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भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण विषय पर हुआ सत्र

हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, कार्बन क्रेडिट, स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषय पर हुई चर्चा भोपाल  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हुये सत्र में मध्यप्रदेश ग्रोथ कान्क्लेव 2025 के अंतर्गत "भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण" सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन प्लानिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, हरित बुनियादी ढांचे का विकास, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण स्मार्ट सिटी एवं नागरिकों की भागीदारी विषयों पर विचार मंथन किया। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी ने कहा है कि सरकार नीतियों एवं चुनौतियों को सुदृढ़ करते हुये हरित नगरों का विकास कर सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास जारी है। शहरों का विकास इस तरह से करना चाहिए कि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। सत्र में कार्यकारी निर्देशक सीएसई सुश्री अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि समुदाय हरित विकास की योजना बनाने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने में सक्रिय सहभागिता करते है। अधोसंरचना तत्परता के लिये भवन निर्माण एवं वाहन क्षेत्र में उचित वेस्ट मैनेजमेंट किया जाना चाहिए। रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान देना चाहिये। रीएनर्जी डायनेमिक्स प्राइवेट के सीईओ और सह-संस्थापक श्री वरुण कराड ने कहा कि भविष्य उन्मुखी शहरों का निर्माण किया जाना चाहिए जो अगले कई सालों तक यथावत रहे। ग्रीन बॉन्ड ,कार्बन क्रेडिट एवं पीपीपी मॉडल इस ओर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वर्बियो इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार ने बायो फ्यूल में पीपीपी मॉडल, नीति आधारित समावेशी प्रबंधन विषयों पर चर्चा कर निजी क्षेत्र में तकनीकी अनुभव, प्रमाणित तकनीक एवं प्रमाणीकरण की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है । एसएस गैस लैब एशिया के सदस्य आईएफजीई अध्यक्ष नेट जीरो,लघु उद्योग भारती की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जयंती गोएला ने तीव्र औद्योगिक विकास के दौर में ट्रांज़िशन तकनीकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए ऐसी तकनीकों के विकास पर बल दिया जिनसे कार्बन फुटप्रिंट को नियंत्रित किया जा सके। ईकेआई एनर्जी उपाध्यक्ष और वैश्विक व्यापार विकास के प्रमुख श्री सिद्धात गुप्ता ने नेट जीरो लक्ष्य, सस्टेनेबल प्लानिंग, कार्बन क्रेडिट मॉनिटरिंग आदि विषयों पर चर्चा की। सत्र के अन्त में पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे शहरीकरण पर अपने विचार रखें ।  

मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी हुई बैठक

भोपाल  मंत्रालय वल्लभ भवन क्रमांक-1 के रेनोवेशन संबंधी बैठक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। वर्तमान में इस भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित 19 विभाग कार्य कर रहे हैं। बैठक में विभागों के स्थान परिवर्तन पर विचार-विमर्श किया गया। जीर्णोधार एवं उन्नयन में अग्निशमन, विद्युत, लिफ्ट, शौचालय, एयर कंडीशन, फर्नीचर की व्यवस्था एवं उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखे जाने पर बल दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अपर सचिव, उपसचिव सहित कार्यपालन यंत्री, उपस्थित थे।  

