samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपण

जयपुर, मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली के जोधपुर हाउस में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बिल्व का पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिल्व जैसे पौधे धार्मिक और औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत इस वर्ष दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अब तक साढ़े सात करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में हरियाली तीज के दिन ढाई करोड़ पौधे लगाकर एक रिकॉर्ड बनाया है जो प्रदेशवासियों की पर्यावरण के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। श्री शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण सिर्फ एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को हरित भविष्य देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हरियालो राजस्थान अभियान को और अधिक गति देने का आह्वान किया।

योगी आदित्यनाथ का हमला: 2017 से पहले नौकरियां बिकती थीं, मेरिट का नहीं था मूल्य

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में होने वाली भर्तियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हावी था। उस दौरान पैसों का लेन-देन, बोली और भेदभाव ने नौजवानों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 1,494 सहायक परिचालकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम ने चयनित कई अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र वितरित किए।  उन्होंने कहा कि 2017 के पहले दंगे, अराजकता, गुंडागर्दी और आतंकी घटनाएं बढ़ गयीं और जनता में असुरक्षा का माहौल बन गया। कभी अयोध्या, काशी और लखनऊ की कचहरी में हमले होते थे तो कभी आतंकी हमले। इस दौरान सीआरपीएफ कैंप रामपुर को भी निशाना बनाया गया। वहीं वर्ष 2017 में डबल इंजन की सरकार बनने पर सबसे पहले भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती बोर्ड का सुदृढ़ीकरण किया गया। इसी का परिणाम है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक पुलिस की भर्ती और सरकारी नौकरी देने वाले राज्यों में पहले स्थान पर है। अब तक हमारी सरकार साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर चुकी है, जो पूरे देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में जो ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, वे सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं हैं, बल्कि एक नई पहचान, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन चुके हैं। वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस में 2 लाख 17 हजार 500 से अधिक कार्मिकों की निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की जा चुकी है, जो देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी, तो सबसे पहले भर्ती बोर्ड को मजबूत करने का काम किया गया। यह तय किया गया कि यदि किसी ने नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ किया तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। आज पूरे देश में उत्तर प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया नजीर बन गयी है। सीएम ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के बाद निवेश भी बढ़ा, जिससे करीब 2 करोड़ युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के अवसर मिले। वही नहीं, आउटसोर्सिंग, टेक्नोलॉजी और नीति-निर्माण के सहयोग से उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2017-18 में पहली भर्ती हुई तो ट्रेनिंग क्षमता बेहद सीमित थी, लेकिन अब राज्य में 60,244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था उत्तर प्रदेश पुलिस के ही ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स में की जा रही है। पहले जहां सिर्फ 3,000 कार्मिकों की ट्रेनिंग हो पाती थी, आज वही संख्या 60 हजार के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी जिले में सबसे ऊंचा और बेहतर भवन पुलिस का बैरक होता है। प्रदेश के 10 जिलों में जहां पहले पुलिस लाइन नहीं थी, वहां नए पुलिस लाइन और मुख्यालय बनाए गए हैं।  वर्ष 1971-72 से लंबित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को डबल इंजन की सरकार ने लागू किया। अब तक 7 नए पुलिस कमिश्नरेट बनाए गए हैं, जिससे पुलिसिंग में आधुनिकता और जवाबदेही दोनों बढ़ी है। योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस एक मॉडल फोर्स बन चुकी है, जो दंगा मुक्त, अराजकता मुक्त और सुरक्षित प्रदेश की पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण महाकुंभ जैसे आयोजन में देखने को मिला, जहां पुलिस के समर्पण और व्यवहार ने इसे सफल बनाया। उन्होंने पुलिस बल को याद दिलाया कि जनता की नजर सिर्फ उनके कार्य नहीं, बल्कि उनके व्यवहार पर भी होती है।  वहीं पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल में 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। इसी के तहत टेलीकॉम विभाग में चयनित 1,494 अभ्यर्थियों में करीब 300 बेटियों का चयन हुआ है। वहीं आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में अग्निवीर को 20 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का निर्णय किया गया है। इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवा पुलिस बल का हिस्सा बन सकेंगे। सीएम ने महाकुंभ में दूरसंचार विभाग के उत्कृष्ट कार्यों का प्रशंसा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था किसी भी पुलिस फोर्स की रीढ़ होती है। 25 करोड़ की आबादी वाला प्रदेश में कम्युनिकेशन और टेलीकॉम पुलिस की जिम्मेदारी कहीं कम नहीं होती। उन्होंने कुंभ के दौरान टेलीकॉम पुलिस के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की और टेक्नोलॉजी को पुलिसिंग का अनिवार्य अंग बताया।

