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13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत, MP के 22 जिलों में बारिश के आसार

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

वित्त विभाग की देरी से छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में गेस्ट लेक्चरर्स पर बढ़ा निर्भरता

रायपुर राज्य में स्कूली शिक्षा के लिए पांच हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं उच्च शिक्षा में अभी तक सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। लिहाजा, इस सत्र में भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही कॉलेज चलेंगे। कांग्रेस की पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान 2019 में 1384 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती हुई थी। इसके बाद 2021 में शासकीय कॉलेजों में प्रोफेसर के 595 पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला गया। अभी तक ये भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चल रही है। वहीं सहायक प्राध्यापकों की भर्ती का प्रस्ताव अभी तक वित्त विभाग में अटका हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक वित्त विभाग को उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए पहले ही प्रस्ताव भेजा था मगर अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। सहायक प्राध्यापक के इतने पद खाली बता दें कि सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 5, 315 पद हैं। इनमें से 3,146 पद स्वीकृत हैं और 2,169 पद रिक्त हैं। इसी तरह प्राचार्य के 335 पद स्वीकृत है, इनमें आधे से अधिक पदों पर प्रभारी हैं। नियमित भर्ती नहीं होने से हर साल उच्च शिक्षा विभाग को अतिथि शिक्षकों की मदद लेनी पड़ रही है। अतिथि व्याख्याताओं को कालखंड के आधार पर वेतन नई अतिथि व्याख्याता नीति के अनुसार कॉलेजों प्रति कालखंड 40 से 45 मिनट पढ़ाने पर अतिथि व्याख्याताओं को 400 रुपये और सहायक अतिथि व्याख्याताओं को 300 रुपये मिलेंगे। यदि कोई अतिथि व्याख्याता एक दिन में चार कालखंड पढ़ाते हैं तो उन्हें प्रतिदिन 1600 रुपये मिलेंगे। महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये सैलरी उठा सकेंगे। इसी तरह सहायक अतिथि व्याख्याता भी 35,000 रुपये प्रति महीने कमा सकेंगे। खेल अधिकारी और ग्रंथपाल का वेतन 40,000 रुपये होगा। इतने पदों पर हुई थी स्कूली शिक्षकों की भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 और 2023 में क्रमशः 14,580 और 12,489 पदों का विज्ञापन जारी किया गया था। बावजूद इसके, सेवानिवृत्ति और पदोन्नति के कारण बड़ी संख्या में पद अब भी खाली हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार 15 जून 2025 तक स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2,00,180 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 30,561 पद सीधी भर्ती के लिए रिक्त हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सहायक शिक्षक के 81,721 स्वीकृत पदों में से 18,983 पद खाली हैं। सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) के 8,337 में से 1,599, शिक्षक के 61,432 में से 4,384, कृषि शिक्षक के 324 में से 150 तथा व्यायाम शिक्षक के 48,316 में से 5,445 पद रिक्त हैं। वर्तमान में भी कई विद्यालयों में एकल शिक्षक व्यवस्था चल रही है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी अधिक महसूस की जा रही है।

