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गायों संग गोवर्धन पूजा: सीएम योगी ने गोशाला में की सेवा, कराया विशेष पूजन

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने गायों की सेवा की और उन्हें गुड़-रोटी खिलाई। गोवर्धन पूजा के मौके पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा हमारी सांस्कृतिक परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन की भावना का प्रतीक है। बुधवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर स्थित गोशाला में पहुंचे सीएम योगी ने गायों की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि का आधार सदैव भारतीय गोवंश रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गोवर्धन योजना के तहत गाय के गोबर से बायो-कम्पोस्ट, कंप्रेस्ड बायोगैस और एथेनॉल उत्पादन के अभिनव कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह न केवल गौसंवर्धन का माध्यम हैं बल्कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी नई दिशा दे रहे हैं। सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में लगभग 16 लाख गोवंश को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए सरकार तीन स्तरों पर योजनाएं संचालित कर रही है निराश्रित गोस्थल योजना, सहभागिता योजना और कुपोषित परिवार सहायता योजना। निराश्रित गोस्थल योजना के अंतर्गत प्रति गाय 1500 रु प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। वहीं, सहभागिता योजना में ऐसे किसानों को चार गायें उपलब्ध कराई जाती हैं जो गौसंवर्धन से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें सरकार 6000 रुपए की सहायता राशि भी प्रदान करती है। इसके अलावा कुपोषित माताओं और बच्चों को भी गाय उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे गाय के दूध से पोषण प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल गोवंश संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि कुपोषण से सुपोषण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन योजना के तहत बायो गैस और एथेनॉल उत्पादन से गोबर का भी मूल्य किसानों को मिल रहा है। इससे प्रदेश को नेट जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य की ओर बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाले धन की बचत में मदद मिल रही है।  

भ्रष्टाचार पर फिर बरसे सीएम मान, बोले— अब नहीं चलेगा किसी का ‘राजनीतिक रसूख’

चंडीगढ़ भ्रष्टाचार के प्रति अपनी सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि पुलिस उप महानिरीक्षक (रोपड़ रेंज) हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया गया है। भुल्लर को हाल में रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। भुल्लर को एक अन्य व्यक्ति के साथ आठ लाख रुपये की रिश्वतखोरी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था। भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद अपनी पहली टिप्पणी में मान ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन राज्य सरकार के मूल में है, जो पिछले चार वर्षों में उसके कार्यों के माध्यम से लगातार प्रदर्शित हुआ है। मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है जिसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मान ने कहा कि इसी नीति के तहत, भ्रष्टाचार के आरोप में हाल में एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। मान ने कहा कि पुलिस उपमहानिरीक्षक को 16 अक्टूबर से निलंबित माना जाएगा। उन्होंने दोहराया कि समाज के खिलाफ इस गंभीर अपराध में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी अधिकारी या नेता को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट गतिविधियों में किसी भी तरह की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसे कृत्यों में लिप्त लोगों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

