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मुख्य आरोपी फरहान खान सहित छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

भोपाल  जिला न्यायालय ने कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 की धारा 3/5 के तहत अभियुक्त माना है। 1 सितंबर को अगली सुनवाई न्यायालय ने एक मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 को छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इस दिन अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद साक्षियों की गवाही शुरू की जाएगी। अलग-अलग सुनवाई की अर्जी मंजूर मुख्य आरोपी फरहान खान की इस मामले में पैरवी अधिवक्ता जगदीश गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने तीनों मामलों की अलग-अलग दिनांक पर सुनवाई का आवेदन किया था। इसको न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है। चार थानों में दर्ज हुए थे केस छात्रा की शिकायत पर पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में दर्ज हुई थी। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने भी सामने आकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

रेल हादसा: रायपुर में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, जांच में जुटे अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे इस रूट से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद ने बताया कि रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत उरकुरा क्षेत्र में आज एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद, मरम्मत कार्य शुरू किया गया और यातायात बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के दो पहिए पटरी से उतर गए थे, इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ट्रेन को पटरी पर लाने और प्रभावित लाइन को ठीक करने का काम तेजी से किया गया और कई घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार पटरी को क्लियर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उरकुरा से आरएसडी जाने वाली लाइन में हुआ। मालगाड़ी में ऑटो लोड था, जो कि पुणे से निकली थी। मालगाड़ी के डिरेल होने से होने से दो पैसेंजर गाड़ियां प्रभावित हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और शालीमार मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस शामिल है। जानकारी के अनुसार, रायपुर और उरकुरा के बीच मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे। इससे अप और डाउन रुट की सभी ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर से चलकर बिलासपुर जानें वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और सालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस शामिल है, जिसे उरकुरा स्टेशन के पास रोक दिया गया था। वहीं मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में एक सेना का जवान चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। इसके बाद जवान के ऊपर से एक के बाद एक 3 ट्रेनें गुजर गईं। हालांकि गश्त कर रहे गैंगमेन और कर्मचारियों की नजर जवान पर पड़ गई, जो बेहोश था। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और फिर जवान को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना शुक्रवार-शनिवार को देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। भूपेंद्र नासिक से जबलपुर जा रहे थे। इटारसी और सोहागपुर के बीच गुरमखेड़ी में अचानक वह ट्रेन से गिर गए। जानकारी मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और फिर जवान को दूसरी ट्रेन से सोहागपुर रेलवे स्टेशन लाया गया। इसके बाद इलाज के लिए भोपाल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल डॉक्टर की हालत ठीक है।  

रायपुर: गोद ग्राम सोनपूरी में राज्यपाल का जनसंवाद, योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने पर जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने अपने  खैरागढ़ प्रवास के दौरान अपने गोद लिए हुए  ग्राम सोनपूरी का भ्रमण किया और जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनका लाभ अंतिम पंक्ति के हितग्राही तक पहुंचे। ग्राम सोनपूरी को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने शासन की योजनाओं का लाभ ले चुके हितग्राहियों से फीडबैक लिया। जनसंवाद के दौरान विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु  राजभवन से 5-5 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा की। इसी तरह ग्रामीणों द्वारा श्मशान घाट के रख-रखाव और बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग पर उन्होंने राजभवन से 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। इन समूहों ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। इस  अवसर पर राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू, ग्राम सोनपुरी सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

उत्सव की सुरक्षा बढ़ी, भोपाल में पंडालों में CCTV और विसर्जन घाटों पर गोताखोर तैनात