दुर्लभ प्रवासी परिंदे की वापसी! खैरागढ़ में दिखा ग्रेटर सैंड प्लोवर

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर प्रवासी और दुर्लभ पशु-पक्षी समय समय पर दिखते रहते हैं। खैरागढ़ में हालहीं में दो ग्रेटर सैंड प्लोवर की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह 2022 के बाद से जिले में पहला पुष्टि किया गया रिकार्ड है। तीन साल पहले प्रकृति शोध एवं संरक्षण कल्याण समिति के सदस्य दनेश सिन्हा ने इस प्रजाति का फोटोग्राफ लिया था। इस बार मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन में वन्यजीव फोट्रोग्राफर और संरक्षणकर्मी प्रतीक ठाकुर ने इस दुर्लभ पक्षी को कैद किया है। बता दें कि ग्रेटर सैंड प्लोवर, एक प्रवासी तटीय जलपक्षी, मध्य एशिया के ऊंचे और शुष्क क्षेत्रों में प्रजनन करता है और आमतौर पर सर्दियों में तटीय कीचड़ भरे मैदानों और मुहानों में पाया जाता है। छत्तीसगढ़ के अंदरूनी हिस्सों में इसकी उपस्थिति दुर्लभ है और प्रवासी मार्गों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उसी आर्द्रभूमि में अन्य प्रवासी जलपक्षी भी देखे गए, जिनमें कामन सैंडपाइपर, ग्रीन सैंडपाइपर और वुड सैंडपाइपर शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले सालों के रिकॉर्ड     रायपुर – 2017, 2019, 2021     धमतरी – 2022     बिलासपुर – 2024 वेटलैंड के संरक्षण की जरुरत वेटलैंड्स क्षेत्रों में कई प्रकार के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। जशपुर जिले में भी सावेरियन प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है। जो जलीय स्थानों के आस-पास आकर अपना डेरा डालते हैं। ऐसे में राज्य में वेटलैंडो का संरक्षण जरूरी है। इससे जैव विविधता को लाभ मिलेगा। बता दें कि खैरागढ़ से यह ताज़ा अवलोकन दर्शाता है कि अंदरूनी आर्द्रभूमियां प्रवासी समुद्री पक्षियों के लिए संभावित विश्राम स्थल के रूप में कितनी महत्वपूर्ण हैं। ठाकुर ने कहा, इन समुद्री पक्षियों के मार्गों को समझने के लिए व्यवस्थित और व्यापक सर्वेक्षण की तत्काल आवश्यकता है और इन आवासों के संरक्षण की जरूरत पर बल दिया।

इंदौर में लव जिहाद की वारदात: दोस्ती के बहाने कलमा पढ़ाया, जन्नत का दिया वादा

इंदौर मुस्लिम युवक ने सोशल मीडिया पर चैट कर हिंदू युवती को फंसाया और शादी के बहाने गुजरात ले गया। शादी के पहले उसने होटल में दुष्कर्म किया और बाद में लिखा-पढ़ी करवा ली। पूरी तरह जाल में फंस चुकी युवती का सात दिनों तक ब्रेनवाश कर इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया गया। मौलवी को बुलाकर इस्लाम की तारीफ की और कहा कि तुम्हें जन्नत मिलेगी। शादी का प्रस्ताव रखा और कहा घर छोड़ दो नंदानगर निवासी पीड़िता की तीन साल पूर्व सोशल मीडिया पर फाइटर राजपूत से दोस्ती हुई थी। वह उससे चैटिंग करने लगा। कुछ दिनों बाद उसने सोहिल राजपूत नाम बताया और घंटों तक बातचीत करने लगा। वह खुद को हिंदू ही बताता था। करीब एक साल बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा और कहा कि तुम घर छोड़ दो। युवती 3 लाख रुपये कैश, मार्कशीट, आधार कार्ड और कपड़े लेकर घर से निकल गई। 21 जून को सोहिल रेलवे स्टेशन पर मिला और वह अहमदाबाद (गुजरात) ले गया।   होटल ले गया और शारीरिक संबंध बनाए सोहिल युवती को होटल ले गया और दो दिन तक शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह नेशनल मील चाल (अहमदाबाद) स्थित घर पर ले गया। उसने गुजराती में अनुबंध तैयार करवाया और पीड़िता से हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद उसे दोस्त सेजर के रामोल क्षेत्र स्थित प्लास्टिक कारखाना पर ले गया। 3 अगस्त को सोहिल पुन: अपने घर (नेशनल मील चाल रखियाल सोमा टेक्सटाइल) लेकर आ गया। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं, इस्लाम कबूलों जन्नत मिलेगी सोहिल और उसकी मां शमा नाज फातिमा, पिता शाकीर इकबाल, भाई नदीम अख्तर, यासिर सहवर, शारिक, नदीम, भाभी गुलफ्शा, बहन शिवा जरीन मिली और एक सप्ताह तक इस्लाम धर्म के बारे में ब्रेनवाश किया गया। आरोपितों ने कहा कि इस्लाम बहुत खुबसूरत धर्म है। अल्लाह ही दुनिया में सबसे बड़ा है। अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है। धर्म और नाम बदलने का दबाव इस्लाम कबूल करोगी तो जन्नत मिलेगी। जन्नत से खुबसूरत कोई जगह नहीं है। तुमको मुस्लिम बनना पड़ेगा। सोहिल इसके बाद ही तुमसे शादी करेगा। तुम्हें धर्म और नाम तो बदलना ही पड़ेगा। आरोपितों ने घर पर ही मौलवी को बुलाया और 8 अगस्त को सोहिल के चाचा-चाची सहित रिश्तेदार शोकत राजपूत, नजाकत राजपूत, गुलजार आदी ने अन्य एकत्र होकर इस्लाम कबूल करवा कर उसका नाम सना फातिमा कर दिया। जबरदस्ती कलमा पढ़ाया गया। पीड़िता के रुपयों से कपड़े-स्कूटर खरीदे पीड़िता के तीन लाख रुपयों से सोहिल ने कपड़े, स्कूटर खरीद लिया। पीड़िता को नजरबंद रखा जाता था। एक दिन उसने सोहिल के मोबाइल में अन्य लड़कियों की चैटिंग पढ़ी तो हिंदू लड़कियों से संबंध का खुलासा हुआ। सोहिल ने खुद स्वीकारा वह इसी तरह हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उनका शोषण करता है। परिवार से मिली खबर के बाद पुलिस गुजरात पहुंची और युवती को मुक्त करवाया। शनिवार को उसके कथन लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया।

