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चिराग को शादी की सलाह, तेजस्वी यादव बोले – हम तो जनता के हनुमान हैं

अररिया  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है। कांग्रेस समेत महागठबँधन में शामिल कई दल और उनके नेता इस वक्त राज्य में वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं। वोटर अधिकार यात्रा के तहत राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी समेत महागठबंधन के कई दिग्गज नेता रविवार को अररिया में थे। यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इन नेताओं ने बारी-बारी से चुनाव आय़ोग को घेरा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में एलजेपी (आर) के मुखिया और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को शादी कर लेने की सलाह दे दी। इतना ही नहीं तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि चिराग पासवान एक व्यक्ति विशेष के हनुमान हैंं और हम जनता के हनुमान हैं। दरअसल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से पूछा कि चिराग पासवान बोल रहे हैं कि तेजस्वी यादव अब कांग्रेस के पिछलग्गू बनकर घूम रहे हैं? इसपर राहुल गांधी ने माइक तेजस्वी यादव को थमाया। तेजस्वी यादव ने माइक पकड़ने के बाद कहा, 'भाई वो तो किनके हनुमान हैं आपको तो पता ही है, उसपर हम ज्यादा नहीं बोलेंगे। हमलोग तो जनता के हनुमान हैं। वो व्यक्ति विशेष के हनुमान हो सकते हैं। तेजस्वी यादव ने आगे कहा, 'हम चाहेंगे कि मुद्दे पर बात हो। चिराग पासवान आज का मुद्दा नहीं है और ना ही जनता उनको पूछती है। आज लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। संविधान को मिटाया जा रहा है। इसके बाद तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए कहा कि तो अगर आप चिराग पासवान पर सवाल पूछ रहे हैं तो हम उसपर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे लेकिन उनको सलाह जरूर देंगे कि हमारे बड़े भाई हैं जल्द से जल्द शादी कर लें। इसके बाद राहुल गांधी को जैसे ही तेजस्वी ने माइक थमाया तो राहुल गांधी ने खिलखिलाते हुए कहा कि मेरे लिए भी एप्लिकेबल है। इसके बाद प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेता भी हंसने लगे  

पोरा तिहार उत्सव: उपमुख्यमंत्री, मंत्री-विधायक और राज्यपाल रमेन डेका संग झूमे लोग

रायपुर छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार ‘‘पोरा तिहार’’ आज कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निवास में धूमधाम और पारंपरिक अंदाज में मनाया गया. पोरा तिहार के इस पावन पर्व पर राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ वासियों को पोरा तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी. उन्होंने इस मौके पर कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि जीवन की महत्वपूर्ण परंपरा है. कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि मंत्री नेताम अपनी धर्मपत्नी मती पुष्पा नेताम के साथ भगवान शिव-पार्वती और भगवान स्वरूप नांदिया-बैला का पूजा-आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की. उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पोरा तिहार की शुभकामनाएं दी. कृषि मंत्री नेताम ने कहा आज पोरा तिहार है, जो छत्तीसगढ़ की परम्परा में किसानों और पशु प्रेम को समर्पित है. इसके साथ ही तीन दिन बाद तीजा है, जो सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा पर्व माना जाता है. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शंकर के लिए तीजा का कठिन व्रत किया था. हमारी सरकार हर माह के पहले हफ्ते में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत एक-एक हजार रूपए उनके खातों में अंतरण कर महिलाओं का सम्मान बढ़ा रही है. कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के रास्ते पर चलते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार छत्तीसगढ़ के चंहुमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है. इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक पुरंदर मिश्रा, रोहित साहू, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, सहित मंडल-निगम आयोग के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने में कहा कि आज हमारे साथी मंत्री रामविचार भैया ने त्यौता देकर हमें पोरा मनाने अपने घर पर बुलाया है. पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा और सामाजिक सद्भाव का पर्व हैं. हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है. महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार द्वारा पारंपरिक पर्वों को सम्मान एवं नए उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. कृषि मंत्री निवास को परंपरागत ग्रामीण परिवेश में विशेष रूप से सजाया गया था. पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बैला और मिट्टी के खिलौने व बर्तन से सुसज्जित वातावरण ने ग्रामीण अंचल की झलक प्रस्तुत की. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पोरा तिहार का उत्सव और अधिक जीवंत हो गया. वहीं इस मौके पर आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के ठेठरी, खुरमी, अइरसा, गुलगुला भजिया, चीला, फरा सहित विविध प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुप्त उठाया.

