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भारत-वेस्टइंडीज T20 मैच के टिकट 22 सितंबर से, छात्रों और दिव्यांगों को मिलेगा विशेष कोटा

इंदौर. इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को होने वाले इंडिया-वेस्टइंडीज टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले के लिए छात्रों और दिव्यांग खेल प्रेमियों के लिए टिकट की दरें तय कर दी गई हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। सबसे अच्छी बात यह है कि बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद टिकट कूरियर के जरिए सीधे आपके घर पहुंच जाएगा। 22 सितंबर से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग छात्रों और दिव्यांगों के लिए स्पेशल कोटे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग 22 सितंबर को दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी। यह बुकिंग विंडो 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक, या फिर कोटे के टिकट खत्म होने तक चालू रहेगी। टिकट खरीदने का माध्यम पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है। जानिए क्या हैं टिकट के दाम छात्रों के लिए ईस्ट स्टैंड (लोअर) का टिकट 950 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि इसी स्टैंड के सेकंड फ्लोर के टिकट की कीमत 1200 रुपये तय की गई है। वहीं, दिव्यांग दर्शकों को नॉर्थ-वेस्ट गैलरी का टिकट 400 रुपये में मिलेगा। इन दोनों ही खास श्रेणियों (छात्र और दिव्यांग) में एक व्यक्ति केवल एक ही टिकट बुक कर पाएगा। स्टूडेंट्स के लिए कड़े नियम और जरूरी दस्तावेज एमपीसीए ने स्पष्ट किया है कि छात्र कोटे का लाभ केवल स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नियमित (रेगुलर) रूप से पढ़ाई करने वाले छात्रों को ही दिया जाएगा। अगर आप किसी कोचिंग या प्राइवेट एकेडमी के छात्र हैं, तो आपको यह सुविधा नहीं मिलेगी। बुकिंग के वक्त अपनी पहचान साबित करने के लिए छात्रों को चालू सत्र का आईडी कार्ड, बीते साल की मार्कशीट या फिर इस साल का हाफ-ईयरली (मिड-टर्म) रिजल्ट अपलोड करना अनिवार्य होगा। दिव्यांग दर्शकों के लिए दिशा-निर्देश दिव्यांग दर्शकों को टिकट बुक करते समय सिविल सर्जन या किसी सक्षम सरकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। जिन लोगों को व्हीलचेयर की जरूरत है, उन्हें फॉर्म भरते समय व्हीलचेयर टिकट का विकल्प चुनना होगा, लेकिन मैच वाले दिन स्टेडियम में व्हीलचेयर उन्हें अपनी ही लानी होगी।

पंजाब में बड़ा बदलाव, 80 साल पुराने 2 कानूनों का पंजाबी में होगा इस्तेमाल

चंडीगढ़. पंजाब में सरकारी कामकाज और कानूनी प्रक्रियाओं में पंजाबी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डिपार्टमेंट ऑफ लीगल एंड लेजिस्लेटिव अफेयर्स ने पंजाब होम गार्ड्स एक्ट, 1947 और पंजाब लोकल अथॉरिटीज (एडेड स्कूल्स) एक्ट, 1959 के पंजाबी पाठ को आधिकारिक कानूनी मान्यता दे दी है। दोनों कानूनों के अधिकृत पंजाबी पाठ को सरकारी गजट में प्रकाशित किया गया है। इससे इन कानूनों को समझने और इनके आधार पर विभागीय कार्यवाही करने में पंजाबी का इस्तेमाल आसान होगा। करीब आठ दशक पुराने होम गार्ड्स कानून और छह दशक से अधिक पुराने एडेड स्कूल्स कानून का अब तक अधिकृत पंजाबी पाठ उपलब्ध नहीं था। कानूनों के प्रामाणिक संदर्भ के लिए अंग्रेजी पाठ पर ही निर्भरता रहती थी। इससे विशेष रूप से उन कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य लोगों के लिए परेशानी होती थी, जिन्हें सरकारी या कानूनी प्रक्रिया में अंग्रेजी की जटिल शब्दावली का सामना करना पड़ता था। गजट में प्रकाशन के बाद मिला कानूनी दर्जा पंजाब ऑफिशियल लैंग्वेज एक्ट, 1967 की धारा 6-ए के तहत इन दोनों कानूनों के पंजाबी अनुवाद को गजट में प्रकाशित किया गया है। इसके बाद यह केवल समझने के लिए तैयार किया गया सामान्य अनुवाद नहीं रहेगा, बल्कि अधिकृत कानूनी पाठ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। विभागों और संबंधित संस्थानों में कानून की धाराओं को पंजाबी में समझने के लिए इसका आधिकारिक रूप से सहारा लिया जा सकेगा। कानून की मूल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं सरकार के इस कदम से दोनों कानूनों की मूल कानूनी व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। कानून में निर्धारित अधिकार, दायित्व, प्रावधान या अन्य वैधानिक व्यवस्थाएं पहले की तरह ही लागू रहेंगी। बदलाव मुख्य रूप से कानून के अधिकृत पंजाबी पाठ को उपलब्ध कराने से जुड़ा है।

