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कक्षा में बवाल! छोटे विवाद ने लिया खतरनाक रूप, छात्रों पर चला चाकू

बिलासपुर स्कूल में पुरानी रंजिश को लेकर छात्रों ने मिलकर एक छात्र और उसके दोस्त पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल छात्रों का स्कूल प्रबंधन की ओर से इलाज कराया गया। इसके बाद घटना की सूचना स्वजन को दी गई। स्वजन की शिकायत पर पुलिस ने हमलावर छात्रों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, तारबाहर क्षेत्र में रहने वाले आवेश मिर्जा तारबाहर क्षेत्र के भारतमाता स्कूल में 11वीं के छात्र हैं। मंगलवार को वे स्कूल में थे। इसी दौरान उनके दोस्त ने किसी काम से अपनी कक्षा में बुलाया। तब आवेश स्कूल के पहली मंजिल पर स्थित अपने दोस्त के क्लास की ओर गए। क्लास के बाहर ही छह से आठ छात्र खड़े थे। उन्होंने पहले हुए विवाद को लेकर आवेश से गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर छात्रों ने मिलकर उसकी पिटाई की। इसी बीच किसी ने उसे चाकू से मार दिया। इस हमले में आवेश लहूलुहान हो गया। इधर मारपीट होते देख आवेश का दोस्त बीच-बचाव करने आया। तब छात्रों ने उस पर भी चाकू से मार दिया। इधर मारपीट और चाकूबाजी की जानकारी मिलते ही स्कूल के प्रबंधन और टीचर वहां पहुंच गए। आनन-फानन में घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के बाद घटना की जानकारी घायल छात्रों के स्वजन को दी गई। इस पर स्वजन भी स्कूल पहुंच गए। वे घायल छात्रों को लेकर सीधे तारबाहर थाना पहुंचे। स्वजन ने घटना की शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।  

डिप्टी कलेक्टर की पोस्टिंग का विरोध तेज, महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के आवास पर जुटे अधिकारी

बुरहानपुर मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग में बुरहानपुर जिला की डिप्टी कलेक्टर लता शरणागत की अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्ति पर सरकारी अधिकारियों के एक वर्ग ने विरोध जताया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के एक ग्रुप ने भोपाल में विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की और शरणागत की अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्ति का विरोध किया.  उन्होंने शीर्ष पद पर उनकी 'जूनियर' हैसियत का हवाला दिया और शरणागत की नियुक्ति रद्द करने का अनुरोध किया. मंत्री भूरिया ने बाद में बताया कि अधिकारियों की मांग जायज है और वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएंगी. उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति विभाग के ही वरिष्ठ अधिकारियों में से की जाती है. मंत्री ने बताया कि शरणागत के मामले में उनकी नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की गई थी. इससे पहले, अधिकारियों के एक समूह ने भूरिया को एक ज्ञापन सौंपा और उनसे शरणागत की नियुक्ति के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया. महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक (इंदौर संभाग) डॉ. संध्या व्यास ने कहा कि शरणागत को अतिरिक्त निदेशक के पद पर नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध है और इससे विभाग में भारी रोष है. व्यास ने कहा, "अधिकारी इस नियुक्ति से नाराज हैं क्योंकि शरणागत की नियुक्ति से विभाग के अधिकारियों की वरिष्ठता का हनन हुआ है." महिला मंत्री भूरिया को सौंपे ज्ञापन में, अधिकारियों ने बताया कि शरणागत 2008 बैच की अधिकारी हैं, जबकि विभाग में कई वरिष्ठ संयुक्त निदेशक 2009 से इसी पद पर कार्यरत हैं.  ज्ञापन में कहा गया है कि यह प्रमुख विभाग महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाता है, जिनके लिए विशेषज्ञता की जरूरत होती है और एक डिप्टी कलेक्टर इन विषयों का विशेषज्ञ नहीं होता.

