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शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिये सम्मानित हुए हैं प्रदेश के 2 शिक्षक

भोपाल  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मध्यप्रदेश के 2 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिये राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान भी मौजूद थे। पुरस्कार स्वरूप सम्मानित शिक्षकों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल श्रीमती शीला पटेल दमोह जिले की शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। श्रीमती पटेल ने अपनी शाला में बच्चों को खेल-खेल में आनंदमयी शिक्षा दी है। उन्होंने गीत, कविता, कहानी और अभिनय के माध्यम से फाउण्डेशन लिटरेसी मिशन (एफएलएन) का क्रियान्वयन किया है। इसी के साथ उन्होंने अवकाश के दिनों में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिये विशेष कक्षाओं का संचालन किया। श्रीमती शीला पटेल ने अवकाश के दिनों में समर कैम्प एवं विंटर कैम्प का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पदस्थापना के शाला के गाँव की हर गली व मोहल्लों में जगह-जगह पर बच्चों को सिखाने के उद्देश्य से शैक्षिक पटल व लर्निंग प्लेस तैयार करवाया। शिक्षिका श्रीमती पटेल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये शून्य लागत पर टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार किया। बच्चों में समझ को बढ़ावा देने के लिये समूह में आपस में चर्चा और उनकी सहभागिता को बढ़ाने का काम प्रमुख रूप से किया। प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा प्राथमिक शिक्षक श्री भेरूलाल ओसारा आगर-मालवा जिले के शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला में पदस्थ हैं। ने अपनी पदस्थ शाला में विषय-वस्तु की गहन समझ के साथ शिक्षण कार्य किया और बच्चों में नैतिकता और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित किया। विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिये ईको क्लब और क्लैप क्लब के संयोजन से ठोस कार्य किया। बच्चों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और हरित जीवन-शैली के बारे में नवाचार करते हुए शिक्षा दी। शिक्षक श्री भेरूलाल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता के साथ लेखन की वर्कशॉप भी निरंतर आयोजित की। उन्होंने डिजिटल युग की महत्ता को समझते हुए विद्यार्थियों में ऑनलाइन सुरक्षा जागरूकता फैलाने के लिये महत्वपूर्ण काम किया। बच्चों को साइबर अपराध के खतरों, सोशल मीडिया का सुरक्षित रूप से उपयोग, पासवर्ड की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। उनके इस कार्य से आसपास के अनेक शिक्षकों ने भी प्रेरणा ली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को प्राकृतिक आपदा प्रभावितों को वितरण करेंगे राहत राशि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 6 सितम्बर को प्रात: 11 बजे प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति के प्रभावित किसानों के खाते में राहत राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। संबंधित जिले के कलेक्टर और संबंधित विभाग के अधिकारी भी वर्चुअली शामिल होंगे।  

1.5 लाख जनसेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से परिवहन की सेवाएं उपलब्ध कराने का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी

शनिवार को विभिन्न योजनाओं का करेंगे शुभारंभ व लोकार्पण  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होगा कार्यक्रम  आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग के बीच होगा एमओयू राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला परिचालकों को दिया जाएगा नियुक्ति पत्र  सड़क सुरक्षा के लिए 11 इंटरसेप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे मुख्यमंत्री 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, 16 इलेक्ट्रिक बस, 1 रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस, 10 सीएनजी, दो एसी बस, 20 टाटा बस, 43 आशयर सहित 400 बीएस- सिक्स बसों का करेंगे शुभारंभ  डिजिटल बस ट्रैकिंग (मार्गदर्शी) ऐप का भी शुभारंभ करेंगे सीएम, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट का करेंगे विमोचन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को परिवहन विभाग के जरिए प्रदेशवासियों को अनेक सौगात देंगे। वे परिवहन विभाग की अनेक योजनाओं का शुभारंभ व लोकार्पण भी करेंगे। यह आयोजन शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होगा। कार्यक्रम में परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1.5 लाख जनसेवा केंद्रों (सीएससी)के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने का भी शुभारंभ करेंगे।  परिवहन विभाग की इस पहल से आमजन को बड़ी सुविधाएं प्राप्त होंगी।  आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग के मध्य होगा एमओयू परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सरल परिवहन हेल्पलाइन 149 का शुभारंभ भी करेंगे। आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग तथा परिवहन निगम व सीएससी के मध्य भी एमओयू होगा। सीएम योगी इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट और डिजिटल बस ट्रैकिंग (मार्गदर्शी) ऐप का भी शुभारंभ करेंगे।  बस स्टेशन के विकासकर्ताओं को भी सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  श्री सिंह ने बताया कि पीपीपी के अंतर्गत व अनुदान आधारित बस स्टेशनों का डिजिटल उद्घाटन व शिलान्यास भी होगा। इसके पश्चात पीपीपी मोड पर विकसित किए जाने के लिए चयनित बस स्टेशनों के विकासकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। एडीटीसी व आरवीएसएफ के 4-4 नवीनतम केंद्रों के प्रमाण पत्र का भी वितरण होगा। सीएम योगी के हाथों चार नवीनतम ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के निवेशकों को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया जाएगा। जनसेवा केंद्रों के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने विषयक चार व्यक्तियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।  तीन महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी देंगे सीएम योगी   परिवहन आयुक्त ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ मंच पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे। सीएम योगी सड़क सुरक्षा के लिए 11 इंटरसेप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिकबस, 16 इलेक्ट्रिक बस, 1 रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस, 10 सीएनजी, दो एसी बस, 20 टाटा बस, 43 आशयर सहित 400 बीएस- सिक्स बसों का शुभारंभ भी करेंगे।

