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मंत्री देवांगन ने छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं

रायपुर : कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास  शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन छात्रावास का व्यवस्थित व सुचारू संचालन हेतु कॉलेज प्रबंधन को दी शुभकामनाएं छात्रावास संचालन से दूर दराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ:- मंत्री देवांगन छात्रावास में प्रवेश हेतु निर्धारित राशि का भुगतान करने में असक्षम,पिछड़े परिवार की योग्य छात्रा की डीएमएफ से  की जायेगी मदद : – कलेक्टर वसंत पीवीटीजी वर्ग की महिलाओं को कन्या छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी पद पर प्रदान की गई नियुक्ति पत्र पीजी कॉलेज में 100 व 50 सीटर एवं मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में 100 सीटर कन्या छात्रावास का हुआ शुभारंभ रायपुर शासकीय इंजीनियर विश्वेसरैया स्नाकोत्तर महाविद्यालय  परिसर कोरबा में कल वाणिज्य, उद्योग, सार्वजिनक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) व श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कन्या छात्रावास का शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज के 100 व 50 सीटर एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय के 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया एवं रिबन काटकर संस्थाओं में कन्या छात्रावास संचालन कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन एवं सभी छात्राओं को बधाई देते हुए छात्रावास के बेहतर  संचालन हेतु  शुभकामनाएं दी। कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए  हुए कहा कि उन्होंने डीएमएफ राशि का उपयोग करने का अधिकार जिला को दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप डीएमएफ राशि का उपयोग जिले में अनेक महत्वपूर्ण कार्यो में किया जा रहा है। पहुँचविहीन, दूरस्थ  क्षेत्रों में अनेक स्थानों में जरूरत अनुसार नए सड़क, पुल पुलिया, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला में सबेरे पौष्टिक नास्ता का वितरण, पीवीटीजी वर्ग के शिक्षित युवाओं को रोजगार, मेधावी छात्रों को निःशुल्क नीट व जेईई की तैयारी जैसे अनेक कार्य डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे है।  मंत्री देवांगन ने छात्रावास संचालन से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि जिले के दूर दराज क्षेत्रों से छात्राएं अध्ययन के लिए आते है, छात्रावास के संचालन से निश्चित ही उन्हें लाभ मिलेगा। इससे छात्राओं की समय और धन की बचत होगी, जिससे उनका पढ़ाई और रुचिकर होगी। उन्होंने कहा कि इस छात्रावास का संचालन रियायती दरों पर किया जा रहा है, जिससे छात्राएं इसका लाभ उठा सकें साथ ही अति पिछड़ी वर्ग से सम्बंधित छात्राएं जो छात्रावास की राशि जमा करने में असक्षम हो ऐसे योग्य छात्राओं के छात्रावास का खर्च जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से उठाया जाएगा।  देवांगन ने कहा कि आज के छात्र कल के भविष्य है, बेटियों से दो कुल का नाम रौशन होता है, एक बेटी के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित बनता है। इसलिए आप सभी मन लगाकर अपना पढ़ाई करिए। उन्होंने छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति शीघ्र करने की बात कही। जिससे छात्राएं सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।  उन्होंने हॉस्टल का संचालन बेहतर ढंग से करने के निर्देश कॉलेज प्रशासन को दिए एवं हॉस्टल की व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने हेतु मिल जुलकर प्रयास करने की बात कही। विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी छात्रावास संचालन के लिए जिला प्रशासन की पहल की प्रशंसा करते हुए छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा हेतु कन्या छात्रावास प्रारम्भ करने की मांग लंबे समय से आती रही है। डीएमएफ से  छात्रावास का जीर्णोद्धार व जरूरत की चीजों की पूर्ति कर छात्राओं को सुव्यवस्थित हॉस्टल सौंपा गया है। गर्ल्स हॉस्टल शुरू होने से छात्राओं का उच्च अध्ययन का मार्ग आसान होगा और उनके बेहतर भविष्य की पथ प्रदर्शित होगी। उन्होंने हॉस्टल के उचित व प्रभावी ढंग से संचालन करने एवं ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को लाभांवित करने के लिए कहा। कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिला प्रशासन की मंशा थी कि इस सत्र से महाविद्यालय में हॉस्टल संचालन का कार्य प्रारंभ हो, जिससे कॉलेज की छात्राओं को इसका लाभ मिल सकें।  लाइट एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा कोरबा व कटघोरा के शासकीय महाविद्यालयों के कन्या छात्रावासों में पहाड़ी कोरवा वर्ग की नियुक्त चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। जिसमें सुमित्रा बाई, सरोजनी कुमारी, सामायन कुमारी, फगनी, कुसुम, किरण शामिल है। मंत्री देवांगन ने सभी महिला कर्मचारियों को मन लगाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। पीवीटीजी वर्ग की सभी महिला कर्मचारियों ने रोजगार उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री देवांगन एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर, प्राचार्य पीजी कॉलेज डॉ शिखा शर्मा, प्राचार्य मिनीमाता कॉलेज राजेन्द्र सिंह, डॉ राजीव सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि , जनभागीदारी के सदस्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित थी।  गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा दोनों महाविद्यालयो के कन्या छात्रावास के संचालन हेतु लगभग 3 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। जिसमें  शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 31.40 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय के लिए 57 लाख की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार शासकीय ई व्ही पी जी कॉलेज में 50 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 38.13 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 41 लाख की राशि एवं शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय कोरबा में 100 सीटर कन्या छात्रावास के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 58.30 लाख एवं संचालन हेतु आवश्यक सामग्री क्रय हेतु 57 लाख की राशि प्रदान की गई है।

