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नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी: 3 को कुरुक्षेत्र में अमित शाह करेंगे शुभारंभ

चंडीगढ़  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अक्तूबर को कुरुक्षेत्र में नए लागू आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। प्रदर्शनी एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी 4–5 दिनों तक चलें ताकि अधिवक्ता, छात्र, अभिभावक और आम नागरिक इसमें शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें। सीएम ने कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए, जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।   उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए जहाँ इन कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का अतिशीघ्र समाधान किया गया हो। इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को देखने में मदद मिलेगी। बैठक के दौरान, सीएम ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) विनीत गर्ग, पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, महानिदेशक (कारागार) आलोक कुमार रॉय, महानिदेशक (सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा) के. मकरंद पांडुरंग, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) सौरभ सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

अमृत भारत ट्रेन अब छेहरटा-सहरसा रूट पर भी दौड़ेगी

फिरोजपुर  उत्तर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन छेहरटा और सहरसा के बीच नई अमृत भारत साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू करने जा रहा है। इस ट्रेन का नियमित संचालन होने से इस रूट पर रेलयात्रियों की यात्रा और भी सुगम और सुलभ होगी। छेहरटा और सहरसा के बीच नई अमृत भारत साप्ताहिक ट्रेन सेवा (14628) का संचालन 20 सितंबर से किया जा रहा है। न संख्या 14628 छेहरटा से सहरसा के लिए प्रत्येक शनिवार को खुलेगी। ट्रेन छेहरटा से रात्रि 22:20 बजे प्रस्थान करके लगभग 35 घंटे की यात्रा के बाद सुबह 10:00 बजे सहरसा पहुंचेगी। अमृत भारत साप्ताहिक ट्रेन 14627 का नियमित संचालन दिनांक 22 सितंबर से किया जाएगा। सहरसा से छेहरटा के लिए प्रत्येक सोमवार को ट्रेन खुलेगी। ट्रेन सहरसा से दोपहर 13:00 बजे प्रस्थान करके लगभग 38 घंटे की यात्रा के बाद सुबह 03:20 बजे छेहरटा पहुंचेगी। मार्ग में यह अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस अमृतसर, ब्यास, जालंधर सिटी, फगवाड़ा, ढंडारी कलां, सरहिंद, राजपुरा,अंबाला कैंट, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, चंदौसी, सीतापुर,बुढ़वल, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, कप्तानगंज, सिसवा बाज़ार, नरकटियागंज, सिकटा, रक्सौल, सीतामढ़ी, शिशो, सकरी, झंझारपुर, निर्मली, सरायगढ़ और सुपौल रेलवे स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। इस अमृत भारत साप्ताहिक एक्सप्रेस में शयनयान (स्लीपर) श्रेणी के 8 कोच, सामान्य (जनरल) श्रेणी के 11 कोच के अलावा पैंट्री कार की सुविधा भी उपलब्ध है।

आखिरकार ज्योति मल्होत्रा को सौंपी गई चार्जशीट, सुनवाई कब होगी?

हिसार  जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा को  सिविल जज सुनील कुमार की अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश किया गया। ज्योति को चार्जशीट की प्रति सौंपी गई। ज्योति मल्होत्रा को चार्जशीट की संशोधित प्रति दी गई है। कुछ संवेदनशील हिस्से ज्योति मल्होत्रा को नहीं दिए गए। इस मामले की अगली सुनवाई एक अक्तूबर को होगी। वकील कुमार मुकेश ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट तैयार की थी। जिसे अदालत में 14 अगस्त को दिया गया। पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया था कि इस चार्जशीट के कुछ हिस्से ज्योति मल्होत्रा को न दिए जाएं। इसके बाद पुलिस ने 25 अगस्त को एक संशोधित चार्जशीट अदालत में जमा कराई थी। आज मंगलवार को ज्योति को संशोधित चार्जशीट की प्रति सौंपी गई है। एक अक्तूबर को अगली सुनवाई के दौरान चार्जशीट को चेक किया जाएगा। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी। अगली पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी। एडवोकेट कुमार मुकेश ने कहा कि डिफॉल्ट बेल खारिज किए जाने के आदेश की कॉपी हमें मिली है। जिसका अध्ययन कर लिया है। जल्द ही रिवीजन पिटीशन दाखिल करेंगे। ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने 14 अगस्त को करीब 2500 पेज की चार्जशीट तैयार कर अदालत में जमा कराई थी। इसके साथ ही पुलिस ने चार्जशीट के कुछ हिस्से ज्योति मल्होत्रा को न दिए जाने का अनुरोध किया था। ज्योति मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने ज्योति मल्होत्रा के लिए डिफॉल्ट बेल की याचिका लगाई थी। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि पुलिस को 90 दिन में 14 अगस्त तक जांच पूरी करनी चाहिए थी। पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई तो ज्योति को डिफॉल्ट बेल दी जाए। इस याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था।

