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राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बांटी सामग्री व प्रमाण पत्र

रायपुर राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया। ​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री  वर्मा शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। ​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान मंत्री  वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। ​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम

रायपुर  बाल अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Post Graduate Diploma in Protection of Child Rights (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण पहल के शुभारंभ अवसर पर सभी छह विश्वविद्यालयों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में माननीय अध्यक्ष महोदया डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने सहभागिता की। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री माननीय  टंकराम वर्मा जी भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सभी छह विश्वविद्यालयों में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर बधाई देते हुए बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता और महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने भी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर सभी छह विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों एवं संबंधित संस्थानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा, बच्चों के सुरक्षित भविष्य तथा समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में इस पहल के महत्व को रेखांकित किया। बैठक में सभी छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए साथ मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में बच्चों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। बच्चों ने बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त करते हुए प्रश्न किए। आयोग की अध्यक्ष एवं सचिव ने बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल बाल अधिकारों की समझ को व्यापक बनाने तथा बच्चों के संरक्षण के लिए संस्थागत स्तर पर प्रभावी कार्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत कक्षाएं निम्नलिखित छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ हुई हैं:- 1. पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 2. कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय 3. ⁠गहीरा गुरु विश्वविद्यालय 4. एमिटी विश्वविद्यालय 5. आंजनेय विश्वविद्यालय 6. शंकराचार्य विश्वविद्यालय सभी छह विश्वविद्यालयों की सहभागिता से ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक साझा प्रयास के रूप में आगे बढ़ेगा। इस पहल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बाल अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित बचपन की दिशा में एक सशक्त पहल।

अनुभव की विरासत को सलाम, यूपी में शतायु बुजुर्गों और वरिष्ठ अचीवर्स का हुआ सम्मान

अनुभव की विरासत को सम्मान, शतायु बुजुर्गों का बढ़ा मान अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर समाज कल्याण विभाग का विशेष समारोह, 3 शतायु और 4 वरिष्ठ अचीवर्स सम्मानित योगी सरकार में वरिष्ठजनों के सम्मान और संरक्षण को मिल रही नई मजबूती स्वास्थ्य, सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और पेंशन जैसी सुविधाओं के साथ बुजुर्गों के सम्मान को प्राथमिकता लखनऊ  अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर योगी सरकार ने वरिष्ठजनों के सम्मान और सामाजिक संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समाज कल्याण विभाग, हेल्पेज इंडिया और वरिष्ठ नागरिक महासमिति के संयुक्त तत्वावधान में गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित समारोह में 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके तीन वरिष्ठजनों को शतायु सम्मान और समाज में रचनात्मक योगदान दे रहे चार वरिष्ठजनों को ‘सीनियर अचीवर्स सम्मान’ प्रदान किया गया। 100 साल की उम्र पूरी करने वालों को शतायु सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने लल्ली देवी, रानी कपूर और सेवानिवृत्त न्यायाधीश कमलेश्वर नाथ को शतायु सम्मान से सम्मानित किया। वहीं विनोद कुमार शुक्ल, ललित सिंह पोखरिया, इतिहासकार एवं लेखक डॉ. रवि भट्ट और डॉ. किशन वीर सिंह शाक्य को सीनियर अचीवर्स सम्मान मिला। वरिष्ठजनों के अनुभव से समृद्ध होता है समाज मंत्री असीम अरुण ने कहा कि वरिष्ठजन अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से समाज समृद्ध होता है। बुजुर्गों का सम्मान केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। योगी सरकार वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। केयर इकोनॉमी को रोजगार से जोड़ने पर जोर मंत्री ने बताया कि बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में केयर इकोनॉमी को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना संचालित हैं। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एसडीएम की अध्यक्षता में भरण-पोषण अधिकरण गठित हैं। युवाओं ने लिया बुजुर्गों के सम्मान का संकल्प कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रमों की सुविधाओं पर डॉक्युमेंट्री दिखाई गई। सीएमएस, आरडीएसओ शाखा के बच्चों ने अपने मां-बाप का तू दिल न दुखा गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। युवाओं ने वरिष्ठजनों के सम्मान का संकल्प लिया। इस दौरान निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, हेल्पेज इंडिया के स्टेट हेड अनूप पंत, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, संयुक्त निदेशक आरपी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनामिका सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सेवा संकल्प अभियान के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को दिया सीपीआर प्रशिक्षण

