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एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन अभियान से मध्य प्रदेश में 63 लाख से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव

भोपाल, मध्य प्रदेश, 20 अगस्त, 2025: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने अपनी सीएसआर शाखा परिवर्तन बैंक के माध्यम से अब तक मध्य प्रदेश में 63.72 लाख से ज़्यादा लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। बैंक 2015 से राज्य में सक्रिय है और मध्य प्रदेश के 55 में से 38 ज़िलों को कवर करता है। बैंक ने परिवर्तन के अंतर्गत निम्नलिखित छह प्रमुख क्षेत्रों को अपनाया है: * ग्रामीण विकास                                                                  * शिक्षा को बढ़ावा देना * कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन * स्वास्थ्य सेवा एवं स्वच्छता * वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन * प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन मध्य प्रदेश में, ग्रामीण विकास, शिक्षा को बढ़ावा देना तथा कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका संवर्धन ने सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। 69,000 से अधिक किसान, 26,000 छात्र और 17,000 प्रशिक्षित व्यक्ति लाभान्वित हुए हैं।  मध्य प्रदेश में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) की छाप  एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश में एक मज़बूत और निरंतर उपस्थिति दर्ज की है, जो राज्य के 55 में से 38 ज़िलों में चल रही और बंद हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से फैला है। बैंक ने राज्य के सभी आकांक्षी ज़िलों में परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है, जिनमें बड़वानी, छतरपुर, दमोह, गुना, खंडवा, राजगढ़ और विदिशा में परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और बड़वानी, गुना, खंडवा और सिंगरौली में प्रयास जारी हैं। कुल मिलाकर 33 ज़िलों में परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं जबकि 17 ज़िलों में वर्तमान में सक्रिय हस्तक्षेप चल रहे हैं। टीकमगढ़ और उज्जैन में आगामी परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। बैंक का प्रमुख समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम, जो सभी 6 प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत हस्तक्षेप पर केंद्रित है, ने अलीराजपुर, अशोकनगर, भोपाल, छिंदवाड़ा, देवास, इंदौर, खरगोन और सीहोर के 165 गाँवों को प्रभावित किया है।  इसके अतिरिक्त केंद्रित विकास कार्यक्रम, जहाँ बैंक किसी लक्षित भौगोलिक क्षेत्र में किसी एक या दो प्रमुख फोकस क्षेत्रों के अंतर्गत विशिष्ट हस्तक्षेप करता है, आगर मालवा, बालाघाट, भोपाल, छतरपुर, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंडला, मंदसौर, पन्ना, सतना, सिंगरौली और उमरिया जिलों में कार्यान्वित किए गए हैं। एचडीएफसी बैंक की सीएसआर प्रमुख सुश्री नुसरत पठान ने कहा, "एचडीएफसी बैंक में हमारा मानना है कि सीएसआर एक ही तरह का दृष्टिकोण नहीं है। परिवर्तन के माध्यम से हम आवश्यकता-आधारित हस्तक्षेपों को डिज़ाइन और कार्यान्वित करते हैं जो प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों का समाधान करते हैं। मध्य प्रदेश में हमारा कार्य इस दर्शन को दर्शाता है, जिसमें किसानों को टिकाऊ कृषि के साथ समर्थन देने से लेकर शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना शामिल है। हम समावेशी विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर स्थायी प्रभाव डालने में एक छोटी सी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” एचडीएफसी बैंक के मध्य प्रदेश शाखा बैंकिंग प्रमुख श्री प्रतीक शर्मा ने कहा, "हम मध्य प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं की व्यापक रेंज उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं ताकि सभी के लिए इनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में, एचडीएफसी बैंक व्यक्तियों और परिवारों में सार्थक बदलाव लाने पर समान रूप से केंद्रित है।  