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भारत से भिड़ंत को तैयार मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम, कप्तान ने जताई बड़ी चुनौती

राजगीर मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम आज सुबह प्रतिष्ठित हीरो एशिया कप 2025 में भाग लेने के लिए बिहार के शहर राजगीर पहुंची। पिछली बार जकार्ता में हुए फाइनल में मलेशिया को कोरिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कप्तान ने साफ कहा कि टीम जीतने के इरादे से आई है। "टीम जीतने के इरादे से आई" मलेशिया की पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मरहान जलील ने कहा कि प्रतियोगिता के प्रबल दावेदारों में एक भारत को हराना उनके लिए बड़ी चुनौती है। पिछली बार इस प्रतियोगिता के फाइनल में जकार्ता में अपने गृह मैदान पर मलेशिया को कोरिया के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार कप्तान ने साफ कहा कि टीम जीतने के इरादे से आई है। कप्तान जलील ने कहा कि ‘‘राजगीर आकर बेहद उत्साहित हूं। हमारी तैयारी अच्छी रही हैं और एक शानदार टूर्नामेंट की उम्मीद से मैदान में उतर रहे हैं। मेज़बान भारत को हराना आसान नहीं होगा क्योंकि उन्होंने प्रो लीग में कई शीर्ष टीमों के साथ खेला है और उनके पास बेहतरीन अनुभव और अंतरराष्ट्रीय हॉकी का एक्सपोज़र है।'' "हमारी कोशिश पहले सुपर 4 में पहुंचने की होगी" कप्तान जलील ने कहा कि मौजूदा चैंपियन कोरिया भी इस टूर्नामेंट में देखने योग्य टीम होगी। इस साल मलेशिया की टीम उनके खिलाफ खेल चुकी हैं और वे बेहद फिट तथा तेज नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश पहले सुपर 4 में पहुंचने की होगी। टीम के मुख्य कोच सरजीत कुंदन ने गर्मजोशी भरे स्वागत पर खुशी जताते हुए कहा, “सबसे पहले तो हम इस शानदार स्वागत के लिए आभारी हैं। हमें खुशी है कि हम समय से पहले यहां पहुंचे और कुछ वॉर्म-अप मैच भी खेल पाएंगे। हम एक युवा टीम हैं और हमारा लक्ष्य 2028 ओलंपिक और अगले साल के एशियाई खेलों की तैयारी करना है। हाल ही में हमने ऑस्ट्रेलिया और कोरिया का दौरा किया और अब सुल्तान अजलान शाह टूर्नामेंट भी खेलना है। यहां हमारा मकसद अच्छा खेलना है। हम इस प्रतियोगिता में दूसरी वरीयता प्राप्त टीम हैं और उम्मीद है कि पदक जीतेंगे।” बता दें कि राजगीर में 12वां एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट 29 अगस्त से शुरू हो रहा है। मलेशिया 29 अगस्त को टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। मलेशिया पूल-बी में कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे के साथ है, जबकि पूल-ए में भारत, जापान, चीन और कज़ाख़स्तान शामिल हैं। मैचों का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।  

महादेव सट्टा एप कांड: गिरफ्तारी वारंट रद्द कराने कोर्ट पहुंचे आरोपी

रायपुर ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद महादेव सट्टा एप के सरगनाओं में खलबली मची हुई है. एप के संचालकनकर्ता सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी वारंट खारिज करने के लिए ईडी की विशेष अदालत में आवेदन लगाया है, जिसमें 3 महीने के भीतर खुद पेश होने की बात कही है. मामले में ईडी कोर्ट में अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल बीते दिनों कोर्ट में पेश नहीं हुए थे. विशेष न्यायालय ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. उस गैर जमानती वारंट को कैंसिल करने के लिए सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हाईकोर्ट में आवेदन लगाया था. जिसे वृहद सुनवाई के बाद न्यायालय ने आवेदन को निरस्त कर दिया था. रवि उप्पल ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन लगाया था. जो आज तक तक पेंडिंग पड़ी है. लेकिन आज एक बार फिर वारंट को कैंसिल करने आवेदन लगाया है. साथ ही अपनी सुरक्षा की तैयारियों का हवाला देते हुए कोर्ट में पेश होने के लिए तीन महीने का समय मांगा है. अगर ये बिना किसी शर्त के अपनी बात रखते हैं, तो इस विषय पर सोचा जा सकता है. लेकिन इन्होंने इस बार भी शर्तें रखी है. इस पर भविष्य में न्यायालय फैसला सुनाएगी.

