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धीरेंद्र शास्त्री का ऐलान- सबसे पहले राजस्थान में फहरेगा हिंदू राष्ट्र का झंडा

सीकर सीकर के रैवासा धाम में चल रहे 9 दिवसीय ‘सियपिय मिलन महोत्सव’ में कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भावनात्मक और जोशीले संबोाधन में कहा कि राजस्थान की भूमि वीरों की भूमि है, यहां की मिट्टी ने महाराणा प्रताप जैसे योद्धाओं को जन्म दिया है। यही कारण है कि अगर कहीं हिंदू राष्ट्र का झंडा सबसे पहले फहराएगा तो वह राजस्थान ही होगा। उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते हुए कहा कि यहां केवल लोग ही नहीं बल्कि घोड़े और हाथी भी हिंदू परंपराओं के प्रति कट्टर समर्पण रखते आए हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने रामप्रसाद हाथी का उल्लेख किया, जिसने दुश्मनों के घर का पानी और भोजन तक स्वीकार नहीं किया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रैवासा धाम को तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए। यह भूमि केवल किशोरी जी और जानकी जी की ही नहीं बल्कि सालासर बालाजी और मेहंदीपुर बालाजी जैसे देवस्थलों की भी भूमि है। अब रैवासा धाम से यह भूमि रघुवीर की भी भूमि बन गई है। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि 7 से 16 नवंबर तक इस मुद्दे पर एक बड़ी पदयात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि हर हिंदू रोजाना एक घंटा हिंदू राष्ट्र के लिए समर्पित करे। विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा का उदाहरण दिया, जहां कन्यादान के समय दहेज में कन्या को गाय दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत को भी यह परंपरा अपनानी चाहिए। उनका कहना था कि भारत तभी हिंदू राष्ट्र बन पाएगा जब गौमाता सुरक्षित होगी और गौवध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा। पाकिस्तान पर तीखे शब्दों में निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत पर मिसाइल दागने की धमकी देता है, लेकिन भारत के पास उससे कहीं अधिक शक्तिशाली ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब छेड़ोगे तो छोड़ा नहीं जाएगा। कश्मीर तो लेंगे ही और दहेज में पाकिस्तान भी उठाएंगे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि भारत 900 किलोमीटर अंदर तक जाकर वार करने की क्षमता रखता है। अपने संबोधन में उन्होंने जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने, वेद और संत परंपरा पर विश्वास रखने और गौ-सेवक बनने का आह्वान किया। उनका कहना था कि जब गौमाता बचेगी तभी भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा और तभी हिंदू समाज सुरक्षित रहेगा।

IAS अधिकारियों के तबादले से हिला हरियाणा ब्यूरोक्रेसी, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके तहत वर्ष 2017 बैच के आईएएस विश्राम कुमार मीणा को डिप्टी कमिश्नर कुरुक्षेत्र नियुक्त किया गया है। यह पद काफी समय से रिक्त था। इससे पूर्व आईएएस मीणा नूंह के डिप्टी कमिश्नर और सीईओ मेवात डेवलपमेंट एजेंसी के पद पर कार्यरत थे।  इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इसी तरह 2018 बैच के आईएएस सचिन गुप्ता को डिप्टी कमिश्नर रोहतक नियुक्त किया गया है। वे 2012 बैच के आईएएस धर्मेंद्र सिंह का स्थान लेंगे। सचिन गुप्ता एचएसवीपी पंचकूला के एडमिनिस्ट्रेटर और अर्बन एस्टेट पंचकूला के अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात थे। वहीं, 2018 बैच के आईएएस अखिल पिलानी को आईएएस विश्राम कुमार मीणा के स्थान पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह डिप्टी कमिश्नर नूंह और सीईओ, मेवात डेवलपमेंट एजेंसी का पदभार संभालेंगे। इससे पूर्व यमुनानगर नगर निगम के कमिश्नर और जिला नगर आयुक्त थे। वर्ष 2012 बैच के आईएएस मनोज कुमार को डिप्टी कमिश्नर महेंद्रगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पूर्व वह हरियाणा स्किल डेवलपमेंट एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के विशेष सचिव थे। 