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी मंत्री राजपूत बोले- विपरीत परिस्थितियों में धर्म और सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए 50 लाख रुपए से निर्मित लव कुश भवन का किया लोकार्पण भोपाल सागर के जैसीनगर में कुशवाहा समाज द्वारा भगवान लव-कुश जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए। उन्होंने हिमांचल टौरी पर 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित भगवान लव कुश भवन का लोकार्पण किया। मंत्री सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश की मनमोहक झांकी का पूजन-अर्चना किया। कुशवाहा समाज के लोगों ने मंत्री राजपूत का फलों से तुलादान कर स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने समाज को भगवान लव-कुश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान लव कुश और भगवान राम की महिमा से कोई अपरिचित नहीं है। प्रत्येक घर में रामचरितमानस का पाठ होता है और भगवान राम, लव और कुश की मर्यादा, शौर्य और पराक्रम की गाथाएं सभी के मन में बसी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान लव और कुश ने वनवास के कठिन समय में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का पालन किया। उनकी वीरता का प्रमाण अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को रोकने की कथा से मिलता है। उन्होंने समाजजनों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें अपने धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जनता के आशीर्वाद से हो रहा सुरखी में विकास मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का श्रेय क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद को जाता है। उन्होंने कहा, मैं केवल माध्यम हूं, विकास कार्य भगवान और आप सभी की प्रेरणा से संभव हुए हैं। काम करने वाला मैं हूं और कराने वाले आप सभी। उन्होंने बताया कि राहतगढ़, सिहोरा, जैसीनगर, बिलहरा और सुरखी में पेयजल आपूर्ति के लिए 40 किलोमीटर दूर मडिया डेम से पानी लाया गया है, जिसके लिए जनता का आशीर्वाद और सहयोग महत्वपूर्ण रहा।  

एयरपोर्ट पर प्रवेश न मिलने पर महिला कार्यकर्ता का रो-रो कर बुरा हाल, बीजेपी में मचा हलचल

