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नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी सीएमओ निलंबित

भोपाल दतिया जिले के नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव को अपने कर्त्तव्यों में लापरवाही बरतने पर नगरीय प्रशाासन विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे के निर्देश पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय कार्यालय ग्वालियर निर्धारित किया गया है। नगर परिषद इंदरगढ़ में तालाब का निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान बरसात के मौसम में तालाब में पानी का भराव हुआ। सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरतते हुए निर्माण कार्य के दौरान रेलिंग व बेरिगेटिंग की व्यवस्था नहीं गई। व्यवस्था के अभाव में छोटी बच्चियों के डूबने की घटना हुई। इसी के साथ प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने अपने कार्यकाल में नियम विरूद्ध कर्मचारियों की स्थापना में प्रशासनिक कार्य किये। जांच में प्रभारी नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव दोषी पाये गये।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर दुःख जताया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह के निधन पर गहन संवेदना व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं परिजन एवं प्रशंसकों को दु:ख सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि 114 वर्ष की आयु में भी सक्रिय और सेहत के लिए सतर्क रहने वाले फौजा सिंह खेल गतिविधियों के अतिरिक्त दुनिया में फिटनेस के लिए ख्याति प्राप्त कर चुके थे।  

चार साल बाद पटरी पर लौटेंगी 13 यात्री गाड़ियां, आज 15 जुलाई से होगा संचालन शुरू

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है। कोरोना काल के दौरान छत्तीसगढ़ में बंद की गई 13 लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने का फैसला रेलवे ने किया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से लोकल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। SECR इन सभी ट्रेनों का संचालन मंगलवार से शुरू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। क्या होगा टाइम टेबल यह सभी लोकल ट्रेन अपने पुराने तय समय पर ही चलेंगे। इन ट्रेनों की शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस ट्रेनों के संचालन से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो रोजना अप डाउन करते हैं। रेलवे के इस फैसले से छात्रों, कर्मचारी और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 15 जुलाई से चलेंगी ये ट्रेनें     08741 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से शाम 6:15 बजे, डोंगरगढ़ आगमन रात 9:10 बजे     08265 रायपुर–रायगढ़: रायपुर से सुबह 07:00 बजे, रायगढ़ आगमन दोपहर 01:45 बजे     08745 रायपुर–कांकेर: रायपुर से सुबह 05:30 बजे, कांकेर आगमन 10:30 बजे     08742 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से सुबह 06:10 बजे, रायपुर आगमन 09:00 बजे     08266 रायगढ़–रायपुर: रायगढ़ से दोपहर 02:15 बजे, रायपुर आगमन रात 09:15 बजे     08746 कांकेर–रायपुर: कांकेर से दोपहर 01:00 बजे, रायपुर आगमन शाम 06:00 बजे     07889 गोंदिया–कटंगी: गोंदिया से सुबह 05:30 बजे, कटंगी आगमन सुबह 06:30 बजे     07890 कटंगी–गोंदिया: कटंगी से सुबह 07:00 बजे, गोंदिया आगमन सुबह 08:00 बजे     07867 गोंदिया–इटवारी: गोंदिया से शाम 04:00 बजे, इतवारी आगमन शाम 06:50 बजे 16 जुलाई से इनका होगा संचालन     08743 रायपुर–डोंगरगढ़: रायपुर से सुबह 09:45 बजे, डोंगरगढ़ आगमन दोपहर 12:40 बजे     08744 डोंगरगढ़–रायपुर: डोंगरगढ़ से दोपहर 01:10 बजे, रायपुर आगमन शाम 04:05 बजे     07891 डोंगरगढ़–कटंगी: डोंगरगढ़ से सुबह 10:00 बजे, कटंगी आगमन दोपहर 01:30 बजे     07892 कटंगी–डोंगरगढ़: कटंगी से दोपहर 03:00 बजे, डोंगरगढ़ आगमन शाम 06:30 बजे ये सभी ट्रेनें अपने पुराने निर्धारित समय पर चलेंगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, कटंगी और इतवारी जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को, जो रोजाना यात्रा करते हैं, इसका सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैठक में सांसदों ने रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके साथ ही बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।इसके अलावा जगदलपुर से चलने वाली 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं। ये ट्रेनें आज 15 जुलाई को भी जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। ट्रेनें ओडिशा के कोरापुट तक आएगी और वहीं से लौट जाएंगी। सांसदों ने बैठक में बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग रखी थी रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, कोरोना के बाद अब हालात सामान्य है। लोकल ट्रेनों का संचालन बहाल किया जा रहा है। हाल में ही हुई सांसदों की बैठक में इस मुद्दे को हर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता के साथ उठाया था। बंद ट्रेनों के परिचालन की मांग की गई थी। सांसदों की ओर से शिकायत की गई कि लोकल लेवल रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी उनकी बातें नहीं सुनते। इस पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि, हमारी ओर से शिकायत हुई तो रेलवे के अफसरों को समस्या आ सकती है। अग्रवाल ने आगे कहा था कि, रेल मंत्री के निर्देश के बाद भी नई रेल लाइन में हो रहे अलाइनमेंट के मामले पर सांसदों से चर्चा नहीं हो रही है। ये गलत प्रक्रिया है। आपस में बात करके अलाइनमेंट का मामला सुलझाना चाहिए, ताकि आम लोगों को समस्या न हो। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी बढ़ाने, स्पोर्ट कोटा से रेलवे में भर्ती जैसे मुद्दे भी टेबल पर रखे गए थे। सांसदों की ओर से रखी गई थी ये मुख्य मांगें     कोरबा से दुर्ग तक जोड़ने के लिए केवल एक ट्रेन है। तीन मेमू ट्रेन चलाने की मांग।     धमतरी, कुरूद और बालोद इन जगहों पर रेल लाइन का विस्तार की सिफारिश।     अभनपुर में रेल आरक्षण केन्द्र जल्द खोलने की मांग।     बिलासपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक चलाने की मांग, ताकि रीवा के यात्री जो रायपुर-दुर्ग में रहते हैं, उनको राहत मिल पाए।     रायपुर से गोवा तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग रखी गई।  

