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पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को करेंगे भूमिपूजन धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार जिले के भैंसोला में बनने वाला पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को इस पार्क का भूमिपूजन करेंगे। लगभग 2000 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह पार्क स्पिनिंग से लेकर डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा। यह देश का पहला और सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क होगा, जिसमें कपास से परिधान तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित होगी। किसानों को अब कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा बल्कि उनकी उपज यहीं मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया से गुजरकर परिधान बनेगी और वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह पार्क मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल की नई पहचान दिलाएगा। किसानों को मिलेगा वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान मध्यप्रदेश में साढ़े तीन लाख से अधिक कपास उत्पादक किसान हैं। अब तक वे केवल कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित थे, लेकिन पीएम मित्र पार्क के बाद उनकी फसल स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की संपूर्ण श्रृंखला से जुड़ेगी। कपास से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और रेडीमेड परिधान तक की पूरी प्रक्रिया यहीं पूरी होगी। जैविक कपास से बने परिधान सीधे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंचेंगे। मध्यप्रदेश पहले ही विश्व के 24 प्रतिशत नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन का उत्पादक है, और अब किसानों को उनकी फसल का वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान दोनों मिलेंगे। विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित सबसे बड़ा पार्क धार का पीएम मित्र पार्क आकार और सुविधाओं दोनों में अद्वितीय है। यहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 220 केवी सबस्टेशन और 20 एमएलडी पानी की उपलब्धता होगी। स्काडा और आईओटी आधारित यूटिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम इस पार्क को डिजिटल और स्मार्ट बनाएगा। ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप का प्रमाणन इसे टिकाऊ औद्योगिक विकास का मॉडल बनाएगा। भूमि, बिजली और पानी प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे यह पार्क भारत का सबसे किफायती और प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब बनेगा। इज ऑफ डूइंग बिजनेसऔर नीति प्रोत्साहन मध्यप्रदेश लगातार Ease of Doing Business में अग्रणी रहा है और टॉप अचीवर्स की श्रेणी में शामिल है। राज्य ने सबसे पहले जन विश्वास अधिनियम लागू किया और GIS आधारित पारदर्शी भूमि आवंटन प्रणाली स्थापित की। उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया अब 30 दिनों में पूरी की जा सकती है और 13 विभागों की 54 सेवाएं सिंगल विंडो सिस्टम से उपलब्ध हैं। नीतिगत प्रोत्साहनों में उद्योगों को 40 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी, पांच से सात प्रतिशत ब्याज अनुदान, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन के लिए पचास प्रतिशत सहायता, निर्यात फ्रेट पर पचास प्रतिशत सब्सिडी और रोजगार आधारित अनुदान जैसी सुविधाएं मिलती हैं। केंद्र सरकार की Competitive Incentive Support योजना के अंतर्गत शुरुआती निवेशकों को 300 करोड़ रुपये तक का सहयोग मिलेगा और बिक्री पर तीन प्रतिशत तक टर्नओवर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। प्रदेश की ताकत और मेजर प्लेयर्स की उपस्थिति मध्यप्रदेश से वर्ष 2024-25 में 9,200 करोड़ रुपये से अधिक का टेक्सटाइल निर्यात हुआ है। यहां 31 गीगावॉट से अधिक पावर क्षमता उपलब्ध है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत क्लीन ग्रीन एनर्जी शामिल है। एक हजार मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक औद्योगिक जल संसाधन, छह इनलैंड कंटेनर डिपो और एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से निर्यात प्रक्रिया बेहद सहज होगी। प्रदेश पहले से ही ट्राइडेंट ग्रुप, वार्धमान, ग्रासिम, नाहर, रेमंड, प्रतिभा सिन्टेक्स, गोकलदास एक्सपोर्ट, महिमा ग्रुप और सागर ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक समूह है। इन कंपनियों की उपस्थिति से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और मशीनरी निर्माण की संपूर्ण वैल्यू चेन पहले से मौजूद है, जिसे पीएम मित्र पार्क और मजबूत करेगा। किसानों और युवाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव धार, झाबुआ, रतलाम और उज्जैन जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसान अब औद्योगिक क्रांति के केंद्र में होंगे। आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लाखों परिवारों का जीवन स्तर ऊँचा होगा। पीएम मित्र पार्क किसानों को स्थायी लाभ, युवाओं को वैश्विक अवसर और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल बनाने के साथ-साथ पूरे भारत के लिए टेक्सटाइल सेक्टर की नई औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात करेगी।  