43 वोटर कार्ड जले हुए हालत में मिले, टीकमगढ़ में मंत्री आवास के पास मचा हड़कंप

टीकमगढ़  सिविल लाइन रोड पर स्थित केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार के सरकारी आवास के पास मंगलवार रात 43 वोटर आईडी कार्ड मिले हैं, कछ कार्ड जली हालत में हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन की टीम पहुंची और कार्ड को जब्त किया गया, प्रशासन ने इस मामले में वोटर आईडी कार्ड्स के दुरुपयोग होने की आशंका जताई है टीकमगढ़ कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। आईडी कार्ड्स स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी के गोल क्वार्टर के सरकारी घर के सामने मिले है। कर्मचारी के घर के पास केंद्रीय मंत्री का आवास है। आशंका है कि इन कार्ड्स का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग की किसी योजना का लाभ उठाने में किया गया हो। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी सांसद प्रतिनिधि विवेक चतुर्वेदी ने ही प्रशासन को दी है। तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, पटवारी और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने पूरे मामले की गंभीरता देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल सभी कार्ड्स प्रशासन की कस्टडी में हैं और यह पड़ताल की जा रही है कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड केंद्रीय मंत्री के बंगले के पास कैसे पहुंचे।

बम धमकी से दहला चंडीगढ़ हाईकोर्ट, चप्पे-चप्पे की तलाशी, सुरक्षा अलर्ट पर पुलिस

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-1 स्थित पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं हाईकोर्ट परिसर में सर्च भी किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं।  हाइकोर्ट को इससे पहले भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि ईमेल के जरिये यह धमकी दी गई है। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बम स्क्वायड और ऑपरेशन सेल की टीम पहुंची है। हाइकोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्च के दौरान कुछ संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस टीमें चप्पे चप्पे को खंगाल रही है।  जानकारी के अनुसार रजिस्ट्रार को धमकी भरा ई-मेल आया है। कुछ समय पहले भी बम से उड़ाने की एक मेल आई थी, लेकिन सर्च के दौरान कुछ नहीं मिला था। हालांकि पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है। हाईकोर्ट में आने जाने वाले लोगों की भी तलाशी ली जा रही है। 

अर्चना तिवारी ट्रेन से गायब, यूपी में लखीमपुर खीरी के पास नेपाल बॉर्डर से मिली पुलिस को