संजीव सचदेवा बने MP हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस, विवेक कुमार को भी मिली नई जिम्मेदारी

जबलपुर  जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या 34 हो गई है। जस्टिस सचदेवा 24 मई 2025 को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किए गए थे और उन्होंने जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद यह पद संभाला। जस्टिस विवेक कुमार सिंह का मद्रास से मध्य प्रदेश ट्रांसफर हुआ है। पूर्व चीफ जस्टिस एसके कैत की लेंगे जगह वे तत्कालीन चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत के रिटायरमेंट के बाद से चीफ जस्टिस का दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पहले, उन्होंने 9 जुलाई 2024 से 24 सितंबर 2024 तक प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दायित्व भी संभाला था। 30 मई 2024 को जस्टिस संजीव सचदेवा का दिल्ली हाईकोर्ट से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ट्रांसफर हुआ था। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और जज दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की मध्यप्रदेश में नियुक्ति की गई है। वे अभी मद्रास हाईकोर्ट में हैं, जिनका ट्रांसफर जबलपुर किया गया है। अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई हैं। एमपी हाईकोर्ट में अभी भी 29 जजों की कमी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। अभी भी 29 जजों की हाईकोर्ट में कमी है। जस्टिस सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल शपथ दिलाएंगे। हालांकि, शपथ की तारीख अभी तय नहीं हुई है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह को जबलपुर में ही जस्टिस सचदेवा शपथ दिलाएंगे। हाईकोर्ट में कुल 34 जज इसके साथ-साथ केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक और नए जज जस्टिस विवेक कुमार सिंह की नियुक्ति की है, जो अभी फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट में पदस्थ हैं. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में स्थानांतरण किया गया है. उनकी नियुक्ति के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. हालांकि हाईकोर्ट में कुल 53 जजों के पद स्वीकृत हैं. ऐसे में अब भी 19 जजों के पद खाली हैं.  राज्यपाल दिलाएंगे शपथ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शपथ दिलाएंगे. हालांकि अभी शपथ ग्रहण समारोह की तारीफ तय नहीं हुई है. वहीं जस्टिस विवेक कु्मार सिंह का शपथ ग्रहण जबलपुर में होगी, जहां नवनियुक्त चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा खुद उन्हें शपथ दिलाएंगे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में नई नियुक्तियों से न्यायिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.  जस्टिस सचदेवा के बारे में  1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कौन बने? (जस्टिस संजीव सचदेवा) 2. जस्टिस संजीव सचदेवा का जन्म कहां हुआ था? (दिल्ली में 26 दिसंबर 1964 को हुआ था.) 3. नए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहां से पढ़ाई की थी? (दिल्ली कॉलेज से कॉमर्स से ग्रेजुएट किया है.) 4.  दिल्ली बार काउंसिल के अधिवक्ता के रूप में कब नामांकित हुए थे. ( सन 1988 ) 5. सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के रूप में कब योग्यता प्राप्त की. ( सन 1995 ) 6. जस्टिस सचदेवा ने कहां कहां पर वकीलों को प्रशिक्षण दिया था. (आंध्र प्रदेश से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट, रांची समेत अन्य जगहों पर ) 7. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस कब नियुक्त किए गए. (14 जुलाई 2025) 