एचडीएफसी बैंक मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए भारत में सबसे अधिक सीएसआर खर्च करने वालों में से एक था। बैंक ने 31 मार्च 2025 तक देश भर में सीएसआर पहलों पर 1,068 करोड़ रूपये खर्च किए थे। बैंक ने परिवर्तन कार्यक्रम के तहत देश भर में 10.56 करोड़ रुपये से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में 25 मार्चतककीमुख्यविशेषताएँ: ग्रामीणविकास– •सिंचाईकेअंतर्गतएकड़भूमि: 37,221 •रसायन-मुक्तखेतीकेअंतर्गतएकड़भूमि: 17,189 •समर्थितकिसान: 69,238 शिक्षाकोबढ़ावा – •ईसीएसएसकेअंतर्गतप्रदानकीगईछात्रवृत्तियाँ: 786 •स्थापितस्मार्टस्कूल: 104 •प्रभावितछात्र: लगभग 26,000 कौशलप्रशिक्षणऔरआजीविकासंवर्धन – •समर्थितसामुदायिकउद्यम: 1,679 •प्रशिक्षितव्यक्ति: 17,000 स्वास्थ्यएवंस्वच्छता – •निर्मित स्कूल स्वच्छता इकाइयाँ: 955 •पेयजल से समर्थित गाँव: 66 वित्तीयसाक्षरताएवंसमावेशन – •वित्तीय धोखाधड़ी जागरूकता: 10.6 लाख प्राकृतिकसंसाधनप्रबंधन – •स्थापित सौर लाइटें: 8,422 •जल संरक्षण संरचनाएं: 2,015 मध्य प्रदेश में प्रमुख हस्तक्षेप – जल संरक्षण – अनियमित वर्षा, ढलान वाली और बंजर भूमि और वर्षा आधारित खेती पर अत्यधिक निर्भरता के कारण राज्य के बड़े हिस्से बार-बार पानी की कमी का सामना करते हैं। कुछ इलाके उच्च लौह और आर्सेनिक स्तर के कारण खराब पेयजल गुणवत्ता से भी जूझते हैं। ये चुनौतियाँ कृषि, स्वास्थ्य और आजीविका को सीधे प्रभावित करती हैं। मध्य प्रदेश में, परिवर्तन हस्तक्षेप जल सुरक्षा से शुरू होते हैं। 2000 से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है जिससे 37000 एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। अशोकनगर, सीहोर और खरगोन जैसे जिलों में परियोजनाएँ भूमि उपचार को सूक्ष्म सिंचाई, सौर जल कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए पंप और चिनाई वाले स्टॉप डैम का उपयोग किया जा रहा है। खरगोन जैसे जल-गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में फ़िल्टरेशन इकाइयों वाली सौर ऊर्जा चालित जल मीनारें सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करा रही हैं, जबकि सिंगरौली और उमरिया में वाटरशेड पहल भूजल की भरपाई कर रही हैं, कटाव को कम कर रही हैं और खेती और दैनिक जीवन दोनों के लिए पहुँच सुनिश्चित कर रही हैं। अशोकनगर में सतत कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण – विश्वसनीय जल आपूर्ति के साथ किसानों को खेती में बेहतर तकनीकों को अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन अशोकनगर के चंदेरी ब्लॉक में अभ्युदय संस्थान के साथ साझेदारी में ग्रामीण आजीविका में बदलाव ला रहा है। जो किसान पहले अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते थे, अब सतत खेती, नकदी फसलों की खेती, आधुनिक तकनीकों और जैविक प्रथाओं के माध्यम से अपनी आय में 30-40 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं। इस पहल ने 4,000 एकड़ में सिंचाई की सुविधा प्रदान की है, 15 गाँवों को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान की है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 5,000 पेड़ लगाए हैं। 1,800 से अधिक किसान और उनके परिवार 75 महिला-नेतृत्व वाले सामुदायिक उद्यमों, 65 समुदाय-आधारित संस्थानों और पांच स्मार्ट स्कूलों के गठन से लाभान्वित हो रहे हैं। सीहोर में बहु-स्तरीय खेती के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि – सीहोर के 20 गाँवों … Read more

अब भी वक्त है संभल जाओ – राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को तेज प्रताप की कड़ी चेतावनी

