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वेटरनरी UG काउंसलिंग: NEET में 144 नंबर पाने वाले अभ्यर्थियों को भी मिलेगा प्रवेश का अवसर

 जबलपुर  वेटरनरी विश्वविद्यालय ने बैचलर आफ वेटरनरी साइंस यानी यूजी की सीटों पर प्रवेश देने के लिए पहली ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी है। बुधवार से शुरू हुई काउंसलिंग में इस बार नीट में 720 नंबर में से 144 नंबर पाने वाले सामान्य वर्ग के छात्र और छात्राओं को इस काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलेगा। ओबीसी में 127 नंबर और एसटी-एससी में 113 नंबर कटआफ रखा है। दरअसल, अभी तक मेरिट के आधार पर कटआफ नंबर अधिक रखा जाता था, लेकिन नीट के जरिए परीक्षा होने के बाद वेटरनरी कौंसिल आफ इंडिया ने सभी वेटरनरी विश्वविद्यालयों और कालेजों को नीट के न्यूनतम आहर्ता मान्य करने को कहा है। इसके बाद वेटरनरी विश्वविद्यालय ने इस बार यूजी की ऑनलाइन काउंसलिंग में कटआफ में नीट की न्यूनतम आहर्ता को रखा है। वहीं मेडिकल की पहली काउंसलिंग का इंतजार कर रहे वेटरनरी विश्वविद्यालय ने भी एमपी आनलाइन के जरिए अपनी यूजी कोर्स की काउंसलिंग शुरू तो कर दी है, लेकिन इस बार भी सेशन सितंबर के अंतिम सप्ताह या फिर अक्टूबर से ही शुरू हो सकेगा। पहले मध्य प्रदेश, फिर दूसरे राज्यों को अवसर पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग में एमपी के विद्यार्थियों को फ्री सीट की काउंसलिंग में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके बाद जो सीट खाली होगी, उसमें दूसरे राज्यों के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं पैमेंट सीट पर मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को लिए ओपन रखी गई है। यूजी काउंसलिंग का शेड्यूल     20 से 26 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन होगा।     25 अगस्त को सीट आवंटित की जाएंगी।     27 अगस्त को मेरिट के आधार पर लिस्ट जारी होगी।     28 से 31 अगस्त तक च्वाइंस फीलिंग का अवसर होगा।     2 सितंबर को फाइनल रिजल्ट आएगी     3 से 8 सितंबर तक कालेज में दस्तावेजों की जांच करानी होगी। 8 सितंबर तक प्रवेश दिया जाएगा     वेटरनरी की यूजी सीटों पर ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। इस बार हमने नीट की न्यूनतम आहर्ता को मेरिट लिस्ट बनाकर जारी किया है। काउंसलिंग में प्रवेश लेने वाले छात्रों को आठ सितंबर तक प्रवेश दे दिया जाएगा। – प्रो.मनदीप शर्मा, कुलपति, वेटरनरी विवि जबलपुर।  

हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश, नैतिकता पर नहीं बल्कि कानून पर होगा फैसला

