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राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर अपर संचालक रवीन्द्र कुमार सिंह को अपने वर्तमान दायित्व के साथ संचालक राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड और निदेशक महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का प्रभार सौंपा है। सिंह वर्तमान में सांदिपनी विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भी कार्य देख रहे हैं।  

कक्षा में टूटा प्लास्टर: एक छात्रा का सिर फटा, दूसरी को आई चोटें

मुंगेली मुंगेली विकासखण्ड में बरदुली स्थित प्राथमिक शाला भवन में बड़ा हादसा हो गया. पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा का सिर का सिर फट गया, वहीं दूसरी छात्रा को चोट आई है. जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूलों के मरम्मत व जतन के दावों की खुली पोल खुल गई, जब बरदुली स्थित प्राथमिक शाला में छत का प्लास्टर गिर गया. घटना में तीसरी कक्षा की हिमांचुका दिवाकर का जहां सिर फट गया, वहीं हंसिका दिवाकर को चोट आई है. दोनों को उपचार के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार जारी है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित

संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आश्वस्त 28 हजार से अधिक प्रभावितों को 30 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से की वर्चुअली चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से प्रदेश के 28 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावितों को 30 करोड़ की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण कर प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी, गुना, दमोह, रायसेन, छिंदवाड़ा के बाढ़ प्रभावितों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की जानकारी ली। शिवपुरी के भागचंद, मऊगंज के राधेश्याम साकेत, दमोह के हेमराज, रायसेन के गोविंद सिंह सेन, छिंदवाड़ा के चंद्रमोहन सहित गुना और अन्य जिले के बाढ़ प्रभावितों ने बताया कि इस वर्षाकाल में जैसी बाढ़ आयी, वैसी पहले कभी नहीं आयी थी। प्रशासन के द्वारा बाढ़ के दौरान हम प्रभावित परिवारों को कैम्प लगाकर रहने की व्यवस्था के साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे संस्कार ही हैं कि कष्ट की इस घड़ी में भी ग्रामीणजन अपनी बात विनम्रता के साथ कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून काल में अब तक 37 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी। उन्होंने स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रभावितों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्षाकाल में बाढ़ से निपटने के पहले से इंतजाम कर रखे थे। राज्य के मंत्रीगण और केन्द्रीय मंत्रीगण सभी से सम्पर्क बनाकर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के प्रबंधन की व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के संकट से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के जवानों की जहां आवश्यकता पड़ी, वहां सक्रिय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावितों को मदद करने में सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि शिवपुरी में दो व्यक्ति बाढ़ में 36 घंटे घिरे रहे और उन्हें प्रशासन ने बाढ़ से बाहर निकाला। इन व्यक्तियों का कहना था कि वे प्रशासन के प्रयासों से ही से बाढ़ से बाहर निकल सकें। इसी प्रकार गुना में बाढ़ प्रभावित महिलाओं से मिलने के दौरान सबसे पहले बहनों ने उन्हें राखी भेंट की। इसके बाद उन्होंने बाढ़ की बात कही। उन्होंने कहा कि बहनों ने अपने कष्ट की बात कहने से पहले राखी भेंट की, यह हमारी संस्कृति है। अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत हमें रहना है सावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा ऋतु अभी समाप्त नहीं हुई है। हमें अतिवृष्टि और बाढ़ के दृष्टिगत सावधान रहना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को 28 करोड़ रूपए की राशि पहले दी जा चुकी है, 30 करोड़ की राशि आज दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि फसल की क्षति को छोड़कर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राहत के विभिन्न मदों में अब तक 123 करोड़ की राहत राशि प्रभावितों को वितरित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उपस्थित थे। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नं-1079 पर सम्पर्क करें उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब तक 729.1 एमएम वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है, जो बहुत कम समय में तेजी से हुई। गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला एवं अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई। इस मानसून में अभी तक कुल 296 जनहानि तथा लगभग 1685 पशुहानि हुई है। साथ ही 299 मकानों पूर्ण रूप से क्षति होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 4114 मकानों में आंशिक क्षति भी हुई है। प्रदेश में अब तक 61 राहत कैम्प चलाये गये है, जिनमें 7345 लोगों को रखा गया। वर्तमान में मऊगंज में 02 राहत शिविर चालू है, जिसमें 175 लोग रह रहे हैं। प्रदेश में ज्यादातर सिंचाई डेम अभी 40 से 90 प्रतिशत के आस-पास भरे हैं एवं 04 डेम 100 प्रतिशत भरे हैं। साथ ही शासन द्वारा जनसामान्य को बाढ़ की स्थिति में 24X7 सहायता प्रदान की जाने के लिये टोल फ्री नं-1079 की व्यवस्था की गई है। 

सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को नहीं मिलेगा पेट्रोल और शराब

बालोद जिले में बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को न तो पेट्रोल पंपों में पेट्रोल मिलेगा, और न ही शराब दुकानों में शराब. सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को रोकने के लिए बालोद जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों की जीवन की सुरक्षा करना हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. इस अभियान को सफल बनाने में पेट्रोल पंप संचालकों एवं दोपहिया वाहन विक्रेताओं को महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए, उन्हें जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है. इसके अलावा कलेक्टर मिश्रा ने जिले के दोपहिया वाहन विक्रेताओं को उनके दुकानों से दोपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को दोपहिया वाहन के साथ साथ अनिवार्य रूप से हेलमेट भी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर पेट्रोल पंप के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए. मिश्रा ने जिला परिवहन अधिकारी को इस संबंध में शीघ्र जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. कलेक्टर मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर स्थित कलेक्टोरेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा जिला पंचायत एवं रक्षित आरक्षी केन्द्र में दोपहिया वाहन से कार्यालय आने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारियों के लिए भी हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. इस कार्य को सुनिश्चित कराने हेतु उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर पुलिस के जवानों की तैनातगी भी कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने कार्यालय आने वाले तथा नियमों का अवहेलना करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन के माध्यम से शासकीय कार्यालयों में आने वाले आम नागरिकों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. बैठक में सर्वसम्मति से जिले के शासकीय शराब दुकानों में दोपहिया वाहन के माध्यम से बिना हेलमेट पहने शराब खरीदी के लिए आने वाले लोगों को भी शराब की बिक्री नहीं करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि जान है तो जहान है इसलिए शराब दुकानों में भी दोपहिया वाहन में बिना हेलमेट पहने आने वाले लोगों को शराब की बिक्री प्रतिबंधित करना अत्यंत आवश्यक है. कलेक्टर मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी कर इसका शतप्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने हेतु नियमित रूप से पुलिस बल के द्वारा पेट्रोलिंग कराने तथा निर्धारित स्थलों पर पुलिस जवानों की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए. मिश्रा ने जिला आबकारी अधिकारी को परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित कर शराब दुकानों के समीप आईएसआई मार्क वाले हेलमेट दुकान प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए.

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को दीं रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि राखी का पर्व, भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का त्यौहार है। यह हमारी गौरवशाली संस्कृति के गरिमामय उत्कर्ष का प्रतीक है। भाई-बहन के पवित्र प्रेम, पारिवारिक समरसता और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राखी के पर्व पर हमें मातृ शक्ति के सम्मान, सहयोग और सशक्तिकरण में सहभागिता का संकल्प लेना चाहिए।  

विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए एसीएस को बड़ी जिम्मेदारी, संभागों का करेंगे दौरा