भाजपा ने बताया सुरक्षा कारण, पाकिस्तान यात्रा पर लगी रोक

चंडीगढ़  गुरु नानक देव के ‘प्रकाश पर्व’ समारोह के लिए नवंबर में सिख जत्थों को पाकिस्तान जाने की अनुमति देने से इनकार करने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत मान द्वारा केंद्र की आलोचना करने के एक दिन बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका है। उन्होंने मान से यह भी पूछा कि अगर पाकिस्तान में किसी भारतीय तीर्थयात्री के साथ कुछ गलत हुआ तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। मान ने सोमवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप टी-20 क्रिकेट मैच को मंजूरी देने, लेकिन नवंबर में गुरु नानक देव की जयंती समारोह के लिए पड़ोसी देश में सिख जत्था भेजने की अनुमति देने से इनकार करने के लिए हमला बोला। भाजपा नेता सिंह ने कहा कि केंद्र को सूचना मिली है कि पाकिस्तान में तीर्थयात्रियों के साथ कुछ गलत हो सकता है। सिंह ने तीर्थयात्रियों की पाकिस्तान यात्रा को लेकर लगायी गयी वर्तमान रोक पर कहा कि सुरक्षा को खतरा होने की आशंका है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कोई भी देश क्रिकेट खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं जाता। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कई देशों ने अपने नागरिकों को पर्यटन के उद्देश्य से भी पाकिस्तान न जाने की सलाह जारी की है।

गुमला में बड़ा एक्सीडेंट! आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में एक एसयूवी एवं ऑटोरिक्शा के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गयी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में ढाई साल का एक बच्चा भी शामिल है। पुलिस ने यह जानकारी दी। ढाई साल के बच्चे समेत 3 की दर्दनाक मौत डुमरी पुलिस थाने के प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि यह हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ जब जैरागी बाजार से सवारियों को लेकर लौट रहा एक ऑटोरिक्शा महुआडांड़-जैरागी मुख्य मार्ग पर अनवरटोल गार्डन के पास लातेहार की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से टकरा गया। कुमार ने बताया कि टक्कर के कारण ऑटोरिक्शा पलट गया और हुंडरू नागेसिया (65) और बिट्टू तुरी (56) नामक दो बुजुर्गों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में ढाई साल के अनीश बारा को सिर में गंभीर चोटें आईं। बेहतर उपचार के लिए डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गुमला के सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘हुंडरू नागेसिया डुमरी के चिरोटोली गांव का जबकि बिट्टू तुरी लातेहार जिले के महुआडांड़ का रहने वाला था। बच्चे की पहचान चिरोटोली के ही पीटर बारा के पुत्र के रूप में हुई, जिसे गुमला के सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारी ने आगे बताया, "हमने शवों को गुमला के सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और एसयूवी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है। हम इस ‘हिट एंड रन' मामले में मृतकों और घायलों को अनुग्रह राशि दिलाने की कोशिश करेंगे।" हादसे में ऑटोरिक्शा में सवार तीन अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई। 

मनोज बाजपेयी ने बढ़ाया मदद का हाथ, बोले – बिहार बाढ़ प्रभावितों के लिए हर प्रयास ज़रूरी