बिहार में विपक्षी एकता पर सवाल: RJD-कांग्रेस के बीच हर मोर्चे पर मतभेद

पटना  बिहार के महागठबंधन में आपसी तकरार के बाद अब साझा चुनाव प्रचार अभियान पर संकट छा गया है. कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' होने के बाद आरजेडी और कांग्रेस के बीच दूरी बढ़ती नजर आ रही है. इसके चलते साझा घोषणा पत्र पर भी बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है.  महागठबंधन की मेनिफेस्टो ड्राफ्ट कमेटी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. आरजेडी और कांग्रेस दोनों के अपने-अपने चुनावी वादे हैं.सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी के साथ गतिरोध खत्म करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं को लगाया जा सकता है. इसी क्रम में अशोक गहलोत का आज पटना दौरा होगा और तेजस्वी यादव से उनकी मुलाकात मुमकिन है. आरजेडी से रिश्ते में खटास आने के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावारु को कांग्रेस ने पीछे हटाया है. क्या है आरजेडी कांग्रेस की उम्मीद? जानकारी के मुताबिक गुरुवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है और गठबंधन के नेताओं को उम्मीद है कि वे कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट से बचने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए राजी कर लेंगे। मंगलवार तक महागठबंधन 12 सीटों पर ‘दोस्ताना मुकाबला’ की ओर बढ़ रहा है। इनमें से तीन सीटें बछवाड़ा, राजापाकर और बिहार शरीफ हैं। यहां 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा, वहां नामांकन वापसी की तारीख भी निकल चुकी है। दोनों के बीच रिश्ते पटरी पर लौटने के मिल रहे संकेत सूत्रों ने बताया कि बची हुई सीटों में से वैशाली जिले के लालगंज से कांग्रेस ने पहले ही अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है, जबकि उसके और राजद के बीच यह सहमति बन गई है कि प्राणपुर (कटिहार) और एक अन्य सीट से केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में रहेगा। राजद ने सोमवार को 143 उम्मीदवारों की अपनी आधिकारिक सूची जारी की, जबकि कांग्रेस ने 61 उम्मीदवारों की घोषणा की है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं। महागठबंधन के अन्य सहयोगियों में विकासशील इंसान पार्टी, वामपंथी दल और भारतीय समावेशी पार्टी शामिल हैं। एक महीने पहले महागठबंधन आगे बढ़ता हुआ दिख रहा था, जब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने संयुक्त मतदाता अधिकार रैली निकाली थी, और ऐसा प्रतीत हुआ था कि उन्होंने चुनाव आयोग के विवादास्पद विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में एक विश्वसनीय मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। हालांकि, उसके बाद से लगाता तनाव बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी यादव की सीएम उम्मीदवारी पर संशय राजद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तेजस्वी को महागठबंधन का आधिकारिक मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। तेजस्वी ने मतदाता अधिकार रैली के दौरान भी इस बारे में खुलकर बात की थी लेकिन यह बात हैरान करने वाली थी कि राहुल गांधी ने इसका पूरी तरह समर्थन नहीं किया। बिहार में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि पार्टी इस पर प्रतिबद्ध नहीं होना चाहती थी क्योंकि इससे बिहार में गैर-यादव वोटों का एकीकरण हो सकता था। हालाँकि, नेताओं के एक वर्ग ने इस रुख को अतार्किक बताया। बिहार के एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने कहा कि महागठबंधन में सबसे ज़्यादा सीटों पर कौन चुनाव लड़ रहा है? राजद। अगर हम जीतते हैं, तो राजद के विधायक ही तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। फिर समस्या कहाँ है? सांसद ने कहा कि यह तर्क कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित न करना कांग्रेस का सिद्धांत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या पार्टी उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही करेगी? नहीं, ऐसा नहीं होगा। क्योंकि अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। उन्होंने आगे कहा कि यह राजद के साथ तनाव का एक कारण था जिसे आसानी से टाला जा सकता था। बिहार में जतीय सर्वे पर सवाल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अक्सर 2022 में बिहार में शुरू हुए जातिगत सर्वेक्षण का ज़िक्र करते हैं, उस वक्त आरजेडी, जेडीयू के नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और वह उप-मुख्यमंत्री थे। विपक्ष द्वारा जातिगत जनगणना की मांग के बीच, बिहार ऐसी गणना करने वाले पहले राज्यों में से एक था। दूसरी ओर राहुल गांधी समेत कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस सर्वेक्षण को स्वीकार करने को लेकर उत्साहित नहीं है। जाति जनगणना को बीजेपी के खिलाफ अपने अभियान का आधार बनाकर राहुल गांधी अक्सर कहते रहे हैं कि महागठबंधन सरकार ऐसी जनगणना कराएगी और यह बिहार के जातीय सर्वेक्षण जैसा नहीं होगा, जो लोगों को बेवकूफ बनाने का एक तरीका था। दोनों दलों में अहंकार का टकराव सीट बंटवारे की बातचीत में शामिल नेताओं ने भी संबंधित पार्टी नेतृत्व के अहंकार को ज़िम्मेदार ठहराया। एक नेता ने बछवाड़ा सीट को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। कांग्रेस बछवाड़ा सीट इसलिए चाहती थी क्योंकि 2020 में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और छह बार के विधायक रामदेव राय के बेटे शिव प्रकाश गरीब दास ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 39,878 वोटों से जीत हासिल की थी। सहयोगी दल सीपीआई ने अपने उम्मीदवार अवधेश कुमार राय के लिए सीट मांगी, जो 2020 में सिर्फ 484 वोटों से हार गए थे। बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का हिस्सा रहे एक नेता ने कहा कि कांग्रेस ने इसे अपने अहंकार का मामला बना लिया। इसलिए अब बछवाड़ा, जहां पहले चरण में मतदान होना है, वहां सीपीआई और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार होंगे, जिससे एनडीए को बढ़त मिलेगी। अन्य सूत्रों ने बताया कि अहंकार के कारण छोटी-मोटी घटनाएं भी हुईं। एक बार तो अल्लावरु ने तेजस्वी को एक घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करवाया। बदले में तेजस्वी ने अल्लावरु को मुलाक़ात के लिए दो घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करवाया। बिहार के एक नेता ने कहा कि यह इतनी छोटी-मोटी बात हो गई। साझा घोषणा पत्र पर सहमति अटकी आरजेडी और कांग्रेस के चुनावी वादे और घोषणाएं कई मायनों में एक जैसी हैं, लेकिन उनके साझा प्रारूप पर सहमति बननी बाकी है. महागठबंधन की मेनिफेस्टो ड्राफ्ट कमेटी इस पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकाल पाई है. इसी आंतरिक संघर्ष के कारण साझा चुनाव प्रचार शुरू होने पर सवाल खड़ा हो गया है. सम्राट चौधरी ने कसा तंज… बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संकट पर तंज कसते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ही एकमात्र नेता हैं और अन्य पार्टियां महत्वहीन हैं. उन्होंने कहा, "कोई SIR के दौरान … Read more