भोपाल से गया के लिए पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने जारी किया पूरा टाइमटेबल

 भोपाल  गया में पितृपक्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेल प्रशासन ने रानी कमलापति-गया-रानी कमलापति के बीच विशेष स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुगमता और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा। गाड़ियों का संचालन     गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 07, 12 और 17 सितंबर को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 09:30 बजे गया पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति पितृपक्ष स्पेशल     यह ट्रेन 10, 15 और 20 सितम्बर को गया स्टेशन से दोपहर 2:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 10:45 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन दोनों दिशाओं में यह ट्रेन भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-आन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर ठहरेगी।

ड्यूटी के दौरान गिरी जान : छपरा स्टेशन पर इंस्पेक्टर राकेश कुमार का निधन

पटना बिहार में सारण जिले के पूर्वोत्तर रेलवे छपरा स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर ऑफ़ वर्क्स (आईओडब्लू) राकेश कुमार की मौत मंगलवार को निरीक्षण के दौरान प्लेटफार्म पर अचानक गिरने से हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से आए प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर नीलमणि तथा सीनियर डीआई-2 अधिकारी छपरा जंक्शन का निरीक्षण कर रहे थे उसी दौरान राकेश कुमार भी निरीक्षण टीम के साथ मौजूद थे। परिजनों ने बताया कि कुमार पहले से हृदय रोग से पीड़ित थे। स्टेशन पर अधिकारियों के साथ तेज़ी से दौड़ने के क्रम में अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वह गिर पड़े। शीघ्रता से रेलकर्मियों ने उन्हें रेलवे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने प्राथमिक चिकित्सा के बाद बेहतर इलाज के उन्हें सदर अस्पताल भेज दिया। इस बीच सदर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मचा हड़कंप इधर, घटना की सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच कई बार तीखी झड़पें भी हुईं। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आए दिन छपरा जंक्शन पर उच्च अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के नाम पर कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव और तनाव में रखा जाता है। शाखा मंत्री संजय तिवारी ने बताया कि अधिकारियों की तानाशाही और लापरवाही के कारण ही यह दर्दनाक हादसा हुआ है।  

6 लाख से ज्यादा बाढ़ प्रभावितों को राहत, डायरेक्ट अकाउंट ट्रांसफर से मिली मदद

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से वर्ष 2025 में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाता में 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से आनुग्रहिक राहत (Gratuitous Relief GR) की राशि के भुगतान का माउस क्लिक कर शुभारम्भ किया। आज 12 जिलों के 6 लाख 51 हजार 602 प्रभावित परिवारों को 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से 456 करोड़ 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया। शिविरों में मानव एवं पशु चिकित्सा के लिए भी सभी इंतजाम किए गए कार्यक्रम के दौरान विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त माह में गंगा नदी के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि के कारण गंगा के किनारे स्थित 11 जिलों यथा भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर एवं कटिहार में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे पहले पड़ोसी राज्य में भारी वर्षा के कारण नालंदा जिला के 4 प्रखंडों के 8 पंचायतों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी। इस प्रकार कुल 12 जिलों के 66 प्रखंडों में लगभग 38 लाख आबादी बाढ़ प्रभावित हुई है। बाढ़ के दौरान अब तक 2.19 लाख पॉलीथीन शीट्स तथा 57 हजार 639 ड्राई राशन पैकेट वितरित की गई। 14 बाढ़ राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिसमें लगभग 15 हजार लोग रह रहे हैं। सामुदायिक रसोई केंद्र में अब तक लगभग 85 लाख लोग भोजन कर चुके हैं। शिविरों में मानव एवं पशु चिकित्सा के लिए भी सभी इंतजाम किए गए हैं।  6 लाख से ज्यादा लोगों के अकाउंट में भेजे 456 करोड़ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 13 अगस्त को बाढ़ प्रभावित जिलों के साथ समीक्षा बैठक की थी और 14 अगस्त को पटना, वैशाली, बेगूसराय एवं मुंगेर जिलों के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति को देखा था। हमने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने का निर्देश दिया था। साथ ही 20 अगस्त 2025 तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को आनुग्रहिक राहत (Gratuitous Relief- GR) की राशि का भुगतान शुरू करने का भी निर्देश दिया था। मुझे खुशी है कि आज 12 जिलों के 6 लाख 51 हजार 602 प्रभावित परिवारों को 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से 456 करोड़ 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों ने बाढ़ से निपटने में बहुत अच्छा काम किया है लेकिन हम आप सभी से कहना चाहेंगे कि बाढ़ का समय अभी समाप्त नहीं हुआ है। सितम्बर महीने में भी भारी वर्षा और नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है। कभी-कभी बाढ़ भी आ जाती है इसलिए आप लोग पूरे तौर पर सतर्क रहिये और स्थिति पर नज़र रखिये। बाढ़ जैसी स्थिति आने पर पीड़ित लोगों की पूरी संवेदनशीता के साथ मदद कीजिये। मेरा शुरू से मानना रहा है कि राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी जुड़े हुए थे।

साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, MP में मिलेगी केंद्र जैसी छुट्टियां

भोपाल  मध्य प्रदेश के साढ़े सात लाख शासकीय कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश दिया जाएगा। इसके लिए मप्र सरकार ने 48 साल पुराने मप्र सिविल सेवा (अवकाश) नियम-1977 में बदलाव किया है। यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने वित्त विभाग के मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम-2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को केंद्र सरकार के अनुरूप अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसके तहत चिकित्सकों को पीजी योग्यता प्राप्त करने के लिए 36 माह का अध्ययन अवकाश मिलेगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। अधिसूचना जारी होने के दिन से यह नियम लागू होंगे। अब शासकीय सेवक सरोगेट या कमीशनिंग मदर को प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। वहीं एकल (अकेले) पुरुष शासकीय सेवक को भी संतान पालन अवकाश मिलेगा। दत्तक संतान ग्रहण के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश 15 मिलेगा। निलंबन काल में नहीं होगी अवकाश की पात्रता शासकीय सेवक के दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ्य होने पर उनके परिवार के सदस्य आवेदन दे सकेंगे। निलंबन काल में अवकाश की पात्रता नहीं होगी। अवकाश दिवस पर काम करने वाले शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। सेवा के प्रारंभिक वर्ष में आवश्यकता होने पर अर्द्धवेतन अवकाश की सुविधा होगी। सेवानिवृत्ति के पूर्व अवकाश के प्रविधान और सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद अवकाश के प्रविधान को भी विलोपित किया गया।

धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान- सबसे पहले राजस्थान में फहरेगा हिंदू राष्ट्र का झंडा

सीकर सीकर के रैवासा धाम में चल रहे 9 दिवसीय ‘सियपिय मिलन महोत्सव’ में कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भावनात्मक और जोशीले संबोाधन में कहा कि राजस्थान की भूमि वीरों की भूमि है, यहां की मिट्टी ने महाराणा प्रताप जैसे योद्धाओं को जन्म दिया है। यही कारण है कि अगर कहीं हिंदू राष्ट्र का झंडा सबसे पहले फहराएगा तो वह राजस्थान ही होगा। उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते हुए कहा कि यहां केवल लोग ही नहीं बल्कि घोड़े और हाथी भी हिंदू परंपराओं के प्रति कट्टर समर्पण रखते आए हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने रामप्रसाद हाथी का उल्लेख किया, जिसने दुश्मनों के घर का पानी और भोजन तक स्वीकार नहीं किया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रैवासा धाम को तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए। यह भूमि केवल किशोरी जी और जानकी जी की ही नहीं बल्कि सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी जैसे देवस्थलों की भी भूमि है। अब रैवासा धाम से यह भूमि रघुवीर की भी भूमि बन गई है। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि 7 से 16 नवंबर तक इस मुद्दे पर एक बड़ी पदयात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि हर हिंदू रोजाना एक घंटा हिंदू राष्ट्र के लिए समर्पित करे। विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा का उदाहरण दिया, जहां कन्यादान के समय दहेज में कन्या को गाय दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत को भी यह परंपरा अपनानी चाहिए। उनका कहना था कि भारत तभी हिंदू राष्ट्र बन पाएगा जब गौमाता सुरक्षित होगी और गौवध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा। पाकिस्तान पर तीखे शब्दों में निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत पर मिसाइल दागने की धमकी देता है, लेकिन भारत के पास उससे कहीं अधिक शक्तिशाली ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब छेड़ोगे तो छोड़ा नहीं जाएगा। कश्मीर तो लेंगे ही और दहेज में पाकिस्तान भी उठाएंगे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि भारत 900 किलोमीटर अंदर तक जाकर वार करने की क्षमता रखता है। अपने संबोधन में उन्होंने जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने, वेद और संत परंपरा पर विश्वास रखने और गौ-सेवक बनने का आह्वान किया। उनका कहना था कि जब गौमाता बचेगी तभी भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा और तभी हिंदू समाज सुरक्षित रहेगा।