पटना बॉलीवुड स्टार मनोज बाजपेयी ने बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता करने की अपील की है। बिहार में भीषण बाढ़ ने तबाही मचा रखी है, जिससे हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं और कई गांव जलमग्न हो गए हैं। ऐसे समय में मनोज बाजपेयी राहत प्रयासों को तेज करने के लिए आगे आए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर लोगों से इस आपदा से प्रभावित लोगों की तत्काल सहायता करने की अपील की है। अपने पोस्ट में बाजपेयी ने तबाही के स्तर को उजागर करते हुए लिखा कि कैसे कई परिवार बेघर हो गए हैं और जीवित रहने के लिए राहत केंद्रों पर निर्भर हैं। उन्होंने एनजीओ आह्वान फाउंडेशन की ज़मीनी प्रयासों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि एनजीओ ने अब तक 50,000 से अधिक राहत किट वितरित किए हैं और सबसे अधिक प्रभावित जिलों में 53 राहत केंद्र स्थापित किए हैं। अभिनेता ने अपने प्रशंसकों और आम जनता से उदारता से योगदान देने की अपील करते हुये कहा कि 'हर प्रयास जीवन बचाने में अहम है।' बिहार को अभी हमारी सबसे ज़्यादा ज़रूरत मनोज बाजपेयी, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेलवा गांव से ताल्लुक रखते हैं, अक्सर राज्य के प्रति अपने गहरे लगाव के बारे में बात करते आए हैं। उनकी अपील में एक व्यक्तिगत भावनात्मक जुड़ाव नज़र आया, जब उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एकजुटता और सामूहिक प्रयास ही इस त्रासदी से उबरने का रास्ता हैं। मनोज वाजपेयी ने सोशल मीडिय पर कहा, 'मैं सभी से आग्रह करता हूं कि आगे आएं और मदद करें। बिहार को अभी हमारी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।' उन्होंने आह्वान फाउंडेशन के दान और सहायता के आधिकारिक लिंक भी टैग किए।  

इंदौर में सोनोग्राफी सेंटर केस में दो डॉक्टरों को सजा, गर्भवती व डॉक्टरी साइन नहीं होने का मामला

