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धर्मनगरी उज्जैन को मिलेगी नई पहचान, 220 करोड़ की लागत से स्थापित होगी भव्य श्रीकृष्ण मूर्ति

उज्जैन. उज्जैन, जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप मूर्ति के रूप में देश को एक नई पहचान देने जा रहा है। ‘श्री महाकाल महालोक’ के बाद यहां एक और भव्य धार्मिक-पर्यटन परियोजना आकार लेने जा रही है। परियोजना, 220 करोड़ रुपये की है, जिससे उज्जैन विकास प्राधिकरण यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप धातु की मूर्ति स्थापित करेगा। 30 एकड़ क्षेत्र विकास की इस परियोजना में मूर्ति के साथ अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और विशाल हरित पर्यटन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि मूर्ति का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व प्रसिद्ध 182 मीटर ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू आफ यूनिटी) के शिल्पकार पद्मभूषण राम वनजी सुतार के पुत्र एवं ख्यात आर्किटेक्ट डा. अनिल राम सुतार करेंगे। लगभग 30 फीट ऊंचे पेडस्टल पर स्थापित होने वाली यह प्रतिमा भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप को दर्शाएगी और इसके देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा बनने की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में आर्किटेक्ट अनिल सुतार उज्जैन और विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी से मिले। बैठक में मूर्ति के स्वरूप, उसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तथा पूरे परिसर के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि प्रतिमा को ऐसा स्वरूप दिया जाएगा जो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप, उनके दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर विकसित होगा परिसर योजना के अनुसार यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी क्षेत्र से लगी लगभग 30 एकड़ भूमि को एक विशेष धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां हरित परिदृश्य, आकर्षक उद्यान, दर्शक दीर्घा, भ्रमण पथ और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रतिमा परिसर में स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग का भी प्रावधान रखा गया है। इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव परियोजना का प्रारंभिक खाका और वित्तीय प्रस्ताव तैयार हो चुका है। करीब 220 करोड़ रुपये की इस योजना को अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी। महाकाल लोक के बाद यह परियोजना शहर के लिए एक और बड़ा आकर्षण बन सकती है। यदि योजना निर्धारित स्वरूप में साकार होती है तो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप की यह प्रतिमा देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा के रूप में स्थापित हो सकती है। यह भी जानिये उज्जैन, मध्यप्रदेश शासन की ‘श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना’ में शामिल है जिसके तहत 81 करोड़ रुपये से मंगलनाथ रोड स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम (वह स्थान जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की) और 120 करोड़ रुपये से महिदपुर के नारायणा धाम का विकास एवं सुंदरीकरण कार्य भी होना है।

अब राजस्व रिकॉर्ड के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, CM साय शुरू करेंगे नई हेल्पलाइन सेवा

रायपुर. सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को गरियाबंद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा को और बढ़ा रहे हैं। जब डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब इसकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अब 400 से अधिक सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है। जनता अपने मोबाइल में ऐप के माध्यम से प्रमाण-पत्र और राजस्व रिकॉर्ड घर बैठे प्राप्त कर सकेगी। सीएम साय ने कहा, इसी महीने हम लोग मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ करने जा रहे हैं। एक टोल-फ्री नंबर जनता के पास होगा, जिसके लिए हमारा कार्यालय तैयार है और 100 से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित होकर कार्य के लिए तैयार हो चुके हैं। सीएम ने कहा, आज इस देश का सौभाग्य है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।पहले यूपीए की सरकार लगातार 10 वर्षों तक रही और उस समय के प्रधानमंत्री एक बड़े अर्थशास्त्री माने जाते थे। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक लगभग 10वें स्थान के आसपास बनी रही, लेकिन जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो अपने अथक परिश्रम, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के बल पर उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा, 13 जून को हमारी सरकार के ढाई साल पूरे होने वाले हैं। इन ढाई वर्षों में कहीं भी कोई अपराध हुआ है तो उसकी सख्ती से जांच की गई है और आवश्यक कार्रवाई की गई है। कोई भी दोषी है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