भोपाल  प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की प्रभावी समीक्षा और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 अपर मुख्य सचिव (ACS) और 2 प्रमुख सचिवों (PS) को विभिन्न संभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी कर दिए गए। इन्हें अब संबंधित संभागों की सभी बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा और विकास योजनाओं की सख्ती से निगरानी करनी होगी। इन वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने संभाग में मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करें और योजनाओं की प्रगति पर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके साथ ही, जिलों से संबंधित कोई विषय यदि राज्य स्तरीय समन्वय की मांग करता हो, तो वे संबंधित विभागों से मिलकर उसका समाधान निकालें और इसकी जानकारी मुख्य सचिव को दें। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल योजनाओं की जमीनी निगरानी मजबूत होगी, बल्कि संबंधित अधिकारियों की प्रत्यक्ष भागीदारी से कार्यों की गुणवत्ता और गति में भी सुधार आएगा।   जिम्मेदारी पाने वाले अधिकारी और उनके संभाग अधिकारी का नाम             पद                         संभाग डॉ. राजेश राजौरा       अपर मुख्य सचिव            उज्जैन अशोक बर्णवाल         अपर मुख्य सचिव           ग्वालियर मनु श्रीवास्तव              अपर मुख्य सचिव           चंबल संजय दुबे                     अपर मुख्य सचिव         जबलपुर नीरज मंडलोई             अपर मुख्य सचिव          नर्मदापुरम अनुपम राजन             अपर मुख्य सचिव             इंदौर संजय कुमार शुक्ल     अपर मुख्य सचिव            भोपाल रश्मि अरुण शमी          अपर मुख्य सचिव           रीवा दीपाली रस्तोगी                प्रमुख सचिव             सागर 

स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यापारियों की समृद्धि का मार्ग करें प्रशस्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रक्षाबंधन पर स्वदेशी अपनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राखी के पवित्र धागे से लेकर उपहारों तक सभी स्वदेशी लाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यापारियों की समृद्धि का मार्ग करें प्रशस्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पवित्र रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशवासियों से स्वदेशी वस्तुएं अपनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र से लेकर उपहार तक सभी स्वदेशी ही लाएं। ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र से छोटे-छोटे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यापारियों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं अपनाने से गरीबों के चेहरे पर खुशियां आएंगी।  

विकसित भारत-विकसित यूपी विजन 2047 पर मुख्यमंत्री योगी ने की उच्च स्तरीय बैठक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेंट, प्रदेश में बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्य, रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा सुविधा और आगामी विधानमंडल सत्र की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार एक दीर्घकालिक विकास योजना ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तैयार कर रही है, जो उत्तर प्रदेश के भविष्य की दिशा और विकास के रोडमैप को निर्धारित करेगी। यह दस्तावेज़ राज्य के भविष्य की दिशा तय करेगा और आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में कैसे काम होगा, इसका रोडमैप बनेगा। विधानमंडल सत्र में 24 घंटे की चर्चा, विभागों को 8 साल का लेखा-जोखा देने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बताया कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047′ के तहत आगामी विधानमंडल सत्र में इस दस्तावेज पर 24 घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है। इसके लिए सभी विभागों को बीते आठ वर्षों के काम का सारांश तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनता को बताया जा सके कि किस विभाग ने क्या काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विजन डॉक्यूमेंट में जनता की राय को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक क्यू-आर कोड जारी किया जाएगा, जिसे कार्यालयों, अस्पतालों और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा ताकि आम लोग भी अपनी राय दे सकें। बाढ़ प्रभावित जिलों में समुचित राहत और बचाव के निर्देश दिए बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम हर समय सक्रिय रहें और हर बाढ़ पीड़ित तक राहत सामग्री पहुंचे। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर घोषणा की है कि 8 अगस्त की सुबह से लेकर 10 अगस्त के रात बाहर बजे तक माताओं-बहनों को यूपी रोडवेज और नगरीय बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को पर्याप्त और फिट बसों के संचालन के निर्देश दिए। साथ ही आरटीओ और एआरटीओ को फील्ड में रहकर व्यवस्था संभालने को कहा गया है ताकि ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति न बने। अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और बेहतर संवाद के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधानमंडल सत्र में विधायकों के प्रश्नों के उत्तर तार्किक, सटीक और संतुलित होने चाहिए। उन्होंने कहा है कि विभाग प्रमुख अपने मंत्रियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और समय पर निर्णय लेकर कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं। इस बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