इंदौर  इंदौर में जिला कोर्ट ने 2 डॉक्टरों को प्री कंसेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक एक्ट (PCPNDT) के उल्लंघन करने के मामले में एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामला 14 साल पुराना है। इसमें अखबारों की खबरों के आधार पर जिला प्रशासन ने जांच कराई।  घोषणापत्र पर न तो गर्भवती महिला के हस्ताक्षर थे। न ही इस गंभीर एक्ट के पालन के फॉर्म पर दोनों जिम्मेदार डॉक्टरों के हस्ताक्षर किए थे। इसके सहित कई गड़बड़ियां पाई गई। इस पर जिला प्रशासन ने स्नेह नगर स्थित आइडियल मेडिकल सेंटर (सोनोग्राफी सेंटर) के 2 डॉक्टरों के खिलाफ कोर्ट की शरण ली थी। 14 साल बाद जिला कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों को दोषी पाया। आरोपियों के नाम डॉ. राजू प्रेमचंदानी (62) निवासी निवास सर्वोदय नगर और डॉ. अजय मोदी (63) निवासी केसरबाग हैं। इन्हें एक-एक साल के कारावास के साथ, PCPNDT एक्ट की एक अन्य धारा में 3-3 माह का कारावास और 6-6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। जानिए क्या है मामला 1 जून 2011 को इंदौर के अखबारों में एक महिला की सोनोग्राफी की गड़बड़ियों को लेकर खबर प्रकाशित थी। इसके बाद महिला ने आत्महत्या कर ली थी। तत्कालीन एडीएम नारायण पाटीदार द्वारा टीआई को एक पत्र लिखकर जानकारी मांगी कि महिला की सोनोग्राफी किस सेंटर पर हुई। 7 जून 2011 को डीएसपी मुख्यालय इंदौर द्वारा यह जानकारी दी गई कि महिला तिल्लौर बुजुर्ग की है और उसने 5 अप्रैल 2011 को आइडियल मेडिकल सेंटर पर सोनोग्राफी कराई थी। इसमें जानकारी के साथ सोनोग्राफी की रिपोर्ट्स भी भेजी। इसके बाद जिला प्रशासन ने 11 जून 2011 को वहां टीम भेजकर निरीक्षण कराया। तब टीम ने सेंटर के डायरेक्टर डॉ. राजू प्रेमचंदानी और डॉ. अजय मोदी की उपस्थिति में महिलाओं की सोनोग्राफी संबंधी रजिस्टर की जांच की गई जिसका पंचनामा बनाया गया। इस दौरान दोनों डॉक्टरों द्वारा सोनोग्राफी रजिस्टर पेश किए गए जिन्हें जब्त किया गया। ये मिली बड़ी गड़बड़ियां     जांच में पाया कि सेंटर PCPNDT एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है और प्रत्येक माह की 5 तारीख तक गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रा सोनोग्राफी रिपोर्ट और फॉर्म-F सक्षम प्राधिकारी PCPNDT एक्ट में कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।     इसमें आइडियल मेडिकल सेंटर की रिपोर्ट पेश की गई रिपोर्ट और फॉर्म-F नंबर 68,71 और 79 पर गर्भवती महिलाओं के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर नहीं थे।     ऐसे ही फॉर्म-F नंबर 103 104 और 112 से 126 तक पर डॉ. राजू प्रेमचंदानी के हस्ताक्षर नहीं पाए गए।     एडीएम ने सेंटर को कारण बताओ सूचना नोटिस जारी किया था। 23 जून 2011 को दोनों डॉक्टरों ने जवाब पेश किया था।     24 जून 2011 को गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक में सर्व समिति से निर्णय लिया कि महिला की जांच डॉ. अजय मोदी ने की थी लेकिन एक्ट के तहत का फॉर्म-F नहीं भरा गया।     इस कारण गर्भधारण पूर्व और निदान 1996 के नियम 9,10(01) का उल्‍लघंन पाया गया।     इसी प्रकार गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के अनुसार ANC रजिस्टर मेंटेन नहीं किया जो धारा 29, 23 और 25 के तहत तहत दंडनीय अपराध पाया है।     दोनों डॉक्टरों के खिलाफ गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 की धारा 23 और 25 के तहत जिला कोर्ट में परिवाद लगाया गया।     लंबी सुनवाई चली जिसमें कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई।     तत्कालीन एडीएम नारायण पाटीदार द्वारा टीआई को एक पत्र लिखकर जानकारी मांगी कि महिला की सोनोग्राफी किस सेंटर पर हुई। अब जानिए कब, क्या-क्या हुआ…     अप्रैल–मई 2011: तितलौर बुजुर्ग की एक गर्भवती महिला ने इंदौर के एक सोनोग्राफी सेंटर पर जांच करवाई थी, जिसमें संभवतः लिंग परीक्षण हुआ था।     1 जून 2011: इंदौर के अखबारों में महिला की आत्महत्या की खबर प्रकाशित हुई। खबर में उल्लेख था कि महिला ने एक सोनोग्राफी सेंटर में जांच करवाई थी, जिसके बाद वह तनाव में रहने लगी थी।     इसके बाद, जिला प्रशासन हरकत में आया और पुलिस से यह जानकारी मांगी गई कि महिला की सोनोग्राफी किस सेंटर पर हुई थी।     7 जून 2011: डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि महिला ने 8/47, स्नेह नगर स्थित आइडियल मेडिकल सेंटर में सोनोग्राफी करवाई थी।     11 जून 2011: प्रशासन की टीम ने सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डायरेक्टर डॉ. राजू प्रेमचंदानी और डॉ. अजय मोदी की उपस्थिति में सोनोग्राफी रजिस्टर की जांच कर पंचनामा बनाया गया। रजिस्टर व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए और दोनों डॉक्टरों से दस्तखत भी करवाए गए।     24 जून 2011: जिला सलाहकार समिति की बैठक में पाया गया कि महिला की जांच डॉ. अजय मोदी ने की थी, लेकिन PCPNDT एक्ट के तहत अनिवार्य फॉर्म-F नहीं भरा गया था। जांच में एक्ट के कई उल्लंघन पाए गए और दोनों डॉक्टरों की भूमिका स्पष्ट हुई।     25 सितंबर 2011: प्रशासन ने कोर्ट में परिवाद दायर कर सख्त कार्रवाई की मांग की और सभी दस्तावेज पेश किए।     23 जून 2017: 6 साल बाद, कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों के खिलाफ आरोप तय किए और इसी दिन से साक्ष्य (इविडेंस) की प्रक्रिया शुरू हुई।     2 सितंबर 2025: कोर्ट ने बहस पूरी कर फैसला आरक्षित रखा।     16 सितंबर 2025: जिला अभियोजन अधिकारी (DPO) राजेंद्रसिंह भदौरिया ने फैसले की आधिकारिक जानकारी दी। साक्ष्यों और बयानों के आधार पर सजा तय     केस में 9 प्रमुख गवाह थे, जिनमें आईएएस अफसर, अपर कमिश्नर (राजस्व), कार्यकारी डायरेक्टर, डीएसपी, स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड डायरेक्टर, उप सचिव (मप्र शासन) आदि शामिल थे।     पेश किए गए दस्तावेजों में शामिल थे     PCPNDT एक्ट से जुड़े आदेश,     कारण बताओ नोटिस व उत्तर,     दस्तावेजों का जब्ती व जांच पंचनामा,     सोनोग्राफी रिपोर्ट,     फॉर्म-F संबंधित रिकॉर्ड,     सेंटर का पंजीयन सर्टिफिकेट (2006–2011),     रैफरल स्लिप,     मशीन सील करने का पंचनामा,     राशि भुगतान की रसीदें आदि। डॉक्टरों ने पहले यह स्वीकार नहीं किया कि मृतक महिला ने उनके सेंटर पर सोनोग्राफी करवाई थी। अखबारों में प्रकाशित खबर … Read more