अनियंत्रित होकर खाई में गिरी गाड़ी, पांच मजदूरों की मौत, सीएम साय ने जताया दुख

कबीरधाम आज बह करीब छह बजे कबीरधाम जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आगरपानी के पास एक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई है। ये गाड़ी शहडोल (एमपी) की तरफ से पंडरिया आ रही थी। इस हादसे में गाड़ी में बैठे पांच मजदूरों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। घटना स्थल पहाड़ी इलाका होने के कारण शवों व घायलों को निकालने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि घाट में 50 फीट गहरी खाई है, इसी में वाहन गिर गया। कुछ घायल फंसे हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। मौके पर कुकदूर थाना की पुलिस पहुंची हुई है। घायलों को कुकदूर के सरकारी अस्पताल में लाया गया। जानकारी के मुताबिक, तीनों घायलों की हालत गंभीर है, जिसे कवर्धा जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बता दें कि ये वही क्षेत्र है जहां बीते साल मई माह में पिकअप खाई में गिर गई थी, उस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। कवर्धा जिला अस्पताल में तीन गंभीर रूप से घायल को लाया गया था, जिसमें में दो की मौत हो गई है। वही, एक अन्य को रायपुर रेफर किया जा रहा है। अब मौत के आंकड़े तीन से बढ़कर 5 हो गए है। घटना पर सीएम साय ने जताया दुख     कवर्धा जिले के आगरपानी के पास हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों के दु:खद निधन और चार अन्य के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।     ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। ब्रेक फेल होने के कारण हुआ हादसा इस हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच के अनुसार ब्रेक फेल के कारण हादसा होना बताया जा रहा है। कुकदूर थाना से मिली जानकारी अनुसार शहडोल (एमपी) से बेमेतरा जा रही बोर गाड़ी ग्राम चांटा थाना कुकदूर के पास ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित होकर घाटी में गिर गई। जिससे घटनास्थल पर  तीन लोगों की मौत हो गई थी। घायल 6 लोगों को तुरंत इलाज के लिए कुकदूर अस्पताल भेजा गया था, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है। चालक हरि वलगन (तमिलनाडु) और वाहन मालिक किशोर तंगवेल (तमिलनाडु) है। वही, मृतकों के नाम भी पुलिस ने जारी किए है, जिसमें गजेंद्र राम पिता रंगू राम उम्र 30 वर्ष निवासी ठेठे टांगर बरा गजोर थाना कुनकुरी, सुभाष राम पिता बलदेव उम्र 25 वर्ष ग्राम बरागजोर थाना कुनकुरी, हरीश पिता चंद्राराम उम्र 19 वर्ष जाति भुईहर ग्राम बरागजोर थाना कुनकुरी, देवधर पिता देवभोराम उम्र 45 वर्ष निवासी नारियरढार कोका भरी थाना भन्सानेल, ये सभी जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) के है। राज उम्र 50 वर्ष निवासी तिर चूमगोड़ थाना नामकल जिला नामकल तमिलनाडु निवासी है। मृतक के परिजनों को जानकारी दे दी गई। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम होगा।  

स्कूलों के विलय पर हाई कोर्ट की मुहर, जनहित याचिका एक बार फिर खारिज

लखनऊ   इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के तहत आने वाले स्कूलों के विलय को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने गुरवार को ज्योति राजपूत की याचिका पर यह फैसला दिया है। याचिका पर राज्य सरकार ने भी आपत्ति जताकर अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने कहा कि इस विषय पर सात जुलाई को एकल पीठ ने निर्णय दिया था, जिसमें विलय के उक्त आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था, वर्तमान जनहित याचिका में एकल पीठ के सात जुलाई के उक्त निर्णय का कोई जिक्र नहीं है लिहाजा इलाहाबाद हाई कोर्ट रुल्स के प्रावधानों के तहत उक्त जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को शुरुआती सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। इस याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर आपत्ति उठाई गई कि मामले में उठाए गए मुद्दे पहले ही सीतापुर के 51 बच्चों की याचिका में एकल पीठ ने निर्णीत कर दिए हैं। ऐसे में समान मुद्दों को लेकर दाखिल यह पीआईएल सुनवाई के योग्य नहीं है। सरकार की आपत्ति पर गौर करने के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। स्थानीय अधिवक्ता ज्योति राजपूत की जनहित याचिका में राज्य सरकार के स्कूलों के विलय या दो स्कूलों को जोड़ने के राज्य सरकार के 16 जून के आदेश को चुनौती देकर रद करने का आग्रह किया गया था। याची ने गांवों के दूरदराज इलाकों में रहने वाले गरीबों के बच्चों को स्कूल जाने के लिए परिवहन व्यवस्था करने का आग्रह किया था। याचिका में आरटीई अधिनियम के तहत राज्य सरकार को बच्चों के परिवहन के दिशानिर्देश तय करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया था। याची ने स्कूलों के विलय को गरीब बच्चों के हितों के खिलाफ बताया था। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ दलील दी कि इसी सात जुलाई को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्कूलों के विलय के खिलाफ सीतापुर के 51 बच्चों की दाखिल याचिका समेत एक अन्य याचिका पर विस्तृत फैसला देकर खारिज कर दिया है। ऐसे में समान मामले में यह जनहित याचिका सुनवाई के लायक नहीं है। कोर्ट ने सरकार की ओर से उठाई गई शुरुआती आपत्ति के मद्देनजर जनहित याचिका खारिज कर दी।  