गणेश मूर्ति विसर्जन का शांतिपूर्ण आयोजन बिगड़ा, MP में झांकी पर लोगों ने किया पथराव

 उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शुक्रवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। उज्जैन जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर महिदपुर में तहसील में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। विसर्जन के दौरान लव जिहाद की झांकी दिखाए जाने पर दो पक्षों में पथराव हो गया। पुलिस ने बल प्रयोग करके स्थिति को नियंत्रण में लिया। शुक्रवार को दुर्गेश्वरी सिद्धिविनायक गणेश जी की सवारी निकालने के दौरान बवाल हो गया। बताया जा रहा है कि सवारी में लव जिहाद की झांकी दिखाने पर विवाद हो गया। झांकी का विरोध करते हुए मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए। तभी दोनों पक्षों में पथराव होने लगा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जमा भीड़ को खदेड़ना शुरू किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया है। बताया जा रहा है कि गणेश जी की सवारी हर साल निकलती है।

महतारी वंदन योजना: माताओं और बहनों के सम्मान से चमकेगा छत्तीसगढ़ : सीएम साय

  महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जहानाबाद जेल ब्रेक कांड का मुख्य आरोपी ‘लाइटर’ बिहार में गिरफ्तार

पटना बिहार पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 1 लाख के इनामी नक्सली योगेन्द्र रविदास को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 18 मामले दर्ज हैं। पटना जिले का कुख्यात इनामी नक्सली योगेन्द्र रविदास उर्फ लाइटर, जिस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था, गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर बिहार एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है। नवंबर, 2005 में वामपंथी उग्रवादी संगठनों द्वारा अपने साथियों को जेल से छुड़ाने एवं विरोधियों को मारने हेतु योजनाबद्ध तरीके से जहानाबाद जेल पर हमला किया गया था। जेल ब्रेक की घटना में उक्त नक्सली शामिल था। उक्त नक्सली के विरूद्ध पटना एवं जहानाबाद जिला के विभिन्न थानों में कुल 18 (अठारह) हत्या, रंगदारी सहित नक्सल से सम्बंधित कांड दर्ज है।  

संजय पाठक के लिए मुश्किलें बढ़ीं: GST व ब्याज के साथ पेनल्टी, जबलपुर में होगी कलेक्शन कार्रवाई

