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नगर पालिका की सफाई के दौरान तालाब में लाश बरामद, पुलिस कर रही मामले की जांच

कोंडागांव नगर पालिका की सफाई टीम को मंगलवार सुबह उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब नियमित सफाई अभियान के दौरान बंधा तालाब में एक शख्स का शव मिला। नगर पालिका के कर्मचारी तालाब से जलकुंभी हटाने के लिए जेसीबी मशीन से सफाई कर रहे थे, तभी अचानक जलकुंभी के बीच फंसा हुआ शव पानी की सतह पर तैरने लगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान कोंडागांव निवासी कमल सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। नगर पालिका कर्मचारी संतोष ने बताया कि सुबह सफाई के दौरान जलकुंभी के बीच कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। नजदीक जाकर देखने पर कर्मचारियों को शव नजर आया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा की कार्यवाही के बाद शव को अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई, जो मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि युवक की मौत दुर्घटनावश पानी में डूबने से हुई या फिर किसी अन्य कारण से। घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है।

PM मोदी को भेंट किए गए 108 नदियों के जल कलश, प्रहलाद पटेल की बेटी ने खुद बनाए बॉक्स

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी में उस वक्त राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री अचानक दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह खबर फैलते ही कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, मंत्री के एक ट्वीट ने कुछ ही देर में सभी अटकलों पर विराम लगा दिया और मुलाकात की असली वजह साफ हो गई। पीएम को भेंट की परिक्रमा-कृपा सार मध्य प्रदेश के पंचायत, ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास जाकर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात कोई राजनीतिक चर्चा या मंत्रिमंडल से संबंधित नहीं थी। बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भेंट थी। मंत्री प्रहलाद पटेल ने पीएम मोदी को अपनी पुस्तक परिक्रमा-कृपा सार भेंट की, जो उनके मां नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों और अनुभूतियों पर आधारित है। यह पुस्तक उनके दो वर्षों के गहन श्रम और साधना का परिणाम है। 108 नदियों के जल कलश किए भेंट  पुस्तक के साथ-साथ, मंत्री पटेल ने 108 नदियों के उद्गम स्थलों से संकलित पवित्र जल का एक संग्रह भी एक विशेष अखरोट के डिब्बे में प्रधानमंत्री को भेंट किया। उन्होंने एक्स पर बताया कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण की भावनाओं से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक संगम बन गई। 108 नदियों का पवित्र जल पटेल ने प्रधानमंत्री को 108 नदियों के उद्गम स्थानों से भरा पवित्र जल भी एक विशेष अखरोट के डिब्बे में अर्पित किया. इसे उन्होंने अपनी 'उद्गम मानस यात्रा' के दौरान एकत्रित किया था. यह भेंट भारतीय जल संस्कृति और नदियों के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाती है. प्रधानमंत्री मोदी ने श्री पटेल के इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रयास की सराहना की और उनके समर्पण को प्रेरणादायक बताया. प्रधानमंत्री को भेंट करने से पहले, इस पुस्तक का विमोचन 14 सितंबर, 2025 को 'हिंदी दिवस' के अवसर पर इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने किया था. प्रधानमंत्री को यह ग्रंथ भेंट किया जाना इसे अब राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दे रहा है. भेंट के बाद, श्री पटेल ने अपने 'एक्स' हैंडल पर लिखा कि यह मुलाकात मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि "श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण की भावनाओं से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक संगम बन गई." मंत्री की बेटी ने बनाया अखरोट की लड़की का बॉक्स मंत्री प्रहलाद पटेल ने 2024 और 2025 में एमपी से निकलने वाली 108 नदियों के उद्गम स्थलों की यात्रा की। इस दौरान नदियों के उद्गम स्थलों से भरे गए जल कलशों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करने के लिए मंत्री पटेल की आर्किटेक्ट बेटी फलित सिंह पटेल ने खुद एक बॉक्स तैयार कराया। इस बॉक्स में कांच की शीशियों में 108 नदियों के उद्गमों का जल भरा गया। इस बॉक्स के कवर पर नदियों के उद्गम स्थलों का मैप और अंदर नदियों के उद्गमों के नाम लिखे गए हैं। मंत्री बोले- दो साल में 108 नदियों के उद्गम की यात्रा की मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि यह पुस्तक उनके दो सालों की मेहनत और साधना का परिणाम है। उन्होंने दो बार नर्मदा परिक्रमा की है। उसी अनुभव, आस्था व तपस्या को इस पुस्तक में समर्पित भाव से संजोया है।यह पुस्तक न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संस्कृति में नदियों और परिक्रमा की परंपरा का भी जीवंत दस्तावेज है। पीएम ने पटेल के आध्यात्मिक प्रयास की तारीफ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्री प्रहलाद पटेल के इस आध्यात्मिक प्रयास की तारीफ की और उनके समर्पण को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि 'परिक्रमा कृपा सार' केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि मातृ नर्मदा और भारत की जल संस्कृति के प्रति श्रद्धा का साकार रूप है। मोहन भागवत ने किया था किताब का विमोचन प्रहलाद पटेल की पुस्तक का विमोचन पिछले महीने 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' पर इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया था।

अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार—भोपाल में विश्व हिंदू परिषद के पोस्टर से भड़की राजनीति

भोपाल  देश में त्योहार अब उत्सव से ज्यादा कथित 'जिहाद' से निपटने की जंग बनते जा रहे हैं. नवरात्रों में 'गरबा जिहाद' के नारे लगे, करवाचौथ पर मेहंदी हिंदुओं से ही लगाने की अपील हुई, तो अब दीपावली से पहले विश्व हिंदू परिषद के होर्डिंग्स ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भोपाल में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए हैं, जिन पर मुख्य रूप से यह नारा लिखा है- 'अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार', और 'दीपावली की खरीदी उनसे करें, जो आपकी खरीदी से दीपावली मना सकें.' राजनीतिक गलियारों में यह नारे अब 'अपनों से व्यवहार या दूसरों से बहिष्कार' के तौर पर देखे जा रहे हैं, जिसने एक नई सियासी तकरार को जन्म दिया है.  इससे पहले नवरात्रि के दौरान देशभर में 'गरबा जिहाद' के नाम से मुसलमान की प्रवेश को रोकने की मुहिम चली तो करवाचौथ के मौके पर हिंदू संगठनों ने आह्वान किया कि मेहंदी हिंदुओं से ही लगवाई जाए. दीपावली पास आई तो विश्व हिंदू परिषद ने हिंदुओं के लिए होर्डिंग लगवा दिए. विहिप का बयान विश्व हिंदू परिषद के प्रचार प्रमुख जितेंद्र चौहान ने इस विवाद पर सफाई दी है. उनका कहना है कि संगठन की ओर से लगवाए इन पोस्टर्स का एकमात्र उद्देश्य हिंदू दुकानदारों, व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों का समर्थन करना है ताकि साल में एक बार आने वाले इस त्योहार से वो कुछ कमाई कर सकें और उनकी भी दीपावली अच्छी मना सके. 