बेटियों को उद्यमी बनाएगी बिहार सरकार, Startup Challenge में ₹50 हजार से ₹2 लाख तक की मदद

पटना राज्य सरकार पहली बार बेटियों के लिए नए आइडिया के आधार पर स्टार्टअप स्कीम (Startup Scheme) लांच करने की तैयारी में है। इसकी जवाबदेही उच्च शिक्षा विभाग को दी गई है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर विभाग ने बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव में नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया के आधार पर सरकार की ओर से 50 हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। वित्त विभाग की सहमति के बाद राज्य मंत्रिमंडल से ली जाएगी स्वीकृति भविष्य में अनुदान में बढ़ोतरी को भी प्रस्ताव है। प्रस्तावित योजना पर वित्त विभाग से सहमति लेने के बाद उसे राज्य मंत्रिमंडल के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद चालू वित्तीय वर्ष में ही इस नई योजना को लागू किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के मौके पर बेटियों को उद्यमी बनाने के लिए नई पहल करते हुए बेटी स्टार्टअप योजना शुरू करने की घोषणा की थी। उच्च शिक्षा विभाग के एक बजट अधिकारी ने बताया कि बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रारुप तैयार है। इसे बिल्कुल नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसकी पात्रता/योग्यता भी निर्धारित की गई है। आवेदक बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए। उसकी आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। व्‍यावहारिक आइड‍िया को प्राथम‍िकता नई योजना के तहत मुख्य रूप से उन आइडियाज को प्राथमिकता दी जाएगी जो व्यावहारिक हों और बाजार में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें। नई योजना का क्रियान्वयन उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग मिलकर करेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली स्टार्टअप की यह पहली योजना होगी। इतना ही नहीं, राज्य में केवल बालिकाओं के लिए भी स्टार्टअप की यह पहली योजना होगी। इससे बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह पहल बेटियों को केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन के माध्यम से प्रदेश के विकास में नई भूमिका निभाएंगी। स्टार्टअप के लिए आए प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेगी कमेटी योजना का मानदंड कुछ इस तरह तैयार किया गया है जिसमें स्टार्टअप के लिए बिल्कुल नया आइडिया और नवाचार संबंधी प्रस्ताव को चयन में प्राथमिकता मिलेगी। इस प्रकार स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक बेटियों के लिए संबंधित अपना प्रस्ताव तैयार करने में चैलेंज भी होगा। इसमें चुनौती यह होगी कि उनके स्टार्टअप का प्रस्ताव वास्तविक जिंदगी से जुड़ा हो। क्योंकि, योजना का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें केवल नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला (उद्यमी) बनाना भी है। बेटियों द्वारा जमा किए जाने वाले स्टार्टअप प्रोजेक्ट प्रस्ताव का मूल्यांकन के लिए कमेटी होगी। इसमें उच्च शिक्षा विभाग को उद्योग विभाग का सहयोग होगा