फंडिंग केस में फरार अनवर कादरी को पकड़वाने पर मिलेगा 2 लाख रुपये का इनाम

इंदौर  लव जिहाद मामले में फरार चल रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर इनाम की रकम बढ़ा दी गई है। पहले कादरी पर 20 हजार रुपये का इनाम था, लेकिन अब एमआईसी मेंबर और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के कट्टर समर्थक मनीष शर्मा उर्फ मनीष मामा ने 2 लाख रुपये का इनाम रखने का ऐलान किया है। उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए पुलिस ने कादरी के कई बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं और उसके घर के बाहर उद्घोषणा नोटिस भी चिपका दिया है। इसके बावजूद वह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। मनीष मामा ने कड़े शब्दों में कहा कि अनवर कादरी जैसे नालायक पार्षद ने इंदौर को बदनाम किया है। सिर्फ संपत्ति कुर्क करने से बात खत्म नहीं होगी, उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए और मोहल्लों में उसका जुलूस निकाला जाना चाहिए। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वह नगर निगम में दिखाई दिया, तो वहीं उसका जुलूस निकालेंगे। मनीष मामा का आरोप है कि अनवर कादरी हिंदू लड़कियों को टारगेट करने की गैंग चला रहा था और उन्हें मुस्लिम बनाने के लिए 2 लाख रुपये तक देता था। उनका कहना है कि कांग्रेस के लोग कादरी का साथ दे रहे हैं और यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।

अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना को हरी झंडी, यूपी के छात्र कर सकेंगे UK में मास्टर्स

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे मेधावी छात्रों को बड़ी सौगात दी है। अब प्रदेश के होनहार छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना समेत कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा दो सप्लीमेंटरी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी कैबिनेट ने ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ को हरी झंडी दी। इस योजना के तहत हर साल प्रदेश के पांच मेधावी छात्रों को UK के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में एक साल की मास्टर्स डिग्री के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। यूपी सरकार देगी UK में मास्टर्स के लिए स्कॉलरशिप, कैबिनेट ने दी मंजूरी इस योजना को यूके के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) के सहयोग से चलाया जाएगा। लाभार्थियों का चयन यूपी सरकार और एफसीडीओ के बीच होने वाले एमओयू के तहत किया जाएगा। खर्च का ब्योरा     प्रति छात्र कुल खर्च: 38,048 पाउंड से 42,076 पाउंड (लगभग ₹40 लाख)     राज्य सरकार का योगदान: 19,800 पाउंड (करीब ₹23 लाख)     शेष राशि एफसीडीओ द्वारा वहन की जाएगी     खर्च में शामिल: ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, शोध शुल्क, मासिक भत्ता, और आने-जाने का हवाई किराया (इकोनॉमी क्लास) कब से लागू होगी योजना? यह छात्रवृत्ति योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी और तीन साल तक (2025-26, 2026-27, 2027-28) प्रभावी रहेगी। 2028-29 के लिए योजना को जारी रखने हेतु 30 मार्च 2028 तक नवीनीकरण करना होगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई घरौनी को संपत्ति का वैध दस्तावेज माना जाएगा। इसके आधार पर बैंक लोन भी लिया जा सकेगा लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। प्रदेश के 62 जिलों में खराब राजकीय नलकूपों के रीबोर का प्रस्ताव पास किया गया। FRBM एक्ट की सीमा 3 से बढ़ाकर 3.5 कर दी गई। राज्य में दो नए निजी विश्वविद्यालयों को स्थापित करने की अनुमति दी गई है। यूपी सरकार के ये फैसले शिक्षा, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना सुधार की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। खासकर चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना के जरिए प्रदेश के मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सपने साकार करने का अवसर मिलेगा।