छिंदवाड़ा में मानवीय चेहरा: छात्रा की मदद को आगे आए थाना इंचार्ज, एक्सीडेंट में टूटी साइकिल की जगह दिलाई नई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में एक पुलिस अधिकारी का मानवीय चेहरा सामने आया है. 12वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा की साइकिल को एक स्कार्पियो वाहन ने टक्कर मार दी. इस हादसे में साइकिल बुरी तरह तहस नहस हो गई. इससे दुखी छात्रा शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंची और उसने पुलिस को पूरी घटना बताई.  दरअसल, छात्रा बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और वह साइकिल से ही रोज स्कूल आना-जाना करती है. उसने कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे को बताया कि कार की टक्कर से साइकिल टूट गई है, अब वह सुधरेगी भी नहीं, ऐसे में स्कूल कैसे जाऊंगी?  छात्रा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए, यह देखते हुए टीआई आशीष धुर्वे ने अविभावक बनकर एक नई साइकिल छात्रा को दिला दी. बच्ची नई साइकिल मिलने से खुश हो गई.  सिटी कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे ने बताया, ''ये छोटी बच्ची स्कूल आती है. इसकी साइकिल को एक वाहन ने टक्कर मार दी थी. साइकिल पीछे से टूट गई थी. मेरे पास आई. बोली कि साइकिल टूट गई है, अब कैसे स्कूल आना जाना करूंगी? मेरा परिवार बहुत गरीब है.यह सुनकर मैंने एक साइकिल खरीदकर दे दी ताकि उसका स्कूल न छूट जाए. नई साइकिल पाकर बच्ची बेहद खुश है और अब वह अपनी पढ़ाई जारी रख पाएगी.''

भोपाल-इंदौर में बढ़ी ठंड, मानसून गया पर बारिश अभी बाकी; दक्षिण MP में अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के साथ ही रात और सुबह के समय मौसम में ठंडक का एहसास हो रहा है. मौसम साफ बने रहने के साथ ही यहां कई जगहों पर तापमान 15 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है. इसमें राजगढ़, इंदौर, छतरपुर, भोपाल और खंडवा जैसे जिले शामिल है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों के बाद मौसम में बदलाव के साथ ही कुछ जगहों पर बारिश का दौर देखा जाएगा. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस बार कड़ाके की ठंड का दौर कब से देखा जाएगा. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन ने मानसून की विदाई से पहले ही कई शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट के सवाल पर कहा कि अक्टूबर की शुरुआत में भी भारी बारिश का दौर प्रदेश के कई जिलों में देखा गया. हालांकि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के सभी जिलों खासतौर पर पश्चिम मध्य प्रदेश से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है. ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है. इसके पीछे का मुख्य कारण मौसम साफ होना रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के सभी संभागों से बदल छटने के साथ ही न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है. हालांकि यह कहना अभी मुश्किल है कि प्रदेश में ठंड का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि धीरे-धीरे हम ठंड के मौसम की ओर रुख कर रहे हैं. मगर प्रदेश में ठंड का दौर सामान्य रूप से नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ही शुरू होता है. प्रदेश में अभी जो ठंड का एहसास हो रहा है, उसके पीछे की मुख्य वजह लोकल सिस्टम और उत्तरी हवाओं का रुख भी है. एक बार फिर बदलेगा प्रदेश का मौसम मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में एक बार फिर प्रदेश का मौसम बदलेगा ऐसे में कई जगहों पर बादल जाने के साथ ही बारिश का दौर भी देखा जाएगा, जिसके चलते तापमान में इजाफा होने की संभावना है. खास तौर पर रात के तापमान में सामान्य से हल्की उछाल देखी जा सकती है. मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में मानसून प्रदेश से विदाई ले चुका है. वही सिस्टम की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है. हालांकि इसका असर प्रदेश में दिखाई देने की संभावना कम है, लेकिन लोकल सिस्टम के चलते अगले 24 घंटे के बाद प्रदेश के कुछ शहरों में बारिश का दौर देखा जाएगा. हवा का रुख बदला, रातें हुई ठंडी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, दक्षिणी हिस्से के जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन इसके बाद कई जिलों में बूंदाबांदी होने के आसार है। इस बीच प्रदेश में रातें ठंडी हो गई है। हवा का रुख बदलने से ऐसा हो रहा है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवा चल रही है और मध्यप्रदेश में ठंडक बढ़ा रही है। रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के नीचे आ गया। इंदौर-राजगढ़ में 14.6 डिग्री, भोपाल में 15.8 डिग्री, उज्जैन में 17.3 डिग्री, ग्वालियर में 21.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह बैतूल में 17.2 डिग्री, धार में 16.9 डिग्री, गुना में 18.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.9 डिग्री, खंडवा में 16.4 डिग्री, खरगोन में 17 डिग्री, पचमढ़ी में 17.8 डिग्री, रतलाम में 17.2 डिग्री, शिवपुरी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.8 डिग्री, नौगांव में 15.3 डिग्री, टीकमगढ़, रीवा-सागर में 18 डिग्री रहा। तापlमान का ताजा हाल अधिकतम तापमान: खजुराहो (छतरपुर) – 34.2°C (सबसे ज्यादा), ग्वालियर – 32.7°C, नर्मदापुरम – 32.6°C, धार/गुना – 32.5°C, टीकमगढ़ – 32.2°C न्यूनतम तापमान: इंदौर/राजगढ़ – 14.6°C (सबसे कम), नौगांव (छतरपुर) – 15.3°C, भोपाल – 15.8°C, नरसिंहगढ़ (राजगढ़) – 16.3°C, खंडवा – 16.4°C, कैसा रहा बड़े शहरों का पारा ग्वालियर – 32.7°C उज्जैन – 32°C इंदौर – 31°C जबलपुर – 30.4°C भोपाल – 29.6°C

मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर रखा जाएगा एक एक व्यक्ति के स्वास्थ्य का ख्याल

दीपोत्सव 2025 अयोध्या दीपोत्सव के लिए बनाए जा रहे 15 अस्थायी चिकित्सालय मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर रखा जाएगा एक एक व्यक्ति के स्वास्थ्य का ख्याल  दीपोत्सव 2025 को अविस्मरणीय बनाने के लिए युद्धस्तर पर जुटी योगी सरकार – समारोह में आने वाले लोगों की देखभाल के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र में 10 स्थानों पर एंबुलेंस रहेंगी तैनात – अयोध्या के अलावा अमेठी, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी और सुल्तानपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम – सभी चिकित्सालयों में आवश्यक दवाएं, पैरामेडिकल स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे अयोध्या दीपोत्सव 2025 को अविस्मरणीय और पूर्णतः सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अयोध्या में पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस बार दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 15 अस्थायी चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं। साथ ही संपूर्ण मेला क्षेत्र में 10 स्थानों पर चौबीसों घंटे एंबुलेंस की तैनाती की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर इस वर्ष नौवें संस्करण के दीपोत्सव के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस आयोजन में एक-एक व्यक्ति के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा। अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाएगी। सभी चिकित्सालयों में आवश्यक दवाएं, पैरामेडिकल स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। इन स्थानों पर तैनात रहेंगी एंबुलेंस कंट्रोल रूम, श्री राम जन्मभूमि परिसर, श्री हनुमानगढ़ी, श्री कनक भवन मंदिर परिसर, पक्का घाट, बंधा तिराहा (वीणा चौराहा), हनुमानगुफा (श्री राम कथा संग्रहालय), साकेत पेट्रोल पंप, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन और श्री नागेश्वर नाथ मंदिर पर एंबुलेंस हर समय मौजूद रहेंगी। तीन प्रमुख अस्पतालों में 50 बेड आरक्षित 1. स्वशासी राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, अयोध्या नगर में 20 बेड आरक्षित। 2. जिला चिकित्सालय अयोध्या (पुरुष) में 20 बेड आरक्षित। 3. श्री राम चिकित्सालय अयोध्या में 10 बेड आरक्षित। इन 15 स्थानों पर बनाए जा रहे अस्थायी प्राथमिक उपचार केंद्र कंट्रोल रूम (साकेत डिग्री कॉलेज के सामने), श्री राम जन्मभूमि निकास द्वार, श्री राम जन्मभूमि निकास द्वार (पीएफसी), श्री हनुमानगढ़ी मंदिर, बंधा तिराहा (विकास प्राधिकरण कार्यालय), पक्का घाट (08 बेड अस्थायी चिकित्सालय), श्री नागेश्वरनाथ मंदिर, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमानगुफा (श्री राम कथा संग्रहालय), अंतर्राष्ट्रीय बस स्टॉप अयोध्या धाम, कारसेवकपुरम, दशरथ महल, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, कनक भवन मंदिर परिसर और झनकी घाट पर चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। अन्य जनपदों से आएंगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें दीपोत्सव में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए अमेठी, अंबेडकरनगर, बाराबंकी और सुल्तानपुर जनपदों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें भी अयोध्या पहुंचेंगी। ये टीमें संपूर्ण आयोजन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी।