राजस्थान में डिजिटल कनेक्टिविटी को रफ्तार, 4G सेचुरेशन और भारतनेट प्रोजेक्ट पर बड़ा फोकस

जयपुर  राजस्थान के दूरदराज, जनजातीय और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों तक हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में 18वीं स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक हुई। इसमें डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार, राइट ऑफ वे नियम-2024 के क्रियान्वयन, 4जी सेचुरेशन परियोजना और केंद्र की पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना के तहत किए जा रहे सुधारों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सीमांत, जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कनेक्टिविटी के अभाव में आमजन सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित कार्यों का मिशन मोड में निस्तारण करने के निर्देश दिए। आरओडब्ल्यू नियमों का समयबद्ध क्रियान्वयन मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2025 से प्रभावी नए राइट ऑफ वे नियम-2024 को सभी नगरीय निकायों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा 30 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से अंगीकृत किया जाए। उन्होंने ऑफलाइन आवेदन व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर सभी प्रक्रियाएं राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल के माध्यम से संचालित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि सात प्रमुख विभाग पहले ही राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल से जुड़ चुके हैं। 150 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का लक्ष्य बैठक में बताया गया कि 31 मार्च 2026 तक के सभी लंबित आरओडब्ल्यू आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में आरओडब्ल्यू अनुमतियों के निस्तारण का औसत समय करीब 32 दिन है। मुख्य सचिव ने इसे 45 दिन से कम बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संशोधित भारतनेट परियोजना एडेंडम, कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म और समेकित बिलिंग व्यवस्था से जुड़ी शेष औपचारिकताएं समय पर पूरी करने को कहा, ताकि राज्य को विशेष सहायता योजना के तहत 150 करोड़ रुपए की पूरी प्रोत्साहन राशि मिल सके। 4जी सेचुरेशन परियोजना की समीक्षा के दौरान उदयपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर में मोबाइल टावरों के लिए लंबित राजस्व भूमि आवंटन को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को व्यक्तिगत रुचि लेकर मामलों का निस्तारण करने को कहा। बाड़मेर और श्रीगंगानगर सहित सीमावर्ती जिलों के अनकवर्ड गांवों को प्राथमिकता से नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया गया। दूरसंचार कंपनियों की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा बैठक में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्थानीय निकायों द्वारा अस्वीकृत आवेदनों की प्रोसेसिंग फीस लौटाने पर विचार करने, स्मार्ट मीटरिंग और समूह बिलिंग को आसान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल टावर स्थापना पर बिना विधिक सुनवाई या आधारहीन शिकायतों के आधार पर एकतरफा रोक नहीं लगाई जाए। ऐसे मामलों का निस्तारण आरओडब्ल्यू नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला कलेक्टर स्तर पर किया जाए। स्मार्ट सिटी डक्ट और नगरपालिका क्षेत्रों में केबल बिछाने के शुल्कों को व्यावहारिक और मानकीकृत रखने पर भी जोर दिया गया।