खेत के पोखर में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत, स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने गए थे बच्चे

छतरपुर  जिले के लवकुश नगर थाना अंतर्गत हटवां गांव में तीन मासूम भाई-बहनों की पानी में डूबने से मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद आम तोड़ने खेत गए तीनों बच्चे खेत में बनी बंधी (तालाब) में डूब गए। जब परिजनों ने बच्चों को देर शाम तक नहीं देखा तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। बाद में बंधी में तीनों के शव नजर आए। इस घटना से गांव में मातम पसर गया है। स्कूल से लौटकर आम तोड़ने खेत गए थे बच्चे मृतक बच्चों की पहचान लक्ष्मी (10), तनु (8) और लोकेंद्र (4) के रूप में हुई है। तीनों सगे भाई-बहन थे। पिता प्रतिपाल सिंह ने बताया कि बच्चे स्कूल से सोमवार दोपहर को लौटे थे और आम का पेड़ देखने के बहाने खेत की ओर चले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो उठे और गांव वालों के साथ उन्हें ढूंढने निकल पड़े। बंधी के पास फिसलने की आशंका परिजनों ने बताया कि खेत में आम का पेड़ तालाब के पास है। संभवतः बच्चे पेड़ के नीचे खेलते हुए बंधी के किनारे पहुंचे होंगे और फिसलकर पानी में गिर गए। जब तक परिजन पहुंचे, तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। रात 9:30 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। तीनों बच्चों को तत्काल बारीगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे बीएमओ एसएस चौहान ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम लवकुश नगर अस्पताल में किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, एसडीओपी नवीन दुबे ने बताया कि हादसे की सभी कोणों से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई उसी आधार पर की जाएगी। तीन मासूमों की एक साथ मौत ने पूरे हटवां गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

योगी सरकार की ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की हो रही शुरुआत, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा

लखनऊ  यूपी के गांवों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की शुरुआत हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा। इस योजना से न केवल घरेलू रसोई गैस की खपत में भारी कमी आएगी, बल्कि जैविक/ प्राकृतिक खाद के उत्पादन से कृषि को भी नई दिशा मिलेगी। यूपी गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि गांवों में घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना से रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की खपत में करीब 70% तक की कमी आएगी। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों के दरवाजे पर स्थापित होंगी बायोगैस यूनिट योगी सरकार की योजना है कि केवल गोशालाओं तक सीमित न रहते हुए यह मॉडल किसानों के दरवाजे तक पहुंचे। बायोगैस यूनिटों की स्थापना सीधे किसानों के घरों या खेतों के पास की जाएगी, जिससे वे स्वयं के उपयोग के लिए गैस और खाद दोनों का उत्पादन कर सकें। इससे खेती की लागत में भारी कमी आएगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। किसानों को मिलेगा पशुशाला निर्माण का लाभ इस योजना को मनरेगा से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत ग्रामीण किसानों को व्यक्तिगत पशुशाला (इंडिविजुअल कैटल शेड) निर्माण का लाभ मिलेगा। इन पशुशालाओं से उत्पादित गोबर का उपयोग बायोगैस यूनिट में कर किसान खुद की रसोई के लिए गैस बना सकेंगे। साथ ही, इससे निकलने वाली स्लरी को वे आसपास के जैविक खेती करने वाले किसानों को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे वे गैस व खाद दोनों में आत्मनिर्भर बनेंगे। 43 गोशालाओं में शुरू होंगे बायोगैस और जैविक खाद संयंत्र योगी सरकार 43 चयनित गोशालाओं में बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों को चालू करने जा रही है। इन संयंत्रों से न सिर्फ गैस का उत्पादन होगा, बल्कि गोबर से तैयार स्लरी से जैविक/प्राकृतिक खाद भी बनेगी। हर गोशाला से प्रतिमाह 50 क्विंटल स्लरी तैयार होने की संभावना है, जिसे आसपास के किसान उपयोग में ला सकेंगे। ग्राम-ऊर्जा मॉडल से मिलेगा युवाओं को रोजगार इस योजना से एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। संयंत्रों के संचालन, रखरखाव, खाद वितरण, तकनीकी सहायता जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार यह मॉडल ‘आत्मनिर्भर ग्राम, सशक्त किसान’ के सपने को साकार करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्राम-ऊर्जा मॉडल उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जैविक खेती, स्वच्छ ऊर्जा और स्थानीय रोजगार सृजन की त्रिस्तरीय रणनीति के तहत यह योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है।  

दिल्ली में शिक्षण संस्थानों को दहलाने की साजिश? बम धमकी से मचा हड़कंप

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित सेंट थॉमस स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज को सुबह ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. ईमेल मिलने के बाद स्कूल को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया और सभी छात्रों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है. सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और  डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंच गई हैं. हालांकि, अभी पुलिस को स्कूल या कॉलेज में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वाड), डॉग स्क्वाड, दिल्ली दमकल विभाग और विशेष स्टाफ की टीमें दोनों संस्थानों में पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया. बम की धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक स्क्वाड ने दोनों ही संस्थानों को तुरंत खाली कर लिया गया है. सेंट थॉमस स्कूल और सेंट स्टीफन्स कॉलेज के परिसरों में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. दिल्ली पुलिस के बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड ने परिसरों की गहन तलाशी ली. अधिकारियों के अनुसार, अब तक स्कूल या कॉलेज परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या सामग्री नहीं मिली है. नेवी और CRPF स्कूल को भी मिला धमकी भरा मेल वहीं, सोमवार को भी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नेवी स्कूल और द्वारका के CRPF पब्लिक स्कूल को सुबह ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी. हालांकि, जांच में पुलिस और बम स्क्वाड को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को बम की धमकी मिली हो. इससे पहले भी कई बार दिल्ली के अन्यों स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं. पिछले साल मई में दिल्ली-NCR के करीब 100 स्कूलों को इसी तरह के ईमेल मिले थे जो पुलिस जांच में फर्जी साबित हुए.