छतरपुर. छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट के बाहर एक भाजपा महिला कार्यकर्ता का दर्द तब आंसुओं के रूप में सामने आ गया जब उसको एयरपोर्ट में अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। यह वीडियो तीन दिन पहले खजुराहो आए सीएम के समय के बताया जा रहा है। सीएम मुख्यमंत्री मोहन यादव छतरपुर में अपनी ट्रांजिट विजिट पर आए हुए थे और भाजपा के पदाधिकारी सहित मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि उनका वेलकम करने के लिए खजुराहो एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। जब महिला को प्रवेश नहीं दिया गया तो महिला का दर्द सामने आ गया। 'मुझे अंदर नहीं जाने दिया, अपमान किया' खुद को बीजेपी की महिला कार्यकर्ता बताते हुए रजनी यादव ने मीडिया से कहा कि मैं पूर्व विधान सभा प्रत्याशी, पार्टी की उपाध्यक्ष महिला मोर्चा से हूं। खजुराहो सांसद वीडी शर्मा सहित भाजपा के अन्य मंत्री गण मुझे लेकर भाजपा में आए थे। लेकिन अब इसी पार्टी में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं हो रहा है। वह रोते हुए मीडिया के सामने कहती वीडियो के नजर आ रही हैं कि खजुराहो एयरपोर्ट पर मुझे अंदर नहीं जाने दिया, उनका अपमान किया गया। वह बहुत देर तक एयरपोर्ट के बाहर खड़ी रही। जब उनको प्रवेश नहीं दिया गया तो वो मीडिया के सामने आ गईं। जैसे ही महिला कार्यकर्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ तो कई तरह के कॉमेंट्स उसे वीडियो पर आने शुरू हो गए। कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता इधर मामले को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कहा की खजुराहो एयरपोर्ट अथॉरिटी की गाइडलाइन है वह सामान्य रूप से किसी को प्रवेश नहीं देते हैं जो भी पार्टी की ओर से वीआईपी या वीवीआइपी आते हैं तो उनसे मिलने के लिए पूर्व में एक लिस्ट बनती है और उसे लिस्ट के हिसाब से ही खजुराहो एयरपोर्ट में प्रवेश दिया जाता है। ऐसा कई बार होता है कि कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता और उनको बाहर ही खड़ा रहना पड़ जाता है।

CM मोहन यादव ने लिया बड़ा फैसला: मंत्री-विधायकों के काम का करेंगे सटीक मूल्यांकन

भोपाल. मध्य प्रदेश के मंत्री-विधायकों ने दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद 20 महीने में क्या काम किए, इसका हिसाब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लेंगे। वह मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे और विभागवार उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसी के आधार पर मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में इसी के आधार पर मंत्रियों का भविष्य भी तय होगा। डॉ. मोहन यादव द्वारा अक्टूबर में मंत्रियों के साथ बैठकों का दौर शुरू करने की तैयारी है। विधायकों का काम देखेंगे सीएम इसमें मंत्रियों को विभागवार कामकाज की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री विधायकों का कामकाज भी देखेंगे। विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया था। उन्होंने अपनी विधायक निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। सीएम ने पहले भी तैयार कराई थी रिपोर्ट तैयार बता दें, डा. मोहन यादव ने पहले भी मंत्रियों के कार्य प्रदर्शन की एक रिपोर्ट तैयार कराई थी, जो केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई। हाल ही में भोपाल में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष को भी यही रिपोर्ट दिखाई गई थी। गांव में रात्रि विश्राम और चौपाल की जानकारी भी ली जाएगी मुख्यमंत्री मंत्रियों से यह भी पूछेंगे कि उन्होंने कितने गांवों में रात्रि विश्राम किया और चौपाल लगाई। प्रभार के जिलों में प्रति माह दौरा कर रहे हैं या नहीं। यह भी देखा जाएगा कि मंत्रियों का अपने प्रभार के जिलों में अधिकारियों के साथ तालमेल कैसा है। पार्टी के दृष्टिकोण से यह भी देखा जाएगा कि संगठन के कामकाज में उनकी सहभागिता कैसी है। केंद्र से मिले अभियानों को सफल बनाने में कितने मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके अलावा मंत्रियों से आमजन व पार्टी कार्यकर्ता की संतुष्टि के बारे में भी जानकारी लेकर इस पर चर्चा की जाएगी। मंत्रिमंडल विस्तार के भी संकेत डा. मोहन यादव जिस तरह से मंत्रियों के कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। बता दें, रामनिवास रावत के चुनाव हारने और इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियमानुसार 35 मंत्री हो सकते हैं।

