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अब स्मार्ट पोर्टल बताएगा MP के किस जिले में कौन-सी बीमारी फैल रही है

 भोपाल  मध्य प्रदेश के जिला अस्पताल अब डिजिटल तकनीक से लैस हो रहे हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने स्मार्ट पोर्टल (स्टेट मानिटरिंग एंड असेसमेंट आन रियल टाइम पोर्टल) को नए स्वरूप में शुरू किया है। शुरुआत राजधानी के जेपी अस्पताल से हो चुकी है और आने वाले समय में सभी जिला अस्पताल इस प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। स्मार्ट पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफार्म है, जिसमें मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और दवाइयों की जानकारी दर्ज होगी। हर मरीज को यूनिक हेल्थ आईडी (यूएचआईडी) नंबर मिलेगा। इस नंबर के आधार पर डॉक्टर तुरंत मरीज की पिछली रिपोर्ट, बीमारियों और उपचार का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे मरीजों को हर बार पुराने पर्चे और कागज लाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा जिलावार डेटा विशेषज्ञों के अनुसार, पोर्टल से जिलावार बीमारी का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। किस जिले में कौन-सी बीमारी तेजी से फैल रही है, इसका तुरंत पता लगाया जा सकेगा। कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक का विश्लेषण संभव होगा। इससे सरकार को स्वास्थ्य नीतियां बनाने और योजनाओं की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। पोर्टल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है। इसमें गैर-संचारी रोग (एनसीडी), नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम (एनओएचपी), नेशनल प्रोग्राम फार हेल्थ केयर आफ द एल्डरली (एनपीएचसीई), नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनआरसीपी) और नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (एनएमएचपी) शामिल होंगे। अब इन योजनाओं से जुड़ी जांच, दवाइयों और परामर्श की जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज होगी। पारदर्शिता और सुविधा डिजिटल सिस्टम के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं न केवल पारदर्शी होंगी, बल्कि तेज भी होंगी। डॉक्टर और मरीज दोनों को इससे सुविधा होगी। मरीज का इलाज आसान होगा और अस्पताल प्रशासन के रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। प्रदेशभर में लागू किया जा रहा     पोर्टल पहले से संचालित था, लेकिन इसकी प्रापर मानिटरिंग नहीं हो पा रही थी। कुछ कमियां थीं, इसलिए अब इसे नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है। मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं को एक ही प्लेटफार्म पर लाकर इसे 2025 से पूरे प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है। – सलोनी सिडाना, मिशन संचालक, एनएचएम, मप्र  

मध्यप्रदेश में पराली प्रबंधन की नई पहल, किसानों को धान और गेहूं के अवशेष से होगा फायदा