भोपाल  नगर निगम ने गणेश उत्सव और आगामी दुर्गा उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों और घाटों पर ही कराया जाएगा। विसर्जन की होगी पूरी व्यवस्था निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि डोल ग्यारस से अनंत चतुर्दशी तक गणेश प्रतिमाओं का संग्रहण वार्ड और जोन स्तर पर किया जाए। इसके लिए बनाए गए संग्रहण स्थलों, विसर्जन कुण्डों और घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। पूजन सामग्री को अलग से एकत्र कर निष्पादन स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जोन स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। साफ-सफाई और मरम्मत कार्य पर रहेगा जोर निगम आयुक्त ने कहा कि विसर्जन स्थलों और चल समारोह मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर, क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख घाटों पर विशेष इंतजाम प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, रानी कमलापति और हथाईखेड़ा डैम पर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी करने पर जोर दिया गया है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाने को कहा, जिससे किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। जुलूस और विसर्जन स्थलों पर निगरानी बैठक में जुलूस मार्ग, प्रतिमा स्थलों, पंडालों और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और बिजली की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की गई। थाना प्रभारियों से विस्तृत जानकारी लेकर उन्हें पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश पुलिस आयुक्त ने थाना क्षेत्रों में देर रात तक गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने को कहा। अवैध शराब, आर्म्स, मादक पदार्थों और जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 411.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 607.2 मि.मी., गरियाबंद में 704.6 मि.मी., महासमुंद में 626.8 मि.मी. और धमतरी में 718.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 822.6 मि.मी., मुंगेली में 803.5 मि.मी., रायगढ़ में 1014.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.6 मि.मी., सक्ती में 891.6 मि.मी., कोरबा में 835.6 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 842.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 586.7 मि.मी., राजनांदगांव में 752.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1060.7 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 616.5 मि.मी. और बालोद में 882.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 613.0 मि.मी., सूरजपुर में 945.1 मि.मी., जशपुर में 860.9 मि.मी., कोरिया में 976.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 868.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1106.6 मि.मी., कोंडागांव में 755.5 मि.मी., कांकेर में 960.4 मि.मी., नारायणपुर में 984.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1041.1 मि.मी., सुकमा में 790.7 मि.मी. और बीजापुर में 1056.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

IAS आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति को मिला एक साल का सेवा विस्तार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पूर्व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को सातवां सेवा विस्तार मिल गया है। 14 अगस्त को यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद से ही उनके वापस सिक्किम कैडर लौटने की चर्चा थी। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस अधिकारी के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इससे पहले छह बार वे सेवा विस्तार ले चुके थे। इसमें से चार सेवा विस्तार एक-एक साल और दो छह-छह माह का था। इस प्रकार वे पिछले पांच वर्षों से सेवा विस्तार के तहत कार्य कर रहे थे। अब उनको केंद्र सरकार ने एक साल का सेवा विस्तार दिया है। इस तरह वे 2026 के अगस्त तक यूपी में अपनी सेवा देंगे। सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के किला को ढाहने में बड़ी भूमिका निभाने वाले आंजनेय कुमार सिंह सीएम योगी के पसंदीदा अधिकारी में से एक माने जाते हैं। 14 अगस्त को समाप्त हुई प्रतिनियुक्ति सीनियर आईएएस आंजनेय कुमार सिंह को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल गया है। उन्हें लगातार सातवीं बार एक्सटेंशन मिला है। आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी। यूपी सरकार ने केंद्र से उनका कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन मंजूरी में देरी होने पर शनिवार को उन्हें मुरादाबाद कमिश्नर पद से रिलीव कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद डीएम अनुज सिंह को चार्ज सौंपते हुए 60 दिन की छुट्टी ले ली थी। हालांकि, इसके 48 घंटे बाद ही केंद्र ने यूपी सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली। आंजनेय सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। अब वे अपने मूल कैडर सिक्किम नहीं लौटेंगे। यूपी में अब जल्द ही उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। यूपी में 10 साल से कर रहे सेवा 2005 बैच के आईएएस अफसर आंजनेय कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सलाहादबाद गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिक्किम कैडर में 8 साल नौकरी की। इसके बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए। यहां उन्हें 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब नए एक्सटेंशन के बाद उनका कार्यकाल 11 साल का हो जाएगा। राजनीतिक सिफारिशों से आए यूपी वर्ष 2015 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर सपा सरकार ने उन्हें यूपी बुलाया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर उन्हें लगातार प्रतिनियुक्ति विस्तार मिलता रहा। अब तक उन्हें 6 बार केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। यह सातवां मौका रहा, जब केंद्र ने योगी सरकार की सिफारिश को मान लिया है। आजम पर की थी कड़ी कार्रवाई लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रामपुर के डीएम रहते हुए आंजनेय सिंह ने सपा नेता आजम खान के खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठाए। आजम ने उस समय भाषण में कलेक्टर को जूते साफ कराने तक की बात कही थी। इस हेट स्पीच केस में आजम को 3 साल की सजा हुई। उनकी विधायकी भी रद्द हो गई। इसके बाद आंजनेय सिंह का नाम यूपी की नौकरशाही में सख्त छवि वाले अफसरों में शामिल हो गया। रामपुर में 2 साल डीएम रहने के बाद आंजनेय सिंह को प्रमोशन देकर मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बनाया गया था। अब एक्सटेंशन मिलने के बाद माना जा रहा है कि योगी सरकार उन्हें फिर किसी अहम पद की जिम्मेदारी सौंप सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी, तीनों सेना प्रमुख ने बताई भविष्य की तैयारियां और शांति का संदेश