भोपाल/ ग्वालियर  मध्य प्रदेश में ट्रेन से गायब अर्चना तिवारी 12 दिनों बाद मिल गई है. भोपाल की रानी कमलापति थाना जीआरपी ने यूपी के लखीमपुर खीरी से नेपाल बॉर्डर के पास से अर्चना को बरामद किया है. अब टीम यहां से अर्चना को लेकर भोपाल जाएगी और पूछताछ करेगी. पूछताछ में ही पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिलेगी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग दो हफ़्ते पहले ट्रेन में यात्रा के दौरान लापता हुई महिला वकील और सिविल जज बनने की इच्छुक अर्चना तिवारी मंगलवार को नेपाल सीमा पर स्थित उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में मिलीं. रक्षाबंधन के त्योहार के लिए 7-8 अगस्त की रात को इंदौर से कटनी जा रही तिवारी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं थी और लापता हो गई थी. पूछताछ में सामने आएगा घटनाक्रम का विवरण एसपी (रेलवे) राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों ने 12 दिनों की कड़ी तलाशी के बाद आखिरकार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लखीमपुर-खीरी शहर में अर्चना तिवारी का पता लगा लिया. उन्होंने कहा कि पुलिस अर्चना को वापस भोपाल ला रही है और बयान दर्ज करने के बाद पूरे घटनाक्रम का विवरण सामने आएगा. पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली थी. उसके बाद मोबाइल फोन बंद पाया गया और संपर्क नहीं हो पाया. तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में प्रैक्टिसिंग वकील थीं. वह सिविल जज परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं. नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से गायब हुई थी अर्चना वह 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से कटनी के लिए रवाना हुईं, लेकिन अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचीं. बाद में तिवारी के परिवार वालों ने भोपाल के रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने रानी कमलापति स्टेशन से लेकर इटारसी और कटनी तक के इलाकों में सुराग तलाशे और स्टेशनों व आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले. लोढ़ा ने बताया कि तिवारी की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन थी. मैंने कभी अर्चना तिवारी को सामने से नहीं देखा  ट्रेन से 12 दिन पहले मध्य प्रदेश की अर्चना तिवारी के गायब होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है. इंदौर से कटनी के लिए निकली अर्चना तिवारी वैसे तो अब यूपी के लखीमपुर खीरी के पास से बरामद कर ली गई है लेकिन इस मामने में कई गुत्थी अब भी अनसुलझी हैं. इस केस में उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पुलिस को ग्वालियर तक भी पहुंचा दिया. वहीं से कहानी में एक नया किरदार सामने आया. वह अर्चना से डेढ़ साल से संपर्क में था और उसने ही उसके लिए टिकट भी बुक कराए थे. पुलिस ने लिया हिरासत में जांच के दौरान युवती की कॉल डिटेल में पुलिस की नजर ग्वालियर में तैनात एक सिपाही तक पहुंची. आरोप है कि इसी सिपाही ने इंदौर से ग्वालियर का टिकट बुक कराया था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने अर्चना को कभी