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यात्रियों के लिए राहत! जम्मू के लिए 19 सितंबर से छह प्रमुख ट्रेनें फिर से शुरू

मुरादाबाद भारी बारिश के बाद एक बार फिर जम्मू रेल मार्ग जल्द बहाल होने लगेगा। रेलवे ने बारिश से आई बाधा को दूर किया है। वाराणसी से जम्मू जाने वाली बेगमपुरा समेत छह ट्रेनें 19 सितंबर से पटरी पर दौड़ने लगेगी। रेलवे ने यात्री सुविधा को देखते हुए बारह ट्रेनों को भी बीच रास्ते तक चलाएगा। इनमें अमरनाथ, लोहित प्रमुख गाड़ियां है। हालांकि करीब डेढ़ दर्जन ट्रेनों को 15 अक्तूबर तक के लिए रद्द कर दिया गया है। जम्मू व श्रीमाता वैष्णोदेवी मार्ग पर आठ दिनों से रेल यातायात बाधित है। 27 अगस्त को भूस्खलन के बाद बाढ़ व भारी बारिश से रेल संचालन बंद करना पड़ा। कठुआ-जम्मू व जम्मू से वैष्णोदेवी के बीच सड़क व रेल पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से रेल व सड़क मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई। कुछ दिन पहले रेलवे ने हालात बहाल न होने पर जम्मू जाने वाली करीब 36 ट्रेनों को 30 सितंबर तक के लिए रद्द कर दिया। अब निर्माण कार्य दुरुस्त होने से जम्मू डिवीजन ने रेल संचालन को भी बहाल किया है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि क्षतिग्रस्त रेल कार्य को सुधरने से ट्रेन संचालन को हरी झंडी दी गई है। वाराणसी-जम्मू बेगमपुरा, हावड़ा-जम्मू हिमगिरी एक्सप्रेस और पटना-जम्मू अर्चना एक्सप्रेस का संचालन शुरु होगा। 19 सितंबर से हिमगिरी एक्सप्रेस से ट्रेनें चलने लगेगी। हालांकि जम्मू तक रेल यातायात अभी पूरी तरह से सामान्य न होने से अन्य प्रमुख ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट किया गया है। ये ट्रेनें बहाल – 12237-38 बेगमपुरा एक्सप्रेस 20-21 सितंबर को बहाल होगी – 12331-32 हिमगिरी एक्सप्रेस 19 और 21 सितंबर को बहाल होगी – 12355-56 अर्चना एक्सप्रेस 20-21 सितंबर को बहाल होगी शार्ट टर्मिनेट-बीच रास्ते चलने वाली ट्रेनें 12587-88 अमरनाथ एक्स सहारनपुर 13 अक्तूबर तक 15097-98 अमरनाथ एक्स अंबाला 25 सितंबर 15651-52 लोहित एक्सप्रेस सहारनपुर 13 अक्तूबर 15653-54 लोहित एक्सप्रेस सहारनपुर 12 अक्तूबर 15655-56 कामाख्या-श्रीमाता वैष्णोदेवी सहारनपुर 15 अक्तूबर 22317-18 सियालदह-जम्मू हमसफर लुधियाना 15 अक्तूबर 15 अक्तूबर तक रद्द रहने वाली ट्रेनों पर नजर राजगीर-शहीद कैप्टन तुषार महाजन 03221-32 छपरा-शहीद कैप्टन तुषार महाजन 05193-94 गरीब रथ एक्सप्रेस 12208-07 कानपुर-जम्मूतवी 12469-70 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मू 14605-06 योगनगरी-श्रीमाता वैष्णोदेवी 14609-10 गाजीपुर से श्रीमाता वैष्णोदेवी 14611-12 बरौनी-जम्मू 14691-92 सूबेदार गंज से शहीद कैप्टन तुषार महाजन 22431-32 कोविड काल में बंद स्टेशनों पर फिर रुकेंगी सत्याग्रह समेत 22 ट्रेनें मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल के रोजा, चंदक समेत कई स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव शुरू होगा। सत्याग्रह समेत बाईस ट्रेनों को कोविड काल में बंद हुए स्टॉपेज को शुरू करने के आदेश दिए। 8 सितंबर से ट्रेनों का ठहराव होने लगेगा। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता के अनुसार रक्सौल एक्सप्रेस का बिल्पुर, सियालदह का कांठ, चंदक व मलिहाबाद, बरेली-दिल्ली पैसेंजर का गढ़ मुक्तेश्वर ब्रिज, देहरादून-वाराणसी एक्सप्रेस का एथल आदि स्टेशनों पर ठहराव होने लगेगा।  