महू  ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार सेना का रण संवाद-2025 कार्यक्रम मंगलवार से महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में शुरू हुआ। इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक आधुनिक संघर्ष था, जिससे हमने कई महत्वपूर्ण सबक सीखे। इनमें से अधिकांश पर अमल चल रहा है और कुछ को लागू भी कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन अब भी जारी है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार शाम को महू पहुंचेंगे। जनरल अनिल चौहान ने भारत की रक्षा क्षमताओं के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बात। उन्होंने कहा, 'दो-तीन दिन पहले, आपने सुना होगा कि DRDO ने एक विशेष एकीकृत प्रणाली का परीक्षण किया, जिसमें QRSAM, VSHORADS और 5-किलोवाट लेजर को इंटीग्रेट किया गया।' जनरल चौहान ने आगे कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मल्टी-डोमेन लेवल पर तैयार रहना होगा। जैसे- इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉनिसेंस के स्तर पर समन्वय की जरूरत है। इसके अलावा संघर्ष की स्थिति में जल, थल, नभ के अलावा समुद्र के भीतर और स्पेस में भी तैयारी की जरूरत है। इसके अलावा इन सभी क्षेत्रों में समन्वय भी जरूरी है। गीता और महाभारत से युद्ध नीति की सीख सीडीएस ने कहा कि गीता और महाभारत युद्ध नीति के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। चाणक्य की नीति ने चंद्रगुप्त मौर्य को विजय दिलाई। कौटिल्य और चाणक्य ने शक्ति, उत्साह और युक्ति को युद्ध नीति का मूल तत्व बताया है। उन्होंने जोर दिया कि शस्त्र और शास्त्र दोनों का संतुलन आवश्यक है। “हम शांति चाहते हैं, पर शांतिवादी नहीं हो सकते” सीडीएस चौहान ने कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है और यह एक शांतिप्रिय राष्ट्र है। लेकिन किसी भ्रम में न रहें, हम शांतिवादी नहीं हो सकते। उन्होंने उद्धरण देते हुए कहा – “यदि आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें।” उन्होंने ‘युद्ध पर प्रौद्योगिकी का प्रभाव’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भविष्य के युद्धक्षेत्र किसी सीमा को नहीं पहचानेंगे। इसलिए सभी सेनाओं को मिलकर त्वरित और निर्णायक प्रतिक्रिया देने की जरूरत है। उन्होंने एआई, साइबर और क्वांटम तकनीक को संयुक्त प्रशिक्षण के साथ जोड़ने पर बल दिया और कहा कि संयुक्त कौशल ही भारत के सैन्य परिवर्तन की नींव है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड कंप्यूटेशन, डेटा एनालिटिक्स, बिग डेटा, LLM (लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स) और क्वांटम टेक्नोलॉजीज के उपयोग को अनिवार्य बताया। जनरल चौहान ने कहा, 'भारत जैसे विशाल देश के लिए इस स्तर की परियोजना में पूरे राष्ट्र की भागीदारी जरूरी होगी। लेकिन हमेशा की तरह, मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय इसे न्यूनतम और बहुत किफायती लागत पर कर लेंगे।' रण संवाद 2025 में तीन संयुक्त सैन्य सिद्धांत—मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, स्पेशल फोर्सेस ऑपरेशंस और एयरबोर्न व हेलिबोर्न ऑपरेशंस जारी किए गए। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन 26 और 27 अगस्त को होना है। वाइस एडमिरल बोले – तकनीक बनी निर्णायक कारक नौसेना के वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि ड्रोन, आईएसआर, साइबर ऑपरेशन और सूचना युद्ध जैसे साधन यूक्रेन और गाजा संघर्ष में निर्णायक कारक रहे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल तकनीक को और अधिक एडवांस बनाने की जरूरत बताई। वायुसेना अधिकारी ने बताई उभरती तकनीकों की अहमियत भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण कमान के एओसी-इन-सी एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने ‘युद्ध को प्रभावित करने वाली उभरती प्रौद्योगिकियों की पहचान’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने खासतौर से एआई और मशीन लर्निंग, साइबर, क्वांटम, अंतरिक्ष एवं प्रति-अंतरिक्ष तकनीक, निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW) और हाइपरसोनिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला। 

