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250 बसों से शुरू हुई ग्रामीण जनता सेवा, योगी ने कम किया किराया 20 प्रतिशत

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने ग्रामीण जनता सेवा का तोहफा दिया। इसके तहत यूपी के गांवों में 250 बसें संचालित की जाएंगी। प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट जनता सेवा की होगी। ये बसें 75-80 किमी दूरी के दायरे में आने वाले गांवों तक चलेंगी। इसका किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा। ग्रामीणों को सस्ती यात्रा सुविधा देने के लिए ग्रामीण जनवा सेवा बसों की शुरुआत की गई है। इसमें सफर करने के लिए किराया भी कम लगेगा। यूपी रोडवेज की अन्य बसों में अभी 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय किया जारा है। वहीं, अब शुरू हुईं ग्रामीण जनता सेवा बसों में 1.04 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय होगा। इसके अलावा सीएम योगी ने आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों की भी घोषणा की है। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार-प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। सीएम योगी ने चालकों के लिए घोषणा करते हुए निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। सीएम योगी ने हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडिया—डिजिटल, प्रिंट, सोशल व विजुअल—के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। आधुनिक बस स्टेशन, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों, बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिले—इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ ही, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, प्रमुख सचिव (परिवहन) अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।  

RPF, CIB और फ्लाइंग टीम का सराहनीय प्रयास, रांची में पकड़ा गया पॉकेटमार

रांची झारखंड के रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ, सीआईबी एवं फ्लाइंग टीम ने एक व्यक्ति को पॉकेटमारी करते हुए रंगेहाथ दबोचा है. वहीं इसको लेकर जीआरपी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई है. कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशानुसार रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष निगरानी के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 पर एक व्यक्ति को जेब काटते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया. तलाशी में उसके पास से 350 रुपये बरामद हुए. पूछताछ में उसने अपना नाम फै़सल अंसारी,पिता मोख़्तार अंसारी,निवासी मजार गली,कर्बला चौक,थाना लोअर बाजार,रांची बताया और अपना अपराध स्वीकार किया. इसी बीच यात्री सुरेश महतो,उम्र 64 वर्ष,निवासी जलीम,जिला लातेहार ने शिकायत दर्ज कराई कि ट्रेन में चढ़ते समय उनकी जेब से 350 रुपये चोरी हुए हैं. बरामद पैसे को उन्होंने अपना बताया.ASIअनिल कुमार ने मौके पर ही बरामद रुपये जब्त कर आवश्यक कार्यवाही करते हुए आरोपी को जीआरपी रांची के हवाले कर दिया. इस संबंध में जीआरपी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई है. कार्रवाई में शामिल अधिकारी/स्टाफ: एएसआई अनिल कुमार,कांस्टेबल प्रदीप,कांस्टेबल पी. कुल्लू (आरपीएफ पोस्ट रांची) हेड कांस्टेबल संजय कुशवाहा,कांस्टेबल सी.के. सिंह(सीआईबीरांची).

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रभु श्रीहरि विष्णु और श्री गजानन गणेश से मध्यप्रदेश में चहुंओर विकास और खुशहाली का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की है।  

पैरोल पर शादी का विवाद, बाहुबली नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव ने रचाई हर्षिका यादव से शादी