सामने से नहीं देखा, केवल फोन पर ही बात हुई थी. उसका कहना है कि अर्चना की गुमशुदगी से उसका कोई लेना-देना नहीं है. सिपाही ने यह भी कबूल किया कि उसने बस का टिकट जरूर बुक कराया था, लेकिन ट्रेन की यात्रा से उसका कोई वास्ता नहीं था. जीआरपी ने इस आधार पर उससे लगातार पूछताछ की. पुलिस की पड़ताल और सवाल-जवाब झांसी रोड थाने में रखे गए इस आरक्षक से घंटों सवाल-जवाब किए गए. उसने बयान दिया कि उसकी युवती से केवल कोर्ट से जुड़े एक काम के सिलसिले में बात हुई थी, और वह भी महज़ एक मिनट की. उसने दोहराया कि वह उससे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिला. एडिशनल एसपी ने मीडिया को जानकारी दी कि पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि सिपाही पिछले डेढ़ साल से युवती को जानता था और फोन पर कई बार बातचीत भी हुई. उसने इंदौर से कटनी तक का बस टिकट बुक कराया था, जबकि युवती ट्रेन से यात्रा कर रही थी. यही बात जांच का अहम हिस्सा बनी. रक्षाबंधन पर घर लौट रही थी इस गुमशुदगी की कहानी की शुरुआत रक्षाबंधन के मौके से होती है. युवती इंदौर के एक हॉस्टल में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी. त्यौहार पर वह कटनी लौट रही थी. उसके पास इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस की AC कोच B3 में बर्थ नंबर 3 का रिजर्वेशन था. 7 अगस्त को वह हॉस्टल से निकली और सीसीटीवी फुटेज में भी देखी गई, जिसमें वह ऑरेंज रंग की ड्रेस पहने, बैग और झोले में सामान लेकर स्टेशन जाती हुई दिख रही है. रात करीब दस बजे उसकी चाची से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई, जब उसने बताया कि वह भोपाल के पास है. ट्रेन से गायब, मिला सिर्फ बैग 8 अगस्त की सुबह जब कटनी साउथ स्टेशन पर परिजन उसे लेने पहुंचे तो युवती वहां नहीं उतरी. उसका मोबाइल भी बंद मिला. घबराए परिजन उमरिया स्टेशन तक गए, जहां उसके मामा ने ट्रेन के कोच में तलाश की. सीट पर उसका बैग जरूर मिला, जिसमें राखी, रुमाल और बच्चों के लिए गिफ्ट रखे थे. युवती के अचानक गायब हो जाने से परिवार सकते में आ गया. जीआरपी को तुरंत सूचना दी गई. कटनी रेल पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. चूंकि आखिरी लोकेशन भोपाल की तरफ मिली थी, इसलिए डायरी भोपाल रेल पुलिस को भेज दी गई. सीसीटीवी और लोकेशन से नहीं मिला सुराग भोपाल, रानी कमलापति और नर्मदापुरम स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन युवती का स्पष्ट सुराग नहीं मिला. मोबाइल की लोकेशन नर्मदापुरम ब्रिज के पास तक मिली. इस आधार पर एनडीआरएफ ने नर्मदा नदी में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन वहां से भी कुछ हाथ नहीं लगा. इस मामले ने छात्र राजनीति से लेकर स्थानीय समाज तक हलचल मचा दी. कांग्रेस से जुड़े एक युवा नेता ने युवती को अपनी बहन बताते हुए उसकी तलाश में मदद करने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की. उनका कहना था कि हर राखी पर वह उन्हें राखी बांधती थी. आखिरकार मिला सुराग लंबे समय तक रहस्यमय तरीके से लापता रहने के बाद युवती को आखिरकार लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया. पुलिस … Read more