PM मोदी 9 सितंबर को गुरदासपुर पहुंचेंगे, बाढ़ प्रभावित इलाकों का करेंगे निरीक्षण

गुरदासपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. पंजाब में अब तक लगभग 2 हजार गांव पानी में डूबे हैं और 2 लाख हेक्टेयर की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. देश के कई राज्यों में इस भारी बारिश के कारण हालात खराब बने हुए हैं. खासतौर पर पंजाब में स्थिति बेहद खराब है. अब तक प्रदेश में बाढ़ के कारण ही 46 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. लगभग 2 हजार गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 2 लाख हेक्टेयर फसल खराब हो चुकी है.  पीएम नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब जाएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. वह गुरदासपुर पहुंचकर हालात देखेंगे. इस दौरे को हर पंजाबवासी आश की नजर से देख रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी पंजाब दौरे के दौरान किसी बड़े पैकेज की घोषणा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक पैकेज या मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं. बाढ़ की चपेट में 2 हजार गांव पंजाब में 17 अगस्त के बाद से ही बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश के लगभग 2 हजार से ज्यादा गांव पूरी तरह जलमग्न हैं. गांवों के लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. बाढ़ के कारण प्रदेश भर की 2 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अब तक प्रदेश को 10 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. पीएम मोदी कर सकते हैं पैकेज का ऐलान पंजाब सरकार ने पहले ही राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है. इसके साथ ही सरकार की तरफ से केंद्र से 60 हजार करोड़ के फंड की मांग की गई है. पीएम मोदी के इस दौरे में ऐसा माना जा रहा है कि उनकी तरफ से किसी पैकेज की घोषणा की जा सकती है. पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. आर्मी इन क्षेत्रों में लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है. पंजाब में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड एक्टर सलमान खान आगे आए हैं. उनके अलावा भी कई एक्टर्स ने गांवों को गोद लिया है.  

CM डॉ. यादव मऊगंज पहुंचे, बहुती जलप्रपात का किया अवलोकन, व्यू प्वाइंट से निहारी दूधिया धाराएं

मऊगंज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मऊगंज जिले के प्रवास पर नई गड़ी जनपद पंचायत के बहुती जल प्रपात का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वाटरफॉल के नजदीक जाकर व्यू प्वाइंट से जलप्रपात की गिरती हुई दूधिया जल धारा और वहा बनने वाले इंद्रधनुष की आभा को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुती जल प्रपात के समीप कार्यक्रम स्थल पर गौपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जंगल में विचरण करने वाली गौमाताओं को अपनी एक आवाज में अपने पास बुलाने की कला रखने वाले रकरी गांव के गौसेवक सौखीलाल यादव ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम की दीदीओं द्वारा सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती में हुआ पारंपरिक स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहुती पहुंचने पर पारंपरिक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मऊगंज की लोक कला की छात्राओं ने बघेली शैली नृत्य और स्थानीय लोक कलाकारों के दल ने अहिरहाई लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, पशुपालन डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल, विधायक सर्वगिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह और प्रदीप पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कमिश्नर रीवा बी.एस. जामोद, आई.जी. गौरव राजपूत, कलेक्टर संजय जैन एवं पुलिस अधीक्षक प्रजापति सहित नागरिक मौजूद थे। पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है विकसित कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने बताया कि बहुती जल प्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने एवं जन सुविधाओं के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए लागत की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बातया कि बहुती प्रपात के अप स्ट्रीम में स्टॉप डैम का निर्माण प्रस्तावित है। स्टॉप डैम में जल का संचय होने से वाटर फॉल की जल धारा का बारह माह सदा अविरल प्रवाह बना रहेगा। प्रदेश का सबसे ऊँचा बहुती जल प्रपात बहुती जल प्रपात रीवा से 75 किलोमीटर दूर मऊगंज जिले में स्थित है। यह विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। बहुती में सेलर नदी 650 फिट की ऊंचाई से दो धाराओं में विभक्त होकर गिरती है। नीचे सुंदर कुंड और चारों ओर घने वन हैं। बहुती में अनंत जलराशि लंबवत चट्टानों पर गिरती है। जुलाई से सितम्बर माह तक इस प्रपात का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। प्रपात के समीप ही अष्टभुजा देवी का प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। प्रयागराज और बनारस से सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा होने से उत्तरप्रदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुंचते हैं। इसके पास भैंसहाई में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र मिले हैं।  