CM मोहन यादव आज आएंगे इंदौर, हातोद के रेशम केंद्र गोशाला में मनाएंगे गोवर्धन पूजा

इंदौर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) आज (22 अक्टूबर) इंदौर और विदिशा जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे इन जिलों में आयोजित गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल होंगे। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री के दौरे का पूरा शेड्यूल और उनके जरिए किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में… सीएम मोहन यादव का आज का कार्यक्रम भोपाल से इंदौर रवाना होंगे सुबह 11:35 बजे मुख्यमंत्री सुबह 11:35 बजे भोपाल से इंदौर के लिए रवाना होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12:20 बजे इंदौर के हातोद क्षेत्र में स्थित रेशम केंद्र गौशाला, खजूरिया जाएंगे। यहां सीएम गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इंदौर कार्यक्रम के बाद दोपहर 2:00 बजे सीएम इंदौर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे। नगर निगम की हातोद स्थित रेशम केंद्र गोशाला में गोवर्धन पूजा का आयोजन बुधवार को किया गया है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए सीएम डॉ.मोहन यादव आ रहे है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि सीएम डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर गोवर्धन पूजा संपन्न करेंगे और गो सेवा से जुड़े कामों का अवलोकन करेंगे। आयोजन की शुरुआत दोपहर 12 बजे से होगी। प्रोग्राम में नगर निगम के जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। बता दे कि गोशाला में आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भोपाल से विदिशा जाएंगे सीएम सीएम मोहन यादव दोपहर 2:30 बजे भोपाल से विदिशा जिले के ग्राम पथरिया पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2:50 बजे ग्राम पथरिया से विदिशा के ग्राम बल्ला खड़ी जाएंगे। यहां भी वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। भोपाल वापसी इसके बाद मुख्यमंत्री दिन के कार्यक्रम का समापन कर शाम 4:00 बजे भोपाल वापस लौटेंगे।