राजनाथ सिंह का डोनाल्ड ट्रंप पर तगड़ा पलटवार, बोले- सबके बॉस तो हम ही हैं

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन में रेल कोच फैक्ट्री की आधारशिला रखने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोला। इशारों में ही सही, राजनाथ सिंह ने टैरिफ वॉर के चलते बढ़ती टेंशन के बीच कहा कि कुछ लोग खुद को दुनिया का बॉस समझते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता कि सबके बॉस तो हम हैं। ट्रंप का नाम लिए बगैर रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को भारत की तरक्की पसंद नहीं आ रही है। रायसेन में अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें भारत की तेजी से हो रही तरक्की पसंद नहीं आ रही है। वे इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। 'सबके बॉस तो हम हैं'। वो सोच रहे हैं कि भारत इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रहा है और कई लोग यह कोशिश कर रहे हैं कि भारत में बनी, भारतीयों के हाथों से बनी चीजें उन देशों में बनी चीजों से ज्यादा महंगी हो जाएं, ताकि जब चीजें महंगी होंगी तो दुनिया उन्हें नहीं खरीदेगी। यह कोशिश की जा रही है। लेकिन भारत इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि अब दुनिया की कोई भी ताकत भारत को दुनिया की एक बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उस समय भारत के रक्षा उत्पाद की चीजें जो एक्सपोर्ट होती थीं,उनकी कीमत 600 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि आपको जानकर खुशी होगी कि हम लोग अब 24000 हजार करोड़ से ज्यादा के डिफेंस के उत्पाद दूसरे देशों को भेज रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है। यही भारत की ताकत है, यही नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है और निर्यात लगातार बढ़ रहा है। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद उन्होंने मान लिया था कि भारत शांत बैठ जाएगा। प्रधानमंत्री का संकल्प था कि हम इसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि धर्म पूछकर मारेंगे। हम किसी की हत्या में विश्वास ही नहीं करते हैं। हमने ठान लिया था कि हम धर्म पूछकर नहीं मारेंगे हम उनका कर्म देखकर मारेंगे और हमने कर्म देखकर मारा।  

सीएम मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावितों का हाल-चाल लिया, कहा सरकार और जनता का पारिवारिक संबंध है