गाजियाबाद नीतीश कटारा मर्डर केस में पिछले 23 सालों से जेल में बंद और उम्र कैद की सजा काट रहे विकास यादव की शादी हो गई. कार्ड पर शादी की जगह चीनी मिल कम्पाउंड, मानपुर नगरिया, न्यौली, कासगंज लिखा था. लेकिन शादी डीपी यादव के राजनगर, गाजियाबाद में मौजूद आवास पर वैदिक रीति-रिवाजों के साथ  बड़े सादा अंदाज में हुई. इस साल अप्रैल से ही विकास यादव जमानत पर बाहर है. हालाकि ये अंतरिम जमानत विकास को शादी के लिए नही बल्कि अप्रैल में इसलिए मिली थी ताकि वो अपनी बीमार मां की देखभाल कर सके. इसी बीच विकास यादव के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में शादी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मियाद बढ़ाने की गुजारिश की थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव की अंतरिम जमानत एक हफ्ते के लिए और बढा दी. इससे विकास यादव की शादी का रास्ता साफ हो गया था और अब वो 9 सितंबर तक अंतरिम जमानत पर आजाद है. सगाई, शादी और विवाद! हालांकि 2002 में जिस नीतीश कटारा मर्डर केस में विकास यादव को उम्र कैद की सजा मिली उन नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा के वकील ने विकास यादव की अंतरिम जमानत बढ़ाए जाने का ये कहकर विरोध किया कि विकास यादव की शादी पहले ही हो चुकी है. इस सिलसिल में कोर्ट के सामने दो तस्वीरें पेश की गईं. नीलम कटारा के वकील का दावा था कि विकास यादव की शादी 5 जुलाई को ही हो चुकी है. उन तस्वीरों के कोर्ट में पेश किए जाने के बाद विकास यादव के वकील ने दावा किया कि ये तस्वीरें शादी की नहीं बल्कि सगाई की हैं. असल में उस तस्वीर में ऐसी कई चीजें हैं, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि ये तस्वीर सचमुच सगाई की है या विकास यादव की शादी पहले ही हो चुकी है. अगर सिलसिलेवार उस तस्वीर को देखें तो उसमें कई चीजें ऐसी हैं जो अमूमन पश्चिमी यूपी के इस इलाके में सगाई के दौरान देखने को नहीं मिलती. सबसे पहले तो तस्वीर में विकास यादव और उसकी होने वाली दुल्हन या हो चुकी दुल्हन हर्षिका के आगे हवन कुंड रखा हुआ है. हवन कुंड में बाकायदा अग्नि जल रही है. शादी में इसी अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लेने की रस्म पूरी की जाती है. विकास और हर्षिका ने जो कपड़े पहने है वो शादी का ही जोड़ा है. सगाई में इस तरह के कपड़े अमूमन नहीं पहने जाते. दुल्हन ने गुलाबी रंग का जोड़ा पहना है. जिसपर लाल रंग का दुपट्टा है. दूल्हे ने सफेद रंग की शेरवानी पर गुलाबी रंग का फेटा पहना है. दुल्हन का दुपट्टा और दूल्हे का फेटा आपस में बंधा हुआ है. अमूमन ऐसा फेरे के वक्त ही किया जाता है. क्योंकि इस गांठ को गठबंधन कहा जाता है. विकास यादव ने दाएं हाथ में सफेद रंग का रुमाल बांध रखा है जिसे कंगना कहा जाता है. और ये भी शादी के वक्त ही बांधा जाता है. दुल्हन ने सिर पर एक मुकुट पहन रखा है जिसे इस इलाके में मोहरी कहा जाता है. दुल्हन शादी के वक्त ही सिर पर मोहरी पहनती है ना कि सगाई के वक्त.  खैर इस तस्वीर के बाहर का सच ये है कि शुक्रवार यानी पांच सितंबर को विकास यादव की अब ऐलानिया शादी हो गई. खबरों के मुताबिक इस शादी को बेहद गोपनीय रखा गया. सिर्फ परिवार के खास और बेहद करीबी रिश्तेदार ही इस शादी में शिरकत करने आए थे. शादी का ये कार्ड भी इसलिए बाहर आ गय़ा क्योंकि ये कार्ड कोर्ट में अंतरिम ज़मानत की मियाद बढ़ाने के लिए एफिडेविट के तौर पर जमा किया गया था.  शादी के कार्ड पर कासगंज जिले का जो पता है और जिस शुगर मिल में शादी होनी थी वो शुगर मिल डीपी यादव की ही है. हालांकि वारदात की टीम गुरूवार को जब उस जगह पर पहुंची थी तो वहां ऐसी कोई खास हलचल नजर नहीं आई थी. ना ही शादी जैसा कोई माहौल दिखा और ना कोई साज-सजावट. आसपास के लोग भी शादी के बारे में बात करने से कतराते नजर आ रहे थे. नीतीश कटारा मर्डर केस की पूरी कहानी 23 साल तक जेल में रहने के बाद 5 सितंबर 2025 को विकास यादव शादी हो गई. इत्तेफाक देखिए कि 23 साल पहले वो भी शादी का ही एक मौका था, जब विकास यादव ने नीतीश कटारा को अगवा करने के बाद उसका कत्ल किया था. वो 16 फरवरी 2002 की रात थी. डीपी यादव की बेटी भारती और भारती का दोस्त नीतीश कटारा गाजियाबाद में एक शादी में शामिल होने पहुंचे थे. शादी भारती और नीतीश की कॉमन फ्रेंड शिवानी गौड़ की थी.  उस शादी में भारती का भाई विकास यादव अपने कजिन विशाल यादव और उनका साथी सुखदेव पहलवान भी पहुंचा था. विकास यादव को अपनी बहन भारती और नीतीश की दोस्ती पसंद नहीं थी. दोनों को शादी में एक साथ देखकर उसे गुस्सा आ गया. चश्मदीदों के बयान के मुताबिक कत्ल की रात शादी के फंक्शन में नीतीश और भारती ने साथ डांस किया था. जिसे देखकर विकास मौके पर ही आगबबूला हो गया था. नीतीश से विकास की ये अदावत अदालत में कत्ल की वजह साबित करने के लिये काफी थी. वारदात की रात नीतीश को आखिरी बार विकास यादव की टाटा सफारी में विशाल यादव और साथी सुखदेव पहलवान के साथ जाते देखा गया था. विकास ने पहले नीतीश को किसी काम के बहाने बाहर बुलाया. फिर एक सोची समझी साज़िश के तहत नीतीश को विकास और उसके साथी धोखे से गाड़ी में बिठा कर ले गए. देर रात तक नीतीश जब घर नहीं लौटा तो उसके घरवालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. लेकिन तब भी नीतीश का कोई सुराग नहीं मिला. अचानक पांच दिन बाद 21 फरवरी को बुलंदशहर के खुर्जा इलाके में नीतीश की अधजली लाश मिली थी. जब ये हादसा हुआ तब विकास यादव यूपी के बिसौली इलाके में विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहा था. लेकिन नीतीश की हत्या की खबर अख़बारों में छपते ही वो सबकुछ छोड़ कर ग़ायब हो गया. हालांकि चुनाव में उसकी ज़मानत ज़ब्त हो गई. पुलिस के … Read more