कानूनी मोर्चे पर राहत, पूर्व सीएम कमल नाथ को हाई कोर्ट से मिला सकारात्मक फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप मामले की सीडी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दायर जनहित याचिका गुरुवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। एडवोकेट भूपेंद्रसिंह कुशवाह द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि नाथ ने खुद एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास हनी ट्रैप मामले की सीडी है। मांग की गई थी कि नाथ को आदेश दिया जाए कि वे सीडी एसआईटी को उपलब्ध कराएं। याचिका निरस्त करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। किसी राजनेता के राजनीतिक बयान को गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। प्रतिपरीक्षण का अवसर दिए बगैर प्रकरण में फैसला लेने के मामले में मप्र हाई कोर्ट ने सीजीएसटी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सीजीएसटी को आदेश दिया कि वह प्रकरण की दोबारा सुनवाई करे और प्रतिपरीक्षण का अवसर दे। एडवोकेट पीयुष पाराशर ने बताया कि पेपर ट्रेड लिंक के खिलाफ वर्ष 2023 में सीजीएसटी ने एक आदेश पारित किया था। इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी के 3.78 करोड़ रुपये की रिकवरी कंपनी पर निकाली गई थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर नहीं दिया गया था। कंपनी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका कंपनी ने यह बात बार-बार उठाई, लेकिन हर बार यह कहकर इसे खारिज कर दिया गया कि इससे केस के निराकरण में समय लगेगा। इस पर कंपनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार उन्हें गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना था, जो नहीं मिला। कोर्ट ने सभी पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ता को बहस और गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने जनवरी 2023 में जारी आदेश को रद करते हुए कहा कि केस में दोबारा सुनवाई करें।

अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

इंदौर   सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा। ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई। सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई। इन प्रस्तावों पर लगी मुहर महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा। हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई। प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति। खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति। 29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए। निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई। अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी। नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी। नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा। सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर     निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं     जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम  

शादी का वादा कर युवती से दुष्कर्म, जबरन धर्म बदलवाने के प्रयास की जांच जारी

ग्वालियर देशभर में धर्म छिपाकर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के काफी मामले निकलकर सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर जिले के बहोड़ापुर इलाके में भी आया है, जहां 21 वर्षीय युवती के साथ मुस्लिम युवक ने दुष्कर्म किया। उसने युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ रखा और कई बार गलत काम किया। इसके साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव डालता रहा।अब मामले में अब युवती ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, पीड़िता की मुलाकात माधोगंज के लक्कड़खाना क्षेत्र में रहने वाले शान खान से हुई थी। आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और दोनों साथ में रहने लगे। पहले नौ महीने तक पटेल नगर में और फिर बहोड़ापुर स्थित सदाशिव नगर में आरोपी ने युवती को अपने साथ रखा। इस दौरान उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जिला कलेक्टर ने किया स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का बारीकी से निरीक्षण

कोटा कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम, जेके पवेलियन एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने खेल मैदानों, विभिन्न खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने खेल मैदानों, बैडमिंटन कोर्ट, कुश्ती,कराटे,बॉक्सिंग रिंग, एरोबिक्स, जिम आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इन गतिविधियों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या की जानकारी ली और निर्देश दिए कि खेलों में रुचि रखने वाले आधिकाधिक लोगों को जोड़ा जाए ताकि उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके। जिला कलेक्टर ने महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम का भी निरीक्षण किया और इसके रखरखाव के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर समारिया ने विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों से भी मुलाकात कर परिचय प्राप्त किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर खेल संकुल के विकास एवं उन्नयन की प्रस्तावित योजना की प्रगति के संबंध में उन्होंने कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सुमित चित्तौड़ा ने बताया कि अपग्रेडेशन कार्य की डीपीआर तैयार करने हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस योजना का प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। जिला खेल अधिकारी वाई वी सिंह ने खेलों की व्यवस्थाओं के संबंध में जिला कलेक्टर को जानकारी दी। विभिन्न खेल गतिविधियों से अवगत कराया। महिला फुटबॉल अकादमी की प्रभारी मधु चौहान ने अकादमी के संबंध में जानकारी दी और समस्याओं से अवगत कराया।  