सचिन पर लगा पितृत्व का दावा, DNA रिपोर्ट के बाद रघुवंशी परिवार में उठे सवाल

 इंदौर मेघालय हनीमून मर्डर केस से सुर्खियों में आया इंदौर का रघुवंशी परिवार अब एक नए विवाद के केंद्र में आ गया है। मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की पत्नी होने का दावा करने वाली एक महिला ने सचिन को अपने बेटे का जैविक पिता बताया है। इतना ही नहीं, उस महिला ने अपने दावे के समर्थन में एक कथित डीएनए रिपोर्ट भी सार्वजनिक की है। महिला के इस सनसनीखेज खुलासे ने इंदौर के सबसे चर्चित मामलों में से एक को लेकर चल रही कानूनी और भावनात्मक लड़ाई में एक नया आयाम जोड़ दिया है।  महिला ने 1 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए भावुक स्वर में कहा कि डीएनए टेस्ट से पुष्टि होती है कि सचिन रघुवंशी ही उसके बेटे का पिता है। उसने दावा किया कि सचिन ने उससे एक मंदिर में पूरे रस्मों-रिवाज के साथ शादी की थी। उसके पास शादी के वीडियो और तस्वीरें भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ये तस्वीरें भी दिखाई । आंखों में आंसू भरकर महिला ने कहा, “मेरे बच्चे को जानबूझकर ठुकरा दिया गया। यह न केवल मेरा अपमान है, बल्कि मेरे बच्चे का भी अपमान है। आज मेरा बच्चा दर-दर भटक रहा है। सचिन को अब जवाब देना होगा।" इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया : महिला उसने कहा, "अगर सचिन ने सही ढंग से शादी की होती और हमारे रिश्ते को स्वीकार किया होता, तो हमें इस अपमान से नहीं गुजरना पड़ता।" उसने आगे कहा कि उसने इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। मैंने जब भी न्याय की मांग की, तो परिवार ने हर बार मुझसे मुंह मोड़ लिया और मेरा अपमान किया। महिला ने आगे कहा कि अब उसने अपने बेटे को मान्यता और कानूनी अधिकार दिलाने की उम्मीद में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसने कहा, “मुझे विश्वास है कि हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा।” राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई रहस्यमयी मौत के बाद से रघुवंशी परिवार पहले से ही सुर्खियों में बना हुआ था। सचिन पर लगे ताजा आरोपों ने इस मामले में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। साथ ही परिवार पर नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। 

यूपी में ड्रोन पर कड़ा पहरा: प्रमुख सचिव और डीजीपी को कमान, NSA और गैंगस्टर एक्ट से होगी सख्ती

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ड्रोन के जरिये दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम योगी के कार्यालय ने दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (NSA)भी लगाया जाएगा। कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि बिना अनुमति के ड्रोन चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव और डीजीपी को हर जिले में ड्रोन संचालन की समीक्षा करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदूषण बोर्ड का दावा – जले कचरे से नहीं फैल रहा कैंसर, लोगों की चिंता फिर भी बरकरार

भोपाल / पीथमपुर  पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा जलाया गया। कचरे को रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट किया गया है। कचरा जलाने के बाद इसके गंभीर परिणाम भविष्य में सामने आने की बात सामने आई थी। जिसको लेकर खूब सियासत भी हुई थी। इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने दावा किया है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे में किसी भी प्रकार का कैंसर कारक पेस्टीसाइड एवं इनसेक्टीसाइड नहीं मिले हैं। मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित बोर्ड के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार मंडरई ने बताया कि कैंसर के मुख्य कारण अवशिष्ट के भस्मक जलाने के बाद राख में नहीं थे। इसमें हेवी मैटल्स की मात्रा भी बहुत सीमित पाई गई। उन्होंने बताया कि पीथमपुर प्लांट में जलाए गए वेस्ट के बाद उत्पन्न हुई राख में किसी भी रसायन का रिसाव भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित नहीं कर सकेगा। साथ ही भूमिगत जल प्रभावित होने की संभावना भी नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इससे कोई खतरा नहीं है और इसकी 30 सालों तक मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इस बात को लेकर लोगों के मन में भय भोपाल गैस त्रासदी के पीथमपुर में नष्ट किए गए जहरीले कचरे को लेकर लोगों के मन में इस बात की दुविधा है कि कहीं इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बुरा असर न पड़े। इसी कारण स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था। हालांकि प्रशासन ने बार- बार आश्वत किया है कि कचरे को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों के मेधावी बच्चों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही है। यहां अध्ययन का अलग ही महत्व है। उन्होंने कहा कि वे उज्जैन में पहली बार पत्रकारों के मेधावी बच्चों के सम्मान के कार्यक्रम में उपस्थित होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मेधावी बच्चों से खूब पढ़ने और उज्जैन के साथ ही मध्यप्रदेश और देश का नाम रौशन करने की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सिटी प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा आयोजित समारोह में पत्रकारों के 50 से अधिक मेधावी बच्चों का सम्मान करने के बाद संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को पुष्पमाला पहनाई और सम्मान पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम को सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष शैलेंद्र कुल्मी ने संबोधित करते हुए इस अवसर को पत्रकारों और उनके परिवार को संबल बताया। इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्प समय में प्रदेश में जो विकास कार्य प्रारंभ किए हैं, वह अद्वितीय हैं। उन्होंने कहा कि आज के युग में शिक्षित होने के साथ-साथ प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है और जब पत्रकारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ते हैं, तो यह पूरी पत्रकार बिरादरी का सम्मान होता है। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, मुकेश यादव, रवि सोलंकी, दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।  