जबलपुर  हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हेबियस कॉर्पस) के एक मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि वयस्क युवती को शादीशुदा व्यक्ति के साथ स्वेच्छा से रहने से रोका जा सके. नैतिकता के संबंध में न्यायालय कोई निर्णय नहीं दे सकता है. वयस्क होने के कारण युवती को यह अधिकार है कि उसे किसके साथ रहना है और इस संबंध में वह स्वयं निर्णय ले सकती है. बेटी के घर छोड़ने पर दायर की थी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका नरसिंहपुर निवासी पिता की तरफ से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी. जिसमें कहा गया था कि उसकी बेटी को अनावेदकों ने बंदी बना रखा है. याचिका की सुनवाई के दौरान नरसिंहपुर पुलिस ने युवती को कोर्ट में पेश किया. पेशी के दौरान युवती ने युगलपीठ को बताया कि वह वयस्क है और वह उसी व्यक्ति के साथ रहना चाहती है. इसके कारण उसने स्वेच्छा से माता-पिता का घर छोड़कर उस व्यक्ति के साथ रहने चली गई थी. शादीशुदा व्यक्ति के साथ रह रही युवती याचिकाकर्ता की तरफ से हाईकोर्ट में तर्क दिया गया कि जिस व्यक्ति के साथ युवती रह रही है वह शादीशुदा है. इसलिए युवती को माता-पिता के साथ रहना चाहिए. इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जिस व्यक्ति के साथ युवती रहना चाहती है वह अपनी पहली पत्नी को छोड़ चुका है और तलाक लेने का प्रस्ताव रखा है. 'वयस्क युवती को निर्णय लेने का है अधिकार' हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि "वयस्क होने के कारण उसे यह अधिकार है कि वह निर्णय ले सकती है कि किस व्यक्ति के साथ उसे रहना है. उसके लिए क्या सही है और क्या गलत. वह यह खुद देख सकती है. ऐसा कोई कानून नहीं है कि उसे विवाहित व्यक्ति के साथ रहने से रोका जा सके. लेकिन यदि वह शादीशुदा व्यक्ति से विवाह करती तो यह अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसी स्थिति में शादीशुदा व्यक्ति की पत्नी दूसरी शादी के संबंध में प्रकरण दर्ज करवा सकती है." हाईकोर्ट ने डीएसपी को दिए निर्देश युगलपीठ ने कहा कि युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहने से इंकार कर दिया है. ऐसे में युगलपीठ ने डीएसपी गोटेगांव को निर्देशित किया कि वह कॉर्पस से इस संबंध में अंडरटेकिंग ले कि वह अपनी मर्जी से उस व्यक्ति के साथ रहना चाहती है. पुलिस संबंधित व्यक्ति से भी कॉर्पस को अपने साथ रखने के संबंध में अंटरटेकिंग ले. युगलपीठ ने अपने आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया.

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more

आईटी, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को लेकर जापानी उद्योगपतियों को सीएम साय का आमंत्रण

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान जापान पहुंचे हैं. अपने दौरे के दौरान उन्होंने जापानी उद्योगपतियों के संगठन जेट्रो (JETRO – Collaborate & Invest Japan) के पदाधिकारियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निवेश पर चर्चा की. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हमने आईटी, टेक्सटाइल्स, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाओं पर चर्चा की. इस अवसर पर जेट्रो को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया. ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन इसके पहले जापान के टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए. यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है. CM साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की. NTT लिमिटेड की CEO से की मुलाकात इसके अलावा NTT लिमिटेड की CEO कायो इतो से मुलाकात कर तकनीकी और इंडस्ट्री सहयोग और निवेश पर चर्चा की. रात में CM साय भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल हुए. इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया.

रेलवे की बड़ी सौगात, दिवाली-छठ पर चलेंगी 150 स्पेशल ट्रेनें, दो तरफा टिकट होगा सस्ता

भोपाल    छठ पूजा, दशहरा, दिवाली पर इस बार यात्रियों को कंफर्म सीट दिलाने के लिए भोपाल रेल मंडल के स्टेशनों से 150 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों का किराया नियमित ट्रेनों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा रहेगा, लेकिन यदि आप दो तरफ टिकट यानी आने-जाने की बुकिंग करवाते हैं तो रेलवे आपको 20 प्रतिशत तक रियायत उपलब्ध कराएगा। यात्रियों को मिलेगी कंफर्म सीट भोपाल रेल मंडल पैसेंजर यूटिलिटी कमेटी के प्रारंभिक सर्वे में इस बार छठ पूजा, दशहरा, दिवाली सहित बाकी फेस्टिवल डेज में तीन लाख यात्रियों की आवाजाही का आंकलन किया गया है। रेलवे ने दावा किया है कि नियमित ट्रेनों में नोरूम और वेटिंग के बावजूद स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म सीट मिलेगी। नियमित गाड़ियां ● फैस्टिवल सीजन के नजदीक आते ही नियमित यात्री ट्रेनों में स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी तक सभी क्लास में सीटें भर चुकी हैं। ● उत्तर भारत की ओर भीड़ -पंजाब मेल, सीएसएमटी -अमृतसर एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 18 और 19 अक्टूबर को भारी भीड़ है। ● इन ट्रेनों में यात्रियों की बुकिंग की संख्या लगातार बढ़ रही है।

