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हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें। बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल … Read more

रायपुर रेलवे स्टेशन पर टू-व्हीलर पार्किंग को लेकर नया विवाद, क्या हुई लोकेशन में तब्दीली?

रायपुर  क्या रायपुर रेलवे स्टेशन में टू व्हीलर पार्किंग की जगह बदल गई है ? अब कार पार्किंग के साथ टू व्हीलर भी खड़ी कर सकेत है ? तस्वरों को देखकर तो यही लग रहा है, लेकिन ऐसा है नहीं. दरअसल रायपुर रेलवे स्टेशन में टू व्हीलर पार्किंग और 4 व्हीलर पार्किंग का संचालन एक ही पार्किंग ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है. यही कारण है कि कमर्शियल विभाग के अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए अब कार पार्किंग में टू व्हीलर पार्किंग शुरू हो गई है. तस्वीरों और कार्रवाई न होना इस ओर इशारा करता है कि कमर्शियल विभाग के अधिकारियों ने संभवतः अपनी मौन सहमति दे रखी हो. जबकि यहां गाड़ी खड़े किए जाने को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. पार्किंग ठेकेदार इतने निश्चिंत हो गए है कि उन्होंने बकायदा कार एक्जिट के पार्किंग में एक फ्लेक्स भी लगा दिया है, जिसमें बड़ी चालाकी से ये लिखा गया है कि आते समय पर्ची अवश्य ले और जाते समय पर्ची अवश्य दे. अब सवाल ये है कि कार पार्किंग के एग्जिट प्वाईंट में पर्ची अवश्य ले, ये किस उद्देश्य से लिखा गया है ? और क्या ये फ्लैक्स रेलवे अधिकारियों को नजर नहीं आया!

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों का जायजा लेने CM भजनलाल शर्मा का बॉर्डर पोस्ट निरीक्षण

बीकानेर स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले, 14 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा प्रस्तावित है। सीएम खाजूवाला क्षेत्र स्थित कोडेवाला पोस्ट पर पहुंचकर बीएसएफ जवानों के बीच तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे और उनके साथ संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री यहां करीब एक घंटे रुककर जवानों से बातचीत करेंगे और सीमा पर स्थित फेंसिंग क्षेत्र का निरीक्षण भी कर सकते हैं। यह पहला मौका होगा जब भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बनने के बाद बॉर्डर पर जाकर जवानों के साथ समय बिताएंगे। बीएसएफ और जिला प्रशासन ने इस विशेष यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। कोडेवाला पोस्ट पर पहले से ही कड़ी सुरक्षा है, जिसे मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर और मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने किया निरीक्षण खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर और बीएसएफ बीकानेर रेंज के डीआईजी अजय लूथरा सहित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम के स्वागत और सुरक्षा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कोडेवाला पोस्ट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम पहले से मौजूद हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी सख़्त की जा रही है। सीएम के खाजूवाला आगमन को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। कार्यक्रम के मद्देनज़र बॉर्डर इलाक़े में प्रशासन और बीएसएफ की गतिविधियां तेज़ हो गई हैं, वहीं बीकानेर रेंज में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर हलचल बढ़ गई है।

गांधी मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल कोर्स प्रवेश शुरू, आवेदन करने की अंतिम तिथि जल्द पूरी होगी

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय गांधी मेडिकल कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। यह अवसर उन छात्रों के लिए खास है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। इन सभी कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के साथ 12वीं (PCB) पास होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 45% अंक और आरक्षित वर्ग के लिए नियमानुसार छूट दी जाएगी। यह कोर्स शामिल     डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (DMLT)     डिप्लोमा इन रेडियोग्राफी (DRT)     डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (DOTT)     डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर टेक्नोलॉजी (DETCT) आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया     प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2025 तय की गई है।     आवेदन पत्र सरकारी वेबसाइट www.gmcbhopal.net से या इस लिंक से डाउनलोड किए जा सकते हैं।     600 रुपए की आवेदन फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी, जिसकी रसीद (स्क्रीनशॉट की फोटोकॉपी) आवेदन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी।     भरा हुआ आवेदन पत्र और सभी जरूरी दस्तावेज डीन कार्यालय, गांधी मेडिकल कॉलेज (भोपाल) में 18 अगस्त 2025 की दोपहर 5 बजे तक जमा करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण और सुविधाएं इन कोर्स में विद्यार्थियों को हमीदिया अस्पताल व संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को आधुनिक उपकरण, लैब सुविधाएं और अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन मिलेगा। करियर की यह संभावनाएं पैरामेडिकल स्टाफ की मांग स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इन कोर्सों के बाद विद्यार्थी सरकारी और निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर, लैबोरेटरी और हेल्थकेयर कंपनियों में रोजगार पा सकते हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध हैं, जैसे बैचलर डिग्री और स्पेशलाइज्ड कोर्स। क्यों खास है यह मौका?     कम फीस में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण     सरकारी अस्पताल में सीधा प्रैक्टिकल अनुभव     राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने का अवसर     बढ़ते हेल्थ सेक्टर में नौकरी की गारंटी जैसी संभावनाएं  

