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मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने की मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की समीक्षा

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को अपेक्स बैंक, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नियुक्तियों, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों की वित्तीय स्थिति, खरीफ 2025-26 में अल्पावधि फसल ऋण वितरण, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना सहित कई विषयों पर विस्तृत चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ 2025-26 के लिए समय पर अल्पावधि फसल ऋण वितरण सुनिश्चित हो तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पैक्स समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया को गति देने पर विशेष बल दिया। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड संचालन को और सरल एवं सुलभ बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसान हितैषी नीतियों का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब जिला सहकारी बैंक मजबूत स्थिति में कार्य करें। इसलिए कमजोर जिला बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे जल्द लागू किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, नाबार्ड की सीजीएम श्रीमती सी. सरस्वती, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

प्रदेश में रीवाइल्डिंग से संतुलित होगी वाइल्डलाइफ इकोलॉजी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल बनेगी अन्य राज्यों के लिये वन संरक्षण का मॉडल भोपाल मध्यप्रदेश में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) सहित कई प्रजातियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए पुनर्वास एवं पुनर्प्रवेश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक पद्धति से इन प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिये 'रीवाइल्डिंग'की अभिनव पहल की गई है। रीवाइल्डिंग का उद्देश्य वाइल्डलाइफ इकोलॉजी को संतुलित कर लुप्त होती प्रजातियों को पुनर्जीवित करना, संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। प्रदेश में की गई यह पहल अन्य राज्यों के लिए वन संरक्षण का मॉडल बनेगी। रीवाइल्डिंग का अर्थ है प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाना। इसके लिये जंगलों में उन प्रजातियों को पुनः बसाया जाता है, जिनके बिना पारिस्थितिकी तंत्र अधूरा है। इसमें शिकारी प्रजातियों और शिकार प्रजातियों को शामिल किया जाता है। माना जाता है कि इन प्रजातियों के बिना जंगल का आहार-संतुलन बिगड़ता है और नेचुरल लाइफ साइकिल टूट जाती है। ‘टाइगर स्टेट’ कहलाने वाला मध्यप्रदेश जैव विविधता से समृद्ध है। इसके बावजूद कई प्रजातियाँ विलुप्ति की कगार पर हैं। प्रदेश के वनों में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) की संख्या लगातार घट रही है। साथ ही बाघ और तेंदुए का संतुलन भी प्रभावित हुआ है। विलुप्त होती प्रजातियों को समय रहते पुनर्स्थापित कर जंगलों के साथ प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखा जा सकता है। वन विभाग ने रीवाइल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। स्वैम्प डियर और अन्य प्रजातियों को पुनः प्राकृतिक आवास में बसाया जाएगा। केवल किसी एक जानवर पर नहीं, बल्कि पूरे जंगल में घास-भूमि और नदी के परिदृश्य पर ध्यान देकर जानवरों को बसाया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), वन अनुसंधान संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी रीवाइल्डिंग के इस मिशन में सहयोग कर रहे हैं। जनजातीय और ग्रामीण समुदायों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वन्यजीव पर्यटन के साथ ही आजीविका के नए अवसर मिल सकें। वन्यजीव वैज्ञानिकों का कहना है कि रीवाइल्डिंग केवल जानवरों को बचाने का कार्यक्रम नहीं है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने का सशक्त उपाय भीहै, क्योंकि जंगल कार्बन भंडारण बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद करते हैं। इससे जंगलों के साथ ही जल एवं मृदा संरक्षणभी होता है, क्योंकि इकोलॉजी के संतुलन से प्राकृतिक संसाधन भी सुरक्षित रहते हैं। रीवाइल्डिंग वन्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाको सशक्त बनाने का भी माध्यम है। इससे जंगल में बिना मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक चक्र सक्रिय बना रहेगा। राज्य सरकार की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब तक वन संरक्षण की नीतियाँ एक प्रजाति तक सीमित रहती थीं, किंतु रीवाइल्डिंग का फोकस पूरी तरह वाइल्डलाइफ इकोलॉजी पर है। यह प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में भी इकोलॉजी संतुलन के लिए मॉडल बन सकती है। प्रदेश में रीवाइल्डिंग का प्रयास इस बात का संकेत है कि सरकार और समाज के प्रयास अब वन और वन्यजीव संरक्षण से आगे जा कर प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाने की ओर अग्रसर हैं। इस पहल से मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन भक्तों के वैश्विक संघ इस्कॉन के संस्थापकाचार्य, अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की जयंती पर पुण्य स्मरण कर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धा, भक्ति एवं ज्ञान के पवित्र ध्येय से स्थापित इस संघ को लोक कल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी।  