CM डॉ. यादव बोले- देवतालाब, बनारस और प्रयागराज है धार्मिक आस्था का अनूठा त्रिकोण

देवतालाब, बनारस और प्रयागराज धार्मिक क्षेत्र का अनूठा त्रिकोण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवतालाब शिव मंदिर में होगा शिवलोक का निर्माण बहुती जल प्रपात को विकसित करेगा पर्यटन विकास निगम देवतालाब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का होगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन देवतालाब और नईगढ़ी में बनेंगे नए तहसील भवन हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना से विंध्य के चार जिलों में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद से 1500 रुपए प्रतिमाह अंतरित किए जाएंगे मुख्यमंत्री ने देवतालाब में 241 करोड़ 33 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास और लोकार्पण मऊगंज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहा है कि शिव मंदिर देवतालाब अदभुत है। यहां पांच तत्वों का आभास होता है। ऐसा अद्भुत मंदिर केवल विश्वकर्मा जी ही बना सकते हैं। देवतालाब, बनारस और प्रयागराज महत्वपूर्ण धार्मिक त्रिकोण हैं। देवतालाब आस्था, इतिहास और आनंद का संगम है। यह श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि है। ऐसी मान्यता है कि देवतालाब के शिव का दर्शन करने पर ही चारधाम की यात्रा का फल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मऊगंज के देवतालाब स्टेडियम में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 241 करोड़ 33 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये और मऊगंज को विकास की अनेक सौगातें देते हुए घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन कर मऊगंज के संयुक्त जिला कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारे गांव स्वावलम्बन की अद्भुत मिसाल हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में स्वदेशी को अपनाते हुए आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट है। हमारी इस सामर्थ्य के परिणामस्वरूप ही देश की कीर्ति गाथा सम्पूर्ण विश्व में गूंज रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का कथन की "21वीं सदी भारत की होगी" साकार हो रहा है। गर्व का विषय है कि स्वामी विवेकानंद अर्थात श्रद्धेय नरेन्द्र नाथ दत्त की भावना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चरितार्थ किया है। देश के गरीब, युवा, अन्नदात और महिलाओं का कल्याण तथा विकास तपोनिष्ट प्रधानमंत्री मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसी माह प्रदेश आगमन के लिए स्वीकृति प्रदान की है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के लिए कभी भी संसाधनों की कमी नहीं होने दी, इसी का परिणाम है कि प्रदेश में चहुंओर विकास का परचम लहरा रहा है। जबकि अन्य दलों की सरकारें विकास के लिए सदैव संसाधनों के अभाव का बहाना बनाती रहीं। विश्व की सभी महत्वपूर्ण नीतियों के निर्धारण में भारत है केंद्र बिंदु मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज और काशी विश्वनाथ के बीच बसा यह स्थान देवताओं की अभिरूचि की अभिव्यक्ति है। उनके स्वयं के लिए भी देवतालाब आगमन सदैव सुखद और भाग्यशाली रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने विश्व को मानवता का विचार देते हुए जीवन जीने का सही मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रभावशीलता के परिणाम स्वरूप विश्व की सभी महत्वपूर्ण नीतियों के निर्धारण में भारत केंद्र बिंदु बना हुआ है। यह हम सबके लिए गर्व-गौरव और स्वाभिमान का विषय है कि अमेरिका हो या दुनिया का कोई भी अन्य बड़ा देश, सभी प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकार्यता के लिए उत्सुक हैं। खेत में किसान और सीमा पर जवान का सम्मान हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान दोनों का सम्मान हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। किसान सम्मान निधि तथा अन्य प्रोत्साहन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। पर्याप्त सिंचाई और बिजली की उपलब्धता प्रदेश के सभी क्षेत्रों में सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना मंजूर की गई है। जिससे रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जिलों की एक लाख 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। रीवा के सोलर प्लांट की बिजली से दिल्ली की मेट्रो रेल दौड़ रही है। मऊगंज के घुरेहटा में बाबा रामदेव के पतंजलि संस्थान द्वारा एक हजार करोड़ रुपए की लागत से कृषि पर आधारित उद्योगों का विकास किया जा रहा है। इससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे। उज्ज्वला गैस योजना से 64 हजार से अधिक गैस के कनेक्शन दिए गए हैं। मऊगंज में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 44 हजार गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के आवास मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में जारी की जा रही राशि दीपावली के बाद से 1500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी, जिसे वर्ष 2028 तक प्रतिमाह 3 हजार रुपए किया जायेगा। मऊगंज को दी अनेक सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज जिले और देवतालाब विधानसभा क्षेत्र को अनेक सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने देवतालाब शिव मंदिर में शिवलोक के निर्माण और नईगढ़ी एवं देवतालाब में तहसील भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवतालाब के अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जायेगा। देवतालाब के शासकीय महाविद्यालय में ऑडिटोरियम और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा। अनुसूचित जाति और जनजाति विद्यार्थियों के लिए दो छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। बहुती जल प्रपात को पर्यटन विकास निगम के माध्यम से विकसित किया जायेगा। अष्टभुजी माता मंदिर में सौंदर्यीकरण और जनजाति अंचल में टीपा बदोर से गढ़वा रोड तक 11 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बनारस से आये लोक कलाकारों द्वारा दी गई सांगीतिक प्रस्तुति की सराहना की और लोक कलाकारों को 25 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा की। लोक नृत्य प्रस्तुत करने वाले दल के प्रत्येक सदस्य को 5-5 हजार रूपए और स्वागत गीत गाने वाली लोक गायिका राखी द्विवेदी को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने 2 साल से कम समय में जो विकास किया है वह ऐतिहासिक है। उन्होंने विकास योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी। आज मऊगंज को 241 करोड़ रुपए की सौगात मिली है। क्षेत्र में सड़क, नहर और माइक्रो इरिगेशन परियोजना से विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने … Read more