मध्यप्रदेश में 20 IAS अधिकारियों के तबादले: विशेष गढ़पाले ऊर्जा सचिव, वंदना वैद्य बनीं वित्त निगम MD

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है. राज्य सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं, जो पिछले एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कदम है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ और युवा अफसरों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं. इसमें 2008 बैच के विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि वंदना वैद्य को एमपी फाइनेंस कॉर्पोरेशन, इंदौर का एमडी बनाया गया है. तपस्या परिहार को कटनी नगर निगम का कमिश्नर और दलीप कुमार को देवास का कमिश्नर बनाया गया है. इसके अलावा किस अफसर को कौन सी ज़िम्मेदारी मिली है. MP में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस बार जिन प्रमुख अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें 2008 बैच के आईएएस विशेष गढ़पाले, वंदना वैद्य समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि ये तबादले ऐसे समय में हुए हैं जब सात दिन पहले ही 14 अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया था. इनके हुए तबादले विशेष गढ़पाले: ऊर्जा विभाग में सचिव बने। गजेन्द्र सिंह नागेश– नरसिंहपुर के जिला पंचायत सीईओ बने। वंदना वैद्य: मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं। गुरु प्रसाद– मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने। दिव्यांक मिश्रा– नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने। तपस्या परिहार: कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं। शिशिर गेमावत: नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने। नेहा जैन: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं। श्रेयांस कुमट: उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने। तन्मय वशिष्ठ शर्मा: भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने। दलीप कुमार: देवास नगर निगम कमिश्नर बने। नवजीवन विजय पवार: इंदौर के अपर कलेक्टर बने। अनिल कुमार राठौर: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए। अंशुमान राज: स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। अरविंद कुमार शाह: जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने। टी प्रतीक राव: ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने। अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं। श्रृंगार श्रीवास्तव: इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। अनिल भाना : रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है। 20 IAS इधर से उधर गजेन्द्र सिंह नागेश को नरसिंहपुर का जिला पंचायत सीईओ बनाया गया है. विशेष गढ़पाले ऊर्जा विभाग में उप सचिव बने. वंदना वैद्य मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं. गुरु प्रसाद मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने. दिव्यांक मिश्रा नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. तपस्या परिहार कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं. शिशिर गेमावत नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. नेहा जैन  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं. श्रेयांस कुमट उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने. तन्मय वशिष्ठ शर्मा  भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने. जबकि दलीप कुमार को देवास नगर निगम के कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा  नवजीवन विजय पवार इंदौर के अपर कलेक्टर बने. अनिल कुमार राठौर मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए. अंशुमान राज स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा. अरविंद कुमार शाह जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. टी प्रतीक राव ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं. श्रृंगार श्रीवास्तव इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है. अनिल भाना रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है.

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और अतावी बर्ड फाउंडेशन के आयोजित टूर में 45 से अधिक पक्षीप्रेमी हुए शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 14 सितंबर को भोपाल के बिसनखेड़ी और ग्वालियर के महाराजपुर क्षेत्र में बर्ड वॉचिंग टूर का आयोजन किया गया। अतावी बर्ड फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस टूर में 45 से अधिक पक्षीप्रेमी पर्यटकों ने लगभग 50 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का अवलोकन किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश पक्षी विविधता और प्राकृतिक धरोहर के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। बर्ड वॉचिंग जैसे आयोजन न केवल प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि यह प्रदेश में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। ऐसे कार्यक्रमों से स्थानीय समुदायों को रोजगार और नए अवसर मिलते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ती है। हमारा प्रयास है कि बर्ड टूरिज्म को मध्यप्रदेश की एक खास पहचान बनाया जाए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश, पक्षी विविधता और प्राकृतिक धरोहर से समृद्ध प्रदेश है। यहां हर मौसम में पक्षीप्रेमियों को एक नया और अनोखा अनुभव मिलता है। बर्ड वॉचिंग जैसे आयोजन न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं। भोपाल में बड़े तालाब के किनारे बिसनखेड़ी क्षेत्र में बर्ड गाइड अंकित मालवीय ने प्रतिभागियों को वायर टेल्ड स्वैलो, पाइड बुशचैट, स्पॉटेड डव, ग्रे-हेडेड स्वाम्पहेन, ग्रे फ्रैंकोलिन, रॉक पिजन, इंडियन पैराडाइज फ्लाईकैचर सहित कई प्रजातियों का नजदीकी अवलोकन कराया। इसी प्रकार ग्वालियर के महाराजपुरा में बर्ड गाइड विवेक वर्मा ने पर्यटकों को 50 से अधिक प्रजातियों के बारे में जानकारी दी और उनके व्यवहार व पारिस्थितिकी पर प्रकाश डाला। हर माह आयोजित होंगे टूर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा पक्षी प्रेमियों को आकर्षित करने और प्रदेश में बर्ड टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्येक माह बर्ड वॉक आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 21 सितम्बर को छिंदवाड़ा एवं भोपाल और 28 सितम्बर को चिड़ीखो, नरसिंहगढ़ में बर्ड वॉचिंंग टूर होंगे। इन आयोजनों की बुकिंग वर्तमान में खुली है और इच्छुक पक्षीप्रेमी इसमें भाग लेकर मध्यप्रदेश की समृद्ध पक्षी विविधता का अनुभव कर सकते हैं।  