बरेली में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, मस्जिद के पास से कांवड़ यात्रा की होगी शुरुआत

बरेली  बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा में एक बार फिर सौहार्द बढ़ाने की तैयारी है। कांवड़ियों को पहले जत्था शाहनूरी मस्जिद के पास से निकलेगा। कांवड़ियों पर मुस्लिम समुदाय के लोग फूल बरसाएंगे। दो समुदायों में सौहार्द बढ़ाने में अफसर लगातार कवायद कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर इलाके में फोर्स भी तैनात किया गया है।  हरिद्वार के लिए रवाना होंगे कांवड़िये  शुक्रवार को जोगी नवादा में शाहनूरी मस्जिद के पास से कांवड़ियों का पहला जत्था निकलेगा। शिवनंदन शर्मा के इस जत्थे में कांवड़िये गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार को रवाना होंगे। वहां से गंगाजल लाकर सावन के पहले सोमवार को वह शहर के प्रमुख शिवालयों पर जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर कांवड़ियों में उत्साह है।  जोगी नवादा में पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। कोई विवाद न हो, इसलिए पुलिस अलर्ट है। शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद जब नमाजी चले जाएंगे तो दोपहर करीब तीन बजे कांवड़ियों का जत्था गुजरेगा। बताया जा रहा है कि इस बार मुस्लिम पक्ष के लोग कांवड़ियों के जत्थे पर सौहार्द के फूल बरसाएंगे। 32 साल से मिश्रित बस्ती के वाशिंदों में थी अनबन करीब 32 साल से मौर्य गली में पीपल के पेड़ की डाल की वजह से समस्या बनी हुई थी। यहां सड़क पार कर राकेश की छत पर जा रही डाल की वजह से सड़क पर ऊंचाई वाले वाहन या कोई चीज नहीं ले जाई जा सकती थी। चूंकि ताजियेदार अपने ताजियों की ऊंचाई कम नहीं करते थे, इसलिए करीब डेढ़ सौ मीटर सड़क छह फुट गहराई तक खोदकर ताजिया निकाला जाता था। इसकी वजह से कांवड़ यात्रा को लेकर तनातनी होती थी।  दो साल पहले विवाद के दौरान तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला कर दिया गया, इंस्पेक्टर बारादरी समेत कई पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। पेड़ की डाल कटने के बाद से ही जोगी नवादा में सकारात्मक माहौल बनने लगा था। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने डेढ़ महीने के अंतराल में दोनों समुदायों की बस्तियों में 18 बैठकें कर लोगों को एकमत किया था। इसके बाद पिछले सप्ताह ताजिया का जुलूस सौहार्द के माहौल में निकाला गया था।    

5 सूत्रीय मांगों को लेकर डौंडी व्यपारी संघ ने नगर पंचायत के सामने धरने पर बैठे

बालोद नगर की समस्याओं को लेकर व्यापारियों ने आज डौंडी में दुकानें बंद रखी है. 5 सूत्रीय मांगों को लेकर डौंडी व्यपारी संघ नगर पंचायत के सामने धरने पर बैठा है. नगर के व्यापारी डौंडी नगर पंचायत सीएमओ एसके देवांगन और इंजीनियर दीप्ति कुर्रे को निलंबित करने समेत अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे हैं. यह प्रदर्शन व्यपारी संघ के अध्यक्ष तिलक दुबे के नेतृत्व में हो रहा है. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचकर डौंडी नगर के व्यापारियों से बातचीत कर रहे. व्यापारियों का कहना है कि बात नहीं बनेगी तो भानुप्रतापपुर-राजनांदगांव-बालोद मार्ग पर चक्काजाम करेंगे. ये हैं मुख्य मांगें 1. नगर पंचायत काम्प्लेक्स के दुकानों की छत से पानी टपकने की समस्या से निजाद दिलाया जाए. 2. नगर पंचायत काम्प्लेक्स क्षेत्र अंतर्गत महिला प्रसाधन की सुविधा हो. 3. नव जागरण चौक से सब्जी मंडी तक स्ट्रीट लाइट लगाई जाए. 4. नगर के नालियों एवं बाजार क्षेत्र की नियमित साफ सफाई हो. 5. लवारिस मवेशियों से फसलों को नुकन से बचाने मवेशियों के संरक्षण के लिए व्यवस्थित जगह सुनिश्चित की जाए.