ग्वालियर  ग्वालियर चंबल अंचल में हुई रिकार्ड वर्षा के बीच धान का रकबा लक्ष्य से अधिक बढ़ गया है। इसके साथ ही पराली की समस्या भी डराने लगी है, क्योंकि पिछले साल देश में सबसे अधिक पराली अंचल के श्योपुर और दतिया में जलाई गई थी। बहरहाल, कृषि विभाग ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। कृषि विभाग ने किसानों को पराली का प्रबंधन सिखाने की योजना बनाई है। योजना कारगर साबित हुई तो किसानों को दोहरा फायदा होगा। यानी पराली की समस्या का समाधान होगा और बुवाई के लिए खेत की बार-बार जुताई से मुक्ति मिलेगी। एक बार में ही खेत की पराली समस्या का हल और बीज की बुवाई भी हो जाएगी। यह काम हैप्पी सीडर मशीन से होगा। कृषि विभाग फिलहाल जिले के 250 किसानों को 250 हेक्टेयर जमीन पर हैप्पी सीडर से पराली प्रबंधन व जुताई का तरीका सिखाएगा। क्या है हैप्पी सीडर मशीन, कैसे होगा पराली की समस्या का हल हैप्पी सीडर एक आधुनिक कृषि मशीन है, जो खासतौर पर पराली (फसल कटने के बाद बचा हुआ डंठल और पुआल) जलाने की समस्या का समाधान करेगी। हैप्पी सीडर को ट्रैक्टर से जोड़ा जाता है। यह पहले खेत में पड़ी हुई पराली को काटकर साइड में फैला देती है। उसी समय मशीन जमीन में गेहूं या अन्य रबी की फसल का बीज बो देती है। इस तरह बिना पराली जलाए सीधे उसी खेत में अगली फसल की बुआई हो जाती है। क्या है कृषि विभाग की पूरी योजना     स्थानीय कृषि विभाग धान की पैदावार करने वाले अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे 250 किसानों को चिह्नित कर रहा है, जिनके पास कम से कम एक हेक्टेयर जमीन हो। धान की फसल होने के बाद इन किसानों के खेतों में हैप्पी सीडर से सीधे पराली को काटकर, खेत जोतकर गेहूं की बुवाई कराई जाएगी।     हैप्पी सीडर मशीन की कीमत 1.5 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है। इस पर सरकार 50 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी दे रही है। यदि कोई समूह या समिति इसे खरीदता है, तो सब्सिडी और बढ़ जाती है। कृषि विभाग गांव के उन किसानों को हैप्पी सीडर मशीन खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है, जिनके पास ट्रैक्टर हैं। ऐसे होगा किसानों को दोहरा फायदा     कृषि विभाग के सहायक संचालक नरेश मीणा बताते हैं कि धान की कटाई के बाद पराली को जलाने या नष्ट करने के लिए खेत को तैयार किया जाता है। इस तरह बुआई से पहले किसानों को दो से तीन बार जुताई करना होती है। हैप्पी सीडर मशीन पराली की कटाई करेगी और साथ ही गहरी जुताई भी कर देगी। इस तरह किसानों का श्रम और खर्च बचेगा। इसका उपयोग गेहूं की कटाई के बाद नरवाई के प्रबंधन में भी किया जा सकता है।     हैप्पी सीडर से काटकर खेत की मिट्टी में मिलाई गई पराली एक से डेढ़ महीने में जैविक खाद में बदल जाएगी। इससे किसानों को खेतों में खाद भी कम देना होगा। धान का रकबा बढ़ गया     ग्वालियर ही नहीं, श्योपुर आदि जिलों में अच्छी वर्षा की वजह से अन्य फसलों की बुवाई नहीं हो पाई, केवल धान की बुवाई हुई है। इस बार धान का रकबा करीब 15 हजार हेक्टेयर बढ़ गया है। धान की कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या खड़ी होगी। इसलिए किसानों को हैप्पी सीडर मशीन से पराली का प्रबंधन व सीधे गेहूं की बुआई का प्रबंधन सिखाया जाएगा। – आरबीएस जाटव, उप संचालक, कृषि व किसान कल्याण विभाग, ग्वालियर  

यूपी में बन रहा फोर लेन हाईवे रुका, भूमि अधिग्रहण बना बड़ी चुनौती

परसपुर (गोंडा) चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी न होने के कारण शुरू नहीं हो सका है। गोंडा के पांच गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। विभागीय अधिकारी 15 सितंबर के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद जता रहे हैं। केंद्र सरकार ने अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2019 में दी थी, इसका नाम 227 नेशनल हाईवे है। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग को फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। 3350 करोड़ रुपये की लागत से 275 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण कराया जाना है, जिसे छह खंडों में बांटा गया है। वर्ष 2021 में कार्यदायी संस्था ने सेटेलाइट व ड्रोन से सर्वे का काम शुरू किया। बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी व गोंडा इस मार्ग का निर्माण होना है, जिसमें गोंडा जिले में 75 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जाएगा। जिले में घाघरा नदी पर पुल बनने के साथ ही बहुअन मदार मांझा, चरसडी, राजापुर, खैरा,अल्लीपुर खांडेराय, बखरिहा,बरौली, होकर परिक्रमा मार्ग निकाला जाएगा। जमीन पर पत्थर भी लगा दिया गया है लेकिन, परिक्रमा मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो रहा है। एनएचएआइ के सहायक अभियंता वेदप्रकाश ने कहा कि बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या व बाराबंकी में भूमि अधिग्रहणपूरा हो चुका है जबकि, गोंडा में बहुअन मदार मांझा, राजापुर, खैरा, अल्लीपुर खांडेराय व अमदही में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग का निर्माण छह पैकेज में होना है। पैकेज एक व दो का कार्य बस्ती में, पैकेज तीन में आंबेडकरनगर, चार में अयोध्या, पांच में बाराबंकी व छठे पैकेज में गोंडा में कार्य होगा। परियोजना का निर्माण 15 सितंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है। 

लापरवाही से भड़के स्वास्थ्य मंत्री, मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क पार कराने पर जताई नाराज़गी