प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर बड़ा कदम: इंदौर को मिली बायोप्लास्टिक तकनीक की सौगात

इंदौर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को साकार करते हुए, बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (BCML) ने देश का पहला बायोप्लास्टिक (पॉलीलैक्टिक एसिड-पीएलए) प्लांट स्थापित किया है। यह एक ऐसा कदम है जो सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ा हथियार साबित होगा। मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में ‘बायो युग ऑन द व्हील्स’ नामक एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बलरामपुर चीनी मिल्स के बनाए गए बायोप्लास्टिक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिन्होंने सभी का ध्यान खींचा। इंडियन प्लास्ट पैक फोरम के अध्यक्ष, सचिन बंसल ने बताया कि गन्ने से प्राप्त होने वाली चीनी को पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) में बदला जाता है, जिससे कई तरह के उत्पाद बनाए जा सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि ये उत्पाद पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल हैं। इन्हें इस्तेमाल के बाद मिट्टी में दबाकर आसानी से डिस्पोज किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। क्यों है यह प्लांट इतना महत्वपूर्ण ? अभी तक पीएलए बनाने के लिए कच्चा माल विदेशों से आयात किया जाता था, जो काफी महंगा पड़ता था। भारत में इसके उत्पादन से न सिर्फ कीमतें कम होंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।बलरामपुर चीनी मिल्स की प्रतिनिधि, श्वेता सूर्यवंशी ने बताया कि यह नया उद्यम भारत के पहले औद्योगिक-स्तरीय बायो-पॉलीमर प्लांट की स्थापना में सहायक होगा, जो भारत के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। इस बायोप्लास्टिक से कटलरी, कप, बोतलें, स्ट्रॉ, खिलौने, फ्लेक्स बैनर और यहां तक कि पीपीई किट भी बनाई जा सकती हैं। यह पारंपरिक प्लास्टिक का एक बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प है। इस कार्यक्रम में उद्योगपतियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने भी हिस्सा लिया, जिससे इस पहल की गंभीरता और भविष्य की संभावनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह प्लांट भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो न सिर्फ प्रदूषण कम करने में मदद करेगा, बल्कि एक आत्मनिर्भर और हरित भविष्य की नींव भी रखेगा।

ट्रेन हादसे से टली बड़ी दुर्घटना, डॉक्टर की मां को RPF ने सुरक्षित निकाला

कानपुर  यूपी के फर्रुखाबाद की एक 60 वर्षीय महिला महिमा गंगवार के लिए कहावत 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय' सच साबित हुई, जब वह शनिवार देर रात कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर एक चलती ट्रेन से गिर गईं। आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से उनकी जान बच गई। महिला का बेटा कानपुर के हैलट अस्पताल में डॉक्टर है। महिमा अपने पति राजवीर सिंह के साथ कानपुर से भोपाल जाने के लिए 12593 गरीब रथ एक्सप्रेस में सवार होने की कोशिश कर रही थीं। ट्रेन आधी रात 12:35 बजे स्टेशन पर आई और उन्हें अपना कोच ढूंढने में देर हो गई। जब तक वे कोच तक पहुंचे, ट्रेन चल पड़ी थी। जल्दबाजी में चढ़ने की कोशिश में महिमा का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के पायदान और प्लेटफॉर्म के बीच की जगह में गिर गईं। आसपास के लोग शोर मचाने लगे। यह देखकर, वहां मौजूद आरपीएफ के एएसआई सीपी सिंह तुरंत हरकत में आए। उन्होंने महिमा को प्लेटफॉर्म की तरफ खिसकने की हिदायत दी और अपने साथी सिपाहियों अनिल कुमार और श्रवण कुमार को तुरंत ट्रेन की चेन खींचने का आदेश दिया। सिपाहियों ने बिना एक पल की भी देरी किए चेन खींची और ट्रेन रुक गई। इसके बाद, आरपीएफ टीम ने महिमा को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए स्टेशन पर ही बनी मोटर कार से प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ले गए। शुरुआती इलाज के बाद, उन्हें आगे के उपचार के लिए हैलट अस्पताल रेफर किया गया। आरपीएफ ने बताया कि महिमा का बेटा हैलट अस्पताल में डॉक्टर है। इस घटना के कारण ट्रेन को 15 मिनट की देरी हुई, लेकिन महिमा की जान बच गई। इस घटना प्रत्यक्षदर्शी आरपीएफ की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह घटना आरपीएफ कर्मियों की तत्परता और उनके सेवाभाव का शानदार उदाहरण है। थोड़ी देर तक स्तब्ध रहे लोग चलती ट्रेन से महिमा गंगवार के फिसलने और प्लेटफार्म-सीढ़ियों के बीच उनके फंस जाने की घटना जिसने भी देखी वो कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गया। आरपीएफ की चुस्ती और त्वरित ऐक्शन से ट्रेन रोक दी गई और महिमा गंगवार की जान बच गई। इसके बाद ही लोगों की जान में जान आई।  