सरकारी व्यवस्था मजबूत करे और सभी के लिए उपलब्ध हो

चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा देना सरकार की जिम्मेदारी सरकारी व्यवस्था मजबूत करे और सभी के लिए उपलब्ध हो  मध्य प्रदेश में पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेजों का विरोध भोपाल/ इंदौर मध्य प्रदेश सरकार का 25 एकड़ भूमि 1 रुपये के नाममात्र मूल्य पर निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय, स्वास्थ्य सेवाएँ और चिकित्सा शिक्षा, मजबूत सार्वजनिक व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध कराने की राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी के विपरीत है। इससे पहले, मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ  विभिन्न संगठनों ने  विरोध किया —जिनमें      एमपीएमटीए-एमपी मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन, शासकीय स्वायत्तशासी चिकित्सा अधिकारी संघ, एमपीएमओए-एमपी मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन, ईएसआई चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी चिकित्सा शिक्षा, मध्य प्रदेश जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, मध्य प्रदेश नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन,  कॉन्ट्रैक्चुअल डॉक्टर्स एसोसिएशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकार अभियान, संविदा चिकित्सक संघ,  एमपी आशा/उषा सहयोगिनी श्रमिक संघ) जन स्वास्थ्य अभियान मध्य प्रदेश, अस्पताल बचाओं जीव बचाओ संघर्ष मोर्चा मध्य प्रदेश, और अन्य संगठनों ने भाग लिया—इनके दबाव में सरकार को 12 जिला अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपने का अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। लेकिन अब, जनविरोध के बावजूद, सरकार भूमि और सुविधायें निजी संस्थाओं को देकर पीपीपी के नाम पर निजीकरण को फिर से लागू कर रही है। यह कोई वास्तविक साझेदारी नहीं है, बल्कि राज्य की मदद से निजी चिकित्सा क्षेत्र का विस्तार है, जिससे धार, बेतुल, पन्ना और कटनी में निजी मेडिकल कॉलेजों का रास्ता साफ हो रहा है। निजीकृत चिकित्सा शिक्षा मॉडल विशेष रूप से निम्न सामाजिक-आर्थिक स्तर के छात्रों के लिए समावेशी नहीं होते हैं बल्कि बहिष्कृत करने वाले होते हैं । ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री की वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना के तहत भारत सरकार पहले ही राज्य और केंद्र के संयुक्त वित्त से मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा कर चुकी है। इसलिए राज्य सरकार को चाहिए कि — 1.    निजी मेडिकल कॉलेजों को सब्सिडी देने के बजाय सार्वजनिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना जारी रखे। 2.    मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पर्याप्त शिक्षक, बुनियादी ढाँचा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराकर मजबूत करे। 3.    निजी कॉलेजों के साथ किए गए इन नए पीपीपी मॉडल एमओयू (MoU) की प्रति सार्वजनिक करे और इनको रद्द करें। जिसमें यह स्पष्ट हो:  •    सब्सिडी देने की प्रक्रिया क्या रही। •    क्या छात्रों की फीस पर सीमा (कैप) होगी। •    क्या कम से कम 25% सीटें गरीब छात्रों के लिए निःशुल्क होंगी। •    इस तरह की साझेदारी से लंबे समय में जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। अभी तक का अनुभव बताता है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा में ऐसे पीपीपी मॉडल अक्सर सस्ती, समान और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने में असफल रहे हैं। इसके बजाय, ये छात्रों और मरीजों के लिए खर्च बढ़ाते हैं, असमानता बढ़ाते हैं और सार्वजनिक व्यवस्था को कमजोर करते हैं। सरकार को इस त्रुटिपूर्ण पहल को छोड़कर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक चिकित्सा शिक्षा को मजबूत और विस्तारित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि मध्य प्रदेश के सभी नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। भवदीय  अमूल्य निधि, एस. आर. आजाद, राजकुमार सिन्हा, राहुल यादव, रामप्रसाद काजले, समीना युसुफ, लक्ष्मी कौरव, उमेश तिवारी, विष्णु बाजपेयी  जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश, बारगी बांध प्रभावित एवं विस्थापित संघ, नर्मदा बचाओ आंदोलन, जिंदगी बचाओ अभियान, पत्थर खदान मजदूर संघ, आशा / उषा सहयोगी श्रमिक संघ , टोंको रोको ठोको क्रांतिकारी मोर्चा, कटनी जिला जन अधिकार मंच 