लेडी टीचर मनीषा की मौत रहस्य में घिरी, दिल्ली भेजी गई डेडबॉडी; हत्या या आत्महत्या पर सस्पेंस

भिवानी हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की, इसका राज अब CBI खोलेगी। सरकार ने मनीषा डेथ मिस्ट्री की जांच CBI को सौंपने का ऐलान कर दिया है।CM नायब सैनी ने कहा कि परिवार की मांग पर जांच CBI को सौंपी जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा।वहीं भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक PGI के बाद अब मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स (AIIMS) में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके लिए मनीषा की डेडबॉडी दिल्ली भेज दी गई है। वहां से पोस्टमॉर्टम होने के बाद मनीषा का उनके गांव ढाणी लक्ष्मण में अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। फिलहाल लोग धरने पर बैठे हुए हैं।हालात बिगड़ने की आशंका से पुलिस भी हाईअलर्ट पर है। भिवानी और चरखी दादरी में 19 अगस्त की सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद किया जा चुका है। गांव से 5 किमी दूर दंगा रोकू वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और 3 जिलों की पुलिस फोर्स तैनात है। पुलिस ने गांव की चारों तरफ से नाकाबंदी कर रखी है। ग्रामीणों के बंद किए रास्तों को साफ करने के लिए जेसीबी मंगा ली गई है। इससे पहले प्रशासन ने सोमवार देर रात मनीषा के पिता को अंतिम संस्कार के लिए राजी कर लिया था। मगर, मंगलवार को इसका पता चलने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने ऐलान कर दिया कि गांव में अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। इसके बाद पुलिस-प्रशासन पीछे हट गया। ग्रामीणों ने संघर्ष के लिए नई गांव कमेटी बनाते हुए आज (20 अगस्त) से पक्के मोर्चे का ऐलान कर दिया। मनीषा के पिता ने बताया कि सरकार ने हमारी मांगे मान ली है और धरना खत्म किया जाएगा। बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद पहले परिजनों के मनीषा के अंतिम संस्कार के लिए मानने की बात सामने आई थी लेकिन अब तक मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।    13 अगस्त को मनीषा का शव झाड़ियों में मिला था जिसके बाद परिवार ने रेप के बाद हत्या का शक जताया है। मनीषा का दो बार पोस्टमार्टम किया गया है। पहले भिवानी और फिर रोहतक पीजीआई में। दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर खाने से मौत का कारण सामने आया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु पहुंची ढिगावा, शव का दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम शिक्षिका मनीषा मौत मामले में बुधवार दोपहर डेढ़ बजे हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ढिगावामंडी के रेस्ट हाउस में पहुंची। जहां मनीषा मौत मामले में संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार के लोगों से बातचीत की वहीं पुलिस की अब तक इस मामले में की गई कार्रवाई को लेकर भी मंथन किया। रेनु भाटिया ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार और महिला आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। हर पहलु से मामले की जांच होगी। मनीषा को न्याय दिलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और इस मामले में हत्या या आत्महत्या दोनों ही पहलु की जांच के दौरान परिजनों की संतुष्टि कराने की भी बात कही। वहीं मनीषा के शव का तीसरी बार एम्स दिल्ली में पोस्टमार्टम पर भी भाटिया ने संज्ञान लिया।  शिक्षिका मनीषा मौत मामले में हरियाणा सरकार द्वारा सीबीआई जांच और दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी देने के बाद परिजनों का रुख नरम पड़ा है। बुधवार सुबह भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखे मनीषा के शव को लेने के लिए आईपीएस प्रतीक अग्रवाल पहुंचे। उनके साथ कमांडों और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। एंबुलेंस में मनीषा के शव को दिल्ली एम्स में रिसेपलिंग के लिए ले जाया गया है। शव के साथ एंबुलेंस में दो परिजन भी साथ गए हैं। दिल्ली एम्स में मनीषा के बिसरा सैंपल के साथ तीसरी बार पोस्टमार्टम के लिए शव से भी कुछ नए सैंपल लिए जाएंगे। जिसके आधार पर ही तीसरी बार चिकित्सकों की टीम इस नतीजे पर पहुंचेगी कि आखिर मनीषा की हत्या हुई है या फिर ये आत्महत्या है। अब तक मनीषा के दो पोस्टमार्टम हो चुके हैं। जिसमें पहला पोस्टमार्टम भिवानी जिला नागरिक अस्पताल में हुआ है। उसमें मनीषा के गले को तेजधार हथियार से काटे जाने, दोनों आगे गायब होने और श्वास व भोजन नली कटी होने की बातें सामने आई थी। इसके बाद ही भिवानी पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। पुलिस की छह टीमें भी मामले की जांच में जुटी हैं। इसी बीच रोहतक पीजीआई में भी मनीषा का दूसरी बार पोस्टमार्टम हो चुका है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों ने मनीषा की मौत जहरीला पदार्थ निगलने और शव को कुत्तों व जंगली जानवरों द्वारा नोंच खाने की बातें सामने आई थी। जिससे परिजन व ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। इसी के चलते गांव ढाणी लक्ष्मण में सोमवार देर रात से ही पक्का मोर्चा डालकर आंदोलन किया जा रहा था। इससे पहले सिंघानी के पास अनिश्चित कालीन धरना देकर परिजन शव लेने से इंकार कर रहे थे। अब हरियाणा सरकार ने तीसरी बार दिल्ली एम्स में मनीषा के पोस्टमार्टम् और मामले की सीबीलआई जांच की मांग स्वीकार की है। जिसके बाद मनीषा के शव काे दिल्ली एम्स में सैंपलिंग के लिए ले जाया गया है।  सुबह गांव में ढिगावा तक लाया गया था मनीषा का शव बुधवार सुबह मनीषा के शव को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ढिगावा तक लाया गया था, लेकिन परिजनों ने शव काे लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद वापस शव को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में वापस लाया गया। इसके बाद आईपीएस प्रतीक अग्रवाल की अगुवाई में शव को दिलली एम्स में ले जाया गया।  ढाणी लक्ष्मण में चल रहा है धरना, जुटे सैकड़ों लोग बुधवार को भी मनीषा के पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण में धरना चल रहा है। जहां भारी संख्या में लोग जुट रहे हैं। धरना पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंच रहे हैं और मनीषा की मौत में न्याय मांग रहे हैं। मनीषा की मौत को लेकर मंगलवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चंडूनी, सुरेश कौथ सहित अन्य किसान नेता भी पहुंचे थे। जिसके बाद ये मामला एक बार … Read more

