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डाॅग स्क्वाड यूनिट के लिए नई पहचान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया के-9 का प्रतीक चिह्न

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वाड (के-9 यूनिट) क्राइम ब्रांच के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक यूनिट है। इस यूनिट के उच्च प्रशिक्षित श्वानों को राजधानी में अपराध का पता लगाने, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जाता है। इस दस्ते का अब तक कोई प्रतीक चिह्न नहीं था। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वाड के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह नया प्रतीक चिह्न डाॅग स्क्वाड की विशिष्ट स्थिति और समर्पित सेवा को दर्शाता है। आगे चलकर इसे श्वान दस्ता के कर्मियों की वर्दी, जैकेट और गियर पर प्रदर्शित किया जाएगा।  

छत्तीसगढ़ मुठभेड़: गरियाबंद में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 10 माओवादी, भारी हथियार भी कब्जे में

गरियाबंद जिले के मैनपुर इलाके में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर मनोज उर्फ माडेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर मारा गया है। साथ ही 40 लाख का इनामी उड़ीसा स्टेट कमेटी सदस्य प्रमोद उर्फ पाड़न्ना भी ढेर हो गया। 10 माओवादियों के शव बरामद मुठभेड़ में अब तक 10 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। जवानों को घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिला है। इसमें एके-47, इंसास, एसएलआर और बड़ी संख्या में विस्फोटक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार एसटीएफ, ई-30 और कोबरा बटालियन के जवान मैनपुर के मटाल जंगल में सुबह से सर्चिंग अभियान चला रहे थे।   अभी भी जारी है मुठभेड़ इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि इलाके में माओवादियों की बड़ी संख्या मौजूद थी। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि अभी भी रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। वे लगातार मौके पर मौजूद जवानों से संपर्क बनाए हुए हैं।

हिमस्खलन में शहीद हुए जवान को राज्यपाल और CM हेमंत ने दी श्रद्धांजलि

देवघर लद्दाख के सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के जवान नीरज चौधरी का पार्थिव शरीर बीते बुधवार को उनके गृह राज्य झारखंड लाया गया। अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर अग्निवीर नीरज चौधरी को श्रद्धांजलि दी। चौधरी और दो अन्य सैनिकों के शव मंगलवार को मिले थे। लद्दाख में 12 हजार फुट की ऊंचाई पर सियाचिन बेस कैंप में हिमस्खलन के बाद ये लोग वहां फंस गए थे। गंगवार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने सियाचिन में झारखंड के एक जवान को खो दिया। मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' सोरेन ने कहा, ‘‘अग्निवीर नीरज चौधरी ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिजन को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग एक वर्ष पहले निर्णय लिया था कि शहीद होने वाले अग्निवीरों के निकटतम परिजनों को नौकरी दी जाएगी। नीरज के चाचा संतोष चौधरी ने कहा कि जवान का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को देवघर स्थित उनके पैतृक गांव कजरा में किया जाएगा। संतोष चौधरी ने कहा, ‘‘नीरज 2022 में सियाचिन में तैनात हुआ था और वह बचपन से ही देश की सेवा करना चाहता था।''  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नमो भारत RRTS कॉरिडोर पूरी तरह शुरू होने को तैयार, दिल्ली-मेरठ सफर होगा आसान

मेरठ  राजधानी दिल्ली से मेरठ तक की बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना नमो भारत दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर जल्द ही पूरी तरह खुलने जा रहा है। फिलहाल इसके 55 किलोमीटर का हिस्सा अभी चल रहा है, जिसमें दिल्ली के अशोक नगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रियों के लिए इसे चालू किया गया है। इस रेलवे लाइन की बची हुई 27 किलोमीटर की भी शुरुआत जल्द होने वाली है। यह जानकारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने दी है। इस कॉरीडोर के पूरी तरह खुलने के बाद एनसीआर में 8 और कॉरीडोर को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इस मामले की जानकारी देते हुए शलभ गोयल ने बताया कि जून में पूरे 82 किलोमीटर लंब रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का सफल ट्रायल किया गया था। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही इसे आम यात्रियों के लिए भी खोल दिया जाएगा। शलभ ने बताया कि पूरा कॉरीडोर उद्घाटन के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी इस कॉरीडोर के माध्यम से करीब 60 हजार यात्री हर महीने यात्रा कर रहे हैं। पूरी तरह से खुल जाने के बाद इस रास्ते पर करीब 1 लाख से ज्यादा कारों को सड़कों से हटाने में कामयाबी मिलेगी। इससे सड़कों पर लगने वाला जाम कम हो जाएगा। दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर में चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इस तरह अब दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी 1 घंटे से कम समय में पूरी हो जाएगी। इस कॉरीडोर के पूरी तरह से खुल जाने के बाद दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में लगने वाले भीषण जाम से भी हल्की राहत मिल जाएगी। बता दें कि नमो भारत परियोजना पर कुल 30 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसे मेरठ के साथ ही आसपास के कई शहरों को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इसके बाद जल्द ही दिल्ली-अलवर कॉरीडोर को मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद गुरुग्राम होते हुए यह कॉरीडोर 106 किलोमीटर तक जाएगा। दिल्ली-पानीपत कॉरीडोर को भी इसी साल स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इस तरह एनसीआर में कुल मिलाकर 8 नमो भारत आरआरटीएस कॉरीडोर बनाए जाएंगे, जिससे आसपास के शहरों तक की यात्रा आसान हो जाएगी और सड़कों पर से ट्रैफिक की समस्या भी कम हो जाएगी।  