14.82 लाख राज्य कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, ₹1,022 करोड़ का व्ययभार वहन करेगी राज्य सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार के कार्मिकों को दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी का बड़ा उपहार 14.82 लाख राज्य कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, ₹1,022 करोड़ का व्ययभार वहन करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्णय, कर्मचारियों के परिश्रम का सम्मान समयबद्ध भुगतान के निर्देश, परिवारों में उत्साह का माहौल लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के शुभ अवसर पर राज्य कर्मचारियों को बड़ा उपहार देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बोनस देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के परिश्रम और निष्ठा के प्रति राज्य सरकार की सराहना का प्रतीक है। प्रदेश की प्रगति में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सरकार हर स्तर पर उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के कर्मचारियों को उत्पादकता असम्बद्ध बोनस अनुमन्य किया गया है। यह बोनस मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा ₹7,000 के आधार पर 30 दिनों की परिलब्धियों का आगणन करते हुए दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक पात्र कर्मचारी को ₹6,908 का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले यह आर्थिक लाभ कर्मचारियों के परिवारों के लिए आनंद और उत्साह लेकर आएगा तथा शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार करेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार के लगभग 14 लाख 82 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिस पर कुल व्ययभार लगभग ₹1,022 करोड़ आएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पात्र कर्मचारियों को बोनस का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए ताकि सभी परिवार इस पर्व को उल्लासपूर्वक मना सकें। राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य बोनस के दायरे में वे पूर्णकालिक अराजपत्रित कार्मिक शामिल हैं जिनके पद का वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (₹47,600- ₹1,51,100) तक है (सादृश्य ग्रेड वेतन ₹4,800 तक)। इसमें राज्य कर्मचारी, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारी, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सम्मिलित हैं। बता दें कि भारत सरकार द्वारा भी वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बीते 29 सितम्बर, 2025 द्वारा बोनस प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