अंबिकापुर सरगुजा संभाग के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला मरीज को ऑक्सीजन लगाकर स्ट्रेचर से सड़क पार कर ले जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसारित वीडियो ने यह उजागर कर दिया कि अस्पताल के दोनों हिस्सों के बीच मरीजों को सड़क पार कराना ही एकमात्र विकल्प है। वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना को गंभीर मानते हुए विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत जांच के आदेश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश उन्होंने कहा कि मरीजों की देखभाल और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री के निर्देश के बाद संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने अस्पताल अधीक्षक को नोटिस जारी कर तत्काल जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रकरण में नर्सिंग सिस्टर किरण बेक को नोटिस जारी कर जबाब मांगा गया है कि जब मरीजों को लाने ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था है तो उसका उपयोग क्यों नहीं किया गया?    स्वास्थ्य मंत्री की सख्त चेतावनी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अस्पताल अधीक्षक डाक्टर आरसी आर्या ने कहा कि अस्पताल दो हिस्से में है। दोनों हिस्से में अलग-अलग वार्ड है। मरीजों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से के वार्ड में लाने ले जाने के लिए एक एंबुलेंस की व्यवस्था है। संवाद की कमी आई सामने इस प्रकरण में संवाद की कमी परिलक्षित हुई है। उस समय एक दूसरे मरीज को लेकर एंबुलेंस गया था। स्वजन थोड़ी देर प्रतीक्षा करते तो एंबुलेंस मिल जाती, लेकिन उन्होंने स्वयं मरीज को ले जाने की सोची। उन्होंने कहा कि पुराने कर्मचारियों को सारी व्यवस्थाओं की जानकारी थी। वर्तमान में कुछ नए आउटसोर्सिंग के कर्मचारी आए हैं। अस्पताल के सामने अव्यस्थित यातायात को दुरुस्त करने लगातार पुलिस अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।

हनुमानगंज बाईपास खुला, अब वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर नहीं फंसेगा ट्रैफिक

वाराणसी  वाराणसी-सुलतानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-56) करीब तीन वर्ष के इंतजार के बाद पूरी तरह फोरलेन हो गया है। सुलतानपुर से करीब छह किलोमीटर आगे (जौनपुर की तरफ) सड़क डायवर्जन किया गया था क्योंकि हनुमानगंज बाईपास अधूरा पड़ा था, जिसे एक माह पहले ही चालू किया गया है। डायवर्जन की वजह से वाहन पुराने दो लेन मार्ग से गुजारे जा रहे थे, ऐसे में हनुमानगंज रेलवे क्रासिंग पर जाम लगता लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। करीब 4.70 किमी. डायवर्जन मार्ग लोहरामऊ से शुरू होकर दोमुहां (पखरौली) में फोरलेन सड़क पर जुड़ता था, लेकिन अब 5.97 किमी. बाईपास शुरू होने से जाम की समस्या दूर हो गई है। गोपालपुर के पास नया आरओबी भी बनाया गया है, इसके कारण वाहनों की निर्बाध आवाजाही मुमकिन हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने फोरलेन बाईपास का निर्माण 19 अक्टूबर 2022 को करीब 80 करोड़ लागत से शुरू कराया था लेकिन परियोजना विलंबित हो गई। यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2024 में ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ानी पड़ी।    विधानसभा की आश्वासन समिति के समक्ष मामला उठाया गया था, यह समिति प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही थी। हर महीने रिपोर्ट तलब होती। 15 जुलाई को प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया गया और ट्रैफिक चालू कर दिया गया। दिल्ली की कंपनी विद्या इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। विलंबित परियोजना के चलते कंपनी पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी चल रही है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि पुराने मार्ग की तुलना में बाईपास की 1233 मीटर लंबाई बढ़ाई गई है। परियोजना विलंबित होने से वाहनों को रेलवे क्रासिंग पार करते हुए जाना पड़ता था लेकिन अब समस्या नहीं होगी।  