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचेगी महेश्वर–मांडू की पहचान

भोपाल  मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच महेश्वर एवं मांडू जैसे ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से स्थापित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली का एक अध्ययन दौरा एवं प्रोफेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में 30 से अधिक अनुभवी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित गाइड्स भाग ले रहे हैं, जो भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस ट्रिप में शामिल गाइड्स कई अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में निपुण हैं। दिल्ली लौटने के बाद वे विदेशी पर्यटकों को भोपाल, मांडू और महेश्वर के पर्यटन स्थलों से परिचित कराएंगे, जिससे इन धरोहर स्थलों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम धरोहर संरक्षण और पर्यटन विकास को साथ लेकर चल रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया जा सके। इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों की गहराई से जानकारी लेकर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाएंगे, तो निश्चित ही प्रदेश का पर्यटन और अधिक सशक्त होगा।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि महेश्वर और मांडू जैसे धरोहर स्थल मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के अनमोल रत्न हैं। आरटीजीए दिल्ली के अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों का गहराई से अध्ययन करेंगे, तो वे इन्हें और प्रभावशाली तरीके से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रस्तुत कर पाएंगे। यह पहल प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने और मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। दर्शनीय स्थलों का भ्रमण अध्ययन दौरे की शुरूआत 14 सितंबर को आरटीजीए के प्रतिनिधियों के दिल्ली से भोपाल आगमन के साथ हुई। उन्होंने भोपाल में ताज–उल–मस्जिद, कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, बिरला म्युजियम और भारत भवन का भ्रमण किया। सोमवार, 15 सितंबर को प्रतिनिधि मांडू के लिए रवाना हुए। मांडू पहुंचकर उन्होंने रानी रूपमति महल, बाज बहादुर महल, जहाज महल, होशंगशाह का मकबरा, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि का भ्रमण किया। मंगलवार, 16 सितंबर को वे मांडू से महेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। महेश्वर में प्रतिनिधि अहिल्या फोर्ट, घाटों, होम स्टे, पर्यटक सुविधा केंद्र आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन करेंगे। 18 सितंबर को सभी प्रतिनिधि दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पुरातत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सब-कनज़र्वेशन ऑफिसर प्रशांत पाटनकर तथा पुरातत्वविद् डॉ. देवी प्रसाद पांडे ने प्रतिनिधियों को प्रदेश की धरोहरों की ऐतिहासिक एवं संरचनात्मक महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। क्या है क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली, देश का सबसे बड़ा पंजीकृत संगठन है, जिसके सदस्य विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में दक्ष हैं और नियमित रूप से विदेशी पर्यटकों, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों तथा वीआईपी यात्रियों के साथ कार्य करते हैं। ये गाइड्स पर्यटकों के सबसे नजदीक रहते हुए न केवल इतिहास बताते हैं, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय झलकियों को भी साझा करते हैं, जिससे "अतुलनीय भारत" की पहचान और मजबूत होती है।  

बाघों की गणना को लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला, वन्यजीव सर्वेक्षण पर मंथन