पटना बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को अपने छोटे भाई और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव को राज्य में होने वालेसे पहले पार्टी के भीतर ‘‘गद्दारों'' से सावधान रहने की सलाह दी। तेज प्रताप को हाल में उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। तेज प्रताप ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी दावा किया कि ‘‘कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।'' तेज प्रताप ने कहा, ‘‘मैं तेजस्वी से कहना चाहता हूं कि अब भी समय है। अपने आस-पास मौजूद ‘जयचंदों' से सावधान रहो, नहीं तो चुनाव में बहुत बुरे नतीजे देखने को मिलेंगे। अब आप कितने समझदार हैं, यह चुनाव परिणाम तय करेंगे।'' तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान औरंगाबाद की नबीनगर विधानसभा सीट से राजद विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह के चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिख रही है। इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि पंजाब केसरी नहीं कर सकी है। इस कथित घटना का हवाला देते हुए तेज प्रताप ने कहा, ‘‘मुझे समझ में नहीं आता कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने यह यात्रा लोकतंत्र बचाने के लिए निकाली है या इसे तोड़ने के लिए। जिस तरह नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक के चालक और एक मीडियाकर्मी को ‘जयचंदों' द्वारा पीटा गया और गाली-गलौज की गयी, वह अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।'' "कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे" एक अन्य पोस्ट में तेज प्रताप ने लिखा, ‘‘कुछ गद्दार मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन ये गद्दार नहीं जानते कि मेरा नाम तेज प्रताप यादव है। मैं और ज्यादा ताकत के साथ आगे बढ़ता रहूंगा। चाहे कितनी भी बड़ी साजिश रच ली जाए, मुझे कभी हरा नहीं सकते।'' मंगलवार को, तेज प्रताप ने इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पांच छोटे दलों का गठबंधन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की, जिसमें पांच दलों- विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP), भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम), प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी), वाजिब अधिकार पार्टी (डब्ल्यूएपी) और संयुक्त किसान विकास पार्टी (एसकेवीपी) — के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी उपस्थित थे।  

पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी पहल: बिहार में लग्जरी होटल और आलीशान रिसॉर्ट का निर्माण शुरू

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में कुल 16 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें राजगीर और वैशाली में फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट बनाने की योजना को स्वीकृति दी गई। कहां बनेंगे होटल और रिसॉर्ट कैबिनेट की ओर से राजगीर (नालंदा) और वैशाली में होटल और रिसॉर्ट बनाने का प्रस्‍ताव पास किया है। राजगीर में 10 एकड़ भूमि पर दो पांच सितारा होटल और वैशाली में 10 एकड़ भूमि पर एक पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं का निर्माण पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर होगा। इसके तहत जमीन निजी निवेशकों को निर्धारित अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद इनके संचालन और प्रबंधन पर सरकार निर्णय लेगी। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं में बढ़ोतरी राजगीर और वैशाली बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल हैं। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अभी तक इन जिलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले होटल कम होने के कारण पर्यटकों को दिक्कतें होती थीं। नए होटल और रिसॉर्ट बनने से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उनकी संख्या में वृद्धि होगी। पर्यटन उद्योग और रोजगार को बढ़ावा     इन परियोजनाओं से बिहार के पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलेगी।     विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।     स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।     होटल और रिसॉर्ट के आसपास आर्थिक व सामाजिक गतिविधियां तेज होंगी। बिहार का बढ़ता पर्यटन महत्व बताते चलें कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़े कई प्रमुख स्थल यहां हैं। लेकिन उच्च स्तरीय होटलों की कमी पर्यटकों के लिए चुनौती बनी हुई थी। लिहाजा सरकार अब इस कमी को दूर कर बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर उभारना चाहती है। जिसका प्रयास सरकार के स्‍तर से भी कर दिया गया है।  

667 नए आवासों से खुले बेहतर जीवन के द्वार: नगरीय विकास मंत्री ने की राजस्थान आवासन मण्डल की 5 नवीन आवासीय योजनाओं की शुरुआत