दिल्ली में बाढ़ ने ली जान, दो दिन बाद मिली शख्स की लाश

नई दिल्ली  दिल्ली में बाढ़ के पानी में डूबकर एक शख्स की मौत हो गई है। दो दिन पहले डूबे शख्स की लाश काफी तलाशी के बाद शुक्रवार को बरामद की गई। उत्तरपूर्वी दिल्ली के गढ़ी मेंधू गांव में ओमबीर नाम के शख्स की जान गई है। यमुना के पानी में मामूली गिरावट आई है, लेकिन दिल्ली के कई इलाके अब भी बाढ़ की चपेट में है। यमुना किनारे बसे कई इलाकों में लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। पुलिस ने बताया कि उन्हें 3 सितंबर को गढ़ी मेंडू गांव में एक शख्स के डूबने की आशंका की सूचना मिली थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘जांच के दौरान पता चला कि ओमबीर नाम के शख्स को सुबह करीब 8.30 बजे पुस्ता की तरफ से गांव की ओर जाते देखा गया था। लेकिन किसी ने उन्हें डूबते हुए नहीं देखा।’ इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्थानीय लोगों के साथ तलाशी अभियान चलाया। काफी प्रयास के बाद भी ओमबीर का पता नहीं चला था। शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे पुलिस टीम ने बचाव कर्मियों के साथ दोबारा गांव के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया और इस दौरान शव बरामद किया गया। शव को जीटीबी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नॉर्थईस्ट दिल्ली के कई इलाके बाढ़ प्रभावित हैं। पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद यमुना में हरियाणा से काफी पानी छोड़ा गया है। दिल्ली में यमुना तट के करीब रहने वाले हजारों लोगों को घर छोड़कर राहत कैंपों में जाना पड़ा है। सरकार और प्रशासन की ओर से राहत कैंपों में कई तरह की व्यवस्था की जा रही है।  

सड़क हादसा: निजी बस ने कार को रौंदा, डीडवाना-कुचामन में 2 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

नागौर डीडवाना-कुचामन जिले के मौलासर बाईपास के पास शुक्रवार को एक निजी सवारी बस ब्रेजा कार के ऊपर पलट गई। बताया जा रहा है कि कार सवार डिकावा से मौलासर बावड़ी सगाई करने जा रहे थे, जबकि बस अजमेर से सुजानगढ़ जा रही थी। हादसे में कार में सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार एक युवक की भी जान चली गई। कुल 19 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों का प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया, जबकि बाकी का इलाज कुचामन और डीडवाना में जारी है। मौके पर मौलासर थाना पुलिस पहुंची और क्रेन की मदद से बस को कार के ऊपर से उठाया गया। स्थानीय लोगों की मदद और एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया। इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

प्रदेश में अब तक दर्ज हुई 951.2 मिमी औसत वर्षा, मॉनसून रहा सक्रिय

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 951.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1329.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 461.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।     रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 810.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 700.4 मि.मी., गरियाबंद में 783.0 मि.मी., महासमुंद में 695.1 मि.मी. और धमतरी में 836.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।  बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 987.1 मि.मी., मुंगेली में 965.8 मि.मी., रायगढ़ में 1164.6 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 807.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1156.1 मि.मी., सक्ती में 1047.3 मि.मी., कोरबा में 1000.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 908.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 742.9 मि.मी., कबीरधाम में 670.9 मि.मी., राजनांदगांव में 830.6 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1168.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 690.0 मि.मी. और बालोद में 1013.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 679.8 मि.मी., सूरजपुर में 1006.0 मि.मी., जशपुर में 929.8 मि.मी., कोरिया में 1059.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 955.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1313.0 मि.मी., कोंडागांव जिले में 868.4 मि.मी., कांकेर में 1074.8 मि.मी., नारायणपुर में 1143.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1283.0 मि.मी., सुकमा में 1021.2 मि.मी. और बीजापुर में 1285.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

128 शिक्षकों की मेहनत हुई सराही, 2 टीचर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामांकित

रांची शिक्षक दिवस के अवसर पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने रांची स्थित अपने सभागार में आज राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा क्षेत्र में समर्पित 128 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संचालित 50 घंटे के अनिवार्य कार्यक्रम‘कम्प्रेहेंसिव-निरंतर व्यावसायिक विकास'के अंतर्गत ये शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किये हैं। शिक्षकों ने मॉड्यूल लेखन, डिजिटल प्रारूप विकास तथा आवासीय एवं गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मानित शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और उन्हें विशेष सम्मान दिया गया। रामगढ़ के पीएम श्री हाई स्कूल, मनुवा के सहायक शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता और चतरा के अपग्रेडेड 2 हाई स्कूल, दावरी के सहायक शिक्षक मनोज कुमार चोबे को 25,000 रुपये की नकद राशि, शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। टाटा कॉलेज कॉलोनी मिडिल स्कूल की शिक्षिका अनुपमा ने कहा, 'हम व्यस्त जीवन में अक्सर अपनी मेहनत को याद रखना भूल जाते हैं। ऐसे दिवस हमें खुशी के साथ-साथ नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है और इससे हम समर्पित भाव से कार्य करते हैं।'