अनूपपुर  भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा अनूपपुर द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय, अनूपपुर में नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति एवं सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. आर.पी. सोनी ने विद्यार्थियों को सीपीआर के महत्व एवं आपात स्थिति में इसकी व्यवहारिक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सीपीआर तकनीक का अभ्यास किया। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. देवेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि अचानक हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण होते हैं। सही तरीके से दिया गया सीपीआर जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि सीपीआर का प्राथमिक ज्ञान आम नागरिकों को भी होना चाहिए, ताकि चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक जरूरतमंद व्यक्ति को प्राथमिक सहायता दी जा सके। कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, जिला प्रतिनिधि कमलाकर गौतम, कार्यकारिणी सदस्य राकेश गौतम, हरिशंकर वर्मा एवं कविता सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य रेनू सिंह ने प्रशिक्षण के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों एवं प्रशिक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत बाइक रैली का चंदनघाट में आत्मीय स्वागत

अनूपपुर  ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा के तहत बाइक रैली के अनूपपुर जिले में प्रवेश पर चंदनघाट, ग्राम पंचायत लालपुर, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ में आत्मीय स्वागत किया गया। बाइक रैली में शामिल सेवा यात्रियों के पहुंचने पर स्थानीय महिलाओं ने कलश के साथ तथा नागरिकों ने गुदुम बाजा बजाकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान पुष्पवर्षा कर सेवा यात्रियों का अभिनंदन किया गया। बाइक रैली के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। गुदुम बाजा की धुन, कलश और पुष्पवर्षा के साथ किए गए स्वागत से वातावरण उत्साहपूर्ण रहा। नागरिकों ने रैली में शामिल सेवा यात्रियों के साथ सहभागिता करते हुए सेवा एवं सामाजिक सहभागिता के संदेश के प्रति अपना जुड़ाव व्यक्त किया। वडनगर से प्रारंभ हुई सेवा संकल्प यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए वाराणसी की ओर अग्रसर है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और सामाजिक सहभागिता के भाव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर नागरिकों से संवाद एवं सामाजिक सहभागिता से जुड़ी गतिविधियां भी की जा रही हैं। इस अवसर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, कलेक्टर श्री रत्नाकर झा, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष श्री हीरा सिंह श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा आम नागरिकों ने बाइक रैली में शामिल सेवा यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।

योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी के 586 PM श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी रफ्तार

योगी सरकार में 586 पीएम श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी नई गति – ₹2.34 करोड़ से उपलब्ध कराई जाएगी कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल सामग्री, बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के मिलेंगे अधिक अवसर – वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों को मिलेगा लाभ – प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि, सीखने को प्रयोग और गतिविधियों से जोड़ने पर जोर – कक्षा-कक्ष में ‘करके सीखने’ की अवधारणा को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा – विद्यालय स्तर पर सामग्री के उपयोग, गतिविधियों के अनुश्रवण और अभिलेखीकरण पर रहेगा जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए ₹2.34 करोड़ की धनराशि से कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा तथा प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि की सीमा निर्धारित की गई है। इससे 586 पीएम श्री विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे और बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे। ‘करके सीखने’ से मजबूत होगी अवधारणात्मक समझ लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने के अवसर मिलेंगे। उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स/रॉ मैटेरियल सामग्री का उपयोग विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें। 586 पीएम श्री विद्यालयों तक पहुंचेगा संसाधन महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा। इसके लिए कुल ₹2,34,40,000 का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे। गतिविधि, प्रयोग और अनुभव से सीखेंगे बच्चे इस पहल का उद्देश्य कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और अनुभवपरक बनाना है। विद्यार्थी विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझ सकेंगे, जिससे पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज एवं रोचक बनेगी। उपयोग और अनुश्रवण पर रहेगा जोर विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित एवं उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और अभिलेखीकरण का अनुश्रवण किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को भी आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। कोट: “लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से बच्चों को प्रयोग और अनुभव से सीखने के अवसर मिलेंगे। हमारा प्रयास है कि सीखने की प्रक्रिया रोचक, सहभागितापूर्ण और बच्चों की जिज्ञासा के अनुरूप बने।” संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

चंडीगढ़ में एस्टेट ऑफिस की सेवाएं हुईं डिजिटल, ‘ई-संपदा CHD’ एप शुरू

चंडीगढ़. एस्टेट ऑफिस की दो नागरिक-केंद्रित ई-पहल ई-संपदा सीएचडी मोबाइल एप और फेसलेस सेवा वितरण सुविधा शुरू हो गई हैं। राम दरबार स्थित सामुदायिक केंद्र में आयोजित समाधान शिविर के दौरान पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने दोनों सुविधाओं की औपचारिक शुरुआत की। डीसी-सह-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने दोनों पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि ई-संपदा सीएचडी ऐप के माध्यम से लोग मोबाइल से एस्टेट ऑफिस की सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। ऐप पर संपत्ति का विवरण देखने, पहले जमा आवेदन की स्थिति जांचने, बकाया राशि की जानकारी लेने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर उसका निपटान देखने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एस्टेट ऑफिस आने की जरूरत नहीं होगी। ऐप फिलहाल एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और जल्द ही आईओएस ऐप स्टोर पर भी आएगा। बिना अपॉइंटमेंट ऑनलाइन जमा होंगे दस्तावेज फेसलेस सेवा के तहत आवेदक बिना अपॉइंटमेंट लिए या एस्टेट ऑफिस आए आवेदन और दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। ये संबंधित शाखा को डिजिटल माध्यम से भेजे जाएंगे। संपत्ति संबंधी सेवाओं में आवेदन से अंतिम निपटान तक प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और आवेदक व अधिकारी के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं होगी। इससे सेवाएं अधिक पारदर्शी, कागजरहित और नागरिक-अनुकूल होने के साथ कार्यालय में लोगों की आवाजाही भी कम होगी।