जयपुर, राजस्थान आवासन मण्डल की बहुप्रतीक्षित आवासीय योजनाओं का बुधवार को आवास भवन जयपुर में भव्य शुभारम्भ किया गया। नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन की ओर ले जाने वाला कदम है। खर्रा ने बताया कि इन 5 विशिष्ट पंजीकरण योजनाओं के तहत कुल 667 आवास/फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जो उदयपुर, बारां, बूंदी, धौलपुर और बाड़मेर जैसे जिलों में आमजन को एक बेहतर आवासीय विकल्प देंगे। मुख्य योजनाएं इस प्रकार हैं- बूंदी जिले की नैनवा आवासीय योजना, पॉकेट-A एवं पॉकेट-B में विभिन्न आय वर्ग के लिए 72 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 80 हजार से प्रारम्भ। बारां जिले की अटरू आवासीय योजना में विभिन्न आय वर्ग के लिए 189 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 60 हजार से प्रारंभ। बाड़मेर जिले की लंगेरा आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के लिए 200 स्वतंत्र आवास, लागत 8 लाख 61 हजार से प्रारंभ। धौलपुर जिले की बाड़ी रोड योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 64 फ्लैट्स, लागत 12 लाख 45 हजार से प्रारम्भ। उदयपुर जिले की पानेरिया की मादड़ी में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 142 फ्लैट्स, लागत 11 लाख 68 हजार से प्रारम्भ। इस अवसर पर मंत्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिर्फ मकान नहीं दे रही, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन का माध्यम दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को आधुनिक जीवन की समस्त सुविधाएं मिल सकें। इस कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी शिरकत की  गोदारा ने कहा की राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए आज भी पहली पसंद है। उन्होंने मण्डल की योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । उल्लेखनीय है कि मई माह में ही मण्डल ने 427 आवासों की 5 आवासीय योजना जयपुर, बारां, बूंदी और धौलपुर में शुरू की थी। शुभारम्भ समारोह में आवासन मण्डल के अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि, आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, सचिव डॉ. अनिल पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीना, प्रतीक श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक व मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आमजन के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने सपत्नीक सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रिकेटर अय्यर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वह इंदौर शहर के निवासी हैं। भेंट के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अय्यर को उनके अब तक के क्रिकेट प्रदर्शन की बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांसदों संग की चर्चा, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को लेकर मंथन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में राजस्थान के सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन चर्चा की और प्रदेश के समग्र विकास के लिए सांसदों का सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद में राजस्थान से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएं और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में राज्य की स्वीकृतियों और फंडिंग से संबंधित मामलों को सक्रियता से आगे बढ़ाएं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं को तेजी से लागू करवाने के लिए सांसदों का समर्थन मांगा। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में निवेश के बेहतर माहौल के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर तत्परता से कार्य करना होगा। उन्होंने इस दिशा में केंद्र सरकार से अधिक सहयोग प्राप्त करने के लिए सांसदों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव, भागीरथ चौधरी, राज्यसभा सांसद  मदन राठौड़, चुन्नीलाल गरासिया, घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र गहलोत, तथा लोकसभा सांसद  दामोदर अग्रवाल,  सी.पी. जोशी,  दुष्यंत सिंह,  लुंबाराम चौधरी, महिमा कुमारी मेवाड़, श्रीमती मंजू शर्मा, मन्नालाल रावत, पी.पी. चौधरी और राव राजेंद्र सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विकास की योजनाओं में राज्य सरकार के सहभागी के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। इससे पहले मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। दिल्ली में वे  संसद भवन पहुंचने जहां उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई नेताओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से भेंट की। इस दौरान शर्मा ने जयपुर में लैंग्वेज लैब स्थापित करने के विषय पर विस्तृत चर्चा की।  केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से धर्मेंद्र प्रधान से वार्षिक कार्ययोेजना के तहत प्रदेश को वित्तीय अनुदान शीघ्र जारी की मांग की। शर्मा ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की तैयारियों, आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं तथा प्रदेश में खेलों के विकास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कार्मिक एवं लोक शिकायत राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर प्रदेश के सिविल सेवकों से संबंधित एवं कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा भी की।  