नीना मित्तल ने किया ग्रामीणों से संवाद, घग्गर किनारे गांवों का दौरा

पंजाब  घग्गर नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के बहाव ने नज़दीक के गावों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस गम्भीर स्थिति का जायजा लेने के लिये विधायका नीना मित्तल ने टीम के साथ गांव झजो व बुढ़णपुर का दौरा किया और गांव निवासियों को हर सम्भव मदद करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर विधायका नीना मित्तल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगंवत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार, जिला प्रशासन पूरी तैयारी से स्थिति पर नजर रखे हुये है। उन्होंने कहा कि अभी तक पानी के कारण किसी भी तरह का बड़ा नुक्सान नहीं हुआ है। प्रशासन ने आने वाले खतरे को देखते हुये व्यापक प्रबंध किये है। इस में राहत सामग्री, रैस्क्यू टीमें व एमरजेंसी सहूलियतें भी शामिल है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। इस मौके पर विधायका ने सम्बधित अधिकारियों को आदेश दिये कि गांवों में लोगों के लिये हर सम्भव सहायता यकीनी बनाएं।

CM मोहन के सामने गरजे इंदौर मेयर के बेटे, रेल हादसे और बुलेट ट्रेन पर उठाए गंभीर सवाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संघमित्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. संघमित्र जब सरकार के खिलाफ गरज रहे थे तो मंच पर सीएम मोहन यादव भी मौजूद थे. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने रेल हादसे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सरकार को घेरा. मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे. संघमित्र के तीखे भाषण को सुनकर मंच पर मौजूद सभी नेता हैरान रह गए. वहीं, इंदौर मेयर के पसीने छूट रहे थे. संघमित्र ने कहा, सरकार कहती है सबका साथ सबका विकास. लेकिन हकीकत यह है कि रेलवे में हो रहा है दलालों का साथ और जनता का विनाश. वेटिंग लिस्ट का आलम यह है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेने के बावजूद सफर नहीं कर पाते. उन्होंने आगे कहा, 2022 तक अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का वादा किया गया था, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन तो नहीं, वादाखिलाफी की रफ्तार जरूर दौड़ रही है. करोड़ों रुपए खर्च हो गए, जमीन अधिग्रहण में घोटाले हो गए, लेकिन ट्रेन अब तक सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक ही सिमटी है. रेल हादसे पर क्या कहा? संघमित्र ने कहा, कहा गया था कि कवच तकनीक से रेल हादसे खत्म हो जाएंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग ट्रेन हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं. जब रेल के डिब्बे टूटते हैं या ट्रेन पटरी से उतरती है, तब सिर्फ लोहे के डिब्बे नहीं टूटते, किसी मां की गोद उजड़ जाती है, किसी बच्चे का भविष्य अंधकार में चला जाता है, किसी बूढ़े पिता की आंखों से आखिरी उम्मीद छिन जाती है संघमित्र ने कहा, 400 स्टेशन एयरपोर्ट जैसे बनाने की बात हुई थी, लेकिन अब तक बने कितने हैं. सिर्फ 20. वहां भी चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही की वही है. रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सवा लाख करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन 80 प्रतिशत परियोजनाएं अब तक अधूरी हैं. 78 प्रतिशत फंड जो सुरक्षा के लिए था, उसे डायवर्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट बताती है कि 300 करोड़ रुपए का निवेश सिर्फ एक कंपनी को दे दिया गया. ऐसे में सबका विकास कैसे होगा. संघमित्र के पिता को जानिए संघमित्र के पिता पुष्यमित्र भार्गव इंदौर के मेयर हैं. वह शहर के 24वें महापौर हैं. पुष्यमित्र वकील भी हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सबसे युवा अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया है. पुष्यमित्र मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े नेता हैं.

मुख्यमंत्री साय बोले – ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के साथ साझा किए अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा विज्ञान भारती के मध्य हुए दो महत्वपूर्ण समझौते अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय मेधा की बढ़ेगी दखल रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें। अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।” इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान: राजभवन में आयोजित समारोह में CM साय और राज्यपाल रहे उपस्थित

शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है: राज्यपाल रमेन डेका शिक्षा के बिना जीवन अधूरा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए। श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है। श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते  परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं। श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए। समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की। राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के रमेश कुमार चंद्रवंशी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की  सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचि सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने किया। समारोह में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।

पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने कहा- सरकार के कुप्रबंधन ने पंजाब को डुबोया

पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश वासियों को तबाही का सामना करना पड़ा। आज यहां अरविंद खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ को लेकर कतई गंभीर नहीं हुई। अनुभवहीन सरकार ने समय रहते न तो फील्ड में जाकर धरातल का मुआयना किया और न ही अधिकारियों को कोई निर्देश दिए गए।