सड़क पर मचा कोहराम, रोहतास में आमने-सामने भिड़ीं बाइकें, 3 की मौके पर मौत

पटना  बिहार में रोहतास जिले नासरीगंज थाना क्षेत्र के बरडीहां सिकडडी एसएच- 81 पर रविवार की देर रात दो बाइक की आमने- सामने की भीषण टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं एक अन्य घायल हो गया।  बाइक के उड़ गए परखच्चे घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रविवार की देर रात दो मोटरसाइकिल मेदनीपुर तांतो टोला पेट्रोल पंप के समीप आमने- सामने की भीषण टक्कर हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में कछवां थाना क्षेत्र के पहरमा निवासी वैधानाथ राम के पुत्र हिमांशु कुमार (16) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के दौरान ही काराकाट प्रखंड के मोथा निवासी स्व राम बच्चन कहार उर्फ धुमन के पुत्र रौशन कुमार उर्फ छोटन (30) की मौत हो गई।  वहीं इसी गांव के अवधेश पासी के पुत्र संतोष कुमार (22) को इलाज के लिए बनारस ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। जबकि, कछवां थाना क्षेत्र के पहरमा गांव निवासी बलिराम राम के पुत्र पवन कुमार (20) का बिक्रमगंज के अस्पताल में इलाज चल रहा है। सहायक पुलिस अधीक्षक और बिक्रमगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संकेत कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकिं एक घायल का इलाज हो रहा है।   

पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद ‘लव जिहाद’ के दोनों आरोपी दबोचे गए

कुशीनगर (उप्र) कुशीनगर में स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ करने के दो वांछित बदमाशों को सोमवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ लिया गया। दोनों आरोपियों पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने, सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत करने और ‘लव जिहाद’ का आरोप है। इन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में असलम और जुल्फिकार नामक दो बदमाशों को गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाश रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन बड़का टोला गांव के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि दोनों बदमाशों पर स्कूलों के बाहर छेड़खानी, छींटाकशी करने और ‘हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए कलावा बांधकर खुद को हिंदू दिखाकर लव जिहाद’ का आरोप है। उन्होंने बताया कि इनके संबंध में शिकायत मिली थी जिसके आधार पर रामकोला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर चार टीमों का गठन किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (आपराधिक बल प्रयोग कर लज्जा भंग करना), 78 (पीछा करने का अपराध), 296 (सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील कार्य), 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसपी ने बताया कि इनके बारे में सूचना मिली और इसके बाद रामकोला थाना पुलिस, साइबर टीम, स्वाट टीम और अन्य स्थानों की पुलिस ने इन दोनों बदमाशों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के लगभग चार बजे पुलिस टीम ने थाना रामकोला क्षेत्रान्तर्गत कुसुमहा पुलिया के पास घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार लोगों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस दल पर जान से मारने की नीयत से गोली चलायी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलायी, जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी और वे घायल हो गए। मौके पर उनके पास से दो अवैध तमंचा, कारतूस, एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल और 1, 100 रुपये नगद बरामद किए गए। घायल अभियुक्तों को उपचार के लिए पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल भेजा गया है। एसपी ने कहा कि कुशीनगर में महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस का अभियान जारी रहेगा।  