खूंखार अपराधी का अंतः पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 1 लाख का इनामी

लखनऊ यूपी एसटीएफ ने एक लाख के इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया को मुठभेड़ में मार गिराया है. इसके पहले खूंखार बदमाश ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी. जवाबी कार्रवाई में वह वहीं ढेर हो गया. पुलिस को मौके से एक कार्बाइन, नाइन एमएम की पिस्टल, एक खुखरी और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं. शंकर पर लूट और हत्या जैसी संगीन वारदातों के मामले चल रहे थे. शंंकर 2011 से फरार चल रहा था, जिसने सिर काटकर हत्या की थी. बता दें कि आतंक का पर्याय बने आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र स्थित हाजीपुर गांव निवासी कुख्यात बदमाश शंकर कन्नौजिया पुत्र लालचन्द्र कन्नौजिया की तलाश में रौनापार सहित जिले के थानों की पुलिस जुटी हुई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था. इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने शंकर कनौजिया पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. ऐसे में शनिवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि खूंखार इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र में अपने कुछ साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में मंडरा रहा है. मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसटीएफ टीम और स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए जैसे ही घेराबंदी की वैसे ही इनामी बदमाश शंकर ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिससे गोली लगने से शंकर कन्नौजिया जख्मी होकर गिर पड़ा. उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सरकार ने मुरादाबाद कमिश्नर आन्जनेय सिंह को किया रिलीव, फिलहाल नहीं लेंगे नई जिम्मेदारी

लखनऊ यूपी सरकार ने मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह को मूल कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। हालांकि अभी वह ज्वॉइन नहीं करेंगे। दरअसल प्रतिनियुक्ति समाप्ति पर 60 दिन के अवकाश का नियम है। नियुक्ति विभाग ने आन्जनेय सिंह का भी 60 दिन का अवकाश स्वीकृत किया है। इस कारण वह तुरंत नहीं ज्वॉइन करेंगे।  यूपी सरकार ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह को उनके मूल सिक्किम कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। नियुक्ति विभाग ने प्रतिनियुक्ति की समाप्ति पर नियमानुसार मिलने वाले 60 दिन का अवकाश भी उनके लिए स्वीकृत कर दिया है।  बताते चलें कि आन्जनेय सिंह करीब 10 साल यूपी में प्रतिनियुक्ति पर रहे। वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आन्जनेय सिंह फरवरी 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे। वे यहां बुलंदशहर, फतेहपुर और रामपुर के डीएम रहे।  2 मार्च 21 से मुरादाबाद के कमिश्नर थे। नियुक्ति विभाग ने मुरादाबाद के कमिश्नर का चार्ज वहां के जिलाधिकारी को दे दिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, अब यह केंद्र पर निर्भर करेगा कि उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ाता है या नहीं।