सीकर-बीकानेर में बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश

 जयपुर राजस्थान में शन‍िवार देर शाम हुई बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई. आज से प्रदेश का मौसम करवट लेने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में सक्रिय परिसंचरण तंत्र के कारण जारी आंधी बारिश का दौर अब थमने की संभावना है. हालांकि आज प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है. बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत सीकर और बीकानेर में दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया. दिनभर की तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दोपहर के समय जहां तापमान बढ़ने से सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर रहे. शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में बादल छा गए. तेज हवाओं के साथ फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, सीकर शहर, धोद सहित इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस की. मौसम विभाग की ओर से भी आज प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी गई है. इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा,डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़,सवाईमाधोपुर, सीकर,चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है.   कल से गर्मी से मिलेगी राहत सोमवार से आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी. इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है. यानी 8 जून के बाद गर्मी से मिली राहत खत्म होने वाली है और एक बार फिर हिटवेव की चेतावनी है.  कल प्रदेश में बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है.   46 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 8 से 11 जून के बीच कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, तथा कहीं-कहीं लू चलने की भी संभावना है.

रोशन आनंद के बाद खान सर पर कानूनी शिकंजा, अग्रिम जमानत की तैयारी

पटना पटना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मशहूर शिक्षक खान सर और रोशन आनंद के बीच का विवाद अब कानूनी रूप से गंभीर मोड़ ले चुका है. रोशन आनंद को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, वहीं अब खान सर की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं. उनके खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस पूरे मामले को लेकर बिहार तक के संवाददाता शुभम निराला ने पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता यश माथुर से खास बातचीत की. एडवोकेट यश माथुर ने बताया कि खान सर पर जो धाराएं लगाईं गईं हैं, वे काफी गंभीर हैं और इनमें सजा का प्रावधान भी कड़ा है. उन्होंने बताया कि इस केस में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत सार्वजनिक स्थान पर हथियार के इस्तेमाल को लेकर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें अधिकतम 2 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. इसके अलावा धारा 27 के तहत हथियार के इस्तेमाल को लेकर कम से कम 3 साल की सजा हो सकती है. वहीं धारा 35 के तहत संयुक्त जिम्मेदारी (Joint Liability) भी तय की जा सकती है. सबसे गंभीर पहलू यह है कि हत्या के प्रयास जैसी धारा भी जोड़ी गई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है. हालांकि, एडवोकेट यश माथुर ने यह भी स्पष्ट किया कि खान सर को अग्रिम जमानत मिल सकती है. लेकिन यह पूरी तरह अदालत के विवेक और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा. फिलहाल इस पूरे मामले में आगे क्या कानूनी मोड़ आता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. फैजल खान नहीं करेंगे सरेंडर इधर, खबर सामने आई है कि मामले फैजल खान (खान सर) सरेंडर नहीं करेंगे. इसकी जानकारी फैजल खान के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने दी. वकील के मुताबिक हम अग्रिम जमानत मांगेंगे. क्योंकि खान सर के गार्ड्स ने आत्मसुरक्षा में गोली चलाई थी. इस फायरिंग से किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है. वहीं फैजल खान के वकील से जब पूछा गया है कि क्या खान सर कोर्ट पहुंचे हैं तो उन्होंने कहा कि खान सर कोर्ट क्यों पहुंचेंगे?