मोदी-योगी का नाम लेने की मिली थी धमकी? साध्वी प्रज्ञा का बड़ा आरोप

 भोपाल भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट से बरी होने के बाद रविवार को पहली बार मध्य प्रदेश के भोपाल में अपने आवास पर पहुंचीं। इस दौरान साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि उन्हें पीएम मोदी, सीएम योगी और मोहन भागवत समेत कई बड़े लोगों के नाम लेने के लिए मजबूर किया गया था। जब उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि उन्होंने मुझे बड़े नेताओं के नाम लेने के लिए मजबूर किया। मैंने वो नाम नहीं लिए; मैंने वैसा नहीं किया जैसा वो चाहते थे। मैं दबाव में नहीं आई और मैंने किसी का भी नाम नहीं लिया, किसी को झूठा नहीं फंसाया… इसलिए, उन्होंने मुझे प्रताड़ित किया। उन नामों में विशेष रूप से मोहन भागवत, राम माधव, प्रधानमंत्री मोदी, योगी आदित्यनाथ, इंद्रेश कुमार और अन्य नेता शामिल थे…” उन्होंने आगे कहा, “मैंने बार-बार यह कहा है कि परमबीर सिंह बहुत निकृष्ट और अदम व्यक्ति है क्योंकि उसने हर सीमा पार की है, हर कानून को तोड़ा है और कानून से बाहर जाकर मुझे प्रताड़नाएं दी हैं। अकेले परमबीर सिंह ने ही नहीं बल्कि मुझे सभी एटीएस अधिकारियों ने प्रताड़ित किया है… मुझे गैर कानूनी तौर पर 13 दिनों तक रखा और 11 दिनों की पुलिस हिरासत में रखा गया। इस प्रकार से मैं 24 दिनों की पुलिस कस्टडी में रही और एटीएस की प्रताड़नाएं झेलती रही।” भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए एनआईए कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने पर भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा ने कहा, "भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं। समाज और देश ने उन्हें करारा जवाब दिया है। अदालत का फैसला बिल्कुल स्पष्ट है। यह उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जिन्होंने इसे 'भगवा आतंकवाद' कहा… उन्होंने इसे पहले भी 'भगवा आतंकवाद' और 'हिंदू आतंकवाद' कहा है। महाराष्ट्र के चव्हाण (पृथ्वीराज चव्हाण) ने 'सनातन आतंकवाद', 'हिंदुत्व आतंकवाद' पर बात की है। वे एक ही श्रेणी के लोग हैं। वे सभी कांग्रेस के सदस्य हैं।" साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, "सत्य की जीत हुई है, जो सुनिश्चित थी क्योंकि धर्म और सत्य हमारे पक्ष में था। सत्यमेव जयते! मैंने यह पहले भी कहा था और अब यह सिद्ध हो गया है। विधर्मियों के, देशद्रोहियों के मुंह काले हुए हैं, उन्हें जवाब मिला है। देश हमेशा धर्म और सत्य के साथ है और हमेशा रहेगा।" एनआईए कोर्ट ने 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में हाल ही में साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