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 अगस्त को आपदा प्रभावित लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा कर हालचाल जाना। उन्होंने भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ रुपये की राहत राशि दी। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों से कहा कि सरकार हर संकट में उनके साथ खड़ी है। सरकार और जनता का पारिवारिक रिश्ता है। यही वजह रही कि इतने बड़े संकट का भी सब ने मिलकर सामना किया और जिंदगियां बचा ली गईं। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों को आपदा से निपटने से लिए अग्रिम राशि भी दी गई है। ताकि, संकट के समय जनता को सरकार का साथ महसूस हो। उन्होंने जनता से बारिश में सावधान रहने की अपील भी की। सीएम डॉ. यादव ने जनता से कहा कि आने वाले सभी त्योहार खासकर स्वतंत्रता दिवस, हर घर तिरंगा को हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कबीर दास के दोहे के साथ अपनी बात समाप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। मेरे लिए भी आपकी सेवा ही ईश्वर की सेवा के समान है। सरकार और समाज अलग-अलग नहीं हैं। हम सब संकट की घड़ी में बंधु भाव के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं। आपको अगर कोई तकलीफ आएगी तो हम चैन से नहीं बैठ सकते। हमारे मन में भी समान पीड़ा होती है। मैंने कल्पना नहीं थी कि इतनी असामान्य बाढ़ आएगी। हम सभी ने बाढ़ के अलग-अलग रूप देखे हैं। इस संकट की घड़ी में कोई जिला ऐसा नहीं है, जो छूट गया हो। हम लगातार जनता के संपर्क में रहे। जहां-जहां जरूरत महसूस हुई वहां-वहां एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों को सक्रिय किया गया। 24 हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए राशि जारी सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज हमने सिंगल क्लिक के जरिये 24 हजार बाढ़ प्रभावितों के लिए 30 करोड़ की राशि जारी की है। मैंने खुद भी शिवपुरी-गुना-अशोकनगर सहित बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी हम 28 करोड़ की राशि बाड़ पीड़ितों के लिए जारी कर चुके हैं। इस तरह हमने 58 करोड़ की राशि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जारी की है। साल 2025-26 में अभी तक हम 123 करोड़ से ज्यादा की राशि आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए जारी कर चुके हैं। हमारा और आपका पारिवारिक रिश्ता है। इस आपदा की घड़ी में जिन-जिन सामाजिक संगठनों ने जनता की मदद की है, मैं उनका भी आभार मानता हूं। इस बार सामान्य से 37 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। हमारी सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। सीएम डॉ. यादव ने सुनाए दौरे के किस्से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी दौरे का किस्सा सुनाते हुए कहा कि वहां पिता-पुत्र 36 घंटों तक छत पर फंसे रहे। जब हम उनसे मिले तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि हमें लग नहीं रहा कि हम जिंदा हैं। हम बहनों को भी धन्यवाद देते हैं। गुना में उनका पूरा सामान खराब होने के बावजूद जब हम उनसे मिलने गए तो वे राखी लेकर तैयार थीं। इससे पता चलता है कि हमारे संस्कार और आत्मीय भाव कितने गहरे हैं। बहनों ने राखी बांधी, तिलक लगाया और फिर जरा सा कष्ट बताया। इस संकट का हम सभी ने मिलकर सामना किया।  

मध्यप्रदेश में 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान, स्कूलों में 3 चरणों में हो रहा संपन्न

भोपाल  प्रदेश के स्कूलों में देश प्रेम, एकता, देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान मनाया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भी जारी किये हैं।  यह अभियान प्रदेश के स्कूलों में 3 चरणों में संपन्न हो रहा है। पहला चरण 2 से 8 अगस्त तक संपन्न हो चुका है। दूसरा चरण 9 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। अभियान का तीसरा चरण 13 अगस्त से 15 अगस्त तक होगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने दिये गये निर्देशों में कहा है कि जिलों में स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों के नेतृत्व में तिरंगे के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये। बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जानकारी दी जाये। स्कूलों में एनसीसी और एनएसएस यूनिट के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाये। तिरंगा पर केन्द्रित बच्चों की रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाये। राष्ट्रीय ध्वज एवं इसके इतिहास पर स्कूलों में व्याख्यान के विशेष कार्यक्रम आयेाजित किये जायें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि स्कूलों में होने वाली तिरंगा रैलियों में बच्चों के साथ अधिक से अधिक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाये। दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों द्वारा तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर उसे www.harghartiranga.com वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाये। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गोवर्धन में मलूकपीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदास जी महाराज का लिया आशीर्वाद

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सपरिवार सुरश्याम गौशाला, गोवर्धन पहुंचे। उन्होंने मलूकपीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदास जी महाराज का दिव्य आध्यात्मिक सान्निध्य प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि महाराज जी के परम पावन सान्निध्य में बिताया गया प्रत्येक क्षण उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है, जिसने उन्हें नव आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण किया है। उन्होंने कहा कि पूजनीय संत समाज की कृपा से वे लोकमंगल हेतु निरंतर कार्यरत हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुरश्याम गौशाला में गौसेवा एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भुजरिया पर्व की दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्नेह एवं समरसता के पर्व भुजरिया (कजरिया) पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर, यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली प्रदान करे, यही प्रार्थना है।  