टोक्यो में सीएम विष्णुदेव साय से मिले बस्तर के अविनाश तिवारी, उद्योग निवेश पर हुई सार्थक बातचीत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्रीसाय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, आज जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। मुख्यमंत्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जो बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान दे रहे हैं।

महात्मा गांधी का शांति और सद्भाव का अमर संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत : मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर  महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी जी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में गांधी जी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री साय के साथ इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।

दहेज में जलाई गई निक्की, पिता ने सीएम योगी से की सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली  ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज के लालच में एक महिला को उसी के बेटे के सामने जिंदा जला दिया गया। महिला की पहचान निक्की के तौर पर हुई है जिसे उसी के पति ने मारपीट पर जिंदा जला दिया। पुलिस ने बहन कंचन की शिकायत पर पति के साथ-साथ महिला की सास, ससुर और देवर के खिलाफ केज दर्ज किया है। पति को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्यों की तलाश जारी है। घटना गुरुवार रात की है जब पति विपिन ने पहले पत्नी निक्की को मारा, इसके बाद उसे लाइटर से जला दिया। इस खौफनाक घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस बीच निक्की के पिता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपी के एनकाउंटर की मांग की है और उनके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की भी मांग की है। मीडिया से बात करके हुए निक्की के पिता भिकारी सिंह पायला ने कहा, वे हत्यारे हैं, उन्हें गोली मार देनी चाहिए और उनका घर तहस-नहस कर देना चाहिए। मेरी बेटी पार्लर चलाकर अपने बेटे का पालन-पोषण कर रही थी। उन्होंने उसे प्रताड़ित किया। पूरा परिवार इस साजिश में शामिल था और उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला। उन्होंने बताया कि निक्की अपने ससुराल वालों से अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा बात नहीं करती थी। वह नहीं चाहती थी कि मैं परेशान होऊं, इसलिए उसने शादी को कामयाब बनाने की पूरी कोशिश की। लेकिन वे हत्यारे हैं। निक्की के पिता सीएम योगी आदित्यनाथ से ऐक्शन की मांग करते हुए कहा, वे जेबकतरों के पैर में गोली मार देते हैं और इन हत्यारों को नहीं मारते? यह भाजपा सरकार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपिन किसी और के साथ रिश्ते में था और निक्की को रास्ते से हटाना चाहता था। निक्की ने कहा, बेटे और मां को फांसी होनी चाहिए। मेरी बेटी बहुत दर्द में मरी। शिकायत में क्या-क्या आरोप? निक्की और उसकी बहन कंचन की साल 2016 में एक ही घर में शादी हुई थी। निक्की की शादी विपिन से और कंचन की शादी उसके भाई रोहित से हुई थी। कंचन की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक गुरुवार की शाम को पति विपिन और सास दया ने निक्की पर हमला किया। कंचन बचाने आई तो उसे भी मारा गया। इसके बाद विपिन ने पेट्रोल डालकर निक्की को जिंदा जला दिया। निक्की के 8 साल के बेटे का भी एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह पता रहा है कि पापा ने पहले मम्मी को चाटा मारा फिर कुछ डालकर लाइटर से आग लगा दी। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आया है जिसमें विपिन निक्की के बाल पकड़कर उसे खींचता नजर आ रहा है। कंचन ने बताया था कि शादी में ससुरालवालों को एसयूवी दी गई थी लेकिन उनकी मांग बढ़ती जा रही थी जिसके चलते वह निक्की को प्रताड़ित करते थे। उसके मायके वालों ने एसयूवी के अलावा एक और गाड़ी भी उन्हें दी थी लेकिन इसके बावजूद वह और 35 लाख रुपए मांग रहे थे।  