सिर्फ 16 महीने बाद यूपी की सियासी परीक्षा, नए गुणा-गणित में जुटी पार्टियां

लखनऊ सियासी मंचों से भले ही लोक कल्याणकारी उद्देश्यों की बातें की जाएं, सियासत की धुरी को लोगों के अच्छे और सरल जीवन यापन पर केंद्रित करने के दावे हों लेकिन फिलहाल यूपी की राजनीतिक हकीकत इससे बिलकुल इतर नज़र आ रही है। यूपी में नेताओं की ‘परीक्षा’ यानी विधानसभा चुनाव अभी 16 महीने दूर हैं लेकिन कमोबेश सभी सियासी दल खासतौर पर राजग में सहयोगी दल से लेकर खुद भाजपा के विधायक जातीय जोड़-घटाना करने में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च में होने हैं। ऐसे में विपक्षी दल सपा पीडीए को मजबूत करने में जुटी है। सपा जिलों-जिलों में ‘पीडीए’ सम्मेलन शुरू कर रही है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिन्दवी कहते हैं कि मंडल हो या फिर जिला स्तर पर कांग्रेस ‘संगठन सृजन’ के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संगठन में 60 फीसदी हिस्सेदारी दलितों, मुस्लिमों और अन्य पिछड़ों की हो। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल गठित की गई है और 14 जुलाई को भागीदारी न्याय सम्मेलन किया गया। खुद भाजपा में जातीय जोड़-घटाना जोरों पर है। प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अटकी होने के मद्देनज़र जातीय खेमे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अपनी दावेदारी के संकेत दे रहे हैं। पहले आंवला में भाजपा के कद्दावर मंत्री धर्मपाल सिंह के जरिये लोध सम्मेलन किया गया। वहीं कुर्मियों की ओर से ‘सरदार पटेल बौद्धिक मंच’ के बैनर तले लखनऊ में सम्मेलन किया गया। इसके कर्ताधर्ता इंजीनियर अवनीश सिंह थे। उन्हें जलशक्ति मंत्री का सबसे करीबी माना जाता है। इस सम्मेलन में अपना दल के नेता आशीष पटेल ने भी जोरशोर से शिरकत की। इसके जरिये भी सियासी संदेश देने की कोशिश की गई। इसी तर्ज पर अलीगढ़ में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर ‘हिन्दू गौरव दिवस’ के रूप में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित कर ताकत दिखाई गई। वैसे यह कार्यक्रम हर वर्ष होता रहा है लेकिन चुनावों के मद्देनज़र इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर अति अन्य पिछड़ी जातियों की सियासत करने वाले निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने भी पुरानी मांग उठाना शुरू कर दी है। ‌उन्होंने दिल्ली में ताकत दिखाकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का प्रयास किया है कि अति पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा देने की उनके दल की मांग पर ध्यान दिया जाए। क्षत्रिय विधायकों में भी लामबंदी के प्रयास क्षत्रिय विधायकों ने भी लखनऊ के एक होटल में कुटुंब सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। इसमें सपा से हटाए गए क्षत्रिय विधायकों अभय सिंह व राकेश सिंह ने भी शिरकत की थी। राजनीतिक विश्लेषक पूर्व आईजी अरुण कुमार गुप्ता कहते हैं-‘छोटे दलों ने यह कवायद विधानसभा चुनाव में टिकटों की दावेदारी के मद्देनज़र की है। इसे ताकत दिखाने और सत्तारूढ़ दल व विपक्ष के बीच तवज्जो मिलने की सौदेबाजी के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं सत्तारूढ़ दल के धड़ों की यह मशक्कत प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चयन की दावेदारी के रूप में भी देखी जा रही है।  