जबलपुर खनिज विभाग जबलपुर की सीमा में आने वाली खदानों में अवैध उत्खनन करने के आरोप में विधायक संजय पाठक से 443 करोड़ वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है। यह जिम्मा जबलपुर खनिज विभाग को दिया गया है। विभाग के अधिकारियों ने वसूली करने के लिए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना से स्वीकृति मांगी है। विभाग ने इस संबंध में मांग पत्र तैयार कर कलेक्टर को भेजा है, लेकिन गुरुवार तक इस पर सहमति नहीं मिल सकी। अब संभवतः शुक्रवार को कलेक्टर इस पर सहमति देंगे, जिसके बाद संजय पाठक से वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। खदानों में तय सीमा से ज्यादा किया उत्खनन दरअसल, संजय पाठक ने सन् 2004 से 2017 तक अपनी खदानों में तय सीमा से ज्यादा उत्खनन किया। इसकी जानकारी न तो जबलपुर खनिज विभाग को लगी और न ही भोपाल में बैठे अधिकारियों को। करीब 13 साल तक विधायक ने अपनी स्वीकृत खदानों से तय मात्रा से ज्यादा उत्खनन किया, लेकिन कागजों पर तय सीमा में ही उत्खनन दिखाया गया। इसकी शिकायत जब भोपाल पहुंची तो हड़कंप मच गया और जांच टीम गठित कर संजय पाठक की मां और बेटे के नाम पर ली गई खदानों की जांच की गई।   हर कंपनी से किया अवैध उत्खनन दरअसल भोपाल खनिज विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले संजय पाठक की मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर ली गई खदानों की जांच की। इसमें आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स, पैसेफिक एक्सपोर्ट और आनंद माइनिंग कार्पोरेशन ने ली खदानों में अवैध उत्खनन लिया। जांच के बाद खनिज विभाग ने आनंद माइनिंग पर 234.51 करोड़, निर्मला मिनरल पर 126.79, पैरोफिक एक्सपोर्ट पर 81.79 करोड़ और आनंद कॉर्पोरेशन से 20.02 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इसे वसूलने का काम जबलपुर जिला प्रशासन को दिया गया है। कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली जिले के खनिज विभाग द्वारा मांग पत्र पर कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इतना ही नहीं भुगतान न करने पर संजय पाठक की खदानों में उत्खनन करने पर रोक भी लग सकती है। वसूली न हो, इसलिए निवेश कर दिया हाल ही में कटनी में हुए कॉन्क्लेव में देशभर की खनिज क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने निवेश किया। इस दौरान संजय पाठक की फर्मों पर लगाए 443 करोड़ के जुर्माना को लेकर चर्चा रही। अवैध उत्खनन पर सरकार के रुख को ठंडा करने के लिए संजय पाठक ने अपनी और अपने बेटे यश पाठक की फर्मों द्वारा निवेश करने की राशि में इजाफा किया और बढ़ाकर चार हजार करोड़ कर दिया गया। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री और खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने इस निवेश पर संजय पाठक की प्रशंसा भी की। कोर्ट के आदेश पर आगे बढ़ी कार्रवाई इसके बाद यह कयास लगाए गए कि अब सरकार, जुर्माने की राशि वसूलने पर जोर नहीं देगी, लेकिन अचानक हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की ऑर्डर शील पर संजय पाठक द्वारा फोन पर अप्रोच लगाने की बात कही, जिसके बाद आनन-फानन में जुर्माना की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। जबलपुर खनिज अधिकारी एके राय ने कहा कि भोपाल से आए आदेश के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई के संबंध में मांग पत्र तैयार किया गया है, जिस पर कलेक्टर की सहमति के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

JDU में भूचाल: दो दिग्गज नेता PK के जन सुराज में शामिल, नीतीश पर सीधे हमला

पटना बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उससे पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के दो पुराने नेताओं ने उन्हें झटका दे दिया है। कई बार विधायक, सांसद और मंत्री रहे दसई चौधरी और जदयू प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भुवन पटेल ने प्रशांत किशोर का दामन थाम लिया है। जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने शुक्रवार को दोनों को पटना में पार्टी की सदस्यता दिलाई। चुनाव से पहले इसे अहम फेरबदल माना जा रहा है। पटना में पार्टी कार्यालय शेखपुरा हाउस में उदय सिंह ने दोनों नेताओं का पीला गमछा पहना कर स्वागत किया। उदय सिंह ने कहा कि सभी अच्छे लोग हैं। लंबे समय तक नीतीश जी का साथ दिया है। इनकी तरह ही कई अच्छे लोगों को साथ लेकर नीतीश जी ने अच्छी राह पर चलना शुरू किया था। लेकिन अब नीतीश जी चलते चलते राह भटक गए हैं। मैं खुद उनका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। लेकिन अब वो ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो बिहार को तेजी से सर्वनाश की ओर ले जा रहे हैं। दसई चौधरी ने कहा कि मैं बहुत दिनों तक जदयू से जुड़ा रहा। जब मैं विधायक था, तब नीतीश जी कुछ नहीं थे। लालूजी की पार्टी से तीन बार विधायक रहने के बाद फिर लालूजी के खिलाफ हमने तन मन धन से नीतीश जी का साथ दिया। लेकिन बाद में नीतीश जी ने हमपर ध्यान नहीं दिया। न ही संगठन, न सरकार में सहभागी बनाया। हम बार बार उनसे अनुरोध करते रहे। मुलाकात भी की, लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक बात नहीं की। फिर प्रशांत किशोर जी से मुलाकात की और उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बहुत इज्जत के साथ पार्टी से जुड़कर काम करने को कहा। वहीं जन सुराज की सदस्यता लेने के बाद भुवन पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार सबसे जीनियस मुख्यमंत्री हैं। लेकिन उम्र के अनुसार उनकी शारीरिक क्षमता कम हो रही है। स्थिति ऐसी हो गई है कि अगल-बगल रहने वाले कुछ लोग ही सरकार चला रहे हैं। भुवन पटेल समता पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। कहा कि जदयू से बड़ी संख्या में लोग निकलेंगे और दूसरी पार्टियों में जगह बनाएंगे।  