इंजीनियर या घूसखोर? नोटों की राख ने खोली धनकुबेर की पोल

पटना आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विनोद कुमार राय की संपत्ति के बारे में जानकर हर कोई हैरान है. इनके पास 100 करोड़ की संपत्ति का अनुमान लगाया जा रहा है. खास बात यह कि इन्होंने रातभर नोट जलाने की कोशिश की थी और उनकी पत्नी बबली राय पर भी सबूत नष्ट करने का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब इस मामले में जांच शुरू करने जा रहा है. जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान विनोद राय की पत्नी बबली राय ने नोट जलाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की जिससे घर की नालियां तक जाम हो गईं. बताया रहा है कि बबली राय ने रातभर 2-3 करोड़ रुपये जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की थी. बबली के नाम पर भी कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं. अब EOU ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया है. पटना के पुनपुन में आर्थिक अपराध इकाई ने विनोद कुमार राय के आवास पर छापेमारी की तो हैरान करने वाले खुलासे हुए. ईओयू की रेड में 40 लाख नकद, 20 लाख के जले नोट, 10 लाख के जेवर, 6 लाख की लक्जरी घड़ियां और करोड़ों की जमीन के दस्तावेज बरामद हुए. EOU के अनुसार, राय ने रातभर 2-3 करोड़ रुपये जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कई दस्तावेज और नकदी बच गए. बता दें कि यह कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की बड़ी मुहिम का हिस्सा है. EOU के सूत्रों के मुताबिक, बबली की भूमिका की गहन जांच होगी और ED इस मामले में उनकी संपत्तियों की भी पड़ताल कर सकता है. मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका और ED की एंट्री EOU की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में दिलचस्पी दिखाते हुए EOU से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करने की तैयारी कर रहा है. राय के पास 15 बैंक खातों, 18 जमीन के डीड, बीमा पॉलिसी और अन्य निवेश के दस्तावेज मिले हैं जो उनकी आय से कहीं अधिक हैं. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है. विनोद राय इंजीनियर है या धनकुबेर? विनोद राय, जो मधुबनी और सीतामढ़ी में ग्रामीण कार्य विभाग के प्रभारी हैं और अब वह सवालों के घेरे में हैं. EOU की जांच में सामने आया कि उनकी संपत्ति उनकी सरकारी आय से मेल नहीं खाती. विनोद राय पर भ्रष्टाचार और काले धन को छिपाने के आरोप हैं. इस बीच जले नोटों की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की मदद ली जा रही है. इस मामले ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को फिर से बताया है. कौन है घूसखोर धनकुबेर विनोद राय? विनोद कुमार राय एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में अपनी सेवाएं शुरू कीं. शुरूआती करियर में उनकी मेहनत और तकनीकी दक्षता की तारीफ होती थी. मधुबनी और सीतामढ़ी में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स में उनकी भूमिका अहम रही. लेकिन, समय के साथ उनकी जीवनशैली में बदलाव ने सहकर्मियों का ध्यान खींचा. चार मंजिला आलीशान घर और लक्जरी गाड़ियां उनकी आय से मेल नहीं खाती थीं. ईओयू की रेड में बबली राय के नाम पर कई संपत्तियां और बैंक खाते मिले हैं. छापेमारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और वे कस्टडी में अस्पताल में भर्ती हैं. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी की तैयारी आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई में मिले 15 बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और निवेश के दस्तावेजों ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को बल दिया है. ED अब राय की संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रहा है.बता दें कि यह बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ EOU की तीसरी बड़ी कार्रवाई थी, जिसने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया. राय की गिरफ्तारी और FSL की फॉरेंसिक जांच से और खुलासे की उम्मीद है. सिस्टम की खामियां और भ्रष्टाचार की जड़ें विनोद राय का मामला बिहार में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को जाहिर कर रहा है. ग्रामीण कार्य विभाग में सड़क और पुल निर्माण के टेंडरों में कमीशनखोरी आम बात है. विनोद राय पर आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों से मोटी रिश्वत लेकर संपत्ति अर्जित की. इनके भ्रष्टाचार की कहानी बिहार के उन अधिकारियों की करतूत को भी जाहिर करती है जो सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर धनकुबेर बन गए. यह मामला नीतीश सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी रुख को भी कठघरे में लाता है.