नीतीश राज में उठी नई चुनौती: निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती लोकप्रियता

पटना इसे राजनीतिक दलों का बढ़ता प्रभुत्व कहें या लोकतंत्र का बदला चेहरा, बिहार विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की पूछ लगातार घट रही है। वर्ष 2000 में झारखंड बंटवारे के बाद हुए पिछले पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो निर्दलीय उम्मीवारों के सीट जीतने की क्षमता में तेजी से गिरावट हुई है। वोट शेयर भी लगभग आधा हो गया है। फरवरी, 2005 के विधानसभा चुनाव में 17 निर्दलीय विधायक जीते थे, जिसमें चुनाव दर चुनाव कमी आती गई। वर्ष 2020 के पिछले चुनाव में महज एक निर्दलीय प्रत्याशी सुमित कुमार सिंह ही जीत दर्ज कर सके। उन्होंने भी महज 551 मतों से चकाई से निर्दलीय जीत दर्ज की थी। बाद में वह जदयू के पाले में चले गए और वर्तमान में मंत्री भी हैं। इसके पहले वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। इनमें बोचहां से बेबी कुमारी, कांटी से अशोक कुमार चौधरी, मोकामा से अनंत सिंह और वाल्मीकिनगर से धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह शामिल थे।  वर्ष 2010 में छह विधायक निर्दलीय जीते। इनमें बलरामपुर से दुलाल चंद्र गोस्वामी, डेहरी से ज्योति रश्मि, ढाका से पवन कुमार जायसवाल, लौरिया से विनय बिहारी, ओबरा से सोमप्रकाश सिंह और सिकटा से दिलीप वर्मा शामिल रहे। 2005 में दो विधानसभा चुनाव, जीते 27 निर्दलीय विधायक वर्ष 2005 में छह माह के अंतराल पर दो विधानसभा चुनाव हुए जिनमें कुल 27 निर्दलीय विधायकों ने जीत दर्ज की थी। फरवरी, 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में 17 विधायकों ने निर्दलीय जीत दर्ज की थी। इनमें बछवाड़ा से रामदेव राय, बहादुरगंज से मो तौसिफ आलम, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर, गरखा से रघुनंदन मांझी, गया मुफिस्सल से अवधेश कुमार सिंह, घोसी से जगदीश शर्मा, गोबिंदपुर से कौशल यादव, मधेपुरा से रूप नारायण झा, महिषी से सुरेन्द्र यादव, मढ़ौरा से लालबाबू राय, मशरख से तारकेश्वर सिंह, मटिहानी से नरेन्द्र कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर से विजेन्द्र चौधरी, नवादा से पूर्णिमा यादव, रघुनाथपुर से जगमातो देवी, सिकटी से मुरलीधर मंडल और सोनबरसा से किशोर कुमार निर्दलीय जीते। राष्ट्रपति शासन लगने के कारण जब अक्टूबर, 2005 में फिर से विधानसभा चुनाव हुए तो दस निर्दलीय विधायक जीतकर सदन पहुंचे। इनमें बाइसी से सैयर रुकनुदीन, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर, डेहरी से प्रदीप कुमार जोशी, गोबिंदपुर से कौशल यादव, मढ़ौरा से लालबाबू राय, मटिहानी से नरेन्द्र कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर से विजेन्द्र चौधरी, नवादा से पूर्णिमा यादव, सोनबरसा से किशोर कुमार और वारसलिगंज से प्रदीप कुमार ने निर्दलीय जीत दर्ज की। जीत के बाद दलों के हो जाते हैं निर्दलीय बिहार के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की अपनी पहचान रही है। उनका अपना गढ़ रहा है। जिसे भेदने में बड़े-बड़े दिग्गज हार गए। डुमरांव से ददन पहलवान, मोकामा से अनंत सिंह, मुजफ्फरपुर से विजेन्द्र चौधरी, बिस्फी से हरिभूषण ठाकुर, सोनबरसा से किशोर कुमार, रूपौली से बीमा भारती समेत ऐसे कई नाम रहे। बाद में इनमें से कई निर्दलीय राजनीतिक दलों में शामिल हो गए और फिर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने लगे। दरअसल, राजनीतिक दलों को भी ऐसे उम्मीदवारों की तलाश होती है, जिनका अपना वोट बैंक हो। ऐसे में निर्दलीय जीतकर आए उम्मीदवार, उनकी पहली पसंद होते हैं। अमूमन देखा जाता है कि बड़े राजनीतिक दल ऐसे निर्दलीय उम्मीवारों को अगली बार उसी सीट से अपना उम्मीदवार बना लेते हैं। चुनाव दर चुनाव निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या घटने का यह भी एक बड़ा कारण है। कभी मुख्यमंत्री को हराकर निर्दलीय बने थे सीएम बात 1967 के विधानसभा चुनाव की है। तब पटना पश्चिम (वर्तमान बांकीपुर सीट) से चुनाव लड़ रहे तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय चुनाव को निर्दलीय प्रत्याशी महामाया प्रसाद सिन्हा ने हरा दिया था। इस चुनाव में किसी गठबंधन को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इसके बाद संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, जनसंघ, सीपीआइ, जन क्रांति दल और प्रजा सोशलिस्ट जैसी पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई। महामाया प्रसाद जनक्रांति दल में शामिल हो गए और खुद मुख्यमंत्री बने।  