उत्तर प्रदेश में 7 साल बाद असिस्टेंट टीचर के 7666 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई

लखनऊ  सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एलटी ग्रेड टीचर का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से एलटटी ग्रेड टीचर के कुल 7466 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें, महिलाओं के लिए 2525 पद, पुरुषों के लिए 4860 पद और पीडब्ल्यूडी के लिए 81 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर 28 जुलाई से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन की आखिरी तारीख 28 अगस्त है। वहीं, अभ्यर्थी 4 सितंबर तक आवेदन में करेक्शन कर सकेंगे। एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की आयु 21 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इसके अलावा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित विषय में बैचलर्स और बीएड डिग्री होनी चाहिए। सरकारी टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की ओर से राज्य में सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी परीक्षा 2025 (UP LT Grade Teacher recruitment) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती का एलान हुआ है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई से शुरू हो जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 28 अगस्त 2025 तक जारी रहेगी। जो भी उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे केवल ऑनलाइन माध्यम से कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर फॉर्म भर सकेंगे। अन्य किसी भी प्रकार से आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। भर्ती विवरण अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती के जरिये इस भर्ती के जरिये कुल 7666 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें से राजकीय विद्यालयों के अंतर्गत पुरुष शाखा हेतु 4860 पद और महिला शाखा हेतु 2525 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के अंतर्गत कुल 81 पदों पर भर्ती की जाएगी। पात्रता एवं मापदंड इस भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता का विवरण आज विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर साझा कर दी जाएगी। इस भर्ती में संबंधित विषयों से ग्रेजुएशन के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी भाग ले पाएंगे। कई विषयों के लिए बीएड में छूट दी गई है। इसके अलावा उम्मीदवार की न्यूमतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 40 साल तय की गई है अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 1985 से पहले एवं 1 जुलाई 2024 के बाद न हुआ हो। आरक्षित वर्गों से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। 7 साल बाद हो रही भर्ती आपको बता दें कि यूपी में एलटी ग्रेड टीचर के पदों पर भर्ती 7 साल बाद निकाली गई है। इससे पहले वर्ष 2018 में कुल 10768 रिक्त पदों पर भर्ती की गई थी।       सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     फिर ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें।     इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें।     फिर आवेदन के लिए मांगी गई जानकारी दर्ज करें।     सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके सबमिट कर दें।     फॉर्म जमा करने के बाद एक कॉपी संभाल कर रख लें। UPPSC LT Grade Teacher Vacancy 2025: ऐसे होगा चयन यूपी एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। योग्य अभ्यर्थी 28 जुलाई से 28 अगस्त तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए जनरल/ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 125 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं।

इंडेक्स घोटाले में CBI की छापेमारी, रसूखदारों रविशंकर महाराज, डीपी सिंह और भदौरिया कसा शिकंजा