परिवार से ही निकला गुनहगार! युवक की हत्या का राज PM रिपोर्ट से खुला, मामा गिरफ्तार

गरियाबंद पुलिस ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्रीपारा में युवक जयलाल की लाश मिलने के मामले में बड़ा खुलासा किया है. सोमवार को घर के बरामदे में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली थी. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी. डीएसपी और टीआई ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था. पीएम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने और गला घोंटकर हत्या का खुलासा हुआ. युवक का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका मामा चंद्राकुमार नायक ही निकला. आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला बता दें कि 18 अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र के दर्रीपारा के एक घर में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली थी. मृतक की पहचान जयलाल निषाद के रूप में हुई थी. जिसके चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले थे. स्थानीय लोगों ने उस वक्त नशे में विवाद के कारण घटना की आशंका जताई थी. मामा क्यों बना भांजे का हत्यारा ? युवक जयलाल की पीएम रिपोर्ट से सर में चोंट और गला घोट हत्या करने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू किया. संदेही मामा चंद्रकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने बताया कि शराबी भांजे आए दिन घर आकर विवाद करता था. दोनों एक ही गांव में रहते थे. ऐसे में रोज रोज के विवाद से छुटकारा पाने मामा ने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने हत्यारे मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

PM और RSS पर आपत्तिजनक कार्टून: इंदौर कार्टूनिस्ट सोशल मीडिया पर लिखेंगे माफीनामा

 इंदौर इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस से माफी मांगेंगे। विवादित कार्टून बनाने के चलते इंदौर के युवक ने हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट से मालवीय की शिकायत की थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। मालवीय ने कोर्ट में कहा कि वह आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अशोभनीय व्यंग्य चित्र बनाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माफीनामा प्रकाशित करेंगे। मालवीय की ओर से पैरवी कर रहीं एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के समक्ष मालवीय का पक्ष रखा। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की युगल पीठ कर रही है। पीठ ने मालवीय को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा अगली सुनवाई तक बढ़ा दी। वकील ने कहा- सोशल मीडिया से हटा देंगे कार्टून एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट के समक्ष कहा, "पहले के आदेश के अनुसार माफ़ीनामा पहले ही प्रस्तुत कर दिया है। यह कार्टून सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। मालवीय अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी माफ़ीनामा प्रकाशित करेंगे।"बता दें कि एक माह पहले 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मालवीय की जमानत पर सुनवाई करते हुए उनके द्वारा प्रकाशित कुछ कार्टूनों पर नाराजगी व्यक्त की थी। अब केस की सुनवाई अगले हफ्ते होगी। कोर्ट ने कहा- 10 दिन में माफीनामा प्रकाशित करें मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि जांच जारी रहने के कारण पोस्ट को हटाया नहीं जाना चाहिए। नटराज ने कहा कि माफ़ीनामा सोशल मीडिया पर इस वचन के साथ प्रकाशित किया जाए कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेंगे। जांच में सहयोग कर सकते हैं। पीठ ने सहमति जताते हुए कहा कि मालवीय 10 दिनों के भीतर माफ़ीनामा प्रकाशित करें। विवादित कार्टून का ये है मामला एफआईआर के अनुसार, मालवीय के कार्टून में आरएसएस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को शॉर्ट्स उतारे हुए और प्रधानमंत्री मोदी को इंजेक्शन लगाते हुए दिखाया गया था। इस कार्टून से भावनाएं आहत होने पर इंदौर के विनय जोशी ने पुलिस से शिकायत कर दी थी। पोस्ट में कथित तौर पर भगवान शिव से जुड़ी टिप्पणियां भी थीं, जिन्हें उच्च न्यायालय ने "अपमानजनक" पाया।

मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 23 जिलों में अलर्ट; भोपाल में झमाझम, नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खुले

भोपाल  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम समेत 23 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। भोपाल में सुबह से रुक-रुककर पानी गिर रहा है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 5 गेट 5-5 फीट तक खोले गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून टर्फ, डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी होने से मध्यप्रदेश में अगले चार दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी। आज नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। तवा डैम ओवरफ्लो, 5 गेट से छोड़ा जा रहा पानी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर 1164.10 फीट तक पहुंच गया है। डैम के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आज बुधवार 20 को सुबह 6:30 बजे से 13 में से 5 गेट को 5-5 फीट तक खोल दिया है। तवा परियोजना संभाग इटारसी के कार्यपालन यंत्री के अनुसार, इन गेटों से लगभग 43,010 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। यह इस सीजन में दूसरी बार है जब डैम के गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर वर्षा जारी है। प्रशासन ने तवा और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें नदी के किनारे न जाने की चेतावनी भी दी गई है।तवा डैम के एसडीओ एन के सूर्यवंशी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नर्मदापुरम जिले में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय हो गया है। मंगलवार शाम को अच्छी बारिश हुई और बुधवार सुबह से भी लगातार बारिश जारी है। पचमढ़ी और सारणी क्षेत्र में बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 1164.10 फीट पहुंचा  मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस साल 18 जून को मानसून ने जिले में दस्तक दी थी। जिले का कुल कोटे का 55 प्रतिशत यानी 29 इंच बारिश जुलाई में ही हो चुकी थी। अगस्त माह में अब तक कम बारिश हुई थी। अब तक जिले में औसतन 39 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग ने बाकी अगस्त में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे औसतन बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है। 20 दिन बाद खोले तवा डैम के 5 गेट तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर बारिश और जल आवक को देखते हुए बुधवार सुबह 6:30 बजे डैम के 5 गेट 5 फीट तक खोले गए। 31 जुलाई को गेट बंद कर दिए गए थे। 20 दिन बाद गेट दोबारा खोले गए हैं। प्रशासन ने लोगों को दी सलाह प्रशासन ने तवा डैम और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की सलाह दी है। जिले में 38.40 इंच औसत बारिश जिले में 18 जून को मानसून ने दस्तक थी। जून से 19 अगस्त तक जिले में 38.40 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जुलाई माह में ही औसतन 29 इंच से ज्यादा बारिश हुई। अगस्त में उम्मीद के मुताबिक अबतक कम बारिश हुई है। मंगलवार को करीब 1 घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। जिससे शहर के जय स्तंभ चौक, गांधी प्रतिमा तिराहे के सामने सड़क पर पानी भरा गया।    

लापरवाही की इंतहा! वैन में भेड़-बकरियों की तरह भरे बच्चे, हादसे में मची चीख-पुकार

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में आज सुबह स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो गया. यहां एक स्कूली वैन में भेड़-बकरियों की तरह बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान वैन अंनियंत्रित होकर खेत में पलट गई. जानकारी के मुताबिक हादसा चेरा गांव पारा में हुआ और वैन में करीब 30 बच्चे सवार बताए जा रहे है. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को वैन से बाहर निकाला. हादसे में कुछ बच्चे घायल हुए है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. यह वैन महादेवपुर स्थित मॉडल पब्लिक स्कूल की बताई जा रही है . बच्चों ने बताया कि वे स्कूल की छुट्टी के बाद घर जा रहे थे तभी ये हादसा हो गया. अब इस मामले में डिंडो चौकी पुलिस जांच कर रही है कि, ये वैन स्कूल की है या निजी ट्रेवल एजेंट की. हालांकि इस हादसे ने ट्रैफिक पुलिस पर भी सवाल खड़े कर दिए है, क्योंकि यदि एक मारूति वैन जिसमें 5-7 लोग ही बैठ सकते है ऐसे में कैसे इसमें 30-30 बच्चों को ले जाया जा रहा था ?