भोपाल  ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन–2026 विश्व का सबसे बड़ा वन्यजीव सर्वेक्षण की शुरुआत मध्य भारत से हुई। इस राष्ट्रीय अभियान की पहली क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला सोमवार को पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्कूल के बच्चों द्वारा “बाघ राखी” से हुआ, जो बाघ संरक्षण की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर लघु डॉक्यूमेंट्री “एक नई सहर” तथा फिल्म “बाघ रक्षक : साइलेंट वॉरियर्स ऑफ पेंच” का टीज़र भी लॉन्च किया गया। साथ ही पेंच के समर्पित फ्रंटलाइन स्टाफ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यशाला में लगभग 150 अधिकारी 22 टाइगर रिज़र्व और बाघ कॉरिडोर से जुड़े परिदृश्यों से इस भाग ले रहे हैं। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णामूर्ति, NTCA के डीआईजी डॉ. वैभव माथुर, पेंच टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. तथा डॉ. नातेशा, डॉ. बिलाल हबीब नोडल अधिकारी टाइगर सेल (WII) सहित पाँच राज्यों के फील्ड डायरेक्टर, डीएफओ/डिप्टी डायरेक्टर, एसीएफ, रेंज ऑफिसर, फील्ड बायोलॉजिस्ट और फ्रंटलाइन स्टाफ सम्मिलित हुए। विशेषज्ञ अधिकारियों को टाइगर एस्टीमेशन की वैज्ञानिक कार्यप्रणालियों, MSTrIPES ऐप आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग, कैमरा ट्रैपिंग, ऑक्यूपेंसी सर्वे और फील्ड अभ्यास पर प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। कार्यशाला ज्ञान और अनुभव साझा कर सहभागी अधिकारी एक-दूसरे के व्यावहारिक अनुभवों से सीख सकें और वैज्ञानिक पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ बना सकें। कार्यशाला प्रशिक्षकों की तैयारी का महत्वपूर्ण प्रथम चरण है, जो आगे अपने क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे और टाइगर एस्टीमेशन-2026 को सफल बनाएंगे।  

भैंसोला (धार) में पीएम मित्र पार्क कार्यक्रम के लिए ट्रैफिक प्लान जारी: भारी वाहन प्रतिबंधित

पी.एम. मित्र मेगा पार्क भैंसोला जिला धार कार्यक्रम के दौरान भारी माल वाहक वाहनों का प्रतिबंधित एवं वैकल्पिक मार्ग एवं एकांगी मार्ग व्यवस्था भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगामी 17 सितंबर 2025 बुधवार को पी.एम. मित्र मैगा पार्क भैंसोला जिला धार कार्यक्रम में आगमन प्रस्तावित है। जिसमें जिला धार, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इन्दौर, अलीराजपुर, देवास, खरगौन, बड़वानी से बड़ी संख्या में बसों एवं चार पहिया वाहनों से आम जनता सम्मिलित होगी। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले वाहनों को सुगमता से व दुर्घटना रहित गंत्वय स्थल तक पहुंचाने के लिए सभी प्रकार के भारी, मध्यम 407 जैसें माल वाहक वाहनों को प्रतिबंधित कर प्रस्तावित मार्गों से चलाया जा सकेगा जो निम्नानुसार हैः- प्रतिबंधित मार्ग एवं समय दिनांक 17.09.2025 को प्रातः 4 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक वैकल्पिक मार्ग झाबुआ से धार की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी एवं माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। दाहोद, भावरां, अम्बुआ, अलिराजपुर, कुक्षी, मनावर, अमझेरा, धार धरमपुरी, धामनोद से इंन्दौर की ओर आ जा सकेगें। झाबुआ से रतलाम की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी, मध्यम व हल्के माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। झाबुआ से मेघनगर, थादंला, बामनिया, रतलाम की ओर आ जा सकेंगें। पैटलावद से भैंसोला होकर बदनावर की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी, मध्यम व हल्के माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। साथ ही जिनकों कार्यक्रम में सम्मिलित नही होना है वह सभी प्रकार के सवारी वाहन भी प्रतिबंधित रहेगें। पैटलावद से मेघनगर, थादंला, बामनिया, रतलाम बदनावर की ओर आ जा सकेगें। एकांगी मार्ग मुख्य कार्यक्रम स्थल भैंसौला की ओर वही सवारी वाहन आयेगें जिनको कार्यक्रम में सम्मिलित होना है शेष सभी सवारी वाहन प्रतिबंधित किये जायेगें। सरदारपुर से भैंसौला बदनावर से भैंसौला का मार्ग प्रातः 7 बजे से एकांगी मार्ग (One Way) अर्थात कार्यक्रम स्थल भैंसौला तक आने वाले वाहनों के लिये ही उपयोग किया जा सकेंगा। पेटलावद से भैंसौला प्रातः 10 बजे तक वही वाहन जा सकेंगें जिनको कार्यक्रम में सम्मिलित होना है। प्रातः 10.00 बजे के बाद यह मार्ग उपयोग नहीं हो सकेंगा।  