अकील डेथ मिस्ट्री में नया मोड़: पूर्व DGP के बेटे ने वीडियो में खुद दी सफाई

 पंचकूला पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी व पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, मृतक की पत्नी और बहन के खिलाफ एमडीसी थाना पंचकूला में हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई 16 अक्तूबर की रात मोहम्मद मुस्तफा अकील अख्तर की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में मलेरकोटला निवासी शमसुद्दीन चौधरी की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता शमसुद्दीन चौधरी ने पुलिस कमिश्नर पंचकूला को शिकायत दी थी। आरोप लगाया गया कि अकील की मौत सामान्य नहीं थी बल्कि इसके पीछे साजिश हो सकती है। शिकायत में कहा गया है कि अकील ने मौत से पहले 27 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसने अपने परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए थे और उनसे जान का खतरा बताया था।   शिकायत में सोशल मीडिया वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की मांग की गई थी। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि बीती 16 अक्तूबर को सेक्टर-4 एमडीसी निवासी अकील अख्तर घर में मृत पाए गए थे। उस समय परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी।    पहले वीडियो में  निजी विवादों और जान को खतरे की बात कही थी प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। बाद में सोशल मीडिया पर मृतक के वीडियो पोस्ट वायरल हुए, जिनमें उन्होंने निजी विवादों और जान को खतरे की बात कही थी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम एसआईटी गठित की गई।   डीसीपी बोलीं- जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी, दोषी नहीं बच सकेगा डीसीपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और सबूत आधारित जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। इसकी निगरानी एसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे। यह टीम मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी जिसमें मृतक के डिजिटल उपकरण, सोशल मीडिया रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।   अकील का एक और वीडियो…परिवार को दी क्लीन चिट पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर का एक और नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने उसके मौत से जुड़े मामले को नया मोड़ दे दिया है। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में अकील अख्तर ने परिवार के सदस्यों को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उसने पहले जो भी आरोप लगाए थे, वो उसकी खराब मानसिक और शारीरिक स्थिति के कारण लगाए गए थे।   वीडियो में अकील कहता है कि पिता मोहम्मद मुस्तफा, मां, पत्नी और बहन ने उसकी बीमारी के दौरान पूरी देखभाल की। मेरे परिवार वालों ने मेरा बहुत ध्यान रखा, मैंने पहले जो भी बातें कही थीं, वो मेरी तबीयत खराब होने के कारण कही गई थी और उनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था।’ अकील अख्तर बहन का जिक्र करते हुए कहता है कि वह उसका बहुत ख्याल रखती थी।   बेटे की हत्या में पूर्व डीजीपी और परिजनों पर हुए केस से पैतृक गांव के लोग भौचक्के सहारनपुर केचिलकाना इलाके के गांव हरड़ाखेड़ी निवासी पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत के मामले में नया खुलासा होने से उनके पैतृक गांव में लोग भौचक्के हैं। तरह-तरह की चर्चाएं ग्रामीण कर रहे हैं। पूर्व डीजीपी, उनकी पत्नी, पुत्रवधू तथा बेटी के खिलाफ पंजाब के मलेरकोटला में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है।   बता दें कि पूर्व डीजीपी मुस्तफा के बेटे अकील की 16 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मलेरकोटला में मौत हो गई थी। इसके अगले दिन अकील के शव को पैतृक गांव हरडाखेड़ी में लाकर सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था। इसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक लोग शामिल हुए थे। अकील हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे तथा उनका एक बेटा और एक बेटी हैं। अकील की मौत से पहले उनके और परिवार के बीच लगातार तनाव चल रहा था। थाना मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में अकील के पिता पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, माता पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना, बहन तथा पत्नी के खिलाफ हत्या एवं आपराधिक षड्यंत्र रचने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।  पूर्व डीजीपी के बेटे अकील अख्तर इस महीने की शुरुआत में पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित अपने आवास पर बेहोशी की हालत में पाए गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय, पुलिस को किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला और उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। इसके तुरंत बाद अकील का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, इस मामले ने तब नाटकीय मोड़ आया, जब अकील की मौत से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बाद, मलेरकोटला के रहने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई। फिर पंचकूला पुलिस ने मुस्तफा, उसकी पत्नी और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। डीसीपी ने क्या बताया? पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा, “हमें एक शिकायत मिली थी और उसके आधार पर, हमने अब हत्या और साजिश की धाराओं के तहत एक एफआईआर दर्ज की है। मृतक के पिता, माता, बहन और पत्नी सहित परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर संदेह व्यक्त किया है। मृतक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह कह रहा है कि अगर वह मृत पाया गया था, तो एक डायरी में बयान दर्ज है और क्या उसे जहर दिया गया था। हमने इन सभी बातों को अपनी जांच में शामिल किया है ताकि इस मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच हो सके। हमने तुरंत एक एसीपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है।”   गांव के रसूखदार परिवार के साथ घटे इस तरह के घटनाक्रम को लेकर गांव की चौपालों और नुक्कड़ों पर लोग तरह तरह की बात कर रहे हैं। हालांकि मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण कोई भी खुलकर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।   पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना चार वर्ष पहले पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री बनी थी। रजिया सुल्तान ब्लॉक सरसावा की प्रमुख भी … Read more