IAS अधिकारियों के तबादले से हिला हरियाणा ब्यूरोक्रेसी, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके तहत वर्ष 2017 बैच के आईएएस विश्राम कुमार मीणा को डिप्टी कमिश्नर कुरुक्षेत्र नियुक्त किया गया है। यह पद काफी समय से रिक्त था। इससे पूर्व आईएएस मीणा नूंह के डिप्टी कमिश्नर और सीईओ मेवात डेवलपमेंट एजेंसी के पद पर कार्यरत थे।  इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इसी तरह 2018 बैच के आईएएस सचिन गुप्ता को डिप्टी कमिश्नर रोहतक नियुक्त किया गया है। वे 2012 बैच के आईएएस धर्मेंद्र सिंह का स्थान लेंगे। सचिन गुप्ता एचएसवीपी पंचकूला के एडमिनिस्ट्रेटर और अर्बन एस्टेट पंचकूला के अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात थे। वहीं, 2018 बैच के आईएएस अखिल पिलानी को आईएएस विश्राम कुमार मीणा के स्थान पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह डिप्टी कमिश्नर नूंह और सीईओ, मेवात डेवलपमेंट एजेंसी का पदभार संभालेंगे। इससे पूर्व यमुनानगर नगर निगम के कमिश्नर और जिला नगर आयुक्त थे। वर्ष 2012 बैच के आईएएस मनोज कुमार को डिप्टी कमिश्नर महेंद्रगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पूर्व वह हरियाणा स्किल डेवलपमेंट एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के विशेष सचिव थे। 

43 वोटर कार्ड जले हुए हालत में मिले, टीकमगढ़ में मंत्री आवास के पास मचा हड़कंप

टीकमगढ़  सिविल लाइन रोड पर स्थित केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार के सरकारी आवास के पास मंगलवार रात 43 वोटर आईडी कार्ड मिले हैं, कछ कार्ड जली हालत में हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन की टीम पहुंची और कार्ड को जब्त किया गया, प्रशासन ने इस मामले में वोटर आईडी कार्ड्स के दुरुपयोग होने की आशंका जताई है टीकमगढ़ कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। आईडी कार्ड्स स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी के गोल क्वार्टर के सरकारी घर के सामने मिले है। कर्मचारी के घर के पास केंद्रीय मंत्री का आवास है। आशंका है कि इन कार्ड्स का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग की किसी योजना का लाभ उठाने में किया गया हो। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी सांसद प्रतिनिधि विवेक चतुर्वेदी ने ही प्रशासन को दी है। तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, पटवारी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने पूरे मामले की गंभीरता देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी कार्ड्स प्रशासन की कस्टडी में हैं और यह पड़ताल की जा रही है कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड केंद्रीय मंत्री के बंगले के पास कैसे पहुंचे।

बम धमकी से दहला चंडीगढ़ हाईकोर्ट, चप्पे-चप्पे की तलाशी, सुरक्षा अलर्ट पर पुलिस

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-1 स्थित पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं हाईकोर्ट परिसर में सर्च भी किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं।  हाइकोर्ट को इससे पहले भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि ईमेल के जरिये यह धमकी दी गई है। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बम स्क्वायड और ऑपरेशन सेल की टीम पहुंची है। हाइकोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्च के दौरान कुछ संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस टीमें चप्पे चप्पे को खंगाल रही है।  जानकारी के अनुसार रजिस्ट्रार को धमकी भरा ई-मेल आया है। कुछ समय पहले भी बम से उड़ाने की एक मेल आई थी, लेकिन सर्च के दौरान कुछ नहीं मिला था। हालांकि पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है। हाईकोर्ट में आने जाने वाले लोगों की भी तलाशी ली जा रही है।