पेवर ब्लॉक घोटाले में कार्रवाई की तैयारी, भिलाई निगम के उप अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण

भिलाई. नगर निगम भिलाई की परियोजना शाखा द्वारा कराए गए पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत की संयुक्त जांच में पुष्टि हो गई है। लोक निर्माण विभाग दुर्ग संभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की संयुक्त जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। लोकसभा सांसद दुर्ग विजय बघेल के माध्यम से 06 दिसंबर 2025 को आवेदक संतोष मौर्य, भाजपा जिला महामंत्री, पूर्व पार्षद वार्ड-15 अंबेडकर नगर द्वारा शिकायत की गई थी कि निगम की परियोजना शाखा में पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर कलेक्टर ने संयुक्त जांच के आदेश दिए थे। जांच में क्या मिला कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने कलेक्टर दुर्ग को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के अनुसार निगम के 29 अनुबंधों की मौके पर जांच की गई। इसमें से 21 अनुबंधों में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा मौके पर कम पाई गई। एनेक्जर-1 के कॉलम 8 में दर्शाई गई कम मात्रा के अनुसार 16,85,457 रुपए का अधिक भुगतान माप पुस्तिका में दर्ज पाया गया। जांच के दौरान 9 अधिकारी उपस्थित थे, जिसमें पीडब्ल्यूडी के अनुविभागीय अधिकारी बी.एल.पीसदा, उपअभियंता मनीष तिवारी, सविता प्रसाद और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रतीक मसीह, राकेश साहू तथा निगम के सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उपअभियंता अर्पित वंजारे, श्वेता महेश्वर, रीमा जांबुलकर शामिल थे। कलेक्टर ने दिए कठोर कार्रवाई के आदेश जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दुर्ग अभिजीत सिंह ने भिलाई निगम के आयुक्त को आदेशित किया है। उक्त समस्त कार्यों, स्थलों पर माप दर्ज करने वाले दोषी अभियंताओं तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं आधिक्य राशि की वसूली उनसे करते हुए प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उप अभियंता ने दिया स्पष्टीकरण कारण बताओ नोटिस मिलने पर निगम के जोन 1 के उपअभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा ने मुख्य अभियंता को लिखित स्पष्टीकरण दिया है। वार्ड 06 नेहरू नगर चौक प्रियदर्शिनी परिसर में वेंडिंग जोन में पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य के संबंध में उनका कहना है कि माप पुस्तिका में 378.56 वर्ग मीटर और जांच में 375.20 वर्ग मीटर पाया गया, अंतर 3.36 वर्ग मीटर का है, जिसकी राशि 2123.00 रुपये है। वर्तमान में पुनः माप पर 33.35 मी. गुणा 11.35 मी. 378.52 वर्ग मी. पेवर ब्लॉक लगा पाया गया हैं, जो एमबी के अनुरूप है। माप, वास्तविक प्रगति और तत्कालीन स्थल परिस्थिति के अनुसार की गई थी। माप की विधि और वर्तमान तिथि में अंतर, कार्य के निष्पादन परिवर्तन के कारण मामूली अंतर संभव है। किसी ठेकेदार को अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया, न निगम को क्षति पहुंचाई जांच दल ने बिना सूचना के उनकी अनुपस्थिति में मापांकन किया, वे संयुक्त पुनः सत्यापन के लिए तैयार हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख

वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा और गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं। संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।  

अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे: चौधरी भूपेंद्र सिंह

अखिलेश के खिलाफ मंत्रियों ने खोला मोर्चा, चौधरी भूपेंद्र सिंह और राजभर ने गिनाए पुराने कारनामे अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे: चौधरी भूपेंद्र सिंह सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था, अखिलेश पर चौधरी भूपेंद्र का तीखा प्रहार पीडीए मतलब परिवार, दौलतमंद और अपराधी: ओम प्रकाश राजभर ‘लोकतंत्र की देते हैं दुहाई और इमरजेंसी वाली कांग्रेस से करते हैं गलबहियां’: भूपेंद्र और राजभर लखनऊ,   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान, लोकतंत्र की रक्षा, एक्सप्रेसवे निर्माण और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयानों पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और ओम प्रकाश राजभर ने कड़ा पलटवार किया है। दोनों नेताओं ने अखिलेश यादव के बयानों को उनके पुराने राजनीतिक फैसलों और सपा सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए आड़े हाथ लिया। लोकतंत्र की दुहाई पर चौधरी भूपेंद्र सिंह का निशाना चौधरी भूपेंद्र सिंह ने अखिलेश यादव द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को 51 हजार सम्मान राशि देने के ऐलान पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की बात करने वालों को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश एक तरफ इमरजेंसी का रोना रोते हैं, वहीं दूसरी तरफ उसी कांग्रेस के साथ गलबहियां कर चुनाव लड़ रहे हैं, जिसने देश पर तानाशाही थोपकर इमरजेंसी लगाने का ऐतिहासिक पाप किया था। एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर घेरा अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे संबंधी दावों पर चौधरी भूपेंद्र सिंह ने सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकाल के दौरान सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण में हुई संगठित लूट जगजाहिर है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश के कार्यकाल में केवल एक एक्सप्रेसवे बना, जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। निजी और पारिवारिक तिजोरी भरने के लिए एक्सप्रेसवे का रूट जानबूझकर बदला गया था, और सपा इस खुली धांधली से मुंह नहीं मोड़ सकती। 'सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था' पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के दावों पर पलटवार करते हुए चौधरी भूपेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर में पत्रकार को जिंदा जलाए जाने की घटना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में एक मंत्री के खिलाफ स्टोरी करने पर पत्रकार को जिंदा जला दिया गया और बाद में अस्पताल में भी उसकी जान लेने की कोशिश हुई। उन्होंने आगे कहा कि जब अखिलेश यादव को प्रेस वार्ता में किसी पत्रकार का सवाल पसंद नहीं आता, तो वे उसकी जाति पूछने लगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्रकारों को धमकाने, सपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट करने और 'मुर्दाबाद' के उस मामले में अखिलेश की मौजूदगी और उनके इशारे पर पत्रकारों से बर्बरता की गई थी। राजभर बोले- अखिलेश की किसी बात का भरोसा नहीं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीतिक विश्वसनीयता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस के साथ गठबंधन की विफलता के बाद खुद अखिलेश ने इसे अपनी 'सबसे बड़ी भूल' करार दिया था। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जाकर जनता से कांग्रेस को वोट न देने की अपील की और उसे धोखेबाज बताया। राजभर ने उत्तराखंड उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सपा के 2,200 वोट काटने की वजह से ही कांग्रेस मामूली अंतर से हारी थी। इमरजेंसी के इतिहास पर राजभर का वार इमरजेंसी का जिक्र करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि रायबरेली से राज नारायण के चुनाव मामले में अदालत द्वारा इंदिरा गांधी को 6 साल के लिए अयोग्य ठहराए जाने के बाद कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी थोपी थी। लाखों नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को सलाखों के पीछे डाला गया। राजभर ने सवाल उठाया कि उसी कांग्रेस के साथ खड़े होकर अखिलेश किस मुंह से लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन और सम्मान देने की बात कर रहे हैं। PDA मतलब परिवार, दौलतमंद और अपराधी अखिलेश के 'पीडीए' (PDA) फार्मूले की धज्जियां उड़ाते हुए राजभर ने कहा कि इनके PDA का असली अर्थ है- 'P' से परिवार, 'D' से धनी राम यानी दौलतमंद, और 'A' से अपराधी। राजभर ने सवाल उठाया कि जिन निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहाकर, लाठियां खाकर सपा को सींचा, उनके हक को दरकिनार कर केवल धनकुबेरों और अपराधियों को तरजीह दी जा रही है। मुस्लिम व अन्य वर्गों के प्रतिनिधित्व पर सवाल राजभर ने सपा के भीतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुसलमानों के एकतरफा वोट से सपा विधायक जीतते हैं, लेकिन जब राज्यसभा भेजने की बात आती है तो मुसलमानों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्हें केवल वोट बैंक और गुलाम बनाकर रखा गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि PDA में पंडित और सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी कहां है? एक बार किसी को भेजा गया, उसके बाद उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया। डिंपल यादव के निर्विरोध चुनाव पर उठाए सवाल राजभर ने डिंपल यादव के पूर्व में हुए निर्विरोध चुनाव का उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि उस समय विरोधी प्रत्याशियों को कथित तौर पर अगवा कर जबरन पर्चे वापस कराए गए थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का सरोकार न तो पिछड़ों से है, न दलितों से, न मुसलमानों से और न ही सामान्य वर्ग से, उनकी राजनीति केवल परिवार और निजी स्वार्थ तक सीमित है।