प्री-SIR जांच ने बढ़ाई सियासी हलचल, जालंधर की चार विधानसभा सीटों पर असर के संकेत

जालंधर. जालंधर में चल रही प्री-एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के शुरुआती चरण में बड़ी संख्या में मतदाताओं का डाटा 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा पाया है। शुरुआती फिल्ट्रेशन में 3,03,529 ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनकी पुरानी सूची में पुष्टि नहीं हो सकी। चुनावी भाषा में इन्हें “अनमैप्ड वोटर” कहा जा रहा है। सबसे ज्यादा गड़बड़ी शहर की चार विधानसभा सीटों—नॉर्थ, सेंट्रल, वेस्ट और कैंट—में सामने आई है। इन चारों हलकों में कुल 1,94,339 मतदाता फिलहाल अनट्रेस बताए गए हैं। प्री-एसआईआर की प्रगति और आंकड़े जिले में प्री-एसआईआर का काम अब तक 81.67% पूरा हो चुका है। कुल 16,50,212 पंजीकृत मतदाताओं में से 13,46,683 के रिकॉर्ड 2003 की सूची के साथ सफलतापूर्वक मैप किए जा चुके हैं। इस दौरान करीब 2.85 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां भी सामने आई हैं, जिनमें पता, उम्र या अन्य विवरण शामिल हैं। शहरी सीटों पर घट-बढ़ से बदल सकते है खेल जालंधर की शहरी विधानसभा सीटों पर अक्सर जीत-हार का अंतर 5 से 15 हजार वोट के बीच रहता है। ऐसे में यदि 1.94 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में संशोधन, सत्यापन या नाम कटौती होती है, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। फिलहाल सेंट्रल और वेस्ट सीट आम आदमी पार्टी के पास हैं, जबकि नॉर्थ और कैंट कांग्रेस के कब्जे में हैं। शहरी इलाकों में भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक भी प्रभावशाली माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि अनमैप्ड मतदाताओं में बड़ी संख्या प्रवासी परिवारों, किरायेदारों या नए वोटरों की हुई, तो सभी दलों की रणनीति में बदलाव तय है। प्रवासी मतदाता बने बड़ी चुनौती जालंधर नॉर्थ, सेंट्रल और वेस्ट इलाकों में बाहरी राज्यों से आकर बसे लोगों की संख्या काफी है। कई मतदाताओं का वोट अब भी उनके मूल राज्यों में दर्ज है, जबकि कुछ ने वर्षों में कई बार पता बदला है। ऐसे में मतदाता सूची का शुद्धिकरण आगामी चुनावों से पहले अहम राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। यदि घर-घर सर्वे के दौरान भी अनमैप्ड मतदाताओं की पुष्टि नहीं हो पाती, तो चुनाव विभाग की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। 7 जून को सभी पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे (सुबह 10 से शाम 4 बजे), जहां बीएलओ 2003 की सूची से मैपिंग में मदद करेंगे। 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। एसआईआर के तहत यह फॉर्म भरना अनिवार्य है; फॉर्म न भरने पर नाम ड्राफ्ट वोटर सूची में शामिल नहीं होगा। मतदाता स्वयं भी जानकारी और सहायता के लिए voters.eci.gov.in का उपयोग कर सकते हैं। पंजाब में चुनाव आयोग पंजाब ने एसआईआर प्रक्रिया की तारीखों में बदलाव किया है- प्रारंभिक प्रकाशन: 3 अगस्त 2026 दावे व आपत्तियां: 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 निपटारा/नोटिस चरण: 3 अगस्त से 28 सितंबर 2026 अंतिम प्रकाशन: 1 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ दौरे पर राष्ट्रीय OBC आयोग की अध्यक्ष, मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल डेक्का संग होंगी बैठकें

रायपुर. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति आज अपने पहले छत्तीसगढ़ दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचीं। पदभार ग्रहण करने के बाद प्रदेश के इस पहले आधिकारिक दौरे के मुख्य उद्देश्यों को बताया। साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ में आयोजित मछुआरा समाज के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां आई हैं। इसके साथ ही वे प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों, उनकी स्थिति और उनके हक को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगी। OBC आरक्षण को लेकर कही बड़ी बात छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लागू 14% और तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा पारित किए गए 27% आरक्षण विधेयक के सवाल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल के साथ मेरी उच्च स्तरीय बैठक होनी है, जिसमें प्रदेश की विभिन्न समस्याओं और ओबीसी समाज के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यदि राज्य सरकार इस संबंध में आयोग से कोई सिफारिश करती है, तो आयोग के माध्यम से भारत सरकार को उचित सिफारिश और प्रस्ताव भेजा जाएगा।

भाजपा नेत्री की संदिग्ध मौत: झगड़ा शांत कराने गईं, पिस्टल से चली गोली बनी जानलेवा