केंद्र की नीति पर भड़के CM मान, राशन कार्ड काटने का किया विरोध

जालंधर/चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राशन कार्ड काटे जाने के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोर होने के बाद अब राशन चोर बन गई है। सी.एम. भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर पी.डी.एस. (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के तहत लोगों के राशन कार्ड काटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के नियम पंजाब के लिए अलग हैं लेकिन केंद्र इन नियमों की अनदेखी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 8 लाख 2 हज़ार 994 लोगों के राशन कार्ड काट रही है, जिससे लगभग 32 लाख लोग मुफ़्त राशन से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसी का राशन नहीं छीनने देगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए जा रहे कैंपों के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी का निजी डेटा कैसे ले सकती है। वह 1000 रुपये की योजना के लिए कोई डेटा नहीं मांगते। वह किसी महिला का आधार, पैन या राशन कार्ड नहीं मांगते। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड क्यों मांग रही है। जनता ही इसे नया बनाने में जुट गई है। वे पहले अपनी योजना लाते हैं। जिसमें पहले चूल्हा देते हैं, फिर घर बनाने की योजना देते हैं और बाद में कहते हैं कि आपके पास चूल्हा और घर है, लेकिन आप इस योजना के पात्र नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राशन कार्ड काटने का भी एक मानदंड तय कर दिया है, जिसमें अगर आपके पास चार पहिया वाहन है, 25 लाख से अधिक का टर्नओवर है, ढाई एकड़ से अधिक जमीन है या आप सरकारी नौकरी कर रहे हैं, तो राशन कार्ड कट जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सवाल उठाते हुए कहा कि कभी-कभी एक भाई को सरकारी नौकरी मिल जाती है। सरकारी नौकरी मिलने के बाद वह दूसरे शहर में शिफ्ट हो जाता है। परिवार के बाकी सदस्यों का क्या होगा? अगर जिसके नाम कार्ड है, उसके नाम पर गाड़ी है, तो बाकी लोगों का क्या कसूर है। आप पूरे परिवार को भूखा मार देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भगवंत मान मुख्यमंत्री हैं, तब तक किसी का राशन कार्ड नहीं कटेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अब तक 1 करोड़ 53 लाख लाभार्थियों को राशन वितरित किया जा रहा है। लेकिन उनका कहना है कि उनमें से कई फर्जी हैं। पंजाब सरकार ने 1 करोड़ 29 लाख का सत्यापन कर लिया है, बाकी के लिए समय दें। वे कार्ड कैसे रद्द कर सकते हैं? वह केंद्र सरकार से 6 महीने का समय मांग रहे हैं।

इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर हमला: देश को तोड़ा, बचा भारत स्वतंत्रता के नाम पर सौंपा

नई दिल्ली आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि "संघ जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं." इंद्रेश कुमार के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में भारत के विकास में आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ के कार्यों की सराहना करना, उनके मुताबिक, एक बड़ा संकेत है. आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता के लिए कुछ नहीं किया, वे उनके पूर्वज थे. जैसे हमारे पूर्वजों ने भी स्वतंत्रता संग्राम लड़ा. सच यह है कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा किया और जो बचा, उसे स्वतंत्र घोषित किया गया." इंद्रेश कुमार ने हिमालय की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पोषण करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी चीन, कभी पाकिस्तान और कभी पश्चिमी ताकतें हिमालय के सांस्कृतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती हैं.  बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा, दलाई लामा वापस जाएंगे! आरएसएस नेता ने कहा, "हिमालय परिवार इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि हिमालय की सुरक्षा हो, वह भारत को सुरक्षा का आश्वासन दे और चीन के अतिक्रमण से मुक्त हो. हमारा लक्ष्य है कि कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराएं." इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा और दलाई लामा वहां वापस लौटेंगे. साथ ही, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उत्तर-पूर्व को संकट में न डाले. ऑपरेशन सिंदूर और भारत की स्थिति इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और चीन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को सबक सिखाया. उन्होंने कहा, "भारत ने पाकिस्तान में बने चीनी एयरबेस तबाह कर दिए, जिन्हें भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था. चीन कुछ नहीं कर पाया. पाकिस्तान को मिले तुर्की के ड्रोन्स भी नष्ट कर दिए गए." आरएसएस नेता ने दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, नागरिकों को नहीं. साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई मध्यस्थ था, न है, न होगा. उन्होंने कहा, "पीओके वापस लेना ही बाकी है और हम इसे भी पूरा करेंगे. आज भारत अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप के बराबर खड़ा है. भारत दुनिया से संघर्ष खत्म करेगा और शांति और सद्भावना लाएगा."  

जापान दौरे पर CM साय: डीप स्पेस मिशन से सीखे अनुभव, अंतरिक्ष क्लस्टर परियोजना को मिलेगी मजबूती

  रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जापान दौरे का आज दूसरा दिन है. उन्होंने राजधानी टोक्यो में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर आयोजित  ‘डीप स्पेस – टू द मून एंड बियॉन्ड’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष नवाचारों का यह समृद्ध अनुभव, राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से स्थापित होने वाले अंतरिक्ष निर्माण क्लस्टर को सशक्त दिशा प्रदान करेगा. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.