यूपी सरकार के रक्षाबंधन पर बस सेवा ने रचा इतिहास, 2 दिन में 50 लाख यात्रियों ने किया सफर

लखनऊ  यूपी में रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए शुरू की गई निशुल्क बस यात्रा योजना ने इस बार यात्री संख्या के नए कीर्तिमान बनाए हैं. तीन दिनों तक चलने वाली इस सुविधा को देखते हुए रात 12 बजे तक इसके 75 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बनाने की संभावना है. परिवहन निगम के अनुसार इसमें 70 प्रतिशत तक वह यात्री हो सकते हैं, जिन्हें सरकार की ओर से निशुल्क यात्रा का लाभ दिया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन के पर्व पर प्रदेश की माताओं और बहनों को बड़ी सौगात देते हुए 8 से 10 अगस्त तक परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया है. इसमें महिलाओं के साथ एक सहयात्री को भी यह सुविधा दी जा रही है.  3 दिनों में 75 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान यूपी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार सामान्य दिनों में निगम की बसों में प्रतिदिन 14-15 लाख यात्री सफर करते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर्व के शुरुआती दो दिनों में ही यह आंकड़ा 50 लाख से अधिक पहुंच गया. इनमें लगभग 70 प्रतिशत महिला यात्री थीं, जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी की ओर से दिए गए 66 घंटे के ‘सम्मान के तोहफे’ का लाभ लिया. एमडी सरवर ने बताया कि 8 अगस्त की सुबह 6 बजे से ही बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही.  पहले दिन यानी 8 अगस्त को 19.5 लाख से ज्यादा लोगों ने यात्रा की, जो सामान्य दिनों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक था. रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को तो यह संख्या 31.7 लाख के पार पहुंच गई, जो सामान्य दिनों की तुलना में 210 प्रतिशत से अधिक रही. तीसरे दिन 10 अगस्त को दोपहर 12.50 बजे तक ही 13 लाख यात्री सफर कर चुके थे और रात 12 बजे तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है. इस तरह तीन दिनों में 75 लाख से अधिक लोग बसों में यात्रा करेंगे, जो परिवहन निगम के इतिहास में अभूतपूर्व संख्या है. चलाई गईं अतिरिक्त बसें, तैनात रहे सभी कर्मचारी उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त मध्यरात्रि 12 बजे तक महिलाओं और बेटियों के लिए सभी श्रेणी की रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई. इस अवधि में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई गईं और समस्त अनुबंधित बसों को भी संचालन में लगाया गया. प्रमुख बस स्टेशनों- गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, लखनऊ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं इटावा- पर यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई.  उन्होंने यह भी बताया कि चालक-परिचालकों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू की गई है, जिसमें 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर ₹1200 का भुगतान और 6 दिनों तक लगातार कार्य करने पर अतिरिक्त ₹0.55 प्रति किलोमीटर दिया जाएगा. वहीं तकनीकी कर्मचारियों को भी प्रतिदिन उपस्थित रहने पर एकमुश्त ₹500 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. संचालन व्यवस्था बेहतर बनाए रखने वाले कार्मिकों और पर्यवेक्षकों को भी ₹5000 प्रति स्टेशन के हिसाब से सम्मानित किया जाएगा.  बहनों ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद  इस सुविधा का लाभ पाने वाली प्रदेश की लाखों महिलाओं ने इस तोहफे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक यात्री सुविधा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है, जिससे न केवल रक्षाबंधन पर्व की खुशियां बढ़ी हैं, बल्कि करोड़ों महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक यात्रा का भरोसा भी मिला है.  विगत 8 वर्षों में 1.23 करोड़ बहनों को मिला मुफ्त सफर का लाभ 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुई रक्षाबंधन पर माताओं-बहनों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की योजना बीते आठ वर्षों में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गई है. इन 8 वर्षों में 1,23,30,194 महिलाओं को इसका लाभ मिला है, जिसके लिए सरकार ने ₹101.42 करोड़ का आर्थिक बोझ वहन किया. इन वर्षों में 2023 में सर्वाधिक 29 लाख से अधिक महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की.