पंडित प्रदीप मिश्रा की मुश्किलें बढ़ीं, कुबरेश्वर धाम विवाद अब अदालत में

सीहोर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबरेश्वर धाम वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा व कुबरेश्वर धाम की विटलेश सेवा समिति के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर पुलिस को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं साथ ही मामले में पर कोर्ट में अगली सुनवाई के लिए 13 सितंबर का दिन तय किया है। इंदौर के एक वकील ने सीहोर आकर ये याचिका दायर की है। पंडित प्रदीप मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें इंदौर के एडवोकेट प्रकाश यादव ने सीहोर के कुबरेश्वर धाम में बीते दिनों हुए कार्यक्रम में अव्यवस्था व अलग अलग कारणों से सात लोगों की मौत होने के बाद सीहोर आकर मंडी थाना पुलिस में शिकायत पत्र दिया था। जब शिकायत पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एडवोकेट प्रकाश यादव ने सीहोर जिला न्यायालय में याचिका लगाई। जिसमें पंडित प्रदीप मिश्रा और विटलेश सेवा समिति को विभिन्न धाराओं में आरोपी बनाने की मांग की गई। अब कोर्ट ने मंडी थाना पुलिस को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 सितंबर का दिन तय किया है।   कुबरेश्वर धाम में हुई थीं मौतें बता दें कि बीते दिनों कुबेरेश्वर धाम में कांवड़ यात्रा व रूद्राक्ष वितरण का कार्यक्रम हुआ था। इन कार्यक्रमों के दौरान अलग अलग कारणों से सात लोगों की मौत हो गई थी। लोगों की भारी भीड़ कुबरेश्वर धाम में जुटी थी और भारी अव्यवस्थाओं की खबरें भी सामने आई थीं। कांवड़ यात्रा के दौरान इंदौर-भोपाल रोड पर लंबा जाम भी लगा था जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मात्र डीजे संचालकों पर मामला दर्ज किया था।

झमाझम बारिश से बदला दिल्ली-एनसीआर का मिजाज

नई दिल्ली दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में शनिवार को शाम को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। कई इलाकों में झमाझम बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। इससे पहले मौसम विभाग ने दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में यलो अलर्ट जारी किया था। इस बारिश की वजह से लोगों को उमस से बड़ी राहत मिली है। झमाझम बारिश होने की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले दस दिनों से जेवर क्षेत्र में वर्षा न होने से लोगों का उमस भरी गर्मी से हाल बेहाल था। वहीं धान सहित खरीफ की सभी फसलों में सिंचाई को लेकर किसानों ने तैयारियां शुरू कर दी थी। लेकिन शनिवार दोपहर तेज हवा के साथ बादलों का रूख बदला और रिमझिम वर्षा शुरू हो गई। शाम होते होते जोरदार वर्षा से मौसम सुहावना हो गया जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिली। किसानों के खेतों में खड़ी धान,गन्ना, बाजरा व ज्वार सहित सभी फसलों में सिंचाई का काम भी पूरा हो गया जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है।  

प्रियंका गांधी वाड्रा 26 अगस्त को बिहार की वोटर अधिकार यात्रा में करेंगी भागीदारी

पटना बिहार में इन दिनों सियासत का तापमान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' राज्य की सड़कों पर जारी है। इस यात्रा के जरिए विपक्ष 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आईएएनएस से कहा, "अगर आपने कहीं 1-2 किलोमीटर की चमचमाती सड़क बना दी है, तो क्या आपने अपने पैसे से बनाई है? क्या ये कोई एहसान है? ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बिहार के मंत्रियों की भाषा बेहद अहंकारी और शर्मनाक है। बिहार में सरकार बदलने जा रही है।" कांग्रेस महिला मोर्चा प्रमुख अलका लांबा ने बताया कि यात्रा कटिहार से पूर्णिया की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस यात्रा में शामिल होंगी। अलका लांबा ने कहा, "25 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा, लेकिन 26 को प्रियंका गांधी वाड्रा खुद बिहार आएंगी। इंडिया गठबंधन के सभी मुख्यमंत्री इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। माहौल बन चुका है, ये सरकार अब बदल जाएगी। हम वोट की पूरी पहरेदारी करेंगे और 'वोट चोरी' करने वालों को घुटनों पर लाएंगे।" अलका लांबा ने बिहार की सड़कों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "सड़कें तो हैं, लेकिन क्या वो बेटियों के लिए सुरक्षित हैं? क्या उन रास्तों से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है? सड़क का क्या फायदा जब उस पर चलकर इंसान दवाई, पढ़ाई या कमाई के लिए ही नहीं जा सकता?" सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बात करते हुए अलका लांबा ने कहा, "राजनीतिक दलों में कमियां हैं और हम उन्हें सुधारने की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं।" कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, "इस यात्रा से बिहार के लोगों को एक नई उम्मीद मिली है। चुनाव आयोग को बार-बार सुप्रीम कोर्ट की फटकार मिल रही है। बिहार के युवा जाग चुके हैं। हर वर्ग बोल रहा है, वोट चोर, गद्दी छोड़।" राजद के एमएलसी कारी सोहैब ने कहा, "इस यात्रा में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। जनता को अब मालूम हो चुका है कि यह सरकार 'वोट चोरी' करके बनी है। इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी और हम 'वोट चोरी' नहीं होने देंगे।"