रायपुर  CBI ने प्रदेश के प्रसिद्ध संत व रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन रविशंकर महाराज(Rawatpura Sarkar) के खिलाफ FIR दर्ज की है. उनके खिलाफ ये FIR कॉलेज को मान्यता देने और सीटें बढ़ाने के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल यानी NMC  की टीम को रिश्वत देने के मामले में दर्ज कराई गई है. दरअसल CBI को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि NMC के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत लेकर निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर CBI ने ट्रैप तैयार किया और बेंगलुरू में इंस्पेक्शन टीम के एक डॉक्टर को 55 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. वैसे रावतपुरा सरकार की मुश्किलें यहीं खत्म होती नहीं दिख रही है. रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार के इस मेडिकल कॉलेज का जीरो ईयर भी घोषित किया जा सकता है. इस पूरी जांच में श्री रावतपुरा समेत आठ राज्यों के मेडिकल कालेज प्रबंधन से पैसे लेकर मान्यता देने का मामला सामने आया है.  CBI ने छापे की ये कार्रवाई बीते 1 जुलाई को की. CBI टीम ने तब कर्नाटक,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़,राजस्थान,उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 6 राज्यों में 40 जगह छापे मारे थे.  जिसमें तीन डॉक्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अब CBI ने इसी मामले में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल साइंस और उसके चेयरमैन श्री रविशंकर जी महाराज और निदेशक अतुल तिवारी समेत 35 लोगों को आरोपी बनाया है. अब आप ये जान लीजिए कि किन-किन लोगों को आरोपी बनाया गया है.  इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के अधिकारी जीतू लाल मीना (Jeetu Lal Meena), धर्मवीर (Dharmveer), पीयूष माल्यान (Piyush Malyan), राहुल श्रीवास्तव (Rahul Srivastava), अनूप जायसवाल (Anup Jaiswal) जैसे नाम भी चार्जशीट में दर्ज हैं.  कौन हैं रावतपुरा सरकार? संत रविशंकर महाराज को ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के लोग रावतपुरा सरकार के नाम से जानते हैं. उनके भक्तों की सूची कई बड़े राजनेता भी शामिल हैं. अध्यात्म की दुनिया में वे बड़ा नाम हैं. वो रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के चेयरमैन भी हैं. इसी इंस्टीट्यूट के मामले में CBI ने जो FIR दर्ज की है उसमें उनका नंबर चौथा है. संत रविशंकर महाराज का जन्म 12 जुलाई 1968 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गांव में हुआ था. उनका बचपन का नाम रवि था, जो उनके नाना-नानी ने रखा था. उनके पिता,कृपाशंकर शर्मा, एक ग्राम सेवक थे. उनकी मां का नाम रामसखी शर्मा है. उन्हें करीब से जानने वाले बताते हैं कि तब वे स्कूल जाने के बजाय अक्सर गांव से 2 किलोमीटर दूर शारदा माता मंदिर के पास एक गुफा में ध्यान लगाने चले जाते थे. उनकी माँ को कई बार उन्हें गुफा से निकालकर घर लाना पड़ता था. कई बार उनकी मां को गुफा में रवि के कपड़े भीगे हुए मिले, जैसे उन्होंने कुएं में डुबकी लगाई हो.  11 वर्ष की उम्र में घर छोड़ा और बन गए बाबा ऐसा कहा जाता है कि रावतपुरा सरकार 11 साल की उम्र में  आध्यात्मिक खोज में निकल पड़े थे. यह निर्णय उनके परिवार के लिए चिंता का विषय था, क्योंकि वे परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और उनसे जिम्मेदारियों की उम्मीद थी. फिर भी, उनकी आध्यात्मिक रुचि ने उन्हें रावतपुरा गांव (लहार, भिंड, मध्य प्रदेश) में हनुमान मंदिर के पास ले गई, जहां उन्होंने साधना शुरू की. यहीं से उन्हें "रावतपुरा सरकार" की उपाधि मिली.रावतपुरा गांव में हनुमान मंदिर के पास साधना के बाद रविशंकर महाराज ने रावतपुरा धाम को अपने आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया. उनका आश्रम धीरे-धीरे भक्तों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया।  यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज भी बनवाए साल 2000 में, रविशंकर जी महाराज ने रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट की स्थापना की. इस ट्रस्ट ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में व्यापक काम किए. ट्रस्ट के तहत स्कूल, कॉलेज,अस्पताल,ब्लड बैंक,नर्सिंग कॉलेज और वृद्धाश्रम जैसे संस्थान चलाए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में श्री रावतपुरा यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई. जिसमें इंजीनियरिंग,मैनेजमेंट,फार्मेसी,कॉमर्स,साइंस और आर्ट्स जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी प्रोग्राम प्रदान की जाती है. इसके अलावा वा रायपुर में श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (SRIMSR) की भी स्थापना की गई.इसी मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए रिश्वत कांड में उनके खिलाफ सीबीआई ने FIR दर्ज की है. कौन हैं रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज? छत्तीसगढ़ में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए मनचाही रिपोर्ट देने के लिए 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में 3 डॉक्टरों समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद एक बार फिर रावतपुरा महाराज सुर्खियों में आ गए हैं.  दरअसल, रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज इस मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन भी हैं. आखिर कौन हैं रावतपुरा सरकार और कैसे मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की बड़ी हस्तियां इनके आशीर्वाद के लिए जाते हैं? यह समझने की कोशिश करते हैं. रविशंकर महाराज कैसे बने रावतपुरा सरकार!  दरअसल, रावतपुरा सरकार की प्रसिद्धि की शुरुआत भिंड के लहार स्थित उनके आश्रम की वजह से हुई. जहां रावतपुरा सरकार का यह आश्रम एक प्राचीन हनुमान मंदिर के पास स्थित है. रावतपुरा में हर रोज हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं.  यहां संत ही ‘सरकार’ हैं! रविशंकर महाराज का जन्म बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गांव में हुआ था. इनका बचपन काफी आर्थिक परेशानियों के बीच गुजरा. आगे चलकर उनके माता-पिता ने रविशंकर महाराज का दाखिला ओरछा के रामराजा संस्कृत विद्यालय में करवा दिया ताकि वो पुरोहित का काम सीख सकें, लेकिन यहां उनका मन नहीं लगा और वो पढ़ाई बीच में ही छोड़कर रावतपुरा गांव पहुंच गए और यहां स्थित हनुमान मंदिर में साधना शुरू कर दी.  मंदिर में प्राप्त हुईं सिद्धियां स्थानीय लोग बताते हैं कि इसी मंदिर में रविशंकर महाराज को सिद्धियां प्राप्त हुईं और उन्होंने अपना दरबार लगाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे मंदिर में रविशंकर महाराज को मानने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी, पर वहां जगह की कमी को देखते हुए बात में रावतपुरा धाम की स्थापना की गई, जहां एक विशाल आश्रम बनाया गया. ट्रस्ट बनने … Read more