मेरठ में धर्म आधारित विवाद: अब्दुल्ला रेजीडेंसी पर एंट्री रोक का आरोप, सरकार जांच में जुटी

मेरठ  यूपी में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास बन रही अब्दुल्ला रेजीडेंसी को लेकर विवाद हो गया है। आरोप लग रहा है कि इस कॉलोनी में केवल धर्म विशेष के लोगों को ही जगह दी जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि कॉलाेनी में अघोषित रूप से हिंदुओं को जगह देने पर रोक है। इसकी शिकायत मिलने पर स्थानीय विधायक और प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री डा.सोमेन्द्र तोमर ने डीएम और आवास विकास को जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा है। मंत्री ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि कोई बिल्डर धर्म विशेष को लेकर आवंटन की बात कैसे कर सकता है? इसके साथ ही उक्त जमीन के स्वामित्व का भी मामला है। उधर, अब्दुल्ला रेजीडेंसी के बिल्डर महेन्द्र गुप्ता ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। रेजीडेंसी में किसी को संपत्ति खरीदने पर कोई रोक नहीं है। इस बीच शनिवार को नायब तहसीलदार की अगुवाई में एक टीम ने मौके पर पहुंचकर अपने स्तर पर मामले की जांच भी की। हापुड़ रोड स्थित अब्दुल्ला रेजीडेंसी का काम पिछले कुछ सालों से चल रहा है। अब यह विवादों में है। आरोप है कि इस रेजीडेंसी में केवल धर्म विशेष के लोगों को ही प्रॉपर्टी खरीदने की सुविधा है। हाल में ही कॉलोनी में मस्जिद भी बनाई गई है। यह मामला जब ऊर्जा राज्य मंत्री डा.सोमेन्द्र तोमर के सामने आया है तो उन्होंने डीएम और आवास विकास को मामले की जांच के लिए कहा है। मंत्री का कहना है कि धार्मिक आधार पर किसी रेजीडेंसी का निर्माण नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब आवास विकास ने आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया तो उक्त जमीन अधिग्रहण से मुक्त कैसे हो गई। उधर, चर्चा है कि यह जमीन जेल में बंद एक गैंगस्टर से जुड़ी है। हालांकि डेवलपर्स कोई और है। फिलहाल प्रशासन और आवास विकास ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब्दुल्ला रेजीडेंसी की ओर से आई ये सफाई बिल्डर महेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी को लेकर जो भी आरोप लगाये जा रहे हैं तो वे गलत और निराधार हैं। अब्दुल्ला रेजीडेंसी में किसी को संपत्ति खरीदने पर कोई रोक नहीं है। आवास विकास और रेरा से स्वीकृत कॉलोनी है। कुछ लोगों ने वेवजह इस तरह के आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा कि वह जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।  