सागर और बुंदेलखंड पर्यटन में चमकेंगे विश्व पटल पर, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किया दावा

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच और नवाचारी दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से अगले कुछ महीनों में ग्वालियर, इंदौर और भोपाल में होने वाले तीन बड़े आयोजनों से पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की नई संभावनाएं सृजित होंगी, जो विशेष रूप से सागर संभाग और बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि 29-30 अगस्त को ग्वालियर में आयोजित होने वाले संभागीय टूरिज्म कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। कॉन्क्लेव में ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में निवेश की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, कला-संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनी और स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भागीदारी इस आयोजन को और प्रभावी बनाएगी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह नवाचारी कदम मध्यप्रदेश को पर्यटन के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। दिल्ली-झांसी-जयपुर के प्रसिद्ध गोल्डन ट्रायंगल को ग्वालियर, खजुराहो और सागर के पर्यटन स्थलों से जोड़ने की उनकी योजना न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करेगी, बल्कि सागर संभाग और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक मंच पर ले जाएगी। बुंदेलखंड के ओरछा में रामराजा सरकार का मंदिर, झांसी, दतिया, चंदेरी, मैहर, खजुराहो, पन्ना टाइगर रिजर्व, वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, आबचंद गुफाएं और राहतगढ़ वॉटरफॉल जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल है। बुंदेलखंड क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्थलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की निवेशक-अनुकूल नीतियां और पर्यटन को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता मध्यप्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। ग्वालियर में होने वाले इस कॉन्क्लेव के साथ इंदौर और भोपाल में प्रस्तावित आयोजनों से पर्यटन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के पर्यटन विकास को एक नई दिशा देने वाली पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सागर संभाग और बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने से आर्थिक समृद्धि आएगी।

ग्वालियर में ज्योतिष ‘ओपीडी’ की शुरुआत, संस्कृत महाविद्यालय बना केंद्र

ग्वालियर अगर आपकी कुंडली में मंगल उग्र है, राहु-केतु नींद खराब कर रहे हैं, विवाह टलता जा रहा है या करियर की दिशा धुंधली लग रही है, तो सीधे जाएं ओपीडी! पर ये कोई अस्पताल नहीं, बल्कि संस्कृत महाविद्यालय की ज्योतिष ओपीडी है, जहां इलाज नहीं ज्योतिषीय परामर्श मिलेगा वो भी विशेषज्ञ आचार्यों से। संस्कृत की प्राचीन परंपराओं को जनसामान्य से जोड़ने के लिए शासकीय संस्कृति महाविद्यालय सत्र 2025-26 से अनूठी पहल करने जा रहा है। जहां अस्पताल की ओपीडी की तर्ज पर ज्योतिष परामर्श ओपीडी संचालित की जाएगी। इसमें लोग अपनी जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान संस्कृत के आचार्यों से पा सकेंगे। यह ओपीडी हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को संचालित होगी। ज्योतिषीय मार्गदर्शन होगा सरल इस नवाचार के तहत महाविद्यालय के 12 आचार्य ओपीडी की तर्ज पर कक्ष में बैठेंगे, जहां लोग सीधे उनसे मुलाकात कर अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं साझा कर सकेंगे। परामर्श के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा, जिससे यह सेवा आम जनता के लिए सुलभ बनी रहे।   संस्कृत ज्ञान को आधुनिक संदर्भ से जोड़ने की पहल संस्कृत महाविद्यालय की यह पहल न केवल लोगों को ज्योतिषीय समाधान प्रदान करेगी, बल्कि विद्यार्थियों और जनसामान्य के बीच संस्कृत भाषा, संस्कृति और शास्त्रों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी। महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसमें शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक परामर्श प्रणाली से जोड़ा गया है। छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव यह परामर्श सेवा एक तरफ जहां जनता को लाभ पहुंचाएगी, वहीं संस्कृत के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष परामर्श प्रक्रिया का अनुभव भी मिलेगा। इससे उनके अध्ययन को व्यवहारिक धरातल पर लाने में मदद मिलेगी।

जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर ने फेल विद्यार्थियों के लिए शुरू की आंसरशीट देखने की प्रक्रिया

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) ने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थियों के लिए उत्तरपुस्तिका अवलोकन का शेड्यूल जारी कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार, वे छात्र जो अपने परिणामों को लेकर असंतुष्ट हैं या संदेह रखते हैं, निर्धारित तिथियों और समय में अपनी उत्तरपुस्तिकाएं देख सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से फेल घोषित विद्यार्थियों के लिए रखी गई है, ताकि वे मूल्यांकन प्रक्रिया को समझ सकें और अपनी संतुष्टि के लिए अंकन की जांच कर सकें। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तरपुस्तिका अवलोकन का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। छात्र संबंधित विषय और तिथि के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में आकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।   अवलोकन कार्यक्रम के तहत     11 अगस्त : बी.ए. प्रथम सेमेस्टर (मार्च 2025)     12 अगस्त : बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)     13 अगस्त : एम.एससी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)     14 अगस्त : बी.एड., एम.एड. प्रथम सेमेस्टर (जून 2025)     18 अगस्त : एल.एल.बी. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर (जून 2025)     19 अगस्त : एम.बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर (जून 2025) जेयू प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों में परीक्षा प्रक्रिया के प्रति विश्वास कायम करना है। उत्तरपुस्तिका अवलोकन से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि उनके उत्तर किस प्रकार से मूल्यांकित किए गए हैं।  