स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है म.प्र. : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण राष्ट्र और मध्यप्रदेश स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मध्यप्रदेश प्रवास के संदर्भ में सोशल मीडिया के माध्यम से दिए संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 17 सितम्बर बुधवार को प्रधानमंत्री धार जिले में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह देश का अपने तरह का पहला पीएम मित्रा पार्क है। यह अवसर हमारे लिए सौभाग्यशाली है। मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा भी मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी धार जिले के ग्राम भैंसोला में 17 सितम्बर को स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य और पोषण के उद्देश्य से शिविर लगाए जाएंगे। स्वैच्छिक रक्तदान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यव्यापी स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, क्षय रोग की स्क्रीनिंग और जांच भी की जाएगी। माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए प्रसव पूर्व जांच और पोषण परामर्श भी दिया जाएगा। किशोरियों के लिए माहवारी स्वच्छता और पोषण पर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे। यह पखवाड़ा प्रधानमंत्री के स्वस्थ समाज, सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित भारत 2047 के मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। हम निरंतर स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। महिलाओं का स्वास्थ्य और सशक्तिकरण प्रगति का आधार है। प्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश पधार रहे हैं। वे सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ करेंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित कर मार्गदर्शन देंगे।  

बागेश्वरघाम की भक्ति धारा फिर बहने को तैयार, पं. धीरेंद्र शास्त्री सुनाएंगे हनुमंत कथा

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर बागेश्वर घाम की भक्तिधारा बहेगी। श्रद्धालु आध्यात्म के महासागर में गोते लगाएंगे। गुढ़ियारी में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री भक्तों को हनुमंत कथा सुनाएंगे। वहीं दिव्य दरबार का भी आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम 4 से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन के सफल क्रियान्वयन और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप देने के लिए विगत दिनों कार्यक्रम कार्यालय का विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर मुख्य आयोजक चंदन-बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) ने कहा कि यह कार्यालय आयोजन की तैयारियों का केंद्र बिंदु होगा, जहां से सभी व्यवस्थाओं का संचालन और समन्वय किया जाएगा। उद्घाटन के बाद बैठक बैठक में कथा की विभिन्न व्यवस्थाओं जैसे पंडाल, भोजन (भंडारा), जल, सुरक्षा, यातायात, और लाखों भक्तगणों के बैठने की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। आयोजन से जुड़े सभी सेवादारों को उनकी योग्यतानुसार जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि प्रत्येक व्यवस्था में आसानी हो। बसंत अग्रवाल ने कहा कि यह हम सभी छत्तीसगढ़वासियों का परम सौभाग्य है कि गुरुदेव पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी एक बार फिर अपनी अमृतमयी वाणी से रायपुर की धरा को पवित्र करने आ रहे हैं। उनका आगमन प्रदेश के लिए किसी आध्यात्मिक महोत्सव से कम नहीं है। हमारा और हमारी पूरी टीम का यह संकल्प है कि कथा श्रवण के लिए आने वाले प्रत्येक भक्त को एक सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी समाजों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही अब तैयारियां और तेज कर दी गई हैं। शहर के भक्तों में कथा को लेकर जबरदस्त उत्साह और प्रतीक्षा का माहौल है। कार्यालय शुभारंभ पर सर्व समाज का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। इसमें रूपनारायण सिंह,लोकेश कावड़िया,  सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, किशोर महानंद सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख, वरिष्ठजन मौजूद रहे।