इंदौर मेट्रो को बड़ी तकनीकी मदद, MP ट्रांसको ने पूरी की 13 किमी की कम्पोज़िट लाइन

इंदौर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है किमध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइन का निर्माण कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। अब मेट्रो के एम.आर.-10 सब स्टेशन को 132 के.व्ही. डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के 220 के.व्ही. जैतपुरा सब स्टेशन से प्राप्त होगी। एमपी ट्रांसको इंदौर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.के. अग्रवाल ने बताया कि जैतपुरा से एम.आर.-10 सब स्टेशन तक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण घने आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरने के कारण चुनौतीपूर्ण रहा। इस कारण एम.पी. ट्रांसको मुख्यालय जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा विशेष डिजाइन तैयार कर 12.77 किमी लंबी कम्पोज़िट लाइन का निर्माण कराया गया।  इस लाइन में परंपरागत टावर के स्थान पर कम जगह मे लगने वाले नैरोबेस टावर,मोनोपोल टावर और 132 के.व्ही. अंडरग्राउंड केबल तीनों तकनीकों का समावेश किया गया। कुल 38 नैरोबेस टावर, 14 मोनोपोल तथा 0.777 किमी लंबी भूमिगत केबल का उपयोग कर लाइन तैयार की गई। इसके साथ ही जैतपुरा 220 के.व्ही. सब स्टेशन में 160 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया है, इससे मेट्रो को सतत और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।  

शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कार्य करें : राज्यपाल

शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कार्य करें : राज्यपाल जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के शहरी बैंक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त करने को अपना ध्येय बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यवसायी देशभर में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। आर्थिक रूप से सुदृढ़ सभी लोग सहकारिता से जुड़े। इसी से राष्ट्र और प्रदेश के विकास में  तेजी आएगी। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों के जरिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभान्वित किए जाने पर भी विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीब, जरूरतमंद को मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य से सहकारी बैंक कार्य करेंगे तभी सही मायने में सबका साथ सबका विकास को हम साकार कर पायेंगे। राज्यपाल बागडे गुरुवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में सहकार भारती एवं सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के राष्ट्रीय अधिवेशन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉपरेटिव बैंक न केवल हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह लाखों लोगों को, उनके परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत स्रोत भी है। राज्यपाल ने कहा कि सहकार में अपने लिए नहीं सबके विकास की सोच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डेनमार्क में सहकारिता से कृषि और डेयरी का जो विकास हुआ है, वह प्रेरित करने वाला है। राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता से सभी का समान आर्थिक विकास, रोजगार जनन और सामूहिक विकास संभव है। उन्होंने राजस्थान में अधिकाधिक सहकारी बैंक स्थापित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान में सरस की सहकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि डेयरी के साथ अन्य उत्पादों का भी सहकारिता की सोच से प्रभावी विपणन किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने सहकारिता में भारत के तेजी से आगे बढ़ने की चर्चा करते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन में विश्वभर में हमारा देश पहले स्थान पर है। सहकारिता को प्रभावी गति देने से इस क्षेत्र के माध्यम से हम सर्वांगीण विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने  सहकारिता के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे यहाँ सबसे पहले सयाजीराव गायकवाड़ जी ने बड़ोदा में एक अर्ध-सहकारी कारखाना स्थापित किया था। इसके बाद विखे पाटिल और धनंजयराव गाडगिळ ने 1949 में प्रवरा सहकारी चीनी कारखाना की स्थापना की।

पूर्व सीएम बघेल ने साधा निशाना: अपराध बढ़ रहे, गृहमंत्री पीछे नहीं हट रहे, फिल्म देख रहे

रायपुर राजनांदगांव में हुई तीन हत्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा पर निशाना साधा है. बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि गृहमंत्री इस्तीफा दें. राजनांदगांव में एक ही दिन में तीन हत्याएं हो गई है. ‘गृहमंत्री’ एक घटिया फिल्म देखने और उसके प्रमोशन में व्यस्त हैं. भूपेश बघेल ने कहा है कि राजनांदगांव की ‘फाइल्स’ देखने का समय गृहमंत्री के पास नहीं है. प्रदेश में भय का वातावरण बना हुआ है. जगह-जगह हत्याएं, चाकूबाजी हो रही है और गृहमंत्री फिल्म देखने में व्यस्त हैं.