MP में निलंबन पर हाई कोर्ट की सख्ती, विधायक के दबाव को माना अनुचित प्रभाव

 जबलपुर   हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने महिला विधायक के दबाव में किए गए सहकारी बैंक के सीईओ के निलंबन को अनुचित पाकर निरस्त कर दिया। इसी के साथ अविलंब बहाल करने के निर्देश दे दिए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि याचिकाकर्ता का निलंबन आदेश शक्तियों का दुरुपयोग करके महिला विधायक के दबाव में पारित किया गया है। ट्रांसफर का मामला दरअसल, गांधीग्राम शाखा से सीधी शाखा ट्रांसफर किए गए एक क्लर्क के तबादले को रद कराने के लिए यह कवायद की गई। विधायक ने इस मामले में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपने अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग किया है। याचिकाकर्ता सीधी निवासी राजेश रायकवार की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की गांधीग्राम शाखा के एक क्लर्क का सीधी तबादला किया था। याचिकाकर्ता पर लगाया यह आरोप इससे नाराज होकर महिला विधायक (याचिका में रीति पाठक का नाम न होने की वजह से हाई कोर्ट ने यही शब्द इस्तेमाल किया) ने पांच जून, 2025 को फोन पर पहले याचिकाकर्ता को डांटा व धमकाया। इसके बाद याचिकाकर्ता पर आरोप लगाया गया कि उसने विधायक, प्रभारी मंत्री प्रदीप जायसवाल व सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के विरुद्ध अभद्र भाषा का इस्तेमाल करके अपशब्द कहे हैं। फिर विधायक के साथ दो और विधायकों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जिले के प्रभारी मंत्री के जरिए 10 जून, 2025 को याचिकाकर्ता को निलंबित करा दिया। 

9वीं कक्षा में ITI शुरू, 10वीं होते ही विदेश भेजे जाएंगे छात्र—MP सरकार ने खोली अंतरराष्ट्रीय नौकरी की राह

भोपाल  मध्यप्रदेश में पहली बार अब कक्षा 9वीं के साथ आईटीआई होगी। इसका फायदा यह होगा कि 10 वीं पास करने के साथ ही स्टूडेंट के हाथ में नौकरी होगी। अब उसे नौकरी नहीं करनी है तो दूसरा ऑप्शन 12वीं तक डिप्लोमा करने का रहेगा। इतना ही नहीं स्टूडेंट सीधे इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर में एडमिशन ले सकेंगे। इसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गई है। 10वीं पास करते ही विदेश में नौकरी के अवसर मिलेंगे। रूस ने 1.5लाख जॉब ऑफर किए है। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को ड्युअल अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट आठ ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। इसमें ईवी मैकेनिक ट्रेड के तहत स्टूडेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल की ट्रेनिंग ले सकेंगे तो प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मेसन, ड्रेस डिजाइन, स्विंग टेक्नोलॉजी, वायरमैन के साथ रेफ्रिजरेशन एंड एसी ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। ट्रेंड विद्यार्थियों को रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फाॅर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" का मतलब है कि ये बोर्ड न केवल अपने पारंपरिक प्रमाण पत्र जारी करेंगे, बल्कि एनसीवीईटी के साथ मिलकर भी प्रमाण पत्र जारी करेंगे. इससे छात्रों को दोहरी मान्यता प्राप्त होगी और उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ओपन बोर्ड अब एक बार में दो कोर्स करा सकेगा जिसमें स्टूडेंट 9वीं और 10 वीं की पढ़ाई जारी रखते हुए आईटीआई भी कर सकेंगे। इसे दोहरा सर्टिफिकेट कोर्स नाम दिया गया है। इसके तहत न केवल 9वीं और 10 वीं की परीक्षा हो जाएगी, बल्कि वे आईटीआई भी कर सकेंगे। इसके बाद 11–12 वीं करते हुए डिप्लोमा पूरा हो जाएगा। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। स्टूडेंट के पास विदेश जाने का मौका इस योजना के तहत पास होने वाले ट्रेंड विद्यार्थियों को दूतावास के माध्यम से रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे सर्विस करके अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। तिवारी बताते हैं कि ओपन स्कूल के रूस स्थित भारतीय दूतावास से चर्चा हो गई है। चर्चा में रूस में डेढ़ लाख मेसन (राजमिस्त्री) की जरूरत बताई गई है। शिक्षामंत्री के विधानसभा क्षेत्र से शुरुआत प्रदेश में इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत गाडरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सांईखेड़ा में होने जा रही है। सांईखेड़ा के शासकीय स्कूल में आठों ट्रेड के लिए लैब स्थापित की जा रही है। यह स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र में है। इसके साथ इस मॉडल आईटीआई में 100 स्टूडेंट के रुकने की व्यवस्था भी होगी। यहां एक्सपर्ट थ्योरी के साथ–साथ लगातार प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग भी देंगे। ऑनलाइन टीचिंग, 15–15 दिन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पायलट प्रोजेक्ट के तहत विधानसभा क्षेत्र के 300 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थियों को 9वीं–10 वीं के साथ आईटीआई करने का मौका मिलेगा। इसकी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से स्कूली विषयों के साथ कराई जाएगी, वहीं प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए साल में दो बार 15–15 दिन आईटीआई में रहकर प्रैक्टिकल का मौका मिलेगा। स्टूडेंट मॉडल आईटीआई बिल्डिंग के छात्रावास में रहकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। 15–15 दिन के दो सत्रों में स्टूडेंट अधिक ट्रेनिंग ले सकेंगे। इसके लिए हर दिन 12– 12 घंटे का ट्रेनिंग शेड्यूल बनाया गया है। फीस नहीं भरने वाले भर सकेंगे बॉन्ड आईटीआई की फीस जहां 25 हजार होती है, वहीं स्टूडेंट पढ़ाई के साथ 15 हजार रुपए में आईटीआई कर सकेंगे। इस योजना का प्रारूप बनाते समय इस बात की व्यवस्था भी की गई है कि आर्थिक रूप अक्षम होने के चलते कोई तकनीकी कौशल सीखने से वंचित ना हो। योजना के तहत ऐसी व्यवस्था की गई है कि फीस नहीं भर सकने वाले स्टूडेंट से एक बॉन्ड भरवाया जाएगा। बॉन्ड भरने वाले स्टूडेंट से पढ़ाई पूरी होने के बाद एक साल काम कराया जाएगा जिससे फीस की प्रतिपूर्ति हो जाएगी। मल्टी एंट्री, मल्टी एग्जिट पॉलिसी भी है योजना केवल फीस के मामले में लचीली नहीं है, बल्कि पूरी पॉलिसी को इस तरह बनाया गया है कि विद्यार्थी इसमें अलग–अलग स्तर पर प्रवेश लेकर और निकलने के विकल्प चुन सकते हैं। इसे मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट नाम दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया … Read more

सागर में एक ही परिवार की आत्महत्या के पीछे गहरी पारिवारिक कलह, जांच में खुली परतें

 सागर  खुरई के ग्राम टीहर में पति, सास और दोनों बच्चों द्वारा जहर खाकर की गई सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मां व उसके प्रेमी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला कायम कर लिया है। दरअसल घटना के एक माह पहले महिला की जवान बेटी ने मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद महिला ने घर में क्लेश मचाया और पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद पति, सास व बेटा व बेटी ने एक साथ जहर खाकर खुदकशी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खुरई थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 जुलाई की रात करीब पौने बाहर बजे टीहर गांव में मनोहर उसकी 70 वर्षीय मां फूलरानी, 18 वर्षीय बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकशी कर ली थी। घटना के समय मनोहर की पत्नी 41 वर्षीय पत्नी द्रौपदी घर पर नहीं थी। पत्नी को मायके भेज दिया मनोहर ने उसे मायके भेज दिया था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला था, जिसमें उनकी मृत्यु बाद संपत्ति के बंटवारे का जिक्र किया गया था, साथ ही उस संपत्ति में मां को कोई हिस्सा न देने की बात का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद से ही पुलिस को पत्नी पर संदेह हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घर वालों के साथ ही पत्नी के बयान भी लिए। जिसमें यह बात सामने आई कि घटना के एक माह पहले बेटी शिवानी ने अपनी मां को घर में भैंस बांधने वाले स्थान पर गांव के ही 39 वर्षीय सुरेंद्र पिता घनश्याम लोधी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, लेकिन बेटी ने कुछ नहीं कहा। इसके 15 दिन बाद बेटी ने जब फिर दोनों को संबंध बनाते देखा तो उसने अपनी मां को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, जिसके बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। पति और सास ने समझाया था, पर नहीं मानी पति और सास ने द्रौपदी को बैठाकर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, उल्टे पति व सास को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने आरोपित घनश्याम लोधी को भी समझाया, लेकिन उसने मनोहर की समाज में बदनामी करने की धमकी दी। इसके बाद पति, सास और दोनों बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या करने का निर्णय लिया। पुलिस ने खुरई शहर थाना में मर्ग जांच के बाद 107, 108, 3, 5, बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। शनिवार को महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया, जहां से घनश्याम को खुरई और महिला को सागर केंद्रीय जेल में भेज दिया है।