शहरी सेवा शिविर 17 सितंबर से: भवन-भूखंड से जुड़ी परेशानियों का मिलेगा समाधान

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने शिविरों के लिए विशेष छूट और रियायतों का प्रावधान करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार पिछले वर्षों की बकाया लीज राशि वर्ष 2025-26 तक एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं फ्री होल्ड पट्टा हेतु 10 वर्ष तथा लीज मुक्ति हेतु 8 वर्ष की लीज राशि अग्रिम जमा करने पर 60 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। आवासीय भूखंडों के पुनर्ग्रहण शुल्क में भी राहत दी गई है 250 वर्गमीटर तक 75 प्रतिशत, 250 से 500 वर्गमीटर तक 50 प्रतिशत और 500 से 1000 वर्गमीटर तक 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी। कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में स्वीकृत ले-आउट प्लान वाले भूखंडों के पट्टों पर ब्याज में पूर्ण छूट दी जाएगी। अपंजीकृत दस्तावेजों से खरीदे गए भूखंडों में अंतिम खरीदार को पट्टा देते समय पेनल्टी पूरी तरह माफ होगी। इसके अतिरिक्त आवासीय प्रीमियम दरों में 100 वर्गमीटर तक 25 प्रतिशत और 100 से 200 वर्गमीटर तक 15 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। भवन निर्माण स्वीकृति, भू-उपयोग परिवर्तन, ले-आउट प्लान आदि के तकनीकी परीक्षण हेतु सक्षम अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। भवन मानचित्र शुल्क में भी बड़ी राहत दी गई है, जिसके तहत 500 वर्गमीटर तक जी+1 भवन स्वीकृति पर अनुमोदन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। नगर पालिका अधिनियम की धारा 69-ए के तहत फ्री-होल्ड पट्टा शुल्क में 200 वर्गमीटर तक 50 प्रतिशत और 200 से 500 वर्गमीटर तक 40 प्रतिशत की छूट मिलेगी। खांचा भूमि आवंटन, नामांतरण, मौका निरीक्षण और आवेदनों के सरलीकरण में भी विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। इन शहरी सेवा शिविरों से आमजन को भूमि, भवन व लीज संबंधी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

देश की कपास क्रांति का केंद्र बनेगा मध्य प्रदेश, 114 टेक्सटाइल कंपनियां करेंगी निवेश

इंदौर  देश में सर्वाधिक कॉटन उत्पादन के लिए चर्चित मालवा निमाड़ अंचल अब देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने जा रहा है. जहां पहली बार 2100 एकड़ के व्यवसायिक क्षेत्र में 114 टेक्सटाइल कंपनियां अपनी यूनिट स्थापित करने जा रही हैं. जिससे मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल के साथ अन्य इलाकों में होने वाली कपास की पैदावार से उन्नत किस्म का कपड़ा तैयार किए जाने के बाद देश और दुनिया में एक्सपोर्ट किया जा सकेगा. कपास उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान 40% दरअसल, देश के कपास उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है. इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं. पिछले 3 वर्षों में कपास उत्पादन की स्थिति अच्छी रही है. वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्रिक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्रिक टन कपास उत्पादन हुआ. किसानों का संपर्क अंतरराष्ट्रीय बाजार से होगा मध्य प्रदेश के जिनिंग मिलो के जरिए शुद्ध कपास महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य राज्यों में बेच दिया जाता है. जाहिर है इससे स्थानीय किसानों को उनके उत्पादन का पर्याप्त मुनाफा भी नहीं मिल पाता था. हालांकि अब धार जिले के बदनावर में करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के कारण कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतरराष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा. वहीं, किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी. इसके अलावा खरगोन, बड़वानी, सेंधवा आदि इलाकों में जो जिनिंग मिल अब तक बंद होने की कगार पर आ चुकी थी, उन्हें भी नीचे से शुरू होने वाले व्यापार की संजीवनी मिल सकेगी. ग्लोबल मार्केट में पहुंचेगी धार के परिधान इधर, राज्य शासन की पहल पर पीएम मित्र पार्क में देश की कई चर्चित कंपनियां यहां 27 हजार 109 करोड़ रुपये के निवेश करने के साथ अपनी यूनिट स्थापित करने जा रही हैं. नतीजतन धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे. जल्दी ही मध्य प्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी. अत्याधुनिक कॉटन केंद्र होगा सर्व-सुविधायुक्त 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए जाने के साथ ही पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा. यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्था विकसित की जा रही है. माना जा रहा है कि, यहां पीएम मित्र पार्क से लगभग 70 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर विकसित होंगे. कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा. इन कंपनियों की यूनिट स्थापित होगी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया, ''पीएम मित्र पार्क के लिए 114 टेक्सटाइल कम्पनियों से 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं. इन प्रस्तावों में से 91 कंपनियों और इकाइयों के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं. वहीं, 1294 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित किये जाने की अनुशंसा की जा चुकी है. जिन कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, इनमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रुपये का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा. जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रुपये का निवेश 58 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा. एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रुपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपये, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रुपये का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रुपये का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रुपये का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. पीएम मित्र पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं. इसके साथ ही कई अन्य कंपनियों ने भी बड़े निवेश के प्रस्ताव दिए हैं.