संघ प्रमुख की मौजूदगी में आरएसएस की अहम बैठक, बीजेपी और अन्य संगठनों के नेता उपस्थित

 जोधपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय राष्ट्र स्तरीय समन्वय बैठक जोधपुर में शुरू हो गई है। इस बैठक को लेकर संघ से जुड़े संगठनों और भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी अहम बना दिया है। मुख्य पंडाल में संघ प्रमुख सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मौजूद हैं। उनके साथ कार्यवाहक सरसंघचालक दत्तात्रेय होसबोले विभिन्न विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ भी बैठक में भाग ले रहे हैं, जो बैठक की संगठनात्मक और राजनीतिक महत्ता को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर संघ से जुड़े 32 संगठनों के लगभग 320 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए हैं। इनमें 249 संगठन पदाधिकारी हैं। प्रतिनिधि अलग-अलग समूहों में बैठकर कार्ययोजना, भविष्य की रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और आगामी समय की प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है। इसमें संघ से प्रेरित 32 संगठनों के पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे डॉ. कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमये और आलोक कुमार भी उपस्थित हैं। बैठक में विभिन्न संगठनों का वार्षिक कार्यवृत्त प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें वर्षभर के अनुभव और उपलब्धियों का विवरण शामिल है। बैठक शामिल होने वाले संगठनों में एबीवीपी, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, विद्या भारती और सक्षम (दिव्यांगजन सेवा संगठन) प्रमुख हैं। बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर पंजाब, बंगाल, असम और पूर्वोत्तर के जनजातीय इलाकों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर भी चर्चा होनी है। इसके साथ ही पंच परिवर्तन- सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण-अनुकूल जीवन, स्वर आधारित रचना और नागरिक कर्तव्य पालन जैसे विषयों पर भी विमर्श किया जा रहा है।  

बिहार में विकास की नई राह, CM नीतीश के विज़न से 26,000 किमी तक पहुँचना अब आसान

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सड़कों ने विकास की नई गाथा लिख दी है। पिछले दो दशकों में राज्य में सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है। 2005 में जहां महज 14,468 किलोमीटर सड़कें थीं, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 26,000 किलोमीटर से अधिक हो चुकी हैं। राष्ट्रीय और जिला मार्गों में लंबी छलांग 2005 तक राज्य में राष्ट्रीय उच्च पथों की कुल लंबाई 3,629 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 6,147 किलोमीटर हो गई है। इसी तरह वृहद जिला पथों की लंबाई 8,457 किलोमीटर से दोगुनी होकर 16,296 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। पहले जहां अधिकांश सड़कें सिंगल लेन तक सीमित थीं, वहीं अब दो, चार और छह लेन की सड़कों का जाल बिछ चुका है। ग्रामीण सड़कों ने खोले रोजगार के रास्ते ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क क्रांति दिखाई दे रही है। नाबार्ड के सहयोग से 2025 तक स्वीकृत 2,025 सड़कों में से 1,859 का निर्माण पूरा हो चुका है। इनकी कुल लंबाई लगभग 4,822 किलोमीटर है। साथ ही 1,235 स्वीकृत पुलों में से 910 बनकर तैयार हो गए हैं। ये पुल और सड़कें ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सड़कों ने बदली बिहार की तकदीर बिहार की सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी बन चुकी हैं। इनसे गांव सीधे शहरों से जुड़ गए हैं, बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचना आसान हो गया है। व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही बढ़ने से किसानों की आमदनी भी मजबूत हुई है। चौतरफा विकास की राह विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न सिर्फ यात्रा का समय कम हुआ है, बल्कि रोजगार और व्यापार की नई संभावनाएं भी खुली हैं। यही कारण है कि बिहार अब ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।