शाजापुर तिरंगा यात्रा 14 अगस्त को, गांव-गांव जाकर दे रहे लोगों को बुलावा

शाजापुर   शाजापुर में 14 अगस्त को तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए करणी सेना परिवार जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। संगठन ने जिले के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की है। इस तिरंगा यात्रा में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर भी उपस्थित रहेंगे। यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से रविवार को नवनियुक्त जिला संयोजक भीम सिंह बना डूंगरगांव और अन्य पदाधिकारियों ने जिले के कई गांवों का दौरा किया। कार्यक्रम में टीम ने उमरिया दया, बांड़ाहेड़ी, जमलाय, टिगरिया, धीनका कुमारिया पाल, सादनखेड़ी, पचावता, दुधाना, ढंगीचा और चंदोनी सहित दर्जनों गांवों में पहुंचकर लोगों को यात्रा में शामिल होने का न्योता दिया।

त्योहार के बाद ट्रेनों में लगी मारामारी, रेलवे ने जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की स्पेशल ट्रेन सेवा

ग्वालियर रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होने के साथ ही अब वापस काम पर लौटने के लिए ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी मची हुई है। ट्रेनों में भीड़ तो चल ही रही है, साथ ही लोगों को आसानी से आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं आगामी दिनों में जन्माष्टमी के त्योहार को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। विशेष ट्रेनों का संचालन रेलवे द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मथुरा के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेन 15 से 17 अगस्त तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से दोपहर 2:45 बजे चलकर ग्वालियर शाम 5:23 बजे आएगी। वहीं मुरैना, धौलपुर, आगरा कैंट होते हुए मथुरा जंक्शन शाम 7:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित (जनरल) श्रेणी की होगी, जिससे बिना आरक्षण के यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।   यात्रियों की सुविधा के लिए होगी और ट्रेनों की घोषणा रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए और भी ट्रेनों की घोषणा की जा सकती है। दरअसल, रक्षाबंधन का त्योहार समाप्त होते ही ट्रेनों में एक बार फिर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। अब लोग अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटने के लिए स्टेशन का रुख कर रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में आरक्षित सीटें मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जिससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। रक्षाबंधन की भीड़ जैसे ही समाप्त होगी, वैसे ही ग्वालियर से मथुरा के लिए जन्माष्टमी के त्योहार की भीड़ ट्रेनों में शुरू हो जाएगी। स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी हाई अलर्ट स्वतंत्रता दिवस से पहले ग्वालियर समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) अलर्ट मोड में आ गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाएं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों को सक्रिय होकर ट्रेनों और प्लेटफार्म पर संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर निगरानी रखने के साथ ही विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा गया है।   इस क्रम में स्टेशनों पर पहले से सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए स्टेशन परिसर, रेलवे ट्रैक, यार्ड, पार्सल ऑफिस, वेटिंग हाल और फुटपाथों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण से समन्वय पर विशेष संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोक निर्माण विभाग के ध्येय “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को साकार करने की दिशा में 11 अगस्त को भोपाल स्थित रवींद्र भवन में ‘पर्यावरण से समन्वय’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी-सह प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में अखिल भारतीय संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि श्री गोपाल आर्य, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह और भास्कराचार्य संस्थान के महानिदेशक श्री टी.पी. सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यशाला में उद्घाटन-सत्र, मुख्य अतिथियों के संबोधन, तकनीकी सत्र और विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन होगा। इस अवसर पर पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें नवीनतम और टिकाऊ तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक आयोजन प्रदेश के लगभग 1500 अभियंताओं को एक मंच पर एकत्र करेगा, जिससे वे हरित और टिकाऊ निर्माण के नए आयामों से परिचित होंगे। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अभियंताओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और उनकी तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है। इस दौरान भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष उपयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N), गांधीनगर के विशेषज्ञ पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) निर्माण और जीआईएस पोर्टल पर सड़कों व पुलों की भौगोलिक मैपिंग पर विशेष प्रशिक्षण देंगे। इस तकनीकी ज्ञान से विभागीय परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में और वृद्धि होगी। यह कार्यशाला केवल तकनीकी कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण को विभागीय योजनाओं के केंद्र में लाने का ठोस प्रयास भी है। इससे प्रदेश में हरित, टिकाऊ और जिम्मेदार बुनियादी ढांचे के निर्माण को नई दिशा मिलेगी और “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की परिकल्पना को मजबूती मिलेगी।