हमारे नगर केवल इमारतें नहीं, जीवंत सामाजिक संरचनाएं हैं: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश में बनेगी व्यापक 'शहरी पुनर्विकास नीति' शहरों के समग्र पुनर्जागरण की दिशा में बड़ा कदम हमारे नगर केवल इमारतें नहीं, जीवंत सामाजिक संरचनाएं हैं: मुख्यमंत्री नई नीति में होगा आधुनिकता, परंपरा और मानवता तीनों का संतुलित समन्वय: मुख्यमंत्री नई नीति में भूमि पुनर्गठन, निजी निवेश व पारदर्शी पुनर्वास व्यवस्था पर होगा विशेष फोकस राज्य स्तरीय पुनर्विकास प्राधिकरण, सिंगल विंडो अप्रूवल प्रणाली और पीपीपी मॉडल को मिलेगी प्राथमिकता हर परियोजना में जनहित सर्वोपरि, प्रभावित परिवारों की आजीविका की होगी पूर्ण सुरक्षा: मुख्यमंत्री ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और हरित भवन मानकों के संरक्षण के साथ होगा शहरी कायाकल्प भूमि के लोकेशन और उपयोग के आधार पर तय होगा बाह्य विकास शुल्क मुख्यमंत्री का निर्देश, बाह्य विकास शुल्क गणना को व्यावहारिक और जनहित के अनुकूल बनाएं विकास प्राधिकरण वर्तमान में सभी प्रकार के भूमि उपयोग आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि पर समान शुल्क दरें लागू हैं, अब बदलेगी व्यवस्था नगर निकाय सीमा के भीतर और नगर निकाय सीमा के बाहर की भूमि पर भी शुल्क की दरों में होगा अंतर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के नगरों के तीव्र गति से बदलते विकास स्वरूप को देखते हुए अब एक व्यापक 'शहरी पुनर्विकास नीति' की आवश्यकता है। यह नीति केवल भवनों के पुनर्निर्माण तक सीमित न रहकर शहरों के समग्र पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नगर केवल इमारतों का समूह नहीं, बल्कि जीवंत सामाजिक संरचनाएँ हैं। इनके पुनर्जीवन के लिए ऐसी नीति आवश्यक है, जो आधुनिकता, परंपरा और मानवता तीनों का संतुलित समन्वय करे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आवास विभाग की बैठक में कहा कि नई नीति का उद्देश्य पुराने, जर्जर और अनुपयोगी क्षेत्रों को आधुनिक शहरी बुनियादी ढाँचे, पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकसित करना है। उन्होंने कहा कि नीति में ऐसे प्रावधान किए जाएँ, जिनसे निवास योग्य, सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगरों का निर्माण सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि नीति में भूमि पुनर्गठन, निजी निवेश को प्रोत्साहन, पारदर्शी पुनर्वास व्यवस्था और प्रभावित परिवारों की आजीविका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। हर परियोजना में 'जनहित सर्वोपरि' की भावना हो तथा किसी की संपत्ति या जीविका पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके लिए न्यायसंगत और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में राज्य स्तरीय पुनर्विकास प्राधिकरण, परियोजनाओं की सिंगल विंडो अप्रूवल प्रणाली तथा पीपीपी मॉडल को प्राथमिकता दी जाए। निवेशकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश, प्रोत्साहन और सुरक्षा दी जाए, ताकि निजी क्षेत्र पुनर्विकास में सक्रिय भागीदारी कर सके। साथ ही हर परियोजना में हरित भवन मानक, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के प्रावधान अनिवार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरों की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुराने बाजारों, सरकारी आवास परिसरों, औद्योगिक क्षेत्रों और अनधिकृत बस्तियों के लिए क्षेत्रवार अलग रणनीति तैयार की जाए। नीति में सेवानिवृत्त सरकारी आवासों, पुरानी हाउसिंग सोसाइटियों तथा अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति का मसौदा जनप्रतिनिधियों, नगर निकायों और आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम रूप से तैयार किया जाए और शीघ्र मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में विकास प्राधिकरणों द्वारा लिए जाने वाले बाह्य विकास शुल्क पर भी चर्चा हुईं मुख्यमंत्री ने बाह्य विकास शुल्क को व्यावहारिक और जनहित के अनुरूप बनाए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी प्रकार के भूमि उपयोग आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि पर समान शुल्क दरें लागू हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नई व्यवस्था में स्थान और भूमि उपयोग के आधार पर शुल्क दरों में अंतर रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कृषि एवं औद्योगिक उपयोग की भूमि पर बाह्य विकास शुल्क, आवासीय और व्यावसायिक उपयोग की तुलना में कम होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय नगर निकाय सीमा के भीतर और नगर निकाय सीमा के बाहर की भूमि पर भी शुल्क की दरों में अंतर किया जाए, ताकि निवेशकों और आम नागरिकों दोनों के हितों का संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री ने बाह्य विकास शुल्क की गणना प्रणाली में पारदर्शिता और सरलता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें सामान्य व्यक्ति भी बिना किसी परेशानी के स्वयं अपने शुल्क की गणना कर सके। इसके लिए शुल्क निर्धारण का फॉर्मूला स्पष्ट, ऑनलाइन और न्यूनतम मानव हस्तक्षेप वाला होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाह्य विकास शुल्क से प्राप्त धनराशि का उपयोग वास्तव में बाह्य बुनियादी सुविधाओं जैसे; सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, विद्युत व अन्य जनसुविधाओं के विकास में ही किया जाए। इसके लिए विकास प्राधिकरणों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास विभाग को निर्देश दिया कि बाह्य विकास शुल्क से संबंधित वर्तमान प्राविधानों की समीक्षा कर, जनसुलभ, पारदर्शी और व्यवहारिक नीति का प्रारूप शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि नगरीय विकास योजनाओं में गति आए और नागरिकों को वास्तविक लाभ मिले।

पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर बल

ग्राम पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, ग्रामीण विकास की आत्मा हैं: मुख्यमंत्री पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर बल स्थानीय कर एवं यूज़र चार्ज संग्रह की प्रक्रिया ऑनलाइन, पंचायतों की स्वनिधि बढ़ाने के लिए सुधारात्मक कदम जारी जिला पंचायतों में भवन मानचित्र स्वीकृति हेतु सिविल इंजीनियर या आर्किटेक्ट की तैनाती के निर्देश ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र खोलकर पंचायतों की आय वृद्धि और नागरिक सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी: मुख्यमंत्री तालाबों/पोखरों का हो समयबद्ध पट्टा, प्राप्त राशि से जल संरक्षण व ग्राम्य हित के कार्य: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्यों से नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया है। मंगलवार को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की आत्मा हैं। इन इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, पंचायतों की स्वनिधि बढ़ाने के लिए विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय कर एवं यूज़र चार्ज संग्रह की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। पंचायतों की आय वृद्धि के लिए विभिन्न नवाचारों पर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और तकनीकी उपयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों की राजस्व प्राप्ति और जनसेवा की गुणवत्ता दोनों में सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्राधिकरणों के अतिरिक्त जिला पंचायतों के अधीन क्षेत्रों में भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए जिला पंचायतों के पास दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता होनी चाहिए। इस हेतु प्रत्येक जिला पंचायत में सिविल इंजीनियर अथवा आर्किटेक्ट की तैनाती की व्यवस्था की जाए, जिससे स्थानीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड निर्माण, संशोधन, बायोमेट्रिक अपग्रेडेशन आदि कार्यों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे नागरिकों को सुविधा मिले और मिलने वाले शुल्क से ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि हो। बैठक में यह भी बताया गया कि पंचायती राज विभाग द्वारा तालाबों/पोखरों की सूचीकरण और उपयोग नीति पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत तथा जिला पंचायत के अधीन तालाबों/पोखरों का समयबद्ध पट्टा किया जाए और इनसे प्राप्त राशि को हर घर नल, जल संरक्षण तथा ग्राम्य हित के कार्यों में ही उपयोग किया जाए। उन्होंने इस हेतु एक स्पष्ट नियमावली तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पास जितनी अधिक स्व-वित्तीय क्षमता होगी, उतनी ही तेजी से ग्रामीण विकास के कार्य आगे बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल सेवा वितरण और जनसुविधा संचालन के विषय में प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि “ग्राम पंचायतों की समृद्धि ही आत्मनिर्भर भारत की नींव है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत सेवा, स्वच्छता और स्वावलंबन की प्रतीक बने।”

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर तेज की गई अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