जबलपुर. रांझी थाना क्षेत्र के पुराने शोभापुर में शनिवार रविवार मध्य रात्रि गोली लगने से घायल हुई भाजपा नेत्री संगीता रजक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कुछ दिनों पहले भाजपा नेत्री संगीता रजक (38) के घर में बदमाशों ने बम फेंके थे, जिसके बाद से लगातार वहां तनाव का माहौल बना हुआ था। संगीता गोकलपुर वार्ड से गत नगर निगम चुनाव में भाजपा की पार्षद पद की प्रत्याशी रही हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार की देर रात उनके घर के बाहर शोर हो रहा था। घर के पुरूष शोर सुन दरवाजे की तरफ भागे। इसी दौरान संगीता भी अपनी लायसेंसी बंदूक लेकर निकली। घर की गैलरी में अचानक गोली चलने की सुनाई दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य जैसे ही वहां पहुंचे, तो संगीता घायल पड़ी हुई थी। पेट से काफी खून बह रहा था। परिजन तत्काल उसे लेकर एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर चले इलाज के बाद दम तोड़ दिया। परिजन ने बताया गया की कुछ दिन पहले उनके घर में कुछ बदमाशों ने बम चलाया था, तो सुरक्षा की दृष्टि से अपनी लायसेंसी 12 बोर बन्दूक पास में रखते थे। रात 1 बजे के लगभग घर के बाहर कुछ हलचल सुनाई दी, तो संगीता के पति बंटी रजक घर के बाहर निकले। पति को बन्दूक देने के लिए संगीता कमरे से बाहर निकल रही थी, तो बरामदे में अचानक बंदूक से गोली चल गयी। वह संगीता के पेट में लग गयी। हॉस्पिटल पहुंचने के बाद संगीता को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच कर रही है। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन देर रात हुए विवाद और गोली चलने की परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। पार्षद चुनाव लड़ चुकी थीं संगीता संगीता रजक भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्षद चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई थीं। उनके पति बंटी रजक भी विधायक प्रतिनिधि रह चुके हैं।

तीसरी राज्यसभा सीट बनी चर्चा का केंद्र, भाजपा के पत्ते बंद; कांग्रेस ने की विधायकों की किलेबंदी

भोपाल. मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल शनिवार को नामांकन दाखिल कर चुके हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भी मैदान में हैं। लेकिन सबसे अधिक चर्चा तीसरी सीट को लेकर भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर हो रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने शनिवार को विधायक दल की बैठकें आयोजित कर मतदान प्रक्रिया, वोट की वैधता और चुनावी रणनीति पर अपने-अपने विधायकों को प्रशिक्षण दिया। हालांकि भाजपा ने तीसरी सीट को लेकर अपने पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय नेतृत्व के संकेत मिलते ही अंतिम समय में कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाया जा सकता है। भाजपा ने रणनीति रखी गोपनीय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि पार्टी फिलहाल केवल दो सीटों पर चुनाव लड़ रही है और तीसरे प्रत्याशी को उतारने की कोई योजना नहीं है। इसके बावजूद पार्टी के भीतर से मिल रहे संकेत बताते हैं कि तीसरी सीट को लेकर मंथन जारी है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा की रणनीति अंतिम समय तक गोपनीयता बनाए रखने की है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून होने के कारण राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि सोमवार को कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आ सकता है। इससे पहले वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कह चुके हैं कि यदि पार्टी तीसरा प्रत्याशी उतारती है तो उसे जिताने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की चिंता उधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन मौजूद रहीं, लेकिन बैठक में अपेक्षित उत्साह और गर्मजोशी दिखाई नहीं दी। पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने और मतदान तक किसी भी तरह की टूट-फूट रोकने में जुटा हुआ है। यही वजह है कि पार्टी लगातार अपने विधायकों के साथ संवाद बनाए हुए है। 2016 जैसा दांव दोहराने की चर्चा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा यदि तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारती है तो यह रणनीति वर्ष 2016 की याद दिला सकती है, जब पार्टी ने विनोद गोटिया को तीसरी सीट पर उम्मीदवार बनाया था। हालांकि तब उन्हें सफलता नहीं मिली थी, लेकिन इस बार बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच भाजपा संभावनाओं को परख रही है। राज्यसभा चुनाव के अंतिम चरण में अब सभी की नजरें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। यदि तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतरता है तो चुनावी मुकाबला और रोचक हो सकता है।