प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी यूपी की बौद्धिक सम्पदा

योगी सरकार यूपीआईटीएस-2025 के माध्यम से ने जा रही है यूपी की हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच भौगोलिक संकेत वाले प्रदेश के 60 जीआई उत्पाद होंगे यूपीआईटीएस में विशेष आकर्षण काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट तथा हस्तशिल्पियों के हुनर वाले 32 जीआई टैग उत्पादों की चमक देखेगी दुनिया  यूपीआईटीएस से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान- पद्मश्री रजनीकांत,जीआई मैन ऑफ इंडिया  वाराणसी उत्तर प्रदेश की कला और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को योगी सरकार अंतर्राष्ट्रीय मंच देने जा रही है। यूपी सरकार 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करा रही है। इस ट्रेड शो में प्रदेश के भौगोलिक संकेत वाले जीआई उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। यह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि के परिचायक होंगे, बल्कि इसे 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस ट्रेड शो में काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट की विरासत और हस्तशिल्पियों का हुनर वाले 32 जीआई टैग वाले उत्पादों की चमक दुनिया देखेगी। जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलग से पवेलियन  की व्यवस्था होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई टैग वाले उत्पाद हैं,  इसमें से 57 हस्तशिल्प और 20 कृषि एवं खाद्य उत्पाद जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं।  काशी व आसपास के जनपदों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच उत्तर प्रदेश की बौद्धिक सम्पदा प्रदेश की इकोनॉमी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी। प्रदेश की जीआई उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार दिलाने के लिए योगी सरकार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन कर रही है। सरकार देश की परंपरागत हुनर और जीई उत्पादों को पुनर्जीवित करके इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर ला रही है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के जीआई उत्पादों और ओडीओपी के ब्रांड एम्बेसडर बनकर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करते रहे हैं। इस विषय में अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के 60 जीआई पंजीकृत उत्पाद शामिल हो रहे हैं। जीआई उत्पादों को ट्रेड शो में अलग से स्थान दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा काशी व आसपास के जनपदों  के जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो के मंच पर देखने को मिलेगा।  उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से  जाने वाले पद्मश्री डॉ रजनीकांत ने  बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में जीआई पंजीकृत उत्पादों के कारोबार से करीब 60 लाख लोग जुड़े हैं। इसका सालाना अनुमानित कारोबार लगभग 1 लाख करोड़ का है। पद्मश्री रजनीकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्रेड शो में प्रदेश के जीआई उत्पादों के शो केस करने के लिए अलग से स्थान दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जहां सभी प्रमुख श्रेणी के जीआई उत्पाद हैं। हस्तशिल्प में सर्वाधिक जीआई प्राप्त उत्पाद भी उत्तर प्रदेश से ही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं। हैंडीक्राफ्ट ,हैंडलूम और खाद्य उत्पादों के 60 जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो में उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिसमें सबसे ज्यादा 32 जीआई टैग वाले उत्पाद अकेले काशी और आसपास के जनपदों के हैं। ऐसे में, अब ये उत्पाद इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपनी चमक बिखेरकर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भरने को तैयार हैं।

AK-47 समेत भारी हथियारों के साथ JJMP के 9 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष किया सरेंडर

लातेहार झारखंड पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। दरअसल आज यानी सोमवार लातेहार जिले में प्रतिबंधित संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) संगठन के नौ उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। नौ उग्रवादियों में एक जोनल कमांडर और चार उप-जोनल कमांडर शामिल हैं, जिन पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम था। साथ ही उन्होंने  चार एके-47 राइफलों और तीन एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) सहित बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस के वरीय अधिकारयों द्वारा उन्हें गुलदस्ते, शॉल और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि जेजेएमपी के जोनल कमांडर रविंद्र यादव पर पांच लाख रुपये का इनाम था और वह 14 मामलों में वांछित था। पुलिस ने बताया कि उसने दो एके-47, तीन राइफल और 1,241 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि तीन उप-जोनल कमांडरों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था । उनमें 10 मामलों में वांछित अखिलेश रविन्द्र यादव, नौ मामलों में वांछित बलदेव गंझू और 21 मामलों में वांछित मुकेश राम शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि एक अन्य उप-जोनल कमांडर, जिसकी पहचान पवन उर्फ ​​राम प्रसाद के रूप में हुई है, उसपर 3 लाख रुपये का इनाम था और वह तीन मामलों में वांछित था। आत्मसमर्पण करने वाले चार क्षेत्रीय कमांडर ध्रुव, विजय यादव, श्रवण सिंह और मुकेश गंझू थे, जो कुल नौ मामलों में वांछित थे।