रायपुर : गौ-सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति और ऊर्जा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : गौ-सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति और ऊर्जा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने सीएम हाउस में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाकर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की रायपुर मुख्यमंत्री साय ने आज चन्द्रग्रहण से पूर्व मुख्यमंत्री निवास में गौमाता को रोटी और गुड़ खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौ-सेवा करने से उन्हें आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा का अनुभव मिलता है।

मौसम का कहर: यूपी में तीन दिन तक बरसेंगे बादल, पड़ोसी राज्यों का हाल भी जानें

नई दिल्ली  देशभर में मॉनसून का दूसरा फेज चल रहा है। आने वाले दिनों में मॉनसून की वापसी होने लगेगी, इससे पहले जमकर बारिश हो रही है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत तक भारी बरसात हो रही है। उत्तर प्रदेश में 11-13 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण पश्चिम राजस्थान पर दबाव की वजह से आठ सितंबर तक राजस्थान और गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। सात सितंबर को उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र व कच्छ में असाधारण रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो सात सितंबर को जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ, सात, 8 और 13 सितंबर को उत्तराखंड, 12 और 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश, 11-13 तारीख के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो 7, 8, 10 और 13 सितंबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश, 11-12 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बरसात की संभावना है। सात तारीख को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 7, 8, 13 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश, 11 और 12 सितंबर को विदर्भ, सात और 10-13 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़, 7-13 सितंबर के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, 9-11 सितंबर के दौरान बिहार में अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 7, 10, 11 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सात और 10 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। 11-13 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, अरुााचल प्रदेश, 12, 13 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।