केसरी सेवा सम्मान 2025 : 21 विभूतियों का होगा अलंकरण

इंदौर  समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 21 प्रतिभाशाली हस्तियों को “केसरी सेवा सम्मान 2025” से अलंकृत किया जाएगा। यह भव्य समारोह 18 सितंबर 2025, शाम 4 बजे इंदौर प्रेस क्लब परिसर में आयोजित होगा। इस जानकारी को साझा करते हुए केसरी फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती रोमा मल्होत्रा ने बताया कि संस्था विगत एक वर्ष से समाज के विभिन्न आयामों पर कार्य कर रही है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के उत्थान हेतु संस्था ने अनेक सामाजिक दायित्व निभाए हैं। इसी कड़ी में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर जनमानस में नई प्रेरणा जगाने का प्रयास किया जा रहा है। समारोह के अतिथिगण मुख्य अतिथि : इंदौर विधानसभा क्षेत्र-3 के विधायक गोलू शुक्ला पावन सानिध्य : श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परम पूज्य नितिन दास जी महाराज विशिष्ट अतिथि :  मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार डॉ नवीन आनंद जोशी भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जीतू जिराती मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ केंद्रीय गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष हरपाल सिंह (मोनू भाटिया) विशेष सम्मान वरिष्ठ पत्रकार उमेश रेखे (50 वर्ष की पत्रकारिता) – लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड क्रिकेट के क्षेत्र में योगदान हेतु संध्या अग्रवाल और चित्रा वाजपेई – खेल सेवा सम्मान कुष्ठ रोगियों एवं बुजुर्गों की सेवा के लिए उज्जैन के सुधीर भाई गोयल – विशिष्ट सेवा सम्मान भोपाल की प्रेरणास्रोत दिव्यांग समाजसेवी पूनम श्रोती – बेस्ट मोटिवेशनल सेवा सम्मान कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मनीष वर्मा (इंदौर) – अति विशिष्ट चिकित्सा योगदान सम्मान अन्य सम्मानित विभूतियाँ जगप्रीत सिंह टुटेजा, आनंद कामटेकर, प्रकाश धनगर, बलराज लोखंडे, प्रीति वाघ, इंदिराबाई श्यामलाल, बबीता हार्डिया, स्मृति आदित्य, कैप्टन वीरजी ,मस्तान सिंह (देश सेवा योगदान), बीएसएफ के बाबा सिंह, गौरी तिवारी (पुलिस सेवा), सुनील मतकर, पार्थ मुंशी, प्रमोद हार्डिया, प्रीत पावेजा – राष्ट्र सेवा एवं सुरक्षा क्षेत्र हीना नीमा, डॉ. कविता शर्मा, प्रीति बावेजा,हेमंत गट्टानी, विवेक गावड़े, रेनू जयसिंघानी, पायल गिदवानी – सामाजिक सेवा व समाज सुधार कार्य  श्रीमती मल्होत्रा ने कहा कि इन विभूतियों का सम्मान समाज के प्रत्येक वर्ग को यह संदेश देगा कि निःस्वार्थ सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा ध्येय है।