पेंशन बकाया मामले में सख्ती, पंजाब हाईकोर्ट ने DEO और बैंक अधिकारियों की सैलरी रोकी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है. जगदीश राज अरोड़ा नाम के व्यक्ति ने अपनी दिवंगत पत्नी सुदर्शन कुमारी की पेंशन के बकाया भुगतान के लिए वर्ष 2023 में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुदर्शन कुमारी गुरदासपुर-द्वितीय में ब्लाक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं. याचिकाकर्ता के मुताबिक उनकी पत्नी की पेंशन का बकाया करीब वर्ष 2007 से लंबित है. करीब डेढ़ दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ. इस दौरान अरोड़ा सरकारी कार्यालयों और बैंक के चक्कर लगाते रहे. मामले में संबंधित विभाग और बैंक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, लेकिन बकाया राशि का समाधान नहीं हो सका. विभाग और बैंक देते रहे अलग-अलग दलील सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने यह स्पष्ट हुआ कि याचिकाकर्ता के पेंशन बकाये के अधिकार को लेकर कोई विवाद नहीं है. गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से बताया गया कि अकाउंटेंट जनरल, पंजाब के कार्यालय ने 24 सितंबर 2012 को जिला कोषाधिकारी को पत्र भेजा था. विभाग के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया ने इस निर्देश को लागू नहीं किया. दूसरी ओर बैंक की ओर से दलील दी गई कि जिला कोषाधिकारी की ओर से आवश्यक अनुपालन नहीं किए जाने के कारण बकाया पेंशन जारी नहीं हो सकी. इस तरह भुगतान की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा. हाई कोर्ट ने अधिकारियों के वेतन पर लगाई रोक मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी ने सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि 80 वर्षीय याचिकाकर्ता अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं और इसके बावजूद उन्हें अपने जायज हक के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ा. कोर्ट ने पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के सचिवों को निर्देश दिया कि गुरदासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कोषाधिकारी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. इसके साथ ही बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक को भी निर्देश दिया गया कि संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक और शाखा प्रबंधक कोर्ट की अनुमति के बिना अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. हाई कोर्ट ने यह कदम तब तक प्रभावी रखने का निर्देश दिया है, जब तक पेंशन के बकाये से जुड़ा मामला प्रभावी तरीके से हल नहीं हो जाता.

चक्रधर समारोह में आज सजेगी संगीत की महफिल, अमित साना करेंगे परफॉर्म

रायपुर. रायगढ़ में आज 41वें चक्रधर समारोह की सांस्कृतिक संध्या सजेगी, जिसमें कथक, शास्त्रीय नृत्य और ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य शैली की प्रस्तुतियां होंगी. शाम 4.45 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के 10 सदस्यीय दल और पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ के निर्देशन में कथक की विशेष प्रस्तुति होगी. वहीं रात 9 बजे से इंडियन आइडल फेम अमित साना अपने 10 सदस्यीय संगीत दल के साथ सुरों की महफिल सजाएंगे, जिसके साथ 20 सितंबर की सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा. आज भव्य पारणा महोत्सव रायपुर. विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट एवं अद्भुत चातुर्मास समिति द्वारा गुरुवर्या साध्वी सिद्धांत ज्योतिश्री एवं साध्वीवृंदों की निश्रा में चल रहे चातुर्मास महोत्सव के अंतर्गत 20 सितंबर को गुरुवर्याश्री के 89वें वर्धमान ओली तप का भव्य पारणा महोत्सव आयोजित किया जाएगा. प्रातः 8 बजे पारणा कार्यक्रम प्रारंभ होगा तथा प्रातः 9:30 बजे से 108 जोड़ों द्वारा 20 स्थानक की भव्य पूजा होगी. रायपुर में पहली बार इतनी भव्य 20 स्थानक पूजा बिना किसी नकराना (शुल्क) के आयोजित की जा रही है. श्रद्धालुओं को केवल पूजा के वस्त्रों में आना होगा, शेष समस्त व्यवस्था ट्रस्ट एवं समिति द्वारा की जा रही है. इस पुनीत प्रसंग पर सुबह 8 बजे हीरसूरी भवन, अरिहंत हाईट से राजेश सिंघी भवन तक शोभायात्रा निकाली जाएगी.

मंदसौर में दर्दनाक हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ा मिनी ट्रक; महिला और बच्ची की गई जान

