पचार और साइबर सेल के एएसआई दीपक की सतर्कता ने आरोपी तक पुलिस को पहुंचाया।

टर्मिनल ट्रायल में कामयाब नोएडा एयरपोर्ट, कर्मचारियों ने किया असली यात्री अनुभव

नोएडा चार वर्षों की अथक मेहनत, दिन-रात जारी निर्माण कार्य और अनगिनत घंटों की तपस्या…..इन सबका परिणाम शनिवार को उस वक्त झलका जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने खुद को पहली बार यात्री के रूप में महसूस किया. एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में हुए इस विशेष ट्रायल में कर्मचारियों ने टिकट और पहचान पत्र के साथ सभी यात्री प्रक्रियाओं का अनुभव लिया. बिलकुल वैसे ही जैसे वास्तविक उड़ान के समय यात्री करते हैं. एयरपोर्ट बना उत्साह का केंद्र सुबह से ही माहौल उत्साहपूर्ण था. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) की ओर से चयनित कर्मचारियों को बसों से टर्मिनल बिल्डिंग लाया गया. सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद वे चेक-इन काउंटर पर पहुंचे, जहां टिकट और पहचान पत्र दिखाकर ऑनलाइन चेक-इन किया गया और बोर्डिंग पास सौंपे गए. लगेज कराया जमा कर्मचारियों ने अपने बैग और लगेज को बोर्डिंग प्रक्रिया के अनुसार जमा कराया. सामान का वजन करने के बाद उस पर बारकोड टैग लगाया गया और कन्वेयर बेल्ट के जरिए उसे स्कैन कर उड़ान क्षेत्र में भेजा गया. इस दौरान कर्मचारियों ने हैंड बैगेज और व्यक्तिगत वस्तुओं की सुरक्षा जांच भी पूरी की.   सुविधाओं की बारीकी से हुई जांच इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के हर सिस्टम, सुरक्षा प्रक्रिया और यात्री सुविधा की बारीकी से जांच करना था. यापल की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि संचालन शुरू होने के बाद किसी भी यात्री को असुविधा न हो. ट्रायल के दौरान टर्मिनल की स्वचालित सीढ़ियां, कोर्ट यार्ड एरिया, एयरो ब्रिज कनेक्टिविटी और बैगेज हैंडलिंग सिस्टम की जांच की गई.

अधूरी स्विमिंग पूल की मरम्मत, अधिकारियों को मिली दैनिक प्रगति रिपोर्ट देने की हिदायत

इंदौर शहर के मध्य स्थित नेहरू पार्क में बन रहे स्विमिंग पूल और लाइब्रेरी के काम में हो रही लेटलतीफी पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नाराजगी जताई है। जिस स्विमिंग पूल का काम अप्रैल 2025 तक पूरा हो जाना था, वह अक्टूबर तक भी अधूरा है।  महापौर ने दोनों निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। महापौर ने जताई नाराजगी, तय की नई समय सीमा निरीक्षण के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने काम की गति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने कहा, "नेहरू पार्क परिसर शहर के बीचोंबीच है और यह स्विमिंग पूल स्पोर्ट्स की दृष्टि से व लाइब्रेरी अध्ययन की दृष्टि से आम जनता के लिए बहुत जरूरी है।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ दिसंबर तक पूर्ण कर जनता के लिए प्रारंभ किए जाएं। महापौर ने अधिकारियों को कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य नंदू पहाड़िया, अभय राजनगांवकर और संबंधित अधिकारी नागेंद्र भदौरिया भी उपस्थित रहे। अप्रैल की डेडलाइन चूका ठेकेदार नेहरू पार्क स्विमिंग पूल के जीर्णोद्धार का यह कार्य करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है। इसका ठेका भोपाल की एक कंपनी को दिया गया है। पुराने पूल को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। पहले इस काम को अप्रैल 2025 के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। लापरवाही पर पहले भी लग चुकी है फटकार यह पहली बार नहीं है जब काम में देरी और लापरवाही सामने आई है। सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने मार्च में भी काम में लेटलतीफी पर ठेकेदार को फटकार लगाई थी। इस बार निरीक्षण के दौरान भी टाइल्स लगाने के काम में लापरवाही दिखी, जिस पर पहाड़िया ने ठेकेदार को फिर से फटकार लगाई। मिलेंगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं इस जीर्णोद्धार के बाद पूल अंतरराष्ट्रीय मानकों का हो जाएगा। इसमें वाटरप्रूफ टाइल्स और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यहां दो फिल्टर प्लेट की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जो पूरे प्रदेश में कहीं और नहीं मिलेगी। इसके अलावा, नई बिल्डिंग में डाइविंग टॉवर, चेंजिंग रूम, शॉवर रूम भी बनाए जा रहे हैं। नई बिल्डिंग में ऊपरी हिस्से पर दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियां भी लगाई जाएंगी, ताकि किसी भी स्पर्धा के दौरान दर्शकों को परेशानी न हो। 

चार नवंबर को कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सजेगा हरि-हर मिलन महोत्सव

सीहोर सीहोर के निकट चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम परिसर में इस वर्ष 4 नवंबर को हरि-हर मिलन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन अत्यंत भव्य रूप में संपन्न होगा। निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में इन दिनों तैयारियों का दौर तेजी पर है। मंच साज-सज्जा, प्रसादी व्यवस्था और भक्तों के ठहरने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में हर वर्ग के श्रद्धालु भाग लेते हैं। सुबह से ही बाबा कुबेरेश्वर महादेव की आरती, अभिषेक और भोग लगाने के बाद नि:शुल्क भंडारा आरंभ हो जाता है। भक्तों की भीड़ में उमंग और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर कार्तिक मास में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दीपदान करने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। दीप ज्वलन और दान को इस पवित्र महीने में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इन दिनों चारों ओर जलते दीपक और हरि-हर के जयघोष से मंदिर परिसर अलौकिक आभा से भर उठता है। इस वर्ष भी गुरुदेव के आदेश अनुसार 29 अक्टूबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। यह आयोजन हर बार भक्तों के लिए सेवा और समर्पण की प्रेरणा लेकर आता है। भोग प्रसादी के रूप में हजारों श्रद्धालु खाद्यान्न वितरण में सहभागी बनते हैं। यह परंपरा गांव-गांव में संस्कारों का विस्तार करती है। चार नवंबर को होने वाला हरि-हर मिलन उस क्षण का प्रतीक है, जब भगवान विष्णु और भगवान शंकर का आध्यात्मिक मिलन दर्शाया जाता है। यह दृश्य भक्तों को जीवन में एकता, प्रेम और सहअस्तित्व का संदेश देता है। मंदिर के प्रांगण में गूंजते शंखनाद और भजन इस मिलन को दिव्यता के चरम पर पहुंचाते हैं। महोत्सव के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालु यहां अपने परिवार सहित उपस्थित रहेंगे। निरंतर चलने वाले भंडारे, कथा वाचन, मंत्र उच्चारण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। कुबेरेश्वर धाम एक बार फिर जीवंत साक्षी बनेगा उस दिव्य अनुभूति का, जो केवल आस्था से संभव है।