समय पर शादी न करने वालों के लिए खतरे की घंटी! स्वास्थ्य पर पड़ सकता है भारी असर

पंजाब छाती के पास किसी गांठ होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह अनदेखा करने पर छाती का कैंसर बन सकता है। देर से शादी करना भी इसके प्रमुख कारणों में सामने आया है। उक्त जानकारी  कैंसर विशेषज्ञ प्रो. जे.एस. ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि अक्सर शुरुआत में दर्द नहीं होता, जिस कारण इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह आगे जाकर खतरनाक रूप ले सकता है। महिलाओं में छाती के कैंसर की दर अधिक है। उन्होंने इसके पीछे आधुनिक बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान को बड़ा कारण बताया है। पंजाब में भी ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच सालों में इस बीमारी के मरीजों में लगभग 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई महिलाएं इस बीमारी के कारण अपनी जिंदगी गंवा चुकी हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं को समय पर स्क्रीनिंग और नियमित जांच कराने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, किसी भी तरह की असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जीवनशैली में सुधार लाएं। आंकड़े इस प्रकार हैं: 2019 – 6,037 2020 – 6,192 2021 – 6,347 2022 – 6,507 2023 – 6,667 40 साल के बाद जरूर करवाएं मैमोग्राफी 25 से 39 साल की उम्र में छाती की नियमित जांच करवानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार 40 साल की उम्र के बाद मैमोग्राफी करवाएं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से लड़ सकते हैं। इसके अलावा सिगरेट और शराब छोड़ना, अच्छा खान-पान और व्यायाम के माध्यम से इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। खान-पान में अधिक फल, सब्जियां, फाइबर से भरपूर भोजन और कम वसा वाला भोजन शामिल करना चाहिए। नियमित व्यायाम करें। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें। मोटापा कम करें, क्योंकि अधिक वजन होने से छाती के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यदि परिवार में पहले किसी को छाती का कैंसर हुआ हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। 

डॉ. यादव ने जताया संकल्प: बहनों, युवाओं और किसानों के हित में सरकार निरंतर सक्रिय, लाड़ली बहनों के वादे होंगे पूरे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में बहनों, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों को भाईदूज के अवसर पर लाड़ली बहना योजना में 250 रुपए की राशि देने का वादा पूरा किया जा रहा है। अब बहनों के योजना के अंतर्गत 1500 रुपए प्राप्त होंगे। भगवान श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा की तरह लाड़ली बहनों को यह राशि योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी लाड़ली बहनों को भाईदूज की बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज के त्यौहार सौगात देने का अवसर बने हैं। इस क्रम में किसानों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के लिए 1800 करोड़ की राहत राशिजिलों में दी गई। प्रत्येक क्षेत्र में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, पीला मोजेक जैसी समस्याओं का सर्वे करवाकर किसानों को मदद पहुंचाई गई। इसके लिए जिलों में आवश्यक प्रबंधन किया गया। सरकार अन्नदाता के जीवन में आए कष्ट में उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ईदगाह हिल्स में निर्धन बेटियों के साथ दीपावली मनाने के बाद टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लैलूंगा के भुईयांपानी में दीप महोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा तहसील के ग्राम भुईयांपानी पहुँचे। यहाँ उन्होंने गुरुधाम में आयोजित दीप महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर अपने आराध्य संत गुरुदेव स्वामी धनपति पंडा जी एवं श्रीमती प्रेमशीला पंडा की प्रतिमाओं के समक्ष नमन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह दीपोत्सव हर घर में उजियारा और हर जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं प्रेम का प्रकाश फैलाए। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद सदैव हम सब पर बना रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया तथा हनुमान मंदिर एवं वटवृक्ष की पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह संतों और प्रदेश की जनता का ही आशीर्वाद है कि एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के 22 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के विकास के लिए राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। धान का मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। ई-गवर्नेंस प्रणाली की शुरुआत हो चुकी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना जैसी अनेक जनहितकारी योजनाएँ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुधाम में एक करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण, महतारी सदन के लिए 29 लाख रुपए के साथ ही गुरुधाम परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थापना, तालाब का सौंदर्यीकरण, बोर खनन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए घोषणा की। लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने उपस्थित सभी लोगों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस संसार में गुरु से बढ़कर कोई नहीं है। गुरु ही वह प्रकाशस्तंभ हैं जो हमें अंधकारमय जीवन से निकालकर ज्ञान, अनुशासन और नैतिकता के पथ पर अग्रसर करते हैं। गुरु की प्रेरणा ही जीवन में सच्चा आनंद, आत्मिक शांति और सर्वाेच्च सुख प्रदान करती है। उनका मार्गदर्शन जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, संत सनातन धर्मदेवी संत समाज के अध्यक्ष श्री सहदेव पंडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री सत्यानंद राठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