अकेले वन विभाग ने अब तक राज्यभर में लगाए हैं 96 लाख पौधे

वन महोत्सव में अबतक लगे 1 करोड़ 39 लाख पौधे      अकेले वन विभाग ने अब तक राज्यभर में लगाए हैं 96 लाख पौधे  जीविका ने 10 लाख और मनरेगा से 42 लाख से अधिक पौधे लगाए गए      पटना राज्य में वन महोत्सव के अवसर पर अबतक एक करोड़ से भी अधिक पौधे लगे गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में वन महोत्सव की शुरुआत विगत 13 जुलाई को पौधरोपण करके की थी। इसके तहत आगामी तीन महीने में व्यापक स्तर पर 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन महोत्सव के दौरान सागवान, महोगनी, सेमल, जामुन, अर्जुन समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे राज्यभर में लगाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उदेश्य वनों का संरक्षण, पौधरोपण और हरित आवरण को विस्तार देना है।        पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में पौधरोपण के लक्ष्य को पाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग, जीविका समूह, मनरेगा, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के स्तर से बड़े पैमाने पर पौधे लगे है। अकेले वन विभाग के स्तर से 96 लाख पौधे लगाए गए हैं। वहीं, जीविका समूह के द्वारा 10 लाख, मनरेगा के माध्यम से 42 लाख, सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों एवं कॉलेजों से 1 लाख, 43 हजार के अतिरिक्त बागवानी एवं कृषि विभाग के स्तर से 42 हजार पौधे लगाये जा चुके हैं।        मौजूदा अगस्त महीने में ही अबतक 1 करोड़, 39 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से कोई भी किसान या व्यक्ति इन पौधों को 10 रुपये प्रति पौधे की दर पर शुल्क देकर खरीद सकता है। इन पौधों का संरक्षण अगले तीन वर्ष तक करने के बाद वन विभाग द्वारा उन्हें प्रति पेड़ 60 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। मिशन “मेरी लाईफ” के तहत आम लोगो के बीच जन जागरूकता के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। जो लोग पौधरोपण कर रहे है, उन्हें पांच पौधे मुफ्त में दिए जा रहे हैं।      प्रत्येक स्कूल के छात्र को 2-2 पौधे के अलावा सरकारी स्कूल और कॉलेज को मुफ्त पौधे दिए जायेंगे। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित पौधशालाओं में कई प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं, जिन्हें वहां से प्राप्त किये जा सकते हैं। इससे जुड़ी जानकारी देने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने एक कॉल सेंटर बना रखा है, जिसका फोन नंबर 0612-2226911 है।

राज्य के 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की मिली सौगात

ग्रामीण सड़कों के निर्माण में लक्ष्य का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण राज्य के 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की मिली सौगात 500 से कम आबादी वाले टोलों को संपर्कता देने के लिए राज्य में चलाई जा रही है मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना पटना बिहार सरकार ने ग्रामीण सड़कों के विकास को माध्यम बनाकर राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने का सफल प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (एमएमजीएसवाय) के अंतर्गत राज्य में अबतक 40 हजार 893 किमी से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि ग्रामीण कार्य विभाग ने कुल 49 हजार, 541.7 किलोमीटर सड़क के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यानी लक्ष्य का 80 प्रतिशत से भी अधिक निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया।         इन सड़कों के निर्माण से राज्य के 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की सौगात मिली है। चूंकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 500 तक की आबादी वाले टोलों को ही शामिल लिया जा सकता है। इसलिए इससे छोटी आबादी वाले टोलों को संपर्कता देने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब हर टोले को पक्की बारहमासी सड़क से जोड़ने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग जुटा हुआ है।        ग्रामीण कार्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत 49 हजार, 541.309 किमी लंबाई की कुल 33 हजार 618 किमी सड़कों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें अबतक 80 प्रतिशत से भी अधिक परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। यह राज्य में ग्रामीण संपर्कता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। ग्रामीण सड़कों की निर्माण का जिलावार आंकड़ा सड़क निर्माण की संख्या और लंबाई के आधार पर मुजफ्फरपुर जिला इस योजना के क्रियान्वयन में राज्यभर में अव्वल है। मुजफ्फरपुर के लिए निर्धारित अबतक 2830.99 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य है। जिसके विरुद्ध 2581.278 किमी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके बाद मधुबनी जिला में कुल 2455.21 किमी का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जबकि, अररिया में 2628.175 किमी के लक्ष्य के विरुद्ध 2305.858 किमी और पूर्वी चंपारण में 2770.415 किमी के लक्ष्य के विरुद्ध 2180.896 किमी सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी व्यापक सुधार दर्ज की गई है। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिला है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। साथ ही राज्य में कृषि व औद्योगिक गतिविधियों को रफ़्तार मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को मजबूती मिली है।