पंजाब में LPG हादसे के बाद CM भगवंत मान की घोषणा, प्रभावित परिवारों को मिलेगा सहारा

पंजाब जिला होशियारपुर के गांव मंडियालां में देर रात गैस टैंकर धमाका होने से बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और दर्जनों से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। पंजाब के सी.एम. भगवंत मान ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों और घायलों के लिए बड़ा ऐलान किया है। सी.एम. मान ने एक्स पर लिखा कि ''जिला होशियारपुर के गांव मंडियालां में देर रात LPG गैस से भरे एक टैंकर के फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में कुछ लोगों की दर्दनाक मौत होने की खबर मिली है और कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। पंजाब सरकार की ओर से हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और घायलों का इलाज मुफ्त करवाया जाएगा।'' बता दें कि रात करीब 10 बजे होशियारपुर जालंधर मार्ग में पड़ते गांव मंडियाला में रात गैस वाले टैंकर में धमाका हुआ। बताया जा रहा है कि एल.पी.जी. गैस टैंकर मिनी बस से टकरा गया जिससे वह पलट गया है। टैंकर पलटने से गैस रिसाव होने लगा और जोरदार धमाका हुआ जिससे आग चारों तरफ फैल गई। आग लोगों के घरों तक पहुंच गई थी। दहशत में आए लोगों को गांव खाली करना पड़ा। लोगों के गुरुद्वारा साहिब में ठहराया गया जहां उनके खाने-पीने की व्यवस्था की गई।  

हरियाणा में किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकारी सब्सिडी से बढ़ेगी आमदनी

पलवल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पलवल के उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि हरियाणा सरकार ने कपास की खेती के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं एकीकृत कीट प्रबंधन पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने कपास की फसल बोई है, उन्हें फसल में सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं कीट प्रबंधन के प्रयोग के लिए अधिकतम 2 एकड़ के लिए 2,000 रुपये प्रति एकड़ या 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान प्रदान किया जाएगा। मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों की सत्यापित फसल के आधार पर किसान द्वारा agriharyana.gov.in पोर्टल पर आवेदन करने के साथ-साथ कपास की फसल में प्रयोग किए गए सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं कीटनाशकों के बिल अपलोड करना भी अनिवार्य है।  जो किसान बिल अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन करने एवं बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के सभी कपास उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि तक आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें, ताकि वे विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ उठा सकें। 

हरियाणा की बेटी कनक ने लहराया परचम, कजाकिस्तान से 2 गोल्ड जीतकर लौटी, रोहतक में धूमधाम

रोहतक  रोहतक जिले के सुनारिया गांव की कनक बुधवार ने 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त तक हो रही प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनक ने यूथ कैटेगरी में 10 मीटर शूटिंग में गोल्ड मैडल जीता है। गोल्ड मेडल जीतकर आज कनक रोहतक शहर में लौटी तो उनका भव्य स्वागत किया गया।  ढोल नगाड़ों के साथ वह अपने गोल्ड मेडल दिखाते हुए उस अकादमी में पहुंची जहां से उसने शूटिंग के गुर हासिल किए हैं। कनक ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, अकादमी व परिवार के लोगों को दिया है। कनक का कहना है कि उनका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक हासिल करना है। जिसके लिए वह अब तैयारी करेंगी।   हमें गर्व देश का झंडा ऊंचा किया- कोच कोच संदीप नेहरा ने बताया कि उन्हें गर्व है कि कनक ने कजाकिस्तान में देश का झंडा ऊंचा किया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कनक का कई प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन रहा है। एशियन चैंपियनशिप में दो पदक जीत कर कनक ने यह दिखा दिया है कि आने वाले ओलंपिक में शूटिंग में वह भारत के लिए पदक हासिल करने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे युवाओं से आह्वान करते हैं कि इधर-उधर की बातों को छोड़कर अपना समय पढ़ाई और खेल कूद में लगाए।

शराब घोटाला केस में बड़ा अपडेट, कोर्ट ने चैतन्य बघेल को जेल भेजा

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि चैतन्य बघेल की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के पश्चात आज न्यायालय में पेश किया गया था। ईडी ने चैतन्य बघेल की 14 दिनों की न्यायिक रिमांड का आवेदन लगाया था, जिसे माननीय विशेष न्यायालय ने स्वीकार करते हुए चैतन्य को 6 सितंबर तक की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का फैसला सुनाया है। बता दें कि 19 अगस्त को विशेष कोर्ट ने ED के आवेदन पर चैतन्य को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था। दरअसल, ईडी ने अदालत में दलील दी थी कि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं और चैतन्य बघेल से पूछताछ जरूरी है। इससे पहले सोमवार 18 अगस्त को उनकी 14 दिन की न्यायिक रिमांड पूरी होने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें एक दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है। ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।