मौसम विभाग का अलर्ट: झारखंड के इन जिलों में होगी भारी बारिश

रांची झारखंड में मानसून लगातार सक्रिय देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। बारिश ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के लिए अगले 48 घंटे काफी भारी होने वाले हैं। मौसम विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक  रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में तेज गर्जन-तड़क के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से घरों से बाहर निकलते समय सतर्क रहने, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है ताकि कोई बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।  

मध्यप्रदेश में अब तक 91% बारिश पूरी, उज्जैन सहित 13 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है. मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी के चलते कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश में मानसून (monsoon) अब रौद्र रूप में हैं। शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह जलभराव के कारण सड़के डूब गई और निचले इलाकों में हालत बिगड़ गए। राजधानी भोपाल समेत शाजापुर, राजगढ़, नर्मदापुरम, श्योपुर, मंडला, सिवनी और मालवा क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं। नर्मदापुरम में चार दिन से तवा डैम के गेट लगातार खुले हुए हैं। बुधवार को सीजन में दूसरी बार 13 में से 5 गेट खोले गए थे, जो अब तक खुले हुए हैं। आज (शनिवार) सुबह 8 बजे तीन गेट पांच फीट की ऊंचाई पर खोले गए हैं। करीब 25,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में तवा डैम का जलस्तर 1163.70 फीट दर्ज किया गया है। आज इन जिलों में होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में नीमच और मंदसौर में अति भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश हो सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के ऊपर से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में बारिश हुई। यहां जारी हुआ अलर्ट ऑरेंज अलर्ट – राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और श्योपुर। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार 23 अगस्त को यहां मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे इन जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। आज उज्जैन समेत 13 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज उज्जैन समेत राज्य के 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. इनमें शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर शामिल हैं. इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. नीमच-मंदसौर में ऑरेंज अलर्ट अगले 24 घंटों में नीमच और मंदसौर जिले में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है. यहां मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अगले तीन दिन एक्टिव रहेगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होती रहेगी. इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है.  इन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट नीमच और श्योपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक बारिश। यहां भारी बारिश का यलो अलर्ट शिवपुरी, मुरैना, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी पड़ने की संभावना है। श्योपुर के कराहल में शुक्रवार को नाले में दो लोग बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि दूसरा लापता है। श्योपुर में बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सिवनी मालवा में तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, प्रशासन ने लोगों को डूब क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश के चलते भोपाल के हुजूर एसडीएम ऑफिस की छत का प्लास्टर गिर गया। रात में हादसा हुआ जिस से कोई चोटिल नहीं हुआ। MP के 25 जिले में बारिश प्रदेश में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच बरसात हुई। मंडला में करीब 1 इंच बारिश हुई। पचमढ़ी में पौन इंच, नरसिंहपुर और श्योपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह भोपाल, मऊगंज, मंदसौर, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, रतलाम, बैतूल, दतिया, गुना, इंदौर, पचमढ़ी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, सिवनी में भी तेज बारिश हुई। एमपी के 25 जिले में बारिश, मलाजखंड में सवा इंच वर्षा प्रदेश में शुक्रवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच बारिश हुई। मंडला में करीब 1 इंच पानी गिरा। पचमढ़ी में पौन इंच, नरसिंहपुर और श्योपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह भोपाल, मऊगंज, मंदसौर, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, राजगढ़, शाजापुर, बड़वानी, रतलाम, बैतूल, दतिया, गुना, इंदौर, पचमढ़ी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, सिवनी में भी तेज बारिश हुई। नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर पानी छोड़ा गया है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया। श्योपुर के कराहल में दो युवक नाले में बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दूसरे की तलाश एसडीईआरएफ कर रही है। श्योपुर में सीप नदी उफान पर नर्मदापुरम में तवा डैम का एक गेट 3 फीट तक खोलकर पानी निकाला गया है। श्योपुर में सीप नदी के उफान पर आने से निचली बस्तियों में पानी भर गया। वहीं बोदल की पुलिया बहने से सवाई माधोपुर रोड बंद हो गया। श्योपुर के कराहल में तेज बारिश से दो युवक नाले में बह गए। एक को ग्रामीणों ने बचा लिया जबकि दूसरे की तलाश SDERF कर रही है।