लव जिहाद पर सख्त होंगे CM मोहन यादव, कहा- अपराधियों को किया जाएगा खत्म

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लव जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. कहा कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है.  CM यादव नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है. रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है. बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है. अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी. बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है. CM के कार्यक्रम में लगे लव जिहाद के खिलाफ बैनर. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है. परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है. महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है.  सीएम यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे.   CM मोहन यादव के भाषण की खास बातें:-  – राज्य सरकार बहनों को शीघ्र ही, दीपावली भाईदूज से लाड़ली बहन योजना में 1500 रुपए मासिक की राशि देना प्रारंभ करेगी. – शासकीय सेवाओं में मध्यप्रदेश सरकार बहनों को 35% आरक्षण दे रही है. पीएम मोदी जी ने प्रजातांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा विधानसभा सहित अन्य संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है. अब हमारी बहनें विधायक, सांसद ही नहीं अन्य पदों पर भी निर्वाचित होंगी. – देवी अहिल्याबाई होल्कर, वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी कमलापति हमारे समाज में साहस शौर्य और सुशासन की प्रतीक हैं. – उद्योगों में काम करने वाली बहनों को विशेष रूप से गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योग में कार्यरत बहनों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है. – हाल ही में रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रूपए शगुन की राशि भी प्रदान की गई.

गंदगी देख भड़के प्रद्युमन सिंह तोमर, बोले- आज माला पहनाई, कल विदा करूंगा

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर लगातार चर्चा में बने रहते हैं. एक बार फिर मंत्री चर्चा में आ गए हैं. शिवपुरी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल में टॉयलेट में गंदगी और बदबू देख नाराज हो गए. मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए खुद ही अपने हाथों से टॉयलेट साफ किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है.  फावड़ा उठाकर की सफाई अस्पताल में टॉयलेट साफ करने के बाद जब प्रद्युमन सिंह तोमर लुहारपुरा की पुलिया से गुरज रहे थे. तब वहां लगे कचरे को ढेर को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई. फिर फावड़ा उठाकर सफाई करने में जुट गए. वहीं स्थानीय लोगों ने शहर में साफ-सफाई को लेकर मंत्री से शिकायत की.  अधिकारी को दी चेतावनी लोगों की समस्या सुनने के बाद प्रद्युमन सिंह तोमर ने मौके पर नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी योगेश शर्मा को माला पहनाई. माला पहनाकर उन्होंने कहा कि आज तुम्हें माला पहनाई है, कल सम्मान के साथ विदा कर दूंगा. मेरी बोत को गंभीरता से लेना. फिर उन्होंने सफाई मशीन बुलवाने के निर्देश दिए और मौके से निकल गए.  व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए कुछ दिन पहले जिला अस्पताल के गेट पर आदिवासी महिला की डिलीवरी और इलाज में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद प्रबंधन ने मीडिया के आने पर रोक लगा दी थी. शिकायतों के बाद मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए.  .