दुर्ग : होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक विजय अग्रवाल के ठिकानों पर ED की रेड

दुर्ग  छत्तीसगढ़ के एक बड़े कारोबारी के घर ईडी की टीम पहुंची है. ईडी की रेड दुर्ग जिले में पड़ी है. दीपक नगर दुर्ग में छत्तीसगढ़ के एक बड़े कारोबारी, होटल व्यवसायी और सागर होटल के मालिक विजय अग्रवाल के बंगले पर ईडी छापे की कार्रवाई जारी है. दुर्ग में होटल व्यवसायी के घर ईडी: सूत्रों के अनुसार, सुबह-सुबह 6:00 बजे दो गाड़ियों में सवार होकर ईडी के अधिकारी होटल व्यवसायी के घर पहुंचे.उन्होंने पहले गेट पर तैनात निजी सुरक्षा गार्ड से परिचय पत्र दिखाकर दरवाजा खुलवाया, फिर घर के अंदर प्रवेश कर पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया. दुर्ग में सागर होटल के मालिक के घर ईडी बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को जांच में सहयोग करने की बात कही और घर में मौजूद दस्तावेजों की गहनता से जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में खलबली मच गई है. छापेमारी की कार्रवाई जारी है. सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान साथ में तैनात हैं. सुबह 6 बजे 2 गाड़ियों में पहुंचे ईडी के अधिकारी  कौन है विजय अग्रवाल: विजय अग्रवाल दुर्ग स्टेशन के सामने स्थित सागर होटल के मालिक हैं और स्थानीय होटल व्यवसाय में उनका मजबूत दबदबा है. ईडी की इस कार्रवाई का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन अनुमान है कि यह दबिश वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी हो सकती है. होटल व्यवसायी के घर ईडी 4 जुलाई को भिलाई में ईडी का छापा: ईडी पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में सक्रिय है. बीते 4 जुलाई को ईडी ने कारोबारी सौरभ आहूजा के बड़े भाई को पूछताछ के लिए रायपुर स्थित ईडी दफ्तर बुलाया था. ईडी को शक था कि राजस्थान के जयपुर में शादी के बहाने सौरभ आहूजा ने कई महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात और नेटवर्किंग की योजना बनाई है. मामला ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़ा हुआ है. 5 जुलाई को सोना तस्करी सिंडिकेट पर ईडी की कार्रवाई: विदेशी मूल की तस्करी का सोना खरीदने और आपूर्ति के मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए रायपुर सोना तस्करी सिंडिकेट के दो सदस्यों सचिन केदार और पुरुषोत्तम कावले की 3.76 करोड़ की संपत्ति अस्थायी तौर पर कुर्क की थी.