इम्तिहान से पहले मेडिकल छात्र ने की खुदकुशी, कॉलेज में मचा हड़कंप

कोरबा मेडिकल कॉलेज के छात्र ने एक्जाम से घंटे भर पहले हॉस्टल में अपने कमरे में फांसी लगा ली. घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम जांच के लिए पहुंच गई. जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी मेडिकल कॉलेज के छात्र 24 वर्षीय हिमांशु कश्यप ने हॉस्टल के ए/13 कमरे में रह रहा था. आज उसका 11 बजे से फॉलोलैजी का एग्जाम था. इसके पहले ही उसने कमरे में फांसी लगा ली. इस बात की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. पढ़ाई में एक साल बेक में चल रहा हिमांशु फांसी लगाने से कुछ देर पहले मेडिकल कॉलेज के पास स्थित दुकान से रस्सी ख़रीद कर लाया था. सीसीटीवी फुटेज में मृतक रस्सी खरीदते हुए नजर आ रहा है. बहरहाल, इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका उत्तर किसी के पास नहीं है.

लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ साजिश? मंत्री और परिवार को खुलेआम धमकी

सूरजपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उनके परिवार को चौराहे पर सार्वजनिक रूप से घोटाले में फंसाने के साथ जान से मारने की धमकी देना युवक को भारी पड़ गया. ग्रामीण की शिकायत पर आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल, कसकेला के रहने वाले रवि यादव ने भटगांव थाने में लिखित शिकायत दी थी कि गांव में रहने वाले रविन्द्र यादव ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं उनके परिवार के घोटाले में फंसाने और सामने आने पर जान से मारने की धमकी दी है. भटगांव पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की, जिसके बाद कार्रवाई करते आरोपी युवक को गिरफ्तार में किया है. मामले में पुलिस सौंपा गया शिकायत पत्र सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है.

जमीन खरीदी-बिक्री में अड़चन, 5 डिसमिल रजिस्ट्री पर रोक और ऑनलाइन सिस्टम बना मुसीबत

रायपुर प्रदेश में जब से 5 डिसमिल से कम की कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी है, तब से मानों जमीन खरीदी-बिक्री पर लगाम सी लग गई है. रायपुर जिले की बात करें तो पहले रोज रजिस्ट्री 200 से अधिक होती थी, लेकिन अब आंकड़ा बमुश्किल 150 पार हो रहा है. उल्लेखनीय है कि अधिकांश लोग 1000 वर्गफीट, 1500 वर्गफीट, 2000 वर्गफीट के प्लाट खरीदते हैं, लेकिन 5 डिसमिल से कम की जमीन की रजिस्ट्री बंद हो जाने से लोग छोटे साइज के प्लाट नहीं खरीद पा रहे हैं. दूसरी ओर बिल्डरों के प्रोजेक्ट को फायदा मिल रहा है. रजिस्ट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई हैं, लेकिन इससे भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने और अपॉइंटमेंट लेने के बाद भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही है. कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी उतनी जानकारी नहीं रहती है. कई मामले उप पंजीयकों के हस्ताक्षर नहीं होने के चलते रुक गए हैं. उप पंजीयकों के छुट्टी में चले जाने से रजिस्ट्री जारी नहीं हो पाती है. भले ऑनलाइन से प्रक्रिया पूरी हो जाए. हाउसिंग बोर्ड, आरडीए के मामले अटक रहे हाउसिंग बोर्ड और आरडीए से मकान, फ्लैट, जमीन खरीदने वालों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री कराने के लिए कई लोग चक्कर काट रहे है. दरअसल लोगों को फ्लैट, मकान और प्लाट बेचे गए हैं, वे हाउसिंग बोर्ड या आरडीए के नाम पर – नहीं चढ़े हैं. इस कारण उसकी र रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. ऐसे सैकड़ों 1 मामले पेंडिंग है. इसका अब तक समाधान नहीं निकाल पाए हैं. अवैध प्लाटिंग पर लगी रोक छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर लगने से आम लोगों की परेशानी बढ़ी है, तो दूसरी ओर अवैध प्लाटिंग में कमी दिख रही है. हालांकि, अवैध प्लाटिंग बंद नहीं हुई है. शहर के पुराना धमतरी रोड, सरोना, विधानसभा, कचना, नवा रायपुर, मंदिरहसौद आदि इलाकों में अवैध प्लाटिंग का खेल चल रहा है. लगातार छुट्टियों का भी असर लगातार सरकारी छुट्टी का भी असर रजिस्ट्री पर पड़ा है. शनिवार-रविवार के अलावा बीच के अन्य दिनों में अवकाश होने से रजिस्ट्री प्रभावित हुई है. इस सप्ताह भी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को अवकाश हो गया. इसके बाद पितृपक्ष शुरू हो जाएगा, तो उसमें भी जमीन की खरीदी-बिक्री प्रभावित रहेगी.