सरकार का वादा निवेशकों को निवेश करने के लिए भूमि की नहीं होगी कमी

बिहार की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाले पैकेज को कैबिनेट की मंजूरी  सरकार का वादा निवेशकों को निवेश करने के लिए भूमि की नहीं होगी कमी  बिहार में औद्योगिक क्रांति की ओर बड़ा कदम: नीतीश सरकार ने लॉन्च किया औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025  पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में उद्योगों को नई ऊँचाई देने और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर सृजित करने के उद्देश्य से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) की घोषणा की है। जिसे आज कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। इस पैकेज को सरकार की महत्वाकांक्षी पहल बताया जा रहा है, जिसके तहत अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।  पैकेज की प्रमुख विशेषताएँ  # 40 करोड़ रुपए तक ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) # नई इकाइयों को 14 वर्षों तक स्वीकृत परियोजना लागत का 300% तक SGST की प्रतिपूर्ति # 30% तक पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) # निर्यात प्रोत्साहन की सीमा 14 वर्षों तक 40 लाख रुपए प्रतिवर्ष # कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टाम्प ड्यूटी एवं भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति # निजी औद्योगिक पार्कों, पेटेंट पंजीकरण एवं गुणवत्ता प्रमाणन को सहयोग  निवेशकों को भूमि मुफ्त  # सरकार ने निवेशकों के लिए भूमि आवंटन को भी आकर्षक बनाया है। # 100 करोड़ से अधिक का निवेश और 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों को 10 एकड़ भूमि मुफ्त # 1000 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली कंपनियों को 25 एकड़ भूमि मुफ्त # फॉर्च्यून 500 कंपनियों को 10 एकड़ तक भूमि निःशुल्क  आवेदन की अंतिम तिथि  इस पैकेज का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 तक आवेदन करना अनिवार्य होगा।  सीएम नीतीश कुमार का लक्ष्य  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस नई औद्योगिक नीति से बिहार के युवाओं को राज्य के अंदर ही बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। उनका उद्देश्य है कि बिहार आत्मनिर्भर, औद्योगिक रूप से सशक्त और युवाओं का भविष्य सुरक्षित राज्य बने।  बिहार को मिलेगा औद्योगिक बढ़ावा  विशेषज्ञों का मानना है कि BIPPP-2025 से राज्य में न केवल निवेश का माहौल बेहतर होगा, बल्कि बिहार उद्योग और रोजगार का हब बनकर उभरेगा।