मंदसौर. महू-नीमच राजमार्ग पर ग्राम लखमाखेड़ी के पास तेज गति से चला रहे मिनी ट्रक चालक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। ट्रॉली पलटने से एक मासूम सहित दो की मौत हो गई। वही 17 लोग घायल हुए है। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सभी मजदूर रेलवे ठेकेदार के यहां काम करते हैं और रात में मंदसौर से उज्जैन जा रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लगभग 2:30 बजे महू-नीमच राजमार्ग पर दलौदा तहसील के ग्राम लखमाखेड़ी के यहां ट्रैक्टर ट्राली को मिनी ट्रक के चालक ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से ट्राली पलट गई। ट्राली में लगभग 20 लोग सवार थे इनमें मजदूरों के साथ उनके बच्चे भी थे। एक बालिका व महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में 17 घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। रावटी क्षेत्र से आए थे मजदूरी करने सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले हैं। यह रेलवे के ठेकेदार के साथ काम करते हैं औरमजदूरी के लिए मंदसौर आए थे। यहां से रात को उज्जैन जा रहे थे। तभी लखमाखेड़ी फंटे पर ट्रक ने ट्राली को पीछे से टक्कर मार दी। इन दोनों की हुई मौत     45 वर्षीय बसंती पत्नी घेरु निवासी किलसिया रावी     6 वर्षीय प्रियंका पुत्री नेमचंद निवासी मोटूगा यह सभी हुए घायल     18 वर्षीय कल्पना पुत्री विनोद निवासी रानीसिंह रावटी     22 वर्षीय सविता पत्नी राहुल निवासी रावटी     23 वर्षीय राहुल पुत्र संजय     14 वर्षीय नीरु पुत्र तेरसिंह     15 वर्षीय सुरपाल पुत्र तेरसिंह     8 वर्षीय सदेव पुत्र अब्बुलाल     18 वर्षीय चंचल पुत्र संजय     28वर्षीय सोनु पत्नी अब्बुलाल     4 वर्षीय कुशाल पुत्र राहुल     23 वर्षीय लीला पत्नी राहुल     5 वर्षीय आशा पुत्री राहुल     18 वर्षीय गोपाल पुत्र नानालाल     19 वर्षीय मनीष पुत्र संजय     10 वर्षीय पुजा पुत्री नेमचंद     7 वर्षीय करण पुत्र नेमचंद     30 वर्षीय पप्पूडीबाई पत्नी नेमचंद     35 वर्षीय शंकर पुत्र गमिया निवासी मोरटुका (ट्रैक्टर चालक)

माटी महोत्सव में सम्मानित हुईं मालिनी अवस्थी समेत कई हस्तियां, सम्राट चौधरी ने गिनाई बिहार की विरासत

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को ऊर्जा आडिटोरियम में 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में शामिल हुए। माटी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। सीएम ने कहा कि प्रदेश में बज्जिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाएं बोली जाती हैं, जो राज्य की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं। दोनों राज्‍यों की साझा संस्‍कृत‍ि से विकस‍ित भारत में दे रही योगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पूर्वांचल को बिहार और उत्तर प्रदेश, दोनों के संदर्भ में देखते हैं। दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक विरासत और मानवीय संसाधन देश को विकसित भारत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली लोक गायिका पद्मश्री से अलंकृत मालिनी अवस्थी, पूर्व क्रिकेटर सैयद सबा करीम, श्वेता सिंह, बैंक आफ बड़ौदा के एमडी ब्रजेश कुमार सिंह, पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह, चिकित्सक डा. राजीव रंजन, शशांक कुमार तथा फुटबाल खिलाड़ी मधु कुमारी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी महोत्सव के माध्यम से बिहार के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया जाना चाहिए। हमें अपनी माटी का फर्ज निभाना है और अपनी माटी का ऋण लौटाना है। महोत्सव में पूर्वांचल का खान-पान, लोकगीत-संगीत, मिलना-मिलाना, परिचर्चा और ''माटी सम्मान'' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को सामने लाता है। मौके पर कला एवं संस्कृति मंत्री डा. प्रमोद कुमार, सांसद व माटी संस्था के संरक्षक जगदम्बिका पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, माटी संस्था के संयोजक आसिफ आजमी, दानिश इकबाल आदि मौजूद रहे। मालिनी अवस्थी ने लोक गीतों से शाम को यादगार बना दी। नालंदा का रहा गौरवशाली इतिहास सीएम ने कहा कि बिहार की धरती ने देश और दुनिया को अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं। श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की कर्मभूमि और भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से जुड़ी यह धरती अपनी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के लिए जानी जाती है। मोहनदास करमचंद गांधी की महात्मा की उपाधि भी बिहार की धरती से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा जाकर देखें तो हजारों वर्ष पूर्व बिहार की शिक्षा और ज्ञान की समृद्ध परंपरा का प्रमाण मिलता है। नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया के प्रमुख प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल था। बिहार की संस्कृति और ज्ञान परंपरा कितनी व्यवस्थित और समृद्ध रही है, इसका अंदाजा नालंदा के गौरवशाली इतिहास से लगाया जा सकता है।  

पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेशः ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए के नारे को लेकर उन पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तीखा हमला बोला है। सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए पूरी तरह से ढकोसला है। अखिलेश कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं। कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक तो कभी आधी आबादी और कभी अगड़ा बता देते हैं। ‘अखिलेश दलितों से नफरत करते हैं, दलित महापुरुषों से बढ़ जाती है चिढ़’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलितों के जो महापुरुष हैं, उनकी प्रतिमा देख कर वह बहुत ज्यादा चिढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में अखिलेश यादव सरकार बनाए और 2017 तक देखा जाए तो समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की असंख्य मूर्तियां तोड़ डालीं। राजभर ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी की सरकार में तोड़ी गईं। चाहे जौनपुर का मामला हो, मऊ का हो, सीतापुर हो या आजमगढ़… ऐसे तमाम जिले हैं जहां बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी गईं। ‘आगरा का मामला कौन भूल सकता है? दलित ग्राम प्रधान को पीट-पीटकर मार डाला’ ओमप्रकाश राजभर ने आगरा के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर यह था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। इसके लिए उनकी हत्या कर दी गई। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग आंबेडकर जी के संबंध में अगर आंकड़े उठाकर देखेंगे तो अखिलेश राज में दलितों के ऊपर अत्याचार कई गुना बढ़ा था। बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ने का रिकॉर्ड भी समाजवादी पार्टी की सरकार में ही सबसे ज्यादा रहा। ‘सपा के वोटर ही दलित अत्याचार में सबसे आगे’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलित अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। खुद अखिलेश यादव और उनका सैफई का कुनबा बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए क्या विचार रखता है, यह किसी से छिपा नहीं है। लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड में सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां बीजेपी के नेता पहुंच गए। बीजेपी के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह से उनकी जान बची थी। ‘अखिलेश राज में दलित बेटियों पर जितना जुर्म हुआ, वो कौन नहीं जानता’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव दलित सम्मान की बात करते हैं, लेकिन उनके राज में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ वो कौन नहीं जानता है। उन्होंने कहा कि आज वक्त बदल गया है। योगी राज में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्क में अगर प्रतिमा पुरानी हो गई है तो उसे बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य काम के लिए सरकार ने अभी 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम चालू हो गया है। ‘नीला गमछा अखिलेश के लिए गले का फांस, लाल टोपी दिमाग पर’ ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के नीले गमछे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सोच रहे हैं कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट ले लेंगे, लेकिन उनके गले का नीला गमछा ही उनके गले का फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा 2 जून 1995 की घटना याद दिलाता है कि आपने मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में सपा ने क्या किया था। ‘आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया, महापुरुषों के नाम के पार्क और जिले खत्म किए’ राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने आरक्षण में प्रमोशन का आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों बाबा साहब सहित अन्य के नाम से बने पार्क और जिले खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म करने का काम अखिलेश यादव ने किया। ‘आज योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित’ ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज सभी महापुरुषों का सम्मान योगी जी की सरकार में सुरक्षित है। कहीं कोई घटना नहीं हो पा रही है। महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जो काम कर रही है, अगर ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश जी के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़ते। इसलिए जिस सोच को लेकर अखिलेश यादव चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।

हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर एवं हर्रवाह में सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित

उमरिया  जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय हर्रवाह एवं बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भाषण एवं चित्रकला के माध्यम से अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का सुंदर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वहीं, शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय बिलासपुर में मुख्यमंत्री जी के द्वारा आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी छात्र-छात्राओं एवं उपस्थितजनों द्वारा देखा गया। कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रवि शंकर सोनी, दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।