खाटूश्यामजी दर्शन के लिए शुरू हुई हेलिकॉप्टर सेवा, दिल्ली से मिनटों में पहुंचेंगे भक्त

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! बाबा श्याम और सालासर बालाजी के दर्शन अब पहले से कहीं अधिक आसान और शानदार हो गए हैं। 23 अगस्त 2025 को दिल्ली के रोहिणी हेलीपोर्ट से खाटूश्यामजी और सालासर बालाजी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का शुभारंभ हुआ। इस सेवा का उद्घाटन प्रसिद्ध कवि और लेखक डॉ कुमार विश्वास ने अपने परिवार के साथ पहली यात्रा करके किया। यह सेवा श्रद्धालुओं को एक ही दिन में दोनों प्रमुख धामों के दर्शन का अवसर प्रदान करती है, जिसमें लग्जरी यात्रा और VIP सुविधाएं शामिल हैं। बता दें, पहली उड़ान शनिवार सुबह 9:30 बजे रोहिणी हेलीपोर्ट से रवाना हुई और खाटूश्यामजी से 9 किलोमीटर दूर जालूण्ड हेलीपैड पर उतरी। वहां से श्रद्धालुओं को कारों के जरिए खाटूश्यामजी मंदिर ले जाया गया, जहां उन्हें बिना कतार के गर्भगृह में VIP दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दर्शन के बाद यात्री हेलिकॉप्टर से सालासर बालाजी रवाना हुए और शाम तक दिल्ली वापस लौट आए।   किराया और सुविधाएं इस हेलिकॉप्टर सेवा का प्रति व्यक्ति किराया 95,000 रुपये निर्धारित किया गया है। यह किराया केवल हेलिकॉप्टर की लग्जरी यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई विशेष सुविधाएं भी शामिल हैं। यात्रियों को दोनों मंदिरों में VIP दर्शन की सुविधा मिलती है, जिससे लंबी कतारों से बचा जा सकता है। हेलिकॉप्टर में आरामदायक सीटिंग, हवाई नजारे का आनंद और अनुभवी पायलटों की देखरेख में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जाती है। इसके अलावा, खाटूश्यामजी में होटल में ट्विन-शेयरिंग आधार पर फ्रेश-अप के लिए कमरे उपलब्ध कराए जाते हैं। अलग कमरे के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यात्रा के दौरान शाकाहारी भोजन की व्यवस्था भी की जाती है। साथ ही, यात्रियों को दोनों मंदिरों के इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जाती है। कुमार विश्वास का अनुभव पहली यात्रा के यात्री डॉ. कुमार विश्वास ने इस सेवा को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रथम यात्री के रूप में बाबा श्याम के दर्शन का सौभाग्य मिला। यह दैवीय विधान है कि जब बाबा बुलाते हैं, तभी दर्शन संभव होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में आध्यात्मिकता के प्रति लोगों, खासकर युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। इस साल ताजमहल की तुलना में राम मंदिर, वृंदावन और खाटूश्यामजी जैसे तीर्थस्थलों पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। कुमार विश्वास ने कहा कि यह सेवा भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परिदृश्य के उदय का प्रतीक है। खाटूश्यामजी और सालासर बालाजी जैसे तीर्थस्थल भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। यह हेलिकॉप्टर सेवा न केवल समय बचाती है, बल्कि श्रद्धालुओं को एक अनूठा और आरामदायक अनुभव भी प्रदान करती है। सेवा का संचालन और महत्व गौरतलब है कि यह हेलिकॉप्टर सेवा स्पंदन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है, जो देशभर में निजी चार्टर सेवाओं, सरकारी सर्वेक्षण और लग्जरी ट्रैवल में पहचान रखती है। फिलहाल, प्रतिदिन एक उड़ान संचालित होगी, जो सुबह शुरू होकर शाम तक पूरी हो जाएगी। खाटूश्यामजी में 52 बीघा पार्किंग क्षेत्र में हेलीपैड बनाया गया है। यह सेवा दिल्ली-एनसीआर के उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी।

भोपाल हाट में दो दिवसीय आजीविका फ्रेश मेले का उद्घाटन किया राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने

स्व-सहायता समूहों के स्टॉल पर मिल रहे हैं रसायन रहित कृषि उत्पाद बेडई, भुट्टे का कीस, कोदो की खीर, हर्वल पेय, सहित विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों का स्वाद एवं मनोरंजन भी 24 अगस्त को भी रहेगा मेला भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों का दो दिवसीय आजीविका फ्रेश मेला भोपाल हाट में 23 एवं 24 अगस्त को आयोजित किया गया है। मेले का शुभारंभ आज पंचायत एवं ग्रामीण विकासराज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने किया। मेले में विभिन्न जिलों से आई स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा रसायन रहित एवं जैविक तरीके से उगाये हुये कृषि उत्पादों, दुग्ध उत्पादों सहित अन्य उत्पादों का विक्रय सह प्रदर्शन किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ कर उद्वोधन दिया। तत्पश्चात मेला भ्रमण कर समूहों की दीदियों से चर्चा की, उत्पाद देखे,कला प्रदर्शन करने वाली दीदियों का हौसला बढाया तथा व्यंजनों का स्वाद भी चखा। इसके पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्रीमती हर्षिका सिंह ने स्वागत उद्वोधन देते हुये मेले के संबंध में जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को वृहद बाजारों से जोडने के लिये अनेक प्रयास आजीविका मिशन द्वारा किये जा रहे हैं। इसी क्रम में स्व-सहायता समूहों का दो दिवसीय आजीविका फ्रेश मेला अरेरा हिल्स पर स्थित भोपाल हाट परिसर में आयोजित किया गया है,मेला प्रात: 11 बजे से रात्रि 09.30 बजे तक चलेगा। मेले में विभिन्न जिलों से आई ग्रामीण स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा स्टॉल लगाये गये हैं, समूहों से जुडेपरिवारों को कम लागत में अधिक उपज हेतु कृषि एवं पशुपालन की उन्नत तकनीकि अपनाने के लिये कृषि सखियों व पशुपालन सखियों द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। विशेष रूप से प्राकृतिक पद्धति से रसायन रहित जैविक उत्पाद तैयार करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रयासों के फलस्वरूप समूहों द्वारा रसायन रहित उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं जिन्हें इस मेले में खास तौर से लाया गया है। इनमें मुख्य रूप से अनाज,दलहन, तिलहन, सब्जियां एवं फल दुग्ध आधारित उत्पादों में देशी गाय एवं गिर गाय का घी, पनीर, सोयाबीन उत्पादों में टोफू, सोयाबडी, मशरूम आधारित उत्पादोंमेंसूखा मशरूम, अचार, पाउडर, कुकीज, जंगल की शुद्ध शहद, महुआ उत्पादों में महुआ कुकीज, लड्डू , नमकीन महुआ, लघु वनोपज में आंवला कैंडी, मुरब्बा, मिलेट उत्पादों में कोदो, कुटकी, चावल कुकीज, लड्डू, खीर, सहित जैविक खाद,जैविक कीटनाशक, गौ आधारित उत्पादों में गोवर की मूर्ति, दीये, कंडे आदि शामिल हैं। सब्जियों में श्योपुर एवं अलीराजपुर जिले के ककोडे लोगों की पसंद बने हुये हैं। क्षेत्रीय प्रसिद्ध कृषि उत्पादों में नरसिंहपुर जिले की तुअर (अरहर) दाल एवं गुड, बालाघाट जिले का चिनौरी चावल, सिवनी जिले का जीरा शंकर चावल की खरीददारी तथा क्षेत्रीय खान-पान में मालवा, निमाड, चंबल-ग्वालियर, विंध्य, बुंदेल खण्ड, बघेल खण्ड आदि क्षेत्रों के प्रसिद्ध खान-पान व्यंजनों तथा हर्वल पेय का आनंद इस मेले में लिया जा रहा है।मेले के पहले दिन आद सैलानियों ने दालवाटी-चूरमा, मंगोडे, चटपटी बेडई, भुट्टे का कीस, कोदो-कुटकी की खीर सहित मिलेट के अनेकों व्यंजनों का स्वाद चखा। कला में रूचि रखने वालों के लिये यहां पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन देखने एवं सीखने का अवसर भी मिल रहा है। यहां धार जिले के सुप्रसिद्ध बाग प्रिंट, जरी-जरदोजी, सहित पिथौरा पेटिंग आदि गोंडी आर्ट को सीखने का मौका भी मिल रहा है।भोपाल शहर एवं आस-पास के क्षेत्रों से मेले में खरीददारी के लिये आने वाले परिवारों के मनोरंजन के लिये सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की गई है।