मिशन शक्ति 5.0 :योगी सरकार की पुलिस ने अब तक 256 दुर्दांत अपराधियों को किया ढेर, मेरठ जोन अव्वल  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर तेज की गई अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  पिछले बीस दिनों में अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एक दर्जन से अधिक एनकाउंटर की कार्रवाई हुई  – योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी है एनकाउंटर की कार्रवाई – सबसे अधिक मेरठ में 85 अपराधी किए गए ढेर, अपराधियों को ढेर करने में मेरठ जोन पहले स्थान पर    – एनकाउंटर की कार्रवाई में दूसरे नंबर पर है वाराणसी जोन और तीसरे नंबर पर है आगरा जोन  लखनऊ योगी सरकार की यूपी पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पिछले बीस दिनों में एक दर्जन से अधिक एनकाउंटर की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान कई अपराधियों को यमलोक का रास्ता दिखाया जबकि कई को हॉफ एनकाउंटर में दबोचा। यूपी पुलिस ने बीते सोमवार को मेरठ में एक बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले में 25 हजार के इनामी बदमाश शहजाद उर्फ निक्की को ढेर किया जबकि कुछ दिन पहले बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले बदमाशों को करारा जवाब दिया।       एनकाउंटर में मेरठ जोन ने मारी बाजी, पूरे प्रदेश में एनकाउंटर में पहले स्थान पर योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में पिछले साढ़े आठ वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में 256 दुर्दांत अपरधियों को मुठभेड़ में ढेर कर यमलोक पहुंचाया है। इस दौरान पुलिस ने कुल 15,726 मुठभेड़ की कार्रवाइयां कीं, जिनमें 31,960 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एनकाउंटर की कार्रवाई में 10,324 अपराधी घायल हुए। वहीं अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हो गये जबकि 1,754 पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में दर्ज की गईं, जहां पुलिस ने 4,453 कार्रवाई की। इस कार्रवाई में 8,312 अपराधी दबोचे गये जबकि 3,131 अपराधी घायल हुए। वहीं, 85 कुख्यात अपराधियों को मौके पर ही मार गिराया गया। इस दौरान 461 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मी शहीद हो गये। एनकाउंटर कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में मेरठ जोन पहले स्थान पर रहा है। इसी तरह, वाराणसी ज़ोन में 1,108 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 2,128 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 27 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया। इस दौरान 688 अपराधी और 99 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन एनकाउंटर कार्रवाई में दूसरे स्थान पर है। वहीं, एनकाउंटर कार्रवाई में पूरे प्रदेश में आगरा जोन तीसरे स्थान पर है। यहां 2,374 एनकाउंटर की कार्रवाई की गईं, जिनमें 5,631 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 816 अपराधी घायल हुए जबकि 22 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 59 पुलिसकर्मी घायल हुए।  कमिश्नरेट में सबसे अधिक गाजियाबाद कमिश्नरी ने मारी बाजी, 13 अपराधी किये ढेर एनकाउंटर आंकड़ों पर नजर डालें तो लखनऊ ज़ोन में 846 मुठभेड़ के दौरान 17 दुर्दांत अपराधियों को मारा गया। वहीं प्रयागराज ज़ोन में 572 मुठभेड़ के दौरान 10 अपराधी मारे गए। बरेली ज़ोन में 2,059 मुठभेड़ में 17, कानपुर जोन में 717 मुठभेड़ में 12 और गोरखपुर जोन में 642 मुठभेड़ में 8 अपराधियों को मारा गया। इसी तरह, लखनऊ कमिश्नरी में 138 मुठभेड़ में 12, गौतमबुद्ध नगर में 1,117 मुठभेड़ में 9, वाराणसी कमिश्नरी में 131 मुठभेड़ में 7, कानपुर कमिश्नरी में 234 मुठभेड़ में 4, आगरा कमिश्नरी में 458 मुठभेड़ में 7, गाजियाबाद कमिश्नरी में 736 मुठभेड़ में 13 और प्रयागराज कमिश्नरी में 141 मुठभेड़ में 6 अपराधियों को ढेर किया गया। पुलिसिया एक्शन ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर किया मजबूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में यूपी पुलिस ने अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश से बाहर के मंत्र को धरातल पर उतारा। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। यही वजह है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। योगी सरकार की नीति के तहत पुलिस ने संगठित अपराध, माफियागीरी और अवैध वसूली पर सख्त प्रहार किया है। मुठभेड़ के साथ ही संपत्ति कुर्की, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और एनएसए जैसे कानूनों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ चला यह साढ़े आठ वर्षीय अभियान न सिर्फ आंकड़ों में बल्कि जमीनी हकीकत में भी कानून का राज स्थापित करने में सफल रहा है। पुलिस की त्वरित, कठोर और साहसिक कार्रवाई ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर मजबूर कर दिया है और उत्तर प्रदेश अब भयमुक्त और सुरक्षित राज्य के रूप में अपनी पहचान को सशक्त कर रहा है।