PM के जन्मदिन पर सेवा सप्ताह की शुरुआत, हरियाणा के CM ने की तैयारी बैठक

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इसी कड़ी में हरियाणा में भी 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा शुरू होगा, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसको लेकर आज चंडीगढ़ में अहम बैठक बुलाई है। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारी को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा भाव के साथ मनाना गर्व की बात है। मुख्यमंत्री नायब सैनी पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस सेवा पखवाड़े को लेकर प्रदेश में पूरी तैयारी चल रही है। शहरों और सरकारी अस्पतालों की सफाई व्यवस्था को लेकर कई बैठकों का आयोजन हो चुका है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं और RWA से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश के अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की जाएगी, जिससे सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों के बराबर बनाया जा सके। हरियाणा में PM के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़े की शुरुआत सेवा पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई ऊंचाई देना है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस दौरान MRI, डिजिटल एक्स-रे, डायलिसिस जैसी सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी। 17 सितंबर को आधुनिक अस्पतालों के पहले चरण का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा सरकार इस सेवा पखवाड़े के दौरान राज्य के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग भी तय करेगी, जैसे कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर करती है। इससे नगर निकायों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा बैठक में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं ने विपक्ष की राजनीति को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों और देश के विकास के लिए ठोस योजनाएं बनी हैं। विपक्ष केवल झूठ की राजनीति कर रहा है।

JPSC 11वीं, 12वीं और 13वीं परीक्षा की कट-ऑफ लिस्ट आई, इतने अभ्यर्थी पास

रांची झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 11वीं, 12वीं और 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की कट-ऑफ आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। यह कट-ऑफ लिस्ट फाइनल रिजल्ट के 40 दिन बाद आई है, जिसमें कुल 342 उम्मीदवार सफल हुए हैं। कट-ऑफ अंक श्रेणी और सेवा के अनुसार घोषित किए गए हैं। फाइनल कट-ऑफ में सामान्य वर्ग (यूआर) के लिए अंक 652, ओबीसी-2 के लिए 653.25, ओबीसी-1 के लिए 623.75, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ई डबूएस) के लिए 590.50, अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 565.25 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 580.25 अंक निर्धारित किए गए हैं। मुख्य परीक्षा और सेवावार कट-ऑफ भी अलग-अलग सेवा के अनुसार जारी किए गए हैं, जैसे प्रशासनिक सेवा में यूआरका कट-ऑफ 652, पुलिस सेवा में यू आर का कट-ऑफ 674.50, वित्त सेवा में 656.25 और शिक्षा सेवा में 658.50 अंक है। परीक्षार्थियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। रांची की नीलू कुमारी ने आज कहा कि कट-ऑफ देर से आया लेकिन अब तैयारी का स्तर समझ में आया है, जबकि हजारीबाग के आकाश कुमार ने इसे ग्रामीण छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण बताया। आयोग ने कट-ऑफ जारी करने में तकनीकी जांच और डेटा सत्यापन को कारण बताया है और कहा कि पारदर्शिता प्राथमिकता है। अब चयनित उम्मीदवारों का दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें सभी सफल अभ्यर्थियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कागजी कार्यवाही पूरी करनी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती कट-ऑफ अंक इस बात का संकेत है कि प्रतियोगी परीक्षाएं दिन-ब-दिन कठिन होती जा रही हैं।