अपनी मां संग सीएम के पास पहुंची कानपुर की बच्ची

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एडमिशन कराने का दिया निर्देश  इसके पहले सीएम के जनता दर्शन में पहुंचीं मुरादाबाद की वाची का भी हुआ प्रवेश, प्रतिष्ठित विद्यालय में ग्रहण कर रहीं शिक्षा आर्थिक कारणों से गोरखपुर की पंखुड़ी को शिक्षा में आ रही थी दिक्कत, सीएम से मिलकर बताई समस्या तो निर्बाध गति से चलने लगी पढ़ाई  लखनऊ कानपुर की मायरा सोमवार को अपनी मां नेहा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे के एडमिशन की गुहार लगाई। मासूम मायरा को देख मुस्कुराते हुए सीएम ने पहले हालचाल जाना, फिर पूछा कि क्या बनना चाहती हो। इस पर मायरा ने जवाब दिया- डॉक्टर। यह सुन सीएम ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को एडमिशन कराने का निर्देश। गौरतलब है कि मुरादाबाद की वाची ने एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी ने फीसमाफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके तत्काल बाद दोनों की समस्याओं का हल हो गया। अब दोनों बच्चियां अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।  सीएम ने मायरा से पूछा- स्कूल जाओगी, क्या बनोगी- दिया जवाब- डॉक्टर 'जनता दर्शन' में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है। जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इसके बाद मायरा से मुखातिब सीएम ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी। अभी तक तो स्कूल गई नहीं है। क्या बनेगी- जिस पर उसने तपाक से जवाब दिया-डॉक्टर। बच्ची की मासूमियत पर सीएम मुस्कुरा उठे। सीएम ने अफसरों को एडमिशन के लिए निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री के व्यवहार से प्रसन्नचित्त हुआ मायरा का परिवार कानपुर की नेहा सोमवार को बेटी मायरा को लेकर 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची के एडमिशन के लिए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं थीं। उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में एडमिशन का अनुरोध किया। मायरा का परिवार मुख्यमंत्री की सहृदयता का कायल हो गया। मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात भी सुनीं और एडमिशन का आश्वासन दिया।  सीएम से एक मुलाकात में ही पूरे हुए थे वाची और पंखुड़ी के सपने  यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की और अपने प्रवेश की गुहार लगाई। बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब वाची वहां शिक्षारत हैं।  यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 

मौर्य का हमला: अखिलेश यादव की ‘वोट अधिकार यात्रा’ बेअसर, नतीजा शून्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वोट अधिकार यात्रा’ में यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही। मौर्य ने एक प्रचलित मुहावरे का प्रयोग करते हुए सोमवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार में नितांत असफल ‘वोट अधिकार यात्रा’ में सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही।” “न तीन में न तेरह में” मुहावरे का मतलब जिसका कोई लेना-देना न हो, या जो किसी बात से बिलकुल ही अप्रासंगिक हो। मौर्य ने पोस्ट में कहा, “जिस पार्टी का बिहार की धरती पर न कोई अतीत है, न वर्तमान और न कोई भविष्य। उनका बिहार से संबंध केवल श्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से नातेदारी तक सीमित है। बिहार की जनता इनकी ख़ातिरदारी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इसकी बानगी आने वाले चुनाव में मिलेगी।” समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए थे और बिहार की जनता का आह्वान किया कि वह ‘मगध’ (बिहार) में भी उसी तरह भारतीय जनता पार्टी को हराये, जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने उसे ‘अवध’ (फैजाबाद-अयोध्या) में हराया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ बना दिया है। यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत आरा (भोजपुर) में आयोजित एक सभा में उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हम लोगों ने मिलकर अवध में हराया था, इस बार मगध में भारतीय जनता पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव सारण से इस यात्रा का हिस्सा बने।  

राहुल गांधी केस अपडेट: सुनवाई की नई तारीख 3 सितंबर तय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए तीन सितंबर की तिथि सोमवार को तय की। राहुल गांधी ने वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका नए सिरे से सुनवाई करने के लिए एसीजेएम की अदालत के पास भेज दिया जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने इस उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह मामला अमेरिका में सिखों के संबंध में 2024 में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नागेश्वर मिश्रा के वकील के अनुरोध पर न्यायमूर्ति समीर जैन ने सोमवार को सुनवाई टाल दी और अगली तिथि तीन सितंबर तय की। वाराणसी के नागेश्वर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) के समक्ष एक आवेदन किया था जिसने 28 नवंबर, 2024 को इस मामले में सुनवाई के बाद राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उक्त भाषण अमेरिका में दिया गया, इसलिए यह मामला उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। अदालत द्वारा मामला खारिज किए जाने को राव ने पुनरीक्षण अदालत के समक्ष चुनौती दी जिसने उनकी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और एसीजेएम को इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया। यह मामला सितंबर, 2024 का है। अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है। उनके इस बयान को लेकर विरोध हुआ था और इसे भड़काऊ और विभाजनकारी बताया गया था। वाराणसी के निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 28 नवंबर, 2024 को यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया था कि यह मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। इसके बाद, नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की जिसे अदालत द्वारा 21 जुलाई, 2025 को स्वीकार कर लिया गया। अब राहुल गांधी ने इस निर्णय के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है जिसमें दलील दी गई है कि वाराणसी की अदालत का आदेश गलत, अवैध और न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है।