अयोध्या में मॉरीशस के पीएम का दौरा, रामलला के दर्शन के साथ शिव मूर्ति का करेंगे जलाभिषेक

अयोध्या मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम शुक्रवार को अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। आज गुरुवार को वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर संग द्विपक्षीय वार्ता की। अब बताया जा रहा है कि कल मॉरीशस के प्रधानमंत्री अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। जानकारी के अनुसार मॉरीशस के प्रधानमंत्री कल सुबह 11 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि हवाई अड्डे पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका पारंपरिक शैली में स्वागत करेंगे। इसके बाद मॉरीशस के पीएम प्रयागराज-लखनऊ हाईवे के रास्ते राम मंदिर जाएंगे। राम मंदिर में राम लला के दर्शन करेंगे और लगभग डेढ़ घंटे रुकेंगे। इस दौरन मॉरीशस के पीएम मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन करेंगे और प्रगति की जानकारी लेंगे। बताया जा रहा है कि इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मॉरीशन के पीएम जटायु, अंगद टीले पर शिव मूर्ति का जलाभिषेक करेंगे। शुक्रवार के कार्यक्रम के लिए कार सुरक्षा एजेंसियां एयरपोर्ट से लेकर मंदिर तक अलर्ट मोड पर रहेंगी। मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुलाम 12:30 बजे देहरादून के लिए रवाना होंगे। कहा जा रहा है कि मॉरीशस के पीएम की आगामी अयोध्या यात्रा से राजनयिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है क्योंकि प्रशासन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ उनका स्वागत करने की तैयारी कर रहा है। ज़िला मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे ने प्रधानमंत्री के दर्शन और पूजन के लिए योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।स्थानीय संस्कृति को और बढ़ावा देने के लिए, ज़िला प्रधानमंत्री रामगुलाम को एक ज़िला-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम के चुनिंदा उत्पाद भेंट करेगा, जिसका उद्देश्य स्वदेशी शिल्प को प्रोत्साहित करना है।  

दिल्ली में आयोजित हिंदी ग्रंथ अकादमी बैठक में मध्यप्रदेश की सक्रिय भागीदारी

दिल्ली में हिंदी ग्रन्थ अकादमियों की बैठक में मध्यप्रदेश ने की सहभागिता दिल्ली में आयोजित हिंदी ग्रंथ अकादमी बैठक में मध्यप्रदेश की सक्रिय भागीदारी हिंदी साहित्य के मंच पर मध्यप्रदेश की उपस्थिति, दिल्ली में हुई अकादमियों की बैठक भोपाल  वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय सिंह की अध्यक्षता में देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालकों की बैठक तकनीकी शब्दावली आयोग मुख्यालय दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के प्रतिनिधि राम विश्वास कुशवाह सहायक संचालक एवं महेंद्र सिंह सिसोदिया सम्मिलित हुए। सहायक संचालक कुशवाहा ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत नवीन पुस्तकों के प्रकाशन के लिए अकादमियों को न्यूनतम 15 लाख से लेकर 40 लाख रुपए तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में मप्र हिंदी ग्रन्थ अकादमी के प्रतिनिधियों ने तकनीकी शब्दावली आयोग को मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित 40 विषयों की 275 से अधिक शीर्षक की प्रकाशित पुस्तकों की सूची तथा प्रत्येक विषयों की एक-एक पुस्तकों की प्रति सौंपी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी से प्रकाशित द्विमासिक मासिक "रचना" पत्रिका के वर्तमान अंक तथा मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के स्थापना के अवसर पर तैयार किया गया 55 वर्ष की यात्रा पर आधारित प्रकाशित "विकास गाथा" ब्रोशर भी आयोग के अध्यक्ष तथा अन्य राज्यों के अकादमियों के संचालकों को भेंट किया गया। बैठक में प्रोफेसर रूपेश चतुर्वेदी ,जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली, प्रोफेसर मोहम्मद शरीफ, जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय दिल्ली, डॉ. अनूप कोकसल, वित्त अधिकारी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब, गुजरात, उड़ीसा, केरल, हरियाणा आदि विभिन्न राज्यों की हिंदी ग्रंथ अकादमी तथा केंद्रीय हिंदी निदेशालय दिल्ली के संचालक/ प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

नेशनल लोक अदालत का ऐलान: 13 सितंबर को आपसी समझौते से होंगे मामलों का समाधान

रायपुर आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 13 सितंबर 2025 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी नेशनल लोक अदालत होगी तथा 13 दिसंबर 2025 को वर्ष 2025 की अंतिम लोक अदालत आयोजित की जाएगी। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।