वायरल वीडियो: लुंगी में नजर आए SDM, अतिक्रमणकारियों पर जमाया रौब

दतिया मध्य प्रदेश के दतिया एसडीएम का अनोखा अंदाज देखने को मिला। एसडीएम साहब लुंगी पहन हाथ में माइक थाम कर अतिक्रमण हटाने पहुंचे। जिसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। शहर के पीतांबरा पीठ उत्तर गेट पर एसडीएम संतोष तिवारी सुबह लुंगी पहनकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे। उन्होंने अपने हाथ में माइक भी लिया था। एसडीएम को लुंगी में देखकर पहले तो लोग चकित रह गए उसके बाद जब उन्होंने माइक से चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि आप लोगों को बार-बार समझाइए दे रहा हूं तो आपको समझ में नहीं आ रहा है। एक महीने से प्रत्येक शनिवार को दो-दो घंटे खड़े होकर अतिक्रमण हटवा रहा हूं, लेकिन अब मैं आप लोगों का सामान जब्त कर लूंगा। यह सुनते ही अतिक्रमणकारी दुकानदार भागते हुए नजर आए। आपको बता दें कि पिछले दो महीने से लगातार जिला प्रशासन अतिक्रमण मुहिम चला रहा है, लेकिन अतिक्रमणकारी है कि कुछ समय के लिए अतिक्रमण हटाते हैं और फिर प्रशासन के जाते ही वहां अतिक्रमण कर लेते हैं, लेकिन प्रशासन भी मुस्तैद है, जहां भी उसे सूचना मिलती है तत्काल वहां पहुंच जाता है। दतिया की शक्तिपीठ स्थल पीतांबरा पीठ पर श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन लगातार वहां अतिक्रमण पर नजर बनाए हुए हैं।

पिता नहीं दिला पाए आईफोन, नाराज बेटे ने खत्म की जिंदगी, बिहार से दर्दनाक खबर

खगड़यिा मजदूरी कर गुजारा करने वाले पिता आईफोन नहीं दिला सके तो बिहार में एक नाबालिग बेटे ने आत्महत्या कर ली। घर के बेटे की मौत के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। घटना खगड़िया जिले की है। जिले के मानसी थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में शनिवार की रात एक नाबालिग लड़के ने गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक स्थानीय वार्ड 3 निवासी पंकज कुमार सिंह का 16 वर्षीय पुत्र निखिल कुमार बताया जा रहा है। मिली जनकारी के अनुसार मृत किशोर के पिता मजदूरी करते हैं। निखिल घर में आईफोन खरीदने की पिछले कुछ दिनों से जिद कर रहा था। घर की माली हालत देखते हुए परिवार द्वारा आईफोन देने से इंकार किए जाने पर वो नाराज था। जिसके बाद घर के पास में ही स्थित एक मुर्गा फार्म में उसने गले में गमछा लगाकर खुदकुशी कर ली। रविवार की सुबह परिजनों को घटना की सूचना मिली। आनन फानन में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक इंटर का छात्र बताया जा रहा है। वह अपने दो भाइयों में ज्येष्ठ था। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। थाना में यूडी जेस दर्ज कर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।  

जिंदा जलाने वाला दरिंदाः पुलिस एनकाउंटर में विपिन भाटी घायल, पैर में लगी गोली

नोएडा  ग्रेटर नोएडा में अपनी पत्नी निक्की को दहेज के लिए जिंदा जलाने वाला आरोपी विपिन पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है। सिरसा चौराहे के पास उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।  इसके बाद उसको गिरफ्तार कर लिया गया है l बता दें कि विपिन ने अपनी पत्नी निक्की को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाकर हत्या कर दी थी इसको लेकर दो दिनों से मामला सुर्खियों में हैl पुलिस ने निक्की के पति विपिन के अलावा उसके जेठ और सास ससुर को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है। विपिन ने मासूम बच्चे के सामने पत्नी निक्की की आग लगाकर हत्या की थी और फरार हो गया था। यह है पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के कासना कोतवाली इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने पर महिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। दिल दहलाने वाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।  रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे।     शादी के बाद से ही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत कर समझौता किया। लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना। वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया। विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया। साथ ही बहन के गले पर हमला किया। बर्बरता से उसे पीटा गया। जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया।    उसने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। कंचन ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान कंचन ने मारपीट और आग लगाते हुए आरोपियों का वीडियो बना लिया। आनन-फानन निक्की को इलाज के लिए पहले फोर्टिस फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के वक्त कंचन का पति रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। कंचन की शिकायत पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है।