छात्रों के लिए नया नियम: अब 8वीं-12वीं के रिजल्ट में होगी पूरे साल के प्रदर्शन की गणना

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एजुकेशन सिस्टम में कुछ बदलाव किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार सैशन 2026-27 के लिए 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के फाइनल रिजल्ट में साल भर होने वाली सभी परीक्षाओं के अंक जोड़े जाएंगे। जी हां, बोर्ड ने राज्य के सभी स्कूलों को उक्त आदेश जारी कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार साल 2026-27 के लिए 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा का अंतिम निर्णय अब बाइमंथली एग्जाम, टर्म एग्जाम, प्री-बोर्ड एग्जाम के नंबरों के साथ होगा। इसके लिए छात्रों को सालभर अच्छा प्रदर्शन करके दिखाना होगा ताकि साल के अंत में फाइनल रिजल्ट उनका अच्छा आए। बता दें कि उक्त आदेश बोर्ड ने सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, सहायता प्राप्त एफिलिएटिड और एसोसिएटिड मान्यता प्राप्त स्कूलों को जारी किए हैं। गौरतलब है कि पहले भी बोर्ड ने उक्त आदेश जारी किए थे लेकिन प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से प्री-बोर्ड एग्जाम आदि के नंबर लगा देते थे। बता दें कि अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि बोर्ड ने साफ आदेश जारी किए हैं कि समय-समय पर सभी बच्चों के प्रत्येक परीक्षा के अंक साइट पर अपलोड किए जाएंगे। इतना ही नहीं इन सभी अंकों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा ताकि कल को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इतना ही नहीं सभी स्कूलों को रिजल्ट आने के बाद कम से कम 3 साल तक सारा डाटा संभाल कर रखना होगा। बोर्ड की फ्लाइंग टीम या कोई भी टीम किसी भी समय स्कूलों में पहुंचकर उक्त डाटा चैक कर सकती है। बोर्ड द्वारा उक्त कदम इसीलिए उठाया गया है ताकि बच्चे सालभर पढ़ाई पर ध्यान दें और साल के अंत में फाइनल एग्जाम दौरान रट्टा मारकर पास होने की कोशिश न करें। इसके अलावा इस प्रक्रिया से ड्रॉपआउट में भी कमी देखने को मिलेगी। साथ ही जो स्कूल अपने चहेते छात्रों को अपनी मर्जी से नंबर दे देते हैं इस पर भी रोक लगेगी और हर छात्र अपनी मेहनत के हिसाब से अंक हासिल करेगा जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और होनहार छात्रों का हौंसला भी बढ़ेगा।  

चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के महाअधिवेशन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय, कई मुद्दों पर करेंगे संबोधन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रविवार काे रायपुर और धमतरी जिले में आयोजित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री निवास, रायपुर से धमतरी के लिए रवाना होंगे। धमतरी पहुंचकर वे दोपहर करीब 1:30 बजे क्षेत्रीय चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय क्षेत्रीय चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री रायपुर लौट आएंगे। इसके बाद शाम 4 बजे वे बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के बाद शाम 5:15 बजे तक मुख्यमंत्री निवास लौटने का कार्यक्रम है। साध्वी निरंजन ज्योति आज आएंगी रायपुर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति 7 जून को रायपुर के एक दिवसीय आधिकारिक प्रवास पर रहेंगी. साध्वी निरंजन ज्योति रविवार को नई दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगी. वे राज्य अतिथिगृह रायपुर में पिछड़ा समाज के प्रतिनिधिमंडल से भेंट करेंगी. वे रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात करेंगी. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष दोपहर दो बजे बूढ़ापारा स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में पिछड़ा वर्ग संगठन के सामाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन में शामिल होंगी.