ऑपरेशन के दबाव में नक्सलियों का आत्मसमर्पण, नारायणपुर में बड़ी सफलता

नारायणपुर छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षाबलों के सतत् "नक्सल उन्मूलन अभियान" के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है. 17 सितम्बर 2025 को नारायणपुर में 12 सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने की शपथ ली. इनमें 2 एरिया कमेटी सदस्य समेत कुल 18 लाख रुपये के इनामी नक्सली शामिल हैं. इससे पहले 11 सितंबर को नक्सलियों के स्लीपर सेल के 16 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया था. 18 लाख के इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण: बुधवार को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एरिया कमेटी सदस्य, LOS-CNM सदस्य, PPCM, जनताना सरकार अडयाभ, मिलिट्री लाटून सदस्य, प्लाटून पार्टी सदस्य, सीएनएम सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार सदस्य शामिल हैं. नारायणपुर नक्सल सरेंडर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और विभिन्न वारदातों में शामिल रहे हैं. सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव, लगातार कैम्पों की स्थापना, नक्सलियों की अमानवीय और आधारहीन विचारधारा, बाहरी माओवादियों द्वारा भेदभाव और महिलाओं के शोषण से त्रस्त होकर उन्होंने मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया. इंटेरोगेशन में नक्सलियों ने स्वीकार किया कि शीर्ष माओवादी लीडर ही आदिवासियों के असली दुश्मन हैं, जो जल-जंगल-जमीन और न्याय के झूठे सपनों का लालच देकर ग्रामीणों को गुलाम बनाते हैं. महिला नक्सलियों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण की बात भी उन्होंने खुलकर सामने रखी. नारायणपुर में लगातार नक्सली कर रहे सरेंडर सरेंडर करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि: आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया. साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम, पद और घोषित इनामी राशि इस प्रकार है : 1. सुदरेन नेताम उर्फ सुधाकर – एरिया कमेटी सदस्य, इनाम ₹5 लाख 2. धोबा सलाम उर्फ महेश सलाम – एरिया कमेटी सदस्य, इनाम ₹5 लाख 3. सतारो सलाम – AOS-CNM सदस्य, इनाम ₹2 लाख 4. लक्ष्मण माडवी – मिलिट्री लाटून PPCM, इनाम ₹2 लाख 5. राजू राम ओयाम – पार्टी सदस्य (PM), इनाम ₹1 लाख 6. चैतू उर्फ बलदेव मरकाम – जनताना सरकार अडयाभ, इनाम ₹1 लाख 7. आयते पोडियाम – SZCM पार्टी सदस्य, इनाम ₹1 लाख 8. कुमे माड़वी– CNM सदस्य, इनाम ₹50 हजार 9. मंगतू वड्डदा– CNM सदस्य, इनाम ₹50 हजार 10. रुक्मी पोडियाम – जनताना सरकार सदस्य 11. शंकर मड़काम – मिलिशिया कमांडर 12. मंगलो पोडियाम – जनताना सरकार उपाध्यक्ष जिला पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने कहा – "अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में रहने वाले आदिवासी बंधुओं को माओवादी विचारधारा से बाहर निकालना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही हमारी प्राथमिकता है." वहीं बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी.ने कहा "वर्ष 2025 में शीर्ष माओवादी नेतृत्व को सुरक्षा बलों ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते संगठन के पास अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है." नारायणपुर में लगातार नक्सली कर रहे समर्पण: समर्पण कार्यक्रम के दौरान 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी संजय कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी संजय कुमार भारदाज, 38वीं वाहिनी आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी अशोक कुमार, जिला पुलिस अधिकारी व अन्य सुरक्षाबल मौजूद रहे. नारायणपुर में 12 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि अबूझमाड़ में नक्सलवाद की पकड़ कमजोर हो रही है और आदिवासी समाज नक्सली विचारधारा से तंग आकर विकास की राह पर लौट रहा है. यह समर्पण न केवल सुरक्षाबलों की रणनीतिक सफलता है बल्कि स्थानीय आदिवासी समाज के लिए एक नई उम्मीद भी है.

DBT में फर्जी लाभ ले रहे 37 लाख लाभार्थी पकड़े, हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब तक राज्य में डीबीटी योजनाओं के अंतर्गत 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों को सीधे हस्तांतरित की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में ही 14.82 करोड़ लेन-देन के जरिए 2.78 करोड़ लाभार्थियों को 17,824.10 करोड़ रुपये उनके खातों में भेजे गए। यह जानकारी मंगलवार को यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई डीबीटी सलाहकार बोर्ड की चौथी बैठक में दी गई।  बैठक में बताया गया कि डीबीटी प्रणाली लागू होने से न केवल लाखों नागरिकों को योजनाओं का समय पर लाभ मिला है बल्कि फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों पर भी रोक लगी है। अब तक 36.75 लाख संभावित फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें प्रणाली से हटाया गया है, जिससे सरकार को बड़ी बचत हुई है। वर्ष 2014-15 से अब तक डीबीटी के माध्यम से 10,187.13 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत दर्ज की गई है। बैठक में सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव डी. सुरेश, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।       मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों के डेटा को राज्य डीबीटी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करें। उन्होंने कहा कि आधार और परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) का एकीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि सेवा वितरण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बन सके। 156 योजनाएं पोर्टल पर अपलोड बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक 26 विभागों द्वारा कुल 156 डीबीटी योजनाएं राज्य पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। इनमें 96 राज्य सरकार की योजनाएं और 60 केंद्र प्रायोजित योजनाएं (सीएसएस) शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए लाखों लोगों तक सीधी वित्तीय सहायता पहुंचाई जा रही है।