किसानों और मंडी व्यापारियों के हित में किये जा रहे हैं कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन के तिलकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर गौशाला में गोवर्धन पूजा की। मुख्यमंत्री ने गौमाता की पूजा भी की और विशाल गौ-अन्नकूट में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-सेवा और प्रकृति के सम्मान में हर घर गौशाला और हर गांव में गोवर्धन पूजा आज पूरे प्रदेश में की जा रही है। हमारी सनातन संस्कृति हमें प्रकृति से सदैव जुड़े रहना सिखाती है। गौमाता अपने बछड़े के साथ हम सभी का भी ध्यान रखती है। भगवान श्रीकृष्ण गोपाल कृष्ण के नाम से भी जाने जाते हैं। वर्तमान में शासन और आमजन साथ मिलकर सभी त्यौ‍हार आनंद और हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। हमारा देश किसानों और गौ-पालकों का देश है। सही अर्थों में हम सब के लिए दीपावली तभी सार्थक है जब हमारे किसान और हमारा गौ-वंश उन्नत रहे, तभी समृद्धि आती है। गौ-शालाओं में प्रत्येक गौमाता की सेवा के लिए अनुदान राशि बढ़ाई गई है। जो लोग दुग्ध उत्पादन करना चाहते हैं, उन्हें भी शासन की और से अनुदान राशि दी जाएगी। हम हर घर गोपाल बनाने का कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश शासन द्वारा सिंचाई के रकबे को बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो अभियान प्रारंभ किया गया है। सूर्य घर योजना के अंतर्गत किसानों को सौर पंप लगाने पर 90 प्रतिशत तक अनुदान राशि दी जाएगी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन द्वारा सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना प्रारंभ की गई है। यह किसानों और व्यापारियों के बीच में सेतु का कार्य करेगी। अनाज मंडियों का मान व्यापारियों से बढ़ेगा और किसानों का सम्मान भी बढ़ेगा। शासन द्वारा किसानों और मंडी व्यापारियों के हित में कार्य किए जा रहे हैं। अलग-अलग फसलों के उत्पादन के साथ प्रोसेसिंग यूनिट के लिए भी अनुदान राशि दी जाएगी। फूड प्रोसेसिंग में किसान और उपज मंडी के व्यापारी आपसी सहयोग के साथ कार्य करें। मालवा क्षेत्र में फूड पार्क बनाया जाएगा, जिससे किसान अपनी उपज को अच्छे दामों में बेच सकेंगे और व्यापारी भी निश्चिंत होकर व्यापार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिलकेश्वर महादेव का अभिषेक कर पूजन-अर्चन किया और प्रदेशवासियों की उन्नति और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री चिंतामणी मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, श्री मनीष तल्लेरा, श्री नारायण यादव, श्री रवि सोलंकी, एडीजी श्री उमेश जोगा, कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा और नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री जि‍तेन्द्र अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदैव किसानों और व्यापारियों के हित के लिए कार्य किया है। व्यापारी संघ द्वारा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह और गौमाता की मूर्ति भेंट कर सम्मान किया गया। श्री जगदीश पांचाल ने कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन किया। 

तीरथगढ़ की बांस की नावें: रोमांच और इको टूरिज्म का नया अध्याय

रायपुर इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा: वन मंत्री श्री केदार कश्यपछत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात क्षेत्र में अब पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण जुड़ गया है। यहां बांस से बनी नावों पर राफ्टिंग की शुरुआत की गई है, जो रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम पेश करती है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने तीरथगढ़ पहुंचकर इस नई पहल का जायजा लिया और मूंगाबाहर नाले में स्वयं बांस की नाव (बांबू राफ्टिंग) और कायाकिंग का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ इको टूरिज्म को बढ़ावा देंगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार  ग्रामीण और वन क्षेत्रों में पर्यटन के माध्यम से आजीविका के साधन उपलब्ध कराने प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त हों। इस अवसर पर वन मंत्री श्री कश्यप ने इको विकास समिति के सदस्यों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के तहत बस्तर संभाग में पर्यटन को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। तीरथगढ़ जैसे प्राकृतिक स्थलों में इको टूरिज्म की पहल न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगी।